Sunday, November 23, 2008

नगाड़े को कांग्रेस भाजपा के बीच से निकाल लाईये-उमा

            सीहोर 22 नवम्बर (नि.सं.)। दिन रात मेहनत कर रही हूँ, तो किसलिये सिर्फ मुझे गरीबों का ध्यान रखना है इसलिये, क्या भाजपा को हराने के लिये इतनी मेहनत करुंगी, कभी नहीं। मैं घूम-घूमकर लगातार जनता के बीच जा रही हूँ, न तो उन पुराने पापियों को कांग्रेस को आने दूंगी, न भाजपा को। आपको मेरा साथ देना है।

      उक्त बात आज जनशक्ति पार्टी के आम सभा में बोलते हुए नेत्री उमाश्री भारती ने कही। उन्होने कहा कि हमने मुकदमे झेले, कष्ट सहे, वर्षों पार्टी के लिये काम किया, तो क्या सिर्फ इसलिये कि जब मौका आ जाये तो सत्ता के दलाल बीच में आ जायें और आराम से मलाई खा जायें। मैं ईमानदारी के लिये राजनीति कर रही हूँ। उमाश्री ने कहा कि आप भाजपा और कांग्रेस को लूटकर नगाड़े को अपना अमूल्य मत दीजिये। उन्होने कहा कि नगाड़े की एक डण्डी कांग्रेस के सिर पर मारिये और दूसरी भाजपा पर मारिये और बीच में से नगाड़े को निकालकर ले आईये। 27 तारीख को नगाड़ा बजा दीजिये। उमाश्री ने सीहोर के प्रत्याशी सन्नी महाजन के लिये कहा कि यह पुराना भाजपा जनसंघ जमाने का परिवार का लड़का है।

      उन्होने उपस्थित जनसमुदाय से दोनो हाथ उठवाकर पूछा कि क्या 27 को नगाड़ा बजेगा सबने कहा हाँ, फिर पूछा लंका जलेगी, मेरे अपमान का बदला आप लोग लेंगे।

      उमाश्री भारती के संबोधन के बाद यहाँ प्रत्याशी सन्नी महाजन कों उन्होने बोलने के लिये बुलाया। गौरव ने संबोधित करते हुए कहा कि मेरे सामने एक राजा है दूसरा महाराजा, और मैं तो रंक हूँ। लेकिन मैं वचन देता हूँ कि यदि आपने मुझे आशीर्वाद दिया तो मेरे घर का सदस्य कभी राजनीति नहीं करेगा। रात को 2 बजे भी आप यदि बुलायेंगे तो आपके कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहूंगा। भ्रष्टाचार को खत्म कर दूंगा। कोलार से पानी लाने का वचन देता हूँ। इसलिये दीदी का हाथ मजबूत कीजिये और नगाड़े का बटन दवाईये।

13 में से एक लाओ वरना घर लौट जाओ, आयोग द्वारा मतदाता की पहचान के लिए मान्य किए गए तेरह दस्तावेज

सीहोर 22 नवम्बर (नि.सं.)। विधान सभा निर्वाचन 2008 के लिए जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में 27 नवम्बर को होने वाले मतदान के लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने मतदाताओं से अपील की है कि उनको जारी किए गए फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र ही साथ लेकर मतदान केन्द्र पहुंचे। उन्होंने कहा कि ऐसे मतदाता जिनके नाम मतदाता सूची में हैं और वह फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र साथ नहीं लायेंगे उनकी पहचान स्थापित करने के लिए आयोग द्वारा 13 फोटोयुक्त दस्तावेजों को मान्य किया गया है इनमें से किसी एक दस्तावेज का लाना अनिवार्य होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र साथ लेकर आने वाले मतदाताओं की लाईन ऐसे मतदाताओं से अलग लगाई जायगी जो फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र साथ नहीं लायेंगे। फोटोयुक्त परिचय पत्र वाले मतदाताओं को पहले मतदान का अवसर मिलेगा।

तेरह दस्तावेज

      आयोग द्वारा जिन तेरह फोटोयुक्त दस्तावेजों को मतदाताओं की पहचान स्थापित करने के लिए मान्य किया गया है इनमें पासपोर्ट, ड्राईविंग लायसेंस, पेन कार्ड, राज्य- केन्द्र सरकार, सार्वजनिक उपम, संस्थाओं या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों-अधिकारियों को जारी फोटोयुक्त सर्विस आइडेंटिटी कार्ड, पब्लिक सेक्टर बैंक- पोस्ट आफिस द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, जिसमें किसान पास बुक एवं किसान ठेडिट कार्ड भी सम्मिलित है (उपरोक्त पासबुक अकाउण्ट 30 सितम्बर 08 के पूर्व का जारी होना चाहिए), संपत्ति के दस्तावेज उदाहरण के लिये पट्टे या रजिस्ट्रेशन दस्तावेज जिनमें संबंधित मतदाता का फोटो लगा हुआ हो, राशन कार्ड जो 30 सितम्बर 08 के पूर्व का जारी किया गया हो, 30 सितम्बर 08 के पूर्व जारी अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति-पिछडा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र (अगर ये प्रमाण पत्र बिना फोटो के हैं तो प्रमाण पत्र लाने वाले मतदाता को उस केन्द्र के किसी इपिक होल्डर द्वारा पहचान किये जाने पर), फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, फोटोयुक्त स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का परिचय पत्र, फोटोयुक्त शस्त्र लायसेंस जो 30 सितम्बर 08 के पूर्व जारी किया गया हो, फोटोयुक्त विकलांगता प्रमाण पत्र जो सक्षम प्राधिकारी द्वारा 30 सितम्बर 08 के पूर्व जारी किया गया हो, राष्ट्रीय रोजगार गारंटी के तहत चल रहे राष्ट्रीय रोजगार योजना मध्यप्रदेश के अंतर्गत फोटोयुक्त जाबकार्ड जो 30 सितम्बर 08 के पूर्व जारी किया गया हो शामिल हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस सिलसिले में यह भी स्पष्ट किया है कि पहचान स्थापित करने के दस्तावेजों में अगर सिर्फ घर के मुखिया का फोटो है तो परिवार के अन्य मतदाताओं के लिए वह दस्तावेज तभी मान्य होगा जब वे परिवार के मुखिया के साथ में मतदान करने आ रहे हों और पीठासीन अधिकारी परिवार के अन्य मतदाताओं की पहचान की संतुष्टि परिवार के मुखिया से कर सकें।

