Sunday, July 13, 2008

यातायात पुलिस अधिकारी व चार पुलिस कर्मियों के सामने हुई तोड़फोड़, यह क्यों गवाही नहीं देते?

पुलिस अधीक्षक क्यों नहीं करते कार्यवाही, उनके अधिनस्थ क्या यूं ही खुलेआम गुण्डागर्दी करवाते रहेंगे

सीहोर 12 जुलाई (नि.सं.)। दो दिन पूर्व जब नगर पालिका में तोड़फोड़ हो रही थी। तब यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अपने चार जवानों के साथ नगर पालिका में एक काम से आये हुए थे। सीहोर की कर्तव्य से विमुख और भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिस का यह ताजा वलंत उदाहरण है जहाँ पुलिस की एक चार की गार्ड मौजूद थी वहाँ कुछ तत्व गेती-फावड़े लट्ठ लेकर आये और उसी कार्यालय में तोड़फोड़ करते रहे पुलिस के ही सामने जहाँ पुलिस खड़ी थी। अब पुलिस अधीक्षक कह रहे हैं कि कोई नाम क्यों नहीं बताता ? मिस्टर राजेन्द्र प्रसाद के कारिंदे ही इतने भयभीत हैं कि वो तोड़फोड़ करने वालों को भगा नहीं सके, पुलिस वायरलेस से किसी को सूचित नहीं कर सके तो फिर कोई अन्य आम आदमी कैसे उन तत्वों का नाम अपने मुख से निकाले।

दो दिन पूर्व नगर पालिका में जब कुछ तत्व तोड़फोड़ करने के लिये हाथों में सामान लेकर आये थे। ठीक उसी समय मुख्य नगर पालिका अधिकारी से मिलने के लिये सीहोर यातायात के एक वरिष्ठ अधिकारी खाकी वर्दी में और 4 जवान सफेद यातायात पुलिस की वर्दी में यहाँ आये थे। यह पूछताछ कर रहे थे कि अधिकारी कहाँ है और जिस महत्वपूर्ण कार्य से आये थे वो यह था कि आगामी दिनों में लाल परेड मैदान भोपाल में सीहोर के जमीन पट्टेधारियों को ले जाना है उसकी व्यवस्था के संबंध में बातचीत करना थी। हालांकि अधिकारी का एक पर्सनल काम भी था लेकिन वह पर्सनल था। इस प्रकार बकायदा पुलिस की वर्दी में यहाँ एक चार की गार्ड अधिकारी के साथ मौजूद थी। 2-3 वायरलेस सेट भी इनके पास मौजूद थे।

यह वहीं यातायात अधिकारी हैं जो सिर्फ ठेले वालों से हफ्ता वसूली करना जानते हैं ? यह वहीं है जिनके कारण अस्पताल चौराहे से लेकर नमक चौराहा और यहाँ से लेकर गाँधी रोड पान चौराहे तक अतिक्रमण पटा पड़ा है ? यह वहीं है जिनके कारण सब्जी मण्डी के आसपास की यातायात व्यवस्था वर्षों से नहीं सुधर रही। सीहोर के यातायात कर्मचारी इतने कर्तव्यविमुख और खाईबाज हो गये हैं कि उनके सामने ही अपराधी अपराध करता रहता है और यह कुछ बोलने को तैयार नहीं होते। कहीं झगड़ा हो रहा हो, कहीं गदर मच गया हो, चाकू-छुरी चल रही हो...गप्पे खिलाने वाले गप्पे खिलाकर ग्रामीणों को लूट रहे हो...कुछ भी अपराध घटे यातायात पुलिस कर्मी कभी किसी को टोकते नहीं देखे गये। बीच सड़क पर भी यदि कोई ठेले वाला खड़ा हो जाता है तो यह यातायात कर्मी उससे कुछ कहते नजर नहीं आते हालांकि दिनभर यह इनके वाहनों का एक्सीलेटर इतना घुमाते हैं कि पूरे नगर के कई चक्कर दिनभर में काट लेते हैं लेकिन मजाल है कि कभी व्यवस्थाओं की तरफ ध्यान दें। क्या यह इनका कर्तव्य नहीं है ?

पुलिस की वर्दी पहनकर अपराधियों से डरने वाले इस पुलिस वालों को अपनी वर्दी उतार देनी चाहिये जब इनके सामने ही कुछ तत्व गुण्डागर्दी कर रहे हैं, शासकिय सम्पत्ति को हानि पहुँचा रहे हैं? और फिर भी यह चुपचाप तमाशा देखते रहे। इनके हाथ में वायरलेस सेट किस लिये थमाया गया है ? आखिर क्यों वायरलेस सेट इन्हे दिया गया है ? क्या उस पर यह सूचना नहीं कर सकते थे ? क्या यह पुलिस फोर्स चीता पुलिस को बुला नहीं सकते थे ? पुलिस अधीक्षक को इन पाँचों ही पर कार्यवाही करने से बचना नहीं चाहिये, यदि वह बचते हैं तो फिर पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली संदिग्ध हो जायेगी ?

