सीहोर 17 अप्रैल (नि.सं.)। शहर के अंदर चल रही जिला स्तरीय केरम प्रतियोगिता का पुरूस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया है । जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पार्षद शमीम अहमद एवं जिला पंचायत सदस्य जफरलाला की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ ।
इस अवसर पर अफजाल पठान, मास्टर पुरूषोत्तम भावसार विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे । कार्यक्रम का सफल संचालन मुनव्वर खान द्वारा किया गया । कार्यक्रम की शुरूआत प्रतियोगिता के आयोजनगण नेशनल खिलाड़ी हबीब खान व जनपद सदस्य शकीर अहमद व नूर अंसारी द्वारा सभी अतिथीयों का आत्मीय स्वागत किया गया । कार्यक्रम के पूर्व फायनल मैच वसीम उद्दीन व मोहम्मद बशीर के बीच खेला गया । जिसमें वसीम उद्दीन ने मोहम्मद बशीर को 2-0 से रोंद कर जिला चैम्पियन का खिताब अपने नाम कर लिया । इस अवसर पर चीफ रेफरी हबीब खान को भी अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया । जैसा कि पूर्व घोषणा की गई थी कि प्रतियोगिता में सुपर आठ खिलाड़ियो का चयन किया जायेगा । जो राज्य स्तरीय होने वाले केरम प्रतियोगिता में सीहोर जिला का प्रतिनिधित्व करेंगे । जो कि वसीम उद्दीन, मो. बशीर, नूर अंसारी, अजीम उद्दीन, मो. अनीस, अजगर सहित रईस खां, अब्दुल बारी सुपर आठ में अपना स्थान बनाने में कामयाब रहे । इस अवसर पर सभी रेफरियों का भी उनके योगदान के लिये पुरूस्कृत किया गया । इस अवसर पर मुख्य रूप से मुनव्वर खान, वसीम मियां, मा. जेदी साहब, अनवर हुसैन, आर.के.पठान, असीफ पप्पू, नसउल्ला खां, अनीस पप्पू, असीफ यूसूफ अली, फईम उद्दीन, हनीफ मियां सहित अनेक लोग मौजूद थे ।
Friday, April 18, 2008
आष्टा मंडी में हो रही है हम्मालो की व्यवस्था......
आष्टा 17 अप्रैल (नि.प्र.)। और जैसा अनुमान था कि मंडी में जब तक हम्मालों की समस्या का हल नही होगा नीलामी कार्य मंडी में होना सम्भव नही है क्योंकि आखिर किसान और व्यापारी कब तक हम्मालों का कार्य करेंगे इसीलिए व्यापारियों ने आज से जब तक हम्मालो की व्यवस्था नही हो नीलामी कार्य में शामिल होने से आसमर्थता व्यक्त कर दी थी । परिणाम अत: आज मंडी में जो भी आवक हुई उसमें कुछ माल आईटीसी चौपाल पर गया और कुछ माल सरकारी एजेन्सी ने खरीदा । वही आज भी स्थानीय और मंडी प्रशासन हम्मालों की व्यवस्था के लिए प्रयासरत रहा मंडी सचिव ने बताया कि मंडी में कार्य सूचारू रूप से शुरू हो इसके लिए लगभग 30-40 हम्मालों की तो व्यवस्था की गई है वही व्यापारी भी अपने स्तर पर हम्मालों की व्यवस्था में गले है । 1-2 दिन में उम्मीद है कि मंडी में व्यवस्था सुचारू रूप से चालू हो जायेगी आज भी आष्टा मंडी में 4-5 ट्रेक्टर और 15 के करीब बैलगाड़ी कृषि जिन्स लेकर आये थे ।
सीहोर में ट्रक की टक्कर से एक मृत, एक घायल
सीहोर 17 अप्रैल (नि.सं.)। कोनाझिर तालाब के पास एक ट्रक ने मोटर साईकिल सवार को भीषण टक्कर मारी जिससे मोटर साईकिल चालक की घटना स्थल पर मृत्यु हो गई दूसरा घायल हो गया।
जावर में गलघोटू व फरेला बीमारी से क्षेत्र के दर्जनों पशुओं की मौत
जावर 17 अप्रैल (नि.सं.)। इन दिनों नगर सहित क्षैत्र के पशुओं को विभिन्न प्रकार की बीमारियों ने घेर लिया है । जिससे पशुओं की हालत काफी खराब हो गई है कई पशुओं की तो मौत भी हो चुकी है। नगर व क्षैत्र के गांवों के पशुओं को इन दिनों फरेला गलघोटू व मुहं पक्का खुर पक्का जैसी बीमारियों ने घेर लिया है ।
फरेला व गलघोटू जैसी बिमारी से अभी तक क्षैत्र के दर्जनों मवेशियों की मौत हो चुकी है । पशु चिकित्सा विभाग गंभीरता से नही ले रहा है। ग्राम अतरालिया के सानसिंह ने बताया कि फरेला बिमारी से अभी तक ग्राम के ज्ञानसिंह के भेंस व पाड़ी कल्याणसिंह की एक पाड़ी, गप्पू लाल की एक पाडी, फूलसिंह की एक पाडी, हेम राज की भेंस कुल छै: पशुओं की मौत हो गई हालाकि पशुओं के मरने की खबर के बाद जावर बेटनरी अस्पताल से दो कम्पांउडर अमरसिंह व संदीप कुमार पशुओं को टीके लगाने के लिए रविवार को आये थे । इसी प्रकार ग्राम कजलास मे भी पिछले पन्द्रह दिनों में पशुओं में गलघोटू जेसी घातक बिमारी फेली हुई थी । जिससे ग्राम के करीब दो दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है । पशुओ में फैली बीमारी से ग्राम के सरपंच किशोर पाटीदार ने पिछले दिनों आष्टा तहसीलदार व पशु चिकित्सालय में पदस्थ डाक्टर को अवगत कराया था । इसके बाद सोमवार को पशु चिकित्सालय से डाक्टरों की टीम आई थी व ग्राम के पशुओं को टीके लगाये इसके अलावा मालीपुरा परोलिया आदि ग्रामो में भी पशुओं की मोत हो चुकी है । वही नगर के पशुओं में मुहं पक्का खुर पक्का बीमारी फैली हुई है । इस बिमारी ने पशुओ की हालत काफी खराब कर रखी है । पशु चलने फिरने से मोहताज हो गये । दुधारू पशु दूध देना बंद हो गये पशुओं में फैली बिमारी से पशुपालक परेशान है और अपने पशुओ का प्रायवेट तौर पर इलाज कर पा रहे है ।
