Sunday, November 16, 2008

सन्नी की बनी हवा धीरे-धीरे खिसकने लगी, भाजपा और कांग्रेस स्थिर, बनी असमंजस की स्थिति

      सीहोर 15 नवम्बर (विशेष संवाददाता)।  विधानसभा चुनाव में गौरव सन्नी महाजन के रुप में भाजपा के बागी प्रत्याशी ने खड़े होकर पहले ही दिन से चर्चाओं को जन्म दे दिया था। सन्नी के खड़े होते ही एक ऐसी हवा चली कि हर तरफ सन्नी की ही बातें चल पड़ी। असल में जब भी किसी बड़ी पार्टी का पारम्परिक प्रतिद्वंदी पार्टी के प्रत्याशी का विरोध करके खड़ा होता है तो उसकी हवा बहुत तेजी से बनना शुरु हो जाती है...सन्नी की हवा चौराहों पर पिछले सप्ताह भर से लगातार बनी हुई थी जो आज शनिवार तक धीरे-धीरे खिसकती नजर आने लगी है। उधर रमेश सक्सेना की भारतीय जनता पार्टी हो या स्वदेश राय के रुप में कांग्रेस पार्टी दोनो को ही स्थिर रुप में देखा जा रहा है। अब धीरे-धीरे अगले 5 दिनों में बहुत कुछ स्थितियाँ स्पष्ट होने लगेगी। अभी चुनाव का ऊँट सिर्फ पानी पी रहा है, वह बैठा नहीं है...वह किस करवट बैठेगा इसे स्पष्ट अभी से कहना जल्दबाजी हो सकती है। अब आगामी दिन सभाओं और रैलियों को समर्पित रहेंगे जिसके चलते नित नये समीकरण बनेंगे और बिगड़ेंगे....हम भी इन चुनावी स्थितियों पर निगाह रखते हुए हर दिन कुछ कुछ विशेष सामग्री प्रस्तुत करेंगे।

      यदि किसी क्षेत्र में कोई बड़ा नेता लम्बे समय से काबिज हो तो उसका विरोध करने वाले की चर्चाएं स्वभाविक हैं। सीहोर में भारतीय जनता पार्टी के दो बार विजयी प्रत्याशी रहे रमेश सक्सेना का घोर विरोध मदनलाल त्यागी गुट और महाजन गुट हमेशा से करता रहा है...इनका विरोध रमेश सक्सेना के भाजपा में प्रवेश के साथ ही शुरु हो गया था जो निरन्तर चलता रहा...लेकिन इस बार वर्ष 2008 के चुनाव में तो त्यागी और महाजन गुट एक साथ सक्सेना का विरोध करते नजर आये।

      इधर आमजन में सन्नी महाजन चूंकि आज तक कभी चुनाव नहीं लड़े हैं और युवा नेता के रुप में पहचाने जाते हैं, वह लगातार सक्रिय रहते हैं तो वह रमेश सक्सेना के विरोधियों के लिये एक आकर्षक व्यक्ति के रुप में उभरने लगे...पिछले चुनाव में भी उन्होने विरोध किया था और चुनाव के दौरान वह अलग-थलग खड़े रहे थे और इस चुनाव में तो सन्नी ने अपने समर्थकों के  कहने पर चुनाव ही लड़ लिया है।

      सन्नी रमेश सक्सेना के पारम्परिक विरोधी होने के कारण ही सर्वाधिक चर्चाओं में है। ठीक वैसे ही जैसे अटल, आडवाणी, सोनिया, राहुल जैसे दिग्गज नेताओं के सामने जब कोई खड़ा होता है तो उसकी भी चर्चाएं शुरु हो जाती हैं ठीक ऐसी ही चर्चाएं सन्नी के लिये चल रही हैं। स्वभाविक रुप से जैसे ही सन्नी महाजन ने अपना नामांकन दाखिल किया पूरे नगर के हर एक चौराहे पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक रमेश सक्सेना की खिलाफत करने वाले के रुप में उनकी चर्चाएं हर एक चौराहे पर होने लगी...यह चर्चाएं बहुत तेजी से शुरु हुई और लगातार होती चली गई....सन्नी क्या करेगा ? सन्नी के साथ कितने लोग हैं....सन्नी की कितनी पैठ है....सन्नी के कितने समर्थक हैं....सक्सेना के कितने विरोधी हैं जो इसका साथ देंगे.... से लेकर जाने कितनी तरह की बातें इस विरोधी प्रत्याशी के कारण जन्म ले चुकी थी, हर मतदाता के जहन में प्रश्ों का अंबार था और वह चौराहों पर चर्चा के दौरान उन्ही प्रश्नों का हल ढूंढ रहा था जिसके चलते स्वयं ही सन्नी चौराहों की राजनीतिक चर्चाओं का केन्द्र बिन्दु बन गया था। और यह बातें चौराहों पर बहुत तेजी से हो रही थी इसलिये हर तरफ सिर्फ सन्नी ही सन्नी नजर आने लगा था। लेकिन धीरे-धीरे यह बातें खत्म होने की स्थिति में आ गई हैं।

      जिस 6 नवम्बर को निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में भाजपा के बागी ने नामांकन भरा उस से लेकर आज 15 नवम्बर शनिवार तक चर्चाओं का बाजार सरगर्म थी। लेकिन अब मतदान को मात्र 12 दिन शेष रह गये हैं...अब चौराहों की चर्चाएं भी गंभीर होने लगी है। अब हकीकत की बातें होने लगी हैं। कौन वाकई में वजनदार है ? किसके पास कितने मत पहले से मौजूद है ? किसकी झोली में कौन-सा वोट जायेगा ? किसकी झोली में कितने वोट पहले से ही भरे हुए हैं और उसे कितने की जुगाड़ बैठानी है ? इन विषयों पर चौराहों की चर्चाएं शुरु हो गई हैं....चर्चाओं के विषय बदल जाने से अब किसी एक प्रत्याशी की हवा नहीं बन पा रही है। स्थिति बहुत विकट और असमंजस पूर्ण बन रही है। चौराहों पर भाजपा, कांग्रेस और जनशक्ति तीनों ही प्रत्याशियों को लेकर चर्चाएं हो रही हैं।

      इधर विधायक रमेश सक्सेना और लोकप्रिय समाजसेवी अखलेश स्वदेश राय के मैदान में होने से दोनो की ही वजनदारी दिख रही है। भाजपा जहाँ कार्यकर्ताओं के दम पर वजनदार है वहीं अखलेश स्वदेश अपनी लोकप्रियता का लाभ उठाने की योजना में है।