जब पुलिस ही सामने रहकर शासकिय सम्पत्ति तुड़वायेगी तो फिर आम आदमी क्या करेगा? जब पुलिस ही आपराधिक तत्वों के साथ मिल जायेगी उन्हे संरक्षण देगी, उनका बचाव करेगी ? तो फिर आम आदमी से कैसे अपेक्षा की जा सकती है कि वह अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोल ले। अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस सीहोर में किस हद तक अपराधियों को संरक्षण दे रही है ? पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद जी को इस अव्यवस्था को सुधारने के कारगर उपाय करना चाहिये।

वो अध्यक्ष का चहेता ठेकेदार गंदी-गदीं गालियाँ सुनता रहा लेकिन पुलिस को फोन नहीं कर सका

सीहोर। अध्यक्ष राकेश राय के कथित समर्थक उनके कितने खास हैं यह बात उस वक्त सिध्द हो गई जब नगर पालिका में टूट-फूट के साथ अध्यक्ष व उनके परिवार को अपशब्द बोले जा रहे थे तब यहीं अध्यक्ष के सबसे प्रिय ठेकेदार खड़े थे। वह तोड़फोड़ देखते रहे लेकिन उन्होने पूरे एक घंटे तक चली तोड़फोड़ के दौरान किसी को भी सूचना नहीं दी। क्या ठेकेदार चाहता तो पुलिस को सूचित नहीं कर सकता था ? क्या यह चाहता तो अध्यक्ष राकेश को खबर नहीं दे सकता था? लेकिन एक घंटे से अधिक समय तक तोड़ फोड़ होती रही यह ठेकेदार समर्थक खड़ा रहा और मुस्कुराता रहा क्योंकि उसे मालूम है कि फिर ठेका तो उसे ही मिलना है।

दूसरे एक अन्य कर्मचारी जिसे अध्यक्ष राकेश राय अपना बता-बताकर इतना सिर पर बैठा चुके हैं कि वो भ्रष्टाचार का सिरमौर बन गया है। राकेश राय के राजनीतिक जीवन पर लगातार कुठाराघात करने वाले इस अधिकारी जिसे राकेश राय अपना बताते हैं, ने भी पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस को सूचना नहीं दी आखिर क्यों ? क्या यह लोग बाहर जाकर सूचना नहीं दे सकते थे।

घटना के वक्त पर एक अधिकारी जिसे अध्यक्ष परिवार अपना पारीवारिक सदस्य बताते नहीं अघाता, साथ ही सारे भ्रष्टाचारी काम करने, और पार्षदों द्वारा जिसे 'असली अध्यक्ष' की उपमा दी गई है उसने भी तो यहाँ टूट-फूट के दौरान कुछ नहीं किया वो भी पुलिस को फोन करने से बचता रहा। यह चर्चाएं नगर पालिका कर्मचारियों के बीच तेजी से व्याप्त हैं।


जब वो सबकुछ करके चले गये तो ये चिल्लाने लगा कौन है बाहर निकलो

सीहोर । जब नगर पालिका में तोड़फोड़ करने वाले सबकुछ करके चले गये, अध्यक्ष के कमरे को बर्वाद कर गये तब जब यह जानकारी सबको मिल गई कि अब वो तत्व वापस नहीं आयेंगे तब अध्यक्ष समर्थक यहाँ एकत्र होने लगे। एक ऐसे ही एक समर्थक ने यहाँ नगर पालिका में घटना के करीब 3 घंटे बाद आकर चिल्लाना शुरु किया 'कौन-है बाहर निकलो....कौन था अब क्यों नहीं आ रहा बाहर....' इसके इस तरह चिल्लाने पर सब यही कर रहे थे कि देखा आपने शेर तो चले गये अब कैसे चिल्ला रहा है। इतनी ही हिम्मत है तो यहाँ नगर पालिका के अंदर क्यों नगर पालिका कर्मचारियों पर प्रभाव जमा रहा है कुछ करके दिखाता क्यों नहीं.....?

अधिकारी को फोन करके बताया कि हम तोड़ने आ रहे हैं आप हट जाना...

सीहोर 12 जुलाई (नि.सं.)। नगर पालिका में तोड़फोड़ करने वाले लोगों ने यहाँ दो वरिष्ठ अधिकारियों को सुबह से ही बता दिया था कि हम वहाँ आकर तोड़ फोड़ करेंगे। जब तोडफ़ोड़ करने वालों की पूरी तैयारी हो गई। हाथों में लट्ठ, गेती-फावड़े आदि ले लिये तब इन्होने फिर एक अधिकारी को फोन किया की भैया हम तोड़ने आ रहे हैं, तुम्हे पहले ही बता देते हैं। इस मोबाइल आने पर यह अधिकारी नगर पालिका से गायब हो गया। दिनभर घर में रहा । एक अन्य अधिकारी ने मोबाइल बंद कर दिया। और आराम से नगर पालिका अध्यक्ष का कमरा टूट गया। असल में तोड़-फोड़ तो अध्यक्ष के कमरे में ही की जाना थी इसलिये वहाँ खूब हंगामा हुआ, इतनी गालियाँ बकी की राकेश राय ने पूरे जीवन में इतने अपशब्द नहीं सुने होंगे, इतनी गंदी-गंदी गालियाँ बकी की कर्मचारियों को बाकई यह बहुत बुरा लगा और एक ने गालियाँ बकने पर टोका भी तो अन्यों ने अपशब्द न सुनने पडे ऌसलिये यहाँ से दूर हो जाना उचित समझा लेकिन यहीं खड़े एक ठेकेदार की हंसी हर गाली पर दोगुनी होती जा रही थी, वो अध्यक्ष जी का सबसे चहेता है, सबसे यादा ठेके लेता है इसलिये कर्मचारी उसकी हंसी देखकर हतप्रभ थे कि आखिर इसे आक्रोश क्यों नहीं आ रहा ? यह तो खुद को बड़ा समर्थक बताता फिरता है। प्रश् उठता है कि जब कुछेक अधिकारियों को पहले ही पता था कि तोड़फोड़ होने वाली है तो उन्होने इसकी सूचना किसी को क्यों नहीं दी।

