Sunday, January 4, 2009

शांति समिति की बैठक आयोजित, मोहर्रम आपसी सद्भाव एवं भाईचारे से मनाया जायेगा

सीहोर 3 जनवरी (नि.सं.)। आने वाली 8 जनवरी को मोहर्रम त्यौहार मनाए जाने के सिलसिले में आज शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुस्लिम त्यौहार कमेटी की ओर से कहा गया कि मोहर्रम को उसकी गरिमा के मुताबिक पूरे सद्भाव एवं भाईचारे के साथ मनाया जायगा।

स्वस्थ परम्परा कायम रहेगी

      बैठक में कलेक्टर श्री डी.पी. आहूजा ने कहा कि प्रत्येक त्यौहार आपसी सद्भाव एवं भाईचारे का संदेश देता है। सीहोर में प्रत्येक त्यौहार शांति एवं सद्भाव से मनाने की स्वस्थ परम्परा रही है जिसे आगे भी कायम रखा जायगा। उन्होंने जिला शांति समिति के पदाधिकारियों को अपनी तथा पुलिस कप्तान डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की ओर से नव वर्ष की शुभ कामनाएं दी।

व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने के निर्देश

      बैठक में कलेक्टर श्री आहूजा ने मोहर्रम त्यौहार पर व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सवारी और अखाडे निकाले जाने के पूर्व रास्तों को देख लिया जाय और उन पर साफ सफाई की जाय। उन्होंने कहा कि त्यौहार के दिन करबला और भोपाली फाटक रोड पर सफाई और बिजली, पानी के इंतजाम मुकम्मल किए जांय। आवारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए उन्होंने नगरपालिका अधिकारी को ताकीद की कि आवारा पशुओं को शहर से दूर कर दिया जाय जिससे किसी भी प्रकार के व्यवधान की संभावनाएं न बनें।

शस्त्रों का प्रदर्शन नहीं होगा

      कलेक्टर श्री आहूजा ने कहा कि अखाडों में किसी भी तरह के शस्त्रों का प्रदर्शन नहीं किया जायगा और न ही मार्ग बदले जांएगे। उन्होंने कहा कि ताजिया और अखाडे के लिए जो स्थान और मार्ग पहले से निश्चित किए गए हैं उनका ही उपयोग किया जायगा। अचानक मार्ग नहीं बदले जायेगे। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि सभी कार्य पूर्व निर्धारित समय और स्थान के मुताबिक संपन्न किए जांय। उन्होंने कहा कि निर्धारित मार्ग पर तीन जगह पानी के टेंकर खड़े किए जांएगे जिससे नागरिकों को पेयजल की दिक्कत न हो।

पुलिस के इंतजाम मुकम्मल

      बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ.राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि मोहर्रम त्यौहार के दौरान पुलिस के इंतजामात मुकम्मल रहेंगे। उन्होंने कहा कि शहर में आपसी सद्भाव एवं भाईचारे का माहौल कायम है जिसे अनवरत बनाए रखा जायगा। उन्होंने कहा कि छोटी मोटी अप्रत्याशित घटना को मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। जहां तक हो अप्रत्याशित घटनाम को शांति से सुलझा लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय शांति समिति को चाहिए कि वह अपना सहयोग सुनिश्चित करे।

ताजिया विसर्जन के इंतजाम होंगे 

      बैठक में ताजिया विसर्जन पर चर्चा के दौरान बताया गया कि नदी में पानी की कमी के चलते इस साल ताजिया विसर्जन में कठिनाईयों का सामना करना पड सकता है। समिति ने तय किया कि ताजिया विसर्जन के लिए नांद खोदी जाकर उसे टेंकर से पानी डालकर भर दिया जायगा जिसमें गरिमामय ढंग से ताजिये विसर्जित कर दिए जांएगे।

      बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय, एडीएम श्रीमती भावना बालिम्बे और एसडीएम चन्द्रशेखर बालिम्बे सहित शांति समिति के सदस्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, गोपाल दास राठौर, पत्रकार अम्बादत्त भारतीय, राधेश्याम भावसार, मोहम्मदी अखाडा के मुन्ने उस्ताद, मुस्लिम त्यौहार कमेटी के सचिव अब्दुल करीम, अजीज चाचा, महेन्द्र सिंह अरोरा, मेहरबान सिंह बलभद्र, हरि सोनी और कमलेश राठौर मौजूद थे। 

