Thursday, July 24, 2008

असमंजस की स्थिति : हिन्दु उत्सव समिति की पैनल भी अब मैदान में?

हिन्दु उत्सव समिति का गुप्त एजेण्डा हिन्दुओं के नाम राजनीति का फण्डा
सीहोर 23 जुलाई (नि.सं.) सीहोर नागरिक सहकारी बैंक चुनाव को लेकर प्रकाश व्यास की पैनल के अलावा जहाँ जातिवाद के साथ ब्राह्मण पैनल को मैदान में लाने के प्रयास हुए वहीं अब हिन्दु उत्सव समिति के गुप्त एजेण्डे के रुप में 5 नाम प्रस्तुत किये जाने की खबर ने, कल बैंक राजनीतिक सरगर्मियों में नया मोड़ ला दिया। किसी भी क्षेत्र की हिन्दु उत्सव समिति द्वारा किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम में हस्तक्षेप की उम्मीद नहीं की जानी चाहिये लेकिन अक्सर सीहोर की हिन्दु उत्सव समिति राजनीतिक घटनाक्रमों में विवाद में आती रही है। इस बार हिउस की पैनल के चर्चे चौराहों पर गये हैं। हालांकि स्वतंत्र उम्मीद्वारों की संख्या भी 8 ही है और 8 ही प्रत्याशियों के लिये चुनाव भी होना है इस दृष्टि से कई जोड़-तोड़ लग रहे हैं। प्रकाश व्यास की पैनल ने आज छावनी में भ्रमण किया जबकि अन्य उम्मीद्वारों ने आज स्वतंत्र प्रचार किया। परिणाम अभी स्पष्ट कहना नामुमकिन है। कयास हजारों लगाये जा रहे हैं। यास अंतिम क्षण तक लगते रहेंगे। इन कयासों को हम आप तक लगातार पहुँचायेंगे। देखते हैं कौन-सा फिट बैठता है।
सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में अभी शेष 16 उम्मीद्वार अपनी पूरी ताकत झोंक कर चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं। इनमें से 8 उम्मीद्वारों के चयन लिये बैंक के मतदाताओं को 8 मतदान करने हैं। 8 लोग इन्हे अपनी पसंद के चुनना होंगे जिन 8 लोगों को सर्वाधिक मत मिलेंगे वह स्वयं ही विजय श्री का वरण कर लेंगे।
कुछ ने यह भिड़ाई गणित
कुछ उम्मीद्वार नागरिक बैंक के कुल 1700 सौ से अधिक मतदाताओं को अहमियत देने को तैयार नहीं हैं। वह सबके पैर पढ़ने के लिये भी राजी नहीं हैं न सबके घर जाने को तैयार हैं। उन्होने अपनी गणित और हिसाब लगाया हुआ है। वह आंकड़ों के हिसाब से विजयश्री का वरण चाहते हैं। राजनीति इसे ही कहते हैं यह कुछ उम्मीद्वार बखूवी समझ रहे हैं कि राजनीतिक उठापटक कैसे की जाती है। उन्होने कुल मतदाताओं की सूची में से अपने परिचितों के नाम छांट लिये हैं और वह उन 400-500 मतदाताओं के बीच बारम्बार चक्कर काटने में लगे हैं। इनकी गणित कहती है कि यदि इतने लोगों ने उन्हे मत कर दिया तो स्वयं ही वह विजय हो जायेंगे और बाकी मतदाता भले ही कुछ भी करते रह जायें लेकिन इनकी विजय हो जायेगी।
और दूसरी कला यह भी है...
कुछ उम्मीद्वारों की गणित सबसे भिन्न हैं। आंकड़ों को नया स्वरुप देने में यह लोग जुटे हैं। इन्होने और भी कम मतदाता तय किये हैं मात्र 100-150 ऐसे मतदाता जो इनके अनुसार चल सकें और इनका कहना मान सकें। ऐसे मतदाताओं से इनका एक ही निवेदन है कि आप जब मतदान करें तो सिर्फ एक मत मुझे डालें बाकी किसी को भी मत नहीं दे। इससे स्वयं ही यह उम्मीद्वार अन्य प्रत्याशियों से सीधे-सीधे 100 से 150 घर अधिक हो जायेगा और जीत का अंतर पूरा हो जायेगा। यह भी एक तरीका निकाला गया है।
हालांकि नागरिक बैंक के मतदाता गंभीर प्रकृति व समझदार व्यक्ति माना जा रहा है। समझदार मतदाता होने के नाते प्रत्याशी भी यह बखूवी समझ रहे हैं कि किसी भी तरह से मतदाता को रिझाया नहीं जा सकता सिर्फ उसे अपनी अहमियत ही समझाई जा सकती है। इसलिये प्रत्याशी मतदाताओं के पास जब जाते हैं तो अपने गुणों का बखान करते हैं, बैंक को लेकर उनकी भावी योजनाओं को बताते हैं।
स्वतंत्र प्रत्याशियों का प्रभाव ज्‍यादा
जहाँ एक मात्र घोषित काका पैनल के समस्त प्रत्याशी जब सामुहिक रुप से प्रचार करने निकलते हैं तो सिर्फ भीड़ लग जाती है, सारे हाथ जोड़कर निवेदन करते हैं, पम्पलेट पकड़ाते हैं और आगे बढ़ जाते हैं वहीं स्वतंत्र उम्मीद्वार सिर्फ हाथ जोड़ कर आगे नहीं बढ़ते बल्कि किसी के साथ जाते हैं संबंधित मतदाता के घर बैठते हैं, बातचीत करते हैं फिर मतदान के लिये आग्रह करते हैं तब आगे बढ़ते हैं। इस दृष्ठि से देखा जाये तो स्वतंत्र उम्मीद्वारों का प्रचार-प्रसार का तरीका यादा प्रभावी है।