गौरतलब बात यह भी है कि जितनी दुर्गति अध्यक्ष के कमरे की गई है उतने ही आराम से मुख्य नगर पालिका अधिकारी व एक यंत्री श्री जैन के कक्ष में सिर्फ टेबिल दिखावे मात्र के लिये टेड़ी-आड़ी की गई और कुर्सी उठाकर एक तरफ भर दी गई।

पहले सबको समोसा खिलाया, चाय पिलाई फिर पालिका में तोड़फोड़ की

सीहोर । नगर पालिका में तीन दिन पूर्व जब तोड़फोड़ करने के लिये उपद्रवी तत्व आने वाले थे, उससे पहले ही इसकी भूमिका तय कर ली गई थी। यहाँ बकायदा कर्मचारियों के कमरो में कुछ विशेष लोगों द्वारा समोसा नाश्ता भिजवाया गया, इसके बाद सबको चाय पिलाई गई फिर बकायदा तोड़फोड़ करने वाले अपनी अदा से आये और अध्यक्ष के कमरे को तहस-नहस करने के बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी और एक अन्य यंत्री के कमरे में कुछ सामान बिखेरा और आराम से चले गये। इनसे कोई कुछ नहीं बोला।

नपा कर्मियों की हड़ताल का राज?

सीहोर । नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा सोमवार से हड़ताल करने की बात कही गई है। यह हड़ताल क्यों की जा रही है, किसी से मारपीट तो हुई नहीं, फिर किस बात का आक्रोश? क्या इसके पीछे कोई गणित है ? किसी का आदेश है ? इस संबंध में आगामी अंकों में फुरसत में कुछ तथ्य प्रकाशित हो सकते हैं।



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अघोषित विद्युत कटौती के कारण विद्यार्थी, पालक व किसान लुट रहे

सीहोर 12 जुलाई (नि.सं.)। विगत दिनों से सम्पूर्ण नगर में दिन के समय अघोषित विद्युत कटौती के कारण वर्तमान में स्कूल के छात्र-छात्राएं पालक व किसान अकारण लूट का शिकार हो रहे हैं। क्योंकि सुबह 10 बजे से 12 बजे व इधर 4 बजे तक हर कभी अघोषित विद्युत कटौती हो जाती है। जिसके कारण कलेक्ट्रेट व तहसील कार्यालय में आने वाले किसान व छात्र-छात्राएं व पालक जिन्हे मूल निवासी सहित स्कूल कालेजों में लगने वाले अलग-अलग प्रमाण-पत्रों तहसील कलेक्ट्रेट में जरुरी कार्यों के लिये अनेक कागजातों की दर्जनों फोटो काफी बनवाना आवश्यक रहता है।

उन्हे प्रति फोटो कापी 60 पैसे के स्थान पर अघोषित विद्युत कटौती के कारण 2 प्रति प्रति कापी देने को मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि फोटो कापी वाले जनरेटर से फोटो कापी करने के नाम पर तीन गुना वसूली करने पर उतारु हैं। मजबूर पालक छात्र-छात्राएं किसान कार्यालय में समय पर अपना कार्य कराने के लिये लुटने को मजबूर हो रहे हैं। सभी ने नवनियुक्त जिलाधीश से मांग की है कि अकारण लुटने से बचाने के लिये अघोषित विद्युत कटौती बंद कराने की पहल करें।

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अमरनाथ यात्रा को लेकर महिला जत्था रवाना

सीहोर 12 जुलाई (नि.सं.)। हिन्दी संस्कृति के अराध्य देव भगवान अमरनाथ के दर्शन को लेकर जहॉ पुरूषों के साथ-साथ महिलाओं में भी उत्सुक्ता बरकार है इसी धार्मिक उत्सुक्ता को लेकर भगवान अमरनाथ के दर्शन के लिये सीहोर से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सश्री रूकमणी रोहिला के नेतृत्व में कई महिला दर्शनाथियों का दल आज मालवा एक्सप्रेस से अमरनाथ तीर्य धाम के लिये रवाना हुआ जहॉ वरिष्ठ समाजसेवी राजाराम कसौटिया बडे भाई एवं कांग्रेस नेता मुदूल राज तोमर के नेतृत्व में रेल्वें स्टेशन पहुंचकर यात्रा में जाने वाले जत्थे का पुष्प-मालाओं से स्वागत् कर सुखद यात्रा की मंगल कामना की। अमरनाथ जाने वाले जत्थे में सुश्री रूकमणी रोहिला,उमा रोहिला, रितू रोहिला, मिथलेश,श्रोती,संतोष राजपूत,निलम शर्मा, आदि अन्य महिला सम्मिलित है। इस अवसर पर स्वागत करने वालों में राजाराम कसौटिया बड़े भाई मूदुल राज तौमर, राजकुमार कसौटिया, योगेश वेदी, अनिल रोिहिला, संदीप रोहिला, अमित रोहिला, सुरेश गुप्ता, लखन मालवीय, इकबाल सिंह,आसू रोहिला, पप्पू रोहिला, आशीष रोहिला आदि सम्मिलित है।

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अलीपुर में पागल कुत्ते ने कईयों को काटा

