Saturday, September 6, 2008

थाने में गोली चली : पर क्या जानबूझकर चली या गुस्से में

जुंआरियों को पकड़ने के बाद पुलिस वालों में हुआ विवाद ?
सीहोर 5 सितम्बर (नि.स.)। कल मण्डी थाने में दोपहर में मण्डी के कुछ सम्पन्न परिवारों के युवाओं को अचानक पुलिस ने जुंआ खेलते पकड़ा और थाने ले गई, पुलिस ने एक तरह से लम्बा हाथ मारा था।
यह खुशी थी की समाये नहीं समा रही थी और इस धरपकड़ के साथ ही शुरु हो गई इन्हे बचाने वालों तथा लगातार फोन आने का सिलसिला.... यह क्रम चल ही रहा था कि मण्डी के इन युवाओं का इजत रखते हुए कम से कम कितनी राशि जप्ती में बनाई जाये इसका विवाद खड़ा हो गया जिसे अपने अनुभवों से पुलिस ने निपटा दिया और मात्र 10 हजार के आसपास जरा-सी राशि जप्ती में बनाई। कहने वाले कहते हैं कि इतनी राशि तो इनमें से हर एक युवा हर वक्त अपनी जेब में रखता है। मतलब साफ है कि राशि बहुत अधिक मात्रा में इनसे जप्त की गई थी।
खैर जो भी हुआ इस रुपये का विवाद भी पुलिस ने सुलझा लिया लेकि न लम्बे समय बाद लम्बा हाथ मारने के साथ ही कई दिनों की प्यास बुझने की खुशी भी यहाँ मण्डी थाने में व्याप्त थी। किसका कितना हिस्सा रहेगा और किसका कितना हक बनता है इसको लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया....।
यह विवाद यूँ तो छोटा-मोटा है और रोज ही निपटाया-सुलझाया जाता है लेकिन कल विधि को कुछ और ही मंजूर था। मामला था की निपटने को तैयार ही नहीं था। सब अपना हक यादा बता रहे थे। मामला पेचीदा होता जा रहा था।
इधर बाहर जिन जुंआरियों को पकड़ा गया था उन्हे बचाने वालों का दबाव, उनके बार-बार फोन आना, कभी किसी का थाने चला आना एक नई समस्या बन गई थी। चारों तरफ से परेशान मण्डी थाने में कुछ पुलिस कर्मी खासे उखड़ने लगे थे।
लम्बे समय बाद मिली खुशी में खाना और पीना तो हुआ था लेकिन यह हजम नहीं हो पा रहा था, हजम होता भी कैसे ? कुछ यादा ही खुशी मिल गई थी।
ऐसे यह क्या रात मण्डी थाना पुलिस में आपसी विवाद इतना बढ़ गया एक पुलिस कर्मी ने अपना आपा खोते हुए गुस्से में डगमगाते धूजते हुए हाथों से बंदूक उठाई और दो फायर कर दिये ?
धांय.......धांय.....की आवाज ने एक बारगी मण्डी थाना परिसर ही नहीं बाहर तक सनसनी फैला दी। सामने बैठे जिन दीवान जी की तरफ बंदूक का मुँह था निश्चित ही उनकी किस्मत बड़ी जोरदार था। बंदूक से निकले छर्रे दीवार जा धंसे, कुछ ने यहाँ रखे वायरलेस सेटों को क्षतिग्रस्त कर दिया। क्या गोली जानबूझकर चली थी अथवा भूल से चली थी यह जांच का विषय है ? और पुलिस के जांच अधिकारी जांच कर भी रहे हैं।
लेकिन मामले में शक ? तब पैदा हो गया जब गोली चलने के बाद यहाँ कोई सौभाग्य से हताहत तो नहीं हुआ लेकिन पुलिस इस बात को फैलने से रोकने के प्रयास में जुट गई। दोपहर 5 बजे से जिन जुंआरियों को छुड़ाने के सारे प्रयास होते रहे और पुलिस ने इन्हे नहीं छोड़ा रात गोली चलने के बाद पुलिस ने यह बात फैले नहीं इसके चक्कर में तत्काल सारे जुंआरियों को थाने से बाहर खदेड़ दिया। अंधाधुंध कागजों पर हस्ताक्षर कराये, जमानत की कार्यवाहियाँ की और सबको रवाना कर दिया और वो भी बिना किसी ऊपरी सोर्स के।
एक जुंआरी को यहाँ गोली से निकले एक छर्रे के लगने की जानकारी भी मिली है। जिसका कान शून्य हो गया था। पुलिस ने इसकी कोई शिकायत दर्ज नहीं की।
दूसरी बात जिससे शक फिर खड़ा हुआ ? कि आखिर दूसरे दिन दोपहर बाद तक गोली चलने के बावजूद मामला किसी पर पंजीबध्द क्यों नहीं किया गया ? आखिर क्यों ? क्या कोई समस्या थी ? क्या मामला पंजीबध्द होता तो जांच में कुछ और बात सामने आ जाती ? यह बात भी शक पैदा करती है आखिर मामला जो ऊपर से दिख रहा है वह असल में शायद कुछ और भी हो सकता है।
शक तो इस पर भी होता है कि यदि वाकई दो गोलियाँ चली हैं तो भूल से एक गोली तो चल सकती है लेकिन दो गोली कैसे चल गई ? अगर हम इस पर विचार ना भी करें कि गोली सीधी ही क्यों चली वो नीचे या ऊपर क्यों नहीं चली ? मामले के जांच अधिकारी ने जांच शुरु कर दी है लेकिन अभी तक किसी पर मामला दर्ज नहीं है। देखते हैं मामला क्या रंग लाता है।.

