Wednesday, July 9, 2008
नागरिक बैंक चुनाव : आरक्षण ने बिगाड़े सारे गणित, विशेष संचालक दिखायेंगे अपना खेल
सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के संचालक मण्डल का चुनाव नगर का एक प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव है। इसलिये इसको लेकर खासा उत्साह रहता है। विगत दिवस बैंक की मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है। बैंक के कुल 4 हजार 264 सदस्यों में 1776 ही ऋणी है इसलिये 1 हजार 776 मतदाता ही इस बार के चुनाव में अपना मतदान करेंगे। सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के समस्त 100 प्रतिशत मतदाता सीहोर नगरीय क्षेत्र के ही हैं। मतदाताओं की व्यवस्थित नाम पते सहित सूची तैयार है जिसे बैंक से 200 रुपये देकर प्राप्त किया जा सकता है लेकिन सूची बैंक कार्यालयीन समय में ही उपलब्ध है। 4 बजे तक इसे लिया जा सकता है।
इस बार 12 संचालकों के चुनाव होने हैं लेकिन इस बार मामला बिल्कुल नये ढंग से सामने आया है। जहाँ 7 सामान्य वर्ग के वहीं 1 अनुसूचित जनजाति, 1 अनुसूचित जाति, 1 पिछड़ा वर्ग का रहेगा। लेकिन इसके अलावा 2 अन्य संचालक ऐसे भी इस बार रखे गये हैं जो चार्टड एकाउंटेंट हों अथवा किसी बैंक के प्रमुख प्रबंधक के पद पर काम किये हुए हों ऐसे संचालकों के लिये 2 पद आरक्षित हैं। इन 12 संचालकों में से ही 2 पद महिला आरक्षण के लिये रखे गये हैं।
कौन-सी सीट पर महिला आरक्षण
इस बार अनुसूचित जाति वर्ग के लिये आरक्षित तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिये आरक्षित एक सीट पर महिला वर्ग का आरक्षण हो गया है। इन दोनो ही वर्ग पर अब सिर्फ महिला उम्मीद्वार ही लड़ सकेंगी।
यह दिन है महत्वपूर्ण
नागरिक बैंक के चुनाव के लिये 15 जुलाई का दिन महत्वपूर्ण है। इसी दिन संचालक पद के उम्मीद्वारों के आवेदन लिये जायेंगे। 15 जुलाई को 12 बजे से 4 बजे के बीच 4 घंटे में श्रीराम धर्मशाला सीहोर में इसका कार्य होगा जिसके लिये प्राधिकृत अधिकारी एन.पी. सावनेर रहेंगे। सिर्फ एक दिन ही आवेदन लिये जायेंगे। अगले दिन 16 जुलाई को 12 बजे से आवेदन पत्रों की जांच पुष्टि और फिर प्रकाश किया जायेगा। अगले 17 जुलाई को आवेदन वापसी के लिये रखा गया है। जिसके लिये 11 बजे से 1 बजे तक समय रहेगा। इसके बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी हो जायेगी।
27 को होगा चुनाव मतदान
27 जुलाई को प्रात: 8 बजे से दोपहर पश्चात 4 बजे तक चुनाव होंगे जिसमें सभी 1 हजार 776 मतदाताओं को मतदान करने की पात्रता रहेगी। इस दिन दिनभर संचालक अपने-अपने पक्ष में मतदान कराने के लिये मतदाताओं को छांट-छांट कर लायेंगे। इसी दिन सायं मतगणना भी हो जायेगी।
नागरिक सहकारी बैंक के चुनावों को लेकर राजनीति सरगर्मियाँ भी शुरु हो गई हैं। पूर्व अध्यक्ष रह चुके और बैंक के संस्थापक सदस्यों में से एक प्रकाश व्यास काका ने इस बार अपनी पैनल उतारने का मन बना लिया है। काका ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, काका पैनल उतारने की बात स्पष्ट रुप से स्वीकार कर रहे हैं । काका का नाम सामने आ जाने से यूँ तो मामला एक तरफा नजर आ रहा है लेकिन पिछले चुनावों का भी यदि स्मरण किया जाये तो स्थिति काफी विकट भी हो सकती है। पिछले बार के चुनाव में जिन धुरंधरों ने अपना कमाल दिखाया था वह भी इस बार चुप नहीं बैठेंगे । इधर नगर भर में हर तीसरा व्यक्ति हर दूसरी व्यक्ति से नागरिक बैंक का चुनाव लड़ने की बात कर रहा है। मतदाताओं में खासा उत्साह है, वह भी चुनाव लड़ने को उत्सुक है। ऐसे में 15 जुलाई को कितने आवेदन भराते हैं यह समय ही बतायेगा। कुछ अन्य लोग भी सीधे पैनल बनाकर उतरने की फिराक में हैं लेकिन इनकी पैनल बन नहीं पा रही है ऐसी सूचनाएं हैं। इस दृष्टि से अभी सिर्फ काका ही पैनल सामने हैं।
भैया आपका आशीर्वाद
मिल जाये तो..........