आष्टा 12 जुलाई (नि.सं.)। आष्टा नगर पालिका के वार्ड क्रं. 2 में आने वाली पटवारी कालोनी में एक कुत्ता पागल हो गया है मोहल्ले वालों ने एक लिखित ज्ञापन सीएमओ नगर पालिका आष्टा को सौंप कर बताया की उक्त पागल कुत्ते ने इस कालोनी में कई लोगों को काटकर घायल कर दिया है इसमें कई बच्चे भी है।
पटवारी कालोनी के रहने वाले राजेन्द्र जैन, महेश कुमार, मोहम्मद शाहिद, मेहबूब चालक, जितेन्द्र ठाकुर, लखन, सलीम आदि ने सीएमओ आष्टा को लिखित में इस पागल कुत्ते की शिकायत कर समस्या का अवगत कराया है।

फरार आरोपियों की होगी सम्पत्ति कुर्क
आष्टा 12 जुलाई (नि.प्र.)। जावर पुलिस ने 25 अप्रैल को मेहतवाड़ा के पास बीलपान मार्ग के किनारे एक खेत में बने मकान मे से 565 पेटी अंग्रेजी शराब कीमत 10 लाख 20 हजार एवं 15 नग सागौन कीमति 7 हजार रुपये की जप्त कर क्षेत्र में हलचल मचा दी थी। हलचल इसलिये मची थी कि इस प्रकरण के आरोपी पिता-पुत्र मेहतवाड़ा के जाने-पहचाने नेता है।
उक्त मामले को दर्ज हुए लगभग ढाई माह बीत जाने के बाद भी तीन में से एक आरोपी हरिनाल नौकर गिरफ्तार हो गया। लेकिन मुख्य आरोपी भीष्म सिंह एवं भीम किसंह जो की पिता-पुत्र हैं अभी तक फरार हैं। वैसे खबर यह भी है कि उन्हे क्षेत्र में ही देखा जाता रहा है लेकिन पुलिस की निगाह उन पर नहीं पड़ती है।
इस संबंध में आज एसडीओपी मनु व्यास ने फुरसत को बताया कि पुलिस ने इनको पकड़ने के लिये कई जगह दल भेजे लेकिन पुलिस इनकी गिरफ्तारी करने में सफल नहीं हो पाई। श्री व्यास ने बताया कि अब आरोपियों की सम्पत्ति की जानकारी एकत्रित कर सम्पत्ति कुर्क करने को जावर के अतिरिक्त तहसीलदार को पुलिस ने पत्र लिखा है। दोनो फरार आरोपियों की सम्पत्ति कुर्क की जायेगी। स्मरण रहे आष्टा के इतिहास में पुलिस ने पहली बार इतनी बढ़ी मात्रा में लाखों की अंग्रेजी शराब जप्त की थी।

रुपये के लेन देन को लेकर मारपीट
आष्टा 12 जुलाई (नि.सं.)। आज बुधवारा निवासी धर्मेन्द्र सोनी के साथ रुपये के लेन-देन को लेकर गोविन्द सोनी ने मारपीट कर दी। पुलिस ने बताया कि धर्मेन्द्र सोनी ने एक सोने की चैन गिरवी रखी थी। जिसे गोविन्द उठा ले गया। जब धर्मेन्द्र, गोविन्द के पास उक्त चैन लेने पहुँचा तो गोविन्द ने कहा कि तेरे पिता मुझसे 11 सौ रुपये ले गये हैं 11 सौ रुपये ला दे और चैन ले जा। धर्मेन्द्र ने 11 सौ रुपये दे दिये और चैन ले गया।
जब यह बात धर्मेन्द्र ने अपने पिता गोपाल सोनी को बताई तब गोपाल सोनी ने कहा कि गोविन्द को 11 सौ नहीं 700 रुपये देना है उससे 400 रुपये वापस लेकर आओ। धर्मेन्द्र जब वापस 400 रुपये लेने पहुँचा तब गोविन्द ने रुपये तो नहीं दिये लेकिन धर्मेन्द्र के साथ मारपीट कर दी। धर्मेन्द्र ने आष्टा थाने पहुँचकर गोविन्द के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।

जस्सुपुरा में खेत में बागड़ लगाने पर विवाद 10 घायल
आष्टा 12 जुलाई (नि.प्र.)। सिध्दिकगंज थाने के अन्तर्गत आने वाले ग्राम जस्सुपुरा में आज सुबह खेत को सुरक्षित करने के उद्देश्य से लगाई जा रही बागड क़ो लेकर झगड़ा हो गया। इस झगड़े में हुई मारपीट से दोनो और से 10 लोग घायल हुए जिनका सिध्दिकगंज अस्पताल में मेडिकल कराया इलाज कराया गया।
सिध्दिकगंज पुलिस ने दोनो और से आई रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत प्ररकण दर्ज कर लिया है। सिध्दिकगंज पुलिस ने फुरसत को बताया कि एक शिाकयत जाकिर खां पुत्र शाकीर खां उम्र 30 वर्ष निवासी जस्सुपुरा ने लिखाइ्र हे इस प्रकरण में फरियादी ने सिराजउद्दीन, इनाम उल्ला, अमान उल्ला, इनाम उद्दीन, फखरुद्दीन के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है। वहीं दूसरी रिपोर्ट सिराजउद्दीन पुत्र वहीद खां निवासी जस्सुपुरा ने लिखाई है इसमें आरोपी शाकीर खां, जाकिर खां, रेहमान खां, जेबुन-बी एवं मसीद खां हैं।
दोनो की शिकायत पर जो आरोपी हैं वे सभी मामूली घायल हैं जिनका मेडिकल कराया गया है। पुलिस ने दोनो और से आई शिकायत पर विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।


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मंत्री विजय शाह को श्री परशुराम जी के फर्सो से वध कर पुतला जलाया जावेगा