फरेला व गलघोटू जैसी बिमारी से अभी तक क्षैत्र के दर्जनों मवेशियों की मौत हो चुकी है । पशु चिकित्सा विभाग गंभीरता से नही ले रहा है। ग्राम अतरालिया के सानसिंह ने बताया कि फरेला बिमारी से अभी तक ग्राम के ज्ञानसिंह के भेंस व पाड़ी कल्याणसिंह की एक पाड़ी, गप्पू लाल की एक पाडी, फूलसिंह की एक पाडी, हेम राज की भेंस कुल छै: पशुओं की मौत हो गई हालाकि पशुओं के मरने की खबर के बाद जावर बेटनरी अस्पताल से दो कम्पांउडर अमरसिंह व संदीप कुमार पशुओं को टीके लगाने के लिए रविवार को आये थे । इसी प्रकार ग्राम कजलास मे भी पिछले पन्द्रह दिनों में पशुओं में गलघोटू जेसी घातक बिमारी फेली हुई थी । जिससे ग्राम के करीब दो दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है । पशुओ में फैली बीमारी से ग्राम के सरपंच किशोर पाटीदार ने पिछले दिनों आष्टा तहसीलदार व पशु चिकित्सालय में पदस्थ डाक्टर को अवगत कराया था । इसके बाद सोमवार को पशु चिकित्सालय से डाक्टरों की टीम आई थी व ग्राम के पशुओं को टीके लगाये इसके अलावा मालीपुरा परोलिया आदि ग्रामो में भी पशुओं की मोत हो चुकी है । वही नगर के पशुओं में मुहं पक्का खुर पक्का बीमारी फैली हुई है । इस बिमारी ने पशुओ की हालत काफी खराब कर रखी है । पशु चलने फिरने से मोहताज हो गये । दुधारू पशु दूध देना बंद हो गये पशुओं में फैली बिमारी से पशुपालक परेशान है और अपने पशुओ का प्रायवेट तौर पर इलाज कर पा रहे है ।
अद्वितीय पुरातात्विक शिल्प को प्रकट करती आदिनाथ एवं हनुमान जी की प्रतिमाएं
जावर 17 अप्रैल (नि.प्र.)। ऐसी किवदंती है प्राचीन समय में जावर से होकर बहने वाली नेवज नदी में दूध की धार बहती थी । देवबड़ला से निकल कर राजस्थान तक बहने वाली यह पवित्र नदी जिसमें दूध की जगह अब पानी भी नही मिलता हो लेकिन इसके तट पर बने ऐतिहासिक पुरातात्विक महत्व के स्थल इसकी महत्ता को आज भी प्रतिपादित करते है ।
ऐसा ही चीनी यात्री व्हेन सांग की भोपाल और इसके आसपास लगे क्षैत्रों में भ्रमण के विवरण है, उसमें जैन इतिहास की दृष्टि से चंवर नाम से पुकारा जाने वाला जावर अपभ्रंशवश जावर हो गया । उस काल में यहां भव्य जैन मंदिर रहा है । इस बात की पुष्टि चौथे काल की भगवान आदिनाथ की दस फुट ऊंची श्यामवर्ण की सुंदर एवं मूर्ति कला की उत्कृ ष्ट रचना को निरूपित करती है । खुदाई में प्राप्त यह मूर्ति है । इसी के साथ अष्ट धातू की भगवान पार्श्व नाथ की प्रतिमा भी प्राप्त हुई थी । जैन समाज के पूर्व न.पा.अध्यक्ष नूतन कुमार जैन का कहना है कि मूर्ति प्राप्ति के बाद प्रतिमा को स्थानीय जैन मंदिर में स्थापित किया गया । उस समय कई चमत्कारिक धटनाएं भी घटित हुई । प्रतिमा के प्राचीन ऐतिहासिक महत्व के कारण ही यह अतिशय क्षैत्र कहलाता है । भगवान बाहुवली और भरत जी की श्वेत संगमरमर की सुंदर प्रतिमाओं क मध्य यह दिव्य प्रतिमा अपनी एक झलक में ही, अहिंसा, सस्य, अस्तेय, संयम के रत्नों से परिपूर्ण कर देती है । नेवज के तट से दो प्रतिमाएं और प्राप्त हुई थी उनको भी मंदिर में ही स्थापित किया गया । महावीर जंयती पर जैन समाज द्वारा भव्य जुलुस निकाल जाता है । जिसमें सभी लोग सहयोग करते है । मंदि में दर्शन के लिए दूर दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते है ।
इसी प्रकार नेवज नदी के तट पर उत्तर की और कुछ दूरी पर खेड़ापति हनुमान मंदिर है । जिसमें ऐतिहासिक प्राचीन ग्यारह फिट ऊंची प्रतिमा महावीर हनुमान जी की विराजित है । पं. राम चन्द्र शर्मा पुजारी बताते है कि यह प्रतिमा आधी से अधिक जमीन के अंदर थी जिसे खुदाई करने पर भव्य रूप में प्राप्त होने पर यज्ञ अनुष्ठान के साथ स्थापित किया गया । लेखन एवं सामाजिक कार्यकर्ता जयनारायण राठौर का कहना है कि शिल्प एवं मूर्तिकला का अद्वितीय दिग्दर्शन इस प्रतिमा में है । हनुमान जी के सीता जी की खोज में लंका प्रस्थान के समय लंकिनी से युद्धरत, भाव भंगिमा लिए हुए सौन्दर्य को प्रस्तुत करती यह प्रतिमा है । शेष नाग धारण कर रूद्रावता को प्रकट करती प्रतिमा पर हाथों में भुजबंध, गले में मोतियों की माला, कमर में कटार, लंगोट, हाथ में गदा, लंकिनी के दिव्य युद्धरत रूप को पैर से दबाए, कमर में कमर बंद पहने यह प्रतिमा मनोहारी एवं अद्वितीय है । तुलसीदास जी की यह चौपाई, आगे जाई लंकिनी रोका, मारेहु लात गईसुर लोका, यह प्रासंगिक है । चमत्कारी इस प्रतिमा के दर्शन कर तत्कालीन जिलाधीश राय सा. भी बहुत अधिक प्रभावित होकर जीर्णोद्वार हेतू राशि स्वीकृत की थी । हनुमान जयंती पर प्रतिवर्ष कन्या भोजन भी होता है ।
