Friday, July 11, 2008

राकेश राय का कमरा किया बर्वाद, लठेतों ने की तोड़फोड़ पहली बार किसी अध्यक्ष के कमरे पर हुआ हमला, मुख्य नपा अधिकारी का कमरा भी बर्वाद कर गये

सीहोर 10 जुलाई (नि.सं.)। एक बार फिर यहाँ कुछ तत्वों ने नगर पालिका में भारी तोड़फोड़ करते हुए संभवत: पहली बार किसी अध्यक्ष के कमरे को कबाडख़ाने में बदलकर रख दिया। इतने लट्ठ चलाये कि यदि किसी मनुष्य पर पड़ जाते तो उसकी लाश बाहर निकलती। यह लट्ठ न सिर्फ अध्यक्ष के कमरे में अंधाधुंध चले बल्कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कमरे में भी चले। यहाँ लट्ठ से मार-मारकर ताला तोड़ दिया। अंदर जो हाल हुआ वो तस्वीरों से यादा अच्छा बयान होगा। एक और अधिकारी के कमरे को भी नहीं छोडा गया। मारने के वालों के बीच आने की किसी की हिम्मत नहीं हुई। अध्यक्ष राकेश राय का मोबाइल हमेशा की तरह बंद रहा तब उनके करीबी लोग जो उनसे बात कर सकते हैं उन्हे सूचनाएं दी गई। मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सूचना देर तक नहीं हो सकी। दिनभर नगर पालिका में असमंजस की स्थिति के साथ तनाव बना रहा। वहीं नगर पालिका के हल्कों में दिनभर चर्चा का वातावरण बना रहा। वो कौन-थे कोई बोलने को तैयार नहीं था।
वो कौन थे....जिसका घर टूटा जब वो ही बोलने को तैयार नहीं है तो फिर कोई दूसरा कैसे बोल सकता है। वो कौन थे जिन्होने लट्ठ चला चलाकर नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय के कमरे का कबाड़ा कर दिया उनका नाम लेने की हिम्मत अभी किसी में नहीं है संभवत: स्वयं अध्यक्ष भी उनके नाम पता चलने के बाद पुलिस में शिकायत करने की हौंसला न दिखा पायें तो फिर ऐसे में उनके नामों का मामला छोड़ ही दिया जाना चाहिये क्योंकि नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी जिनकी रक्षा के करने के लिये कोई भी व्यक्ति सही समय उपस्थित होता। अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी वो नहीं आते तो फिर वो क्यों पंगा लें।
आज दोपहर अचानक कुछेक नेता किस्म के लोग (हम क्‍यों लिखे उनके नाम, वो कौन थे...बिल्कुल नहीं लिखेंगे वो पार्षद थे या नेता या आम आदमी हमें नहीं लिखना, क्योंकि जिसे दर्द है जब वो ही कुछ कहने को तैयार नहीं, पुलिस में नाम देने को तैयार नहीं तब हम तो सिर्फ घटना ही बता सकते हैं बता रहे हैं) यहाँ नगर पालिका में आये इनके साथ कुछ आम जन भी थे जिनके हाथ में भारी भरकम लट्ठ मौजूद थे। लट्ठों के साथ इनका आगमन किसी अशुभ संकेत की और इशारा कर रहा था। इन लोगों ने सीधे अध्यक्ष नगर पालिका राकेश राय के कक्ष की और रुख किया और वहाँ प्रवेश करने के साथ ही लट्ठ घुमाना शुरु कर दिये। बाहर लगा बाजार मूल्य से चार गुना मूल्य का एल्यूमिनियम का दरवाजा तोड़-फोड़ दिया गया। कांच चकनाचूर कर दिया गया। अंदर अध्यक्ष कक्ष की कुर्सियों को तोड़ा गया, उठाकर फेंका गया, लाईट लगी थी उसे तोड दिया गया।
सबकुछ बर्वाद करने के बाद फिर मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कक्ष में जब यह लोग गये तो वहाँ ताला लगा हुआ था। यहाँ के भृत्य ने ताला खोलने से इंकार किया तो लट्ठ धुमा दिया गया। ताले पर कुछ लट्ठ पडे तो ताला टूट गया फिर अंदर घुसकर अधिकारी का कक्ष भी उलट-पुलट कर दिया गया। कुर्सियाँ फेंक दी गई। इसके बाद पास ही एक अन्य अधिकारी के कक्ष में भी तोड़फोड़ की गई।
आक्रोश व्यक्त करने वालों का आक्राश किस पर था ? किसलिये था ? वह क्या चाहते थे ? यह समझ नहीं आया। तोड-फ़ोड़ करने वालों को कुछ लोग यहाँ 'आम जनता' का नाम दे रहे थे इससे यह अंदाज लगाया जा सकता है कि चूंकि जब नगर पालिका के संबंधित कक्षों में संबंधित लोग बैठते ही नहीं है तो फिर उनके कक्षों की उपयोगिता ही क्या है इसलिये उन्हे नष्ट कर दिया गया।
कारण जो भी हो लेकिन आज जैसे ही नगर पालिका में तोड़-फोड़ हुई तत्काल अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सूचित करने के प्रयास हुए दोनो को सूचना नहीं दी जा सकती तब अन्य संबंधित लोगों को बताया गया। इधर तोड़ फोड़ करने वाले चले गये और उधर दो घंटे तक कोई नगर पालिका नहीं आया।
2 घंटे बाद जब मामला शांत हो गया तब नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय यहाँ पहुँचे और स्थिति का जायजा लेकर कुछ बातचीत कर चले गये। इसके बाद कुछ कर्मचारी अधिकारी कोतवाली पहुँचे जहाँ दोनो कक्षों के बाहर बैठने वाले भृत्यों से शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन अज्ञात लोगों के खिलाफ।
नगर पालिका में तोड़ फोड़ करने वालों का नाम लेने की हिम्मत किसी में नहीं है। आखिरकार नगर के प्रथम नागरिक राकेश राय की कुर्सी को तोड़ देने वालों के खिलाफ उन्ही लोगों की जुबान खुलने में संकोच कर रही है ?

