Tuesday, December 30, 2008

हम्माली बढ़ाने की मांग पर मण्डी बंद, किसानों ने किया चक्काजाम

सीहोर 29 दिसम्बर (नि.सं.)। हम्मालों ने एक बार फिर आज भरपूर आवक के मौसम में अचानक तौल कार्य बंद करके मण्डी व्यापारियों व किसानों को परेशानी में डाल दिया। काफी माथाफोड़ी के बाद भी जब यह नहीं माने तब आक्रोशित किसानों ने अंतत: शाम को सड़क पर आकर अपना आक्रोश प्रकट किया और चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम होते ही जिला प्रशासन जाग गया और दौड़ा भागी मच गई। पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने यहाँ मामले को देखा। मण्डी सचिव की उपस्थिति में अंतत: व्यापारियों व हम्मालों की बैठक हुई और आज किसी तरह वापस तुलाई चालू हो सकी।
जानकारी के अनुसार हर दो साल में यहाँ मण्डी के हम्मालों का एक तय मानदेय के अनुसार हम्माली बढ़ाने का प्रावधान है। करीब 20 दिन पूर्व हम्मालों के दो साल पूर्ण हो गये हैं। इसके बाद हम्मालों की राशि नहीं बढ़ाये जाने पर हम्मालों में आक्रोश था। 2-3 दिन पूर्व हम्मालों की एक बैठक भी इसी तारतम्य में हुई थी लेकिन उसमें कोई उचित निर्णय नहीं लिया जा सका था और ना ही व्यापारियों अथवा मण्डी सचिव तक अपनी बात उन्होने पहुँचाई थी। इसके बाद आज अचानक हम्मालों ने तुलाई बंद कर दी और साथ ही अपनी हम्माली बढ़ाने की मांग भी शुरु कर दी।
आज सोमवार को बड़ी मात्रा में किसान अपनी फसल लेकर मण्डी में बेचने के लिये आये थे जिन्हे अच्छी खासी परेशानी हो गई थी। दिनभर की तुलाई बंद से यहाँ आये बड़ी मात्रा में किसानों में आक्रोश फैलने लगा। शाम करीब 4 बजे तक किसान एकत्र हो गये और बाहर 4.30 बजे तक सड़क पर आ गये यहाँ किसानों ने चक्काजाम कर दिया और वाहन खड़े कर दिये जिससे दोनो तरफ से निकलने वाले लोगों का रास्ता अवरुध्द हो गया। मण्डी रेल्वे गेट के पास हुए चक्काजाम से अचानक पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन को भी जागना पड़ा।
तत्काल पुलिस के अलावा एसडीएम चन्द्रशेखर बालिम्बे भी मण्डी पहुँचे। उन्होने पहले चक्काजाम बंद कराकर किसानों को अंदर बुलाया। यहाँ मण्डी सचिव कार्यालय में बातचीत हुई जहाँ व्यापारियों, हम्मालों का आपसी सामंजस्य काफी मशक्कत के बाद हो सका। आज की तुलाई किसी भी तरह चालू कराये जाने के निर्देश दिये गये। जिसके बाद शाम तुलाई फिर चालू हो गई।
व्यापारिक सूत्रों के अनुसार आज हम्मालों की मांग के अनुसार 13 प्रतिशत हम्माली में बढ़ोत्तरी कर दी गई है जिससे अब हम्मालों की मांग पूरी हो चुकी है जबकि हम्माल सूत्रों के अनुसार अभी हम्माल संतुष्ट नहीं हैं और आगामी दिनों में कुछ भी हो सकता है।

सड़क हादसे में पाँच घायल

सीहोर 29 दिसम्बर (नि.सं.)। जिले के थाना आष्टा अन्तर्गत ट्रक एवं इंडिका की टक्कर में पाँच लोग घायल हो गये। पुलिस ने प्रकरण कायम कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार काकर वार्ड पाटन निवासी धर्मेन्द्र पुत्र धु्रवकुमार राजपूत आज सुबह इंडिका कार एमपी 09 एचबी 9978 से अपने साथी सुमित खरे, गौरव बोहरा निवासी भोपाल, अमरप्रीत निवासी दिल्ली, शशिकांत निवासी उजैन के साथ उजैन जा रहे थे कि इन्दौर भोपाल राजमार्ग स्थित ग्राम आमला के पास इन्दौर तरफ से आ रहे ट्रक एमपी 09 केबी 6686 के चालक ने अपने वाहन को तेजगति एवे लापरवाही पूर्वक चलाते हुए उनकी इंडिका कार में टक्कर मार दी जिससे पाँचो लोग घायल हो गये। जिन्हे प्राथमिक उपचार हेतु अस्पताल आष्टा भेजा गया।

