Monday, December 29, 2008
जब तक पेयजल समस्या हल नहीं तब तक सम्मान नहीं कराऊंगा-रमेश सक्सेना, अनौपचारिक पत्रकार वार्ता में कहा विधायक ने
आज कुईयाश्री गार्डन में आयोजित सहभोज कार्यक्रम में विधायक श्री सक्सेना ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होने कहा कि इस बार चुनाव प्रचार में जिस जगह भी गया उसी गली-मोहल्ले में पेयजल की समस्या एक गंभीर मुद्दा बनकर मेरे सामने आया। पिछले पाँच वर्ष के कार्यकाल में मैने अपनी और से जितनी बन सकी कोशिश विधायक निधि के माध्यम से स्थान-स्थान पर बोर-नलकूप खनन कराकर उसके माध्यम से पानी उपलब्ध कराया। लेकिन इससे समाधान नहीं हो सका। अब जब मैं आभार व्यक्त करने भी निकल रहा हूँ तो यह समस्या महत्वपूर्ण रुप से फिर सामने आई है। उस समस्या के हल की मैं पूरी कोशिश करुंगा।
पत्रकारों से इस विषय पर उठाये गये प्रश्न पर विधायक श्री सक्सेना ने कहा कि शहर को पानी चाहिये और वो किस माध्यम से आयेगा यह काम देखना शासन का है। कोलार से अगर पानी आ सकता है तो कोलार से दिया जाये या नर्वदा मैया जब बैरागढ़ तक आ गई हैं तो उस माध्यम से भी अगर पानी आ सकता है तो दिया जाये। आपने कहा कि हमें पानी चाहिये और शासन कैसे उपलब्ध कराता है यह काम उन्हे देखना है।
एक अन्य सवाल के जबाव पर आपने कहा कि माननीय अटल जी का जो स्वप् नदी जोड़ो अभियान का था उस स्वप्न को भी इस तरह युवा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान साकार कर सकते हैं कि नर्वदा जी का पानी आष्टा के निकट पार्वती नदी में छुड़वाया जाये तो आष्टा से लेकर सीहोर जैसे बड़े दो शहरों के अलावा सैकड़ो गांव भरपूर जल से सम्पन्न हो जायेंगे। जहाँ आष्टा और सीहोर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान इस माध्यम से हो सकेगा वहीं क्षेत्र में कृषि को भी लाभ मिलेगा।
श्री सक्सेना ने कहा कि सीहोर में पार्वती योजना का बैरागर्क करने में नगर पालिका यादा जिम्मेदार रही है। पेयजल के लिये आये करोड़ो रुपयाें को दीगर जगह खर्च कर भारी भ्रष्टाचार कर लिया है। नहीं तो केन्द्र शासन से आई एक योजना में पार्वती पेयजल योजना के खारपा डाल पर एक स्टापडेम बनना था, टंकियों का निर्माण होना था, लेकिन यह नहीं हो सका। इसलिये नगर पालिका पर कोई विश्वास किया ही नहीं जा सकता। अब मैं स्वयं प्रयास कर रहा हूँ कि खारपा डाल पर एक बड़ा स्टापडेम बन जाये जिससे योजना के मूल स्थान पर पानी का यादा भंडारण बना रहे ताकि आगामी वर्षों में अपने स्तर पर पानी की समस्या से निजात पा सकें।
एक पत्रकार द्वारा पूछे जाने पर की इस बार चुनाव में भाजपा में भीतरघात करने वालों की क्या आपने शिकायत की है या आप शिकायत करने वाले हैं के जबाव में श्री सक्सेना ने कहा कि किनने काम किया और नहीं किया यह काम संगठन को देखना है। मैं शिकायतों पर विश्वास नहीं करता। ना ही मैं चाहता हूँ की वो पार्टी से बाहर हों। श्री सक्सेना ने मुस्कुराते हुए अपने अंदाज में कहा कि पार्टी में रहेंगे तो शांति से अपना समय निकालेंगे और बाहर निकालने के बाद तो वो और बाहर जाकर विरोध ही करेंगे। जो लोग भाजपा छोड़कर गये हैं वो तो पिछले चुनाव में भी मेरे साथ नहीं थे। उस चुनाव में भी उन्होने मेरा विरोध ही किया था। और उनके जाने या रहने का मुझे कोई लाभ हुआ ना ही कोई नुकसान। आज विधायक श्री सक्सेना ने सभी पत्रकारों का चुनाव में दिये गये सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा की जिस तरह का पत्रकारों का मुझे सहयोग बना रहा है वैसा ही सहयोग मुझे आगामी पाँच साल तक मिलता रहे और मार्गदर्शन भी देते रहें। सीहोर विधानसभा प्रभारी प्रकाश व्यास काका ने भी आज सभी का आभार व्यक्त किया।