गणेश समितियों पर गिरी बिजली

शिवराज ने कहा : गणेशोत्सव मनाओ विद्युत मण्डल बोला : कैसे मनाओगे....
सीहोर 5 सितम्बर (नि.सं.)। पहली बार किसी शासन ने भले ही चुनावी वर्ष के समय ही, लेकिन भारतीय संस्कृति के गणेशोत्सव को राष्ट्रीय भक्ति और आस्था से जोड़कर देखा और हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूरे प्रदेश में करीब कई लाख रुपये के विज्ञापन गणेशोत्सव को पूरे उत्साह से मनाने का आह्वान किया।
बाल गंगाधर तिलक के चित्र वाले विज्ञापन प्रकाशित हुए। लेकिन इधर अचानक इसी वर्ष विद्युत मण्डल ने सख्ती करते हुए आज तो गणेश उत्सव समितियों को अच्छी खासी धमकी दे डाली, उनकी हालत पतली कर दी और कनेक्शन लेने के लिये जोर दिया....वरना सख्त कार्यवाही की बात कही।
तीन दिन पूर्व ही गणेश उत्सव समितियों को सख्त लहजे में नोटिस भेजने के बाद आज विद्युत मण्डल ने यहाँ नगर में लगी गणेशोत्सव की झांकियों व मण्डपों की सघन जांच भी कर डाली। विद्युत मण्डल के अधिकारियों ने आज नगर की कई प्रमुख गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों से सख्त लहजे में कहा कि आप चोरी कर रहे हैं, खुले आम चोरी बर्दाश्त नहीं होगी, आप कनेक्शन लें, अस्थायी विद्युत मीटर लगवायें वरना कार्यवाही के लिये तैयार रहें। हमारी टीम कभी भी वापस आकर चैक करेगी, अगर तार लगे पाये गये तो पूरे उखाड़कर ले जायेगी। इस धमकी के बाद गणेश उत्सव समितियों में कुछ घबराहट फैल गई है।
उल्लेखनीय है एक तरफ शिवराज सिंह सरकार ने लाखों रुपये के विज्ञापन देकर कहा था कि गणेशोत्सव से सब जुड़े, भाजपा भी इसी विचारधारा से जुड़ी हुई हैं और दूसरी तरफ भाजपा के ही शासन में विद्युत मण्डल ने आज पहली बार जांच कर गणेश उत्सव समितियों को हिलाकर रख दिया है।
आज भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी स्थानीय गणेश उत्सव समितियों ने याद किया। देखते हैं आगे क्या होता है।