पराजित प्रत्याशी की शिकायत पर आष्टा के 5 कांग्रेसियों को नोटिस

आष्टा 29 दिसम्बर (नि.सं.)। विधान सभा क्षेत्र से 10 हजार के करीब रिकार्ड मतो से पराजित कांग्रेस प्रत्याशी इंजीनियर गोपालसिंह द्वारा भीतर घात की शिकायत के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आष्टा के पूर्व विधायक अजीत सिंह वरिष्ठ नेता मिर्जा बशीर बेग, एच. आर. परमाल पूर्व पार्षद सुनील सेठी, सनव्वर खां को कारण बताओं नोटिस जारी किये है एवं नोटिस का जबाव एक सप्ताह में मंगा गया है। अब नोटिस आने के बाद नेता जबाव देने में जुट गये है।
खबर है कि 1-2 ने जबाव भेज भी दिया है फुरसत को भेजे गये जबाव प्राप्त होने का इंतजार है। परिणाम के दिन इंजीनियर गोपाल सिंह ने मतगणना स्थल पर फुरसत से चर्चा करते हुए आये परिणाम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि जनता का फैसला स्वीकार है पाटी के ही लोगों ने खिलाफ कार्य किया इसकी शीघ्र शिकायत करूंगा।
हम अपनी आपसी फुट के कारण ही हारे है हारने के बाद भी क्षेत्र के विकास के लिए जनता की समस्याओं को उठाने का कार्य करता रहूंगा।

युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की

सीहोर 29 दिसम्बर (नि.सं.)। बीती रात अम्बेडकर उद्यान गंज सीहोर निवासी एक युवक ने अज्ञात कारणों से अपने घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अम्बेडकर पार्क गंज निवासी 23 वर्षीय जितेन्द्र पुत्र राजेन्द्र बरकड़े ने अज्ञात कारणों के चलते बीती रात अपने मकान में फांसी लगाकर खुदकु शी कर ली। पुलिस ने शव को पोस्ट मार्टम हेतु भेज मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
गंज क्षेत्र में सुबह जैसे ही जितेन्द्र द्वारा फांसी लगाये जाने की खबर फैली वैसे ही चर्चाओं का बाजार सरगर्म हो गया। युवक मिलनसार और सामाजिक होने के कारण मोहल्ले में सबका प्रिय था। लेकिन उसके द्वारा आत्महत्या का निर्णय क्यों लिया गया यह बात किसी को भी समझ नहीं आ सकी।

मोहर्रम की शुरुआत हुई चौकी का जुलूस निकला

सीहोर 29 दिसम्बर (नि.सं.)। मोहर्रम की पहली तारीख पर चाँद दिखते ही सीहोर मुस्लिम समाज ने मोहर्रम का त्यौहार मनाया। पहले दिन आज छावनी में मोहम्मदी अखाड़े के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शामिल समाज के लोगों की उपस्थिति में चौकी धुलने का जुलूस निकला।
देर रात 9 बजे मुस्लिम त्यौहार कमेटी की अगुवाई व मोहम्मदी अखाड़े के नेतृत्व में बद्री महल चौराहे से उठे चौकी धुलाई के जुलूस में आज गंज तथा मछली बाजार से बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। जुलूस गाँधी मार्ग से नमक चौराहा होता हुआ महिला घांट सीवन नदी किनारे पहुँचा यहाँ से वापस रवाना हो जाता है।
आज जुलूस में मोहम्मदी अखाड़े के अलावा मासूम अखाड़ा मछली बाजार व आजाद अखाड़ा रानी मोहल्ला गंज भी शामिल थे। मोहम्मदी अखाड़े के अजीज चाचा, सिध्दिकी पहलवान, रईस लोहार, हनीफ, नईम राइन सहित मुस्लिम त्यौहार कमेटी के अध्यक्ष रिजवान पठान, उपाध्यक्ष मोहम्मद इरशाद, सचिव अन्नू मंसूरी, हाजी अतिकुर्रहमान, फारुक अंजुम, मोहसीन बेग, मो. हारुन, मो. कय्यूम, हनीफु रर्हमान, हाजी शरीफ भाई राईन,जफर नागौरी, कल्लू पहलवान, नौजवान त्यौहार कमेटी जाहिद खान, अजहर मंसूरी भी प्रमुख रुप से शामिल थे। आज निकले चौकी के जुलूस में दो डीजे भी शामिल थे। बड़ी संख्या में युवा वर्ग शामिल था। इस वर्ष समिति निर्णय लिया है कि वह मशालों का कम से कम उपयोग करेंगे। आज से नया वर्ष हीजरी 2930 भी लग गया है।
आज कस्बा में पीली मस्जिद से चौकी धुलाई का जुलूस पुख्ता मस्जिद से होता हुआ बजरिया पहुँचा यहाँ से सीधे कर्बला पहुँचा जहाँ चौकी धोई गई। कस्बा क्षेत्र में काफी संख्या में मुस्लिम वर्ग के युवा शामिल हुए।