समन्वित प्रयासों से टीकाकरण की लक्ष्यपूर्ति करें - कलेक्टर
द क्रिसेन्ट रिसोर्ट क्लब सीहोर में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर डी.पी.आहूजा ने कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण के लिए वर्तमान व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय मानकों का पालन बहुत जरूरी है। नियमित टीकाकरण कार्यम का संचालन बेहतर तरीके से हो इसके लिए यह जरूरी है कि विभिन्न विभागों खासकर स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, जिला पंचायत, वन, शिक्षा और राजस्व, आदिम जाति कल्याण का समन्वय होना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कार्यशाला आयोजित की गई है।
कलेक्टर श्री आहूजा ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने भ्रमण के दौरान नियमित टीकाकरण कार्यम की समीक्षा करें ताकि इसकी शत प्रतिशत लक्ष्यपूर्ति हासिल की जा सके। उन्हाेंने कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से टीकाकरण के लिए जाने वाली कार्यवाही के संबंध में कार्यशाला में विस्तृत जानकारी दी जायगी ताकि जिला, खण्ड एवं सेक्टर स्तर पर अनुश्रवण की स्थिति को कारगर बनाया जा सके। उन्होने नियमित रूप से कोल्डचेन मेन्टेन करने, समय समय पर व्हेक्सीन और कोल्ड चेन उपकरणों का सुपरवीजन करने, लक्षित बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करने, आंगनबाड़ी के जरिए बच्चों को पौष्टिक आहार देने तथा जन जागरूकता लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कार्यशाला में डॉ.बी.एस.ओहरी ने स्वागत भाषण दिया। कार्यशाला में मौजूद प्रतिभागियों को विभिन्न स्तर पर सपोर्टिव सुपरवीजन के लिए चैक लिस्ट और सार्वभौमिक टीकाकरण के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया तथा आवश्यक प्रपत्र एवं जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.ए.एल.मरावी ने बताया कि टीकाकरण एवं बाल्य स्वास्थ्य के संबंध में आयोजित तीन दिवसीय इस कार्यशाला के दूसरे और तीसरे दिन एक-एक टीम जिले के प्रत्येक ब्लाक में अनुश्रवण के लिए भेजी जायगी और टीमों द्वारा एकत्र ब्यौरे की समीक्षा की जायगी।
कार्यशाला में एस.डी.एम. सीहोर चन्द्र शेखर वालिम्बे, एसडीएम आष्टा श्रीमती जी.व्ही.रश्मि, एसडीएम बुधनी चन्द्रमोहन मिश्रा, एसडीएम इछावर रवि शंकर पटले, एसडीएम नसरूल्लागंज एस.के.उपाध्याय, सिविल सर्जन डॉ.टी. एन. चतुर्वेदी सहित सभी ब्लाक मेडिकल ऑफीसर्स, महिला बाल विकास अधिकारी एवं बाल विकास परियोजनाओं के समस्त सी.डी.पी.ओ.,जिला शिक्षा अधिकारी सहित सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, आयुष चिकित्सक, वन एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
Sunday, December 28, 2008
भूसे को बाहर ले जाने पर लगे रोक
जावर, 26 दिसम्बर (नि.प्र.) इस वर्ष हुई अल्प वर्षा का असर चौतरफा दिखाई देने लगा है नगर सहित गांवों में अल्प वर्षा के कारण अभी से जल संकट दिखाई देने लगा है वही कम बारिश होने के कारण क्षेत्र में गेहूं की बोवनी काफी कम क्षेत्र में हुई है। जहां कई पहले किसानों ने गेहूं की बुआई भी कर दी थी तो अब उस फसल को पानी नहीं मिल रहा है।
ऐसी स्थिति में इस वर्ष गेहूं का भूसा कम होने की आशंका से क्षेत्र का पशुपालक किसान अभी से चिंतित दिखाई देने लगा है। हालांकि जिले में भूसे की कही कोई कमी नहीं है लेकिन प्रतिदिन क्षेत्र व जिले की सीमा से बाहर के लोग आकर भूसा खरीद कर ले जा रहे हे जिस कारण भूसा मंहगा किने लगा है क्षेत्र के पुशपालकों ने जिलाधीश से जिले से बाहर भूसा ले जाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
