Sunday, July 20, 2008

इधर नगर पालिका के कागजात हुए जप्त और उधर रजिस्ट्रार कार्यालय में लग गई आग?

सीहोर 19 जुलाई (नि.सं.)। पिछले दो-ढाई वर्ष में नगर पालिका में कुछ भू-माफियाओं ने जिस प्रकार जमीनों के नामांतरण में घालमेल किया है उसकी शिकायतें उभरने लगी हैं। कुछ मामले छनकर बाहर आने लगे।
ऐसे में कांग्रेस नेता सतीश यादव ने भी ऐसे कुछ मामलों का उल्लेख कर जिलाधीश को शिकायत की जिस पर नगर पालिका और नजूल से संबंधित कागजातों के पूरे दस्तावेज बुलवा लिये गये। इधर जांच शुरु हुई ही थी कि तीसरी ही रात रजिस्ट्रार कार्यालय आग के हवाले हो गया। आग ऐसी फैली की उसमे वर्ष 2000 के बाद के सारे आवश्यक कागजात स्वाहा हो गये। जो हो फर्जी रजिस्ट्रयों का मामला बहुत पेचिदगी के साथ सामने आ रहा है जिसकी जांच की जाने की आवश्यकता है।
इस संबंध में जिलाधीश को यादव मित्र मण्डल द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि भू-माफिया एवं गुंडे बदमाशों व कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिली भगत से सीहोर में जमीन व प्लाट व मकानों की फर्जी रजिस्ट्री व नामांतरण मिलीभगत से हो रहे हैं। इस संबंध में कुछ प्रमाण भी जिलाधीश के समक्ष उपलब्ध कराये गये हैं। जिस पर जिलाधीश श्री आहूजा ने गंभीरता से लेते हुए जिला पंजीयक, उपंपजीयक से न केवल चर्चा की बल्कि नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा भूमाफियाओं से मिलकर फर्जी नामांतरण किये जाने की जांच करने के निर्देश दिये।
कु छ भू-माफियाओं ने नगर पालिका फर्जी तरीके से मालिक का नाम बदलवा लिया है और अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली है जो सर्वे नंबर में भी उपलब्ध नहीं है। कई लोगों के मकान इधर से उधर नामांतरण करवा लिये गये हैं अभी लोगों को पता ही नहीं है। भूमाफियाओं का जाल सा फैला हुआ है। इस दृष्टि से लोगों को भी अपने खसरा-खतौनी की नकल देख लेना चाहिये कि कहीं उनकी सम्पत्ति भी तो किसी और के नाम नहीं कर दी गई है।
सूत्रों का कहना है कि इस तरह की शिकायत के बाद नगर पालिका के संबंधित फाईलें और कागजात जांच के लिये बुला लिये गये हैं। आर.आई. मनोहर राजपूत नजूल ने इसकी जांच भी की है और नगर पालिका के कागजात भी उन्होने बुला लिये थे। इधर जांच शुरु हुई और दूसरे-तीसरे दिन ही उपपंजीयक कार्यालय में अचानक संदिग्ध आग लग गई जो अभी तक जांच का विषय बनी हुई है। कहीं उपरोक्त भूमाफियाओं का ही तो यह कमाल नहीं है।


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पानी भरने की बात को लेकर झगड़ा, 5 घायल

आष्टा 19 जुलाई (नि.प्र.)। पानी को लेकर कहा जा रहा है कि अगर पानी की अभी कीमत नहीं की तो अगला विश्व युध्द पानी को लेकर होगा। यह भविष्य की बात है क्या होगा लेकिन आष्टा थाने के अन्तर्गत आने वाले ग्राम बड़ोदिया गाडरी में ठेल से पानी भरने को लेकर दो मेढ़ पड़ोसियों में जमकर लट्ठ कुल्हाड़ी चली जिसे पाँच घायल हो गये। दोनो पक्षों ने आष्टा थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बड़ोदिया गाडरी निवासी दिनेश खाती के खेत की मेढ़ पर मवेशी को पानी पिलाने के लिये पानी की ढेल रखी है। इसमें से पड़ोसी नर्वत सिंह पानी भरने गया तो दिनेश ने पानी भरने से मना किया। इसी बात को लेकर विवाद हुआ जो इतना बड़ा कि दोनो के परिवार आमने-सामने हो गये और उक्त पानी भरने के विवाद ने बड़ा रुप ले लिया। बाद में मुकेश खाती ने नर्वत सिंह, जीवन सिंह, जगदीश के खिलाफ तथा जीवन सिंह ने दिनेश, मुकेश, विजेन्द्र, निलेश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। झगड़े में जमकर लट्ठ और कुल्हाड़ी चली जिसमें 5 लोग दोनो पक्षों के घायल हुए हैं। आष्टा पुलिस ने दोनो और से आई शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर लिया है।