गणेश मंदिर पर विद्युत मण्डल की दादागिरी हजारों भक्त हो रहे परेशान

सीहोर 5 सितम्बर (नि.सं.)। प्राचीन श्री चिंतामन गणेश मंदिर पर विद्युत की डीपी लगी हुई है जो सिर्फ मंदिर के लिये ही अलग से लगवाई गई है लेकिन यहाँ अभी तक बारम्बार मांग करने के बावजूद विद्युत मण्डल थ्री फेस कनेक्शन नहीं दे रहा है। जिसके चलते मंदिर परिसर में पर्याप्त उजाला नहीं रह पाता है। रात के समय विद्युत प्रवाह कम होने से रोशनी कम हो जाती है। जिससे भक्तजन परेशान हो रहे हैं।
प्राचीन श्री चिंतामन गणेश मंदिर पर विद्युत मण्डल ने इस बार भी अपनी हरकत जारी रखी है। मंदिर प्रबंधन से मण्डल से थ्री फेस कनेक्शन की मांग की है लेकिन अभी तक कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। मण्डल ने यहाँ लिये गये क नेक्शन और थ्री फेस लाईन के तार कल काटकर मंदिर की सम्पत्ति के तार ले गये हैं। जिससे यहाँ मंदिर समिति के लोगों में नाराजगी है। उन्होने गणेश जी से विद्युत मण्डल को सद्बुध्दी प्रदान की कामना भी की है।
जब डीपी गणेश मंदिर के लिये लगी है तो फिर यहाँ कनेक्शन क्यों नहीं दे रहे ? शाम के समय विद्युत के कम वोल्टेज के कारण परेशानी से हजारों भक्त परेशान होते हैं।

कट्टे की नोंक पर विद्युत मण्डल से 2 लाख की लूट, मण्डल बैठे लाईनमेन को लूटेरे पलंग से बांध गये

जावर 5 सितम्बर (नि.सं.)। जावर थाने के अन्तर्गत आने वाले ग्राम कुरावर विद्युत मण्डल के सब स्टेशन से 4-5 अज्ञात लोग कट्टे की नौंक पर यहाँ तैनात दो लाईन मेन फतेह सिंह एवं राधेश्याम को पलंग से बांधकर यहाँ पर लगी डीपी में से 2100 लीटर आईल तथा बैटरी व अन्य कलपुर्जे लूट कर ले गये। आईल निकालते वक्त बहुत सा आईल गिर गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जो आईल ले गये हैं उसकी कीमत लगभग 1 लाख 40 हजार है, तथा जो कलपुर्जे चुरा कर ले गये हैं उसकी कीमत लगभग 60 हजार है कुल 2 लाख रुपये का कीमति सामान लूट गये हैं। जिन दो लाईनमेनों को पलंग से बांध गये थे जाते वक्त उनके ऊपर रजाई पटक गये। और वो रात भर उसी तरह पड़े रहे।
सुबह जब दूसरी डयूटी पर लाईन मेन सुरेन्द्र आया तब उसने देखा रात की डयूटी वाले दोनो लाईन मेन पलंग पर बंधे पड़े हैं। उसने तत्काल इन्हे खोला तब पूरी घटना सामने आई।
बाद में लाईनमेन फते सिंह ने अपने वरिष्ठ अधिकारी श्री राधेश्याम मालवीय, सहायक यंत्री मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल जावर को बताई। जे.ई.श्री राधेश्याम मालवीय ने उक्त घटना की शिकायत जावर थाने में दर्ज कराई है। जावर पुलिस ने धारा 427, 379 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार उक्त पूरी घटना को लूट की ना बताते हुए चोरी की बताई जा रही है तथा पुलिस का यह भी कहना है कि 2100 लीटर आईल चोर वहीं पर ढोल गये।
स्मरण रहे जबसे जावर थाने में आष्टा से गये टीआई पदस्थ हुए हैं जावर क्षेत्र में भी चोरी, लूट व अन्य प्रकार के आपराधिक गतिविधियों में वृध्दि हुई है।