पशु पालक राधेश्याम पाटीदार ने बताया कि इस वर्ष अल्प वर्षा के कारण काफी कम क्षेत्र में ही गेहूं की बुबाई हुई है ऐसी स्थिति में आने वाले समय में भूसे का संकट आना स्वाभाविक है।
भाटीखेड़ा के अनिल मालवीय ने बताया कि क्षेत्र में अभी भूसे की कोई कमी नहीं है लेकिन अन्य जिलों से प्रतिदिन लोग आकर क्षेत्र से अधिक कीमत पर भूसा खरीद कर ले जा रहे है जिस कारण स्थानीय पशुपालकों को महंगा भूसा (बगदा) खरीदना पड़ रहा है।
प्रशासनिक फेरबदल की अटकलें तेज
सीहोर 27 दिसम्बर (नि.सं.)। मध्य प्रदेश शासन के चुनाव होने के साथ ही अब सीहोर की प्रशासनिक फेरबदल की अटकलें बहुत तेजी के साथ शुरु हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी नई पारी की शुरुआत करते हुए पहले ही दिन से प्रशासनिक कसावट के संकेत दे दिये थे। इन्दौर में पड़े बैंक डाके के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा था कि सिर्फ रिजल्ट की बात कीजिये। इसी क्रम में मुख्यमंत्री जी जब सीहोर जिले में यात्रा हुई तब भी उन्होने स्पष्ट संकेत दे दिये थे कि यहाँ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होगा। जिसमें कुछ अधिकारियों को जिले से बाहर जाने के संकेत हैं।
मुख्यमंत्री जब बांद्राभान आये थे तब हेलीपेड उनकी एक प्रशासनिक अधिकारी क्या बातचीत हुई इसको लेकर चर्चाएं सरगर्म हैं। चुनाव के दौरान जिस तरह से प्रशासन काम कर रहा था और विशेषकर सीहोर विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन का रुख एकदल बदला हुआ था और काफी हरकतें पुलिस विभाग ने भी की थी उससे लग रहा था कि निश्चित ही यदि भाजपा शासन फिर सत्ता में आया तो यहाँ बड़ा फेरबदल होगा। बहुत बड़ी संख्या में इस बार जहाँ जिला बदर की कार्यवाही हुई वहीं कई नामचीन लोगों को पुलिस ने भी चुनाव के दौरान उठवाया था।
इधर भाजपा शासन वापस सत्ता में आते ही सबसे पहले जिला मुख्यालय पर प्रशासन की आंख-नाक एसडीएम को सीधे बुदनी नसरुल्लागंज भेज दिया गया है। एसडीएम श्री मिश्रा काफी चर्चाओं में थे और चुनाव के दौरान ही उनसे भाजपाई खफा-खफा थे।
उधर जब मुख्यमंत्री बांद्राभान पहुँचे तो वहाँ उन्होने प्रशासनिक अधिकारियों से अपने अलग ही तेवर में बातचीत करते हुए स्पष्ट कर दिया कि यहाँ परिवर्तन होगा।
स्थानान्तरण होने के यह संकेत सर्वाधिक चर्चाओं में बने हुए हैं। साथ ही पुलिस प्रशासन में काफी हलचल मची हुई है। जिला प्रशासन भी यह मानकर चल रहा है कि आगामी दिनों में जो भी स्थानान्तरण की सूचियाँ जारी होंगी उनमें सीहोर के नाम भी प्रमुखता से शामिल रहेंगे।
भाजपा का पिछला शासन जहाँ प्रशासनिक ढील के कारण आम कार्यकर्ताओं व जनता के लिये परेशानी का कारण बना हुआ था वहीं अब मुख्यमंत्री के तेवरों से यह संकेत दिख रहे हैं कि कुछ कसावट सामने आयेगी। देखते हैं क्या होता है।
कार्यों को शीघ्रता से पूरा करें - कलेक्टर
सीहोर 27 दिसंबर (नि.सं.)। कलेक्टर डी.पी.आहूजा ने आज एक बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत वन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्हाेंने कार्यों की धीमी गति पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए कार्यों को गति के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम श्रीमती भावना वालिम्बे, जिला पंचायत के सीईओ अरूण कुमार तोमर, डीएफओ के.पी.बांगर सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं वन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में कलेक्टर श्री आहूजा ने वन विभाग के रेन्ज अधिकारियों से रैंजवार प्रशासकीय स्वीकृति एवं किए गए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एनआरई जीएस) के कार्यों में शिथिलता को गंभीरता से लिया जायगा। जहां कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं वहां तत्काल कार्य प्रारंभ कराए जाएं और इनका निरंतर रिव्यू किया जाये। अधिकारी ग्राम पंचायतों से समन्वय बनाकर एनआरई जीएस के कार्यों को शीघ्रता से पूरा करें और कार्यों में कितना श्रम लगा इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट भिजवाएं। उन्होंने बताया कि 23 नए कार्यों के लिए एक करोड़ 25 लाख की राशि मंजूर की गई है।