सीहोर 12 जुलाई (नि.सं.)। मध्यप्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री कुॅवर शाह ने गत दिनो भोपाल मे एक कार्यक्रम मे ब्राहमण समाज के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध सीहोर जिले के समस्त ब्राहामण बन्धुओं से अपील है कि सर्व ब्राहामण समाज धर्मशाला खजान्ची लाईन पर दिन सोमवार दिनांक 14.07.2008 को दोपहर बजे 12 बजे उपस्थित होकर सीहोर सर्व ब्राहामण समाज द्वारा उक्त मंत्री का पुतला बनाकर भगवान परशुराम जी के फर्सो से वध कर पुतले का दहन सोमवार को दोपहर 2 बजे स्थानीय सीहोर टाकीज चौराहे पर किया जावेगा एवं पुतला वध एवं दहन कार्यक्रम मे शामिल होकर अपनी एकता का परिचय देते एवं समाज की गरिमा को बनाये रखे उक्त आशाय की जानकारी सर्व ब्राहामण समाज के अध्यक्ष मदनमोहन शर्मा मद्दीगुरू ने दी है। श्री शर्मा ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से ऐसे बड़बोले मत्री के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुऐ उन्हें मंत्री मंडल से निकालने की मॉग की है एवं भविष्य किसी भी समाज के प्रति इस प्रकार की अपमान जनक टिप्पणी का प्रयोग न किया जावें।

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Saturday, July 12, 2008

वन्य प्राणी अगर फसल बर्वाद करेंगे तो मुआवजा देगी सरकार

सीहोर 11 जुलाई (नि.सं.)। राज्य शासन द्वारा वनों के अंदर या वन सीमा के पांच किलोमीटर की परिधि में स्थित ग्रामों में वन्य प्राणियों द्वारा फसल हानि किए जाने पर सम्बंधित व्यक्तियों को मुआवजा दिये जाने का लिया गया है। फसल हानि का आंकलन राजस्व विभाग में प्रचलित प्रक्रिया अनुसार राजस्व अधिकारियों द्वारा किया जायेगा।
वनमण्डलाधिकारी द्वारा प्रभावित व्यक्ति को मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा। वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि इस निर्णय से वन्य प्राणियों के संरक्षण के विभागीय प्रयासों में जन साधारण का अपेक्षित सहयोग मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि जन प्रतिनिधियों द्वारा वन्य प्राणियों से फसल हानि के संबंध में प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जाता रहा है। वन मंत्री ने बताया कि अभी हाल ही में राज्य शासन ने वन्य प्राणियों द्वारा जन हानि तथा पशु हानि से प्रभावित व्यकितयों को आर्थिक अनुदान की राशि को बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रदेश में अभी तक केवल जंगली हाथियों द्वारा फसल हानि, मकान तथा अन्य संपत्ति की हानि के लिये क्षतिपूर्ति का प्रावधान उपलब्ध है।
अन्य वन्य प्राणियों द्वारा फसल हानि के लिये किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता का प्रावधान नहीं था। राज्य शासन के इस निर्णय से वन के अन्दर या वन क्षेत्र की सीमा के पांच किलोमीटर की परिधि में स्थित ग्रामों मे वन्य प्राणियों द्वारा फसल हानि किये जाने पर संबंधित व्यक्तियों को राजस्व पुस्तक परिपत्रा में किये गये प्रावधानों के अनुरूप मुआवजा दिया जा सकेगा । फसल हानि का आंकलन राजस्व विभाग में प्रचलित प्रक्रिया अनुसार राजस्व अधिकारियों द्वारा किया जायेगा तथा क्षति का आंकलन कर दिये जाने वाले मुआवजे का निर्धारण प्रभावित क्षेत्रों के राजस्व अधिकारियों द्वारा किया जायेगा।
संबंधित वनमण्डलाधिकारी को भुगतान के लिये राशि का विवरण उपलब्ध कराया जायेगा। क्षेत्रो के संबंधित वनमण्डल अधिकारी द्वारा प्रभावित व्यक्ति को भुगतान किया जायेगा।
वन्य प्राणियों द्वारा फसल क्षति किये जाने पर प्रभावित व्यकित द्वारा फसल हानि होने के 24 घंटे के भीतर आवेदन निकटतम राजस्व अधिकारी को प्रस्तुत किया जायेगा। राजस्व अधिकारी द्वारा हानि का आंकलन कर जिलाध्यक्ष को प्रतिवेदन दिया जायेगा। वनमण्डलाधिकारी को कलेक्टर से मुआवजा राशि संबंधित विवरण प्राप्त होने की में एक माह के भीतर राशि का भुगतान किया जायेगा।
इछावर नादान और नसरुल्लागंज सहित अनेक ग्रामों के आसपास जंगल मौजूद है। हालांकि कितने जंगलों में स्थानीय वन विभाग जानवरों की उपस्थिति को मान्यता देता है। यूँ तो जमोनिया के आसपास के ग्रामों में कुछ हिरण देखने में आ जाते हैं, ऐसे ही इस क्षेत्र में मोर भी बहुत बड़ी संख्या में हैं इन्हे कहाँ-कहाँ तक वन विभाग मानेगा क्योंकि मोर भी कुछ फसलों को पसंद करते हैं। एक अन्य जानवर वृगदा से ग्रामीण जन परेशान रहते हैं। देखते हैं आगामी दिनों में कितने जानवर ग्रामीणों की फसलों को बर्वाद करते हैं और कितने प्रकरण वन विभाग को सूचित किये जाने के बाद पंजीबध्द होते हैं।


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नकाबपोश महिलाओं ने लम्बा हाथ मारा आभूषण गायब किये