      लेकिन दोनो की ही स्थिति स्पष्ट नहीं कही जा सकती। अभी आगामी 5-6 दिनों में और वातावरण नये सिरे से बनेंगे और बिगड़ेंगे...। आज की स्थिति में कौन भारी है और कौन हल्का पतला यह कहना जल्दबाजी हो सकती है।  सीहोर में धीरे-धीरे स्थिति स्पष्ट होगी। 

कम्प्यूटर वायरस से प्रभावित

सीहोर 15 नवम्बर (नि.सं.)। जब कभी कम्प्यूटर में वायरस घुस जाते हैं या कहीं से आ जाते हैं तो वायरस के कारण कम्प्यूटर कुछ का कुछ दिखाने व बताने लगता है। कम्प्यूटर की कार्य क्षमता प्रभावित हो जाती है बल्कि उसे जिस कार्य का कहते हैं वह कार्य वो गलत-सलत करने लगता है। पिछले दिनों छावनी के एक नेताजी ने जैसे ही रमेश सक्सेना की रैली समाप्त हुई उसके बाद शाम को टिप्पणी करते हुए कहा कि रमेश की रैली तो फेल हो गई मात्र 500-600 लोग ही थे, लोग उनका मुँह देखते रह गये....कुछ की तो हंसी छूट गई और कुछ जो उनसे कुछ कह सकते थे उन्हे लगभग डांटने लगे की भैया क्या सपना देख लिया है या सोकर आ रहा है....तुझे हो क्या गया ? होंश में तो है...। लेकिन नेताजी थे कि मुख मुद्रा एकदम गंभीर बनाये हुए थे....अपनी बात पर अडिग थे....उनकी मुख-मुद्रा देख-देखकर उनकी बात सुनने वालों की हंसी रुकने का नाम नहीं ले रही थी....। कुछ ने मजे लेने के हिसाब से पूछ लिया कि चलो बताओ 500-600 किस हिसाब से थे.....तो नेताजी बोले सबसे वजनदार रैली स्वदेश राय की थी क्योंकि उसके साथ मतदाता थे...कांग्रेस के लोग थे...फिर सन्नी की रैली थी जिसमें युवा ही युवा नजर आ रहे थे वो भी दमदार बात थी लेकिन रमेश की रैली में तो जबरन की भीड़ थी वो मतदाता थोड़ी थे...। बस उनका इतना कहना था कि उनकी बात सुनने वालों ने कानाफू सी शुरु कर दी कि भैया कम्प्यूटर में वायरस आ गया है.....किसी अच्छे इंजीनियर द्वारा ही अब यह सुधर सकता है वरना समझलो बेकार हो गया.....। चुनाव के दौरान इस कम्प्यूटर के वायरस ठीक होते हैं या नहीं यह कहना जरा मुश्किल है....।

आचार संहिता का डंडा घूमा पर्यवेक्षक ने उतरवाये कई झंडे-बेनर

      आष्टा 15 नवम्बर (नि.प्र.)। स्थान आष्टा बड़ा बाजार सिकन्दर बाजार गंज बुधवारा आदि क्षेत्र समय प्रात: लगभग 10 बजे भवानी चौक की ओर से तीन पीली बत्ती लगी गाड़िया सायरन बजती हुई दनदनाती हुई आई सबसे आगे की गाड़ी में तहसीलदार बिहारी सिंह बैठे थे जो नीचे के बदले ऊपर देख रहे थे।

      उनकी निगाह मार्ग के घरो-दुकानों पर लगे विभिन्न राजनीतिक दलों भाजपा कांग्रेस आदि के झंडे बेनर पोस्टर, फ्लेक्स की ओर भी अचानक गाडियों का काफीला गणेश मंदिर चौराहा, सिकन्दर बाजार में रूका यहां उन लोगों से पूछताछ की ओर कई मकानों एवं दुकानों पर एक से अधिक लगे झंडे और बेनजरों को उतार कर ले गये क्योंकि यह आचार संहिता का उल्लंघन माना गया पूरे नगर से आय अनेको झंडे-फ्लेक्स भाजपा कांग्रेस के उतारे और आचार संहिता का पाठ पढ़ाया।

      आज आचार संहिता का कहां कहा उल्लंघन हो रहा है देखने स्वयं आष्टा के पर्यवेक्षक जॉनसन-पी बॉएज एस.डी.एम. जी.व्ही. रश्मि, तहसीलदार बिहारीसिंह, टी.आई. हनुमंत सिंह राजपूत तहसील एवं न.पा. अमला साथ था।

 

कांग्रेस के गोपाल सिंह, भाजश के चुन्नीलाल बसपा के बापूलाल को नोटिस

      आष्टा 15 नवम्बर (नि.प्र.)। किसी भी उम्मीदवार का चुनाव कार्यालय किसी भी धार्मिक स्थल के पास ना हो एवं ना ही उनका कार्यालय मतदान केन्द्र की 200 मीटर की परीधी के अन्दर ना हो लेकिन आष्टा क्षेत्र के पर्यवेक्षक एवं निर्वाचन अधिकारियों ने भ्रमण के दौरान पाया कि मैना में कांग्रेस प्रत्याशी गोपालसिंह का कार्यालय मतदान केन्द्र की 200 मीटर की परीधी के अंदर है, भाजश के प्रत्याशी चुन्नीलाल का कार्यालय धार्मिक स्थल से लगा है साथ ही मतदान केन्द्र की 200 मीटर की परीधी में भी आ रहा है।

      इसी प्रकार बसपा के प्रत्याशी बापूलाल मालवीय का चुनाव कार्यालय पुराना बस स्टेण्ड पर जहां स्थित है उक्त जगह ओकाफ के अधिपत्य की होने के कारण इन तीनों  को निर्वाचन अधिकारी की ओर से नोटिस आज जारी किया गया है की वे उक्त स्थान से अपने कार्यालयों को हटाये नहीं हटाने पर नियमानुसार कार्यवाही इन पर हो सकती है।

 

248 मतदान केन्द्रों पर 992 कर्मचारी करायेंगे चुनाव

      आष्टा 15 नवम्बर (नि.सं.)। 27 नवम्बर को होने वाले म.प्र. विधानसभा के चुनाव को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली है आष्टा विधानसभा क्षेत्र के 248 मतदान केन्द्रों के लिए 248 मतदान दलों का गठन कर 992 अधिकारियों और कर्मचारियों को चुनाव कार्य में लगाया जायेगा।