 

 

 

 

 

 

विहिप ने दिया भगवान के सामने धरना

      सीहोर 22 नवम्बर (नि.सं.) विश्व हिन्दु परिषद द्वारा देश के संतो और सेनीको के साथ हो रही दुर्भावनापूर्ण हो रही कार्यवाही का विरोध स्वरूप धरना जगदीश मंदिर में आयोजित किया गया। जिस प्रकार से केन्द्र और महाराष्ट्र सरकार के इशारे पर मालेगांव बलब्लास्ट की आड में हिन्द संतो और सैनिका को आंतकी रूपी कलंकीत शब्द का उपयोग किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है अभी तक देश के अंदर अक्षरधाम अयोध्या,दिल्ली,लखनऊ, कानपुर,आसाम, में इस्तामीक आतंकवादियों ने बम फेक कर हजारों निदोर्ष लोगों की हत्या कर दी और स्यंम आतंकवादियों ने बम ब्लास्ट किया जाना भी स्वीकार क र लिया इसके बाद भी आज तक उन आतंकवादियों का केन्द्र सरकार पता भी नही लगा सकी। देश में ढ़ाई करोड़ से अधिक बंगलादेशी घुसपेठिये देश में खुले आम आंतक फेला रहा हैं। भारत के कश्मीर प्रान्त में हिन्दुस्तान मुदार्बाद के नारे लगाने वाले देश द्रोहियों को केन्द्र सरकार और कश्मीर सरकार लाखों रूपये का अनुदान दे रही है। केवल देश में वोट के लिये संपूर्ण देश को गीखे रखा जा रहा हैं। देश के बडे बडे राजनैतिक लोगों का देशद्रोही करने वालो के घनीष्ट संबंध हैं इन पर केन्द्र की सरकार ने क्या किया अभी तक किसी को जानकारी नही है बल्कि सेना जो इन आतंकवादियों से देश को बचा रखा हैं। संतो की वाणी से देश का कल्याण हो रहा हैं संतो के मार्गदर्शन में देश का उत्थान की और प्रगतिशील हैं उन पर झूठे प्रकरण दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है जिसके विरोध में आज धरना देकर भगवान  से प्रार्थना की गयी की ऐसे इशारा करने वाले नेताओं और षडयंत्र करने वाले अधिकारियों को सद बुद्धी देने की प्रार्थना की गयी। धरने की अध्यक्षता संत महावीर दास जी ने किया। इस अवसर पर कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किया प्रमुख रूच से विभाग मंत्री अजीत शुक्ला, विहिप अध्यक्ष अतुल राठौर, मनोज आर्य, चन्द्रशेखर शर्मा, पादभाटबड़ेकर, वीरसिंह गुर्जर आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर जिला मंत्री रामेश्वर जाट, अर्जुन राठौर, भोजराज यादव, महेश भाटी, विष्णु परमार, शंकर ठाकुर, ज्ञानसिंह,ठाकुर मेहरबान सिंह सिसोदिया, लोकेन्द्र सिसोदिया, पंडित जी सांईबाबा मंदिर आदि अनेकों कार्यकर्ता मंदिर के अंदर भगवान के समक्ष प्रार्थना की और संतो और सेनिकों पर हो रही कार्यवाही का विरोध व्यक्त किया।

विधायक सक्सेना से नाराज वार्ड 11 में नागरिक मतदान का करेंगे बहिष्कार

      सीहोर 22 नवम्बर (नि.सं.)। अनुसूचित जाति बाहुल्य वार्ड 11मुर्दी क्षेत्र गंज में मुख्यत: महिलाओं ने आज अचानक विधायक रमेश सक्सेना तथा वार्ड पार्षद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मतदान नहीं करने का फैसला लिया है। इनके द्वारा जारी समाचार विज्ञप्ति के अनुसार विगत 15 सालों से विधायक बने रमेश सक्सेना तथा क्षेत्रीय पार्षद मीना सतीश दरोठिया द्वारा कोई विकास कार्य नहीं कराये जाने से यह लोग नाराज हैं।

      नाराज मतदाताओं ने आज विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लेते हुए जिलाधीश सीहोर को एक ज्ञापन भी प्रस्तुत किया है।