गालियाँ अगर परिजन सुन लेते तो बड़ा हादसा हो जाता
सीहोर। पालिका अध्यक्ष कक्ष में तोड़फोड़ कर रहे लोगों ने ऐसी-ऐसी गालियाँ बकीं, ऐसे अपशब्द बोले की यदि आज अध्यक्ष श्री राय के परिजन यह गालियाँ सुन लेते तो संभवत: कोई बहुत हादसा घटित होने से कोई रोक नहीं सकता था। गालियाँ जिसने भी सुनी उसने कान पर हाथ रख लिये...।

इज्जत से मतलब नहीं, खुशी में झूमने लगे ठेकेदार..........
सीहोर। नगर पालिका में कै से कोई नया काम निकले दिन रात यही देखने वाले ठेकेदारों की आज खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। नगर पालिका अध्यक्ष के कक्ष की लीपा-पोती मतलब पुट्टी-पुताई-रंगाई आदि के बिल कोई हृदयघात से ग्रसित व्यक्ति देख लो उसको एक और बार हृदय घात हो सकता है, इतने भारी भरकम बिल के साथ अध्यक्ष जी का कमरा सजाया गया था जिसमें बकायदा एक एल्यूमिनियम सेक्शन का दरवाजा भी लगा था, सबका बड़ा भारी बिल था। लेकिन आज यहाँ चले अंधाधुंध लट्ठों ने सबकुछ तोड़-फोड़ दिया। कुर्सियाँ तोड़ भी दी और गिरा भी दीं। अध्यक्ष के लिये आई नई कुर्सी की असल स्थिति क्या यह कहा नहीं जा सकता। कुल मिलाकर जो नुकसान हुआ है उसको देखकर यहाँ कुछ ठेकेदारों के मुँह में पानी आ गया है। उन्हे विश्वास है कि यह नया काम यहाँ जरुर निकलेगा उसे वह लेकर फिर भारी भरकम बिल बनायेंगे। ठेकेदारों को नगर पालिका की इजत से कोई मतलब नहीं है, उनकी तो आज टूट-फूट देखकर खुशी नहीं समा रही थी।

तुम्हारे नाम से रिपोर्ट लिखाओ और नाम बताओ वरना निलंबित
सीहोर। नगर पालिका अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कक्षों के बाहर एक-एक कर्मचारी नियुक्त रहता है। यह भृत्य पद पर हैं, आज हुई टूट-फूट की शिकायत इन दोनो के माध्यम से नगर पालिका ने कराई। पुलिस में दर्ज शिकायत में किसी अन्य अधिकारी कर्मचारी ने अपना नाम या गवाही नहीं लिखाई। जब दोनो भृत्यों को सहयोग नहीं मिलेगा तो वह कैसे आरोपियों को पहचानने की भूल कर सकते हैं। उन्होने आरोपियों को पहचानने से इंकार कर दिया तो इन पर कार्यवाही की मांग उठाई गई। कुछ अध्यक्ष ने कहा साहब इन्हे निलंबित किया जाये ? आश्चर्य है कि भृत्य के कंधे पर बंदूक रखकर चलाने वाले यह लोग आखिर क्या प्रदर्शित करना चाहते हैं। इनमें ताकत है तो यह खुद सामने क्यों नहीं आते।