मोहरर्म कमेटी काजीपुरा आष्टा का गठन

आष्टा 29 दिसम्बर (नि.प्र.)। जमात खाना काजीपुरा आष्टा में मोहर्रम का त्योहार मनाने हेतु एक मिटिंग हाजी अब्दुल मजीदखा पठान के सदारत में रखी गई। जिसमें सभी पदाधिकारियों का गठन इत्तेफाक राय से गठन किया गया। जिसमें सर्व सम्मति से सदर जाकिर पटेल व नाय िसदर शब्बन पठान किला व अंसारअली एवं सचिव श्री मतीन खा पठान एवं सह सचिव शेपू कुरेशी व खजांची शेख आरिफ पत्रकार व तारिक मेहमूद को चुना गया जिसमें सरपरस्त हाजी अब्दुल मजीदखा, हिफुजुर्रहमान भैया मियां, मुबारिकउददीन, पप्पू भाई सरपंच पदमसी, अनवार हुसैन साहब पार्षद हाली शेख शफी साहब शेख इमदाद, मुन्नेभाई, एम.पी. शेख सलीम घडी वाले अजीज भाई अंसारी पार्षद, मेहमूद हसन अंसारी नूर अंसारी गंज, बब्बन भाई नियाजी किला, मसूदखान, शेख लइक, शेख इरशाद, नोशाखा हम्माल, प्यारा चक्की, जमीर हुसेनी दादा, शन्नाभाई सरपंच गबू कुरेशी, सादिक कुरेशी, अनीस कुरेशी, खाजू कुरेशी, गुलाशाह, सलीम अंसारी, शहजादाशह भाई सेफ, अमीन अकरम पठान, पप्पू होटल, इरफानभाई कबाडी, इब्राहीम भाई राईन, इसरार मिर्जा, खालिद पठान, शेख रईस भाई, नेता शेख समर, शेख अतीक, उस्ताद सुक्कू लाईट, मो. हबीब प्रिंस, हनीफ, शेखलाल, रियाज हाफिज बब्बन, सा. ताशा सदर इममूशा व नन्नूशाह अययूब कुरेशी हलीम शाह आदि को चुना गया।

जल संकट से निपटने के लिये नगर पंचायत ने शुरू की तैयारी

जावर 29 दिसम्बर (नि.प्र.)। भविष्य में आने वाले जल संकट को देखते हुए नगर पंचायत ने अपनी तेयारी शुरू कर दी है। जल संकट से निपटने के लिए न.पा. ने 27 लाख 11 हजार 500 सौ रूप्ये की कार्य योजना बना कर जिला प्रशासन को भेज दी है। इस वर्ष हुई अल्प वर्षा का नगर के टयूबेलों व हैण्पम्प पर अभी से दिखाई देने लगा है नगर में पानी की कमी को देखते हुए नगर पंचायत ने अब नगर में दो दिन छोड़कर पानी देना शुरू कर दिया हे। नगर व आस-पास एक कोई जल नहीं है जिससे पानी लिया जा सकें नगर में फिलहाल टयूबेलों के जरिये ही पानी सप्लाई किया जा रहा है तो कुछ वार्डो के लोग हैण्डपम्पों से पानी की पूर्तिकर रहे है तो कई वार्डो के लोग निजी टयूबेलों से पानी ला रहे है नगर से एक कि.मी. की दूरी पर बना स्टापडेम खाली पड़ा है। नगर पंचायत ने उसके जल स्त्रोत बंद होने की स्थिति में निजी टयूबेलों का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। नगर पंचायत अधिकारी राहुल शर्मा ने बताया कि जो जिला प्रशासन को 27 लाख 11 हजार 5 सौ रूपये की कार्य योजना बनाकर भेजी है उक्त राशि परिवहन पर नही खर्च की जायेगी जिसमें डीजल मजदूर व आवश्यकता पड़ने पर टेक्ट्रर व टेकर भी किराये से लेना है इसके अलावा 27 लाख रूपये की कार्य योजना बनाकर नगरीय प्रशासन भोपाल को भी भेजी गई है। उक्त राशि में से दस नये टयूबेल बोर खनन करवाना, नये हैण्डपम्प लगवाना जो टयूबेल सुख गये है उन्हें ही बोर करवाना एक टेक्ट्रर टेंकर क्रय करना साथ ही बिजली नहीं रहने की स्थिति में जनरेटर इंजन भी क्रय करना शामिल है। आगे शर्मा ने बताया कि हमारी कोशिश रहेगी कि नगरवासियों को बराबर पानी उपलब्ध करवाया जाय इसमें उन लोगों का भी सहयोग लिया जायेगा जिनके बोरों में पानी है। पंचायत अध्यक्ष फूलसिंह मालवीय ने बताया भविष्य में आने वाले जल संकट को देखते हुए व उससे निपटने के लिए नगर पंचायत ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। इस बार भी जिन वार्डो में पाईप लाइन के जरिए पानी नहीं पहुंचेगा उन वार्डो में टेंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जायेगा।

