Tuesday, September 30, 2008

बड़े साहब भी ईमानदार हैं... तुम भी ईमानदार हो, बस भ्रष्ट तो मैं ही हूँ...वायरलेस सेट पर एक अधिकारी ने की करीब 45 मिनिट अंतरंग बातें

सीहोर 29 सितम्बर (घुमक्कड़)। अक्सर पुलिस के वायरलेस सेट पर कानून व्यवस्था को चाक चौबंद रखने के लिये वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अपने अधिनस्थों को निर्देश देते सुनाई दिया करते हैं। लेकिन रविवार को रात 11 बजे के लगभग तो गजब ही हो गया जब पुलिस के वायरलेस सेट पर एक अलग ही अंदाज में एक किस्सा चलता सुनाई दे रहा था। इस किस्से में पुलिस के एक अधिकारी अपने ही महकमें के एक अन्य अधिकारी से आपसी दर्द भरी अंतरंग बातें वायरलेस सेट पर कर रहे थे। जिसमें वह कह रहे थे कि ''पुलिस अधीक्षक वेरी-ऑनेस्ट हैं... और तुम भी बहुत ऑनेस्ट हो...भ्रष्ट तो बस मैं ही हूँ...''
बात रविवार रात 11 बजे के आसपास शुरु हुई थी। जो करीब 45 मिनिट से यादा चली। पूरा पुलिस महकमा अपने सारे काम छोड़कर इन दो महत्वपूर्ण अधिकारियों की अंतरंग बातें यूँ खुले आम वायरलेस पर सुनने लगा...और आश्चर्य करने लगा। उधर अधिकारी वायरलेस सेट का मोबाइल फोन की तरह इस्तेमाल करते हुए जाने क्या-क्या बातें कह गये और ऐसी बातें ऊपर से लेकर नीचे तक के सारे पुलिस वालों ने सुनी तो वह सुनते ही रह गये, बल्कि कुछ पुलिस वाले तो अपना सेट तेज आवाज करके सुनने लगे और उनके आसपास खड़े लोगों को भी पुलिस की ऐसी बातें सुनकर मजा आने लगा।
इसी दौरान इस बातचीत को बहुत संभावित है कि जिला पुलिस अधीक्षक ने भी गंभीरता से ही सुना होगा।
बातचीत की बानगी में जो शब्द और वाक्यांश उपयोग हो रहे थे उनमें ''पुलिस अधीक्षक वेरी ऑनेस्ट हैं...'' यह बात बोलते समय इन पुलिस अधिकारी महाशय का लहजा कुछ लड़खड़ाया हुआ था, उन्होने पहले तो कुछ पुलिस कर्मचारियों को अपनी बातचीत के दौरान गुस्से का शिकार भी बनाया, वायरलेस सेट पर ही उन्होने इन पुलिस कर्मचारियों पर खुल्ले आम रुपये वसूली के आरोप भी लगा दिये। इन्होने वायरलेस सेट पर ही पुलिस महकमें के एक अधिकारी से कुछ देर बाद बात करना शुरु की, और कहा कि ''पूरा प्रदेश जानता है, हमारे पुलिस अधीक्षक वेरी ऑनेस्ट पर्सन हैं....उनकी ईमानदारी के चर्चे पूरे विभाग में चलते हैं....शहर का एसडीओपी भी ईमानदार है....बस भ्रष्ट तो मैं ही हूँ....।'' पुलिस अधिकारी महाशय का यह कहना यहीं नहीं रुका उन्होने उबलते हुए फिर कहा कि ''इन्दौर भोपाल राजमार्ग पर पिछले दो दिनों से ट्रकों से इंट्री ली जा रही है, इससे पहले ऐसा नहीं होता था...लेकिन अपने साहब के छर्रे दो दिन से इस काम में पूरी-पूरी रात लगे हैं....अरे भाई... सब ऑनेस्ट हैं, बस भ्रष्ट तो मैं ही हूँ''
जब यह अधिकारी महाशय ऐसा बोल रहे होंगे तो संभवत: जिन अधिकारी से बात कर रहे थे उन अधिकारी को भी अपने साहब की बात पर गुस्सा आ रहा होगा, लेकिन वह वायरलेस पर हो रही इस आपसी बातचीत को कैसे रोक पाते, आखिर जिसके लिये बोला जा रहा था वो भी और जो बोल रहे थे वो भी यह दोनो उनसे बड़े जो थे। हाँ इन्होने कई बार ''सर, सर बस कीजिये सर'' कहकर बातचीत रोकने का प्रयास अवश्य किया लेकिन जो अधिकारी इन्हे सुना रहे थे उन्होने रुकने का नाम नहीं लिया।
अक्सर अनुशासन के लिये पहचाने जाने वाले सीहोर पुलिस महकमें के यह दो बड़े अधिकारी करीब 45 मिनिट तक विभाग की अंदरुनी बातें करते रहे और इन बातों ने महकमें के अनुशासन की परिभाषा ही बदल दी। इस दौरान यह ऐसी-ऐसी बातें, अंदर की पोल, और आचरण की जानकारी एक-दूसरे को देते रहे जो सामान्यत: न कही जा सकती है ना बोली जा सकती है। संभवत: पुलिस के इन दो बडे अधिकारियों की करीब पौन घंटे तक सार्वजनिक अंतरंग चर्चा उस समय सार्वजनिक हो गई जब भोपाल नाके पर एक चीता पुलिस कर्मी के वायरलेस सेट पर यह आवाज रह-रहकर बार-बार तेजी से आती रही कि ''हमारे पुलिस अधीक्षक बहुत ईमानदार हैं, ही ईज वेरी ऑनेस्ट, तुम भी बहुत ईमानदार हो....बस भ्रष्ट तो मैं ही हँ....''

