Friday, September 26, 2008

कर्जे से परेशान नवयुवक ने फांसी लगाई

सीहोर 25 सितम्बर (नि.सं.)। शकर कारखाना चौराहे पर कल एक युवक ने अपने घर में फांसी के फंदे पर झूल कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। आज सुबह उसका शव म्याल पर लटका हुआ मिला। 32 वर्षीय इस युवक ने कर्जे और लेनदारों से परेशान होकर आत्महत्या की है।
सूत्रों के अनुसार कारखाना मार्ग पर धर्मकांटा के पीछे रहने वाले धीरेन्द्र गंगराड़े उम्र 32 वर्ष जो स्थानीय टाटा इंडीकाम कार्यालय में कार्यरत था। इसने विगत कुछ दिनो से अत्याधिक कर्जा ले लिया था। सीहोर में कर्जा जिस प्रकार बहुत अधिक ब्याज दर पर लोग दे देते हैं उसी में यह भी उलझ गया था।
एक का कर्जा चुकाने के लिये दूसरे से कर्जा लेने का इसने क्रम शुरु किया तो फिर इसका कर्जा बढ़ने लगा। लाख रुपये से यादा का कर्जा हो जाने तथा बार-बार परेशान किये जाने से तंग आकर अंतत: इसने आत्महत्या का मन बनाया और जब घर में पत्नि नहीं थी मायके गई हुई थी।
तब इसने अपने कमरे की म्याल पर देर रात खुद को फांसी लगा ली। इस दौरान माता-पिता दूसरे कमरे में सोये रहे। आज सुबह उठे तो इसका लटका हुआ शव मिला।
कोतवाली पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन लोगों का पता लगाने में जुट गई है जिनके दबाव और ब्याज की दादागिरी के चलते धीरेन्द्र ने आत्महत्या करने जैसा कदम उठाया है। पुलिस को सूदखोरों के खिलाफ एक बड़े अभियान चलाने की आवश्यकता है।