जनादेश का हरण हुआ: उमाश्री

सीहोर 29 दिसम्बर (नि.सं.)। भारतीय जनशक्ति पार्टी का जिला सम्मेलन में यह उद्गार करते हुए भारतीय जनशक्ति पार्टी सुश्री राष्ट्रीय अध्यक्षा उमा भारतजी ने आज सीहोर जिला सम्मेलन में कही उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि मॉ सीता का हरण होने के बाद राम की सेना में जो मातमी थी वही आज जनशक्ति के कार्यकर्ता के चेहरे पर है आज हजारों कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में कही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित युवा नेता सन्नी महाजन, रमीला परमार, श्याम चोरसिया, कमलेश राठौर, बालकृष्ण नामदेव, कमलेश कुशवाह, द्वारकादास अग्रवाल, आदि लोगों ने सभा को सम्बोधित किया। सभा कस सफल संचालन पार्षद कमलेश राठौर ने किया और आभार व्यक्त सन्नी महाजन ने किया। मंच पर उपस्थित लोगों में प्रमुख रूप से हिरदेश राठौर, कमल प्रजापति, आशीष विश्वकर्मा, विनोद यादव, सेवा यादव, प्रदीप यादव, रामसिंह धनगर, शिव गुप्ता, प्यारेलाल पाटीदार। स्वागत करने वालों में मुख्य रूप से कमल प्रजापति, जहीर खान, अजहर मंसूरी, हरीश विश्वकर्मा, श्रीमती शुक्ला हरनाथ सिंह, तीरथ दांगी, घनश्याम मेवाड़ा, उत्तम सिंह चौहान रेहटी, रामचरण राठौर, लखन परमार, संतोष चौहान, सुरेन्द्र सिंह लोधी, चन्द्रशेखर नामदेव, गोकल प्रसाद छाया, मूलचन्द छाया, मनोज राठौर, रिंकू महाजन, विवेक राय, लखन कुशवाह आदि।

