Friday, November 14, 2008

27 नवम्बर को मतदान केन्द्रों पर बम विस्फोट की है योजना

आष्टा एस.डी.एम. एस.डी.ओपी को आतंकवादी संगठन की और से पत्र मिला, पत्र प्रेषक भी पुलिस की नजर में

 

      आष्टा 13 नवम्बर (नि.प्र.) म.प्र. में 27 नवम्बर को विधानसभा के होने वाले चुनाव में म.प्र. के प्रत्येक पोलिंग बूथ पर गोला-बारूद और बम बिस्फोट करने के लिए दो लाख पचार हजार दिये थे लेकिन मेरे साथियों ने मेरे साथ दगाबाजी की मुझे एक पैसा भी नहीं दिया इसलिए मैं इनका भाण्डा फोडना चाहता हूं। मैं एक आतंकवादी संगठन का कार्यकता हूं यह सब कुछ लिखा है उस पत्र में जो कल आष्टा अनुविभागीय अधिकारी एवं एस.ओ.डी.पी आष्टा को डाक द्वारा भेजा गया है।

      उक्त पत्र के मिलते ही प्रशासन में हडकम्प मचा हुआ है पत्र में लिखा हे कि मैं इसका प्रमुख कार्यकर्ता भेरूलाल पिता मुंशीजी जाति बलाई हरिजन जो एक आदमी का मडर करके आन्द्य्रप्रदेश भाग गया था सात-आठ साल पहले। जो अब आकर आष्टा में रहता है और हिन्दू से मुसलमान बन गया है नाम मौलाना बिलाऊल खां रख लिया है पत्र में यह भी लिखा है कि महाराष्ट्र मालेगांव में और गुजरात-गांधीनगर और सूरत शहर में जो बम विस्फोट हुवे इनमें उसी का हाथ है इंदौर में पकड़े गए श्याम साहू और प्रज्ञा ठाकुर हमारे ही साथी है जामिया ईस्लामिया दिल्ली पत्र में चार संगठनों के नाम भी लिखे है उक्त पत्र डाक से भेजा गया है भेज गये लिफाफे पर सील आष्टा डाकघर की लगी हुई है दो महिलाओं का भी नाम है। ये सभी पते आष्टा तहसील के ग्राम खड़ी के हनुमान मंदिर मोहल्ले के रहवासी बताये है जिन 16 लोगों के नाम लिखे हैं ये सभी हिन्दू है और अनुसूचित जाति के है बलाई और चमार उक्त पत्र को लिखने की तारीख 3.11. 08 लिखी है उक्त पत्र के बारे में आज एस.डी. ओ.पी. ओंकरसिंह क्लेश से जब चर्चा की तो उन्होंने बताया कि ऐसा एक पत्र मुझे एवं एस.डी.एम. आष्टा को मिला है तथा पत्र को गंभीरता से लेते हुए जांच की जा रही है।

      आष्टा जावर टी.आई भी उक्त पत्र को लेकर जांच कर रहे है लेकिन उक्त पत्र में जिस प्रमुख व्यक्ति का तथा अन्य लोगों के नाम लिखे है उसमें से मौलाना बिलाऊल के बारे में खोजबीन की तो वो आष्टा में मिल गया है और उससे पूछताछ के बाद ऐसा कही से नहीं लग रहा है की यह किसी आतंकवादी संगठन की और से उसके किसी कार्यकर्ता ने लिखा हो जिस व्यक्ति का नाम प्रमुख लिखा है इसके बारे में जो जानकारी प्राप्त की उसके अनुसार ग्राम खड़ी में 8-10 साल पहले एक मार्डर हुआ था जिसमें यह हाईकोई से बरी हुआ था तथा उसके बाद इसे टी.वी. की बीमारी हो गई थी उस वक्त किसी ने इसे कुछ पढ़ने के लिए बताया था कि पढ़ने से तेरी टी.वी. की बीमारी दूर हो जायेगी और ऐसा हुआ भी बस तभी से इसने हिन्दूधर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपना लिया और अपना नाम भेरूलाल से बदलकर मौलाना बिलाऊल खां रख लिया यह यहां पर 4 वर्ष से रहा है पहले अलीपुर में रहता था अब लंगापुरा में रह रहा है।

      पुलिस ने आज इससे पूछताछ की तो सूत्र बताते है कि जिस व्यक्ति ने उक्त पत्र भेजा है जिसमें 26 लोगों के नाम लिखे हैं वो इसी बिलाऊल के परिवार के सदस्य रिश्तेदार हैं जो खड़ी में रहता है ऐसी जानकारी मिली है कि 2 माह पूर्व बिलाऊल के भाई सजन सिंह से ग्राम के गंगाराम से झगड़ा हुआ था तब सजन ने बिलाऊल को खबर की थी तब इसने कहा था आपस में मिल बैठकर बात कर लो लड़ो मत। पत्र के पीछे ऐसा लगता है कि किसी ने बिलाऊल के परिवार को फंसाने के लिए पत्र लिखा है। बिलाऊल कुछ दिनों पूर्व आष्टा से जो जमात गई थी उसमें 40 दिन जमात में होकर भी आया है जमात में वो भोपाल-दिल्ली, लखनऊ व अन्य स्थानों पर भी गया था पत्र में जो भाषा लिख है उसे देखकर लगता है जिसने लिखा है वो पढ़ा-लिखा है वो अंग्रेजी भी जनता है क्योंकि पत्र की पूरी भाषा हिन्दी में है तथा तारिक अंग्रेजी में लिखा है पत्र लिखने वाले की हिन्दी कमजोर है ऐसा पत्र पढ़ने के बाद लगा है।