मंदिर से जुड़े अनिल अजमेरा एवं कुमेर सिंह मामू ने बताया कि इस वर्ष भी कन्या भोजन होगा । हनुमान जयंती पर हिन्दू उत्सव समिति द्वारा चल समारोह निकालकर ध्वज चढ़ाया जाता है । नगर में स्थित श्रीराम मंदिर में भी हनुमान जी की प्रतिमा चैतन्य एवं शीध्र मनोकामना पूर्ण करने वाली है । यहां समय समय पर भक्तों को दर्शन का आभास भी हुआ है । जावर जोड़ पर भी सिद्ध प्रतिमा है। नगर में एक और अहिंसा के प्रतिक भगवान आदिनाथ महावीर है वही असुरो को दमन करने वाले महावीर हनुमान की प्रतिमाएं चैतन्य रूप में प्रतिष्ठित है । जो हर प्रकार से रक्षा करने वाली है ।
ऐसा ही चीनी यात्री व्हेन सांग की भोपाल और इसके आसपास लगे क्षैत्रों में भ्रमण के विवरण है, उसमें जैन इतिहास की दृष्टि से चंवर नाम से पुकारा जाने वाला जावर अपभ्रंशवश जावर हो गया । उस काल में यहां भव्य जैन मंदिर रहा है । इस बात की पुष्टि चौथे काल की भगवान आदिनाथ की दस फुट ऊंची श्यामवर्ण की सुंदर एवं मूर्ति कला की उत्कृ ष्ट रचना को निरूपित करती है । खुदाई में प्राप्त यह मूर्ति है । इसी के साथ अष्ट धातू की भगवान पार्श्व नाथ की प्रतिमा भी प्राप्त हुई थी । जैन समाज के पूर्व न.पा.अध्यक्ष नूतन कुमार जैन का कहना है कि मूर्ति प्राप्ति के बाद प्रतिमा को स्थानीय जैन मंदिर में स्थापित किया गया । उस समय कई चमत्कारिक धटनाएं भी घटित हुई । प्रतिमा के प्राचीन ऐतिहासिक महत्व के कारण ही यह अतिशय क्षैत्र कहलाता है । भगवान बाहुवली और भरत जी की श्वेत संगमरमर की सुंदर प्रतिमाओं क मध्य यह दिव्य प्रतिमा अपनी एक झलक में ही, अहिंसा, सस्य, अस्तेय, संयम के रत्नों से परिपूर्ण कर देती है । नेवज के तट से दो प्रतिमाएं और प्राप्त हुई थी उनको भी मंदिर में ही स्थापित किया गया । महावीर जंयती पर जैन समाज द्वारा भव्य जुलुस निकाल जाता है । जिसमें सभी लोग सहयोग करते है । मंदि में दर्शन के लिए दूर दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते है ।
इसी प्रकार नेवज नदी के तट पर उत्तर की और कुछ दूरी पर खेड़ापति हनुमान मंदिर है । जिसमें ऐतिहासिक प्राचीन ग्यारह फिट ऊंची प्रतिमा महावीर हनुमान जी की विराजित है । पं. राम चन्द्र शर्मा पुजारी बताते है कि यह प्रतिमा आधी से अधिक जमीन के अंदर थी जिसे खुदाई करने पर भव्य रूप में प्राप्त होने पर यज्ञ अनुष्ठान के साथ स्थापित किया गया । लेखन एवं सामाजिक कार्यकर्ता जयनारायण राठौर का कहना है कि शिल्प एवं मूर्तिकला का अद्वितीय दिग्दर्शन इस प्रतिमा में है । हनुमान जी के सीता जी की खोज में लंका प्रस्थान के समय लंकिनी से युद्धरत, भाव भंगिमा लिए हुए सौन्दर्य को प्रस्तुत करती यह प्रतिमा है । शेष नाग धारण कर रूद्रावता को प्रकट करती प्रतिमा पर हाथों में भुजबंध, गले में मोतियों की माला, कमर में कटार, लंगोट, हाथ में गदा, लंकिनी के दिव्य युद्धरत रूप को पैर से दबाए, कमर में कमर बंद पहने यह प्रतिमा मनोहारी एवं अद्वितीय है । तुलसीदास जी की यह चौपाई, आगे जाई लंकिनी रोका, मारेहु लात गईसुर लोका, यह प्रासंगिक है । चमत्कारी इस प्रतिमा के दर्शन कर तत्कालीन जिलाधीश राय सा. भी बहुत अधिक प्रभावित होकर जीर्णोद्वार हेतू राशि स्वीकृत की थी । हनुमान जयंती पर प्रतिवर्ष कन्या भोजन भी होता है ।
मंदिर से जुड़े अनिल अजमेरा एवं कुमेर सिंह मामू ने बताया कि इस वर्ष भी कन्या भोजन होगा । हनुमान जयंती पर हिन्दू उत्सव समिति द्वारा चल समारोह निकालकर ध्वज चढ़ाया जाता है । नगर में स्थित श्रीराम मंदिर में भी हनुमान जी की प्रतिमा चैतन्य एवं शीध्र मनोकामना पूर्ण करने वाली है । यहां समय समय पर भक्तों को दर्शन का आभास भी हुआ है । जावर जोड़ पर भी सिद्ध प्रतिमा है। नगर में एक और अहिंसा के प्रतिक भगवान आदिनाथ महावीर है वही असुरो को दमन करने वाले महावीर हनुमान की प्रतिमाएं चैतन्य रूप में प्रतिष्ठित है । जो हर प्रकार से रक्षा करने वाली है ।
सीहोर के मामले में भोपाल के वकील राज्यपाल से मिले
सीहोर 17 अप्रैल (नि.सं.)। महामहिम राज्यपाल डा. बलराम जाखड़ ने सीहोर के अधिवक्ता, पत्रकार रामनारायण ताम्रकार को प्रताड़ित करने के प्रकरण में कार्यवाही न होने पर नाराजगी व्यक्त कर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव से की गई कार्यवाही के संबंध में जानकारी मांगने के आदेश दिए । इस संबंध में आज भोपाल बार एसोसियशन के अध्यक्ष राजेश व्यास, सीहोर बार एसोसियेशन संघर्ष समिति अध्यक्ष मेहरवान सिंह बलभ्रद के नेतृत्व में वकीलों का प्रतिनिधि मंडल महामहिम से मिला था ।