रातभर चलता रहा कवि सम्मेलन

सीहोर 29 दिसम्बर (नि.सं.)। हिन्दू उत्सव समिति द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने मुम्बई की आतंकी घटनाओं पर जमकर तीखे प्रहार किये। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद रात भर ये कवि सम्मेलन चलता रहा।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री रमेश सक्सेना, अध्यक्ष अम्बादत्त भारतीय, विशिष्ट अतिथि बेनी प्रसाद राठौर तथा हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष सतीश राठौर ने मॉ सरस्वती तथा मुम्बई की घटना में शहीद सैनिकों के चित्र पर माल्यार्पण करके किया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्री रमेश सक्सेना ने हिन्दू उत्सव समिति को बधाई दी कि उन्होंने सीहोर में शहीदों को समर्पित एक आयोजन रचा है। अम्बादत्त भारतीय ने सीहोर के स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र किया।
हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष सतीश राठौर ने अपने भाषण में हिन्दू उत्सव समिति की गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इससे पूर्व समिति के पंडित वासुदेव मिश्रा, शंकर प्रजापति, हरी पालीवाल, मोहन चौरसिया, डॉ. आर.सी. जैन, राजेश जायसवाल, दिलीप राठौर आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के प्रथम खण्ड का संचालन मीडिया प्रभारी प्रदीप समाधिया ने किया।
कवि सम्मेलन को मुम्बई में शहीद सैनिकों तथा भारतीय सेना को समर्पित किया गया था। कवि सम्मेलन का शुभारंभ प्रसिद्ध कवियित्री अनु शर्मा सपन ने सरस्वती वंदना से किया। इसके पश्चात मालवी कवि हजारीलाल हवालदार ने मालवी भाषा में अपनी ही शेली में चुटीली कविताएं पढ़ी। कवि जलाल मयकश ने पाकिस्तान तथा पाक समर्थकों पर अपनी कविताओं में तीखे प्रहार किये तथा कहा कि कश्मीर तेरे बाप की जागीर नहीं हे। सीहोर के कवि पंकज सुबीर ने आतंकवाद पर तीखे छंद पढ़े तथा गलत बयानी कर रहे नेताओं पर कहा शहादत पर प्रश्न जो उठाये ऐसे मंत्रियों की कुर्सियाें से छीन के उतार देना चाहिए। वही कवियित्री शबाना शबनम ने अपनी सुमधुर आवाज में श्रृंगार रस के कई गीत पढ़े। ओज के कवि मदन मोहन समर ने आतंकवाद पर ज्वलंत प्रश्न उठाय ओर समाधान के रूप में कहा एक डोर पर फॉसी टांगो अफजल और कसाब को मुम्बई के कवि अलबेला खत्री ने लाफटर शो के अपने कई आइटम प्रस्तुत किये अटल बिहारी वाजपेयी की शैली की उनकी कविता ये अच्छी बात नहीं है को खूब पसंद किया गया। गीतकार रमेश शर्मा ने एक आम सी लड़की तथा गांव की कहानी दो गीत पढ़े जिनको खूब पसंद किया गया। कवियित्री अनु शर्मा सपन ने कई मधुर गीत पढ़े जिन्दा रहना है तो जिंदगी से लड़ो आसमां से नही रोटियां आएगी को खूब पसंद किया गया। कार्यक्रम का सफलता पूर्वक संचालन कर रहे संदीप शर्मा हास्य कवि ने हास्य की अपनी ही विशिष्ठ शैली में काव्य पाठ करते हुए श्रोताओं को जमकर गुदगुदाया। हास्य कवि सोड नरसिंहपुरी ने राजनैतिक घटनाक्रम पर चुटीली रचनाऐं पढ़ी तथा कुछ दिनों पूर्व सम्पन्न हुए चुनावों पर छंद पढ़ा। ओज के शीर्ष कवि विनीत चौहान ने आतंकवाद पर कडे प्रहार किये। उन्होंने अफजल को फॉसी नहीं देने पर अपनी कविताओं में सरकार पर तीखे प्रहार किये। कड़कड़ाती ठंड के बाद भी स्थानीय बस स्टेण्ड पर सुबह चार बजे तक आसपास के क्षेत्रों से आये हजारों श्रोता कवि सम्मेलन को सुनते रहे। सुबह चार बजे कवि सम्मेलन का समापन हुआ। हिउस द्वारा आभार। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने पर समिति ने पुलिस प्रशासन, नगर पालिका, स्थानीय पत्रकार बंधुओं, श्रोताओं तथा अन्य सभी सहयोगियों को आभार व्यक्त किया है। समिति के अध्यक्ष सतीश राठौर ने कवि सम्मेलन की सफलता को सभी के सहयोग का फल बताते हुए कहा कि समिति हर वर्ष आयोजन करेगी।
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Monday, December 29, 2008

जब तक पेयजल समस्या हल नहीं तब तक सम्मान नहीं कराऊंगा-रमेश सक्सेना, अनौपचारिक पत्रकार वार्ता में कहा विधायक ने