चुनाव की गर्मी और
मौसम भी गर्मागर्म
विगत तीन दिनों में पूरा नगर एक तरह से जहाँ सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के चुनाव को लेकर सरगर्म हो गया है। वहीं प्रकृति का कोप भी सीहोर वासियों पर पड़ रहा है और जबर्जस्त गर्मी का मौसम बना हुआ है। एक तरफ चुनाव की गर्मी है तो दूसरी तरफ मौसम की गर्मी है। दोनो गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं जबकि बैंक के प्रत्याशी चाहते हैं कि ऊपर की गर्मी कुछ कम हो तो प्रचार में मजा आये लेकिन गर्मी है कि किसी की भी कम होने को तैयार नहीं है। दोनो तरफ से जोर आजमाईश जारी है। कौन यादा गर्मी दिखाता है 27 तक स्पष्ट हो जायेगा।
एकला चलो रे....
स्वभावत: जिस सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के चुनाव होने जा रहे हैं वहाँ चुने हुए प्रत्याशियों और अध्यक्ष का प्रभाव बैंक के कर्मचारियों पर भी रहता है। यह भी सही है कि बैंक के कर्मचारियों की भी कुछ इच्छाएं रहती हैं कि कौन विजयश्री का वरण करें और कौन यहाँ प्रत्याशी बन कर आये ताकि बैंक का उन्नति हो और वह एक अच्छी सम्पन्न प्रतिष्ठित बैंक का कर्मचारी हो। नागरिक बैंक के कर्मचारी सीहोर नगर की जनता से सीधे सम्पर्क में रहने के बावजूद चुनाव के समय मौन धारण कर लेते हैं और चुपचाप तमाशा देखते हैं। न वह इशारा करते हैं न कुछ कमेंट्स। लेकिन इस बार एक कर्मचारी ने बीड़ा उठाया है कि वह एक निर्दलीय प्रत्याशी को विजयश्री का वरण दिलाकर ही मानेंगे। वह इसके लिये बाजार में घूमते हुए भी नजर आ रहे हैं अनेक मतदाताओं से यह जो बात करते हैं वह मतदाता तत्काल अपने मित्रों से और बैंक के कर्मचारियों से कह देता है कि भाई आपका वो एक कर्मचारी जाने क्या-क्या बोलकर गया है उसे क्या हो गया है हमसे चाहता है कि बस उसका उम्मीद्वार विजय हो जाये...अब मजे की बात यह भी है कि कुछ लोग पहले से ही इस कर्मचारी की जहाँ-जहाँ जाने की संभावना है उन लोगों से कहकर आ रहे हैं कि साहब वो हमारा कर्मचारी आयेगा और कुछ बोले तो चुपचाप सुन लेना उसे कुछ हो गया है। इस प्रकार इस कर्मचारी के लिये यह वाक्य निकल पड़ा है....एकला चलो रे....।
काका पैनल, ब्राह्मण पैनल के बाद अब 5 सदस्यीय हिन्दु उत्सव समिति की पैनल भी बाजार में आ जाने की चर्चाएं चौराहों पर छा गई हैं। दो दिन पूर्व हिन्दु उत्सव समिति की एक बैठक में अचानक नागरिक बैंक चुनाव से जुड़े उम्मीद्वारों की प्रभावी उपस्थिति और अंदर की बातों ने चौराहों पर मुखर रुप ले लिया है। हिन्दुओं के नाम पर बनी समिति क्या वाकई अपनी 5 सदस्यीय अनाधिकृत पैनल उतार चुकी है यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता लेकिन इतना अवश्य है कि दो दिन पूर्व श्रावण मास में निकलने वाली पालकी यात्रा की बैठक लीक से हटकर अचानक समाजसेवी राजेन्द्र वर्मा (जो नागरिक बैंक चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी हैं) की अध्यक्षता में सम्पन्न की गई है। इनके अलावा अनिल मिश्रा पूर्व पार्षद भी बैठक में थे यह भी चुनाव में प्रत्याशी हैं। प्रदीप गौतम पार्षद भी यहाँ उपस्थित थे। जिन्हे संभवत: विशेष रुप से बुलाया गया था। इन तीन के अलावा स्वभावत: राजेन्द्र शर्मा की श्रीमति जी श्रीमति अर्चना वर्मा और पंकज खत्री भी इस पैनल में शामिल बताये जा रहे हैं। इस प्रकार अनौपचारिक रुप से हिन्दु उत्सव समिति की 5 सदस्यीय पैनल मैदान में आ गई है जिसके लिये समिति के सदस्य अपने-अपने स्तर पर चुनाव में प्रभाव जमाना भी शुरु कर चुके हैं। हालांकि अभी तक हिन्दु उत्सव समिति ने खुलकर कुछ नहीं कहा है लेकिन पूरे नगर में हिन्दु उत्सव समिति की पैनल के चर्चे चौराहो पर हैं। अब देखते हैं कि हिन्दु उत्सव समिति इस का बात खण्डन करती हैं या नहीं....।


हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।

आफिसर कालोनी दिन दहाड़े, नेहरु कालोनी में आधी रात में 5 स्थानों पर चोरी

सीहोर 23 जुलाई (नि.सं.)। यूँ तो चोरियों का सिलसिला कहीं भी थमने का नाम नहीं ले रहा। हर दिन और रात चोरियाँ जारी है और चोर गायब हैं। पुलिस असमर्थ है और रिपोर्ट लिखने में भी आनाकानी जारी है। ऐसे में चोरों के हौंसले बुलंद हैं।
आज बुधवार शाम 7-8 बजे के लगभग आफिसर कालोनी में ओ.पी. विजयवर्गीय श्रीमति प्रेमलता विजयवर्गीय स्वास्थ्य विभाग कर्मी आज पूजन के लिये छावनी में गई हुई थीं तब सूने मकान में पीछे से अज्ञात चोरों ने घुसकर यहाँ रखी पानी की मोटर, भगवान का सिंहासन, प्रतिमा सहित इनका एक पर्स बेग ले गये जिसमें बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड सहित कुछ रुपये रखे थे। रात 8.30 बजे जब घर लौटी तो पता चला तब पुलिस को खबर दी गई।
इधर गई रात चोरों ने मोदी हार्डवेयर को निशाना बनाकर शटर ऊचका दिया और अंदर घुस गये लेकिन कुछ चोरी नहीं कर पाये तब सामने ही चांडक हार्डवेयर में दो चोर रात 3 बजे घुसे। अंदर गल्ले से करीब 9 हजार रुपये चोरी किये। इन्होने अंदर यादा सामान फैला दिया जिससे शोर हुआ तो कुछ लोग जाग गये यहाँ दुकान के बाहर एकत्र हुए तब चोर अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गये लेकिन भागते हुए दो चोर दिखाई दिये। विपुल चाण्डक ने शिकायत दर्ज कराई है।
इसके अलावा गीता भवन के पास भी किसी चोरी की खबर मिली है। कल नेहरु कालोनी क्षेत्र से एक मोटर साईकिल भी गायब होने का समाचार है। यहाँ भी पुलिस ने स्पष्ट नहीं किया है।


हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।

काकी, बाबु और अनिल ने मथरी बाई को ऐसे दुनिया से बिदा किया, गहनों के लालच में की हत्या का पर्दाफाश

आष्टा 23 जुलाई (नि.प्र.)। 2 माह के लम्बे इंतजार के बाद कल अंतत: आष्टा पुलिस को आष्टा नगर के पुराना दशहरा मैदान क्षेत्र में अपने दामाद एवं बेटी के घर रहने वाली 80 वर्ष की वृध्द महिला मथरी बाई के हत्यारों को पकड़ने में सफलता मिली। जैसे फुरसत ने दो माह पूर्व जिस दिन मथरी बाई की हत्या की गई थी तब लिखा था कि मथरी को जेवर पहनने का शोक और पहने जेवर ही उसकी मौत का कारण बने, आज उक्त हत्या का पर्दाफाश हो गया हौर हत्यारों ने बताया कि उनके द्वारा महिला की हत्या उसके जेवर के कारण की गई।
इस पूरे मामले में मथरी बाई की हत्या तो आष्टा तहसील के ग्राम लसूड़िया खास निवासी शातिर अपराधी बाबु पिता हरी बलाई एवं कोठरी निवासी प्रेम सुतार का लड़का अनिल ने की लेकिन इस हत्या में अनिल की माँ जिसे पूरे क्षेत्र में कोठरी की काकी के नाम से जाना जाता है उर्फ संतोष बाई पत्नि प्रेम सुतार भी पूरी तरह से शामिल पाई गई है। उक्त हत्या के दो माह बाद भी हत्यारों तक पुलिस के नहीं पहुँचने से पुलिस को काफी कुछ सुनना पढ़ना, सहना पड़ा था लेकिन आज पुलिस के चेहरे पर रौकन है क्योंकि उसने अपने साथियों के सहयोग से दिन रात कड़ी मेहनत कर उक्त हत्या की गुत्थी सुलझा ली है।
पुलिस हत्यारों तक कैसे पहुँची- यूँ तो पुलिस उक्त हत्या के आरोपियों तक पहुँचने के लिये कई तीर अंधेरे में इधर-उधर चला रही थी जो उसे सफलता से दूर किये हुए थे लेकिन उक्त हत्या हत्यारों ने जिस कारण से की थी वो कारण जेवर थे। हत्या के बाद हत्यारे जो जेवर ले गये थे वो कीमति थे हतरे उक्त कीमति जेवरों को बांटना चाहते थे बंटवारे में जब विवाद हुआ और वो विवाद पुलिस के कानों तक जा पहुँचा बस फिर क्या था पुलिस ने जाल बिछाया और हत्यारों तक जा पहुँची अगर बंटवारे में विवाद नहीं होता तो पुलिस अभी तक अंधेरे में तीर मारा करती लेकिन अपराधी कितना ही शातिर हो वो कुछ ना कुद गलती कर जाता है और ऐसा यहाँ भी हुआ।
कैसे पड़ी हत्यारों की जेवरों पर निगाह- कोठरी की काकी जो आष्टा में दशहरा मैदान क्षेत्र में एक महिला के मकान में आती थी। हत्या के 1-2 दिन पूर्व जब काकी और बाबु दशहरा मैदान में उसी महिला के मकान पर पहुँचे तो यहाँ पर मथरी बाई बैठी थी उसके शरीर पर हमेशा की तरह सभी जेवर लदे थे जेवरों से लदी उक्त महिला को देखकर काकी ने मकान मालकिन से पूछा की उक्त महिला कौन है। तो मकान मालकिन ने बताया कि यह सामने रहती है जेवर देखकर काकी के मन उनकी लालसा पैदा हो गई थी । मथरी बाई तो चली गई लेकिन उसके जेवर काकी और बाबु की निगाह में घूमते रहे इन लोगों ने मथरी बाई