सीहोर के अधिवक्ता, पत्रकार रामनारायण ताम्रकार के साथ 10 मार्च को प्रशासन द्वारा दुर्भावनापूर्वक कार्यवाही कर मारपीट की गई और उनके संस्थान को ध्वस्त कर 25 लाख की क्षति पहुंचाई थी । इस घटना को लेकर वकीलो का एक प्रतिनिधि मंडल महामहिम एवं मुख्यमंत्री से म.प्र. बार कौंसिल अध्यक्ष रामेश्वर नीखरा के नेतृत्व में मिला था । तब मुख्यमंत्री ने कमिश्र से जांच कराने के आदेश दिए थे । भोपाल एवं सीहोर के अधिवक्ताओं ने आज महामहिम राज्यपाल को एक स्मरण पत्र सौंपकर कहा कि कमिश्र ने 15 दिन पूर्व अपना प्रतिवेदन दे दिया है फिर भी आज तक कोई कार्यवाही नही की गई है न तो कलेक्टर को हटाया गया है और न ही अन्य दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की गई है । इसके अलावा प्रभावित परिवार को मुआवजा भी नही दिलाया गया है । महामहिम ने आश्वस्त किया है कि वह इस मामले में कि गई कार्यवाही की जानकारी आज ही मंगाकर मुख्यमंत्री से बात करेंगे । इस प्रतिनिधि मंडल में भोपाल बार अध्यक्ष श्रीव्यास, सचिव जेपी परमार, जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता इमत्याज हुसैन, सीहोर बार एसोसिएशन संघर्ष अध्यक्ष मेहरबान सिंह बलभ्रद, वरिष्ठ अधिवक्ता एनपी उपाध्याय, केयू कुरैशी, जीके उपाध्याय, प्रदीप पहलवान, सचिव अरुण टिंगोरिया, विजेंद्र श्रीवास्तव, विजय भार्गव, रविंद्र भारद्वाज, जितेंद्र व्यास आदि थे।
सीहोर के अधिवक्ता, पत्रकार रामनारायण ताम्रकार के साथ 10 मार्च को प्रशासन द्वारा दुर्भावनापूर्वक कार्यवाही कर मारपीट की गई और उनके संस्थान को ध्वस्त कर 25 लाख की क्षति पहुंचाई थी । इस घटना को लेकर वकीलो का एक प्रतिनिधि मंडल महामहिम एवं मुख्यमंत्री से म.प्र. बार कौंसिल अध्यक्ष रामेश्वर नीखरा के नेतृत्व में मिला था । तब मुख्यमंत्री ने कमिश्र से जांच कराने के आदेश दिए थे । भोपाल एवं सीहोर के अधिवक्ताओं ने आज महामहिम राज्यपाल को एक स्मरण पत्र सौंपकर कहा कि कमिश्र ने 15 दिन पूर्व अपना प्रतिवेदन दे दिया है फिर भी आज तक कोई कार्यवाही नही की गई है न तो कलेक्टर को हटाया गया है और न ही अन्य दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की गई है । इसके अलावा प्रभावित परिवार को मुआवजा भी नही दिलाया गया है । महामहिम ने आश्वस्त किया है कि वह इस मामले में कि गई कार्यवाही की जानकारी आज ही मंगाकर मुख्यमंत्री से बात करेंगे । इस प्रतिनिधि मंडल में भोपाल बार अध्यक्ष श्रीव्यास, सचिव जेपी परमार, जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता इमत्याज हुसैन, सीहोर बार एसोसिएशन संघर्ष अध्यक्ष मेहरबान सिंह बलभ्रद, वरिष्ठ अधिवक्ता एनपी उपाध्याय, केयू कुरैशी, जीके उपाध्याय, प्रदीप पहलवान, सचिव अरुण टिंगोरिया, विजेंद्र श्रीवास्तव, विजय भार्गव, रविंद्र भारद्वाज, जितेंद्र व्यास आदि थे।
गाय के बछड़े को नंदी बनाकर भूतेश्वर महादेव को समर्पित किया
सीहोर 17 अप्रैल (नि.सं.)। सिद्धपुर का प्राचीन अध्यात्मिक भूतेश्वर महादेव मंदिर पर चेत्र नव रात्रि पर हुए श्रीराम चरित मानस पाठ की पूर्ण आहूति हवन कन्या भोज आदि आयोजन मंगलवार को संपन्न हुए इस शुभ अवसर पर गुजरात से पधारे महंत 108 शिवराम दास ने यहां गाय के बछड़े को त्रिशुल छाप कर भगवान भूतेश्वर महादेव को समर्पित किया ।
पुरूषोत्तम भगत के गाय के बछड़े सनी को महंत शिव राम दास जी ने त्रिशुल गाड़कर इसलिए सिद्वपुर नगर के विकास और शांति के लिए समर्पित किया है । महाराज शिवराम दास ने बताया कि हमने भगवान से यह कामना की है । कि चूंकि नवरात्र भी चल रहे है । इसलिए मां भगवती और भोलेनाथ सदा सिद्वपुर पर कृपा बनाएं रखे उन्होंने बताया कि भगवान की कृपा हुई तो हर हृदय में खुशी और प्रसन्नता एवं शांति का वातावरण रहेगा सिद्वपुर की सारी विपत्तियां समाप्त हो जायेगी । उन्होंने बताया कि उत्तर काण्ड की चौपाइयां मंत्रोच्चार पूजा हवन आरती आदि सीहोर के पं. कमल प्रसाद ,पं. नारायण प्रसाद पाराशर, गुफा मंदिर भोपाल से पधारे पं. गणेश जय, पं. विष्णु दास महाराज ने की । इस अवसर पर धनराज गुरू पुरू षोत्तम गोपाल महाराज, संजय सोनी, अखिलेश राठौर, अशोक गौर, रमाकांत समाधिया, बसंत पाराशर, दीपक कोठारी, बंटी चौहान, अंशुल राठौर, घनश्याम राजपूत, बबलू बुंदेला, राहुल भारद्वाज, ओम यादव, पंकज मिश्रा, देवेन्द्र शर्मा, विनोद वकील, राजू कुशवाह, किशोरी बाबा, अमित गौर, गब्बर कुशवाह, आदि का विशेष सहयोग रहा एवं सभी भक्तो ने भोजन प्रसादी आदि ग्रहण कर तनमनधन से सहयोग दिया ।
पुरूषोत्तम भगत के गाय के बछड़े सनी को महंत शिव राम दास जी ने त्रिशुल गाड़कर इसलिए सिद्वपुर नगर के विकास और शांति के लिए समर्पित किया है । महाराज शिवराम दास ने बताया कि हमने भगवान से यह कामना की है । कि चूंकि नवरात्र भी चल रहे है । इसलिए मां भगवती और भोलेनाथ सदा सिद्वपुर पर कृपा बनाएं रखे उन्होंने बताया कि भगवान की कृपा हुई तो हर हृदय में खुशी और प्रसन्नता एवं शांति का वातावरण रहेगा सिद्वपुर की सारी विपत्तियां समाप्त हो जायेगी । उन्होंने बताया कि उत्तर काण्ड की चौपाइयां मंत्रोच्चार पूजा हवन आरती आदि सीहोर के पं. कमल प्रसाद ,पं. नारायण प्रसाद पाराशर, गुफा मंदिर भोपाल से पधारे पं. गणेश जय, पं. विष्णु दास महाराज ने की । इस अवसर पर धनराज गुरू पुरू षोत्तम गोपाल महाराज, संजय सोनी, अखिलेश राठौर, अशोक गौर, रमाकांत समाधिया, बसंत पाराशर, दीपक कोठारी, बंटी चौहान, अंशुल राठौर, घनश्याम राजपूत, बबलू बुंदेला, राहुल भारद्वाज, ओम यादव, पंकज मिश्रा, देवेन्द्र शर्मा, विनोद वकील, राजू कुशवाह, किशोरी बाबा, अमित गौर, गब्बर कुशवाह, आदि का विशेष सहयोग रहा एवं सभी भक्तो ने भोजन प्रसादी आदि ग्रहण कर तनमनधन से सहयोग दिया ।
