Friday, September 26, 2008

वो भाजपा की बस ही नहीं भर सके...

सीहोर 25 सितम्बर (नि.सं.)। भोपाल में जहाँ भाजपा ने जम्बूरी मैदान भरकर इतिहास रच दिया वहीं सीहोर से इसमें योगदान के नाम पर कुछ भी नहीं नजर आया है। यहाँ भाजपा संगठन द्वारा वाहनों की व्यापक व्यवस्थाएं की गई थी ताकि जाने वालों को ले जाया जा सके और लाया जा सके लेकिन आज नगरीय क्षेत्र में ऐसे वाहनों के काफिले कहीं नजर नहीं आये। सीहोर से कहाँ? कितने ? किसके ? वाहन गये किस क्षेत्र गये ? यह बात भी पता नहीं चल सकी.... लेकिन जो भी वाहन यहाँ से जाते हुए नजर आये वह कुछ खाली-खाली दिखे।
हुआ यह कि नगर में हर एक क्षेत्र के प्रभावी भाजपा पदाधिकारी को वाहन भरने का कार्य सौंपा गया था। इसमें अधिकांश लोग विधायक जी के समर्थक ही थे। और व्यवस्थाओं का आलम यह था कि एक-एक जाने वाले के लिये बकायदा उसके नाम की पर्ची और गले में टांगने के लिये परिचय पत्र तक थे। रही बात भोजन और नाश्ते की तो इसकी भी कोई कमी नहीं थी। सारे ताम-झाम मौजूद थे। लेकिन लोग तब हतप्रभ रह गये जब यहाँ देखा कि 50-60 लोगों की सामान्य क्षमता वाली बसों में मात्र 15 लोग भराकर रवाना हो गये। अब चूंकि बसें खाली थी इसलिये यादा हुड़दंग बाजी भी नहीं की गई और चुपचाप यहाँ से खाली बसें भोपाल की और रवाना हो गई....।
अब भाजपा के ही नहीं कांग्रेस के गलियारों में भी आज दिनभर जहाँ भोपाल में जम्बूरी मैदान भरा जाने की बातें सरगर्म थीं वहीं सीहोर से गये खाली वाहन भी चर्चाओं में बने हुए थे। एक नेताजी का नाम ले-लेकर नगर में लोगों ने खूब मजे लिये कि लो वो एक वाहन भी नहीं भरा सके।