Friday, August 15, 2008

सरिया डकैती कांड का पर्दाफाश: 20 लाख की सम्पत्ति बरामद

आष्टा 14 अगस्त (नि.प्र.)। और आखिरकार आज जिला पुलिस अधीक्षक डॉ.राजेन्द्र प्रसाद ने आष्टा आकर सरियों से भरे ट्रक लूट काण्ड प्रकरण की जानकारी देने आष्टा पहुँचे लेकिन आष्टा पुलिस द्वारा पत्रकारों के साथ अनजान चेहरों को पत्रकार के साथ आमंत्रित करने पर प्रमुख समाचार पत्रों के संवाददाता थाने से लौट गये। घटना के बारे में जिला पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक जे.एस.सिध्दु टीआई अतीक खान एवं श्री पाण्डे की एक टीम गठित की उक्त टीम ने जिला पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी आष्टा के मार्गदर्शन में घटना स्थल से घटना के बाद आरोपियों ने जो मोबाइल किये उससे पुलिस आरोपियों तक पहुँची इस लूट में एक खास बात यह थी कि सूचना स्थल मंडी थाना सीहोर होने के बाद भी उक्त घटना को आष्टा थाने में दर्ज करवाई गई थी क्यों इसका जबाव पुलिस ही अच्छे से दे सकती है।
पुलिस ने इस मामले में आज तीन आरोपी पकड़ना बताया जिनके नाम राजेन्द्र पिता कैलाश सेंधव, राजेन्द्र पिता अनूप सिंह सेंधव, राजेन्द्र पिता शकर सेंधव तीनों निवासी रोलू पीपलिया थाना सोनकच्छ के हैं इसमें राजेन्द्र शंकर सिंह पहले भी बस लूट काण्ड में पकड़ाया था। यह आष्टा में ही रहता है। शेष 6 आरोपी अली फरार है। यूँ तो पकड़े गये आरोपी 4-5 दिन से थाने में ही है ना जाने क्यों उन्हे इतने दिन पुलिस ने बैठा रखा वैसे इसका कोई जबाव पुलिस के पास नहीं है ट्रक में जो सरिया था 30 टन सरिया भादर सिंह भागरसरा ने नेपाल सिंह सेंधव हाटपीपलिया वाले को 5.50 लाख में बेचा था। इस लूट कांड में एक वाहन एमपी 20 एच.ए.6941 को उपयोग किया था। जिसे घटना के बाद आष्टा के खाचरौद में भीमाजी जाट को 3.70 लाख में बेच दी गई थी उक्त वाहन को ट्रांसफर भी हो गया था। 4 मुल्जिमों की पुलिस तलाश में जुटी है। इस मामले में कईऐसे प्रश् आज भी खडे हैं जिसमें पुलिस के पास कोई जबाव नहीं है वहीं आज आष्टा में जिला पुलिस अधीक्षक महोदय को अपने अधीनस्थ के कारण पत्रकारों ने वार्ता किये बिना जाने की स्थिति का सामना करना पड़ा। इस पर वे क्या एक्शन लेते हैं ये भी एक प्रश् है।
इस मामले के अभी और कई राज खुलना बाकी है। उक्त मामला तो 4-5 दिन पूर्व ही सुलझ गया था फिर पुलिस ने आरोपियों को थाने में क्यों बैठा रखा मामले को जबकि स्थानीय पत्रकार अपुष्ट नाम से 3-4 दिन से छाप रहे हैं। आखिर इन दिनों के दौरान क्या होता रहा ? इस लूट कांड पर जिला पुलिस अधीक्षक ने 5 हजार का एवं सुनील बंसल मंडीदीप ने 1 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी।


हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।