Wednesday, July 30, 2008

खग्रास सूर्यग्रहण का भारत पर प्रभाव

शुभ श्रावण मास कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथी पर प्रतिपदायाम तिथों शुक्रवार पुष्य नक्षत्र पर अशेषा नक्षत्र दिनाँक 1 अगस्त 2008 समय खग्रास सूर्य ग्रहण का दर्शन भारत में होगा यह ग्रहण भूमण्डल पर दिखाई देगा।
इस ग्रहण का खग्रास दर्शन कनेडा, ग्रीन लैण्ड, साईबेरिया, मंगोलिया, चीन में दिखलाई देगा। खण्डग्रास स्थिति केनेडा, ग्रीनलैण्ड तथा यूरोप में दिखलाई देगा। भारत यह ग्रहण खण्डग्रास रुप में दिखाई देगा।
भूमण्डल पर ग्रहण प्रारंभ दोपहर 1.34 पर, भूमण्डल पर खग्रास प्रारंभ दोपहर 2.51 पर, ग्रहण मध्य 3.51 पर और खग्रास समाप्ति 4.51 पर तथा ग्रहण समाप्ति 6 बजे होगा।
सूर्य ग्रहण का भोपाल में समय रहेगा। ग्रहण स्पर्श 4.16 बजे, ग्रहण मोक्ष 6 बजकर 2 मिनिट पर इस प्रकार कुल ग्रहण पर्व काल 1 घटा 36 मिनिट रहेगा।
ग्रहण पुण्यकाल- ग्रहण स्पर्श से ग्रहण मोक्ष सुधी तक ग्रहण का पुण्यकाल है।
ग्रहण वेघ- ग्रहण का वेध ग्रहण का प्रारंभ शुक्रवार को चौथे प्रहर में प्रारंभ होगा। शुक्रवार 1 अगस्त 2008 को प्रात: 3 बजकर 45 मिनिट से ग्रहण का वेध शुरु हो जायेगा। बालक रोगी, व्यक्ति मध्यान्ह तक ग्रहण वेध के दोष का पालन कर सकते हैं। ग्रहण वेध में भोजन वर्जनीय है।
ग्रहण राशि फल- वृषभ, कन्या, तुला, कुंभ राशि वालों का ग्रहण का फल शुभ रहेगा। रुके हुए सब काम बन जायेंगे। मित्रों से लाभ, वाहन सुख तथा मकान व दुकानों का लाभ, मुकदमों में विजय होगी। राजनीतिज्ञों से लाभ होगा।
मिथुन, वृश्चिक, मकर, मीन राशि वालों को शुभ तथा हानि दोनो का ही फल होगा। राष्ट्रों को विवाद होंगे। मुकदमे बाजी होगी, पुराने विवादों में समझौता होगा। धन का लाभ होगा। भविष्य के लिये योजनाएं बनेगी।
मेष कर्क सिंह धनु वालों को सावधानी से समय निकालना होगा। झूठे लांछन लगेंगे।
पं.रामप्रसाद ब्रजवासी
ज्‍योतिष शिरोमणि, सीहोर


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