      उक्त आशय की जानकारी देते हुए वार्ड के नागरिकों ने बताया कि निरंतर 15 वर्षों से चुनाव जीतते आ रहे भाजपा विधायक रमेश सक्सेना द्वारा उक्त दलील अनुसूचित जाति बाहुल्य वार्ड में विधायक निधि से कोई विकास कार्य नहीं कराये गये हैं तथा वर्तमान पार्षद मीना सतीश दरोठिया द्वारा डाक्टर अम्बेडकर पार्क की सीमा दीवार, सड़क, नाली पुलिया निर्माण साफ-सफाई पानी की व्यवस्था एवं नगर पालिका द्वारा जनहित में प्रदाय पानी की टंकी स्वयं के घर पर रखकर नगर पालिका के टैंकर से पानी डलवाकर उसका उपयोग वार्ड के नागरिकों को ना दिलाते हुए स्वयं के उपयोग में लिये जाने से जनता नाराज है।

      मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लेते हुए जिलाधीश को ज्ञापन में कहा कि यदि प्रशासन वार्ड में विकास कार्य की जिम्मेदारी लेता है तो वार्ड के लोग मतदान करेंगे।

दो सौ मीटर दूर होगा पर्ची बांटने वाला बूथ

सीहोर 22 नवम्बर (नि.सं.)। मतदान वाले दिन मतदाताओं को  मतदाता सूची में मांक बताने के लिए बनाए जाने वाला बूथ मतदान केन्द्र से दो सौ मीटर दूर होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी. आहूजा ने निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों का हवाला देते हुए बताया है  कि इस चुनाव में मतदान के दिन मतदाताओं को मतदाता सूची में  उनका मांक बताने के लिए बनाए जाने वाला बूथ मतदान केन्द्र से 200 मीटर की दूरी पर ही बनाया जा सकेगा।

      बूथ में केवल एक टेबिल और दो कर्सियां रखने की ही इजाजत होगी। बूथ को किसी भी सूरत में कवर्ड नहीं किया जायेगा। किसी एक भवन में एक से ज्यादा मतदान केन्द्र होने की दशा में भी केवल एक बूथ ही बनाया जा सकेगा।

केवल सफेद पर्ची ही दी जायगी

      जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने यह ताकीद की है कि मतदान केन्द्र की 200 मीटर परिधि से दूर बनाए गए इन बूथों पर मतदाताओं को जो पर्ची दी जायगी वह केवल सफेद कागज की होगी। उस पर केवल मतदाता का मांक लिखा होगा। पर्ची पर अन्य कोई नाम या चिन्ह लिखा होने की सूरत में दण्डात्मक कार्यवाही की जायगी।

बूथ पर जमावडा नहीं होगा

      जिला निर्वाचन अधिकारी डी. पी.आहूजा ने यह साफ तौर पर कहा है कि बूथों पर किसी भी सूरत में भीड़ इकट्ठी नहीं होगी। मतदान करने के बाद कोई भी मतदाता इन बूथों पर जमा नहीं होंगे। निर्वाचन आयोग के निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जायगा। इसके बाबजूद यदि किसी व्यक्ति द्वारा निर्देशों की अवहेलना की जाती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायगी। इस तरह की कार्यवाही के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल अधिकारी और पुलिस के अधिकारी समक्ष होंगे।

पीठासीन अधिकारी का अधिकार क्षेत्र

      जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आहूजा ने कहा है कि मतदान के दिन मतदान केन्द्र की 100 मीटर परिधि पीठासीन अधिकारी का अधिकार क्षेत्र कहलायगी। इस परिधि में मोबाइल फोन, कार्डलेस और वायरलेस आदि ले जाने की सख्त मनाही रहेगी। कानून व्यवस्था में लगे अधिकारी, मतदान केन्द्र पर तैनात पुलिस अधिकारी  कर्मचारी, भारत निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक, सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल अधिकारी को छोड़ कोई भी व्यक्ति इस परिधि में मोबाइल, सेलफोन, वायरलेस या अन्य किसी भी तरह का सामान लेकर नही जा सकेगा।

 

 

 

 

दूसरे राज्‍यों के नेताओं को सुरक्षा

      सीहोर 22 नवम्बर (नि.सं.)। चुनाव आयोग ने प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रचार के सिलसिले में आने वाले अन्य राज्यों के नेताओं की सुरक्षा को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के मुताबिक इन राजनैतिक पदाधिकारियों के निजी सुरक्षा वाहन और गार्डों को साथ लेकर यहाँ दौरा करने की इजाजत नहीं होगी। उन्हें अपनी पूर्व निर्धारित सुरक्षा श्रेणी के हिसाब से सुरक्षा कर्मी दिए जाएंगे। इन्हें प्रदेश में पहुंचने के तीन दिन पहले बाकायदा इसकी सूचना देनी होगी। ऐसे पदाधिकारियों के सभी दौरों की वीडियोग्राफी की जाएगी।

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री डी.पी.आहूजा ने निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के हवाले से बताया है कि किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति को किस तरह की सुरक्षा दी जाए यह निर्णय तयशुदा प्रक्रिया को अपनाते हुए केन्द्र और राज्य सरकार करती हैं। इसलिए ऐसे नेता जिन्हें जेड प्लस, एसपीजी की सुरक्षा मिली है उनके लिए तय मौजूदा विशेष दिशा निर्देश ही लागू रहेंगे।

