Friday, June 13, 2008

नई किस्म के लुटेरे सक्रिय

आष्टा 12 जून (नि.सं.)। कुछ दिनों से आष्टा नगर में नई किस्म के अज्ञात लुटेरे सक्रिय हैं लगभग 1 माह पूर्व मोटर साईकिल पर सवार होकर आने वाले इन अज्ञात लुटेरों ने कन्नौद रोड पर एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया था। कल आष्टा के एक बुजुर्ग श्री मोतीलाल टेलर को इन अज्ञात मोटर साईकिल पर सवार होकर आये तीन लुटेरों ने अपना शिकार बनाया इन तीनों ने श्री टेलर को बातों में उलझाकर पलक झपकते ही उनकी जेब में रखा पर्स जिसमें लगभग 15 सौ से 17 सौ रुपये थे लूटकर ले गये हैं। पूर्व में जब इन लुटेरों का शिकार एक किसान हुआ था तब पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया था कि ऐसा नहीं हुआ है।
खबर है कि उस वक्त उक्त पीड़ित किसान थाने पहुँचा था आज इन लुटेरों के शिकार हुए नगर के टेलर श्री मोतीलाल जी के पुत्र रतन टेलर ने फुरसत को बताया कि आज लगभग 12 से 1 बजे के बीच दादा घर से कुछ सामान लेने निकले थे और वे नरेश ताम्रकार की बर्तन की दुकान बुधवारा के पास पहुँचे तभी उनके पास एक मोटर साईकिल आकर रुकी जिस पर तीन लड़के सवार थे इसमें से 2 नीचे उतरे और दादा के पास आकर उनका कुर्ता देखने लगे और पूछा इसका कपड़ा कहाँ से लिया। क्या भाव लिया इन दोनो में से एक ने उन्हे बातों में उलझा रखा दूसरे ने मौका पाकर जेब में रखा पर्स मार दिया और थोड़ी देर बाद ये तीनों रफूचक्कर हो गये दादा जो कि सामान लेने घर से निकले थे दुकान पर सामान लेने पहुँचे जब जेब में से रुपये देने के लिये पर्स देखा तो नहीें पाया वो पहले तो समझे घर भूल आये होंगे घर पहुँचे परिजनों से पूछा तो बताया पर्स तो जेब में ही था। तब उन्हे एहसास हुआ कि जो मोटर साईकिल पर आये थे वो पर्स ले भागे हैं। इसकी रिपोर्ट टेलर ने अभी पुलिस को नहीं की है।
बताते हैं कि इसी प्रकार आष्टा के एक व्यक्ति को कुछ माह पूर्व सीहोर में भी झांसा देकर कुछ युवक रुपये ले भागे थे। आष्टा में ऐसा नहीं है कि यह पहली दूसरी घटना है ऐसी घटना और भी हो चुकी है लेकिन वो पुलिस तक नहीं पहुँची है। अब पुलिस को ऐसे अज्ञात मोटर साईकिल पर आने जाने वाले ऐसे लुटेरों की खोज में लगना होगा।
वहीं आष्टा एवं ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को सचेत होने की भी आवश्यकता है कि कभी भी ऐसे युवक आयें और झांस देने का प्रयास करें तो उन्हे अन्यों के सहयोग से शंका होने पर पकड़ायें नागरिकों की जागरुकता नहीं होने के कारण ऐसे तत्व हरकत कर भाग जाते हैं वहीं पुलिस को भी सचेत और सक्रिय रहने की आवश्यकता है। आखिर ऐसे ये कौन से तत्व हैं कहाँ के हैं कहीं ये तत्व स्थानीय ही तो नहीं है या फिर बाहर से आकर यहाँ ऐसे वारदात कर भाग जाते हैं यह सब पुलिस को देखना होगा एवं पुलिस को नागरिकों को भी सहयोग देना होगा तभी ऐसे तत्व पकड़ाये जा सकेंगे।