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छुट्टी मनाने आये भगवान जगदीश मौसी के यहाँ से पुन: मंदिर पहुँचे

आष्टा 10 जुलाई (नि.प्र.)। 4 जुलाई को नगर के प्राचीन बांस बेड़े मंदिर से भगवान जगदीश की रथयात्रा निकली थी आकर्षक सुन्दर रथ में सवार होकर भगवान जगदीश इस दिन गाजे-बाजे भक्तों के साथ अपनी मौसी के घर दादाभाई मार्ग पहुँचे थे। भक्त भगवान का रथ खेंचकर मंदिर से मौसी श्रीमति निर्मला देवी भगवान शंकर शर्मा के निवास पर पहुँचे थे।
7 दिन मौसी के यहाँ रहकर छुट्टियाँ मनाकर आज भगवान जगदीश अपनी मौसी के यहाँ से गाजे-बाजे के साथ पुन: मंदिर पहुँचे। शर्मा परिवार के सदस्य पंडित गजेन्द्र शर्मा ने फुरसत ने बताया कि हर वर्ष जगन्नाथ पुरी में इस माह को दूज को विशाल जगन्नाथ जी की रथयात्रा निकलती है देश के अनेकों स्थानों पर भी भगवान की रथयात्रा निकलती है 4 वर्ष पूर्व आष्टा में भी भगवान की रथयात्रा निकाले जाने की शुरुआत हुई थी यह रथयात्रा निकाले जाने का चौथ वर्ष था। आज एक सप्ताह की छुट्टी मनाकर भगवान को मौसी के घर से गाजे-बाजे के साथ भक्त पुन: मंदिर छोड़ने पहुँचे भगवान को मस्तक पर रखकर उन्हे छोड़ने भक्त पहुँचे। सात दिनों तक मौसी के यहाँ रोजाना विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आदि हुए आज ब्राह्मण भोज एवं अतिथि भोज का कार्यक्रम मौसी के यहाँ पर सम्पन्न हुआ।


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टेंकरों से जल प्रदाय बंद

सीहोर 10 जुलाई (नि.सं.)। वर्षा होने के कारण तथा शहर के जल स्त्रोत चालू हो जाने से किराये पर लगाये गये ट्रेक्टर टैंकर नगर पालिका सीहोर द्वारा 11 जुलाई से बंद कर दिये गये हैं। आम नागरिकों से अनुरोध है कि निकाय द्वारा नलों से प्राप्त जल को उबाल कर उपयोग करें।

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जब श्याम बरसते हैं तब मन शीतल हो जाता है-ऋचा