वो अपनी कपड़ा दुकान छोड़कर ठेकेदारी में जुटे

सीहोर 29 सितम्बर (घुमक्कड़) नगर के एक भाजपा नेता जो एक कपड़ा व्यापारी भी हैं, द्वारा नगर पालिका में अचानक पिछले कुछ दिनों से ठेकेदारी शुरु कर दिये जाने की बात लोगों को हजम नहीं हो पा रही है.... यहाँ भाजपा के ही दूसरे नेताओं को यह बात समझ नहीं रही है कि आखिर नेताजी को नगर पालिका से ही इतना प्रेम क्यों हो गया है।
अब नगर पालिका में पिछले कुछ दिनों से इनकी सक्रियता के चलते इन्होने एक ठेकेदारी का काम करने के लिये एक रजिस्टर्ड कम्पनी भी बना ली है, इस कम्पनी के माध्यम से यह ठेके भी लेने लगे हैं। इनके मित्र भाजपाई काफी चिंतित है कि इन्हे यह क्या हो गया है ? लेकिन नेताजी है कि मानने को तैयार नहीं है। नगर पालिका में जाने क्या-क्या काम यह कर रहे हैं। पिछले दिनों तो ठेके के चक्कर में यह बाहर भी चले गये थे। लेकिन नगर पालिका से इनका इतना प्रेम है कि दूसरा कोई शासकिय कार्यालय इन्हे नजर नहीं आता है। यह सिर्फ नगर पालिका में ही काम कर रहे हैं। वो अक्सर शाम होते ही नगर पालिका के अधिकारियों की चौखट पर जाकर बैठ जाते हैं और फिर अगले ठेकों का इंतजार करते हैं जिसके चलते इनके परिजन मित्र चिंतित नजर रहे हैं।

भव्य मंच सजकर तैयार, घटस्थापना आज, आज से प्रारंभ होगी शक्ति की आराधना

आष्टा 29 सितम्बर (नि.सं.)। नवरात्री की शुरुआत मंगलवार से प्रारंभ हो रही है। शक्ति की आराधना के इस पर्व पर नगर में आकर्षक व भव्य मंच बनाए गऐ हैं। आदि शक्ति की स्थापना स्थल का कार्य देर रात्रि तक पूर्ण हो गया है। मंगलवार को माता की स्थापना के साथ भक्तगण नौ दिवसीय व्रत भी करेंगे। जगह-जगी हवन, पूजन, महाआरती, छप्पन भोग के कार्यक्रम होंगे।
नगर के प्रमुख चौराहों व मोहल्लों में माँ दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना के लिये मंच भी सज चुके हैं। शक्ति की भक्ति के इस पर्व को लेकर माता के भक्तों में अपार उत्साह नजर आ रहा है। घट स्थापना के साथ प्रारंभ होने वाले इस नौ दिवसीय त्यौहार के लिये विशेष व्यवस्थाएं की जा रही है।
माता मंदिरों की रंगाई-पुताई के अलावा आकर्षक विद्युत सजा भी की जा रही है। इस पर्व को व्यवस्थित रुप से मनाने के लिये समितियाँ भी गठित हैं।
मंदिरों में लगेगा भक्तों का मेला
आस्था और भक्ति की अलख जगाने के लिये नवरात्रि के दौरान प्रसिध्द व ऐतिहासिक स्थल अन्नपूर्णा मंदिर, शीतला माता मंदिर आदि स्थानों पर श्रध्दालुओं का तांता लगेगा। नवरात्रि पर्व पर अनेक मोहल्लों व चौराहों पर माता की घट स्थापना होगी। वारे भी बोऐ जायेंगे।
पुलिस चौक न्नी रहेगी
नवरात्री पर्व पर माता प्रतिमा स्थलों पर व्यापक रुप से पुलिस व्यवस्था की तैयारियाँ की गई हैं। साथ ही साफ-सफाई आदि की व्यापक प्रबंध भी किये हैं।
बाजारों में रौनक, घरों में इंतजार
नवरात्री व ईद की व्यापक तैयारियाँ 30 सितम्बर से प्रारंभ हो रहे नवरात्रि पर्व को मद्देनजर सनातन धर्म प्रेमियों द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियाँ की है। इस वर्ष भी नगर में छोटी-बड़ी सभी प्रकार की माँ दुर्गा की प्रतिमाएं प्रमुख स्थानों पर विराजेंगी। नवरात्रि पर्व में कड़ी उपासना और साधना के लिये तथा देवी दुर्गा जी की पूजन सामग्री आदि की व्यवस्थाएं भक्तों ने प्रारंभ कर दी है। नवरात्री पर्व को लेकर लोगों में गजब का उत्साह है।