इछावर 11 जुलाई (नि.सं.)। आभूषण देखने के लिये आई नकाबपोश महिलाओं ने अपने बुर्के का नाजायज फायदा उठाकर एक वेलर्स पर लम्बा हाथ मार दिया। सोने के कई आभूषण यह महिलाएं गायब कर गईं। जबकि अन्य कई दुकानों पर भी यह पहुँची थी। न सिर्फ वेलरी बल्कि यह साड़ी दुकानदारों को भी निशाना बनाने की फिराक में थी। पुलिस मामले को बताने से बच रही है जबकि दुकानदार ने अपना आवेदन दे दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इछावर शंकर मंदिर के पास स्थित मकरैया वेलर्स पर कल आटो में 5-6 नकाबपोश महिलाएं आईं। यह बुर्का पहनी थीं और आंखो पर जाली लगी हुई थी। यह महिलाएं सुबह से ही इछावर में मंडराती हुई कुछ साड़ी दुकानों पर पहुँची फिर 4-5 वेलर्स की दुकानों पर भी गईं लेकिन वहाँ इनकी दाल नहीं गली इसके बाद यह मकरैया वेलर्स पर राजेश मक रैया के पास आईं। यहाँ राजेश इन्हे समझ पाया और उसने इनके सोने के आभूषण दिखाने की बात पर आभूषण दिखाना शुरु कर दिये। इनका भाई नरेन्द्र भी यहीं था। दोनो ने ढेर सारे आभूषण दिखाये लेकिन इन्हे पसंद नहीं आये और सारी महिलाएं चली गईं। रात जब दुकान मंगल करते समय आभूषण की गिनती हुई तो पता चला कि 4 टाप्स, एक जोड़ कुंडल, एक जोड़ पेंडिल, एक अंगूठी सहित एक मंगलसूत्र गायब है। इस प्रकार करीब 30 हजार रुपये से अधिक माल गायब हो चुका था। इन्होने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई लेकिन अभी तक सिर्फ आवेदन लेकर रख लिया गया है। अज्ञात महिलाएं फरार हैं।


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नकाबपोश महिलाओं ने लम्बा हाथ मारा आभूषण गायब किये

इछावर 11 जुलाई (नि.सं.)। आभूषण देखने के लिये आई नकाबपोश महिलाओं ने अपने बुर्के का नाजायज फायदा उठाकर एक वेलर्स पर लम्बा हाथ मार दिया। सोने के कई आभूषण यह महिलाएं गायब कर गईं। जबकि अन्य कई दुकानों पर भी यह पहुँची थी। न सिर्फ वेलरी बल्कि यह साड़ी दुकानदारों को भी निशाना बनाने की फिराक में थी। पुलिस मामले को बताने से बच रही है जबकि दुकानदार ने अपना आवेदन दे दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इछावर शंकर मंदिर के पास स्थित मकरैया वेलर्स पर कल आटो में 5-6 नकाबपोश महिलाएं आईं। यह बुर्का पहनी थीं और आंखो पर जाली लगी हुई थी। यह महिलाएं सुबह से ही इछावर में मंडराती हुई कुछ साड़ी दुकानों पर पहुँची फिर 4-5 वेलर्स की दुकानों पर भी गईं लेकिन वहाँ इनकी दाल नहीं गली इसके बाद यह मकरैया वेलर्स पर राजेश मक रैया के पास आईं। यहाँ राजेश इन्हे समझ पाया और उसने इनके सोने के आभूषण दिखाने की बात पर आभूषण दिखाना शुरु कर दिये। इनका भाई नरेन्द्र भी यहीं था। दोनो ने ढेर सारे आभूषण दिखाये लेकिन इन्हे पसंद नहीं आये और सारी महिलाएं चली गईं। रात जब दुकान मंगल करते समय आभूषण की गिनती हुई तो पता चला कि 4 टाप्स, एक जोड़ कुंडल, एक जोड़ पेंडिल, एक अंगूठी सहित एक मंगलसूत्र गायब है। इस प्रकार करीब 30 हजार रुपये से अधिक माल गायब हो चुका था। इन्होने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई लेकिन अभी तक सिर्फ आवेदन लेकर रख लिया गया है। अज्ञात महिलाएं फरार हैं।


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राजस्व अधिकारियों की हड़ताल शुरु