सीहोर 10 जुलाई (नि.सं.)। श्रीमद भागवत ध्यान शास्त्र है। श्रीमद भागवत में आदि से अंत तक परम सत्य स्वरुप परमात्मा का ध्यान किया गया है सत्य पर धीमहि व्याप्त जी भागवत महापुराण का आरंभ करते हुए कहते हैं हम उस परब्रह्म का ध्यान करते हैं तो सत्य स्वरुप है जगत की उत्पत्ति स्थिति और पालन में तीनों कार्य जिससे होते हैं।
ध्यान शब्द का अर्थ व्याकरण शास्त्र के अनुसार होता है चिंतन, चिंतन ही ध्यान है। संसार का चिंतन पतन का कारण है और परमात्मा का चिंतन जीवन का उध्दार करता है। उक्त उद्गार बाल विद्वान 14 वर्षीय ऋषभ देव जी ने व्यक्त किये। सीहोर कृ षि उपज मण्डी प्रांगण में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन आगे ऋषभदेव जी ने कहा मन बहुत चंचल है यह ईश्वर में स्थित नहीं होता है। ऐसी स्थिति महर्षि पंतजलि ने अपने योगदर्शन में मन को परमात्मा में लगाने के दो उपाय बतलाये हैं। अभ्यास अर्थात बार-बार मन संसार में जाता है तो जितनी बार मन संसार में लगे उतनी बार परमात्मा में मन को संसार से खींचकर लगा दो।
वैराग्य इस लोक और परलोक के भोगों को प्राप्त करने की इच्छा मत करों ये दो उपाय करने से मन को परमात्मा में लगा सकता है पर ये दोनो उपाय अत्यंत कठिन है पर यदि स्वयं परमात्मा हमारे मन में तो न ही विशेष प्रयत्न करना पड़ेगा और न ही मन भटक सकेगा पर मन में ईश्वर को लाने का श्रीमद भागवत कथा ही उत्तम साधन है। अन्य शास्त्र मन को परमात्मा में लगाने का उपाय बतलाते हैं पर भगवान को स्वयं मन में लाने का समर्थ भागवत मे ही है। भागवत वेद समस्त अभिष्ठ पदार्थों को देने वाले हैं उनका परिपक्व फल है जो शुकदेव रुपी तोते की चोंच से आहत होकर इस पृथ्वी पर गिरा है अत: महर्षि व्यास का आवाहन है कि परम रसिक भक्तों इस रस का बार-बार पान करो, मोक्ष प्राप्त होने पर भी इसे मत त्यागों। जो लोग कहते हैं कि हमने रामायण, भागवत, धर्मग्रंथ सुन लिये अब सुनने की आवश्यकता क्या है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने उनके लिये कहा कि उन्होने धर्मग्रंथों का असली रस नहीं पाया है इसलिये तो वे ऐसा कहते हैं अरे इसे तो जो एक बार सहीं ढंग से आस्वादन कर लें वह तो इसकी प्राप्ति के लिये तड़पने लगता है।
बाल विदुषी ऋचा गोस्वामी ने भगवान श्री कृष्ण के अद्भुत स्वरुप का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान घनश्याम है घन कहते हैं मेघों को बादल जब जल से भरे होते हैं तब वे श्याम हो जाते हैं। श्याम मेघ जरुर बरसते हैं और संतप्त वातावरण को शीतलता प्रदान करते हैं। श्याम सुन्दर भी मेघों के समान श्याम होकर मानों आनंद रस को बरसाने के लिये आतुर हैं।
मण्डी व्यापारी संघ सीहोर अध्यक्ष अजय खण्डेलवाल, रमेश चन्द्र साहू, श्रीमति चंदा शर्मा, गेंदालाल रैकरवार, रानू व्यास, भागीरथ जांगड़े, पप्पू यादव ने व्यास गादी का पूजन किया। आज कथा में सीहोर के प्रसिध्द कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा एवं पं. कमला प्रसाद जी विशेष रुप से उपस्थित रहें।


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अमानक उर्वरक का विक्रय प्रतिबंधित

सीहोर 10 जुलाई (नि.सं.)। जांच में उर्वरक यूरिया एन.46 प्रतिशत का नमूना अमानक पाए जाने पर उसका य-विय, भण्डारण और स्थानान्तरण प्रतिबंधित किया गया है। इस सिलसिले में उप संचालक कृषि द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं।
उप संचालक कृषि श्री एन.एस. रघु ने बताया कि खरीफ वर्ष 2008-09 में गुण नियंत्रण के तहत परीक्षण एवं जांच उपरांत प्राप्त परिणाम के आधार पर विपणन संघ डबल लॉक केन्द्र आष्टा के एन.एफ.एल. कंपनी का लाटबैच मांक 32008 उर्वरक यूरिया एन.46 प्रतिशत मात्रा 8.508 टन जिसमें एन. 43.68 प्रतिशत पाया गया जो अमानक स्तर का है। इसके क्रय-विक्रय, भण्डारण और स्थानान्तरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।


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महिलाओं के लिये पांच दिवसीय खाद्य शिविर का आयोजन

सीहोर 10 जुलाई (नि.सं.)। उद्यमिता विकास केन्द्र द्वारा महिलाओं के लिए खाद्य प्रसंस्करण पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण 16 से 20 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है।
उद्यमिता विकास केन्द्र के जिला समन्वयक श्री तल्हा उस्मानी ने बताया कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षार्थियों को विभिन्न प्रकार के अचार निर्माण की विधि, जेम, जेली, मुरब्बा, हल्दी, मिर्ची, धनिया, पावडर निर्माण विधि, बड़ी - पापड़ी निर्माण, चाट मसाला, टमाटर सॉस, छोला मसाला, कश्मीरी एवं जीरामन मसाला, अनारदाना चूर्ण आदि विभिन्न प्रकार के खाद्य प्रसंस्करण के निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी दी जायगी साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए इच्छुक युवतियांमहिलाएं 14 जुलाई, 08 के पूर्व उद्यमिता विकास केन्द्र में कार्यालयीन समय में अपने आवेदन जमा करा सकती हैं। प्रशिक्षणार्थियों की संख्या अधिक होने पर साक्षात्कार लिया जाएगा।
प्रशिक्षण के संबंध में अधिक जानकारी भोपाल नाका सीहोर स्थित उद्यमिता विकास केन्द्र से प्राप्त की जा सकती है अथवा जिला समन्वयक एवं कार्यम संयोजक श्री तल्हा उस्मानी के मोबाइल नम्बर 9826052586 या दूरभाष नम्बर 403413 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है।