ईद को लेकर उत्साहित हैं मुस्लिम धर्माबलंबी

आष्टा। नगर में प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी रमजान माह के चलते यहाँ लोग पूरी अकीदत के साथ इबादत कर रहे हैं। ईद का त्यौहार निकट होने के कारण पर्व की खुशी में लोग व्यापक स्तर पर तैयारियाँ करने में जुटे हैं। पवित्र रमजान माह में लोग अपने स्तर पर ईद से पूर्व सामग्री खरीदी करने में भी बाजारों में व्यस्त हैं। त्यौहारों को लेकर दुकानों पर भीड़भाड़ दिखाई दे रही है।
ईद पर्व को समस्त मुस्लिम धर्माबलंबी में भारी उत्साह का वातावरण देखा जा रहा है। त्यौहार को लेकर खासकर बच्चों में भी खुशियाँ देखी जा रही है। लोग नये कपड़े खरीदने व सामग्री की खरीदी करने में व्यस्त हैं। जुमा की नमाज के बाद से बाजार में ईद त्यौहार को लेकर भारी उत्साह नजर आ रहा है।

जोरदार कटाई शुरु मजदूरी 100 रु.रोज पहुंची बाजार सुनसान हुए

आष्टा 29 सितम्बर (नि.प्र.) कडक़ड़ाती धूप ने खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल को पका दिया है जल्दी आने वाली क्वालिटी का सोयाबीन की कटाई युद्धस्तर पर शुरू हो गई है वही जवाहर 335 सोयाबीन में अभी तक एक सप्ताह की देरी है सोयाबीन कटाई का कार्य एवं थ्रेसिंग का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू होने से अचानक जो मजदूर 40-50 रुपये में शुरूआती दौर में मिल रहाथा उसके रेट बढ़कर 100 रुपये प्रतिदिन हो गये है सोयाबीन की कटाई का कार्य युद्ध स्तर पर शुरु होने से बाजार मंडी सुनसान हो गई है ऐसा लगभग 8 से 15 दिन रहेगा मंडियों में नमे सोयाबीन की आवक बढ़ रही है भाव गीला सोयाबीन 14 से 1600 रुपये तथा सूखा सोयाबीन 1800 से 2000 तक बिक रहा है दशहरे बाद आवक बढ़ने की उम्मीद है।

कुंए में डूबने से दो भाईयों की मौत

सीहोर 29 सितम्बर (नि.सं.) दोराहा थाना क्षेत्र के ग्राम खण्डवा में रविवार को कुएं में डूबने से दो भाईयों की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामल की जांच शुरु कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम खण्डवा में रहने वाले मोरअली अपने परिवार के साथ गत रविवार को अपने खेत पर सोयाबीन की फसल की कटाई कर रहे थे कि करीब दो बजे दिन के पूर्व जब मोर अली नमाज पढ़ने चले गये तभी उनका दोटा पुत्र 21 वर्षीय अब्दुल वारीस खेत स्थित कुंए में रस्सी के सहारे नहाने उतरा। बताया जाता है कि अब्दुल वारीस जब रस्सी के सहारे कुंए में नहा रहा था तभी अचानक रस्सी टूट गई जिससे वह कुंए में डूबने लगा तभी कुएं के बाहर खड़ा उसका बड़ा भाई 22 वर्षीय असलम उसे बचाने कुंए में नीचे उतरा और अब्दुल वारिस को बचाने की कोशिश में वह भी अपने भाई के साथ कुंए में डूब गया जिससे दोनों की मौत हो गई।