सीहोर 11 जुलाई (नि.सं.)। प्रान्तीय संघ के आव्हान पर सीहोर जिले में मध्यप्रदेश शासकीय लिपिंक वर्गीय कमचारी संघ द्वारा 11 जुलाई से अनिश्चित कालीन हड़ताल प्रारंभ की गई। राजस्व विभाग के अर्न्तगत तहसीलों जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय कोषालय आदि में शत प्रतिशत अनिश्चितकालीन हड़ताल रही। कार्यालयो कार्य नही हुये तथा सन्नाटा छाया रहा। इससे अन्य कार्यलयों में संपर्क अनुसार अन्य कार्यालयों में भी पूर्णत: अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने पर कार्यवाही की जा रही है।
मध्य प्रदेश लिपिंक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा समाचार पत्रों सीहोर स्थानीय टी.व्ही.केवल सीहोर पर भी समस्त जिले के कर्मचारियों से उक्त अनिश्चित हड़ताल सम्मलित होने की अपील लगातार की जा रही है उनके द्वारा हड़ताल में सम्मलित होने का आश्वासन पूर्णत: दिया गया है। रामगोपाल सेन प्रान्तध्यक्ष.म.प्र.शासकीय अधिकारी कर्मचारी संघ द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय के समीप मंच पर आकर पूर्णत: हड़ताल का समर्थन किया गया है। नगर पालिका कर्मचारियों की रैली के साथ उपस्थित होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का पूर्णत: समर्थन किया जाकर नारे आदि लगाये गये। मध्यप्रदेश शासकीय लिपिंक वर्गीय कर्मचारी जिला शाखा सीहोर समस्त कर्मचारी गण पुरूषोतम पारीख अध्यक्ष म.प्र.शासकीय कर्मचारी वर्गीय कर्मचारी संघ सीहोर, पुरूषोतम राय सभागीय उपाध्यक्ष वी.एम.शर्मा, श्री ढाके सोलंकी, मुकेश शर्मा, जितेन्द्र वर्मा, मंगलसिंह पेठारी, सहसचिव अशोक माथुर, बी.एस.पेठारी लखन घावरे,राजेन्द्र मिश्रा, अनीस मोहम्मद, दिनेश सक्सेना, मो.युनिस, सी.के.कुलकर्णी, बृजेश विश्वकर्मा, भगवान दास पारीख, रमेश कारपेंटर एन.एस.परमार, संतराम जाटव, रामचन्दर सेन, जीवनबाबू तिवारी, दिग्विजय सिंह मनोहर परमार, आर.एन. परमार, बाबूलाल मालवीय, एवं उक्त हडताल में महिला कर्मचारीगण श्रीमति चन्द्रकांता गुप्ता, श्रीमति सुनीता मुंगरे, श्रामति चन्द्रकांता जोशी, श्रीमति स्नेलता सक्सेना, श्रीमति चंदा मालवीय, श्रीमति पुष्पलता राजपूत, श्रीमति सरोज भलावी, श्रीमति मरावी, आदि सम्मिलित थी लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ की लंबित 7 सूत्रीय मांगो का शीध्र निराकरण किये जाने हेतु मांग की गई तथा सीहोर जिले के समस्त जिला कार्यालयो के लिपिक वर्गीय कर्मचारीगणो से उक्त अनिश्चित कालीन हड़ताल में सम्मिलित होने की अपील की गई।


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अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं वार्ड वाय, दाई और स्वीपर

आष्टा 11 जुलाई (सुशील)। स्वास्थ्य विभाग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल होने से सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है आने वाले मरीज परेशान हैं वहीं प्रभारी डॉ. हीरा दलोदरिया के साथ सभी डाक्टर मानव सेवा ही सर्वोपरि है। इसी मूलमंत्र को लेकर आने वाले मरीजों को देख भी रहे हैं और इलाज भी कर रहे हैं। यहाँ तक की डाक्टर स्वयं पर्ची भी बना रहे उसकी इन्ट्री रजिस्टर से भी कर रहे हैं और मरीज को देख भी रहे हैं। निश्चित हड़ताल में डाक्टरों की सेवा देख कर हर कोई अभिभूत है।
आज फुरसत ने सुबह अस्पताल का दौरा कर पाया कि डॉ. हीरा दलोदरिया घूम-घूम कर व्यवस्था देख रहे थे। के.के.चतुर्वेदी, ए.के.जैन, प्रवीर गुप्ता, डॉ.बड़गैय्या, डॉ.असलम मरीजों को देख भी रहे थे। पर्ची भी बनाकर उसे रजिस्टर में इंट्री कर रहे थे। सुबह एक बालक अचानक बीमारी के बाद आया उसे भोपाल स्थानान्तरित किया वहीं महिला चिकित्सक माधवी राय, अंजना सिंह, अर्चना सोनी महिलाओं को देखकर प्रसूति आदि के कार्यों में व्यस्त थीं। हड़ताल में आष्टा सिविल अस्पताल में सेवा निवृत्त वार्डवाय पर्वत सिंह ड्रेसिंग कक्ष में अस्पताल को निशुल्क सेवा दे रहे हैं। वहीं दाई जो वर्षों से स्थाई होने का इंतजार कर रही हैं। जिसका नाम सुन्दर बाई है 4 दिनों से रोजाना 24-24 घंटे डयूटी देकर एक रिकार्ड बना रही है। स्वीपर इन्द्रा बाई भी 24-24 घंटे की डयूटी देकर अपनी सेवा दे रही हैं। वहीं आर.सी.एच. नर्स की डयूटी आष्टा में लगाई है जो 8-8 घंटे डयूटी दे रही है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग भरपूर प्रयास कर रहा है कि स्वास्थ्य सेवाएं यादा प्रभावित ना हो फिर भी हड़ताल का पूरा असर अस्पताल में नजर आ रहा है।
आज अचानक खंडेलवाल परिवार में आयोजित शादी समारोह में बहु प्रिया नीलू खंडेलवाल की अचानक तबियत खराब होने पर सिविल अस्पताल लेकर पहुँचे। इमरजेंसी में डाक्टरों ने उन्हे आई.सी.यू. में भर्ती कर इलाज शुरु किया। हड़ताल में जन स्वास्थ्य रक्षक भी अपनी सेवा दे रहे हैं। आज भ्रमण में पाया कि पुरुष वार्ड में हड़ताल के कारण मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। वहीं एक्स-रे कक्ष, इंजेक्शन कक्ष, ओ.पी.डी. पर्ची कक्ष, स्टोर लेब कक्ष, नेत्र इकाई कक्ष आदि में ताले लटके पाये गये। स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रायवेट डाक्टरों के यहाँ भीड़ बढ़ गई है वहीं मरीजों को एक्सरे व अन्य जांचों के लिये प्रायवेट में जाना पड़ रहा है। जो वार्ड वाय पर्वत सिंह, दाई सुन्दर बाई एवं इन्द्रा बाई का ऐसे विकट समय में सेवा देने के बदले रोगी कल्याण समिति की और से समारोह पूर्वक सम्मान किया जाना चाहिये तथ दाई सुन्दर बाई का जो स्थाई नियुक्ति का प्रकरण शासन के पास पड़ा है उसे स्थाई किया जाना चाहिये यही उनकी सेवा के बदले सम्मान होगा।