सीहोर 28 दिसम्बर (नि.सं.)। शहर की गंभीर पेयजल संकट को देखते हुए क्षेत्र के नवनिर्वाचित विधायक रमेश सक्सेना ने कल कवि सम्मेलन के सार्वजनिक मंच पर और आज पत्रकारों को दिये गये सहभोज में भी घोषणा की कि शहर को जब तक पेयजल समस्या से छुटकारा नहीं दिला सकूंगा तब तक मैं कोई सम्मान या स्वागत स्वीकार नहीं करुंगा।
आज कुईयाश्री गार्डन में आयोजित सहभोज कार्यक्रम में विधायक श्री सक्सेना ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होने कहा कि इस बार चुनाव प्रचार में जिस जगह भी गया उसी गली-मोहल्ले में पेयजल की समस्या एक गंभीर मुद्दा बनकर मेरे सामने आया। पिछले पाँच वर्ष के कार्यकाल में मैने अपनी और से जितनी बन सकी कोशिश विधायक निधि के माध्यम से स्थान-स्थान पर बोर-नलकूप खनन कराकर उसके माध्यम से पानी उपलब्ध कराया। लेकिन इससे समाधान नहीं हो सका। अब जब मैं आभार व्यक्त करने भी निकल रहा हूँ तो यह समस्या महत्वपूर्ण रुप से फिर सामने आई है। उस समस्या के हल की मैं पूरी कोशिश करुंगा।
पत्रकारों से इस विषय पर उठाये गये प्रश्न पर विधायक श्री सक्सेना ने कहा कि शहर को पानी चाहिये और वो किस माध्यम से आयेगा यह काम देखना शासन का है। कोलार से अगर पानी आ सकता है तो कोलार से दिया जाये या नर्वदा मैया जब बैरागढ़ तक आ गई हैं तो उस माध्यम से भी अगर पानी आ सकता है तो दिया जाये। आपने कहा कि हमें पानी चाहिये और शासन कैसे उपलब्ध कराता है यह काम उन्हे देखना है।
एक अन्य सवाल के जबाव पर आपने कहा कि माननीय अटल जी का जो स्वप् नदी जोड़ो अभियान का था उस स्वप्न को भी इस तरह युवा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान साकार कर सकते हैं कि नर्वदा जी का पानी आष्टा के निकट पार्वती नदी में छुड़वाया जाये तो आष्टा से लेकर सीहोर जैसे बड़े दो शहरों के अलावा सैकड़ो गांव भरपूर जल से सम्पन्न हो जायेंगे। जहाँ आष्टा और सीहोर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान इस माध्यम से हो सकेगा वहीं क्षेत्र में कृषि को भी लाभ मिलेगा।
श्री सक्सेना ने कहा कि सीहोर में पार्वती योजना का बैरागर्क करने में नगर पालिका यादा जिम्मेदार रही है। पेयजल के लिये आये करोड़ो रुपयाें को दीगर जगह खर्च कर भारी भ्रष्टाचार कर लिया है। नहीं तो केन्द्र शासन से आई एक योजना में पार्वती पेयजल योजना के खारपा डाल पर एक स्टापडेम बनना था, टंकियों का निर्माण होना था, लेकिन यह नहीं हो सका। इसलिये नगर पालिका पर कोई विश्वास किया ही नहीं जा सकता। अब मैं स्वयं प्रयास कर रहा हूँ कि खारपा डाल पर एक बड़ा स्टापडेम बन जाये जिससे योजना के मूल स्थान पर पानी का यादा भंडारण बना रहे ताकि आगामी वर्षों में अपने स्तर पर पानी की समस्या से निजात पा सकें।
एक पत्रकार द्वारा पूछे जाने पर की इस बार चुनाव में भाजपा में भीतरघात करने वालों की क्या आपने शिकायत की है या आप शिकायत करने वाले हैं के जबाव में श्री सक्सेना ने कहा कि किनने काम किया और नहीं किया यह काम संगठन को देखना है। मैं शिकायतों पर विश्वास नहीं करता। ना ही मैं चाहता हूँ की वो पार्टी से बाहर हों। श्री सक्सेना ने मुस्कुराते हुए अपने अंदाज में कहा कि पार्टी में रहेंगे तो शांति से अपना समय निकालेंगे और बाहर निकालने के बाद तो वो और बाहर जाकर विरोध ही करेंगे। जो लोग भाजपा छोड़कर गये हैं वो तो पिछले चुनाव में भी मेरे साथ नहीं थे। उस चुनाव में भी उन्होने मेरा विरोध ही किया था। और उनके जाने या रहने का मुझे कोई लाभ हुआ ना ही कोई नुकसान। आज विधायक श्री सक्सेना ने सभी पत्रकारों का चुनाव में दिये गये सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा की जिस तरह का पत्रकारों का मुझे सहयोग बना रहा है वैसा ही सहयोग मुझे आगामी पाँच साल तक मिलता रहे और मार्गदर्शन भी देते रहें। सीहोर विधानसभा प्रभारी प्रकाश व्यास काका ने भी आज सभी का आभार व्यक्त किया।