आगामी त्यौहारों को उत्साह उमंग के साथ मनाये जाने के लिए शांति समिति की बैठक हुई

जावर 29 सितम्बर (नि.प्र.) नवदुर्गा उत्सव ईद उल फितर एवं दीपावली का पर्व उत्साह उमंग के साथ मनाये जाने के लिए शनिवार को कस्बा चौकी में तहसीलदार एस.डी. शर्मा की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक हुई। बैठक में आने वाले त्यौहारों की व्यवस्था के बारे में विस्तार से चर्चा हुई जिसमें सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखे। हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष राजेनद्र सिंह जोकि दशहरा उत्सव समिति के भी अध्यक्ष है ने नगर की प्रकाश व्यवस्था चल समारोह के मार्ग को ठीक करवाना अखाड़ा मैदान पर मिट्टी डलवाना, राम रावण युद्ध के मैदान को समतल करवाया जाय। पापनी के टेंकर की व्यवस्था करें मेला प्रांगण में विशेष रूप से साफ-सफाई करवाना मेला क्षेत्र व नवरात्रि पर्व के दौरान पुलिस बल की भी पर्याप्त व्यवस्था जैसी प्रमुख समस्याओं को बैठक में रखी गयी शहर काजी अजीजुरहमान ने ईद के पर्व पर भी ईदगाह स्थल की साफ सफाई प्रकाश व पानी के टेंकर की प्रमुख जगह पर लगाने की बात कही और इन सभी बताये गये बिन्दुओं पर तत्काल अमल करवाने की बात भी कही इस पर तहसीलदार शर्मा ने न.प. अधिकारी शर्मा को सदस्यों द्वारा बताई गई समस्याओं को शीघ्र पूरा करवाने के निर्देश दिये। इसके बलावा सदस्यों की मांग थी कि नवरात्रि एवं दशहरा पर्व पर बिजली कटौती न की जाय इस पर मण्डल के ए.ई. आर.एस. मालवीय का कहना था कि स्थानीय स्तरा पर से कटौती नहीं की जायेगी ऊपर से जो भी कटौती हो रही है उसके सम्बन्ध में वरिष् अधिकारियों के सामने आपकी बात रखूंगा। बैठक में प्रमुख रूप से नन्नूलाल वर्मा, जगन्नाथसिंह खुमानसिंह, राकेश सिंह, हरीश शर्मा, रमेश पाटीदार, हमीद खां, मन्सूरी, कृपालसिंह, वीरेन्द्रसिंह, शैलेष वैध, संजय अजमेरा, भूपेन्द्र सिंह, मनोज वैध के अलावा अधिकारी कर्मचारी पत्रकार उपस्थित थे।

सिद्धहनुमान मंदिर पर विधायक निधि से निर्माण कार्य प्रारंभ

सीहोर 29 सितम्बर (नि.सं.) श्री सिद्ध हनुमान मंदिर नमक चौराहा पर भव्य निर्माण कार्य चल रहा है सीहोर क्षेत्र के विधायक रमेश सक्सेना द्वारा मंदिर निर्माण हेतु एक लाख पचास हजार रुपये की घोषणा की थी।
विधायक द्वारा श्री सिद्ध हनुमान जी महाराज की पूजन अर्चना के साथ विधायक निधि से कार्य प्रारंभ किया।
उक्त जानकारी प्रेस प्रवक्ता प्रहलाद दास शर्मा पिंकी ने दी उक्त कार्यक्रम में मुख्य रूप से धर्मेन्द्र यादव, विनोद जैन, शंकर प्रजापति मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीशचन्द्र अग्रवाल, संरक्षक जमना प्रसाद वर्मा, सत्यनारायण चौरसिया, संयोजक राजकुमार ताम्रकार, गोविन्द ताम्रकार, नंदलाल राठौर, संतोष राठौर, मोहित गोयल, दिलीप राठौर, निलेश जैपुरिया, हरीश चौरसिया, रामस्वरूप ताम्रकार, संतोष ताम्रकार, ओमप्रकाश सोनी नितेश, चन्द्रकिशोर शर्मा, संतोष ताम्रकार, हरी ताम्रकार, गोल्डी जैपुरिया, शैलेष अग्रवाल, त्रिलोकी शर्मा, ओम शर्मा, महेश टेलर, कमल जैन, शिवनारायण शास्त्री, अनूप साहू, आनन्द गांधी, राधाकिशन साहू, आशीष पचौरी आदि अनेक सैकड़ों धर्म प्रेमी बन्धु शामिल हुऐ।