      आष्टा में चुनाव कराने के लिए कहां से अधिकारी-कर्मचारी आयेंगे यह अज्ञात है। चुनाव तैयारियों के सम्बंध में फुरसत से चर्चा करते हुए सहायक निर्वाचन अधिकारी बिहारीसिंह तहसीलदार ने फुरसत को बताया कि आष्टा विधानसभा क्षेत्र में कुल 248 मतदान केन्द्र है इसमें 22 मतदान केन्द्र आष्टा नगर में तथा 6 मतदान केन्द्र जावर में है सभी 248 मतदान केन्द्रों के लिए 248 केन्द्र प्रभारी बनाये गये है वही प्रत्येक मतदान केन्द्र पर एक पीठासीन अधिकारी एवं 3 अन्य सहायक कुल 4 सदस्यों का दल प्रत्येक मतदान केन्द्र पर मतदान कार्य सम्पन्न करायेगे इस प्रकार कुल 992 अधिकारी और कर्मचारी 248 मतदान केन्द्रों पर मतदान का कार्य सम्पन्न करायेगे। 92 दल रिजर्व में भी रखे गये है अगर कही कोई मतदान केन्द्र पर परेशानी आयेगी तो वहां पर रिजर्व दल भेजा जायेगा।

      पूरे क्षेत्र को 23 झोनों में बांटा गया है और 23 झोनल अधिकारी बनाये गये है 35 मार्ग प्रभारी बनाये बनाये गये है तथा सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान दलों को ले जाने एवं लाने के लिए 125 के करीब वाहनों का अधिग्रहण शीघ्र किया जायेगा। 26 को मतदान दल आष्टा से रवाना होंगे सुबह 6 बजे बिहारी सिंह ने बताया कि सभी मतदान केन्द्रों के मतदान दल को सामग्री का वितरण तहसील कार्यालय के प्रांगण से 26 नवमबर को किया जायेगा तथा मतदान के बाद ई.बी.एम. मशीन एवं अन्य चुनाव सामग्री सीहोर पहुंचकर मतदान दल जमा करायेंगे।

जावर बिजली कटौती से त्रस्त, जनता परेशान चुनावी माहौल में इस समस्या से व्यापारी नाराज

जावर 15 नवम्बर (नि.सं.) नगर में बिजली की अघोषित कटौती जारी रहने से नगरवासी खासे परेशान बिजली पर आधारित व्यापार व्यवसाय ठप छात्रों की पढ़ाई हो रही है प्रभावित वही बिजली कटौती के कारण नगर पंचायत ठीक से नगर में जल वितरण भी नहीं कर पा रही है नगरवासी इस समय घोषित कटौती के अलावा हो रही बिजली की अघोषित कटौती से खासे परेशान है।

      नगर में इस समय 24 घंटे में से मात्र सात से आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। वह भी टुकड़ों  में बिजली कटौती के कारण नगर का बिजली पर आधारित व्यापार व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। इलेक्ट्रिकल्स की दुकान चलाने वाले रमेश पाटीदार का कहना है कि नगर में सुबह दस बजे बिजली जाती है जो शाम छै: बजे से दो घंटे के लिए आती है और फिर आठ बजे चली जाती है इस तरह नगर में बिजली का आना जाना लगा रहता है दिन में तो दिन भर बिजली बंद रहने से बैटरी के तार तक नहीं झाल सकते है फोटो काफी संचालक जितेन्द्रसिंह का कहना है कि नगर की बिजली सप्लाई दिन भर बंद रहने से हम फोटो काफी तक नहीं कर पाते है जरूरी फोटो कापी करवाने आने वालों की जनरेटर इंजन से करना पड़ती है। दिन भर बिजली बंद रहने से आटा चक्की, प्रेस, बेल्डिंग कम्प्यूटर सेन्टर व अन्य बिजली पर आधारित व्यापार व्यवसाय करने वाले दिनभर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते है। छात्र कुलदीप का कहना हे कि रात्री कालीन बिजली कटौती से छात्र वर्ग ठीक से पढाई नहीं कर पा रहा है बिजली की अघोषित कटौती के कारण ही नगर पंचायत भी नगर में समय पर जल वितरण नहीं कर पा रही है। वही किसान कटौती के कारण ठीक से सिंचाई नहीं कर पा रहा है। क्या कहते है अधिकारी विद्युत मण्डल के ए.ई.आर. एस. मालवीय का कहना है कि जो भी कटौती हो रही है ऊपर से ही हो रही है स्थानीय स्तर पर से कोई कटौती नहीं की जा रही है चुनावी माहोल में लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण आम नागरिक दुखी है।

Saturday, November 15, 2008

कांग्रेस नेता हरीश अग्रवाल खुलकर आये सन्नी के लिये मैदान में

          सीहोर 12 नवम्बर (नि.सं.)। समाजसेवी, कांग्रेस नेता, हिन्दु उत्सव समिति के पदाधिकारी हरीश चन्द्र अग्रवाल ने आज अचानक गौरव सन्नी महाजन के पक्ष में मैदान में आ जाने के कारण भाजश में खुशी छा गई। आज गल्ला मण्डी में व्यापारियों को सन्नी महाजन के पक्ष में करने के लिये प्रचार करने गये सन्नी और उनके समर्थकों के साथ आज वरिष्ठ समाजसेवी हरीश चन्द्र अग्रवाल भी पहुँचे।

      श्री अग्रवाल ने वहाँ सार्वजनिक रुप से उपस्थित व्यापारियों से कहा कि यह एक जुझारु युवा है जिसका साथ हमें मिलकर देना चाहिये। ज्ञातव्य है कि श्री अग्रवाल कांग्रेस का वर्षों से काम कर रहे हैं और वह छावनी कांग्रेस के दमदार पोलिंग एजेंट के रुप में जाने जाते हैं।

इछावर के प्रेक्षक ने दौरा किया, सम्पत्ति विरुपण का मामला दर्ज

      सीहोर 13 नवम्बर (नि.सं.)। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधान सभा क्षेत्र इछावर के लिए नियुक्त प्रेक्षक विलास ठाकुर ने आज अपने प्रभार के विधानसभा क्षेत्र इछावर का दौरा किया। वे यहां सीहोर मंडी रेस्ट हाउस के कक्ष मांक दो में ठहरे हैं। श्री विलास ठाकुर भा.प्र.से.के वरिष्ठ अधिकारी है। वे नगर निगम नासिक के कमिश्नर हैं जिन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। उनका मोबाइल नम्बर 94253-00381 है। मंडी रेस्ट हाउस का दूरभाष नं. 07562-222707 और 222754 है।