समन्वित प्रयासों से टीकाकरण की लक्ष्यपूर्ति करें - कलेक्टर

सीहोर 28 दिसंबर (नि.सं.)। शासन की मंशा के अनुरूप जिले में बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के नियमित और गुणवत्तापूर्ण टीकाकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा ठोस पहल की जा रही है। जिले में विभिन्न विभागों के सहयोग से शत प्रतिशत टीकाकरण की लक्ष्यपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इस सिलसिले में बाल्य स्वास्थ्य पर जिला स्तरीय तीन दिवसीय कार्यशाला प्रारंभ हुई। जिसमें कलेक्टर डी.पी.आहूजा की मौजूदगी में प्रतिभागियों को टीकाकरण, पोषण तथा सुपर विजन की ट्रेनिंग दी गई। कार्यशाला में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरूण कुमार तोमर, डी.एफ. ओ. के.पी.बांगर, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल संभाग डॉ बी.एस.ओहरी, इम्यूनाइजेशन बेसिक्स लखनऊ डॉ.मनीष जैन, संभागीय टीकाकरण समन्वयक भोपाल संभाग डॉ. रत्ना मूले, स्टेट प्रोग्राम अधिकारी डॉ. राजन दुबे एवं जिले के सभी एस.डी.एम.,जनपद पंचायतों के सीईओ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
द क्रिसेन्ट रिसोर्ट क्लब सीहोर में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर डी.पी.आहूजा ने कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण के लिए वर्तमान व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय मानकों का पालन बहुत जरूरी है। नियमित टीकाकरण कार्यम का संचालन बेहतर तरीके से हो इसके लिए यह जरूरी है कि विभिन्न विभागों खासकर स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, जिला पंचायत, वन, शिक्षा और राजस्व, आदिम जाति कल्याण का समन्वय होना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कार्यशाला आयोजित की गई है।
कलेक्टर श्री आहूजा ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने भ्रमण के दौरान नियमित टीकाकरण कार्यम की समीक्षा करें ताकि इसकी शत प्रतिशत लक्ष्यपूर्ति हासिल की जा सके। उन्हाेंने कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से टीकाकरण के लिए जाने वाली कार्यवाही के संबंध में कार्यशाला में विस्तृत जानकारी दी जायगी ताकि जिला, खण्ड एवं सेक्टर स्तर पर अनुश्रवण की स्थिति को कारगर बनाया जा सके। उन्होने नियमित रूप से कोल्डचेन मेन्टेन करने, समय समय पर व्हेक्सीन और कोल्ड चेन उपकरणों का सुपरवीजन करने, लक्षित बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करने, आंगनबाड़ी के जरिए बच्चों को पौष्टिक आहार देने तथा जन जागरूकता लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कार्यशाला में डॉ.बी.एस.ओहरी ने स्वागत भाषण दिया। कार्यशाला में मौजूद प्रतिभागियों को विभिन्न स्तर पर सपोर्टिव सुपरवीजन के लिए चैक लिस्ट और सार्वभौमिक टीकाकरण के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया तथा आवश्यक प्रपत्र एवं जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.ए.एल.मरावी ने बताया कि टीकाकरण एवं बाल्य स्वास्थ्य के संबंध में आयोजित तीन दिवसीय इस कार्यशाला के दूसरे और तीसरे दिन एक-एक टीम जिले के प्रत्येक ब्लाक में अनुश्रवण के लिए भेजी जायगी और टीमों द्वारा एकत्र ब्यौरे की समीक्षा की जायगी।
कार्यशाला में एस.डी.एम. सीहोर चन्द्र शेखर वालिम्बे, एसडीएम आष्टा श्रीमती जी.व्ही.रश्मि, एसडीएम बुधनी चन्द्रमोहन मिश्रा, एसडीएम इछावर रवि शंकर पटले, एसडीएम नसरूल्लागंज एस.के.उपाध्याय, सिविल सर्जन डॉ.टी. एन. चतुर्वेदी सहित सभी ब्लाक मेडिकल ऑफीसर्स, महिला बाल विकास अधिकारी एवं बाल विकास परियोजनाओं के समस्त सी.डी.पी.ओ.,जिला शिक्षा अधिकारी सहित सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, आयुष चिकित्सक, वन एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।

Sunday, December 28, 2008

भूसे को बाहर ले जाने पर लगे रोक

जावर, 26 दिसम्बर (नि.प्र.) इस वर्ष हुई अल्प वर्षा का असर चौतरफा दिखाई देने लगा है नगर सहित गांवों में अल्प वर्षा के कारण अभी से जल संकट दिखाई देने लगा है वही कम बारिश होने के कारण क्षेत्र में गेहूं की बोवनी काफी कम क्षेत्र में हुई है। जहां कई पहले किसानों ने गेहूं की बुआई भी कर दी थी तो अब उस फसल को पानी नहीं मिल रहा है।

      ऐसी स्थिति में इस वर्ष गेहूं का भूसा कम होने की आशंका से क्षेत्र का पशुपालक किसान अभी से चिंतित दिखाई देने लगा है। हालांकि जिले में भूसे की कही कोई कमी नहीं है लेकिन प्रतिदिन क्षेत्र व जिले की सीमा से बाहर के लोग आकर भूसा खरीद कर ले जा रहे हे जिस कारण भूसा मंहगा किने लगा है क्षेत्र के पुशपालकों ने जिलाधीश से जिले से बाहर भूसा ले जाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