मजे की बात यह है कि अभी नागरिक बैंक चुनाव की प्रक्रिया और तिथियाँ अभी घोषित ही हुई है लेकिन इसको लेकर लोगों में इतना उत्साह है कि वह अभी से बैंक से जुड़े धुरंधरों और कुछ अधिकारियों तक से आशीर्वाद मांगने पहुँचने लगे हैं। भैया ध्यान रखना आपका आशीर्वाद हो तो चुनाव लडें ज़ैसी बातें यह लोग कर रहे हैं। कुछ लोग ध्यान रखने की बात भी कह रहे हैं जैसे वो बैंक के ठेके दार हों क्योंकि यह तो वक्त ही बतायेगा की चुनाव में क्या होता है।
उल्लेखनीय है कि नागरिक सहकारी बैंक के संचालक मण्डल की पूर्व अध्यक्ष प्रकाश व्यास काका के जमाने से ही यह परम्परा चली आ रही है कि वहाँ कोई संचालक न तो बैठक का भत्ता लेता है और ना ही बैंक से कोई अन्य सुविधा का लाभ लेता है। इस बार तो नियम और भी कड़े हो गये हैं संचालक सहित संचालक के परिजन भी अब बैंक से ऋण नहीं ले सकेंगे। बल्कि जो ऋणी होगा वह संचालक भी नहीं बन पायेगा। कुल मिलाकर ढेर सारे नियमों के साथ इस बार चुनाव हो रहे हैं। फिर भी उत्साह की कोई कमी नहीं है।
सीहोर के लिये यह गर्व की भी बात है कि प्रदेश भर की नागरिक सहकारी बैंकों की वनिस्पत आज सीहोर की बैंक की स्थिति, यहाँ का फर्नीचर काफी अच्छी है। बैंक का नवनिर्माण होने के बाद यहाँ चार चांद लगे हुए हैं। अभी ऊपर की मंजिल पर निर्माण कार्य जारी है जहाँ अध्यक्ष के लिये विशेष केबिन और अन्य मंहगे फर्नीचर का कार्य जारी है।
टक्कर मारने पर डेढ़ साल का कारावास
अभियोजन की और से डीपीओ श्री व्ही.के.सिंघई ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना 11 सितम्बर 2005 को ग्राम सेमरादांगी में एमपी04 एच.7032 वाहन को तेजी उतावले से चलाकर फरियादिया कस्तूरी बाई को टक्कर मारकर उसे गंभीर घायल करने पर मामला थाना कोतवाली पहुँचा। अनुसंधान हुआ न्यायालय में अभियोग पत्र विचारण हेतु पेश हुआ। अभियोजन ने गवाहों को पेश किया। दोनो पक्षों की अंतिम बहस सुनी गई। विद्वान न्यायाधीश श्री जैन ने साक्ष्य का सूक्ष्म अवलोकन किया व धारा 279, 338 भादवि में संतोष को दोषी पाकर सात पृष्ठीय निर्णय सुनाया।
विद्वान न्यायाधीश ने अपने फैसले में लिखा की सावधानी का अपवर्जन करते हुए किया गया कार्य उतावलेपन की कोटी में आयेगा। घटना के संबंध में परिस्थितियाँ स्वयं बोलती हैं का सिध्दांत लागू होता है। अत: धारा 279 में 6 महिने एवं 338 में 1 साल का सश्रम कारावास आरोपी को भुगतना होगा। पैरवी अभियोजन की तरफ से श्री व्ही.के.सिंघई डीपीओ ने की।
चिकित्सालय में व्यवस्थाएं रही ठप्प, स्वास्थ्य कर्मियों की अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरु
वन विकास निगम के उपाध्यक्ष का वाहन दुर्घटनाग्रस्त
आष्टा कांग्रेस में पड़ी फूट, आंदोलन की जारी हुई अलग-अलग विज्ञप्ति
भय भूख और भ्रष्टाचार कांग्रेस की देन