प्रेक्षक द्वारा भ्रमण

      भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इछावर विधानसभा क्षेत्र के लिए नियुक्त प्रेक्षक श्री विलास ठाकुर ने आज इछावर विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न मतदान केन्द्राें का निरीक्षण किया। प्रेक्षक श्री ठाकुर ने आज भाऊखेड़ी, इछावर, दीवड़िया, ब्रिजिसनगर और नादान पहुंच कर मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया।

संपत्ति विरूपण का मामला दर्ज

      प्रेक्षक श्री ठाकुर ने ग्राम नादान के भ्रमण के दौरान शासकीय भूमि पर राजनैतिक पार्टी का झंडा लगा पाए जाने पर संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में अबरार खां को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। प्रेक्षक श्री ठाकुर ने संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम का खुलासा करते हुए स्पष्ट किया कि शासकीय भूमि पर अतिमण कर पार्टी का झंडा लगाना संपत्ति विरूपण के दायरे में आता है।

दो वाहनों के खिलाफ कार्रवाई

      इछावर विधानसभा क्षेत्र में बिना अनुमति प्राप्त किए दो प्रचार वाहनों को जप्त किया गया है और इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

      एसडीएम एवं विधानसभा क्षेत्र इछावर के रिटर्निंग ऑफीसर श्री चन्द्रशेख्रर वालिम्बे ने बताया कि एक नई टबेरा वाहन मांक टेम्प्रेरी नंबर एमपी-04-टीसी-2296 को बिना अनुमति प्रचार करते पाए जाने पर जप्त किया गया। इस वाहन द्वारा सपा के प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार किया जा रहा था।

       इसी तरह सीहोर कोतवाली पुलिस द्वारा बिल्किसगंज (बायपास रोड़) से एक टाटा सुमो वाहन .एमपी-09-एस-3409 और एक बिना नंबर की महेन्द्रा जीप को जप्त कर आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाही की गई है इस वाहन से भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में झंडा लगाकर प्रचार किया जा रहा था। 

कांच पर लगाएं अनुमति

      प्रेक्षक श्री विलास ठाकुर ने इस कार्यवाही के दौरान कहा कि अनुमति निहायत जरूरी है पर जरूरी यह भी है कि अनुमति वाहन के सामने वाले कांच पर प्रदर्शित की जायै। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के वाहनों का प्रचार में उपयोग चुनाव कानूनों के तहत आपत्तिजनक माना जायगा और ऐसे वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही होगी।

झगड़ा, सड़क हादसों में एक की मौत तीन घायल

आष्टा 15 नवम्बर (नि.प्र.)। सेवदा में ट्रांसफार्मर का जम्फर निकालने की बात पर झगड़ा हो गया बाद में उक्त झगडा थाने पहुंच गया। डी.पी. का जम्फर निकालने को लेकर सेवादा निवासी हुकम सिंह पिता हरिनारायण खाती के साथ शम्भु खेड़ी निवासी अचल सिंह, राजेन्द्र, नीतू सिंह, गुलाब सिंह ने मारपीट कर उसे जान से मारने की धमकी दी।

 

सड़क हादसों में एक की मौत तीन घायल

      सीहोर 15 नवम्बर (नि.सं.)। जावर एवं बुदनी थाना क्षेत्र में वाहन की टक्कर से एक डम्फर चालक की मौत हो गई वही तीन अन्य लोग घायल हो गये।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार डम्फर चालक ग्राम माडली निवासी 30 वर्षीय लखन आ. हरिनारायण खाती आज दोपहर दो बजे अपने डम्फर में निमावर से रेत भरकर शिवखेड़ा स्थित पुलिया पर रेत डालने आ रहा था तभी राजमार्ग स्थित शारदा ढाबा के समीप स्टेपनी पंचर होने से देखने के लिये नीचे उतरा उसी वक्त सोनकच्छ तरफ से आ रहे अज्ञात वाहन के चालक ने अपने वाहन को अनियंत्रित     गति से चलाकर पहिया उसके ऊपर चढा दिया जिससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई।

      उधर बुदनी थाना क्षेत्र में कंचननगर होशंगाबाद निवासी प्रतीक यादव अपने साथी शैलेन्द्र व प्रवीण के साथ नई मोटर सायकल से भोपाल की तरफ जा रहे थे तभी सामने से आ रहे ट्रक के चालक ने अपने वाहन को लापरवाहीपूर्वक चलाते हुये इनकी बाइक में टक्कर मार दिया जिससे तीनों घायल हो गये। जिन्हें उपचार हेतु होशंगाबाद अस्पताल भेजा गया है।

 

प्राणघातक हमला एक घायल

      सीहोर 15 नवम्बर (नि.सं.) जिले के नस.गंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात प्राणघातक हमले में एक युवक घायल हो गया।

      जानकारी के अनुसार रेहटी निवासी महेश आ. अनोखीलाल विश्वकर्मा शुक्रवार की शाम ज्वाला सिंह के साथ छगन बंजारा के घर नस.गंज आया था जहां पर वह तथा ज्वाला सिंह एवं एक नाकेदार बैठकर शराब का सेवन कर रहे थे। बताया जाता हे कि शराब खत्म हो जाने पर छगन ने अपने भानजे को शराब लेने कलारी भेजा था किन्तु कलारी वाले ने बिना पैसे के शराब देने से मना कर दिया तब यह लोग अंग्रेजी कलारी पर गये जहां पर छगन की कलारी वाले से बहस हुई किन्तु कलारी वाले ने बगैर पैसे के शराब देने से जब मना किया तो यह लोग वापिस छगन के घर आ गये महेश द्वारा छगन से कहने पर की जब पैसे नहीं है तो ऐसी दादागिरी मत करो इस बात पर छगन बंजारा ने महेश के ऊपर कट्टे से फायर कर दिया। घटना की रिपोर्ट पर नस.गंज पुलिस ने छगनसिंह बंजारा के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया है।

 

अभी तक पुलिस नहीं पहुंची आतंकवादी पत्र लेखक तक

      आष्टा 15 नवम्बर (नि.प्र.)। मैं आतंकवादी हूं इन-इन आतंकवादी संगठन का सदस्य हूं तथा हमारे संगठन को 27 नवम्बर को म.प्र. के मतदान केन्द्रों पर विस्फोट करने के लिए 2.50 लाख मिले है पत्र में खड़ी के कई लोगों के नाम भी गुमराह करके उन्हे तंग करने या फंसाने के उददेश्य से उक्त धमकी भरे पत्र में लिख कर उक्त पत्र आष्टा एस.डी.एम. एवं आष्टा एस.डी.ओ.पी को भेजा था।