Monday, September 29, 2008

पुलिस ने दिये बैंक मैनेजरों को निर्देश: अब नकली नोट आते ही कर दें सूचना

सीहोर 28 सितम्बर (नि.सं.)। कल जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ने एक नगर के समस्त बैंक मैनेजरों की एक बैठक बुलाई थी। जिसमें नकली नोटों के खिलाफ रणनीतियाँ तय की गई। इसमें बैंक कर्मियों की सहायता लेकर नकली नोटों के कारोबार पर अंकुश लगाने की योजना बनाई गई है। बैंक मैनेजरों से बातचीत के दौरान उन्हे पुलिस अधिकारियों ने अपने मोबाइल नम्बर भी दे दिये हैं ताकि जैसे ही कोई ऐसा व्यक्ति बैंक में आये जिसके पास नकली नोट मिलें उसकी सूचना भी बैंक कर्मी पुलिस को कर सकें।
उधर एक 27 लाख रुपये की विशाल राशि से मशीन भी सीहोर में उपलब्ध हो गई है जिसमें नकली नोट की जांच तत्काल की जा सकेगी। अब पुलिस के अभियान में बैंकों के ग्राहकों को क्या परेशानी सामने आती है यह तो समय ही बतायेगा।
जानकारी के अनुसार कल पुलिस नियंत्रण कक्ष कोतवाली थाना में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस उमेश शर्मा ने नगर में नकली नोटों के कारोबार और उनसे आये दिन हो रहे अपराधों से निपटने के लिये एक बैठक रखी थी। आर्थिक अपराधों और देश की नकली मुद्रा चलाने वालों के खिलाफ बुलाई गई इस बैठक में समस्त राष्ट्रीय कृत बैंकों के मैनेजरों को बुलाया गया था। बैंक मैनेजरों से हुई बैठक में पुलिस ने अपने गुर सिखाये कि किस प्रकार बैंक नकली नोटों के संचालन को रोकने में सफल हो सकते हैं। यहाँ विभिन्न बैंक के मैनेजरों ने अपने-अपने मत भी प्रकट किये तथा बताया कि बैंकों को किस प्रकार नकली नोट के संचालन रोकने में दिक्कत आती है और अब तक वह लोग किस प्रकार इससे बचते हैं।
पुलिस ने बताया कि स्टेट बैंक आफ इण्डिया में एक विशाल 27 लाख रुपये की मशीन लगी हुई है। इस मशीन में यदि कोई भी नोट की ऐसी गड्डी फंसाई जाये जिसमें एक भी नकली नोट है तो मशीन उसी स्थान पर काउंटिंग रोक देती है जहाँ नकली नोट है और नोट आसानी से पकड़ा जाते हैं। उन्होने बताया कि यदि आपको भी किसी नोट की गड्डी पर शक हो तो उसे इस मशीन पर निशुल्क रुप से जांच कराई जा सकती है ताकि नकली नोटों का चलन रोका जा सके। पुलिस अधिकारी श्री शर्मा ने बताया कि यदि बैंक में कोई ऐसा संदिग्ध व्यक्ति आये जो बड़े नोट लाया है तो उस पर ध्यान दें, उसके नोट अच्छे से जांच-परखे साथ ही यदि गड़बड़ी हो तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। इसके लिये उन्होने पुलिस विभाग के आला अफसरों के नम्बर भी इन बैंक मैनेजरों को उपलब्ध कराये।
बैंको में चोरों के प्रवेश पर अलार्म बजने की जो व्यवस्था रहती है उसे हर स्थिति में दुरुस्त करने की बात भी कल पुलिस विभाग ने कही। ताकि कोई बड़ी आपराधिक घटना होने से बचा जा सके।

ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण की शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी

जावर 28 सितम्बर (नि.प्र.)। नगर पंचायत द्वारा जावर कजलास मार्ग पर 80 हजार रुपये की लागत से नागरिकों की सुविधा के लिये एक शौचालय का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन ठेकेदार द्वारा उक्त निर्माण कार्य मे घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने तथा निर्माण कार्य गुणवत्ता विहीन होने के कारण पिछले दिनों भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी भूपेन्द्र सिंह सेंधव द्वारा उक्त घटिया निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय प्रशासन जनप्रतिनिधि का ध्यान आकर्षित कराने के उद्देश्य से एक विज्ञप्ति जारी की गई थी।
उक्त विज्ञप्ति जारी होने के बाद निर्माण कार्य का ठेका लेने के बाद ठेकेदार अशफाक अली पुत्र मुबारिक अली बौखला गया तथा उसने आज अपने मोबाइल नम्बर 98930-70253 से भूपेन्द्र सिंह को धमकी दी कि बहुत बड़ा भाजपा का नेता बन रहा है, निर्माण कार्य की शिकायत करने का परिणाम तुझे भुगतना होगा, तथा तुझे जान से मार दूंगा।
उक्त मोबाइल पर मिली धमकी के बाद भूपेन्द्र सिंह ने जावर थाने में पहुँचकर ठेकेदार अशफाक अली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। जावर थाने से मिली जानकारी के अनुसार भूपेन्द्र सिंह की शिकायत पर ठेकेदार अशफाक अली के खिलाफ धारा 506, 294 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर ली है।
वहीं भाजपा जावर मण्डल के कोषाध्यक्ष संजय अजमेरा जो की जावर नगर पंचायत के अंत्योदय समिति के सदस्य हैं गत दिवस अंत्योदय समिति की बैठक में भी संजय अजमेरा ने उक्त घटिया निर्माण का मुद्दा उठाया था ।
इस पर नाराज होकर ठेकेदार ने आज संजय अजमेरा को भी मोबाइल लगाकर काफी अपशब्द कहे एवं जान से मारने की धमकी। संजय अजमेरा ने भी इसकी शिकायत संगठन स्तर पर भाजपा जिलाध्यक्ष ललित नागौरी को की है।