Thursday, April 17, 2008
उपद्रवियों ने 27 व्यापारियों के यहाँ तोड़ फोड़ कर 20 लाख का नुकसान किया
आष्टा 16 अप्रैल। कल कृषि उपज मण्डी में हम्मालों द्वारा अचानक कार्य बंद करने से आक्रोशित किसानों ने एवं कुछ हम्मालों द्वारा जो तांडव किया गया ने कृषि उपज मण्डी प्रांगण में व्यापार करने वाले लगभग 27 व्यापारियों की दुकानों पर उपद्रवियों ने लगभग एक घंटे तक तोड़फोड़ कर 20 लाख से अधिक का नुकसान किया। कल रात्रि में आज ऐसे प्रभावित व्यापारियों ने जिनके नाम राठौर ट्रेडर्स, महेश ट्रेडर्स बाहुवली ट्रेडिंग कम्पनी, ललवानी ट्रेडर्स, दिनेश कुमार धर्मेन्द्र कुमार, सेठी ट्रेडिंग कं., शंकर ट्रेडर्स, आदिनाथ ट्रेडर्स, अंकित ट्रेडर्स, सिध्दार्थ ट्रेडर्स, विनय ट्रेडर्स, गीतांजली ट्रेडर्स, कुशवाहा ब्रदर्स, पार्श्वनाथ ट्रेडिंग कं., वर्धमान ट्रेडिंग कं., शैलेन्द्र ट्रेडर्स, राधाकृष्ण ट्रेडिंग कं., कमल एण्ड कं., विजय ट्रेडर्स, योति ट्रेडर्स, ममता ट्रेडर्स, गिरनार ट्रेडर्स, श्रीराम ट्रेडिंग कं., हरिओम ट्रेडिंग कं., मेसर्स नवनीत कुमार संचेती, पीयूष ट्रेडर्स, सुशील कु.घेवरमल रांका की दुकानों पर उपद्रवियों ने तोड़फोड़ कर कांच फोड़ दिये । कुछ चौपहिया वाहनों को भी फोड़ा गया। इस प्रकार लगभग 20 लाख की सम्पत्ति नष्ट की गई। सभी व्यापारियों ने अपनी-अपनी और से आष्टा थाने में उपद्रवियों के खिलाफ अपने यहाँ हुए नुकसान की सूची बनाकर शिकायत दर्ज कराई हैं। श्री अतीक अहमद खान ने बताया कि व्यापारियों की और से लिखित में रिपोर्ट भेजी गई है जिस पर शीघ्र प्रकरण दर्ज होंगे वहीं कृषि उपज मण्डी में जो एक केंटीन है महालक्ष्मी रेस्टोरेंट में भी कल उपद्रवियों ने ऐसा तांडव किया की केंटीन का मालिक अपना केंटीन छोड़कर जान बचाने के लिये भाग गया। तब सूना केंटीन देखकर उपद्रवियों ने तीन कांच के काउंटर, 3 तपेले दूध के भरे में कुछ मिला दिया जिसे बाद में ढोलना पड़ा तथा खाद्य सामग्री पोहा, समोसा आदि बनाने का सामान पानी की टंकी में पटक कर टंकी भी तोड़ गये। 22 कुर्सियाँ तथा लकड़ी के बेंच, टेबल आदि जिसकी कीमत लगभग केंटीन मालिक कांतिलाल गुलाबचंद सुराना संजय कुमार जैन ने 25 हजार का नुकसान बताया है। इसकी शिकायत भी पुलिस में है। सभी पर पुलिस कार्यवाही जारी है।
गल्ला मंडी में तनाव, 7 हम्मालो के लायसेंस निरस्त
आष्टा 16 अप्रैल (नि.प्र.)। आष्टा मंडी के इतिहास में कल का काला दिन क्षैत्र का कोई भी नागरिक, व्यापारी, किसान, हम्माल, एवं प्रशासन नही भूल सकता है । कल हम्मालो के कारण मंडी में आक्रोशित हुए किसान ने जो कुछ किया आज भी मंडी के प्रांगण में उसकी काली छाया नजर आई । कल की घटना के बाद आष्टा मंडी पूरे देश में छाई रही । कल के बाद आज भी एसडीएम जी.व्ही.रश्मि, तहसीलदार बिहारी सिंह, मंडी सचिव छोटू खान लगातार हम्माल संघ से चर्चा करते रहे की हम्माली की दर पर व्यापारी और हम्मालो में समझौता हो जाये लेकिन ऐसा नही हो पाया था । कल मंडी में किसानों, हम्मालो ने जो कुछ किया और मंडी की सम्पत्ति, व्यापारियों के प्रतिष्ठानों, तोलकांटो, गेहूं साफ करने की मशीनों, दुपहिया, चुपहिया वाहनों को जिस प्रकार तोड़ा-फोड़ा गया उसकी रात्रि में मंडी सचिव ने आष्टा थाने में रिपोर्ट लिखित में कर पुलिस से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है । कल की घटना के बाद लग रहा था कि आज क्या होगा क्या कल जैसा तनाव रहेगा अगर किसानों की उपज आयेगी और जो आज की बची है । उसकी नीलामी हो पायेगी और वो कैसे तुलेगी लेकिन आज सब शंका निराधार साबिह हुई क्योंकि आज मंडी में लगभग 14-15 ट्रेक्टर कृषि जिन्स लेकर पहुंचे , व्यापारी नीलामी में भी पहुंचे माल नीलाम हुआ, कृषक हम्मालो ने माल तौला भी और सब कुछ मंडी में तनाव पूर्ण माहौल शांत रहा लेकिन आज केवल डेढ़ से 2 हजार बोरे थे इसलिए काम काज निपट गया लेकिन अगर कल आवक बढ़ी तो क्या मंडी प्रशासन आई आवक की व्यवस्था करने को तैयार है इसको लेकर जरूर शंका नजर आई है । आज फुरसत को मंडी सचिव छोटूखान ने बताया कि आज भी पीछले 13-14 दिनों की तरह हम्मालो से चर्चा जारी रही उन्होंने बताया कि हमने शुजालपुर-सीहोर मंडी से हम्माली की दर मगाई तो पाया आष्टा में पहले से ही वहां से ज्यादा दर दी जा रही है । फिर भी हमने प्रयास किये तो व्यापारी लगभग 20 से 25 प्रतिशत दर बढाने को तैयार हो गये है । कल जो घटना घटी उससे वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया । आज न.