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी अरूण कुमार तोमर ने बताया कि एनआरईजीएस के तहत 18 कार्यो के लिए 86 लाख की राशि मंजूर की गई है जिसमें से 43 लाख की राशि वन विभाग को 6 माह पूर्व जारी की जा चुकी है। डीएफओ श्री बांगर ने बताया कि एनआरईजीएस के तहत कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं और फरवरी,09 तक इन्हें पूरा कर लिया जाएगा।
दस हजार वर्ष तक भोगनी पड़ती है प्रेतयोनी-पं.उपाध्याय
सीहोर27 दिसम्बर (नि.सं.)। माता-पिता को जो पीड़ा पहुंचाते हैं जो कपूत उन्हें वृद्धास्था में सहारा न देकर वृद्ध आश्रम पहुंचाते हैं पर स्त्रीगमन करते हैं। निर्धनों को सताते हैं और दूसरों का धन हड़प लेते हैं। दान पुण्य से जो दूर रहते हैं ऐसे दुष्ट दुर्जन मानवों को दस हजार वर्ष तक प्रेत योनी भोगनी पड़ती है। उनका कल्याण भगवान भी नहीं करते हैं।
उक्त प्रेरणादायी उदगार भागवत कथा वाचक पंडित चेतन्य उपाध्याय ने श्रद्धालुओं ने श्रवण कराएं। इंदौर नाका स्थित वटेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में सोमवार से श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ कथा प्रारंभ की गई। इससे पूर्व कलश यात्रा निकाली गई जिसमें मुख्य यजमान के रूप में सन्नी महाजन तथा पत्नि शोभना महाजन सम्मिलित हुए।
नवयुवक मारूति नंदन मण्डल द्वारा इंदौर नाका स्थित वटेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में श्रीमद भागवत कथा आयोजित की जा रही है। कथा के पहले दिन वटेश्वर महादेव मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा ढोल ढमाकों के साथ दशहरा मैदान स्थित राधाकृष्ण मंदिर पहुंची जहां पर पंडित चेतन्य उपाध्याय के सानिध्य में यजमान सन्नी महाजन ने सपत्निक तथा भूपेन्द्र सिंह पटेल ने भगवान कृष्ण तथा व्यास गादी और देवी देवताओं की विधिवत पूजा अर्चना की तत्पश्चात कलश यात्रा दशहरा बाग और बजरंग कालोनी का भ्रमण करती हुई वापस कथा स्थल पर पहुंची जहां पर विधि विधान से पंडित चेतन उपाध्याय द्वारा श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ किया गया उन्होंने पहले दिन श्रद्धालुओं को भक्ति वैराग्य और गीताजी का महत्व धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रवण कराया।
उन्होंने धुंधली तथा गोकरण कथा प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जो पर स्त्री गमन करते हैं अपने माता-पिता का अपमान करते हैं, पराया धन हड़पते हैं, निर्धनों को कष्ट पहुंचाते हैं ऐसे दुर्जनों को दस हजार वर्ष तक प्रेत योनी भोगनी पड़ती है जिसमें उन्हें मनुष्य योनी से भी कई अधिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। यह दस हजारी प्रेत योनी गंगाजी में पिण्डदान और तर्पण करने से भी नहीं छूट पाती है। पहले दिन ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में कथा श्रवण करने उपस्थित हुए थे।
सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ में अजामिल, प्रहलाद चरित्र, वामन अवतार, रामअवतार, कृष्ण जन्म, महारास, भ्रमर गीत, गोर्वधन पूजा, रूकमणी विवाह, सुदामा चरित्र इत्यादि कथाएं होंगी। समिति के देवेन्द्र सेंगर ने बताया कि प्रतिदिन दोपहर एक बजे से शाम 4 बजे तक कथा आयोजित की जा रही हैं। कथा स्थल पर महिला श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था विशेष रूप से की गई है।
