Monday, July 28, 2008

महिला बनी पुरुष और खेत में हल चलाए

आष्टा 27 जुलाई (सुशील संचेती)। रुठे इन्द्र देवता को मनाने के लिये पूरे क्षेत्र में कई तरह के टोने-टोटके, धार्मिक कार्यक्रम, गांव बाहर भोजन बनाना आदि कार्यक्रम ग्राम-ग्राम में हो रहे हैं वहीं आज आष्टा तहसील के ग्राम खाचरौद में पानी के लिये ग्राम की महिलाओं ने रुठे इन्द्र देवता को मनाने के लिये महिलाओं ने विशाल जुलूस निकाला और खाचरौद खामखेड़ा की सीमा कांकड़ पर पहुँचकर ग्राम की महिला जिनका नाम प्रेम बाई जाट है जो जुलूस में पुरुष के कपड़े धोती, कुर्ता साफा पहने आई थी ने काकड़ के एक खेत पर हल चलाएं और सभी ने रुठे इन्द्र देवता से खूब बरसने का आव्हान लिया।
इनके साथ पलटन के रुप में ग्राम की सरपंच श्रीमति लीलाबाई एवं पूरे ग्राम के प्रत्येक घर की महिलाएं जिनकी संख्या लगभग 300-400 थी हल चलाते वक्त उपस्थित थी। ग्राम की महिला श्रीमति चन्द्रकांता जैन जो इस जुलूस में शामिल थी ने फुरसत को बताया कि पानी नहीं गिरने से क्षेत्र में त्राही-त्राही मची है फसलें खराब हो रही हैं सब परेशान है। इसलिये महिलाओं का यह कार्यक्रम पानी के लिये किया गया।
इसमें ग्राम की महिला को पुरुष के कपड़े पहनाये जाते हैं और उसे पटेल (लाड़ा) बनाया जाता है तथा एक महिला को पलटन (लाड़ी) बनाकर पूरे ग्राम के घरों की महिलाएं ग्राम के शंकर मंदिर पर एकत्रित हुई यहाँ से महिलाओं का उक्त पूरा बाना जुलूस बाला बाऊ के भजन आदि गाते हुए पूरे गाम की सीमा के चक्कर लगाया तथा ग्राम के सभी देवी-देवताओं के यहाँ पर पानी के नारियल चढ़ाकर पानी मांगा यहाँ से उक्त जुलूस खाचरौद की सीमा जहाँ खत्म होकर जहाँ से दूसरे ग्राम खामखेड़ा की सीमा शुरु होती है जिसे कांकड़ कहते हैं वहाँ सभी महिलाएं पहुँची और यहाँ एक खेत पर पुरुष बनी महिला ने हल चलाएं और इन्द्र देवता से जमकर बरसने का आव्हान किया।
इस टोटके को देखने के लिये पूरे ग्राम के पुरुष युवा बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित थे। यह अनोखा टोटका पानी के लिये खाचरौद में सम्पन्न हुआ। वहीं आष्टा तहसील के अनेकों ग्रामों में रामायण, सुन्दर काण्ड पाठ, खड़ी सत्ता जी, हवन ग्यारी पूजन एवं ग्राम के बाहर खुले में दाल बाटी चूरमा बनाकर भोग लगाने आदि के कार्यक्रम चल रहे हैं। गत दिवस आष्टा श्री राम मंदिर में भी धार्मिक कार्यक्रम हुए वहीं हरदौललाला के बाग में निशान चढ़ाया गया है।


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