पा. की गैंग लगाकर मंडी में पडे पत्थर टूटे कांच आदि को साफ करवा दिया । आज न.पा. के सीएमओ दीपक राय भी मंडी में नजर आये । छोटू खान ने बताया कि कल कलेक्टर श्री सिंह के निर्देश पर हम्माल संघ के भगवान दास कुशवाह, रामसिंह कुशवाह, राजू मालवीय, मनोज कुशवाह, कमलसिंह मेहरा, करण कुशवाह, मोहन मेवाड़ा के लाइसेंस निरस्त कर दिये गये । ये सभी हम्माल संघ के पदाधिकारी बताये जाते है । कल जब घटना घटी तब जान-माल की रक्षा के लिए व्यापारी सुरक्षित स्थानों पर चले गये थे। लेकिन आज जब उन्हें जानकारी लगी कि कल उनकी दुकानों में जो तोड-फोड हुई उनके वाहन तोलकांटे, मशीनो को नष्टा किया उसमें किसान कम थे और अन्य लोग आगे थे । ये अन्य कौन थे इनकी खोजवीन की जा रही है कि किसानो की आड़ में यह सब कुछ किसने किया , मंडी सचिव ने बताया कि कल उपद्रवियो ने लगभग इलैक्ट्रानिक तौल कांटे क्षतिग्रस्त किये, कई कांटो की बैटरी निकालकर ले गये । सुरक्षा की दृष्टि से आज मंडी प्रांगण में सशस्त्र बल, ब्रज वाहन, फायर बिग्रेड आदि तैनात नजर आये । पुलिस थाने में आई विभिन्न रिपोर्ट की जांच भी मंडी में कर रही है । वही मंडी द्वारा कल उपद्रव में कितना नुक सान हुआ इसका आकंलन करने में जुटा हुआ है । अनुमान है कि नुकसान लाखो मे हुआ है ।
मंडी में जों कुछ तांडव हुआ उसके पीछे आदृश्य चेहरे भी है यह व्यापारियों ने बैठक में अधिकारीयों से कहकर ऐसे चेहरो की पहचान करने की बात कही । मंडी में व्यापारियो की दुकानों पर जमकर नुकसान किया व्यापारियों ने कहा कि किसानो के साथ इस कार्य में हम्माल भी है इन्हें खोजा जाये । मंडी मे विवाद के बाद कई किसान अपनी कृषि उपज को नीलाम कराये बिना घर ले गये । जिन किसानों की उपज पलटकर व्यापारियों के बोरो में भरा गई थी किसान बोरे सहित अपनी उपज ले गये । उपद्रवियो ने मंडी का इलेक्ट्रानिक तोल कांटे का कक्ष एंव सूचना केन्द्र के कांच फोड डाले । कलेक्टर ने हम्माल संघ अध्यक्ष से विनम्र निवेदन तक कर डाला था । कि इस वक्त किसानो को आप सब की आवश्यकता है मान जाये । व्यापारियों का कहना था कि आज हमे बिना गुनाह की सजा दुकानो में तोड-फोड नुकसान करके दी गई है । व्यापारी संघ के पूर्व अध्यक्ष संतोष झंवर, मुकेश बड़जात्या, सुनील जैन ने कलेक्टर से कहा कि ऐसा अन्याय हम कब तक सहेंगे क्या हमे अपना मान-सम्मान खोकर व्यापार करना पड़ेगा । आज विवाद मंडी के स्तम्बो का था लेकिन कई नेता वहां भी नेतागिरी करने में नही चुके । समझौता नही हो पाया। इसके पीछे कुछ लोग एक कारण इसे भी मान रहे है । कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि अगर हम्माल संघ नही मानता है तो व्यापारी अन्य व्यवस्था के बारे में सोचना शुरू कर दे । किसानों को परेशान नही होने दिया जायेगा । मंडी में आज किसान बलबहादूर, विजेन्द्र सिंह, हरपाल ठाकूर, सौभाल सिंह, कुमेरसिंह, भी मध्यता करते रहे । कई किसानों ने खुलकर कहा कि व्यापारियों के यहां तोड फोड में कई हम्माल आगे थे । आष्टा मंडी के इतिहास में कल का दिन इतिहास के पन्नों में लिखा गया क्योंकि जो कुछ कल हुआ मंडी के इतिहास में आज तक नही हुआ । कल यह भी बात खुलकर आई की हम्माल संघ के कई सदस्य समझौता कर कार्य कार्य करना चाह रहे थे लेकिन उन्हें जबरन रोका गया । इसमें किसका हित स्वार्थ था यह भी एक विषय था । कल की घटना के बाद मंडी प्रशासन व्यापारियों का उबरने के लिए काफी समय लगेगा वही जो कटूता एक -दूसरे में आ गई है वो कैसे दूर होगी इसकी और प्रशासन को ध्यान देना होगा । कल की घटना के बाद मंडी प्रशासन की कई लापरवाही सामने आई वही यह भी चर्चा उठी कि आष्टा को एक दबग अधिकारी की आवश्यकता है कलेक्टर सीहोर को इस और गंभीरता से ध्यान देना चाहिये ।
मंडी में जों कुछ तांडव हुआ उसके पीछे आदृश्य चेहरे भी है यह व्यापारियों ने बैठक में अधिकारीयों से कहकर ऐसे चेहरो की पहचान करने की बात कही । मंडी में व्यापारियो की दुकानों पर जमकर नुकसान किया व्यापारियों ने कहा कि किसानो के साथ इस कार्य में हम्माल भी है इन्हें खोजा जाये । मंडी मे विवाद के बाद कई किसान अपनी कृषि उपज को नीलाम कराये बिना घर ले गये । जिन किसानों की उपज पलटकर व्यापारियों के बोरो में भरा गई थी किसान बोरे सहित अपनी उपज ले गये । उपद्रवियो ने मंडी का इलेक्ट्रानिक तोल कांटे का कक्ष एंव सूचना केन्द्र के कांच फोड डाले । कलेक्टर ने हम्माल संघ अध्यक्ष से विनम्र निवेदन तक कर डाला था । कि इस वक्त किसानो को आप सब की आवश्यकता है मान जाये । व्यापारियों का कहना था