क्या अब भी सोया प्रशासन नहीं जागेगा

      आष्टा 3 जनवरी (नि.प्र.)। कल बायापास मार्ग पर स्कूल बस जिसमें 40 से अधिक छात्र-छात्राएं सवार थे पलट गई जिसमें सभी घायल हुए। भगवान की कृपा रही कि कोई बड़ी घटना नहीं घटी। कल घटी उक्त घटना के बाद क्या अब भी प्रशासन नहीं जागेगा क्योंकि आष्टा में रोजाना कई विद्यालयों की बसें एवं कई रिक्सों में सुबह से स्कूली छोटे-छोटे बच्चों को निश्चित से दुगनी संख्या में छात्र-छात्राओं को भरकर स्कूल ले जाया जाता है। कल जो घटना घटी अब आवश्यकता है इसको लेकर स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, यातायात, पुलिस सक्रिय होकर एक अभियान चलाये और कोई अन्य घटना इस प्रकार की घटे उसके पहले ही रोकने के सार्थक उपाय करें।

      आष्टा में रोजाना कई रिक्से वाले अपने रिक्सों में 15 से 20 और कई में तो इससे भी अधिक बच्चों को भरकर उन्हे स्कूल ले जाया जाता है जो कभी भी घटना और दुर्घटना के कारण बन सकते हैं।

 

 

 

कपड़े की तीन गठाने फिर उतरी

      आष्टा 3 जनवरी (नि.प्र.)। इन्दौर भोपाल राजमार्ग पर फिर 28 दिसम्बर को दिन के 11 बजे ट्रक क्रमांक एमपी 09 केसी 8779 की तिरपाल रस्से काटकर तीन गठानें उतार ली ।

      उक्त घटना डोडी घांटी और चिन्नौटा जोड़ के बीच घटी। पुलिस ने ट्रक चालक बामनराव की रिपोर्ट पर 1 जनवरी को प्रकरण दर्ज किया। 

खाद्य निरीक्षक के खिलाफ किराना दुकानें अनिश्चित काल के लिये बंद, व्यापारियों ने जुलूस निकाला, ज्ञापन सौंपा

आष्टा 3 जनवरी (नि.सं.)। खाद्य विभाग सीहोर में पदस्थ खाद्य निरीक्षक बसंत दत्त शर्मा द्वारा पिछले कई महिनों से आष्टा नगर के किराना व्यापारियों को सेम्पल के नाम पर अनावश्यक रुप से तरह-तरह से परेशान किये जाने के विरोध में आज आष्टा के किराना व्यापारियाें का धैर्य टूट गया और उन्होने खाद्य निरीक्षक की मनमानी के खिलाफ अपने-अपने प्रतिष्ठान अनिश्चित काल के लिये बंद कर शाम को बड़ा बाजार से किराना व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र जैन के नेतृत्व में एक विशाल जुलूस निकाला जो नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ एसडीएम कार्यालय पहुँचा। यहाँ पर किराना व्यापारी संघ की और से जिलाधीश के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार बिहारी सिंह को सौंपा गया जिसमें मांग की गई है कि खाद्य निरीक्षक बसंत दत्त शर्मा को जब तक नहीं हटाया जाता तब तक आष्टा के किराना व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद रखेंगे। किराना व्यापारियों ने खुला आरोप लगाया कि उक्त निरीक्षक प्रतिष्ठानों पर पहुँचकर उन्हे धमकी देता है कि मैं भिंड मुरैना का हूँ...पिछले कई दिनों से इस तरह की धमकियाँ से किराना व्यापारी धैर्य बांधे हुए थे लेकिन आज उनकी अति के कारण किराना व्यापारियों को सड़क पर उतरना पड़ा। एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन का वाचन किराना व्यापारी संघ के उपाध्यक्ष उत्तम सुराना ने किया अंत मे आभार संजय पोरवाल द्वारा व्यक्त किया गया।

जो व्यापारी मंडी में अपने यहाँ ताश खेलेगा या खिलायेगा वो नीलामी में भाग नहीं ले सकेगा

      आष्टा 3 जनवरी (नि.प्र.)। आष्टा कृषि उपज मंडी में व्यापारियों के यहाँ से अनाज के बोरों की हो रही चोरियों से व्यापारी तंग आ चुके हैं यहाँ पर जो सुरक्षा गार्ड तैनात था उसे भी बोर्ड के आदेश के बाद हटा दिया गया है। जब व्यापारियों ने लगातार हो रही चोरियों को लेकर सचिव को अवगत कराया तो सचिव ने सभी व्यापारियों, हम्मालों, मंडी कर्मचारियों की बैठक ली और बैठक में यह बात उभर कर आई की कई बाहरी लोग मंडी में तरह-तरह के कारणों से आते हैं इसमें ताश खेलने आने वाले भी शामिल है। इसलिये भी कई प्रकार की स्थिति बनती है।