क्षमा वीरों का आभूषण है कायरों का नहीं- श्री मधुबालाजी

आष्टा 5 सितम्बर (नि.प्र.)। बदला लेने की भावना का आनन्द केवल एक दिन का होता है जब कि क्षमा का आनन्द हमेशा गौरव प्रदान करता है। गुलदस्ता कांटों का नहीं फूलों का बनाओं तो सबको खुशबू दे मंथन पानी का नहीं दही का करें। चिन्तन अच्छे कार्यो का नहीं गलतियों का करो। जीवन तभी सफल माना जायेगा जब क्षमा मांगना और देना व्यक्ति सीख लेगा।
क्षमा वीरों का आभूषण है कायरों का नहीं उक्त उद्गार आज श्री महावीर भवन स्थानक मंडी श्वेताम्बर जैन श्री संघ्ज्ञ की सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम में पूज्य म.सा. श्री मधुबाला जी ने कहे। म.सा. ने कहा कि वो व्यक्ति वीर होता है जो क्षमा मांगता है और क्षमा देता है। इस अवसर पर श्री सुनीता जी म.सा. ने कहा कि जो भव्य आत्मा अन्ताकारण से क्षमा मांगता है और क्षमा देता है वो आत्मका अपने दुर्लभ मानव जीवन को सार्थक करता है। क्षमा चार प्रकार की बताई है। राग से युक्त क्षमा, स्वार्थ से युक्त क्षमा, उपकार से चुकाने वाली क्षमा, उपकारी के उपकार करने वाले के प्रति क्षमा। संवत्सरी और क्षमावाणी के पावन पर्व पर दिल से क्षमा मांगों और क्षमा दो। सामूहिक क्षमावाणी पर्व पर आज श्रीमति साधना रांका एवं सीमा टांटीया ने भजन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक चन्दनमल बनवट, सवाईमल बोहरा, लख्मीचन्द पारख, कल्याणमल रूगवाल, दिलीप संचेती, कैलाश गोखरू, जवरचन्द्र चतरमुथा, महेन्द्र सुराना, प्रसन्न बनवट, अशोक देशलहरा, सुंदरलाल बोहरा, भविष्य सुराना, शिखर सुराना, शिखर बोहरा, पारसमल सिंघवी, साधनारांका, बेला सुराना, चन्दा बोहरा, अलका रांका, मुकेश चत्तर, देवनारायण टेलर, श्रेयांस सुराना, दिनेश रांका, प्रकाश कोपर, पवन सुराना, रविन्द्र रांका, नगीन बोहरा, निर्मल रांका, राकेश सुराना आदि ने सम्बोधित कर सभी से क्षमा याचना की। इस अवसर पर पूज्य म.सा. ने श्री संघ से क्षमा याचना की। किले मंदिर पर पधारे स्वाध्याइ भाई कुवरलाल रांका, मुकेश चत्तर, यतिन्द्र भंडारी एवं विनोद संघवी का स्वागत सम्मान भी किया गया। आज श्रावक विजय देशलहरा के उपवास करने पर घोषणा अनुरूप लखमीचन्द्र पारख परिवार द्वारा सभी तपस्या करने वालों का स्थानक में पारखा रखा गया। क्षमावाणी पर्व पर बाद में सदस्यों ने घरों पर पहुंचकर भी एक दूसरे से क्षमायाचना की। सामूहि क्षमावाणी पर्व पर आज स्थानक में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे। क्षमावाणी कार्यक्रम का संचालन सुशील संचेती ने तथा आभार दिलीप सुराना व्यक्त किया।

गौपालकों की खैर नहीं... सुअर वालों से बैर नहीं...