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स्वास्थ्य अधिकारी ने 80 किलो आम नष्ट कराये

आष्टा 11 जुलाई (नि.सं.)। नगर में बरसात के मौसम में एहतियात के तौर पर बीमारियों की रोकथाम हेतु नगर पालिका आष्टा द्वारा विशेष प्रयास जारी है।
उक्त संबंध में नगर पालिका आष्टा के स्वास्थ्य अधिकारी जगजीवनदास गुप्ता ने विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है कि शासन के आदेशानुसार नपाध्यक्ष केलाश परमार एवं दीपक राय सीएमओ के मार्गदर्शन अनुसार नगर के सभी वार्डों के बड़े नालों नालियों एवं कचरा मलवा ढेरों की सफाई कराई जा रही है, कीटनाशक न्यूआन एवं फिनाईल का छिड़काव कराया जा रहा है। सड़कों पर घूम रही अवारा मवेशियों को कांजी हाउस में बंद कराया जा रहा है।
वार्ड 5 के पार्षद श्रीमति राशिदा अनवार हुसैन की मांग पर वार्ड 5 के अवारा कुत्तों को नष्ट कराया गया। 2 जुलाई एवं 9 जुलाई बुधवार हाट के दिन एवं अन्य दिनों में नगर के मोहल्लों में बिक रहे सड़े गले कटे 80 किलो ग्राम आम नष्ट कराये गये एवं खासे खाद्य पदार्थ, समोसे, जलेबी, चाशनी, खराब तेल नष्ट कराये गये।


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पार्वती के गेट खोले, धार चली

आष्टा 11 जुलाई (नि.सं.)। निश्चित समय से लगभग 1 माह बाद कल लगातार हो रही वर्षा से घबराकर आखिरकार नगर पालिका ने पार्वजी नदी पर लगी शटर खोलना शुरु कर दी।
गर्मी में जल संकट से निपटने के लिये रामपुरा डेम से आया पानी रोकने के लिये नगर पालिका ने शटर लगाई थी जो हर वर्ष निश्चित समय पर खोल दी जाती है लेकिन बराबर पपनास नदी पर फोरलेन का बन रहा पुल के कारण ऐसा नहीं हो पाया था और अब कल उक्त शटर खोली गई।

रुपये देने का बहाना करके छूट गया... नहीं दिये तो पुलिस ने चौराहे पर मारा

सीहोर 11 जुलाई (नि.सं.)। पुलिस द्वारा अक्सर कई चोर-उच्चक्के पकड़ाते रहते हैं। तरह-तरह के चोर पकड़ना और उनसे पुलिस द्वारा रुपये लेकर छोड़ देना आम बात है। कहा जाता है कि भारतीय पुलिस अगर चाहे तो पाताल से भी आरोपी को खोज लें लेकिन वो चाहती ही नहीं है, वो चाहती है सिर्फ सेटिंग, आराम और जेब खर्च ।
यहाँ सीहोर में कुछ दिन पूर्व एक मोटर चोर पकड़ा गया। उसने एक मोबाईल पर भी हाथ साफ कर दिया था। मोटर को लेकर तो जो होना था सो पुलिस ने किया लेकिन मोबाइल के लिये उससे दो पुलिस वालों ने सेटिंग करके छुड़वा दिया।
सेटिंग 100-200 की नहीं बल्कि 400 रुपये में हुई। चोर ने कहा कि मैं 400 रुपये 2-4 दिन में दे दूंगा और इस प्रकार छूटकर वह चला आया। लेकिन छूटने के बाद वह रुपया देने से बचता रहा। इस पर कल दो पुलिस वालों ने उसे नेहरु कालोनी चौराहे के पास पकड लिया।
पहले तो सीधे तरह से रुपये की बात की और फिर चकमा देने की नाराजी निकालते हुए यहीं उसकी अच्छी तरह ठुकाई कर दी, खूब मारा और मारकर चले गये। देखने वाले देखते रह गये पर आखिर माजरा क्या है....यह किसी के समझ नहीं आ सका।
भाई ये अंदर की बात है इसलिये आसानी से समझ नहीं आती।


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ये इंतजार करते रहे वो शादी में व्यस्त हो गये

सीहोर 11 जुलाई (नि.सं.)। चुनाव के एन वक्त पर वयोवृध्द भाजपा नेता (भाजपा के संत पुरुष) कैलाश जोशी सांसद सीहोर आने की घोषणा करने के बाद नहीं आये। यहाँ भाजपा कार्यकर्ता उनका इंतजार करते रह गये और वो वहाँ अन्य कार्यों में व्यस्त हो गये।
कल 10 जुलाई को श्री कैलाश जोशी भाजपा कार्यकर्ताओं की कुछ सुनने और कुछ अपनी सुनाने आने वाले थे, यहाँ कार्यकर्ता भी उनसे मिलकर अपनी समस्याएं बताने को उद्यत थे। लेकिन कल वो आये ही नहीं। पता चला कि संत पुरुष किसी वैवाहिक कार्यक्रम में व्यस्त हैं। अब देखते हैं वो कब आते हैं।


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