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Thursday, July 10, 2008

तीसरे दिन भी रही स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प

सीहोर 10 जुलाई (नि.सं.)। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आव्हान पर स्वास्थ कर्मचारियों के अनिश्चित कालीन हड़ताल पर पदार्पण करने के उपरांत चिकित्सा कार्यपर नही लोटने साथ लम्वित मागों को समर्थन पर अडिग रहने का संकल् लिया है।
जिले के सामुदायिक केन्दों सिविल अस्पतालों के स्वास्थ्य कर्मचारी लम्बित मागों के समर्थन में लगभग 1000 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। समु0स्वा0केन्द्र नस0गंज में पवार,मनमोहन, एवं अन्य कर्मचारी नेताओं ने लम्वित मागों के समर्थन में हड़ताल पर रहे जिसके फलस्वरूप चिकित्सा सेवाए प्रभावित हुई। हड़ताल के समर्थन में जिले के अन्य सामु0स्वा0केन्दों एवं प्राथमिक स्वास्थ केन्दों में स्वास्थ सेवाए स्वास्थय कर्मचारी के अभाव में प्रभावित हुई। म.प्र. कर्मचारी जगत के कर्मचारी नेता विक्रम ठाकुर उपप्रांताध्यक्ष म.प्र. कर्मचारी संघ म.प्र. एवं कार्यकारी अध्यक्ष रामायण प्रसाद म.प्र.श्रीमति देसा विश्वकर्मा अध्यक्ष नर्सिग सिस्टर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ सचिव हिम्मत सिंह वर्मा ने हड़ताल को पुरजोर समर्थन करते हुए लम्वित मागो के निराकरण होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
बुधनी एवं इछावर ब्लाक के स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा हड़ताल का कमर्थन करते हुए हड़ताल पर जाने का निर्णण लिया गया है।
इसी क्रम में श्यामपुर सामु.स्वा.केन्द्र मेंहडताल आगामी दिनों से हड़ताल के समर्थन में जाने का निर्णण लिया गया। उक्त हड़ताल मे के.बी.वर्मा, राजेन्द्र पाराशर, अरूण जावरिया, राजेन्द्र शर्मा प्रहलाद,दुलीचन्द्र, कमल सिंह ठाकुर अशोक जयसवाल,पी.एस. परमार मनोरमा भाटी आदि हड़ताल पर अडे रहने का निश्चय किया है। जिले के जन स्वास्थ्य रक्षक, दाई आशा कार्यकर्ता द्वारा भी हड़ताल का समर्थन व्यापक स्तर पर कया गया है।


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सर्पदंश से ग्रामीण की मौत

सीहोर 10 जुलाई (नि.सं.)। इछावर थाना अर्न्तगत आने वाले ग्राम भगवतपुर निवासी एक 40 वषीय ग्रामीण की सर्पदंश से मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी अनुसार गत मंगलवार के रात्रि इछावर थाना क्षेत्रान्तर्गत आने वाले ग्राम भगवतपुर निवासी 40 वर्षीय पूरणसिंह आ.गोदरसिंह अजा.को गत दिनों उसके घर पर सांप के काटने से मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। उधर मण्डी थाना अर्न्तगत गत बुधवार को हुये सड़क हादसे में घायल पासीसर कालापीपल निवासी 28 वर्र्षीय युवक अचलसिंह आ.देवकरण को गत दिनों सड़क हादसे में आई चोटों के कारण इलाज हेतु एल.बी.एस.अस्पताल भोपाल दाखिल कराया गया था जहॉ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।


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यात्री बस पलटने से एक मृत पांच घायल अन्य हादसों में चार घायल