अहमदपुर में भव्य मानस गान प्रतियोगिता का समापन
सीहोर 27 दिसम्बर (नि.सं.)। विधायक रमेश सक्सेना के जन्मदिन के उपलक्ष्य में देवीपुर ग्राम (अहमदपुर में) भव्य मानस गान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इस प्रतियोगिता में 19 टीमों ने भाग लिया इसमें सीहोर आर्दश तुलसी मानस मंडल कुरावर, नवयुवक बजरंग मंडल नरसिंहगढ़, बजरंग मानस मंडल बैरसिया, रामायण समिति गुनगा, रामचरित मानस मंडल बाबई कीर्तन मंडल मानस प्रचार समिति बाजार बरखेड़ा प्रमुख रूप से उपस्थित थे इन प्रमुख मंडलों की प्रस्तुति को सुमधुर लय में गाकर सुनने वाी जनता का मन मोह लिया प्रतियोगिता का गायन रात्रि नौ बजे से सुबह 6 बजे तक चलता रहा। इसमें प्रथम पांच मंडलों की प्रस्तुति इस प्रकार रही मानस प्रचार समिति बाजार बरखेड़ा आर्दश तुलसी मानस मंडल गंज सीहोर, बजरंग मानस मंडल गुनगा, रामायण समिति बैरसिया, बजरंग रामायण समिति नरसिंहगढ़, रही प्रथम पुरूस्कार में 5000 रूपये ओर शील्ड द्वितीय पुरूस्कार में 3100 रूपये व शील्ड, तृतीय पुरूस्कार में 2100 रूपये व शील्ड प्रदान की गई। पुरूस्कार का वितरण देवेन्द्र सक्सेना जनपद अध्यक्ष अमरसिंह मीणा मारकेटिंग के अध्यक्ष एवं मायाराम जी गौर पूर्व मंडल अध्यक्ष ने किया।
इस अवसर पर श्री महेश गुप्ता जी, परमानन्द जी मीणा सरपंच प्रदीप कुमार सक्सेना गुडूवना जी सरपंच चांदबड़ भीमसिंह सरपंच, अनूप सिंह सरपंच विश्राम सिंह जी मीणा कोलूखेड़ी पूनम चंद तिवारी सचिव पंचायत बरखेड़ा हसन द्वारका प्रसाद सरपंच पीलूखेड़ी आदि और क्षेत्र की जनता की उपस्थिति में किया गया। आभार प्रदर्शन राधेश्याम शर्मा द्वारा किया गया।
वार्ड 10 में अब 4 उम्मीदवार मैदान में
आष्टा 27 दिसम्बर (नि.प्र.)। आष्टा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 10 में हो रहे उप चुनाव में आज नाम वापसी दिवस पर एक उम्मीदवार परसादी बाई कन्हैयालाल खत्री ने अपना नाम वापस ले लिया अब इस वार्ड में चार उम्मीदवार मैदान में शेष बचे है।
आसमान से बादल साफ होते ही ठंड ने जोर पकड़ा
जावर 27 दिसम्बर (नि.प्र.)। आसमान में छाये बादल छटते ही ठंड ने जोर पकड़ा ठंड के कारण लोगों ने किया गर्म कपड़े पहना शुरू अच्छी ठंड शुरू हाने से फसल को होगा फायदा। पिछले कुछ दिनों से आसमान में बादल छाये रहने से ठंड बिल्कुल गायब हो गई थी। तेज ठंड नहीं पड़ने से किसान भी चिंतित होने लगा था इसके अलावा गर्म कपड़ों का व्यापार भी ठंड नहीं पड़ने से मंदा पड़ा था लेकिन दो तीन दिनों से आसमान में छाये बादल अब पूरी तरह से साफ हो गये है।
बादल साफ होते ही तेज ठंड पड़ना शुरू हो गई। ठंड शुरू होने के साथ ही जगह-जगह ठंड से बचने के लिए लोग अलाव जलाने लगे है साथ ही गर्म कपड़ों का सहारा भी लेने लगे है सुबह शाम के अलावा दिन में भी गर्म कपड़े पहने दिखाई देते है लोग ठंड के कारण सुबह की कुन-कुन धूप भी सुहानी लगने लगी है। ठंड से बचने के लिए बच्चे भी अपनी पढ़ाई आंगन या छत पर धूप में बैठकर पढ़ना पसंद कर रहे है। सेकूखेड़ा के कृषक देवरण ने बताया कि कुछ समय से ठंड नहीं पड़ने से गेहूं चने की फसल ठी से बढ़ नहीं पा रही थी उक्त फसल के लिए ठंड पड़ना भी जरूरी रहता है। कृषक मांगीलाल ने बताया कि दो तीन दिनों से अच्छी ठंड पड़ने लगी है जिससे गेहूं चने की फसल को फायदा होगा साथ ही चने की फसल में पड़ रही इल्ली में भी ठंड के कारण कमी आएगी।
माहेश्वरी समाज के चुनाव सम्पन्न सुरेश सचिव बने
सीहोर 27 दिसम्बर (नि.सं.)। गत दिनों सीहोर माहेश्वरी समाज के चुनाव सपन्न हुए। चुनाव मे राधारमण कासट को सर्वसम्मित से आगामी 3 वर्ष के लिये अध्यक्ष चुना गया,कासट को कार्यकारिणी गठन हेतु अधिकृत किया गया।