      बैठक में जो चर्चा हुई और बात उभर कर आई उसके तहत अब मंडी में जिस दुकान के परिसर में ताश खेलेंगे या जो व्यापारी ताश खेलते पाया जायेगा  उसे मंडी की नीलामी में बोली लगाने से रोका जायेगा। गत दिवस एक दुकान से कुछ लोग अनाज के कट्टे चुराकर जा रहे थे पीछा किया तो भाग निकले। भागने वालों की संख्या 5-6 बताई जाती है। इसके पहले भी कई बार मंडी में चोरियाँ हुई है। देखना है जो निर्णय हुआ है वो चोरी रोकने में कारगार सिध्द होता है या नहीं। 

उपचार के दौरान तीन की मौत

      आष्टा 3 जनवरी (नि.प्र.) । आग से जलने जहरीला पदार्थ खाने व वाहन दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो ग्रामीण सहित एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी हैं।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार आष्टा थाना क्षेत्र के ग्राम कोठरी निवासी 25  वर्षीय विशाखा पत्नी विजय को बीते माह आग से जलने के कारण गंभीर अवस्था में तथा ग्राम निपानिया निवासी 45 वर्षीय हरीनारायण आ.देवकरण वर्मा को वाहन दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के कारण उपचार हेतु हमीदिया अस्तपताल भोपाल एवं शाहगंज थाना क्षेत्र के रमपुरा निवासी 70 वर्षीय छोटलाल आ. विसना प्रसाद गौड़ को जहरीला पदाथ खाने से इलाज हेतु केशव अस्पताल होशगाबाद दाखिल कराया गया था जहां पर इनकी मौत हो गई। 

आखिर रोकस सूचना के अधिकार के तहत क्यों नहीं दे रही है जानकारी

आष्टा 3 जनवरी (नि.प्र.)। सिविल अस्पताल यूं तो अनेकों अव्यवस्थाओं, लापरवाही, अनियमित-ताओं का अड्डा बना हुआ है लेकिन यहा पर सूचना के अधिकार की भी धाियाँ उड़ाई जा रही है। कुछ दिनों पूर्व रोकस का निर्णय बताते हुए एस.डी.एम. के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग आष्टा द्वारा अस्तपाल के पीछे के सभी गेट बन्द कर दिये गये। रोगी कल्याण समिति आष्टा के दो जागरूक सदस्य अशोक देशलहरा एवं रमेश वोहरा प्रिन्स ने इस उठाये गये कदम को लेकर सूचना के अधिकार के तहत एक आवेदन प्रभारी रोकस सिविल अस्पताल को एक आवेदन नियमानुसार 20 दिसम्बर को दिया। आवेदन के साथ एक रसीद दस रू. की कटाई गठ्र रोकस के दोनों सदस्यों ने रोकस से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी की पीछे के गेट बन्द किये जाने का निर्णय किस बैठक में किस दिनांक को पारित हुआ। इस संबंध में रोकस के दानों सदस्यों ने बताया कि नियमानुसार एक सप्ताह में उक्त जानकारी देना थी लेकिन आज तक नहीं दी गई जब प्रभारी से जानकारी नहीं देने का कारण पूछा तो इन्हें बताया की जानकारी देना है या नहीं देना है इसके बाद में एस.डी.एम से मार्गदर्शन मांग गया है राकेस को आज तक मार्गदर्शन भी प्राप्त नहीं हुआ 7 दिन के बदले 14 दिन हो गये लेकिन सूचना के अधिकार के तहत सदस्यों को जानकारी नहीं दी गई। पूछने पर इन्हें संतोषजनक जबाव भी नहीं दिया जा रहा है अब उक्त दोनों सदस्य इस मुददे में ऊपर शिकायत करने का मन बना रहे है। देखना है यह मुददा क्या रंग लाता है। 

चोरी के चोर उजैन में पकड़ाये तो आष्टा पुलिस ने भी चोरी का प्रकरण दर्ज कर लिया

      आष्टा 3 जनवरी (नि.प्र.)। चोर चोरी करके ले जाये उसके बाद फरियादी जब थाने पहुंचता है तो पुलिस प्रयास करती है कि सीधे प्रकरण रोजनामचे में दर्जना करके उसे लिखित में ले ले और अगर मुलाजिम मिल जाये तो फिर प्रकरण दर्ज कर लो ऐसा ही एक मामला सामने आया ऐसा लगता है 29 दिसम्बर को इन्द्रा कालोनी निवासी  पार्वती बाई पत्नि बाबूलाल के घर से चौर 50 हजार नगदी एवं 18 हजार के सोने चॉदी के जेवर ले गये। सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 1 जनवरी 09 को आष्टा पुलिस ने उक्त चोरी की रिपोर्ट रोजनामचे में दर्ज की वही यह भी खबर है कि महिला ने जिन दो चौरों के नाम सन्देह में लिखवाये वो उौन में रेलवे स्टेशन पर पकड़े गये उनके पास से नगदी माल भी बरामद होने की सूचना है।  मतलब उधर चौरों का पकड़ाना और इधर चौरी की रिपोर्ट दर्ज होना क्या यह एक संयोग है या फिर.....