सीहोर 10जुलाई (नि.सं.)। जिले के दौराहा थाना क्षेत्र मे मंगलवार को एक यात्री बस के चालक की लापरवाही से पलटने के कारण एक युवक की मौत हो गई तथा पांच घायल हो गए जिनमें से एक महिला को इलाज हेतु भोपाल भेजा गया है, वही अन्य हादसों में चार लोग और भी घायल हुये।
पुलिस ने बस चालक के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार राठौर बस क्रमांक एमएच -29-7325गत मंगलवार को यात्रियों को सीहोर से लेकर सरखेडा की तरफ जा रही थी। बताया जाता है कि जब यह वाहन साढे ग्यारह बजे खण्डवा जोड के समीप पहुंची चालक की लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई । परिणाम स्वरूप क्लीनर कल्लू आ.भोजराज अजा.उम्र 18 साल निवासी खण्डवा की दुर्धटना स्थल पर ही मौत हो गई वही बस वही बस मे सवार सप्पोबाई गंभीर रूप से घालय हो गई जिले इलाज हेतु भोपाल भेजा तथा अकबर अली, सतीश असफाक राजेश को साधारण चोंटे आने से प्राथमिक उपचार के बाद छुटटी की दी गई। उधर नसरूलल्लाहगंज थाना क्षैत्र में स्टेटबैंक के समीप अज्ञात वाईक चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए रोडक्रास कर रहे रूजन खेड़ी निवासी राजाराम को टक्कर मारकर घायल कर दिया जिसे उपचार हेतु नंस.गंज अस्प में भर्ती कराया गया है उधर कोतवाली थाना क्षेत्र मे चालक राजमार्ग स्थित परमार ढावे के समीप आज सुबह वाहन क्रं एम.पी 09 सीबी 7056के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन को चलाते हुए वाहन एम.पी 09-1256मे टक्कर मार दी। परिणाम स्वरूप वाइक सवार इंदोर निवासी सुनील व एक अन्य घायल हो गये जिन्हें इलाज हेतु सीहोर अस्पताल भेजा गया। एक अन्य हादसे मे नवीपुर निवासी रामकेश देशवाली की वाइक में महुआखेडी निवासी बनेसिंह ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर टक्कर मार दी जिसमें रामकेश घायल हो गये।


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लम्बे इंतजार के बाद मंगलवार से बरसात का दौर शुरू किसानों मे हर्ष

जावर 10 जुलाई (नि.प्र.)। लम्बे इंतजार के बाद मंगलवार से बारिश का दौर शुरू हो गया जिसमे चिंतित किसानों ने राहत की सांस ली उक्त बरसात फसल के लिए भी काफी फायदें बंद है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में लम्बे समय से बारिश नही होने से किसानों के साथ ही आम नागरिक चिंतित होने लगा था। खेतों मे खड़ी फसल मुस्काने लगी थी अच्छी बारिश की कामना के लिए क्षेत्र मे धार्मिक अनुष्ठान भजन कीर्तन व गांव बाहर भोजन बनाने का काम शुरू हो गया था। आखिर कार इन्द्र देवता ने लोगो की पुकार सुनी और मंगलवार सुबह से ही बारिश होने का दौर शुरू हो गया बारिश होने से मौसम मे ठंडक धुल गई वहीं किसानो ने भी बारिश शुरू होने से राहत की सांस ली कृषक अनार सिंह ने बताया कि बारिश शुरू होने से खेतों में बोई गई सोयाबीन मक्का व ज्वार की फसल मुरझानें लगी थी धास पीला पड़ने लगा था क्षैत्र के नदी नाले तालाब तलाई सुखे पड़े थे। लेकिन मंगलवार से शुरू हुई बारिश के बाद फसल तेजी से बढ़ने लगेगी नदी नाले पानी से भर जायेगे पीने के पानी की समस्या भी हल हो जायेगी गर्मी भर से बंद पड़े टयूवबेल भी चलने लगेंगे इस तरह मंगलवार से शुरू हुई बारिश से चारो और हर्ष का माहौल है।

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28 हजार पौधे किसानों के लिये उपलब्ध