       पत्र मिलने के बाद से ही प्रशासन में हड़कम्प मचा था लेकिन पुलिस की तुरंत कार्यवाही के बाद एक युवक को आष्टा से उठाया और उससे पूछताछ की पुलिस ने इस युवक पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की है साथ ही खडी के दो लोग सजन सिंह एवं गंगाराम के खिलाफ भी जावर पुलिस ने कार्यवाही की है।

      जावर पुलिस ने उक्त पत्र की जांच के बाद प्रतिवेदन आष्टा भेज दिया है लेकिन उक्त पत्र किसने लिखा है पुलिस अभी वहां नहीं पहुंच पाई है एस.डी.ओ.पी. ओंकारसिंह क्लेश ने बताया कि पुलिस पत्र लिखने वाले तक पहुंचने की कोशिश में है तथा आष्टा से जिसे पकड़ा था मौलाना बिलाऊल खां के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है।

      श्री क्लेश ने यह भी बताया कि उक्त पत्र आपसी रंजिस के कारण एक पक्ष के लोगों को परेशान करने के उद्देश्य से लिखा है ऐसा लगता है क्योंकि जिन लोगों के नाम पत्र में लिखे है उनका कोई ऐसा खराब रिकार्ड नहीं पाया गया है।

 

डी.आई.जी. भोपाल ने अधिनस्थों की बैठक ली

      आष्टा 15 नवम्बर (नि.प्र.)। विधानसभा चुनाव में कानून एवं व्यवस्था की क्या स्थिति है, रहेगी कही कोई समाया पुलिस को तो नहीं आ रही है चुनाव में कही कोई दिक्कत तो नहीं आयेगी जैसी अनेको मुद्दो के लिए चर्चा करने एवं जानकारी प्राप्त करने के लिए डी.आई.जी. भोपाल अशोक श्रीवास्तव आज आष्टा आये।

      साथ में एस.पी. राजेन्द्र प्रसाद भी थे। डी.आई.जी श्री श्रीवास्तव ने आष्टा एस.डी.ओ.पी. सहित सभी थाना प्रभारियों की बैठक ली एवं चुनाव से संबंधित क्या क्या कार्यवाही की गई है। क्या कोई परेशानी तो नहीं है आदि की जानकारी प्राप्त कर चर्चा की गई।

 

कार ने टक्कर मारी

      आष्टा 15 नवम्बर (नि.प्र.) आष्टा के कन्नौद रोड पर सायकल से जा रहे बालक को कार ने टक्कर मार दी बालक घायल हो गया। घायल बालक का नाम खेमपुर निवासी अजय सिंह मेवाड़ा है।

 

कुए में डूबने से विवाहिता की मौत

      सीहोर 15 नवम्बर (नि.सं.) सिद्दीकगंज थाना क्षेत्र के ग्राम खामखेड़ा में कुंए में डूबने से एक विवाहिता की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम खामखेड़ा में रहने वाले रमेश अजा. की 30 वर्षीय पत्नी सुमनबाई गत दिवस कुएं पर पानी भरने गई थी जो अचानक पैर फिसल जाने से कुंए में जा गिरी जिसे उपचार हेतु आष्टा अस्पताल लाया गया जहां पर उसकी मौत हो गई।

चिल्ल पों से मिली छुट्टी, खर्च भी हुआ कम......

सीहोर 14 नवम्बर (आनन्द)।  चुनाव आयोग का डंडा घूमते-घूमते आज इस गति पर आ गया कि उसने प्रत्याशियों की गति ही बिगाड़ दी, खर्च को रोक दिया...और रुपये की बर्वादी को बचा लिया। लाख-पचास हजार रुपये का चुनाव आज एक करोड़ रुपये के आसपास पहुँच चुका है। इतना व्यापक खर्च होता है, तो फिर प्रत्याशी स्वयं ही पद प्राप्त करने के बाद कहीं से भी उस क्षति पूर्ति के लिये प्रयास करने लगता है। आज जिस प्रत्याशी को चुनाव लड़ने में 1 करोड़ रुपये का खर्च हो जायेगा क्या वह विधायक बनने के बाद उस रुपये को कहीं से भी निकालने का प्रयास नहीं करेगा? और क्या सिर्फ इतनी राशि खर्च करने के बाद वह मेहनत करके अपनी खर्च राशि ही निकालेगा या फिर क माई भी करना शुरु कर देगा, जो करोड़ खर्च करके चुनाव जीतेगा वह करोड़ो रुपये कमायेगा भी ....जिससे जनता का  रुपया बर्वाद हो जायेगा।

      अब चुनाव आयोग ने एक विधानसभा के चुनाव प्रचार के लिये मात्र 10 लाख रुपये के खर्च का प्रावधान रख दिया है। इससे यादा राशि खर्च करने की आवश्यकता नहीं है....यदि होती है तो वह चुनाव आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन होगी....हालांकि टी.एन.शेषन के जमाने में जब चुनाव आयोग ने अपना दमखम दिखाना प्रारंभ किया था तब कभी ऐसा नहीं लगा था कि यह आयोग इतना ताकतवर हो सकता है....जब पिछले चुनाव में इसी आयोग ने खर्च पर रोक लगाने के नियम बनाये थे तब भी यह हल निकाल लिया गया था कि खर्च यादा कर बिल बहुत कम राशि का बनवाकर झूठे बिल प्रस्तुत कर दिये जायेंगे और जैसा चल रहा था चलता रहेगा, भारत में इस तरह की जुगाड़ निकाल लेना आम बात है, हर नियम को तोड़ कर लेना भारतीय नागरिक अपनी विशेषता भी मानता है इसलिये ही लग रहा था कि चुनाव आयोग जितने नियम निकालेगा उतने ही उसके तोड़ भी प्रत्याशियों द्वारा निकाल लिये जायेंगे....।