      पशु पालक राधेश्याम पाटीदार ने बताया कि इस वर्ष अल्प वर्षा के कारण काफी कम क्षेत्र में ही गेहूं की बुबाई हुई है ऐसी स्थिति में आने वाले समय में भूसे का संकट आना स्वाभाविक है।

      भाटीखेड़ा के अनिल मालवीय ने बताया कि क्षेत्र में अभी भूसे की कोई कमी नहीं है लेकिन अन्य जिलों से प्रतिदिन लोग आकर क्षेत्र से अधिक कीमत पर भूसा खरीद कर ले जा रहे है जिस कारण स्थानीय पशुपालकों को महंगा भूसा (बगदा) खरीदना पड़ रहा है।

      दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के अध्यक्ष रमेश पाटीदार का कहना है कि जिस तरह जिलाधीश ने जिले को जल अभाव ग्रस्त घोषित किया है ठीक उसी तरह से जिले की सीमा से बाहर खरीद कर ले जा रहे भूसे पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए। जिले की सीमा से बाहर भूसा ले जाने पर क्षेत्र के किसानों ने प्रतिबंध लगाने की मांग की है। मांग करने वालों में कमलसिंह, राजेन्द्र सिंह, फूलसिंह, विक्रमसिंह, खुमानसिंह, करण सिंह, धीरजसिंह, जसपाल सिंह, दयाराम, मान सिंह आदि। 

प्रशासनिक फेरबदल की अटकलें तेज

      सीहोर 27 दिसम्बर (नि.सं.)। मध्य प्रदेश शासन के चुनाव होने के साथ ही अब सीहोर की प्रशासनिक फेरबदल की अटकलें बहुत तेजी के साथ शुरु हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी नई पारी की शुरुआत करते हुए पहले ही दिन से प्रशासनिक कसावट के संकेत दे दिये थे। इन्दौर में पड़े बैंक डाके के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा था कि सिर्फ रिजल्ट की बात कीजिये। इसी क्रम में मुख्यमंत्री जी जब सीहोर जिले में यात्रा हुई तब भी उन्होने स्पष्ट संकेत दे दिये थे कि यहाँ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होगा। जिसमें कुछ अधिकारियों को जिले से बाहर जाने के संकेत हैं।

      मुख्यमंत्री जब बांद्राभान आये थे तब हेलीपेड उनकी एक प्रशासनिक अधिकारी क्या बातचीत हुई इसको लेकर चर्चाएं सरगर्म हैं। चुनाव के दौरान जिस तरह से प्रशासन काम कर रहा था और विशेषकर सीहोर विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन का रुख एकदल बदला हुआ था और काफी हरकतें पुलिस विभाग ने भी की थी उससे लग रहा था कि निश्चित ही यदि भाजपा शासन फिर सत्ता में आया तो यहाँ बड़ा फेरबदल होगा। बहुत बड़ी संख्या में इस बार जहाँ जिला बदर की कार्यवाही हुई वहीं कई नामचीन लोगों को पुलिस ने भी चुनाव के दौरान उठवाया था।

      इधर भाजपा शासन वापस सत्ता में आते ही सबसे पहले जिला मुख्यालय पर प्रशासन की आंख-नाक एसडीएम को सीधे बुदनी नसरुल्लागंज भेज दिया गया है। एसडीएम श्री मिश्रा काफी चर्चाओं में थे और चुनाव के दौरान ही उनसे भाजपाई खफा-खफा थे।

      उधर जब मुख्यमंत्री बांद्राभान पहुँचे तो वहाँ उन्होने प्रशासनिक अधिकारियों से अपने अलग ही तेवर में बातचीत करते हुए स्पष्ट कर दिया कि यहाँ परिवर्तन होगा।

      स्थानान्तरण होने के यह संकेत सर्वाधिक चर्चाओं में बने हुए हैं। साथ ही पुलिस प्रशासन में काफी हलचल मची हुई है। जिला प्रशासन भी यह मानकर चल रहा है कि आगामी दिनों में जो भी स्थानान्तरण की सूचियाँ जारी होंगी उनमें सीहोर के नाम भी प्रमुखता से शामिल रहेंगे।

      भाजपा का पिछला शासन जहाँ प्रशासनिक ढील के कारण आम कार्यकर्ताओं व जनता के  लिये परेशानी का कारण बना हुआ था वहीं अब मुख्यमंत्री के तेवरों से यह संकेत दिख रहे हैं कि कुछ कसावट सामने आयेगी। देखते हैं क्या  होता है।