Saturday, October 25, 2008

गौमाता के श्रृंगार की दुकानें लगी, दीपावली का बाजार भराया

सीहोर। पारम्परिक रुप से किसानों द्वारा पशुओं के श्रृंगार का सामान दीपावली पर खरीदा जाता है और दीपावली पर उनकी भी पूजा अर्चना कर उनका श्रृंगार किया जाता है। मोर पंख से लेकर विभिन्न सजावटी सामान और गौमाता का रंग बेचने वालों की अनेक दुकाने लग चुकी हैं।