सीहोर 10 जुलाई (नि.सं.)। जिले के जरूरतमंद किसानों को उद्यान विभाग संतरे के पौधे मुहैया कराएगा। अट्ठाईस हजार पौधे विभाग की विभिन्न रोपणियों पर पहुंच चुके हैं।
सहायक संचालक उद्यान राजेन्द्र कुमार ने बताया कि विभाग उद्यानिकी मिशन और विभागीय योजनाओं के तहत् किसानों को संतरा सहित आम, आंवला और अमरूद के पौधे 75 फीसदी अनुदान पर मुहैया करा रहा है। संतरे के अट्ठाईस हजार पौधे विकास खण्ड स्तर की रोपणियों पर पहुंचा दिए गए हैं। उन्होने बताया कि विकास खण्ड नसरूगागंज के किसानों के लिए शासकीय उद्यान रोपणी सतराना और विकास खण्ड बुधनी के किसानों के लिए शासकीय उद्यान रोपणी पीली करार पर सात-सात हजार संतरे के पौधे उपलब्ध हैं।
इसी तरह विकासखंड इछावर के किसानों के लिए शासकीय मॉडल रोपणी सीहोर से दस हजार पौधे वितरित किए जांयगे। विकासखंड सीहोर स्थित महुआ खेड़ा, श्यामपुर दोराहा, झरखेड़ा और उसके आस-पास के किसानों को शासकीय उद्यान रोपणी महुआखेड़ा से संतरे के पौधे उपलब्ध कराए जांएगे। जहां चार हजार संतरे के पौधों का स्टॉक मौजूद है। सहायक संचालक उद्यान ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों ने संतरा फलोद्यान लगाने के लिए आवेदन दिया है और पौधारोपण के लिए गङ्ढे तैयार कर लिए हैं वे किसान उद्यान विभाग के मैदानी कर्मचारियों से गङ्ढों का निरीक्षण करालें और संबंधित रोपणी से पौधे प्राप्त करें।
इस सिलसिले में सहायक संचालक ने बताया है कि इस कार्य में ड्रिप वाले किसानों को प्रमुखता दी जायगी। ड्रिप मशीन भी 70 फीसदी अनुदान (सब्सिडी) पर किसानों को मुहैया कराई जा रही है। जो किसान अपना बगीचा लगाना चाहते हैं उनके पास स्वयं की जमीन होने के साथ गर्मियों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना होगा। अधिक जानकारी सहायक संचालक उद्यान के कार्यालय में स्थापित नियंत्रण कक्ष से ली जा सकेगी जहां का टेलिफोन नंबर 07562-224062 है।
इसके अलावा नियंत्रण कक्ष प्रभारी वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी ए. एच. खान से मोबाइल नंबर 99260-83240 पर भी बात हो सकेगी।


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कृषि संबंधी जानकारी देने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित

सीहोर 10 जुलाई (नि.सं.)। जिले के किसानों को खरीफ फसलों की स्थिति पर तकनीकी एवं सामयिक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा जिला मुख्यालय पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष 224044 है।
उप संचालक कृषि एन.एस.रघु ने बताया कि खरीफ वर्ष 2008 में फसलों की स्थिति पर कृषकों को सामयिक जानकारी और जरूरी मार्गदर्शन देने तथा कृषि संबंधी समस्याओं के निराकरण करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जिसका दूरभाष मांक 07562-224044 है। सहायक संचालक कृषि श्री सी.एस.रतन को नियंत्रण कक्ष का प्रभारी बनाया गया है।
जिला परामर्शदाता श्रीमती अर्चना परमार को नियंत्रण कक्ष का सहायक प्रभारी तथा तकनीकी सहायक कु0 अश्वनी टिकले और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संतोष सिंह को सहायक नियुक्त किया गया है।


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30 साल से था अतिक्रमण पट्टे से बचने के लिये शिवराज सरकार ने बुलडोजर चलाया