      लेकिन आश्चर्य कि टीएन शेषन द्वारा डाली गई नींव की मजबूती दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है....शासकिय तंत्र की ढील-पोल से जहाँ पूरा भारतवर्ष परेशान है वहीं आज चुनाव आयोग की कार्यपध्दति दिन प्रतिदिन निखर रही है। पिछले चुनाव तक जो प्रत्याशी तरह-तरह के झूठ बोलकर लाखों रुपये खर्च कर रहे थे इस बार उन पर चुनाव आयोग ने ऐसी नकेल डाल दी कि वह भी कसमसा कर रह गये...। प्रचार सामग्री बेचने वाले व छापने वालों से ही चुनाव आयोग ने सीधे सम्पर्क बना लिया और उनसे छानबीन करना शुरु कर दी कि आप कितने मूल्य में प्रचार सामग्री छाप कर दे रहे हैं। अब प्रत्याशियों को झूठ बोलने में दिक्कत आ रही है। जिन आटो चालकों के मूल्य बहुत कम आंके जा रहे थे, उसके मूल्य खुद चुनाव आयोग ने तय कर दिये....परिणाम यह निकला कि अब आटो से प्रचार करने पर भी खर्च बढ़ने लगा है....। वाहन रैली निकालनी हो या ट्रेक्टर-ट्रालियों को लाना हो चुनाव आयोग के कैमरे खुद व खुद यहाँ लग जाते हैं....हर एक पर निगाह कैमरा रखता है और फिर पूछताछ के बाद चुनाव आयोग ही यह तय कर देता है कि इसमें असल खर्च क्या हुआ है....। इस प्रकार हर तरफ आयोग की निगाहों का कमाल है कि आज खर्च में बहुत कमी आई है।

      अपने प्रत्याशी के लिये पम्पलेट, बेनर, होर्डिंग छपवाने वालो का भी खर्च उसी 10 लाख की कुल सीमा में चुनाव आयोग जोड़ रहा है और इसलिये सतत निगाह रखी जा रही है। हर बोर्ड का खर्च चुनाव आयोग की निगाह में है, और उसके पास उसकी जानकारी भी है।

      आयोग की इस सक्रियता का सुखद परिणाम भी देखने को मिलने लगा है। बड़े-बड़े डीजे लेकर घूमने वाले प्रत्याशी, रथ बनवाकर प्रचार करने वाले प्रत्याशी आज आटो में कम से कम स्पीकरों के साथ प्रचार कर रहे हैं, एक स्पीकर की स्वीकृति होने पर वह दो स्पीकर भी नहीं लगा पाते हैं और यही कारण है कि चुनाव के दौरान दिन-दिनभर तेज आवाज में प्रत्याशियों के होने वाले प्रचार से आमजन को मुक्ति मिल गई है।

      हालांकि चुनाव का वह उत्साह कुछ कम हुआ है जहाँ हर एक तरफ प्रत्याशियों के बोर्ड, कट आउट, बेनर, झण्डे, लग्गी, स्टीकर, बिल्ले नजर आते हैं, आये दिन रैलियाँ, सभाएं हुआ करती थी वह सब भी समाप्त हो गई हैं। कुल मिलाकर आयोग के कारण चिल्ल-पों से मुक्ति भी मिली है और रुपये की बर्वादी भी रुक गई है । और जब प्रत्याशी का खर्च कम होगा तो वह कम ही जगह रुपये कमाने के हाथ पांव मारेगा, मतलब भ्रष्टाचार पर भी कुछ अंकुश लगेगा।

भाजपा की कमरा बैठकों में भी नहीं बन पा रहा उत्साह

      सीहोर 14 नवम्बर (नि.सं.)। भारतीय जनता पार्टी के बाहुबलि प्रत्याशी रमेश सक्सेना ने विगत तीन दिनों से लगातार नगरीय क्षेत्र में कमरा बैठकों का दौर जारी रखा। इस दौरान भाजपा का वह उत्साह नजर नहीं आया जो पिछले चुनावों में दिख जाया करता था।

      श्री सक्सेना द्वारा ली जा रही संगठनात्मक बैठकों में उपस्थिति भी उत्साह से कुछ कम रही है। हालांकि संगठनात्मक दृष्टि से भाजपा की मजबूती अन्य किसी भी पार्टी से सर्वाधिक है बल्कि सिर्फ भाजपा के पास ही संगठनात्मक मजबूती नजर आ रही है, लेकिन उस लहर और उत्साह की कमी है जिसकी आज आवश्यकता प्रतीत हो रही है।

      जमीनी कार्यकर्ताओं की पार्टी भाजपा, इस बार चुनाव को अपने जमीनी कार्यकर्ताओं के बल पर जीतने की फिराक में नजर आ रही है। यही कारण है कि जहाँ कांग्रेस प्रत्याशी अपना प्रचार-प्रसार करने में लगे हैं वहीं भाजपा प्रत्याशी विगत तीन दिनों से सिर्फ कमरा बैठकों का दौर चला रहे हैं और कार्यकर्ताओं को भाजपा की उपलब्धियों की घूंटी पिला रहे हैं।  हर एक वार्ड में भाजपा प्रत्याशी श्री सक्सेना ने खुद संगठनात्मक ढंग से कमरा बैठकों का क्रम चला रखा है।

      हालांकि श्री सक्सेना की वजनदारी और आकर्षण के चलते भीड़ तो यहाँ खिंची चली आ रही है लेकिन भाजपा का उत्साहित कार्यकर्ता आज कहीं उत्साह से दूर नजर आ रहा है। हालांकि कमरा बैठकों के साथ ही श्री सक्सेना के स्वागत का दौर भी चल पड़ता है, कुछ स्थानों पर ढोल भी बुला लिये जाते हैं। तीन दिन पूर्ण होने के बाद जब सारी बैठकें समाप्त हो गई हैं अब भाजपा ने निर्णय लिया है कि कम से कम दो दिन और भाजपा प्रत्याशी को सीहोर में ही रहकर कुछ और रणनीति तैयार करने की आवश्यकता है, संभवत: यह दो दिन फिर नये सिरे से निर्धारित होंगे।

      ऐसा पहली बार हो रहा है जब भाजपा को चुनाव के ठीक 15 दिन पूर्व कमरा बैठकें लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की आवश्यकता प्रतीत हो रही है। वरना भाजपा का कार्यकर्ता समाज का ऐसा छंटा हुआ व्यक्ति होता है जो सदैव उत्साह में बना रहता है। आज यदि उसका उत्साह कम है तो फिर इसके पीछे के कारणों को भाजपा अभी तक टटोलने का सोच भी नहीं पाई है वह सिर्फ कमरा बैठकों में उत्साह का संचार करने की संघ वाली पध्दति से चल रही है।

      उधर कांग्रेस की स्थिति इस दृष्टि से कहीं भी वजनदार नहीं है। कांग्रेस के संगठन की स्थिति लगभग समाप्ति की और है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष  चूंकि इस बार आष्टा के बने हुए हैं और आष्टा के कैलाश परमार आष्टा में ही लगे हुए हैं इसलिये सीहोर में संगठन की दृष्ठि से कोई व्यक्ति नजर नहीं आ रहा है। यहाँ तो वार्डश: कार्यकर्ताओं की सूची और पदाधिकारियों को ढूंढ पाना भी मुश्किल है। इसलिये कांग्रेस बजाय कार्यकर्ताओं की तरफ ध्यान दे, उन्हे संगठित करने के सिर्फ अपने प्रचार प्रसार पर ध्यान दे रही है।

