Thursday, February 28, 2008

सीहोर में कालबेलिया चड्डी बनियान धारी गिरोह को तिहरा आजीवन कारावास, 95 हजार अर्थदण्ड

आष्टा 27 फरवरी (फुरसत)। न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट टे्रक कोर्ट आष्टा राजेश श्रीवास्तव द्वारा धारा 395 सहपठित धारा 397 एवं धारा 395 एवं धारा 396 भादसं के अंतर्गत सत्र प्र. क्र. 4305 एवं 4405 शासन विरूद्व धर्मेन्द्र आदि में आरोपीगण धर्मेन्द्र आ. हीरा नाथ, गुड्डू नाथ आ. बैजनाथ, सुक्कू नाथ आ. हीरा नाथ नि. ग्राम खामला पाड़ा थाना पेटलावद जिला झाबूआ एंव फून्दानाथ आ. अमरनाथ, भंवर नाथ आ. पन्ना लाल नाथनि. ग्राम रामगढ़ जिला झाबूआ, पीरूनाथ आ. नाहर जी नि. छायन जिला धार, सूरजनाथ आ. रतनलाल नि. बड़नगर जिला उौन तथा निकटस्थ ग्राम अरनिया कला थाना अवंतीपुर बड़ोदिया, जि. शाजापुर में आरोपी, पदमनाथ पुत्र पन्नानाथ को प्रत्येक धाराओं में प्रथक-प्रथक आजीवन कारावास एवं क्रमश: 10,000-रुपये, 25000- रुपये, 10,000-रुपये, इस प्रकार प्रत्येक आरोपी को नब्बे हजार रुपये अर्थदण्ड से एवं सत्र प्र. क्र. 4605 में उक्त सभी आरोपीगण को 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रूपये के अर्थदंड से धारा 395 सहपठित धारा 397 भादसं. के अंतर्गत दण्डित किये जाने का निर्णय पारित किया ।
विदित हो कि वर्ष 2004 में चड्डी बनियान धारी गिरोह के नाम से कुख्यात डकैतो द्वारा आष्टा तहसील सहित म.प्र. एवं अन्य राज्यों में हत्या सहित डकैती की कई घटनाएें अंजाम दी थी । जिससे क्षैत्र में आंतक का माहौल बन गया था । उक्त आरोपीगण ने दिनों 11.05.04 को रात्रि लगभग 9 बजे अन्य दो आरोपीयों के साथ आष्टा के निकट ग्राम डाबरी में देवीप्रसाद के टप्पर पर लाठियों से लेस होकर फरियादी कैलाशसिंह नि. डाबरी जो वहां सो रहा था के साथ मारपीट कर डकैती की और और उसके 600 रुपये व हाथ की घड़ी छीनकर उसके कपड़े फाड़कर उन्हीं कपड़ों से बांध कर भाग गये । जिसे दूसरे दिन सुबह भांजे देवीप्रसाद ने खोला तब कैलाश की रिपोर्ट पर थाना आष्टा में अप. क्र. 28105 पंजीबद्ध हुआ तथा मान. न्यायालय द्वारा इस अपराध के सत्र प्र.क्र . 4805 में उपर्युक्त 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदण्ड से सभी आरोपीगण को दण्डित किया ।
दूसरी घटना में दि. 12.05.04 की रात्रि लगभग 1 बजे उक्त आरोपीगण ने फरियादी मोहनसिंह मेवाड़ा नि. मालीपुरा के खेत स्थित चाचरसी जोड़ के पास बने मकान पर डकै ती हेतू धावा बोलकर उसके परिवार में उसकी मां लीलाबाई एवं पत्नी ममता बाई के सोने चांदी के जेवर छीने उसे भी बिजली के तार एवं साड़ी के टुकड़ें से बांध दिया व मकान के बाहर सोये उसके पिता अनारसिंह को बांध कर पलंग पर हत्या कारित की व मामा मेहरबान सिंह को भी बांध कर मारपीट की तथा भाई अजाबसिंह को भी बांधकर पैसे छीने जिसकी रिपोर्ट फरियादी मोहनसिंह द्वारा थाना आष्टा में किये जाने पर अप. क्र. 2805 थाना आष्टा में पंजीबद्ध हुआ इस अपराध के सत्र प्र.क्र. 4305 में सभी आरोपीगण को तिहरा आजीवन कारावास एवं 45 हजार रुपये अर्थदंड से मा. न्यायालय द्वारा दण्डित किया गया । तीसरी घटना दिनांक 28.05.04 को रात्रि लगभग 1 बजे ग्राम कुमड़ावदा जोड़ के पास धरमसिंह खाती के कुएं पर बने मकान पर जहां बाहर मेहरबानसिंह, उमाशंकर एवं धरमसिंह सोये थे तथा फरियादीया प्रेमलता बाई एवं सास मोतन बाई बच्चों के साथ मकान के अंदर सोई थी आरोपीगण लकड़ियों से लैस होकर डकैती हेतू आये तो फरियादी प्रेमलता बाई एवं सास मोतन बाई के चांदी के जेवर डरा धमका कर एवं मारपीट कर छीन लिया व बाहर सोये धरमसिंह एवं उमाशंकर के हाथ पैर बांध दिये व मारपीट की तथा नरबतसिंह की हत्या कर दी । जिसकी रिपोर्ट प्रेमलता बाई द्वारा देहाती नालासी के रूप में पुलिस आष्टा को दी जिस पर थाना आष्टा ने अप. क्र. 31905 पंजीबद्ध हुआ । इस अपराध क्र.सत्र प्र. क्र. 4405 में सभी आरोपीगण को तिहरा आजीवन कारावास एवं 45,000 रुपये अर्थदण्ड से मा. न्यायालय द्वारा दण्डित किया गया ।