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चमत्कार के नाम पर केवल छल कपट और प्रपंच -मधुबाला जी

आष्टा 19 जुलाई (नि.प्र.)। आज दुनिया केवल चमत्कार को ही नमस्कार क रती है और इसी और भाग रही है लेकिन इस चमत्कार को नमस्कार में दल, कपट, प्रपंच अधिक नजर आता है जो इसके पीदे भागने वाले को समझ में आती है तो वो पश्चाताप करता है जबकी देव गुरु धर्म की साधना, आराधना और इसके प्रति दृंढ श्रध्दा रखो चमत्कार के साक्षात दर्शन होंगे।
उक्त उद्गार साध्वी मधुबाला जी ने आज अपने प्रवचन में कहे उन्होने कहा की कई बार पढ़ा सुना की सोना दुगना, नोट दुगने करने का चमत्कार बताने वालों के चक्कर में व्यक्ति आकर सबकुछ लुटा जाता है अगर ऐसा होता तो करने वाला खुद अपने घर में क्यों नहीं करता लेकिन कोई समझे तब ना। जब लुटा जाता है जब पश्चाताप करता है ऐसे चमत्कारों के पीछे मत भागो जहाँ सच्चा चमत्कार है वहाँ जाते नहीं हो। नवकार मंत्र के बारे में महाराजश्री ने बताया कि यह सब मंत्रों में श्रेष्ठ सिध्द मंत्र है। इसी मंत्र की महिमा थी कि सुली सिंहासन बन गया था उन्होने कहा कि धर्म मन, वचन, काया को शुध्द बना देता है धर्म अगर जीवन में नहीं उतर रहा है तो सब बेकार है।
पूय साध्वी सुनीता जी ने अपने प्रवचन में कहा कि नवकार मंत्र के पाँच पद हैं अरिहंत, सिध्द, आचार्य, उपाध्याय और साधु अरिहंत पापों से मुक्त है सिध्द कर्मों से मुक्त हैं एवं आचार्य, उपाध्याय एवं साधु हमारे लिये प्रत्यक्ष, पूयनी, वंदनीय इष्ट हैं। इसी प्रकार नवकार मंत्र सभी मंत्रों में श्रेष्ट मंत्र है। आज हम कुछ भी करते हैं तो यह इच्छा रखते हैं आज किया और कल ही इसका मुझे फल मिल जाये लेकिन बताये आम खाने के लिये इंतजार करना पड़ता है पेड़ लगाते ही आम नहीं लग जाते हैं वहीं दूसरी और बबुल का पेड़ है जिसमें बहुत जल्दी कांटे आ जाते हैं अर्थात श्रेष्ठ फल पाने के लिये आम की तरह लम्बा इंतजार करना पड़ता है।
फल पाना है तो धीरज रखना होगा। नवकार मंत्र की आराधना जो श्रावक सच्चे मन से दृंढ श्रध्दा भक्ति और निष्काम भाव से करता है उसे निश्चित श्रेष्ठ फल मिलता है।


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दहेज लोभियों के खिलाफ मामला दर्ज

सीहोर 19 जुलाई (नि.प्र.)। ससुराल वालों द्वारा दहेज की मांग को लेकर दी जाने वाली प्रताड़ना से तंग आकर एक विवाहिता ने थाना कोतवाली सीहोर में रिर्पोट दर्ज कराई है। शिवनगर कालोनी निशातपुरा भोपाल निवासी 26 वर्षीय संध्या विश्वकर्मा का विवाह 03.05.06 को सल्वेंट प्लांट सीहोर निवासी संजय विश्वकर्मा के साथ हुआ था।
बताया जाता है शादी के बाद से लगातार संध्या को उसका पति संजय एवं ससुर रामसागर,तथा सास यशोदा दहेज में दो लाख रूपये और एक मोटर सायकल आने तथा अन्य बातों को लेकर प्रताड़ित करने लगे,इस प्रताड़ना से तंग आकर संध्या ने कोतवाली थाने में रिर्पोट दर्ज कराई पुलिस ने पति संजय सहित ससुर राम सागर,सास यशोदा के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया हैं।