कि आज हमे बिना गुनाह की सजा दुकानो में तोड-फोड नुकसान करके दी गई है । व्यापारी संघ के पूर्व अध्यक्ष संतोष झंवर, मुकेश बड़जात्या, सुनील जैन ने कलेक्टर से कहा कि ऐसा अन्याय हम कब तक सहेंगे क्या हमे अपना मान-सम्मान खोकर व्यापार करना पड़ेगा । आज विवाद मंडी के स्तम्बो का था लेकिन कई नेता वहां भी नेतागिरी करने में नही चुके । समझौता नही हो पाया। इसके पीछे कुछ लोग एक कारण इसे भी मान रहे है । कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि अगर हम्माल संघ नही मानता है तो व्यापारी अन्य व्यवस्था के बारे में सोचना शुरू कर दे । किसानों को परेशान नही होने दिया जायेगा । मंडी में आज किसान बलबहादूर, विजेन्द्र सिंह, हरपाल ठाकूर, सौभाल सिंह, कुमेरसिंह, भी मध्यता करते रहे । कई किसानों ने खुलकर कहा कि व्यापारियों के यहां तोड फोड में कई हम्माल आगे थे । आष्टा मंडी के इतिहास में कल का दिन इतिहास के पन्नों में लिखा गया क्योंकि जो कुछ कल हुआ मंडी के इतिहास में आज तक नही हुआ । कल यह भी बात खुलकर आई की हम्माल संघ के कई सदस्य समझौता कर कार्य कार्य करना चाह रहे थे लेकिन उन्हें जबरन रोका गया । इसमें किसका हित स्वार्थ था यह भी एक विषय था । कल की घटना के बाद मंडी प्रशासन व्यापारियों का उबरने के लिए काफी समय लगेगा वही जो कटूता एक -दूसरे में आ गई है वो कैसे दूर होगी इसकी और प्रशासन को ध्यान देना होगा । कल की घटना के बाद मंडी प्रशासन की कई लापरवाही सामने आई वही यह भी चर्चा उठी कि आष्टा को एक दबग अधिकारी की आवश्यकता है कलेक्टर सीहोर को इस और गंभीरता से ध्यान देना चाहिये ।
सचिव की रिपोर्ट पर 5 हम्मालो पर प्रकरण दर्ज सभी गिरफ्तार
आष्टा 16 अप्रैल (नि.प्र.)। कल आष्टा कृषि उपज मंडी में जो घटना घटी एवं सरकारी सम्पत्ति, लोक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचा कर जो बलवा शासकीय कार्य मे बांधा डाली उसकी शिकायत मंडी सचिव छोटूखान ने कल आष्टा पुलिस को की थी । छोटू खान की रिपोर्ट पर आष्टा पुलिस ने भगवान दास कुशवाह, मनोज कुशवाह, कमलसिंह, मोहन मेवाड़ा, करन के खिलाफ धारा 147,148, 149, 452, 427,353,189 एवं 34 लोक सम्पत्ति हानि अधिनियम की धाराओं के अन्तर्गत प्रकरण दर्जकर सभी को गिरफ्तार कर लिया गया । आज इन सभी को विद्वान न्यायाधीश मीणा जी की अदालत में पेश किया गया । यहाँ से उन्हे जेल भेज दिया गया।
सीहोर में भीषण जल संकट, नागरिकों में रोष
सीहोर 16 अप्रैल (नि.सं.)। वार्ड क्रमांक 14 की पार्षद श्रीमति राजश्री मूलचंद छाया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सीहोर नगर में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु नगर पालिका द्वारा टैंकर वार्ड-वार्ड भेजे जा रहे हैं लेकिन वार्ड 14 जो कि आरक्षित वार्ड है में टैंकर नहीं आ रहे हैं इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी सीहोर को पार्षद ने ज्ञापन सौंप कर टैंकर वार्ड 14 में भिजवाये जाने का अनुरोध किया था लेकिन टैंकर नहीं पहुँचा इसके बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी को 10 अप्रैल को आवेदन देकर वार्ड 14 में भीषण जल संकट से अवगत कराया इस पर उनके द्वारा कर्मचारी को तो वार्ड में भेजा। टैंकर नहीं भेजा कर्मचारी द्वारा यह पूछ कर कि टैंकर कहां वितरण होगा पार्षद ने बताया कि कुएं में डलवा दिये जिससे वार्डवासियों को बिना भेदभाव पानी मिल सके लेकिन कुएं में भी टैंकर नहीं डाला गया।
नगर पालिका प्रशासन द्वारा वार्ड 14 की उपेक्षा की जा रही है एवं नागरिकों के मध्य पार्षद की छवि धूमिल हो रही है क्योंकि नगर पालिका द्वारा अन्य वार्डों में जल वितरण कराया जा रहा है। लेकिन वार्ड 14 के लिये टैंकर नहीं भेजा जा रहा है। नगर पालिका द्वारा वार्ड 14 में जिस टैंकर को अधिकृत किया है उसका भुगतान रोके जाने की मांग की है। पार्षद ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वार्ड 14 में जल वितरण कराये जाने की मांग की है।
नगर पालिका प्रशासन द्वारा वार्ड 14 की उपेक्षा की जा रही है एवं नागरिकों के मध्य पार्षद की छवि धूमिल हो रही है क्योंकि नगर पालिका द्वारा अन्य वार्डों में जल वितरण कराया जा रहा है। लेकिन वार्ड 14 के लिये टैंकर नहीं भेजा जा रहा है। नगर पालिका द्वारा वार्ड 14 में जिस टैंकर को अधिकृत किया है उसका भुगतान रोके जाने की मांग की है। पार्षद ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वार्ड 14 में जल वितरण कराये जाने की मांग की है।
सीहोर में अलग-अलग सडक़ हादसों में दो घायल