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आहूजा ने कहा है कि जहाँ तक अन्य सभी नेताओं की सुरक्षा की बात है तो उन्हें अपनी पूर्व निर्धारित और मौजूदा सुरक्षा श्रेणी के मुताबिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी। यह भी साफ किया गया है कि भ्रमण करने वाले नेताओं को उनकी एक्स, वाय और जेड श्रेणी की सुरक्षा श्रेणी के मुताबिक अपने साथ सरकारी तौर पर मिले उनके पर्सनल सिक्यूरिटी आफिसर (पीएसओ) को लाने की इजाजत होगी। लेकिन निजी सुरक्षा वाहन या सुरक्षा गार्ड वे साथ नहीं ला सकेंगे।

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के हवाले से बताया है कि चुनाव प्रचार के उद्देश्य से भ्रमण पर आने वाले नेताओं को इसकी सूचना तीन दिन पहले प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को देनी होगी।

      आयोग ने यह भी साफ किया है कि यदि भ्रमण पर आने वाले राजनैतिक पदाधिकारी स्टार प्रचारक हैं और उनकी सूचना संबंधित दलों द्वारा पहले ही दे दी गई है तो इस सिलसिले में उन पर होने वाला खर्च उस दल के खाते में जुड़ेगा। यदि ऐसा नहीं है तो फिर नेताओं का पूरा खर्च संबंधित उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जुड़ेगा जिसके लिए प्रचार किया गया है। यदि ऐसे उम्मीदवारों की तादाद एक से ज्यादा है तो फिर यह खर्च उनमें बराबर बांट दिया जाएगा। आयोग ने ऐसे सभी नेताओं के हर दौरे की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश अफसरों को दिए हैं।

              इस सिलसिले में सभी राजनैतिक दलों, उम्मीदवारों और फील्ड में पहुँच चुके प्रेक्षकों को भी जानकारी दे दी गई है।

प्रतिष्ठा का प्रश्न बना आष्टा विधानसभा क्षेत्र

आष्टा 22 नवम्बर (नि.प्र.) मुख्यमंत्री के गृह जिले के आष्टा विधान सभा क्षेत्र में यह विधानसभा चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्‍न बनता नजर आ रहा हैं। इस प्रतिष्ठपूर्ण सीट पर प्रमुख राजनैतिक दल कांग्रेस और भाजपा के जिलाध्यक्षों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हैं,वही कांटे का मुकाबला होने की उम्मीद हैं।

      आष्टा विधानसभा सीट कांग्रेस ने इंजीनियर गोपाल सिंह चौहान को और भाजपा ने पूर्व विधायक रंजीत सिंह गुणवान, बसपा ने बापूलाल मालवीय, और भाजश ने चुन्नीलाल मालवीय को मैदान में उतारा हैं। श्री चौहान तो दो तीन माह से क्षेत्र के ग्रामीण आंचलों में संपर्क भी कर रहे हैं। आष्टा विधानसभा सीट पर चुनाव इसबार रोचकता के साथ प्रतिष्ठापूर्ण होगा। इस प्रदेश भर के नेताओं की नजरें रहेंगी। भाजपा के पूर्व विधायक रंजीत सिंह गुणवान को पिछले चुनाव में टिकिंट देने के बाद वापिस लेने पर चुप्पी साधने के साथ उनकी स्वच्छ छवि सभी समुदाय में गहरी पेठ को देखते हुए वर्ष 2008 के चुनाव में टिकिट दिया हैं।

       जिला भाजपा अध्यक्ष ललित नागौरी,जिला सहकारी संघ अध्यक्ष देवीसिंह परमार, ग्रामीण नगर भाजपा अध्यक्ष धरमसिंह आर्य, संतोष झंवर, कृपालसिंह ठाकुर, मुकेश बड़जात्या, भटोनीलाल खण्डेलवाल आदि गुणवान का मोर्चा संभाले हुए हैं। गुणवान अपनी लोकप्रियता की दम के साथ मतदाताओं कार्यकर्ताओं के स्नेह पर पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में हैं।

      कांग्रेस के गोपाल इंजीनियर के लिए जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार अपनी टीम के साथ मौर्चा संभाले हुए हैं। उन्हें वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी की सामना भी करना पड़ रहा है,फिर भी वे गंभीरता से इस चुनावी जंग को जीतना चाहते हैं। गांवो मे पूरी ताकत श्री परमार लगा रहे हैं।

      जीतने की दमदारी के साथ टिकिट दिलाकर लाऐं है उतनी ही दमदारी से विजय दिलाने हेतु जुटें हुए हैं कांग्रेस छोड़कर बसपा का दामन थामने वाले बापूलाल मालवीय को जातिगत समीकरण का लाभ मिलने की संभावना है उनकी भी ग्रामीण क्षेत्रों मे अच्छी पकड़ हैं।

      प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलसिंह चौहान अपने भाई दिवंगत फूलसिंह चौहान की छवि को भुनाने का लुभाने का प्रयास कर रहें हैं। 

कसमे दिलाकर वोट कबाड़ने में जुटी भाजपा

      सीहोर 22 नवम्बर (नि.सं.)। करीब सप्ताह भर से भाजपा महिला मण्डल की कुछेक सदस्याएं तथा भाजपा के कुछ नेतागण अपने-अपने स्तर पर भाजपा के लिये मतदान मांगने के तरीके अपना रहे हैं।