दो के झगड़े में तीसरे का फायदा
आष्टा 19 जुलाई (नि.प्र.)। जब भी दो लड़ते हैं तो निश्चित उसका फायदा तीसरे को मिल जाता है। ऐसा ही कुछ वन विभाग में हुआ है की चर्चा हैं। आष्टा वन विभाग में वन परिक्षेत्राधिकारी के रुप में दो रेंजर ए.के. सिंह एवं विनोद वर्मा जी जान से लगे थे दोनो एक दूसरे को खो देने में लगे थे लेकिन फुरसत को खबर मिली है कि इन दोनो के झगड़े में तीसरे का फायदा हो गया है। खबर है कि अब आष्टा वन विभाग में वन परिक्षेत्राधिकारी के रुप में भोपाल से अशोक जैन को आष्टा भेजा जा रहा है। आपुष्ट खबर है कि कल अशोक जैन के नाम को हरि झण्डी मिल गई है।


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जीप पलटी ड्रायवर सहित सात घायल

सीहोर 19 जुलाई (नि.सं.)। रेहटी थाना अर्न्तगत हुये एक सड़क हादसे में ड्रायवर सहित सात लोग घायल हो गये। पुलिस ने जीप चालक के विरूद्ध प्रकरण कायम कर लिया हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोविन्द्र पुरा भोपाल निवासी जयसिंह आ.शेर सिंह ठाकुर17 साल अपने दोस्त आशीष,महिपाल सिंह,लक्ष्मण सिंह, सुशील,अफजल खां, विगनेश के साथ जीप एमपी-04-एए-3916 से भोपाल से सलकनपुर आ रहे थें कि जीप चालक ने वाहन तेजगति एवं लापरवाही से चलाकर गत दिवस शाम चार बजे बोरी एवं सेमरी के मध्य पलट दी परिणामस्वरूप उसमें सवार सभी को चोट आने से भोपाल रिफर किया गया। रेहटी पुलिस ने जयसिंह कि रिर्पोट पर जीप चालक के विरूद्ध प्रकरण कायम कर लिया है।
इसी प्रकार थाना जावर क्षेत्र में आज सुबह भोपाल से इंदोर जा रही बस क्रमांक एमपी-09-एफए-0377 तथा ट्रक क्रमांक एमपी-09-एचएफ-5096 में आमने सामने की भिंडत हो गई जिसमें ट्रक ड्रायवर आजाद आ.इस्माईल खॉ 32 साल निवासी टीकमगढ़ को साधारण चोट आई तथा बस के ड्रायवर हरपाल सिंह आ.महराजसिंह निवासी सागर को एवं क्लीनर तथा 5-6 अन्य सवारियों को मामूली चोट आई। वही अन्य सड़क दुर्घटना में आज सुबह ट्रक क्रमांक एमपी-09एसी-0787 के चालक लक्ष्मीनारायण ने ट्रक को तेजगति एवं लापरवाही से चलाकर मेहतवाडा के समीप स्थित नेवज नदी के पुल से नीचे गिरा दिया।
परिणामस्वरूप ड्रायवर लक्ष्मी नारायण को गंभीर चोट आने से इलाज हेतु सीहोर रेफर किया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सभी मामले कायम कर लिये हैं।


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कस्बे में हुए नलकूप खनन की फाईलें पूर्ण आज-कल में राकेश राय भुगतान के लिये करेंगे हस्ताक्षर?