सीहोर 16 अप्रैल (नि.सं.)। जिले के थाना कोतवाली एवं बुदनी क्षेत्र में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो घायल हो गये। पुलिस ने प्रकरण पंजीबध्द कर लिये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना अन्तर्गत स्थानीय इंग्लिश पुरा पुलिया के पास आज सुबह साढे 11 बजे पचामा निवासी 20 वर्षीय योगेश कुशवाह पुत्र दिनेश कुशवाहा सब्जी बेचकर वापस अपने घर जा रहा था कि भोपाल नाका तरफ से आ रहे अज्ञात मोटर साईकिल के चालक ने वाहन को तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक योगेश की साईकिल में टक्कर मारकर घायल कर दिया, परिणाम स्वरुप योगेश को वोट होने से जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया।
वहीं बुदनी थाना अन्तर्गत स्थानीय महिला बाल विकास कार्यालय बुदनी के पास आज दोपहर ढाई बजे महूकला निवासी ऊषाबाई महिला बाल विकास कार्यालय से वापस सड़क किनारे अपने पति के साथ पैदल जा रही थी कि भोपाल तरफ से आ रही सफेद रंग की तवेरा कार एम.पी.40-8559 के चालक ने वाहन को तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक चलाकर ऊषाबाई को टक्कर मारकर घायल कर दिया। ऊषाबाई को गंभीर चोंट होने से होशंगाबाद अस्पताल रिफर किय गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना अन्तर्गत स्थानीय इंग्लिश पुरा पुलिया के पास आज सुबह साढे 11 बजे पचामा निवासी 20 वर्षीय योगेश कुशवाह पुत्र दिनेश कुशवाहा सब्जी बेचकर वापस अपने घर जा रहा था कि भोपाल नाका तरफ से आ रहे अज्ञात मोटर साईकिल के चालक ने वाहन को तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक योगेश की साईकिल में टक्कर मारकर घायल कर दिया, परिणाम स्वरुप योगेश को वोट होने से जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया।
वहीं बुदनी थाना अन्तर्गत स्थानीय महिला बाल विकास कार्यालय बुदनी के पास आज दोपहर ढाई बजे महूकला निवासी ऊषाबाई महिला बाल विकास कार्यालय से वापस सड़क किनारे अपने पति के साथ पैदल जा रही थी कि भोपाल तरफ से आ रही सफेद रंग की तवेरा कार एम.पी.40-8559 के चालक ने वाहन को तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक चलाकर ऊषाबाई को टक्कर मारकर घायल कर दिया। ऊषाबाई को गंभीर चोंट होने से होशंगाबाद अस्पताल रिफर किय गया।
कजलास में नवशतचंडी महायज्ञ का आयोजन
आष्टा 16 अप्रैल (नि.प्र.)। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी ग्राम कजलास में सतचंडी महायज्ञ का प्रांरभ 12 अप्रैल से प्रारंभ हुआ है । जिसका समापन 20 अप्रैल रविवार को शोभा यात्रा पूर्णाहुति एवं भंडारे के साथ होगा । यज्ञ में प्रवचनकर्ता श्यामस्वरूप मनावत मानस मरमज्ञ भोपाल एवं यज्ञाचार्य पण्डित श्याम जी जोशी एवं सहयोगी आचार्य पंडित महेन्द्र शर्मा कजलास है।
शीतला मंदिर ग्राम कजलास से एक किलो मीटर की दूरी पर स्थित कैलाश पर्वत के नाम से जानी जाती है । इसी पर्वत के नाम से ही ग्राम कजलास को कैलाश पुरी के नाम से भी जाना जाता है । पहाड़ी पर मां शीतला की चेतन्य मूर्ति है जो बहुत ही चमत्कारी है । इस पहाड़ी के उपरी शिखर पर गिरनारी पहाड़ है । जहां पर तपोनिष्ट महंत गिरनारी बाबा एंव टाटा बाबा का स्थान है । इस पहाड़ी पर गिरनारी लता ने तप कर अंत में समाधि ली थी । प्रवचन का समय दिन के 12 बजे से 4 बजे तक है एवं रात्रि में गणेश नाटयकलां मण्डल कजलास द्वारा आधुनिक तरीके से ड्रामा का मंचन किया जा रहा है । यह यज्ञ सप्त गांव, कजलास, कुण्डियानाथू, बमुलिया रायमल, छायनखुर्द, जामगोद जागीर, ढाबला खालसा, हिम्मतपुरा, बीसूखेड़ी, जीवापुर महोडिया आदि ग्रामों के लोगो के अथक प्रयास एवं मां शीतला की कृपा से प्रतिवर्ष संपन्न होता है । यज्ञ कार्यक्रम के अध्यक्ष गुलाब भोजवानी आष्टा है । फूलसिंह पटेल कजलास ने धर्म प्रेमी जनमा से अपील की है कि, यज्ञ में पधार कर धर्म का लाभ लेवें ।
शीतला मंदिर ग्राम कजलास से एक किलो मीटर की दूरी पर स्थित कैलाश पर्वत के नाम से जानी जाती है । इसी पर्वत के नाम से ही ग्राम कजलास को कैलाश पुरी के नाम से भी जाना जाता है । पहाड़ी पर मां शीतला की चेतन्य मूर्ति है जो बहुत ही चमत्कारी है । इस पहाड़ी के उपरी शिखर पर गिरनारी पहाड़ है । जहां पर तपोनिष्ट महंत गिरनारी बाबा एंव टाटा बाबा का स्थान है । इस पहाड़ी पर गिरनारी लता ने तप कर अंत में समाधि ली थी । प्रवचन का समय दिन के 12 बजे से 4 बजे तक है एवं रात्रि में गणेश नाटयकलां मण्डल कजलास द्वारा आधुनिक तरीके से ड्रामा का मंचन किया जा रहा है । यह यज्ञ सप्त गांव, कजलास, कुण्डियानाथू, बमुलिया रायमल, छायनखुर्द, जामगोद जागीर, ढाबला खालसा, हिम्मतपुरा, बीसूखेड़ी, जीवापुर महोडिया आदि ग्रामों के लोगो के अथक प्रयास एवं मां शीतला की कृपा से प्रतिवर्ष संपन्न होता है । यज्ञ कार्यक्रम के अध्यक्ष गुलाब भोजवानी आष्टा है । फूलसिंह पटेल कजलास ने धर्म प्रेमी जनमा से अपील की है कि, यज्ञ में पधार कर धर्म का लाभ लेवें ।
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