Saturday, December 27, 2008
क्यों भैंसों का श्राप ले रहे हो... पशु चिकित्सालय में व्याप्त अव्यवस्था से परेशान पशुपालक
सीहोर 26 दिसम्बर (नि.सं.)। पशु चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सक भी निजी प्रेक्टिस कर स्वयं को धन्य करने में लगे हुए हैं और जब कभी शासकिय स्तर पर इन्हे पशुओं की सेवा करने का सौभाग्य मिलता है तो यह उसे टाल जाते हैं। जबकि शासकिय दवाओं को अपने बेग में भरकर ले जाते हैं और फिर निजी प्रेक्टिस में इसका उपयोग कर लेते हैं। कई पशुओं को बीमारी की अवस्था में देखते रहते हैं लेकिन इलाज करने से बचते हैं। यदि पशु पालक यादा बात करें तो कह देते हैं कि मेरा स्थानान्तरण हो चुका है इसलिये मैं पशु नहीं देखूंगा।
पशु चिकित्सालय इन दिनो पशुवत व्यवहार के कारण परेशानी का कारण बन गया है। मूक पशुओं के प्रति संवेदनहीन एक पशु चिकित्सक के व्यवहार ने यहाँ लम्बे समय से पशु पालकों को परेशानी में डाल रखा है। यहाँ आने वाले मुख्यत: ग्रामीण क्षेत्र के पशु पालकों के पशुओं का इलाज तो होता ही नहीं है या तो उन्हे चिकित्सक का अभाव बता दिया जाता है, या कम्पाउण्डर नहीं होने की बात कही जाती है।
पशु चिकित्सालय में यूँ तो भारी मात्रा में दवाईयाँ प्रशासन उपलब्ध कराता है लेकिन जब कभी किसी मूक पशु के इलाज के लिये दवाई की जरुरत पड़ती है तो यहाँ उसे उपलब्ध ही नहीं होती है आखिर लाखों रुपये की दवाईयाँ बिना लगे ही कैसे गायब हो जाती है यह एक जांच का विषय है।
एक बाबू हैं कि बस गुटका चबाते हुए बैठे रहते हैं और काम करने के नाम अलसाते हैं। यहाँ आने वाली दवाईयाँ इनके बेग में चुपचाप रखा जाती है और फिर सेटिंग से यहाँ से दवाई की चोरी हो जाती है।
बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं का इलाज करने यह निजी प्रेक्टिस करने शासकिय दवाओं के साथ जाते हैं और वहाँ शासकिय दवाओं को लगाकर ग्रामीण पशु पालकों से भारी भरकम रुपये वसूलते हैं।
इन्ही यह अदा भी है कि जब कभी कोई पशु पालक यहाँ इलाज कराने आता है तो उसे बजाये चिकित्सालय से दवाएं उपलब्ध कराने के सीधे बाहर की दवाएं लिख देते हैं जिससे पशु पालकों को परेशानी होती है।
पशु चिकित्सा विभाग के एक उच्चस्थ अधिकारी को खाने-पीने का जरा यादा ही शोक फरमाया हुआ है, इनका शोक कैसे पूरा हो ? इसके लिये एक जुगाड़ बनाई गई है। जुगाड़ यह है कि यहाँ पशु चिकित्सालय में दवाओं की चोरी की खुल्ली छूट दी गई है जिससे होने वाली कमाई के रुपयों से आये दिन मुर्गा-पार्टी का आयोजन होता है। इनके खाने-पीने की आदत पशुओं को भारी पड़ रही है। पशुओं के हिस्से का माल इनके पेट में जा रहा है।
पशु चिकित्सालय में एक स्थानीय छुटभैया भाजपाई नेता भी अपने एक मित्र के साथ डटे ही रहते हैं...यूँ तो लोग अक्सर मनुष्यों के चिकित्सालय में बैठना पसंद करते हैं लेकिन इन छुटभैया नेता को जाने कौन-सा आनन्द मिलता है जो यह पशु चिकित्सालय में आने वाले पशुओं को गौर से देखकर उठाते हैं। इनकी भी उपस्थिति यहाँ परेशानी पैदा करती है, यहाँ किसी ना किसी प्रकार जुगाड़ बैठे-बैठे देखते हैं जिससे दबाव बनाकर कु छ जेब खर्च निकाल सकें।
स्थिति तो यह बन गई है कि पिछले दिनों एक भैंस पशु पालक यहाँ आया तो था काफी देर तक परेशान होता रहा किसी ने उसकी सहायता नहीं की, उसकी भैंस के थन खराब हो गये थे, उसमें कीड़े पड़ गये थे, उसकी पेशाब में कीड़े भी पड़ गये थे जिसकी सफाई तो हो गई लेकिन उचित मार्गदर्शन, इंजेक्शन बाटल यहाँ नहीं दिया गया। हैरान परेशान पशु पालक यहाँ सबसे यही कह रहा है कि भैया क्यों भैंसो का श्राप ले रहे हो।
...जब नदी किनारे अधिकारी ने पत्रकार को कर दिया पानी-पानी