चरित्रवान बनो तो अमर सिंहासन मिल जायेगा-गोविन्द जाने

      आष्टा 3 जनवरी (नि.सं.)। परमपिता की दया से दुनिया दर्शन का मेला है, जब भी मेला लगा करता है कोई भी मेले से अपने घर जरुर आया जाता है, मेला तो बाजार है दर्शन करने के बाद में जो भव बनता है वह भाव ही तय करता है कि मनुष्य नर्क में जायेगा या की बैकुंठ में जायेगा। दर्शन का मतलब होता देखना, देखने से मन शुध्द होगा तो भव अच्छा बनेगा तो कर्म अच्छे होंगे तो मार्ग भी अच्छा बनेगा, और वही मार्ग आपको बैकुंठ के द्वार तक ले जायेगा।

      उक्त उद्गार श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन संत श्री गोविन्द जाने ने खंडेलवाल मैदान में अपार श्रध्दालु समूह के सामने व्यक्त किये। आज विशाल पंडाल में मौजूद नर-नारियों का समूह भाव विभोर होकर संत की वाणी के जादू में खो गए और आध्यात्म की गंगा में मग् होकर झूमते गाते मंत्रमुग्ध रह गये। अपने सद्वचनों के माध्यम से संत श्री गोविन्द जाने के कहा कि संसार में आये हो तो कंचन, कामिनी और कीर्ति में कभी मत उलझना, जो इनसे बचकर निकल गया वह महापुरुष बन गया है, नर से नारायण की तरफ मुड़ो, पूरा दुनिया भी साथ दे तो और बात है। पर तुम भी साथ दो तो और बात है, चलने को तो एक पांव से भी चला करते हैं लोग पर तुम साथ दो तो और बात है, पूरा जमाना साथ दे तो और बात है पर पर्दे के पीछै रहने वाला साथ दे तो और बात है। हम टाकीज में फिल्म देखने जाते हैं तो वहाँ की नग्न तस्वीरें और पता नहीं क्या-क्या देखकर आने पर मन मुरझा जाता है लेकिन जब हम मंदिर में भगवान के रुप के मन से दर्शन करके निकलते हैं तो मुख पर तेज होता है, मन संतुष्ट और प्रसन्न रहता है। जब तक आप मर्यादित रहेंगे एक पति-पत्न वृत रहेंगे। मन को अपने मस्तिष्क पर सवार मत होने दो, चरित्रवान बनो, आप कोशिश करो की सौ साल की जिंदगी का चुनाव आप जीत जाएं तो आपके पल्ले कोई मंत्री, विधायक की 5 साल की कुर्सी नहीं हमेशा अमर रहने वाला सिंहासन मिल जायेगा, दुनिया के किसी सत्संग में किसी नेता या मंत्री का गुणवान नहीं गाया जाता है, वहाँ केवल उस सिंहासन में बैठने वाले का गुणवान होता है वे सब महापुरुष है, सिंहासन तब मिलेगा जब कंचन, कामिनी और कीर्ति से बच जायेंगे। कपड़े मेले हो गऐ तो आप धोबी से धुलवा कर साफ करवा लेंगे। लेकिन जब मन मैला हो जाए तो किससे धुलवाएंगे, सद्गुरु यही धोबी से धुलवा कर साफ करवा लेंगे, लेकिन जब मन मैला हो जाए तो किससे धुलवाऐंगे, सद्गुरु यही धोबी का काम करता है, आप मन के मैल को धुलवाने के लिये सद्गुरु के चरणों में जाएं, जिससे आपको भी वह सिंहासन मिल सके। जमाने में रहते हुए अगर मन का मैल धुल जाए तो समझना आपका जीवन सफल हो गया। जब भी गोपाल का नाम, किसी महापुरुष का नाम लो, उनका ध्यान करो तो भीतर से, अंतरात्मा से करो, ऐसा करने से आपका संपर्क सीधे परमसत्ता से होगा और आप जिसके लिये दुआएं करेंगे, जिसके सिर पर हाथ रख देंगे तो उसके दुख दर्द दूर हो जायेंगे। आप करके तो देखो। जन्म और मरण महत्वपूर्ण नहीं होता है, कर्म महत्वपूर्ण होता है, आपके अच्छे कर्म ही दुनिया मे पूजे जायेंगे, मैं सभी माताओं बहनों से अनुरोध करता हूँ कि रोज शाम को जब सूर्यास्त होता है तो घर में दीपक जलाकर ईश्वर का नाम सुमिरन करें, घर में प्रेम का माहौल बनाएं, इससे ही आपके जीवन के कष्ट दूर हो जायेंगे, आप खाना ईश्वर का नाम लेकर उसका ध्यान करके बनाएं, और रोटी के टिफिन में सबसे नीचे एक तुलसी का पत्ता रख दें, तो इससे खाने वाले के विचार शुध्द होते जायेंगे और विश्वास करना आपके पति की शराब भी छूट जायेगी। जिस घर में माता, पिता,  पत्नि, बच्चे दुखी रहते हैं, रोते हैं, लड़ते  रहते हैं, उस घर से लक्ष्मी भी चली जाती है, इनके आंसू आपकी जिंदगी का े तबाह कर  देंगे।