सीहोर 19 जुलाई (नि.सं.)। जल संकट के समय अनेक स्थानों पर नलकूप खनन हुए थे इनमें से सर्वाधिक संदिग्ध नलकूप कस्बा क्षेत्र में कुछ स्थानों पर माने गये थे। यह लगातार कहा जा रहा था कि यहाँ बिना फाईलें बने और परिषद की मंजूरी के बिना खनन किया गया है।
इस संदर्भ में एसडीएम द्वारा मामले पर नाराजगी भी व्यक्त किये जाने की बात सामने आई थी।
नगर पालिका सूत्रों यदि मानी जाये तो अब धीरे-धीरे सारे कार्यों की फाईलें बनती जा रही हैं और हस्ताक्षर भी नित्य हो रहे हैं। ऐसी ही कस्बाई क्षेत्र के अधिकांश नलकूपों के खनन के बाद की फाईले भी पूर्ण हो चुकी हैं आडिट तक पहुँच चुकी हैं और सिर्फ हस्ताक्षर हो जायें इसके प्रयास युध्द स्तर पर किये जायेंगे।
हो सकता है ऐसी फाईले अध्यक्ष राकेश राय आज-कल में हस्ताक्षर भी कर दें और लाखों रुपये के नलकूप खनन का भुगतान हो जाये। यह भी हो सकता है कि हस्ताक्षर रोक दिये जायें जिस एक बार फिर कुछ पार्षदों द्वारा अध्यक्ष का विरोध अथवा कुछ नई विरोध रणनीति बनाई जाये। देखते हैं इस बार क्या होता है।


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रेंजर विहिन रेंज के अधिनस्थों के मजे लकड़ी पकड़ कर छोड़ो और मजे लो

आष्टा 19 जुलाई (नि.प्र.)। इन दिनो आष्टा का वन विभाग अनाथ हो गया है इसका कौन नाथ है यह अभी तय नहीं है इसका पूरा फायदा वन विभाग के अधिनस्थ भरपूर जेबे गरम कर उठा रहे हैं। जब से वन विभाग आष्टा में रेंजर पद को लेकर शह और मात का खेल चल रहा है। अधिनस्थों के मजे हो गये हैं।
अभी तक कोर्ट के स्टे पर श्री सिंह रेंजर के पद पर आष्टा में पदस्थ थे स्टे की अवधि खत्म होते ही मौके की तलाश में बैठे विनोद वर्मा ने अपना आदेश आष्टा का कराकर वाईन करके चले गये। अब ना ही विनोद वर्मा आष्टा में है और ना ही श्री सिंह को यह आदेश मिले हैं कि उनको कहा जाना है वैसे अभी भी सिंह आष्टा की इच्छा पाले हैं। इन रेंजरों के झगड़े में अधिनस्थों के मजे हो गये हैं वे आरा मशीनों पर से सेवा शुल्क ला रहे हैं और मजे ले रहे हैं। कई तो लकड़ी चोरों से जेब गरम कर मजे लूट रहे हैं। कुछ तो रोजाना घूम कर लकड़ी चोरों को पकड़ कर उनसे हाथों की खुजाल मिटवा कर उन्हे खुला छोड़ रहे हैं।
खबर है कि 13 जुलाई को एक छोटे कर्मचारी ने अपने सहयोगी के साथ एक मोटर साईकिल जिस पर लकड़ी चोर सागोन ला रहे थे को घर पकड़ा ओर बाद में उससे अपने मन माफिक चर्चा होने पर छोड़ दिया। कुछ कर्मचारी तो लकड़ी चोरों को लकड़ियों के साथ पकड क़र मौके पर ही छोड़कर खुशी-खुशी कार्यालय आ जाते हैं। वहीं जो कम वन विभाग को करना चाहिये वो काम आष्टा पुलिस को करना पड़ रहा है। खबर है कि गत दिवस पुलिस ने एक मोटर साईकिज जिस पर 2-3 लोग सवार थे और सागौन की लकड़ी ले जा रहे थे को पकड़ा बाद में उक्त प्रकरण पुलिस ने वन विभाग को सौंपा है वहीं एक बार पुन: वन विभाग के लिये सोना उगलने वाला सिध्दिकगंज क्षेत्र चर्चा में है।
खबर है कि महिनों पूर्व जो जंगल रातों रात कट गया था उसे बड़ी मेहनत से कर्मचारियों ने पुन: हरा भरा करने के लिये कटे पेड़ों की ड्रेसिंग कर पनपाया था उन्हे भू-माफियाओं ने काटकर उस जगह वार बोकर अतिक्रमण कर लिया है। इसमें भी क्षेत्र के वन विभाग के लोगों के साथ इस क्षेत्र के दलालों का पूरा हाथ माना जा रहा है। क्या वन विभाग के जिला अधिकारी इस अनाथ रेंज के बारे में कुछ सोचेंगे।