कालू ने कहा कि जम्मू की सरकार ने जो हिन्दुओं के साथ कुठाराघात किया था और अमरनाथ में यात्रियों की जमीन को वापस ले ली थी उसके लिये स्वभाविक है कि भारत का समस्त समाज एक है और भारत की शान के लिये ऐसे प्रदर्शन बारबार किये जायेंगे जो घटना इन्दौर में घटित हुई है उसके पीछे कांग्रेस का साफ हाथ दिख रहा है। कांग्रेस के शासन में 100 से यादा साम्प्रदायिक मामले दर्ज है और उनके समय में सिमी जैसे संगठन ने इन्दौर और बाकी शहरों में अपने पांव पसारे हैं जिन पर सरकार ने कठोर कार्यवाही की जिससे घबराकर उन लोगों ने वहाँ पर उत्पाच मचाया है।
अमरनाथ मुद्दे पर घाटी में उठी चिंगारी ने जम्मू कश्मीर की कांग्रेस समर्थक सरकार को जमीन पर ला दिया है और आने वाले लोग सभा और विधानसभा चुनाव में जनता खुद बता देगी कि केन्द्र में बैठी कांग्रेस सरकार की मंहगाई ने किस प्रकार से गरीबों के मुँह का निवाला छीना है इनके सहयोगी दल ही इनके खिलाफ हो गये हैं। आने वाले चुनावों में म.प्र. सरकार सिर्फ विकास को ही अपना मुद्दा बनायेगी जिसको देखकर कांग्रेसियों की नींद हराम हो गई है और वो इस प्रकार की बातों को लेकर उन्हे मुद्दा बनाकर वोटों की राजनीति कर रहे हैं जिसे प्रदेश की जनता सफल नहीं होने देगी।
थमी वर्षा अच्छी तरह शुरु हुई कि सानों में छाई खुशी
7-8 दिन से बरसात नहीं होने से खेतों में बाल्यकाल अवस्था में खड़ी सोयाबीन की फसल पानी मांगने लगी थी। सभी किसान चिंता मे ंआ गये थे कई ग्रामों में तो किसान इन्द्र देवता को मनाने के लिये हवन, पूजन कथा कराने लगे थे। आज सुबह से जो बरसात शुरु हुई उससे किसानों के चेहरों पर पुन: रौनक आ गई। कल रात्री में सिध्दिकगंज क्षेत्र में जमकर बरसात होने की खबर है वहीं खाचरौद, कन्नौद मिर्जी में भी पानी बरसा है। आज से जो बरसात शुरु हुई ऐसा लगता है कि यह क्रम जारी रहेगा। अभी तक आष्टा क्षेत्र में 7 इंच वर्षा होने की जानकारी है।
सीहोर में आज दिनभर बूंदा बांदी होती रही। सुबह से लेकर रात तक हल्की वर्षा जारी रही जिसके चलते लोगों ने सीहोर में वर्षा का आनंद लिया।
आज लोगों ने शरीर स्थिर कर लिया और मन चला रहे हैं
उक्त प्रवचन विदूषी 16 वर्षीय कथाकार ऋचा गोस्वामी ने श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन यहाँ कृषि उपज मण्डी प्रांगण में दिये। आपके साथ बाल विद्वान ऋषभदेव जी भी व्यासगादी पर विराजित हैं। दोनो ही बाल विद्वानो के मुख से आज से भागवत कथा प्रारंभ हो गई। इसके पूर्व एक छोटी शोभायात्रा निकली। आज पूजा विधान व मंत्रोच्चारण के बाद भागवत शुरु हुई। शुरुआत में बाल विदुषी ऋचा जी ने गोविंद जय जय मेरो गोपाल जय जय का सुमधुर भजन उपस्थित भक्तों से कराया।
उन्होने कथा का महात्म्य प्रतिपादित करते हुए कहा कि इससे श्रध्दा जागती है श्रध्दा जागने पर ज्ञान जाग जाता है। मोक्ष का मतलब दुखों से पूर्ण निवृत्ति और परमानंद की प्राप्ति है। सभी अनंत सुख चाहते हैं अनंत सुख सिर्फ मोक्ष में ही है। वेद कहते हैं कि ज्ञान से ही केवलज्ञान मोक्ष प्राप्त होता है। श्रध्दावान लभते ज्ञानं, अर्थात श्रध्दावान को ज्ञान और ज्ञानी को मोक्ष मिलता है।