जुंआरियों को पकड़ने पहुँची पुलिस को देख जुंआरी भागे

आष्टा 28 सितम्बर (नि.सं.)। मयूर टाकीज के पीछे आज दोपहर में कुछ युवक जुंआ खेल रहे थे। उन्हे जुंआ खेलते देख पारसमल जैन ने एसडीओपी आष्टा, ओंकार सिंह कलेश को सूचना दी। एसडीओपी की सूचना के बाद आष्टा थाने से चार-पाँच पुलिस कर्मी इन जुंआरियों को पकड़ने के लिये टाकीज मार्ग पर पहुँची। जुंआरियों ने पुलिस को देख दुड़की लगाई जिसमें एक जुंआरी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
कुछ भाग गये। भागने में एक युवक जिसका नाम अयाज अली है, को पैरों में गंभीर चोंटे आई। तब जो लोग वहाँ आ गये थे उसे इलाज के लिये सिविल अस्पताल ले गये। थाना प्रभारी हनुमंत सिंह राजपूत ने बताया कि इरशाद नामक युवक पकड़ा गया है तथा अब्बास खां, शफीक खां, पीलू खां भाग गये तथा अयास उद्दीन जिसे पैरों में चोंट आई उसे उचित इलाज के लिये भोपाल भेज दिया गया है। आज जैसे ही उक्त खबर कसाईपुरा क्षेत्र के लोगों को मालूम पड़ी वह बड़ी संख्या में सिविल अस्पताल पहुँच गये तथा यहाँ इन्होने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने इसे डंडे से मारा है, इसलिये इसके पैर में चोंट आई है जबकि टीआई का कहना है कि जिस वक्त पुलिस सूचना पर इन्हे पकड़ने पहुँची तब शिकायतकर्ता तथा अन्य नागरिक लोग भी घटना स्थल भी उपस्थित थे तथा उनके सामने ही यह युवक पुलिस को देख पुलिस की पकड़ से बचने के लिये भागे जिसमें अयासउद्दीन के पैरों में चोंटे आई है। पुलिस ने घटना स्थल से इनके पास से 185 रुपये नगदी, 52 पत्ते जप्त कर जुंआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आज सिविल अस्पताल में पहुँचे लोगों ने इस पूरे मामले को बड़ी सफाई से मोड़ देने के काफी प्रयास किये तथा वह इस मामले को लेकर पुलिस को घेरने के प्रयास में थे लेकिन इन्हे जो उम्मीद थी उन लोगों का सहयोग नहीं मिल पाया।

गोपाल सिंह, परमार के सारथी बने....(खबर ही तो है........)

आष्टा 28 सितम्बर (नि.प्र.)। राजनीति में कब क्या हो जाये नहीं कहा जा सकता राजनीति एक ऐसे ऊंट की तरह होती है जिसके बारे में कहा जा सकता है कि यह ऊंट (राजनीति)किस करवट बैठेगा। सभी जानते है ओर देखा भी है की अभी तक जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार के वाहन की आगे का स्थान श्री परमार और उनके सारथी प्रदीप प्रगति के लिए ही रहा है लेकिन इन दिनों चुनावी रणनीति का सीजन चल रहा है आज जिसने भी दोपहर में जिला कांग्रेस अध्यक्ष के वाहन को कन्नौद रोड पर जाते देखा उनके वाहन में सारथी के रूप में प्रदीप प्रगति के स्थान पर आष्टा से टिकिट के दावेदार इंजीनियर गोपाल सिंह सारथी की भूमिका में नजर आये।
इंजीनियर गोपाल सिंह अच्छी तरह जानते है कि परमार का सारथी बने वे विधानसभा के वाहन पर सवार नहीं हो सकते है ऐसा नहीं है लेकिन अन्य को कभी परमार का सारथी बनते नहीं देखा गया है निश्चित इसमें भी कोइ गहरा राज छुपा हे नहीं तो कोई यू ही परमार का सारथी नहीं बन सकता जिसका कांग्रेस अध्यक्ष के वाहन में आगे श्री परमार के साथ प्रगति का अगर कोई स्थान ले तो यह चुनाव में राजनीतिक हल चल जरूर पैदा करता है और आज सारथी के रूप में गोपाल सिंह इंजीनियर को देखकर नगर में तरह-तरह की राजनीतिक हलचल शुरु हो गई है........

Sunday, September 28, 2008

सेवा भाव लक्ष्य इसलिये नगर पा. की नौकरी में आया मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री परिहार से फुरसत की विशेष बातचीत