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सार्वजनिक प्याऊ में पानी नहीं डाल रही नगर पालिका

सीहोर 19 जुलाई (नि.सं.)। यूँ तो नगर भर में कई सार्वजनिक प्याऊ हैं जो नगर पालिका की अव्यवस्था के कारण खत्म सी हो गई हैं लेकिन कुछ लोग आज भी प्याऊ बनवा रहे हैं।
ऐसी ही एक प्याऊ का सब्जी मण्डी के पास स्थित सिध्द हनुमान मंदिर में बड़े स्तर पर बनवाई गई है। इसी ग्रीष्म ऋतु में विधायक रमेश सक्सेना द्वारा इसका उद्धाटन भी किया गया जहाँ बड़ी संख्या में लोग शुध्द पेयजल के लिये आते हैं यहाँ एक शीतल जल यंत्र भी लगाया गया है।
लेकिन नगर पालिका इस प्याऊ के लिये टैंकर से पानी भेजने को तैयार नहीं रहती। इस सार्वजनिक प्याऊ पर नगर पालिका यदि नियमित टैंकर से पानी भेजती रहे तो निश्चित ही यहाँ सेकड़ो लोगों के प्यास बुझती है। लोग यहाँ बिना के निराश होकर लौट जाते हैं। मंदिर समिति ने नगर पालिका अध्यक्ष से मांग की है कि वह मंदिर में एक टैंकर पानी डलवाने की व्यवस्था करें।


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हिरणों की धमा चौकड़ी से किसान परेशान खेतों में खड़ी फसल को कर रहे हैं नष्ट

आष्टा 19 जुलाई (नि.प्र.)। इन दिनो खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल जो की लगभग 1 माह की होकर योवन अवस्था में पहुँच गई है लेकिन खाचरौद, बड़लिया बरामद, झीकड़ी व आसपास के ग्रामों के किसानों की जमीन में बोया गया सोयाबीन की फसल को इस क्षेत्र के हिरणों के झुण्ड मचा-मचाकर नष्ट कर रहे हैं।
खाचरौद के युवा कृषक अखलेश जैन ने फुरसत को बताया कि उनका खेत जो की पटवारी हल्का नं. 49 में आता है।
उन्होने सोयाबीन बोया है खेतों में खड़ी उक्त सोयाबीन की फसल को दिन रात जंगल से विचरण कर आने वाले हिरणों के झुण्ड खेतों में धमा चौकड़ी मचा कर सोयाबीन की उक्त फसलों को नष्ट कर रहे हैं। आसपास के ग्रामों के सैकड़ो किसानों के यहाँ खेत है। उनकी फसलों को भी ये हिरण मचा -मचा कर नष्ट कर रहे हैं हम सभी किसान परेशान है जैन ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि हिरणों ने जो फसल नष्ट की उसका सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाये।


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मुआवजे से वंचित किसानों ने ज्ञापन सौंपा