के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर एक दिन जेवर चुराने के उद्देश्य से पूरी योजना बनाकर आष्टा आ गये योजना को मूर्त रुपु देने के दिन घर में मथरी बाई अकेली थी दामाद-बेटी कहीं शादी में गये थे। घटना के दिन काकी उर्फ संतोष बाई उसका लड़का अनिल और बाबु आष्टा आ गये और रात का इंतजार करने लगे। पहले ये लोग समय काटने के लिये अस्पताल में घूमते रहे उसके बाद इन्होने आष्टा में पिक्चर देखी और होटल में खाना खाया तथा बाबु ने शराब ली और ये तीनों अंधेरे में दशहरा मैदान होते हुए खेड़ापति तालाब पर जा पहुँचे। यहाँ पर इनकी नींद लग गई सुबह-सुबह 3 से 4 के बीच इनकी नींद खुली और ये पीछे के रास्ते से मथरी बाई के मकान के पीछे पहुँचे और पीछे से छत पर बाबु और अनिल चढ़ गये काकी नीचं निगाह रखे हुए थी छत पर पहुँचकर इन्होने मथरी बाई के जेवर उतारे तो वो जाग गई जागते ही मथरी बाई ने इन दोनो को देखा तो पहचान लिया कि तुम तो उस दिन वहाँ आये थे और मथरी बाई ने विरोध करना शुरु किया तो इन दोनो ने छत पर पड़ी ईंट से तीन चार बार मथरी बाई के मुँह सिर आदि पर किये वृध्द और कमजोर होने के कारण वो यादा सहन नहीं कर सकी और मर गई। एक पैर के कड़े जब नहीं खुले तो इन दोनो ने उसका पैर काटा और कड़े निकाल सभी जेवर लेकर उतरे तालाब में पहुँचे हाथ पैर धोए और ये दशहरा मैदान से इन्दौर भोपाल रोड पर आ गये यहाँ ट्रक को हाथ दिया और कोठरी पहँच गये। इन्होने कोठरी पहुँर कर मथरी बाई के शरीर से उतारे जेवर एक अन्य ग्राम में एक गड्डु में छुपा दिये। लेकिन हत्यारा बाबु रोजाना उक्त जेवरों को बेचकर हिस्सा देने को कहता लेकिन काकी यह कहकर टाल देती थी कि अगर जेवर बेचने गये तो पकड़े जायेंगे। एक दिन तो ये लो इन्दौर जेवर बेचने पहुँचे भी लेकिन बेच नहीं पाये। एक दिन बाबु को जब पैसों की अधिक आवश्यकता पड़ी उस दिन बंटवारे को लेकर विवाद हुआ बाबु ने नशे में कहीं उक्त बातें कर दी और वो पुलिस तक पहुँच गई और पुलिस ने इन्हे दबोच लिया। पुलिस ने घटना के दिन पहने कपड़े, जिस हथियार से पैर काटा वो, 1 जोड़ चाँदी के कड़े, हाथ की चार चूड़ी आदि तो बरामद कर लिये लेकिन गलसरी और कान की टोंटी बरामद नहीं हुई प्रयास किया जा रहा है।
काकी के पास ट्राली भी है- काकी कौन है क्या स्थिति है गांव में उसके प्रति क्या विचार है के बारे में जब कोठरी के कुछ लोगों से जानकारी ली तो बताया कि काकी यहाँ की चर्चित महिला है कोठरी वालों ने बताया कि काकी इतनी पैसे वाली हो गई है कि उसके पास 10 पहियों वाला ट्राला है। घटना की जानकारी थाना प्रभारी अतीक अहमद खान ने फुरसत को विस्तृत दी।
काकी गई जेल, दो रिमांड पर
तीन आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया गया यहाँ से काकी को जेल भेजा गया तथा दो अन्य आरोपी को 26 तक रिमांड पर दिया गया है।


हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।

भोले भण्डारी मान जाओ....अखण्ड सत्ता जी शुरु, जब तक नहीं होगी बरसात चलेंगे भजन

सीहोर 23 जुलाई (नि.सं.)। अंतत: सीहोर की धार्मिक महिलाओं ने एक बार फिर भगवान को मनाने का बीड़ा उठा लिया है। आज बिना किसी निमंत्रण के स्वयं ही यहाँ कोलीपुरा, बढ़ियाखेड़ी, ब्रह्मपुरी कालोनी की महिलाएं भगवान नरसिंह के मंदिर में शाम एकत्र हुई और शुरु कर दी सत्ता जी। अखण्ड भजन गायन के साथ यहाँ अब लगातार भगवान के सामने भजन चलेंगे और उन्हे मनाया जायेगा कि हे प्रभु मान भी जाओ, बरसा दो पानी....। यहाँ बड़ी संख्या में आज शाम से महिलाएं भजन में शामिल होने पहुँचती रहीं।

हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।

पानी के लिये पहुंची राकांपा भगवान के द्वारा ज्ञापन सौंपा चादर भी चढ़ाई

सीहोर 23 जुलाई (नि.सं.)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जिला सीहोर के जिलाध्यक्ष व समाजसेवी भाई नौशाद खान के नेतृत्व में सीहोर नगर की जनता प्राचीन गणेश मंदिर पहुंची व गणेश जी को ज्ञापन सौपतें हुवे यह मांग करी की सीहोर जिले भरपूर बरसात करवाऐ सीहोर जिले की जनता पर विशेष कृपादृष्टि बना कर जिले मे खुशहाली लाये,ज्ञापन मे यह भी मांग की गई कि सीहोर नगर की अधोषित बिजली कटोती को बंद करवाया, जावे सालो से बंद पड़ी शुगर मिल को पुन:चालू करवाया जावे ज्ञापन सौपने में समाजसेवी नौशाद खान, सेवाराम यादव, इदिरा भील की महत्व पूर्ण भूमिका रही साथ ही भाई नौशाद खान के नेतृत्व में प्रसिद्ध दूल्हा बादशाह मजार पर पहुंच कर चादर चढाई गई व बरसात होने की दुआ की गई ।
इस अवसर पर विशेष रूप से नौशाद खान, इंदिरा भील समाज सेवी, भाई सेवाराम यादव, लल्लू भाई, राजेश हनीफ, बाबू भाई, किशन मालवीय, संजय,बिलाल अहमद,अजीज खान बिलकिंसगंज वाले, चुन्नी, राजू गीताबाई, रानी,अजय,अब्दुल रहमान,मनोज केप्टन, मुन्ना भाई, गंज वाले सलीम भाई, सायकल वाले नफीस,प्रभात श्रीवास्तव, मासाब सहित अनेक लोग उपस्थित रहें।


हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।

थाने के पास धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर तनाव बढ़ने के पहले ही प्रशासन गंभीर हुआ