सीहोर 5 सितम्बर (घुमक्कड़)। संभवत: कल से एक बार फिर नगर की संस्कृति को जीवित रखे गाय पशुओं को क्रूरता पूर्वक पकड़ा जायेगा और डंडे बरसा-बरसाकर उन्हे अस्थायी जेल में ठूंसा जायेगा उसके बाद इन्हे गौशालाओं में भेजा जायेगा जहाँ से यह कहाँ गायब हो जायेगी कभी खबर नहीं लगेगी। इधर हर बार की तरह सुअर वालों से इस बार भी प्रशासन को कोई बैर नहीं है, सुअर प्रशासन के कुछ खास अधिकारियों की पहली पसंद बने हुए हैं।
जिला प्रशासन ने एक बार फिर उसी चमत्कारी कार्यक्रम की तैयारी शुरु कर ली है जिसके तहत मूक हिन्दु आस्था की केन्द्र गौमाता को डंडे मार-मारकर एकत्र किया जाता है, बेहोंशी के इंजेक्शन लगाकर उन्हे सुलाया जाता है, डंडे मारने से उनके हाथ-पैर तोड़ दिये जाते हैं, कुछ मर भी जाते हैं....और उन्हे किसी भी तरह मार-मारकर घेरकर गौशाला भेजकर जिला प्रशासन पुण्य अर्जन करता है और अपने प्रिय पसंद के पशु सुअर को छोड़ दिया जाता है।
सूत्रों का कहना है कि गोवंश को पकड़कर रखने के लिये एक अस्थायी जेल बना ली गई है। और संभवत: एक-दो दिन में ही इन्हे पकड़ने का आह्वान शुरु हो जायेगा। पिछली बार के अभियान में गई 200 से अधिक गौवंश में से कितने जानवर आखिर गौशाला में बचे हैं इसका हिसाब भी प्रशासन के पास नहीं है।

बिजली गिरने से युवक की मौत

सिद्धीकगंज 5 सितम्बर (नि.सं.) थाना क्षेत्र के ग्राम गुलाब की सामरी में गुरुवार की शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक तथा उसके दो बेलों की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरु कर दी है। 22 वर्षीय प्रकाश आ. पीरूलाल बंजारा गुरुवार की शाम को अपने खेत पर था उसके बैल भी थे कि अचानक आकाशीय बिजली गिरी जिससे प्रकाश सहित बैल भी मर गये।

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दिगम्बर समाज के प्रवचन शुरु : दसलक्षण पर्व मनेगा

आष्टा 5 सितम्बर (नि.प्र.)। पर्यूषण पर्वाधिराज प्रारंभ, ब्रहम्चारी पयूर्षण पर्वाधिराज श्री दिगम्बर जैन समाज के 4 सितम्बर से प्रारंभ हुए और इसी के साथ त्याग, तप और तपस्या का सिलसिला भी प्रारंभ हो गया है। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर किला पर पठानी से पधारे ब्रहम्चारी संजय भैया जी के सानिध्य में ग्यारह दिवसीय दसलक्षण पर्व मनाऐंगे सुबह शाम प्रवचन भी होंगे। शाम को श्री जी की नित्य आरती होगी।
श्री दिगम्बर जैन समाज के सांस्कृतिक सचिव श्री मनोज सुपर ने एक विज्ञप्ति में बताया कि पर्यूषण पर्व पर होने वाले देनिक कार्यक्रमों में प्रतिदिन सुबह साढ़े छ: बजे से भगवान के अभिषेक एवं शांतिधारा, तत्पश्चात, नित्य पूजा के अलावा दसलक्षण व सौलाहकारण की पूजा और प्रात: साढ़े आठ से साढे नौ प्रवचन एवं रात्रि में आठ से नौ प्रवचन संजय भैया के होंगे। सभी मंदिरों में गुरूवार 4 सितम्बर को भक्तिभाव से भगवान के मनके श्रावकों ने अभिषेक किए और पूजा अर्चना भी की।
श्री जैन ने बताया कि 5 सितम्बर को प्रश् मंच का कार्यक्रम रात्रि 9 बजे उत्तम सेल्स बुधवारा द्वारा आयोजित किया है। किला मंदिर परिसर में सभी समारोह होंगे। 6 सितम्बर को बारह वर्ष से कम उम्र वालों की नृत्य प्रतियोगिता, 7 सितम्बर को इसी आयु बाों की भजन प्रतियोगिता, 8 सितम्बर को 12 से अधिक आयु वालों की भजन प्रतियोगिता, 9 सितम्बर को गंज मंदिर की जलयात्रा दोपहर डेढ़ बजे निकाली जाएंगी।
रात्रि में जिनेन्द्र भक्ति भी होगी। 10 सितम्बर को सुगंध दशमी का पर्व दोपहर डेढ़ बजे मनाया जाएगा। 11 सितम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रम और 12 सितम्बर को मेंहदी प्रतियोगिता व 13 सितम्बर को फैंसी ड्रेस मनोज जैन द्वारा, 14 सितम्बर को किला मंदिर की जलयात्रा दोपहर डेढ़ बजे निकलेगी, 15 सितम्बर को अलीपुर की जलयात्रा व सामूहिक क्षमावाण दोपहर डेढ़ बजे और 16 सितम्बर को एकम का भव्य जुलूस रथयात्रा दोपहर साढ़े बारह बजे से किला मंदिर से और रात्रि 9 बजे मदुमन महिला मण्डल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम कराएं जाएंगे।