भगवान को सच्चिदानंदस्वरुपाय हैं। सत से मतलब सत्ता से है, जिनकी सत्ता तीनों काल भूत, भविष्य और वर्तमान में बनी रहे, जो सदा आनन्द मूर्ति रहें जो अविनाशी हों जो सम्पूर्ण विश्व की उत्पत्ति करते हैं वह सच्चिदानंद स्वरुप हैं। जिनके नेत्र खोलने मात्र से श्रृष्टि बन जाती है, वो मुस्कुरा देते हैं तो पालन हो जाता है। और वो हमारे प्रभु इतने कोमल सुकुमार हैं कि इतने ही वह थक जाते हैं और आंखे बंद हो जाती है तो संहार हो जाता है।
ऋचा जी ने कहा कि थोड़े-थोड़े सब दुखी है। दुख भी तीन प्रकार के हैं आध्यात्मिक जहाँ शारीरिक व मानसिक दुख है, आदिदैविक और आदिभौतिक इन तीनों प्रकार के ताप कष्ट का निवारण करने का काम भगवान श्री कृष्ण ही करते हैं इसलिये उनका नाम कृष्ण पड़ा है। जो ताप पाप चुराले वह कृष्ण है। जब 88 हजार ऋषियों ने देखा की कलियुग आने वाला है सब पाप कर्मो में प्रवृत्त हो जायेंगे तो वे ब्रह्माजी के पास गये व पूछने लगे कि हम कहाँ जायें जब ब्रह्मा ने एक चक्र उत्पन्न किया जो चलने लगा। ब्रह्मा जी ने कहा कि यह चक्र जहाँ रुक जाये वहीं कलयुग का प्रभाव नहीं होगा। चक्र चलता रहा ऋषि उसके पीछे जाते रहे। नेमिशारण्य में वह चक्र जमीन पर गिरा और सीधे पाताल में चला गया जहाँ जमीन के छेद होने से एक पानी का कुण्ड बन गया जिसे चक्रतीर्थ कुण्ड कहा जाने लगा। यही ऋषिगण रुके और यहीं यज्ञ के दौरान सूत जी से सत्संग प्रारंभ हुआ।
भागवत कथा का महात्म्य सिध्द करते हुए ऋचा जी ने बताया कि स्वर्ग में समस्त अमूल्य वस्तुएं हैं लेकिन जब सुद्योमणी ऋषि के पास देवगणों ने भागवत देखी तो वह उसे भी लेने पहुँच गये। वह अपने साथ एक अमृत कलश ले गये और बोले यह अमृत कलश ले लीजिये और परीक्षित को पिला दीजिये लेकिन यह भागवत हमें दे दीजिये। इस पर ऋषि ने कहा कि यह अमरता और अभयता दोनो देती है। कथा खरीदी-बेची नहीं जाती इसे हाथ जोड़कर श्रवण, वितरण किया जा सकता है। देवगण चुपचाप चले गये। इस प्रकार भागवत देवताओं को भी दुर्लभ है। जब कथा श्रवण करते परीक्षित 7 दिन में मुक्त हो गये तो ब्रह्मा जी भी आश्चर्य कर गये। उन्होने भागवत जी को एक तराजू पर तौलने के लिये तराजू के एक तरफ सारे कल्याण के साधन रखें ओर दूसरी तरफ सिर्फ भागवत जी जैसे ही रखी वो पलड़ा अपने आप झुक गया।
भागवत को आधुनिक संदर्भ से जोड़ते हुए ऋचा जी ने कहा कि नारद जी अस्थिर माने गये हैं लेकिन 'अ' शब्द में स्वयं विष्णु विराजित हैं इसका मतलब देवर्षि भगवान में स्थिर हैं। दूसरी तरफ आज विज्ञान भी कहने लगा है कि चलने फिरने से शरीर स्वस्थ रहता है लेकिन बिडंवना यह है कि लोग शरीर को तो स्थिर किये हुए हैं और मन को अस्थिर कर लिया है। नारद जी आचरण पर यदि चलते फिरते रहेंगे तो कहीं लगाव नहीं होगा। बहता पानी निर्मल होता है। वैसे ही निर्मल बन जायेंगे।