      विधायक श्री सक्सेना देर रात तक नगर के विभिन्न हिस्सों में पहुँच रहे हैं लेकिन इनके साथ वजनदार भाजपाईयों का अभाव और कुछेक ठेकेदार चेहरों की उपस्थिति विपरीत प्रभाव डाल रही है।

धातु के सिक्के शासन निधि के रूप में अर्जित

      सीहोर 14 नवम्बर (नि.सं.)। जिले की आष्टा तहसील के ग्राम छापर में 26 मई,1996 में स्कूल की नींव खोदने के दौरान प्राप्त उर्दू या फारसी लिपिबध्द काले रंग के धातु के 1080 सिक्कों को शासन निधि के रूप में अर्जित किया गया है। इस सिलसिले में कलेक्टर डी.पी.आहूजा ने आदेश पारित कर दिया है।

      ग्राम छापर में 26 मई,1996 को स्कूल की नींव खोदते समय धातु के 1080 काले रंग के सिक्के प्राप्त हुए जिन्हें धारा 25 पुलिस एक्ट के तहत कलेक्ट्रेट की नजारत शाखा में जमा किया गया।

      भारतीय भू-निखात निधि अधिनियम 1878 की धाराओं एवं तत्संबंधी म.प्र.भू-निहित निधि नियम 1964 के नियम 4 के अंतर्गत दावा आपत्ति हेतु 26 मार्च,2007 को अधिसूचना जारी की गई और इसका प्रकाशन स्थानीय समाचार पत्रों में तथा तहसीलदार आष्टा के माध्यम से विहित स्थलों पर कराया गया।

      अधिसूचना द्वारा सर्वसाधारण से 25 अप्रैल,07 तक दावेआपत्तियां चाही गई किन्तु किसी भी व्यक्ति द्वारा कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं की गई।

      कलेक्टर द्वारा भारतीय भू-निखात निधि अधिनियम एवं म.प्र.भू-निहित निधि नियम 1964 के नियम 6 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए उक्त सिक्कों को तत्काल प्रभाव से शासन निधि के रूप में अर्जित किया गया है। 

कमल छाप कांग्रेसी भंवरे की तरह कमल पर मंडराने लगे

सीहोर 14 नवम्बर (नि.सं.)। सीहोर कांग्रेस में कमल छाप कांग्रेसियों की वर्षो पुरानी परम्परा सी बन गई है कि जब-जब चुनाव आते हैं यह कमल छाप कांग्रेसी  बाहर निकल आते हैं और भंवरे की तरह कमल पर मंडराने लगते हैं। इस बार भी पहले ही दिन से ऐसे कमल छाप कांग्रेसी सभी की निगाहों में है। एक कमल छाप कांग्रेसी नेता तो करीब 20 साल से कमल का दामन ऐसा थाम रखा है कि जब-जब चुनाव आते हैं वह कांग्रेस को ठिकाने लगाने के कमर कसकर तैयार हो जाते हैं। अभी हाल ही में भाजपा के एक कद्दावर नेता भी इन कमल छाप कांग्रेसी नेता से मंत्रणा करने गये थे तो यहाँ पूरे नगर में इसकी चर्चाएं हो गई थीं। सबको पता चल गया था कि कमल छाप कांग्रेसी नेता के घर कमल के लिये मंत्रणा चल रही है। इस बार एक और कांग्रेसी नेता है जो कमल का काम करने के लिये लोगों के घर और मोहल्लों में जा रहे हैं और तरह-तरह की बातें करके कमल के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं। यह कांग्रेस के पुराने नेताओं के घर पर जाकर उनका मन बनाने का प्रयास करने में लगे हैं। इस प्रकार कमल छाप कांग्रेसी बहुत तेजी से कमल के लिये सक्रिय हो गये हैं।

 

 

 

शिवराज ने इशारे में थावर चंद गेहलोत को लोकसभा का प्रत्याशी घोषित कर दिया

      आष्टा 14 नवम्बर (नि.सं.)।  परिसीमन में अब सीहोर जिले की आष्टा विधानसभा भोपाल लोकसभा से कट कर देवास शाजापुर लोकसभा में शामिल हो गई है जब से परिसीमन का कार्य सम्पन्न हुआ वर्तमान इस सीट से भाजपा के सांसद श्री थावरचंद गेहलोत भी सक्रिय हो गये हैं। वहीं भाजपा के स्थानीय नेता समय-समय पर उन्हे विभिन्न कार्यक्रमों में आमंत्रित कर कार्यकर्ताओं एवं जनता से रुबरु कराने में लगे हैं।

      परिसीमन के बाद भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ में जिला सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, गोपीकृष्ण नेमा के साथ आये और पूरे नगर में उनका स्वागत हुआ। जनता से रुबरु हुए। वहीं अब कल प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में एक आम सभा को संबोधित करने आये तो अपने साथ थावरचंद गेहलोत को भी लेकर आये खबर है कि श्री चौहान ने गेहलोत को एक दिन पहले ही बता दिया था कि आष्टा चलना है। कल आमसभा में भाषण के बीच में श्री चौहान ने मंच पर बैठे श्री गेहलोत की और इशारा करके कहा कि अभी तो आप गुणवान को जिताओ और थोड़े समय बाद आ रहे लोकसभा के चुनाव में आपको श्री थावरचंद गेहलोत को जिताने के लिये जुटना पड़ेगा क्योंकि अब ये ही आपके सांसद है। थावर चंद गेहलोत जो की नागदा जंक्शन के रहने वाले हैं तथा अपने मधुर और मिलनसार व्यवहार तथा सभी से बात करने की उनकी जो शैली है उसके कारण वे लगातार देवास-शाजापुर क्षेत्र से लोकसभा के लिये चुने जाते रहे हैं। भाषण में श्री चौहान ने जो इशारा किया उससे स्पष्ट है कि इस बार भी इस सीट से श्री गेहलोत ही मैदान में आयेंगे। सभा के बाद श्री चोहान तो भोपाल रवाना हो गये लेकिन श्री गेहलोत मंच से उतरकर जनता के बीच पहुँचे और आमजन से मिलते रहे। श्री गेहलोत पार्टी में भी अपना महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं वे राष्ट्रीय महामंत्री भी है।