आष्टा 23 जुलाई (नि.प्र.)। नगर में प्रशासन के सभी बड़े-बड़े अधिकारियों के रहने एवं खास कर थाने और मंडी के बीच में एक स्थान पर हो रहे एक धार्मिक पूजा स्थल के निर्माण की खबर नगर में आते ही जैसे ही तनाव का वातावरण बनता, स्थानीय प्रशासन के जानकारी मिलते ही कान खड़े हो गये। उक्त हो रहे निर्माण को लेकर नगर में कुछ प्रतिक्रिया होती उसके पूर्व ही एसडीएम, तहसीलदार और अधिकारी कन्नौद रोड थाने के पास पहुँचे और देखा तो दंग रह गये कि उक्त स्थान पर बड़ी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
प्रशासन ने आष्टा के पटवारी रिकार्ड में जब उक्त जमीन के बारे मालूम किया तो पाया उक्त जमीन पटवारी रिकार्ड में खसरा नं. 4301 में 000.12 डेसीमल मंडी समिति के नाम से दर्ज है। तहसीलदार आष्टा ने इस संबंध में फुरसत को बताया कि जिस स्थान पर निर्माण कार्य किया जा रहा था जब सूचना मिली तत्काल एसडीएम और मैं स्वयं मौके पर पहुँचे यहाँ पर कार्य होते देख पहले तो रुकवाया तथा उक्त निर्माण कार्य कौन किसकी इजाजत से कर रहा है जांच करवाई गई तथा उक्त कार्य के प्रति स्थगन के साथ किये गये निर्माण कार्य को 7 दिन से हटाने के आदेश जारी कर दिये गये हैं।
नहीं हटाने पर प्रशासन स्वयं हटाकर हटाने का खर्च वसूल करेगा। इस संबंध में फुरसत ने आष्टा कृषि उपज मंडी के सचिव छोटू खान से पूछा की उक्त भूमि मंडी की है तो उन्होने बताया मुझे कल ही बताया गया कि वहाँ निर्माण हो रहा है। इसकी शिकायत कुछ लोगों ने प्रशासन को भी की। आज हमने अपना ले आउट देखा उसमें उक्त जमीन हमारी ले आउट में दर्ज है जब उनसे पूछा की जब उक्त जमीन आपके ले आउट में है तो आप मंडी में रहते हैं गार्ड भी रहती है तो फिर आपकी उक्त जमीन पर इतना निर्माण कैसे हो गया वे इसका जबाव नहीं दे पाये लेकिन अब उन्होने कहा कि वे शीघ्र इस संबंध में उक्त जमीन को मंडी के कब्जे में लेने के लिये मंडी बोर्ड को पत्र लिख रहे हैं।
कल नगर में जैसे ही उक्त निर्माण की खबर आई अंदर ही अंदर इसको लेकर विरोध प्रदर्शन सड़कों पर उतरने की योजना बनने लगी थी लेकिन इसके पहले प्रशासन की कार्यवाही का सभी इंतजार कर रहे थे प्रशासन ने सूचना मिलते ही जो कार्यवाही की उसके बाद विरोध थम गया है लेकिन फुरसत को सूत्रों से खबर लगी है कि प्रशासन ने दिये गये समय में ठोस कार्यवाही नहीं की तो विरोध के स्वर मुखर होंगे और ऐसा हुआ तो कहीं नगर में अप्रिय स्थिति निर्मित ना हो इसको लेकर प्रशासन को अभी से सतर्क रहकर ठोस कार्यवाही रकना चाहिये ताकि नगर में सबकुछ सामान्य रहे।


हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।

क्षेत्र में 15 दिनो से वर्षा नहीं होने के कारण किसान होने लगा चिंतित

जावर 23 जुलाई (नि.प्र.)। कुछ दिनो से नगर सहित पूरे क्षेत्र में बारिश नहीं होने से क्षेत्र का कृषक वर्ग चिंतित होने लगा है अभी तक नाम मात्र की ही बारिश हुई है। क्षेत्र में हालात इतने गंभीर होते जा रहे हैं कि पीने के पानी का संकट आने लगा है लोग पानी के लिये इधर-उधर भटकते दिखाई देते हैं जंगलों में भी मवेशियों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है पानी के अभाव में घांस पीली पड़ने लगी है तो खेतों में खड़ी फसल बल खाने लगी। बरसात नहीं होने के कारण ही सोयाबीन की फसल पर काले कीड़े व इल्लियों का प्रकोप बढ़ गया। इल्ली मारने के लिये किसान खेतों में कीटनाशक दवाई का छिड़काव कर रहे हैं। इस समय कीटनाशक दवाई की दुकानों पर दवाई खरीदने वालों की भीड़ लग रही है। अरोलिया के कृषक इंदर सिंह ने बताया कि कुछ दिना और बारिश नहीं हुई तो स्थिति गंभीर हो जायेगी। दरखेड़ा के रतन सिंह का कहना है कि इस समय सबसे गंभीर समस्या पानी की है। पानी नहीं गिरने के कारण घांस पीली पड़ने लगी है एवं फसल भी बलखाने लगी है। क्षेत्र में करीब दस बारह दिनों से बारिश नहीं हुई है। बारिश नहीं होने के कारण सोयाबीन में इल्ली का प्रकोप बढ़ गया है जो पत्तों को छिन्न भिन्न कर रही है। इस समय आवश्यकता है तेज बारिश होने की उधर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि जिन खेतों में इल्ली का प्रकोप है उनमें कीटनाशक दवाई का छिड़काव करना शुरु कर देना चाहिये।

हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।