सीहोर 9 जुलाई (नि.सं.)। मण्डी थाने से लगा हुआ ग्राम बिजौरी में दो दिन पूर्व प्रशासन का अतिक्रमण विरोधी दल करीब एक एकड़ बोई हुई जमीन पर कीचड़ मचा आया। करीब 30 साल से जिस शकुन बाई पत्नि भीमराव हरिजन का यहाँ अतिक्रमण था उसकी एक नहीं एक सुनी गई क्योंकि कुछ दल विरोधी लोग चाहते थे कि क हीं शिवराज सरकार इसको पक्का पट्टा दे देगी तो इसका फायदा हो जायेगा। शासन भी पट्टे से बचने के लिये हर दिन कहीं न कहीं जेसीबी चलाने में लगा ही हुआ है। इसी तारतम्य में यहाँ एक और अतिक्रमण हटा दिया गया है।
विगत 30 वर्षों से ग्राम बिजोरी में करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर क ब्जा किये हुए शकुन बाई को इसी साल एक नोटिस मिला था। हालांकि 30 सालों से शकुन बाई अपनी जमीन के कब्जे रुपये आदि भी भरती रही है लेकिन नोटिस में लिखा था कि एक 10 वाई 20 की जगह आप छोड़ दो ताकि वहाँ सोसायटी भवन का निर्माण हो सके। इसके लिये शकुन बाई ने एक अपील तहसील कार्यालय में लगाई तथा मांग की कि उसके जमीन के अलावा सोसायटी बनाई जाये।
अब विशेष बात यह है कि छोटे-से बिजौरी ग्राम में पहले से ही बहुत बड़ा सोसायटी भवन बना हुआ है जो शकुन बाई की भूमि से लगा हुआ है इसके अलावा यहाँ किसी सोसायटी भवन की और आवश्यकता कैसे पैदा हो गई यह विचारणीय है। लेकिन इसके बावजूद एक और सोसायटी भवन बनाने के लिये शकुन बाई की जमीन को निशाना बनाया गया। इसके पीछे बहुत से कारण थे और पट्टा नहीं मिले यह भी महत्वपूर्ण बात थी।
कुल मिलाकर एसडीएम कार्यालय में भी अपील शकुन बाई ने की लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं की गई और अंतत: दो दिन पूर्व अचानक अतिक्रमण अमले ने धावा बोल और जेसीबी मशीन ने यहाँ 65 वर्षीय शकुन बाई के पक्के बने लेट्रिग बाथरुम तोड़ दिये भूसा फैला दिया और रहने की जगह तक तोड़ दी। चाहिये थी 10 वाई 20 की जगह और 50वाई 50 पर बुलडोजर नाचता लगा। यहाँ जमीन बोई जा चुकी थी जो पूरी मच गई। बेदखली के आदेशों ने ऐसी बेअदबी कर दी है कि शकुन बाई हैरान-परेशान है।
मध्य प्रदेश शासन ने पट्टे देने की घोषणा क्या की ग्राम-ग्राम में बाहुवली लोग पट्टे लेने को अमादा हैं और कमजोर वर्ग के पट्टे न बनें इसकी फिक्र भी वो लोग कर रहे हैं। जिला प्रशासन ऐसे लोगों का साथ देकर सदैव विवाद ग्रस्त हो जाता है।


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अस्पताल के कर्म. हड़ताल पर गये, स्वास्थ्य सेवाएं हुई प्रभावित

आष्टा 9 जुलाई (नि.प्र.)। म.प्र. में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के स्वास्थ्य कर्मचारी कल से पूरे प्रदेश में अपनी विभिनन मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गये हैं। आष्टा में भी आज से स्वास्थ्य कर्मचारी उक्त हड़ताल में शामिल हो गये।
इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर काफी विपरीत असर पड़ रहा है। आज सुबह से ही आष्टा सिविल अस्पताल में पदस्थ 42 तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण अस्पताल में नहीं पहुँचे जिससे अस्पताल में आये मरीजों को काफी परेशान उठाना पड़ी कई मरीज तो बिना इलाज कराये ही वापस लौट गये। हड़ताल पर गये उक्त कर्मचारियों ने प्रमुख रुप से अतुल उपाध्याय, प्रकाश परसाई, लक्ष्मीनारायण महाजन, भरत सिंह सिस्टर कुरैशी, मलखान सिंह, टी.सोनी, रामवृक्ष सिंह, श्रीमति एल.एन. वर्मा, एम.एल.वर्मा, पी.के.डेविड आदि सहित 42 कर्मचारी पूरी तरह हड़ताल पर रहे।
आज उक्त कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से इंजेक्शन लगाने पट्टी करने, मलेरिया की जांच, पर्ची बनाने, साफ-सफाई, एक्सरे सहित अनेकों व्यवस्थाएं प्रभावित हुई है। उक्त कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये स्वास्थ्य प्रशासन ने क्या उपाय किये के बारे में प्रभारी डॉ. हीरा दलोद्रिया ने बताया कि उक्त कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से व्यवस्थाओं पर प्रभाव तो पड़ा है लेकिन असपतला में आने वाला मरीज परेशान ना हो और उसे इलाज सुविधा मिले इसके लिये सभी डाक्टर, संविदा पर रखी गई नर्सएवं रोकस द्वारा रखे गये कर्मचारियों को डयूटी पर लगाकर व्यवस्थाओं को बनाये रखने के प्रयास किये गये हैं। अगर 24 दिन उक्त हड़ताल चलती है तो काफी परेशान सामने आ सकती है।


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