विलम्ब क्यों हुआ : बताना पड़ेगा कारण

सीहोर 5 सितम्बर (नि.सं.)। कलेक्टर डी.पी.आहूजा ने उन अधिकारियों कर्मचारियों से कैफियत चाही है जिन्होंने जिले में कार्यवाही के लिए आने वाले पत्रों, आदेश, निर्देश या जन सामान्य से प्राप्त जरूरी आवेदनों के प्रस्तुतीकरण में विलम्ब किया है। कलेक्टर द्वारा स्टेनो को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे प्राप्त सभी नस्तियों में दिन प्रतिदिन की गणना करें और तीन दिन से अधिक का विलम्ब होने पर संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण लेने के बाद ही नस्ती प्राप्त करें।
कलेक्टर द्वारा इस सिलसिले में सभी कार्यालय प्रमुख को भी जरूरी हिदायतों के साथ पत्र भेजा गया है। जारी पत्र में कहा गया है कि शासकीय प्रक्रिया में होने वाले अनावश्यक विलम्ब को सुशासन के विपरीत माना गया है और इसे हर सूरत में समाप्त किया जाना चाहिए। पत्र में यह खुलासा किया गया है कि शासन के पत्र या प्राप्त आवेदन कलेक्टर से संबंधित होते हैं जिन्हें प्रक्रिया के मुताबिक संबंधित विभाग अथवा शाखा को तत्समय प्रस्तुत करने के लिए भेजा जाता है। नियम के मुताबिक ऐसे दस्तावेज आवेदन का प्रस्तुतीकरण ज्यादा से ज्यादा तीन दिन में हो जाना चाहिए। कार्यालय मेनुअल में भी इसका पालन अपेक्षित है। इसके बावजूद नस्तियों के प्रस्तुतीकरण में अनावश्यक विलम्ब किया जाना पूरी तरह नियम के खिलाफ है। कलेक्टर श्री आहूजा ने स्पष्ट किया है कि इस कार्यालय से संबंधित पत्र को लम्बित रखने या उस पर डिसीजन लेने का अधिकार किसी को नहीं है।
कलेक्टर श्री आहूजा द्वारा इस बात पर भी कड़ी आपत्ति ली गई है कि अत्यन्त विलम्ब से प्रस्तुत नस्ती के संबंध में न तो कोई अनुमति ली जाती है और न ही नस्ती प्रस्तुतीकरण के वक्त कोई स्पष्टीकरण बताया जाता है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अब इस प्रकार की विलम्ब पूर्ण कार्यवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गणेश मंदिर में लग गया वाटर कूलर

सीहोर। विधायक जी ने पिछले दिनों एक पत्रकार वार्ता मिली एक पत्रकार साहब की विशेष सलाह पर यहाँ मात्र 3 दिन के अंदर छोटा-सा वाटर कूलर लगवा दिया गया है। यहाँ अभी पानी की फिटिंग नहीं हुई है। अग्निशामक वाहन ही पानी भर रहा है।