 

 

 

 

यदि मोबाइल से दिया संदेशा : तो चुनाव आयोग ले लेगा खबर

      सीहोर 14 नवम्बर (नि.सं.)। विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी द्वारा या प्रत्याशी के पक्ष में किये जा रहे खर्चो पर चुनाव आयोग की टेढ़ी नजरे होने से सारा प्रचार तंत्र ठंडा पड़ गया है। जहाँ विगत चुनावों में प्रचार वाहनों का बड़ा महत्व था वहीं इस बार प्रचार वाहन गायब से हो गये हैं। चुनाव प्रचार के हर तरीके पर चुनाव आयोग की टेढ़ी नजर के कारण ही यह स्थिति बनी है। जहाँ इस बार फ्लेक्स तक का कम उपयोग करने की सलाह चुनाव आयोग दे रहा है वहीं झण्डी-बेनर, पोस्टर पर भी निगाह बनी है।

      प्रत्याशी के पक्ष में कुछ लोग जब मोबाइल पर एसएमएस की शुरुआत करने लगे और मुख्यमंत्री के संदेश मोबाइलों पर आने लगे तो अचानक इस खर्च पर भी चुनाव आयोग की नजरें पहुँच गई हैं। चुनाव आयोग ने हाल ही में यह जानकारी भी प्रसारित की है कि अब जिन मोबाइल कम्पनियों के मोबाइलों से चुनावी संदेशों का आदान-प्रदान होगा उनसे उसके खर्च का हिसाब भी चुनाव आयोग स्वयं के स्तर पर संग्रहित करेगा। जिस मोबाइल से एसएमएस होगा उस पर निगाह रखी जायेगी और इस प्रकार प्रचार करने की अनुमति आदि लेने के जो नियम हैं उनका प्रयोग भी होगा।

      चुनाव के दौरान कुछ प्रत्याशी समर्थक थोक में अपने सारे मित्रों और अन्य लोगों को एसएमएस भेजकर अपने प्रत्याशी को जिताने के लिये माहौल बनाया करते हैं, इसके अलावा रह-रहकर बीच में भी तरह-तरह के चुनावी संदेश, नारे आदि लिखकर भेजे जाते रहते हैं, यह सब भी प्रचार का एक खर्चिला माध्यम है जिस पर चुनाव आयोग ने निगाह रखना शुरु कर दिया है। कम्पनियों को ही निर्देश दे रखे हैं कि वह इस पर निगाह रखें और चुनाव आयोग की जानकारी दे। इधर आयोग भी अपने स्तर पर इसकी जानकारी एकत्रित करेगा।

      इसी प्रकार स्थानीय केवल आपरेटर द्वारा भी किसी प्रत्याशी के समर्थन में यदि विज्ञापन प्रसारित किया जायेगा तो उस पर भी निगाह रखी जायेगी। इतना ही नहीं टाकीजों में फिल्म के दौरान भी यदि विज्ञापन दिखाया जाता है तो उस पर भी चुनाव आयोग की नजर रहेगी।

      इस प्रकार चुनाव आयोग इस बार हर तरफ निगाह रखे हुए हैं। स्थानीय स्तर पर चुनाव आयोग के प्रभारी अधिकारियों में भी यह भय बना हुआ है कि कहीं उनकी निगाह चूक गई तो उनकी शिकायत हो गई तो नौकरी कलंकित हो सकती है, इसलिये हर एक अधिकारी व कर्मचारी बारीकी से निगाह रखे हुए हैं।

सड़क हादसों में 12 घायल

      सीहोर 14 नवम्बर (नि.सं.) जिले के विभिन्न थानों में घटित सड़क हादसों में 12 लोग घायल हो गये। पुलिस ने मामले दर्जकर लिये है।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार पीपलदा निवासी गोपाल पटेल अपनी मारूति वेन एमपी-09-एच-ए-3991 से अपने साथी शिक्षक संतोष बडगाईया, चौरे,लकडा एवं पंकज पंचौरी के साथ भोपाल से इंदौर जा रहे थे तभी जावर जोड के समीप सामने से आ रहे ट्रक चालक क्रमांक एमपी-04-एफ-8738 के चालक ने अपने वाहन को तेजगति एवं    लापरवाही पूर्वक चलाकर मारूति में टक्कर मार दी। जिससे मारूति अनियंत्रित होकर खाई में उतर गई और ये सभी लोग घायल हो गये।

      इधर कोतवाली थाना क्षेत्र में बायपास स्थित सैकड़ाखेड़ी जोड़ के समीप इण्डिका कार क्रमांक एमपी-09-एलई-4557 से शेषनारायण, विजय, रवि, शांति भूषण जा रहे थे तभी भोपाल तरफ से आ रही स्कार्पियों क्रमांक एम.पी-09 एलई-4557 से शेषनारायण, विजय रवि, शांति भूषण जा रहे थे तभी भोपाल तरफ से आ रही स्कार्पियों क्रमांक एमपी 04-एच-0582 के चालक ने टक्कर मार दी जिससे चारों घायल हो गये।

      इसी प्रकार बायपास मार्ग स्थित दरबार झाबा के समीप बाइक क्रमांक एमपी-04-एमई-5550 में टाटा 407 क्रमांक एमपी-07-केबी-1601 के चालक ने टक्कर मार दी जिससे इदगाह हिल्स भोपाल निवासी उपेन्द्र पंवार एवं इमरान, घायल हो गये जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रिफर कर दिया गया।

      इधर आष्टा थाना क्षेत्र में ग्राम गुलरिया निवासी अजय सिंह मेवाड़ा आज सुबह सायकल से अपने गांव जा रहा थ तभी पदमी पेट्रोल पम्प के समीप कन्नौद तरपऊ जा रही कार क्रमांक 0984 के चालक ने टक्कर मारकर घायल कर दिया।

 

मर्ग कायम हुआ

            आष्टा 14 नवम्बर (नि.प्र.)। आज खामखेड़ा जत्रा निवासी रमेश मालवीय की पत्नि सुमनबाई की खेत पर कुंए से पानी भरते वक्त गिर जाने के बाद डूबने से मृत्यु हो गई। सुमन बाई ग्राम से महिला मजदूरों को लेकर घास काटने गई थी। पानी भरकर जब काफी देर तक नहीं लौटी तो देखने पहुंचे लोगों ने कुएं में में गिरी देखी काफी देर हो जाने से डूबने से मृत्यु हो गई। बाद में अस्पताल लेकर आज यह पी.एम. होने के बाद लाश परिजनों को सौंप दी है पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।