जावर 19 जुलाई (नि.प्र.)। गुरुवार को हल्का नं. 8 के किसानों ने जिनको पाले से हुए नुकसान की अभी तक राशि नहीं मिली उन्होने कलेक्टर के नाम तहसीलदार एमडी शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा व पात्र किसानों को मुआवजा राशि दिलवाने की मांग की। किसानों ने ज्ञापन में चेतावनी भी दी कि मुआवजे से वंचित किसानों की समस्या का सात दिवस में निराकरण नहीं किया गया तो हम सभी किसान टप्पा कार्यालय के सामने धरना आंदोलन शुरु कर देंगे जिसकी जबावदारी प्रशासन की होगी।
कृषक विजेन्द्र सिंह ने बताया कि इस वर्ष अधिक ठंड व पाला पढ़ने से चने गेहूँ का फसल 80 से 90 प्रतिशत तक जल गई थी उसके बाद क्षेत्र के किसानों ने नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग उठाई थी। प्रशासन द्वारा सर्वे भी कराया गया व नुकसान की राशि भी किसानों को दी लेकिन टप्पा क्षेत्र के कुछ हल्का पटवारियों द्वारा सर्वे कार्य में काफी भेदभाव किया गया जिसका नतीजा यह हुआ कि कई किसानों के खेतों का सर्वे ही नहीं किया गया जिस कारण मुआवजा राशि नहीं मिल पाई।
श्री सिंह ने बताया कि 12 जून जो मुख्यमंत्री के जावर आगमन पर उनके सामने भी पीड़ित किसानों ने अपनी मांग रखी थी इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि पाला से हुए नुकसान के सर्वे कार्य से छूटे किसानों के खेतों का पुन: सर्वे करवाया जायेगा लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा पर आज तक अमल नहीं हुआ। किसान परेशान होता फिर रहा है। एक अन्य कृषक रुप सिंह ने बताया कि हल्का नं. 8 के किसानों जिनका पाले से नुकसान हुआ है और मुआवजे से वंचित हूँ ने अपने-अपने आवेदन एक माह पूर्व ही टप्पा कार्यालय पर दे चुके हैं लेकिन हमारे आवेदनों पर आज तक कोई कार्यवाही नही हुई है। इस कारण हम पीड़ित किसानों ने गुरुवार को पुन: मुआवजा राशि दिलवाने के लिये ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा ज्ञापन की प्रति प्रदेश के मुख्यमंत्री राजस्व मंत्री प्रभारी मंत्री, क्षेत्रीय विधायक अनुविभागीय अधिकारी को भी भेजी है।
ज्ञापन सौंपने वालों में विजेन्द्र सिंह, कमल सिंह, करण सिंह, देवी प्रसाद, मांगीलाल, फूल सिंह, विक्रम सिंह, सूरज सिंह, गंगाराम आदि।



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क्षेत्र में चंदन चोर गिरोह सक्रिय

जावर 19 जुलाई (नि.प्र.)। इन दिनों क्षेत्र में चंदन चौर गिरोह सक्रिय हे जो पेड़ काटकर कर ले जा रहे है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिति रात नगर के कृषक हिम्मत सिंह के खेत की मेढ पर चंदन के दो पेड़ अज्ञात चौर काट कर ले गये। चंदन काटने की शिकायत कृषक द्वारा लिखित में पुलिस को दे दी गई है।
हिम्मत सिंह ने बताया कि क्षेत्र में लम्बें समय से चंदन चौर गिरोह सक्रिय है। कारण चंदन के पेड़ अंदर का सार काफी मंहगा बिकता है इस कारण इन चौरों की निगाह चंदन के पेड़ो पर रहती है। इसके पहले भी क्षेत्र से कई चंदन के पेड़ थे चंदन चौर काटकर ले जा चुकें है।

प्रभारी मंत्री के विरोध में युकां ने काले झण्डे दिखा प्रदर्शन किया

आष्टा 19 जुलाई (नि.प्र.)। तहसील चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मिलकर नारे बाजी की एवं काले झण्डे दिखाकर विरोध प्रदर्शित किया। उक्त अवसर पर युवक कांग्रेस जिला समन्वयक जितेन्द्र ठाकुर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष बापू मालवीय,अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ ब्लाब अध्यक्ष समन्वयन देवकरण पहलवान,उक्त विरोध प्रदर्शन प्रदेश युवा कांग्रेस के निर्देशन में किया गया।
इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से उपस्थित बापूलाल मालवीय ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष,जितेन्द्र फूडरा, देवकरण पहलवाल, नरेन्द्र कुशवाह, ठाकुर प्रसाद वर्मा, हर्राजखेडी, संजू पहलवान, गोपाल मेवाड़ा,माखन मालवीय बमूलिया भाटी,मोहन कुशवाह, नन्दू पहलवाल, अशोक कुमार मालवीय, एल. आई.सी. ओम प्रकाश नागदा, छोटू भाई, बाबूलाल सेन खामबैज,राजेन्द्र कुशवाह, बाबू छोटा, विक्रम पोरवाल,जहूर खां मगरखेडी, रसीद खां,गोरे खां मगरखेडी, पन्ना जागड़ा,पवन पहलवान, भैरूजी उपसरपंच, दारापुर,रमेश सिलावद,आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।


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खेत में पानी भरा नहीं रहने दें कीट नियंत्रण के जैविक उपाय अपनाएं