      लगातार यह जानकारी मिल रही है कि यह लोग विशेषकर उन लोगों पर जो शुरु से ही भाजपा को देते आये हैं लेकिन उन पर थोड़ा बहुत भी संदेह हैं तो ऐसे लोगों को प्रेम भाव में कसमें दिलाकर भाजपा के लिये पक्का करने का काम कर रहे हैं। कई घरों में महिलाओं को समझाईश दी जा रही है कि भाजपा ने महिलाओं के लिये बहुत काम किया है। इसलिये कसम खाओ कि तुम भाजपा को ही वोट दोगी। सप्ताह भर से युध्द स्तर पर जारी कसम अभियान की चर्चाएं चौराहों पर भी बनी हुई है। और जो लोग कसमें खाते हैं वह फिर सड़क पर बता भी रहे हैं कि भैया अब तो कसम खिलवा दी है अब तो कमल पर ही वोट देना पड़ेगा।

तो उसने कह दिया कि हम तो मूंछ वाले को ही देंगे

      सीहोर 22 नवम्बर (नि.सं.)। हुआ यूं की एक घर में साहब और उनकी श्रीमति जी बैठे थे, तभी अचानक भाजपा महिला मण्डल की सदस्याएं इनके घर पहुँच गई।

      भाई साहब भी मिल गये और भाभी जी तो महिला मण्डल ने कहा कि आप लोग तो सदैव भाजपा के ही हैं।  उन्होने भाई साहब को बड़े प्रेम से कहा कि भईया तो हमेशा विधायक जी के काम से प्रसन्न रहते हैं, उनसे मिलने भी जाते रहते हैं।

      जब आराम से बात हो गई तब एक महिला ने इन दोनो पति-पत्नि को कसमें दिलाई कि आप तो कसम खा लो कि आप इस बार भी भाजपा को ही वोट दोगे...कसम की बात सुनते ही यह लोग हतप्रभ रह गये...तभी घर में इनकी होशियार छोटी बेटी ने मामला भांपते हुए अचानक कहा कि अंटी जी हम तो कसम खाते हैं कि ''मूंछ वाले को ही वोट देंगे''

      बेटी की यह बात सुनकर सभी महिला सदस्याएं खुश हो गई और हंसी खुशी चली गईं।

      ज्ञातव्य है कि इस बार भाजपा से विधायक रमेश सक्सेना हों या कांग्रेस से स्वदेश राय अथवा जनशक्ति के सन्नी महाजन सभी मूंछदार व्यक्ति हैं। किसी की दाढ़ी नहीं है।

Saturday, November 22, 2008

दुखी भाजपाईयों को मिल गई ताकत, भाजपा का अरोरा गुट हुआ सक्रिय, कर ली कमरा बैठक

सीहोर 21नवम्बर (नि.सं.)। भाजपा में लम्बे समय से एक धड़ा शांत और दुखी बैठा था। जो था तो भाजपा में ही लेकिन अक्सर वर्तमान विधायक रमेश सक्सेना के  गुट से वह अपनी दूरी बनाये रखना चाहता था। ऐसे अनेक भाजपा नेता  थे जो सक्सेना से समानान्तर दूरी बनाये रखना चाहते थे। लेकिन इन्हे उनके तोड़ के रुप में कोई और नजर नहीं आ रहा था। इसलिये ही त्यागी गुट और महाजन गुट को आये दिन हवा भर-भरकर किसी तरह साधे रखा जाता था और उनकी हवा जब कभी कम हो जाती थी तो उन्हे कोई प्रांतीय पद आदि दिलवाकर फिर खुशियाँ मना ली जाती थी लेकिन इस सक्सेना विरोधी गुट को लम्बे समय से किसी दमदार व्यक्तित्व की तलाश थी।

      बीच में कुछ ऐसे ही प्रभावित भाजपाईयों ने बहुत प्रयास करके कांग्रेस के दमदार नेता जसपाल अरोरा को किसी तरह भाजपा में शामिल करने का प्रयास किया था और उन्हे सांसद कैलाश जोशी की ग्रामीण सभाओं में लेकर भी गये थे। जोशी के माध्यम से जसपाल की भाजपा में आने की अटकलें भी शुरु हो गई थीं और इस भाजपा गुट में खुशियाँ भी मन रही थी लेकिन उस समय भी अचानक सक्सेना गुट के विरोध कर दिये जाने के कारण जसपाल का प्रवेश नहीं हो सका था।

      अब अचानक जसपाल अरोरा की विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा में हुई सदस्यता ने जसपाल समर्थक भाजपाईयों की खुशी दुगनी कर दी है, और दुखी-पीड़ित भाजपाईयों में एक नई जान आ गई है। ऐसे भाजपाईयों की एक    कमरा बैठक भी पिछले दिनों सम्पन्न हुई। वह अरोरा से मिलने भी पहुँचे और बधाई भी दी। साथ ही अब अरोरा के साथ लगातार सतत सक्रिय रहने की योजना   बना ली गई हैं।

      भाजपा के अरोरा गुट की सक्रियता के कारण कुछ पुराने भाजपाईयों के चेहरे पर तनाव अवश्य आ गया है साथ ही सक्सेना समर्थकों की भी कुछ चिंता बड़ी है लेकिन अभी चुनाव की व्यस्तता है और किसी के कुछ समझ नहीं आ रहा है।

