Monday, March 10, 2008

वार्ता के पत्रकार को सरेआम पुलिस ने डंडे से मारा, दुकान तोड़ दी

सीहोर। दो दिन पूर्व मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री का जन्‍मदिन मनाते समय सीहोर जिले के कलेक्‍टर और एक सांसद के बीच हुए विवाद को वार्ता (यूएनआई) के वरिष्‍ठ पत्रकार ने जारी किया था। जिसमें कलेक्‍टर और भाजपा सांसद के बीच हुए घटनाक्रम का विस्‍तार से उल्‍लेख था । कलेक्‍टर के साथ हुई झूमाझटकी की जानकारी भी समाचार में थी। इस समाचार से पूरा जिला प्रशासन सीहोर नाराज था। आनन-फानन में वार्ता के पत्रकार रामनारायण ताम्रकार को उनके मकान और एक दुकान के संबंधित नोटिस जारी किया गया था कि आपका निर्माण नगर पालिका के नियमों के तहत नहीं है। 6 मार्च शिवरात्री के तीसरे दिन छपे समाचारों के बाद शनिवार 8 मार्च को पत्रकार को नोटिस मिले और आज 10 मार्च को अचानक पत्रकार की प्रसिद्ध दुकान को जिला प्रशासन के एसडीएम और नगर पालिका अमले ने पहुंचकर पूरा तोड़ दिया। यह दुकान नगर के प्रसिद्ध दुकान थी। पत्रकार ने जब इसका विरोध किया तो उसको बीच सड़क पर पुलिस ने लाठियों ने मारा, उसके बेटे की पीठ मार मारकर लाल कर दी। कुल घर के 4 सदस्‍यों को घायल कर दिया, समाज के अन्‍य लोग जो बचाने पहुंचे उन्‍हे भी पुलिस ने मारा। वार्ता एजेंसी क्‍या करती है देखते हैं। आज सोमवार को सुबह से नगर पालिका अमला प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम के साथ पहुंचा और उसने नई जनरल स्‍टोर की दुकान पर जेसीबी चला दी। सामान तक नहीं हटाने दिया गया। कांच और महंगे फर्नीचर की दुकान को जेसीबी ने तहस नहस कर दिया इसका विरोध करने पर पत्रकार पर पुलिस ने सरेआम डंडे बरसाये जिन लोगों ने बचाव का प्रयास किया उनकी पीठ भी लाल कर दी गई। चार लोगों की पीठ लाल हो गई, पूरे सीहोर जिले व नगर के लोग घटना से स्‍तब्‍ध हैं। घायलों को भोपाल हमीदिया रिफर किया गया है।