सीहोर 26 दिसम्बर (नि.सं.)। सीवन नदी की सफाई के साथ ही वह पत्रकार भी सक्रिय हो गये थे और नदी के कीचड़ के साथ अपने पाप भी धोने की तैयारी में जुट गये थे जो अपनी नई-नई आदतों से कभी कभार चर्चा में आ जाते हैं। सीवन के किनारों ने कईयों को पार लगाया है, घर बैठे मक्खी मारने वाले लोग इसी सीवन से निकले कीचड़ में स्वयं को कमल बनाने में सफल हुए हैं....सीवन के इन्ही किनारों ने कईयों के बुझे हुए दीप जलाये हैं... सीवन के किनारों ने कईयों की कला को प्रखर किया है और ऊँचाईयाँ दी है....चंदा की किरणों में गोते लगाने का दुस्साहस भी सीवन के किनारे चलने वाली ठंडी हवाओं ने ही दिया....। जब-जब सीवन की सफाई हुई तब-तब नगर के कई लोगों की प्रशासनिक दूरियाँ नजदीकियों में बदली है।
लेकिन लम्बे समय से ना तो यहाँ कोई सीवन के प्रति सोच रखने वाला आया और ना ही इस बहाने अधिकारियों से करीबी बनने का कोई सेतु बन सका। यह दीगर बात है कि सीवन के घांट पर ऐसे लोग अकेले में ही जाकर टहल आते हैं और कई बार उन पुरानी यादों में खो जाते हैं जब सीवन सफाई अभियान के साथ ही उनकी प्रशासनिक अधिकारियों से करीबी बनी थी....और बड़े अधिकारी से होने वाली गुप्तगु को देखने वाले कई छोटे अधिकारियों की निगाह में वह कुछ खास हो गये थे...कैसे उनकी चल पड़ी थी...हर अधिकारी उन्हे सम्मान से देखता था...हर तरफ वही मियां सूरमा बने हुए थे...।
अब हाल ही में जब सीवन सफाई का अभियान फिर साहब की उपस्थिति में प्रारंभ हुआ तो कईयों के मुँह पानी आ गया.....वह वापस ख्वाब देखने लगे जैसे-जैसे सीवन का कीचड़ हटेगा वैसे-वैसे उनकी नजदीकियाँ साहब से बनने लगेगी।
इसी क्रम में सबसे पहले मचले एक पत्रकार ने पहले ही दिन साहब के सामने सीवन सफाई को प्रदेश भर में ख्याति दिलाने का छोटा-सा लालच देते हुए कैमरा आगे कर दिया और उनसे पूछा कि सीवन नदी की सफाई के विषय में आप क्या कहना चाहते हैं ? यह प्रेरणा आपको कैसे मिली ? आदि आदि। लेकिन यह क्या........?
साहब तो एकदम अलग ही अंदाज में नजर आये....उन्होने सीधे कह दिया कि हटाईये यह कै मरा, चलिये दूर हटिये, मैं कोई नेता नहीं हूँ। जो हो रहा देख लीजिये....। उफ् यह क्या हो गया.... पत्रकार साहब बड़े मायूस हो गये। नजदीकियों के वह स्वप्न चूर-चूर हो गये...साहब की वाणी ने उन्हे दिन में ही तारे दिखा दिये।
दूसरे नम्बर पर एक नये-नये पत्रकार साहब ने दाव लगाया....। काफी सोच-विचारकर इन्होने साहब को घापे में लेने के लिये, और अधिकारियों पर रंगदारी दिखाने के लिये एक ऐसा स्थान चुना जहाँ मामला जम ही जाये। यह साहब के पास पहुँचे पहले तो खडे रहे और अपनी जबरिया फीकी मुस्कुराहट बिखेरते रहे...बातों ही बातों में हाँ-हूँ के बाद यह एकदम पास पहुँचकर अपनी एक कथित महत्वपूर्ण राय देने के अंदाज में साहब के कान में अंदर अपना मुँह घुसाने लगे....और अपनी एक राय भी दे बैठे।
इल्ली से फसलों के बचाने के उपाय
सीहोर 26 दिसंबर (नि.सं.)। कृषि विभाग द्वारा फसल को इल्लियों से बचाने के उपाय बताए गए हैं। इसके अलावा विभाग द्वारा प्रत्येक विकास खंड को छ: छ: सौ लीटर कीटनाशक दवा टाइजोफार मुहैया कराई गई है। दवा पर पांच सौ रूपये प्रति हैक्टेयर के मान से अनुदान दिया गया है।
कृषि विभाग ने चना, मूंग, उडद, मिर्च, टमाटर आदि फसलों को इल्लियों द्वारा पहुंचाई जाने वाली हानि से बचाव के उपाय बताए हैं। साथ ही छ: छ: सौ लीटर कीटनाशक दवा ट्राइजोफास हर विकास खंड को मुहैया कराई है जिस पर पांच सौ रूपये प्रति हैक्टेयर अनुदान दिया जा रहा है। यह कीटनाशी दवा एस.ए.डी. ओ.के कार्यालय में उपलब्ध है।
जैविक तरीके से कीट नियंत्रण