      जसपाल के भाजपाई होने के बाद ही भाजपा की पहली आमसभा जिसमें नवजोत सिंह सिध्दू आये थे ने बड़ा बाजार में एक जोरदार सभा ली। इस सभा का पूरा दारोमदार और सिध्दू लाने ले जाने से लेकर सबकुछ जसपाल अरोरा द्वारा किया गया। इस दिन बड़ा बाजार सभा के मंच पर कई अरोरा समर्थक भाजपाईयों की उपस्थिति भाजपाई हल्कों में चर्चा में आ गई। क्योंकि यह लोग लम्बे समय से भाजपा में मौन साधे दूरी बनाये हुए थे।

दो कतारों में होगा मतदान, एपिक लाओ जल्दी करों मतदान के लिये किसी भी तरह का परिचय पत्र जरुरी

सीहोर 21 नवम्बर (नि.सं.)।  मध्य प्रदेश में सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे चुनाव के मद्देनजर मतदान के दिन 27 नवंबर को हर मतदान केन्द्र पर इस बार वह मतदाता जिनके पास भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र (ऐपिक) होगा उन्हें मतदान में प्राथमिकता मिलेगी। इस बार इस उद्देश्य से मतदाताओं की दो कतारें लगाई जायेंगी। भारत निर्वाचन आयोग ने यह फैसला मतदान फोटो परिचय पत्रधारी और ऐसे मतदाता जिन्हें यह नहीं जारी हुआ है, उन्हें अलग कतारों में लगाकर मताधिकार की सुविधा देने के मकसद से किया है। इसके चलते वे मतदाता जिनके नाम संबंधित क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज हैं और उनके पास ऐपिक (मतदाता फोटो परिचय पत्र) नहीं है, आयोग द्वारा तय किए गए 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक के जरिए अपनी पहचान साबित कर वोट डाल सकेंगे।  

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के हवाले से बताया है कि आयोग ने यह तथ्य स्पष्टत: रेखांकित कर दिया है कि जिन्हें मतदाता फोटो परिचय पत्र (ऐपिक) मिल चुके हैं उन सभी को वोट डालते वक्त इसे अपने साथ लाना है। यदि वे इसे साथ लाने में किसी वजह से असफल रहते हैं तो मतदाता सूची में लगे उनके फोटो से मतदाता के चेहरे की पहचान की जाएगी। अब इसके बाद यदि मतदाता सूची में लगे उसके फोटो के साफ नहीं नजर आने या अस्पष्ट होने के चलते पहचान नहीं हो पा रही हो तो फिर इस मकसद को पूरा करने के लिए ऐसे मतदाता को 13 तयशुदा वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक पेश करना होगा।

अजा, अजजा प्रमाण

पत्रों के बारे में सफाई

      कलेक्टर श्री आहूजा ने बताया कि आयोग ने अनुसूचित जाति, जनजाति, और अन्य पिछडा वर्ग के प्रमाण पत्रों को भी मतदाता पहचान के लिए अपने तयशुदा 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में शामिल किया है। इस बारे में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे प्रमाण पत्रों में संबंधित मतदाता का फोटो नहीं होने की दशा में उनकी पहचान उसी मतदान क्षेत्र के ऐपिक वाले (मतदाता फोटो परिचय पत्रधारी) मतदाता द्वारा भी कराई जाएगी। इन प्रमाण पत्रों का 30 सितंबर 2008 या इसके पहले जारी किया जाना जरूरी होगा। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के जॉब कार्ड के बारे में भी यही बात लागू होगी।

परिवार मुखिया द्वारा पहचान

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आहूजा ने बताया कि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसके द्वारा तयशुदा मतदाता पहचान के 13 वैकल्पिक दस्तावेजाें में से और भारत निर्वाचन आयोग के ऐपिक (मतदाता फोटो परिचय पत्र) यदि सिर्फ परिवार के मुखिया को जारी किए गए हैं तो इन्हें उस परिवार के अन्य सदस्याें की पहचान के लिए मान्य करने की इजाजत होगी। लेकिन इसमें यह भी शर्त होगी कि परिवार के ये सदस्य एकसाथ आएं और मुखिया द्वारा प्रिजाइडिंग अफसर की संतुष्टि के लिए उनकी पहचान की जाए। 

      चुनाव आयोग उन लोगों को जिन्हें मतदाता फोटो परिचय पत्र नहीं जारी हुए हैं उन्हें भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने देने का पक्षधर है। लेकिन उसकी नजरें इस बात पर भी चौकस हैं कि ऐसे मतदाताओं की आड में कोई फर्जी मतदान करने न जा पहुँचे। इस तथ्य की रोशनी में ही उसने ऐपिक कार्डधारी और बगैर कार्ड वाले मतदाताओं की अलग पहचान के लिए मतदान केन्द्रों पर दो कतारें लगाने का फैसला किया है।

हाथ में रखना होगा मतदाता परिचय पत्र

      चूँकि दो कतारे मतदान केन्द्र पर होंगी इसलिए मतदाता फोटो परिचय पत्र वालों को मतदान के पहले इस कार्ड को अपने हाथ में रखना होगा। उन्हें मतदाता फोटो परिचय पत्र के आधार पर एक अलग कतार में ख़डा किया जाएगा। इसी तरह दूसरी कतार में वो मतदाता ख़डे होंगे जिनके पास मतदाता फोटो परिचय पत्र नहीं है। उन्हें 13 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक अपने साथ लाना होगा।