सीहोर 19 जुलाई (नि.सं.)। किसानों को चाहिए कि वे अपने खेत में पानी जमा नहीं होने दे, समय रहते कीट नियंत्रण करें, दवाओं को तय करते समय उपयोग की अंतिम तिथि अवश्य देखें और केशमेमो प्राप्त करें। कीट नियंत्रण के लिए जैविक उपाय करें। कृषि संबंधी किसी भी तरह की समस्या होने पर नियंत्रण कक्ष के दूरभाष मांक 07562-224044 अथवा 1551 पर किसान संपर्क कर सकते हैं।
किसानों को यह समझाइश किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सीहोर द्वारा दी गई है। प्रभारी उप संचालक कृषि श्री एच.आर.प्रभाकर ने बताया कि भारत सरकार के मौसम विज्ञान विभाग भोपाल की जानकारी के अनुसार सीहोर एवं आसपास के क्षैत्रो में आगामी 120 घंटों के दौरान हल्की या मध्यम वर्षा के आसार हैं। मौसम के मद्देनजर किसानों को चाहिए कि वे अपने खेतों में कृषिगत निंदाई-गुड़ाई कराएं। कृषि विभाग द्वारा सोयाबीन फसल में ब्लू बीटल, हेमीलूपर, गर्डिल बीटल एवं रस चूसने वाले कीटों के प्रकोप की संभावना व्यक्त करते हुए इनके नियंत्रण की सलाह दी गई है। किसानों को सामयिक सलाह में बताया है कि यदि पत्तियां खाने वाली इल्लियों का फसल में प्रकोप होता है तो क्विनालफॉस 25 ईसी अथवा क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी डेढ़ लीटर प्रति हेक्टेयर के मान से 600 से 700 लीटर पानी में मिलाकर इस घोल का छिडकाव करें। ब्लू बीटल कीट के प्रकोप होने पर मिथाइल पैराथियॉन दो प्रतिशत या क्विनालफॉस डेढ़ प्रतिशत पावडर 20 से 25 किलोग्राम प्रति हेक्टर के अनुसार भुरकाव करें। इसी तरह फसल में रस चूसक कीट की मौजूदगी होने पर इथियॉन या मेटासिस्टॉक्स 30 ईसी की डेढ़ लीटर मात्रा 600 से 700 लीटर पानी में मिलाकर छिडकाव करने से इस कीट पर नियंत्रण किया जा सकता है। इन दवाओं का पहला छिडकाव फसल के 25-30 दिन में एवं दूसरा छिडकाव 40-45 दिन की अवस्था में अवश्य करना चाहिए।
खरपतवारों पर नियंत्रण
खरपतवारों के नियंत्रण के संबंध में किसानों को सलाह दी गई है कि खेतों में निदाई - गुड़ाई के कार्य को प्राथमिकता से किया जाना चाहिए जिससे खरपतवार को खेत से बाहर किया जा सके। खरपतवार के रासायनिक नियंत्रण के लिए क्विजेलोफाप इथाइल उपयुक्त है। किसान इस दवा की एक लीटर मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टर के मान से छिडकाव करें।
कीट नियंत्रण के जैविक उपाय
कीट नियंत्रण के लिए रासायनिक दवाओं के अलावा किसानों को जैविक उपाय भी अपनाना चाहिए। इसके लिए रात्रि के समय खेत के आसपास प्रकाश प्रपंच लगाएं। साथ ही टी आकार की लक ड़ी पक्षियों के बैठने के लिए लगाएं। प्रति एकड़ में 8 से 10 की संख्या में टी आकार की लक ड़ी खेतों में गाड़े जिस पर पक्षी बैंठेगे और इनसे इल्लियों पर नियंत्रण होगा। इसके अतिरिक्त खेतों में नीम आधारित रसायनों के छिड़काव से कीटों की रोकथाम के साथ साथ प्रदूषण को रोकने में भी मदद मिलेगी।
दवाओं को खरीदते समय सावधानी रखें
बाजार से य की जाने वाली दवाओं को खरीदते समय किसानों को सावधानी रखना चाहिए। दवाएं लायसेन्स धारी दूकानदारों से ही खरीदी जाना चाहिए और य की गई दवाओं का केश मेमो अवश्य प्राप्त करना चाहिए। दवाई के पैकेट पर अंकित उपयोग करने की अंतिम तिथि को देखकर ही दवाएं खरीदना चाहिए। अधिक जानकारी नियंत्रण कक्ष के दूरभाष मांक 07562-224044 अथवा 1551 पर संपर्क कर प्राप्त की जा सकती हैं।


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