Tuesday, August 26, 2008

रात्री गश्त के नाम पर राज्यमार्ग पर होती है रस्मी अदायगी

आष्टा 25 अगस्त (सुशील संचेती)। कहने को एवं थानों में रिकार्ड में तो प्रत्येक थाना क्षेत्र में पुलिस निश्चित सयम पर रात्रि गश्त के लिए रवाना होती है एवं निश्चित समय पर उनकी वापसी भी होती है लेकिन वास्तव में अगर देखा जाये तो खास-कर इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर आष्टा, जावर अमलाहा चौकी की पुलिस जिसके जिम्मे गश्त का कार्य इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर गश्त की भी बड़ी जिम्मेदारी होती है लेकिन अक्सर इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर जो गशती दल निकलता है वो गश्त के नाम पर गश्त कम और रस्म अदायगी अधिक करता है इस रोड पर अधिकांश ढाबे स्थित है उक्त गश्ती दल के पुलिस कर्मियों का रात्री में इन ढाबों पर मौज-मस्ती आराम करते देखा जाता है कई पुलिस वाले तो इस रोड के ढाबों के मालिकों को तरह-तरह से परेशान करे उन्हें डरा धमकाकर उनका शोषण तक करते है। रात्री गश्त पर आने वाले इन पुलिस वालों को ढाबे के मालिको को पूरी रात सेवा करना पडती है सेवा के नाम पर ये ढाबों पर चाय नाश्ता, भोजन लेते है। आराम करते है और कई-कई ढाबों वालों से जो रात के अंधेरे काला काम करते हे उन्हें एक निश्चित सेवा के बदले ये पुलिस वाले इनका काम करने वाले ढाबों को अपना आशीर्वाद भी प्रदान करते है। नवागत एस.डी.ओ.पी. ओंकार सिंह कलेश को अभी तक जो कुछ हो रहा था उसे देखना होगा एवं रात्री गश्त व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाना होगा तभी इस रोड पर लूट-ट्रक कटिंग, चौरी व अन्य अवेध कार्य रुक पायेगा।



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