सीहोर 27 सितम्बर (आनन्द भैया)। नगर पालिका की आगामी दिनों में नगर विकास के प्रति क्या सोच है ? नगर पालिका की व्यवस्थाएं आगामी दिनों में और कैसे सुधर सकती है ऐसे अनेकानेक प्रश्‍नों को लेकर आज फुरसत ने दमदार निर्भिक मुख्य नगर पालिका अधिकारी डी.एस. परिहार से खास बातचीत की। इस बातचीत का पूरा ब्यौरा आज फुरसत अपने पाठकों के समक्ष रखने का प्रयास कर रहा है।
दिन का दूसरा पहर, घड़ी करीब 4.30 बजा रही थी। हमने बिना पूर्व सूचना के मुख्य नगर पालिका अधिकारी डीएस परिहार से मिलने का मन बनाया और कार्यालयीन समय में उनके कामकाज को देखने की इच्छा जताई। हम निकल पड़े शहरी विकास परियोजना कार्यालय की तरफ। हमारी जानकारी के मुताबिक मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री परिहार डूडा कार्यालय में शासकिय कामकाज में जुटे हुए थे और हम भी उसी कमरे में जा बैठे। उन्होने पहले तो आने का कारण पूछा और जब उपयुक्त बातें जानने की बात हमने उनसे कही तो उन्होने कहा कि आप थोड़ा इंतजार कर लें मैं आवश्यक कार्य निपटा लूँ फिर अपन बैठेंगे। आपसे इस विषय में विस्तार से बात की जायेगी।
ठीक 5 बजे कार्यालयीन समय समाप्त होते ही हम श्री परिहार के साथ चर्चा के लिये उनके निवास पर पहुँचे और सहज और सरल अंदाज में उनसे पहला सवाल पूछा...। आप आखिर नगर पालिका की नौकरी में क्यों आये ?
सवाल खत्म हुआ ही था कि श्री परिहार ने नगर पालिका की नौकरी में आने की वजह जनसेवा बताई। उन्होने बताया कि नगर पालिका में नौकरी करके कई लोगों के सुखदुख की अनुभूति को महसूस किया जा सकता है साथ ही पीड़ित मानवता की समस्या का समाधान करने के लिये नगर पालिका से बेहतर कोई दूसरी जगह नहीं हो सकती। श्री परिहार ने बताया कि छात्र जीवन से ही एनसीसी जैसी संस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाता आया हूँ इस दौरान कई बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिये भी काम किया है। तभी से जनसेवा के प्रति रुचि जाग्रत होना शुरु हो गई और शिक्षा के बाद इस ध्येय को पूरा करने के लिये नगर पालिका की नौकरी में आ गया।
शहर में जल समस्या काफी गंभीर है इस दिशा में आपकी सोच और कार्य योजना क्या है ?
सवाल के जबाव में श्री परिहार ने बड़ी सहजता के साथ कहा कि जल समस्या सीहोर में वाकई एक बड़ा संकट है। जिसको दूर करने के लिये हम प्रयासों में जुटे हुए हैं। लेकिन इस काम में सीहोर वासियों की सहभागिता भी जरुरी है। उन्होने कहा कि अल्पवर्षा के चलते शहर में जल संकट एक गंभीर रुप लेगा इसका अनुमान हमें है। इस संकट से निपटने के लिये मैं जैसे ही सीहोर आया वैसे ही सबसे पहले जल प्रबंधन की और ध्यान दिया। यहाँ हर बार 15 अक्टूबर के आसपास काहिरी बंधान बांधा जाता है लेकिन हमने समय के पूर्व ही अगस्त माह में इसे बांध दिया है। हमारा यह निर्णय सही भी रहा है। वर्षा की स्थिति दिख ही रही है। यदि देरी हो जाती तो काहिरी में पानी भराना मुश्किल हो सकता था। साथ ही उन्होने जल संकट से निपटने के लिये प्राचीन जल स्त्रोतों के उचित संग्रहण, रख-रखाव, पानी के अपव्यय को रोकने की बात भी प्रमुखता से कही और इस काम में आम जनता की सहभागिता को भी जरुरी बताया।
व्यवस्थित प्रशासन में आपका बड़ा विश्वास नजर आता है ? लेकिन वर्तमान नगर पालिका की व्यवस्थाओं को लेकर आप कितने खुश या नाखुश हैं ?
इस प्रश् के उत्तर में वह बोले की अक्सर मुझे यहाँ पर एक दूसरे को नीचा दिखाने की प्रवृत्ति नजर आई। पहले तो मैं इस बात के लिये प्रयासरत हूँ कि नगर पालिका में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्य और अधिकारों के प्रति सचेत रहें। यदि यह लोग इस दिशा में थोड़ा-सा भी सोचना शुरु कर देंगे तो व्यवस्थित प्रशासन की समस्या खुद-व खुद हल हो जायेगी। हालांकि आपको भी जैसा की मालूम है कि मैने पूर्व में भी कई सालों तक सीहोर नगर पालिका का कामकाज देखा है उस वक्त भी मैने व्यवस्थाओं को सुधारने के लिये कर्मचारियों को पाबंद किया था। एक बार फिर मैने सीहोर नगर पालिका का कार्यभार ग्रहण करने के बाद कार्यरत कर्मचारी और अधिकारियाें को उनके कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की बात कही। साथ ही नगर पालिका में पुन: अनुशासन स्थापित किया है।