      श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ होने से पूर्व संयोजक गोपी सेठी, विजय खंडेलवाल, अध्यक्ष गजेन्द्र टेलर, गोविन्द सोनी, महेन्द्र तलवारा, मनोज नागर, दिनेश डाबी, वरिष्ठ समाजसेवी अनोखीलाल खंडेलवाल, नपाध्यक्ष कैलाश परमार, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, रामेश्वर खंडेलवाल, बापूलाल मालवीय, धरम सिंह आर्य, सोभाल सिंह भाटी, देवबगस मेवाड़ा, कमल किशोर नागौरी, गजराज सिंह सरपंच, शंकर लाल बालोदिया डाबरी, संतोष झंवर, प्रदीप प्रगति, अवध नारायण सोनी, सौभाग सिंह पटेल, लोरास, सौभाग सिंह पटेल जताखेड़ा, भेरुलाल परमार हकीमाबाद, पप्पु पद्मसी, सुरेश चंद परमार किलेरामा, संजय जैन पत्रकार, अजय टेलर, जगदीश खत्री पार्षद, कैलाश बगाना, मदनलाल भूतिया, देशचंद बोहरा, रमेश राठौर, पंकज यादव, मोतीलाल आदि सहित हजारों श्रध्दालुजनों ने कथा का आध्यात्मिक खजाना लूटा। 

बीते वर्ष में मिली नगर को कई सौगाते

      जावर 3 जनवरी (नि.प्र.)। बीते वर्ष 08 में नगर को मिली कई सौगातें जिनको नगरवासी कई वर्षों तक याद रखेंगे वहीं नये वर्ष 09 में नगर वासियों को है कई सौगातें मिलने की उम्मीद। बीतें वर्ष 08 में नगर को वो सौगातें मिली जो बीते पचास वर्षों में भी नहीं मिली थी। नगर के लिये वर्ष 08 यादगार रहेगा। इस वर्ष में नगर को मिली सौगातें को नगरवासी कभी भूल नहीं पायेंगे। बीते वर्ष 08 में नगर को मिली सौगातें इस प्रकार है पहली जावर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उनके नगर आगमन पर तहसील का दर्जा देने की घोषणा, नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा, उपमंडी को स्वतंत्र मंडी का दर्जा नगर विकास के लिये नगर पंचायत को मिले 25 लाख रुपये इसके अलावा वर्षों पुरानी जावर कजलास, सडक़ बनी व अरोलिया से कुरावर व कजलास से मूंडला तक की सड़क स्वीकृत हुई। इसके अलावा भी नेवज नदी पर करोड़ो रुपये की लागत से ग्यारह स्टाप डेमो का निर्माण चल रहा है जिनमें से कुछ तो बनकर तैयार भी हो गये हैं नगर के राजेन्द्र सिंह का कहना है कि इतनी सारी उपलब्धि नगर को मात्र बीते वर्ष 08 में ही मिली है। वर्ष 08 में नगर को मिली उपलब्धियों को नगरवासी कभी भूल नहीं पायेंगे। दो हजार नौ मे से सौगातें मिलने की उम्मीद है नगरवासियों को। इनमें प्रमुख रुप से बालिकाओं को पढ़ने के लिये कन्या हाईस्कूल तालाब का जीर्णोध्दार, गुराड़िया वर्मा से धुराड़ा तक पक्की सड़क बनी आदि उपलब्धि रहीं।