सड़क हादसे में दो घायल

सीहोर 5 सितम्बर (नि.सं.)। जिले के थाना बुदनी अन्तर्गत हुये एक सड़क हादसे में दो लोग घायल हो गये। पुलिस ने प्रकरण कायम कर लिया हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सेमलपानी कदीम निवासी भगवानसिंह अपने पिता गुलाब सिंह को बाइक क्रमांक एम.पी. 04-एन.आर-9860 से होशंगाबाद से लेकर गांव जा रहा था तभी रेहटी रोड स्थित वर्मा कृषि फार्म के समीप विपरीत दिशा से आ रहे बाइक क्रमांक एम.पी. 04 एन.ई.1920 के चालक ने तेजगति एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुये इनकी बाइक में टक्कर मार दी परिणामस्वरूप पिता पुत्र दोनों घायल हो गये।

फुरसत भी पर्यूषण महापर्व पर सभी से क्षमा याचना करता है

जैन धर्म में महापर्व पर्यूषण का बड़ा महत्व है। पर्यूषण स्वयं के दोषो को देखने, आत्म अवलोकन करने और जाने-अनजाने किये गये समस्त अपराधों की क्षमा याचना का पर्व है। 'क्षमा वीरस्य भूषणम' इस वाक्य के साथ सकल जैन समाज आज जिस प्रकार पर्यूषण महापर्व पर क्षमावाणी उत्सव मनाता है । पर्यूषण के आठ दिनों में कठोर तप-साधना कर विभिन्न प्रकार से शरीर को तपाकर मन, वचन, काया के दोषो के लिये क्षमा याचना करता है। यह तप प्रयिा अपने में आये दुर्गुणों को कम करने और आत्मशुध्दि के लिये अपनाई जाती है।
आज पर्यूषण पर्व समाप्ति के साथ ही वार्षिक क्षमायाचना भी की जाती है। इस महत्वपूर्ण पर्व का सम्पूर्ण लाभ उठाते हुए फुरसत भी अपने समस्त पाठकों तथा अन्य वह सभी जो पाठक न होते हुए भी कहीं फुरसत से जुड़े हों सभी को फुरसत द्वारा प्रकाशित समाचार, टिप्पणी, अग्रलेख या किसी प्रकार अन्य प्रकार की प्रकाशित सामग्री या अन्य किसी कारण से फुरसत द्वारा आपको किसी प्रकार का मानसिक दुख, कष्ट, वेदना हुई हो तो फुरसत परिवार मन, वचन, काया से पूरी विनम्रता के साथ आपसे क्षमा याचना करता है।
समाचारों या विचारों को आप तक पहुँचाने के इस कार्य में कभी किसी कड़वी सच्चाई के कारण, कभी फुरसत आप तक न पहुँच सकने के कारण, कभी देरी से पहुँचने के कारण, कभी किसी समाचार के प्रकाशन नहीं हो पाने के कारण, कभी किसी मात्रा आदि की गलती के कारण, कभी सम्पादन की लापरवाही के कारण, कभी जानकारी के अभाव में या गलत जानकारी के कारण, कभी गलत धारणा या समझ के अभाव के कारण, हमने आपका दिल जाने-अनजाने दुखाया हो तो इस सबके लिये पूरी विनम्रता के साथ बारम्बार क्षमा-याचना करते हैं।
सरल हृदय और शुध्द विचार।
वह कर लेता भव सागर पार॥
साथ ही हम अपने कार्य में और अधिक सावधानी रखने का भी संकल्प लेते हैं । हमारा संकल्प आप तक स्वस्थ, स्वच्छ और निर्दोष समाचार विचार पहुँचा सके । हम राष्ट्र व संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबध्दता पर और अधिक खरे उतर सकें, का आप सभी से आशीष चाहते हैं। क्षमा याचना सहित...
आनन्द गाँधी
सम्पादक



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