95 प्रतिशत लोगों को

मिल चुके हैं कार्ड्स

      प्रदेश में 95 प्रतिशत मतदाताओं को उनके फोटो परिचय पत्र जारी किए जा चुके हैं। असल में इसी वजह से शेष मतदाताओं के लिए फोटो परिचय पत्र के अलावा भी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आसान व्यवस्था की जा रही है। आयोग ने अपने प्रेक्षकों से कहा है कि वे बगैर फोटो परिचय पत्र (ऐपिक) वाले मतदाताओं की कतार में ख़डे लोगों द्वारा लाए गए इन दस्तावेजों की जाँच करेंगे। उन्हें यह पता लगाना होगा कि ऐसे मतदाताओं के पास आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक है या नहीं।

      दस्तावेजों की जाँच का काम सेक्टर अफसरों से भी कराने के लिए कहा गया है। आयोग ने कहा है कि दोनों कतारों को लेकर कोई भ्रमपूर्ण स्थिति न बने इसके लिए मतदान केन्द्रों पर पहुँचने वाले स्थान पर संकेतकों के जरिए फोटो परिचय पत्र वाले (ऐपिक) मतदाताओं और बगैर फोटो परिचय पत्र वालों की कतार की जगह उन्हें आसानी से मालूम पड जाए। इसके लिए जरूरी प्रिंट आउट निकाल कर प्रिजाइडिंग अफसरों को मतदान केन्द्र पर इस्तेमाल के लिए दिए जाएंगे।

दस्तावेज के आधार पर

मतदाता का लेखाजोखा

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आहूजा ने बताया कि मतदान के दौरान प्रिजाइडिंग अफसर निर्धारित दस्तावेज के आधार पर वोट डालने वालों का पूरा लेखाजोखा तैयार करेंगे। इसमें यह ब्यौरा भी होगा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ऐपिक के अलावा इन दस्तावेजों के आधार पर कितने मतदाताओं ने वोट डाले हैं जिन मतदान केन्द्रों पर बगैर ऐपिक वाले मतदाता अधिक होंगे उनकी सूक्ष्म जांच की जाएगी। मतदान के बाद उन्हें यह हिसाब दिखाना होगा कि बगैर मतदाता फोटो परिचय पत्र वालों की कतार में लगकर इन दस्तावेजों के आधार पर कितने लोगों ने वोट डाले हैं। प्रेक्षक अपनी पूरी रिपोर्ट में चुनाव के बाद ऐसे मतदाताओं की तादाद को दर्शाएंगे।

फोटो परिचय पत्र वाले

मतदाता को प्राथमिकता

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के हवाले से बताया है कि आयोग का कहना है कि मतदाता फोटो परिचय पत्र वालों की बडी तादाद के चलते उनकी कतार ज्यादा लंबी होगी, लिहाजा प्रिजाइडिंग अफसर यह सुनिश्चित करेंगे कि इस कतार में लगे मतदाताआें को प्राथमिकता पर मतदान केन्द्र में प्रवेश और अपना वोट डालने दिया जाए। फिर भी प्रिजाइडिंग अफसरों को यह भी ध्यान रखना होगा कि बगैर मतदाता फोटो परिचय पत्र वाली कतार के मतदाताओं को भी एक नियमित अंतराल यानि अमूमन आधे घंटे में एक बार अपना वोट डालने की ऌजाजत दी जाए। प्रिजाइडिंग अफसर इन दोनों ही पंक्तियों को इस तरह नियंत्रित करेंगे कि मतदाता फोटो परिचय पत्र वाले (ऐपिक) मतदाताओं को प्राथमिकता मिले। आयोग ने इस निर्देश से प्रेक्षकों को भी अवगत कराया है। इसी तरह प्रिजाइडिंग अफसर, मतदान दलों और सेक्टर अफसरों को उनकी ट्रेनिंग के दौरान यह बात समझाई जा रही है।

सीहोर आये दिग्विजय सिंह ने कहा एकजुट होकर कांग्रेस को जिताओ, फिर टिकिट पाओ

सीहोर 21 नवम्बर (नि.सं.) जिस प्रकार सीहोर के युवा उम्मीद्वार सुदेश राय को भारी जनसमर्थन मिल रहा हैं उसी प्रकार पूरे प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनना तय हैं। उक्त उद्गार गत रात्रि इंका नेता हरीश राठौर के निवास पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहे। चुनावी दौरे के व्यस्तता के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपने कट्टर समर्थक हरीश राठौर के निवास पर पहुंचे। कांग्रेस के शहरी तथा ग्रामीण वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ताओं ने दिग्विजय सिंह का अभूतपूर्व स्वागत किया।

      इस अवसर पर दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पूर्ण मनोयोग से कांग्रेस प्रत्याशी को विजयी बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में अंतर हैं। भाजपा के झूठे वादे और भष्ट्राचार उसे ले डूबेंगे। कांग्रेस की सरकार बनना निश्चित हैं।