सीहोर नगर पालिका में कई सीएमओ आये और चले गये, लेकिन शहर के लोग आपको नहीं भूल पाये ? आप जिस तरह से हर काम में नियमों की कैंची चलाते हैं और आपके इस कठोर स्वभाव के कारण नगर पालिका के ठेकेदार ही नहीं अब तो अध्यक्ष भी परेशान रहते हैं ?
इस सवाल के जबाव में कुछ सोचते हुए श्री परिहार ने बेवाक तरीके से कहना शुर किया कि हर जगह नीति-अनीति, अनुशासन-कुशासन, झूठ-सच आमने-सामने रहते हैं। उन्होने बताया कि जिस तरह जीवन जीने के नियमों में धार्मिक ग्रंथ महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं उसी तरह मेरा सोच यही रहता है कि हर काम सामाजिक जीवन जीने से भी संविधान में बंधकर जिया जाये । मैं नियमों की कैंची नहीं चलाता हूँ लेकिन जहाँ काम गलत हो रहा है उसे नियमों के दायरे करने का आदि हूँ। अब भले ही मेरे इस कार्यपध्दति से ठेकेदार परेशान हों या अध्यक्ष, मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होने बताया कि सीहोर नगर पालिका में मैने पूर्व के 15 सालों का रिकार्ड देखा है जिसमें काफी अनियमितता पूर्वक तरीके से काम किये गये हैं। मैं इन सभी कामों की नये सिरे से जांच में भी जुटा हुआ हूँ। मेरा प्रयास है कि ऐसी अनियमितताएं मेरे कार्यकाल में ना हों।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी के बंगले में खड़े दो बंदूकधारी सुरक्षा कर्मियों को संबंध में भी फुरसत ने प्रश्न पूछा कि आखिर इनकी आपको क्या जरुरत पड़ गई ?
इस पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री परिहार ने कहा कि मैं नीति और नियमों के अंदर ही रहकर काम करना चाहता हूँ लेकिन पिछले कुछ दिनों से सीहोर नगर पालिका से जुड़े लोगों की यह आदत सी हो गई है कि वह चाहते हैं हम नियमों के विरुध्द जाकर काम करें...अनियमितता पूर्वक उनके अनुसार काम कर दें, इसके लिये वह सारे हथकंडे भी अपनाते हैं...इस तरह की असुविधाओं से बचने के लिये मैं अक्सर उन लोगों को मना कर देता हूँ और जिस वजह से नियम विरुध्द काम करवाने वाले लोग मेरे प्रति आक्रोशित हो जाते हैं ऐसे लोगों से बचने के लिये ही मैने निजी तौर पर दो बंदूक धारी सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है। क्योंकि पिछले दिनों मेरे साथ कुछ लोगों ने अभद्र व्यवहार करने की कोशिश की थी। श्री परिहार ने बताया कि सीहोर नगर पालिका में कार्यरत कुछ लोगों का ध्यान आय की तरफ बिल्कुल नहीं है टेक्स के रुप में 6 करोड़ रुपये की वसूली शेष है लेकिन मात्र 29 लाख रुपये हमारे पास आया है।
आखिर सवाल के रुप में हमने पूछा कि आपका भविष्य में शहर को लेकर क्या सोच है ?
उनका कहना था कि नागरिकों की आवश्यकताएं पूरी हो। शहर का यातायात सुगम हो। लोगों को अपनी नाक नहीं पकड़ना पड़े, शहर में इतनी अच्छी सफाई व्यवस्था हो, और सड़कों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था इन कामों को करने के लिये इस दिशा में मेरे द्वारा समय-समय पर कर्मचारियों को निर्देशित किया जाता है। यह काम मेरा आगे भी जारी रहेगा।
हमारी यह बात यहीं खत्म हो गई थी लेकिन श्री परिहार ने कहा कि मैं नपा में कार्यरत मेरे कर्मचारियों के लिये जीपीएफ की राशि को सुरक्षित करने के लिये भरसक प्रयास कर रहा हूँ। यदि कर्मचारी सुव्यवस्थित जीवन जियेगा तो वह अपनी संस्था के प्रति उतना ही ईमानदार और कर्मठशील बनेगा। उन्होने कहा कि मेरा यह प्रयास भी है कि नपा द्वारा मायनिंग के रुप में दिया जाने वाला कर आयकर विभाग, वाणिय विभाग को दिया जाने वाले कर की देनदारी नहीं हो और इसे समय पर ही विभागों को सौंप दिया जाना चाहिये।

डीजल नहीं होने पर मना किया तो कर्मचारी को मारा

आष्टा 27 सितम्बर । आज शाम को जावर जोड़ के पास स्थित खुशी सेल्स एण्ड सर्विस पेट्रोल पंप पर तैनात कर्मचारी मोहन सिंह को कुण्डियाधागा ग्राम के दो लोगों ने इसलिये मारापीटा की पेट्रोल पंप पर एक ट्रेक्टर लेकर वह दोनो डीजल लेने आये थे डीजल नहीं होने के कारण कर्मचारी ने डीजल का मना कर दिया था।
इस बात पर विवाद हुआ तब इन लोगों ने कर्मचारी के साथ मारपीट कर दी। रात जावर पुलिस भी पेट्रोल पर पहुँच गई।