उप संचालक कृषि एन.एस.रघु ने फसलों को इल्ली से बचाने के जैविक उपाय बताए हैं। उन्होंने बताया है कि खेत में अंग्रेजी के अक्षर टी के आकार की लकड़ियां 10 - 12 स्थानों पर प्रति एक ड़ गाढ़ देने से इन लकड़ियों पर पक्षी बैठेंगे और इल्लियों को चुन कर नष्ट करेंगे। प्रारंभिक अवस्था की इल्लियों को 0.03 प्रतिशत नीम तेल ढाई लीटर की मात्रा प्रति हेक्टर की मान से छिड़काव कर नष्ट किया जा सकता है।
किसानों के अनुभव और कारगर नुस्खे
खेती किसानी में किसानों के अनुभवों के आधार पर कुछ आजमाइश किए गए नुस्खों का उपयोग करने से भी कीटों के नियंत्रण में कारगर लाभ मिला है। आजमाए नुस्खों में गोमूत्र को बाटल या बड़े कांच के बर्तन में भरकर धूप में रख दे। जितना अधिक दिन पुराना गोमूत्र रहेगा, उतना अधिक कारगर होगा। डेढ़ सौ से दो सौ मिलीलीटर गौमूत्र 15 लीटर स्प्रे पंप में मिलाकर 10-12 पंप स्प्रे प्रति एकड करने से यह सभी प्रकार के कीटों को नियंत्रित करता है। पन्द्रह से बीस किलो नीम पत्तियां कोमल डालियों सहित 200 लीटर पानी में भिगोकर छांव में रखें तथा पानी पीला होने तक गलने दे। इसे नीम पत्ती का काढा कहते है। जिसे छानकर एक एकड क्षेत्र में स्प्रे किया जाना फायदेमंद होता है। नीम पत्तियों के स्थान पर करंज (संजी) आयपोमया (बेशरम), सीताफल, आंकडा (अकऊआ) की पत्तियों का भी उपयोग किया जा सकता है।
आधा किलो लहसून और आधा किलो हरी मिर्च बारीक पीसकर पानी में घोल बनाकर उसे छानकर 200 लीटर पानी में मिलाकर इसमें 100 ग्राम साबुन पावडर (टिरजेन्ट पावडर) मिलाने के बाद उसे एक एकड फसल पर छिडकाव करें, इससे सभी प्रकार के कीट नियंत्रित होंगे। किसान भाई आधा किलो तम्बाकू सूखी पत्ती 2-3 लीटर पानी में उबालकर काढा बना ले। काढे को छानकर एक स्प्रे पम्प की टंकी में लगभग 30 मिलीलीटर काढा मिलाकर स्प्रे करने पर सभी कीटों को नियंत्रित किया जा सकता है। यह सभी कीटों को नियंत्रित करेगा।
आपके विश्वास पर खरा उतरुं गा-गुणवान
जावर 26 दिसम्बर (नि.प्र.)। तहसील क्षेत्र में जो विकास की गति चल रही है उसे आगे भी जारी रखा जायेगा। आप लोगों ने मुझ पर जो विश्वास किया है उस पर मैं खरा उतरुंगा। कार्यकर्ताओं के लिये मेरे दरवाजे चौबीस घंटे खुले हैं जो गांव सड़क बनने से छूट गये हैं उन्हे भी शीघ्र पक्की सड़क से जुड़वाऊंगा। साथ ही सिंचाई की योजनाएं चालू करवाऊंगा अधूरे कार्यों का पूरा करवाऊंगा।
यह बात क्षेत्रीय विधायक रणजीत सिंह गुणवान ने ग्राम गुजारी में कृषि विभाग के माध्यम से 23 लाख रुपये की लागत से बनने वाली तलाई के भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद उपस्थित ग्रामीणों के बीच कही। (इसके पश्चात गुणवान के ग्राम अतरालिया जावर) पहुँचने पर ग्रामीणों से ढोल-ढमाके व आतिशबाजी चलाकर स्वागत किया। बाद में स्कूल प्रांगण में स्वागत समारोह आयोजित किया गया। जहाँ पर सरपंच नाथू सिंह द्वारा गुणवान व सहकारी नेता देवी सिंह परमार का साफा बांधकर स्वागत किया व ग्राम में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने एवं गांव तक सड़क बनवाने का मांग पत्र सौंपा। वहीं पीटीए अध्यक्ष जसपाल सिंह ने माध्यमिक शाला को उन्नयन कर हाईस्कूल का दर्जा दिलवाने व अन्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग की। इस पर गुणवान ने स्कूल की बाउण्ड्री वाल बनवाने के लिये दो लाख रुपये देने की घोषणा की व हाईस्कूल प्राथमिकता के आधार पर खुलवाने का आश्वासन दिया । गांव में पानी की गंभीर समस्या है इसे हल करवाने के लिये महिलाओं ने गुणवान से मांग की। इस मौके पर ग्राम के मांगीलाल फूल सिंह, विजय सिंह, मनोहर सिंह जसपाल सिंह, कृपाल सिंह, सजन सिंह, राजेन्द्र सिंह, देवकरण, ज्ञान सिंह, सवाई सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सोबाल सिंह ने व आभार विजेन्द्र सिंह ने व्यक्त किया।