      इस अवसर पर हरीश राठौर के निवास पर जमशेद बहादुर,कांग्रेस प्रत्याशी सुदेश राय, रूकमणी रोहिला, चंपालाल राठौर, हाजीयो लतीफ खॉ, शम्सुद्दीन खॉ, जिला पंचायत सदस्य जफरलाला, जगदीश निगोदिया जिला जनपद सदस्य, शमीम पार्षद, गीतादेवी राठौर, कल्पना हर्णे, राजाराम बडेभाई, धनराज पाटीदार, छितर खॉ, सुरेश ठाकुर, इलियास खान, रिजवान खॉ, चंद्रकांत चौहान,पिन्टु रावत, आदि उपस्थित थे।

      ज्ञातव्य है कि हरीश राठौर का भी नाम कांग्रेस से विधानसभा उम्मीद्वार के रूप मे चल रहा था। पर अब जब सुदेश राय को टिकिट मिल गया है तो दिग्विजय सिंह ने हरीश राठौर को किसी भी सीहोर में कांग्रेस को विजय दिलाने की बात कही। और यह भी कहा दिया कि कांग्रेस लाओ और अगले विधानसभा की बात करो।

 

सतीश यादव अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल

      सीहोर 21 नवम्बर (नि.सं.) आज जिला कांग्रेस प्रतिनिधि संगठन के अध्यक्ष एवं एडवोकेट सतीश यादव और अनेक जिला कांग्रेस प्रतिनिधिगण एवं अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़कर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी चौहान एवं नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ मुख्यमंत्री निवास से प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे,जहां पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व नरेन्द्र तोमर ने सतीश यादव व उनके अनेक साथियों को भाजपा की सदस्यता दिलायी व शिवराज सिंह चौहान ने सतीश यादव के उज्‍जवल भविष्य की कामना कर आर्शीर्वाद दिया। इसके पहले सतीश यादव वरिष्ठ भाजपा नेता एडवोकेट महेन्द्र सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में गाड़ियों के काफिलों से अपने 500 समर्थकों के साथ भोपाल पहुंचे और पहले भाजपा नेता गुरूप्रसाद शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष ललित नागौरी, विधायक रमेश सक्सेना से विचार विमर्श किया  तथा महेन्द्र सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में भाजपा की सदस्यता ली।

 

भाजपा ने वकीलों का झूठा समाचार लगवाया था, खण्डन करा

      सीहोर 21 नवम्बर (नि.सं.)। जिला अभिभाषक संघ सीहोर की कोई बैठक आयोजित नहीं की गई। अध्यक्ष मुकेश सक्सेना कुछ अभिभाषकों को लन्च के समय चाय हेतु सामान्य तौर पर बुलाकर ले गये थे। व्यक्ति गत तौर पर अभिभाषकगण दोपहर में एक साथ बैठकर अपने-अपने चेम्बरों में चाय पीते हैं।

      लेकिन चुनाव के संबंध में अभिभाषकों ने कोई निर्णय नहीं पारित किया। आदर्श आचार संहिता के प्रभावशील होते इस सम्बंध में कोई बैठक बिना अनुमति के आयोजित की भी नहीं जा सकती। समाचार पत्रों में 20 नवम्बर को अभिभाषकों ने चुनाव के सम्बंध में कोई संकल्प लिया या किसी पार्टी विशेष के सम्बंध में प्रचार हेतु निर्णय लिया असत्य है।

      जिला अभिभाषक संघ के कार्यरत सदस्यों ने लिखित में समाचार का हस्ताक्षर कर खण्डन किया है। हस्ताक्षर करने वालों में वरिष्ठ अभिभाषक एन.पी. उपाध्याय, एस.के. महाजन, ए.बी. दुबे, के.यू. कुरैशी, सोनपाल दासवानी, के.एस. भार्गव, महेश चौरसिया, प्रदीप पहलवान, जी.के. उपाध्याय, विजय अग्रवाल, रवि पारे, एच.पी. चक्रधर, वाय.के. श्रीवास्तव, राज अग्रवाल, राजेश पण्डया, लखन परमार, जी.डी. बैरागी, बी.आर. सोलंकी, अनिल दुबे, राजेन्द्र शर्मा, कमर अहमद सिद्दीकी, आर.डी. देवेरा, अरविन्द व्यास, राधेश्याम यादव, सुरेश जैन, जी.एम. खान, रेखा चौरसिया, सुनील मेहता, राशिद अख्तर, टी.एम. खान, वीरेन्द्र तोमर, मनोज शाकेब खान, अनिल पाण्डे, देवेन्द्र वर्मा, उमेश यादव, के.के. जोशी, कमलेश कुकन्दा, देवीसिंह मीणा, सचिन तिवारी, विजय भार्गव, विश्वास नागर, ओमप्रकाश चौरसिया, अखिलेश चौहान, रमन सक्सेना, संजय श्रीवास्तव, रेखा सक्सेना, आर.सी. सिंह, वी.पी. भारद्वाज, कु. रेणुधाड़ी, विनोद यादव, श्रीमति रन्जना शर्मा, मनोहर पाटिल, कु. रेहाना सुल्तान, राजू कुशवाह, प्रेमनारायण बिसोरिया, सुरेश जैन, अरुण टिंगोरिया, सचिव जिला अभिभाषक संघ, अर्चना राय, के.जी. त्यागी, डी.डी. मित्तल, अवधनारायण दांगी, देवेन्द्र काशिव, राजेश्वरी मालवीय, मेहरवान सिंह मेवाड़ा आदि शामिल है।