पहले ही दिन ऋचा जी के प्रवचनों ने श्रोताओं को बांधे रखा। आश्चर्य जनक ढंग से अनेकानेक बार संस्कृत श्लोकों का उच्चारण करते हुए उनके समझाने का सरल ढंग और प्रवचन में धारा प्रवाह के परिणामस्वरुप श्रोता बंध गये थे। आज मण्डी व्यापारी संघ के अध्यक्ष अजय खण्डेवाल ने ऋचा जी का एवं ऋषभ देवी का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
फसल उगते ही कीटों का हमला कृषि विभाग नहीं देता सलाह किसानों का आरोप
जावर 8 जुलाई (नि.सं.)। सोयाबीन की फसल उगने के साथ ही उस पर चूहों व काले कीड़ों ने हमला शुरु कर दिया है। काले कीड़े पत्तों को छिन्न भिन्न कर रहे हैं तो चूहे सोयाबीन को काट रहे हैं इसके बावजूद कृषि विभाग किसानों को कोई किसी प्रकार की सलाह इससे बचाव के लिये नहीं देर रहा है। किसान अपने हिसाब से ही फसल को चूहों व कीड़ों से बचाने का उपाय करने में लगे हैं। कृषक धीरज सिंह ने बताया कि इस वर्ष वैसे ही कम बारिश होने के बावजूद किसानों ने सोयाबीन की बुआई कर दी थी जैसे-तैसे सोयाबीन तो उग आया लेकिन उसके उगने के साथ ही उस पर काले कीड़ों व चूहों ने हमला बोल दिया। यह फसल को काफी नुकसान पहुँचा रहे हैं काले कीड़े तो पत्तों को छिन्न-भिन्न कर रहे हैं वहीं चूहे सोयाबीन को काट रहे हैं खेतों में रापे के रापे कर दिये इतना सब कुछ होने के बावजूद कृषि विभाग का अमला किसानों को फसल को बचाने के लिये कोई उपाय सलाह नहीं दे रहा है। किसान खुद ही अपने हिसाब से फसल को बचाने के उपाय कर रहा है। इसके लिये खेतों में फाली डाल व फोरेट दवाई का छिड़काव कर रहा है। कृषक मोहन सिंह का कहना है कि कम बारिश होने के कारण चूहों ने खेतों में बिल बना लिये और वह लगातार फसल को नुकसान पहुँचा रहे हैं। चूहे फसल को न काटें इसके लिये किसान कीटनाशक दवाई का उपयोग भी कर रहे हैं लेकिन चूहों पर इसका भी कोई असर नहीं हो रहा है। कहने को तो कृषि विभाग का अमला है लेकिन वह किसानों को कोई सलाह देता ही नहीं दिखता। जानकार किसानों का मानना है कि तेज बारिश नहीं होने के कारण ही सोयाबीन फसल पर कीटों का हमला शुरु हो गया। यदि क्षेत्र में तेज बारिश हो जाती है तो फसल पर से कीटों का प्रकोप कम हो सकता है। इस समय क्षेत्र का किसान फसल कीटों से बचाने के लिये कीटनाशक दवाई का छिड़काव खेतों में कर रहे हैं।
Tuesday, July 8, 2008
पशुओं में फैली फरेला की बीमारी दो पशुओं की मौत
कृषक कमल सिंह का कहना है कि बरसात शुरु होने के पूर्व ही पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं में फरेला व गलघोंटू जैसी बीमारी न फैले इसके लिये टीके लगाये जाते हैं लेकिन इस वर्ष अभी तक इन बीमारी के टीके पशुओं को नहीं लगाये गये जिसका नतीजा यह हुआ कि नगर के विक्रम सिंह की एक केड़ी व धन सिंह का एक केड़ा की मौत हो गई। फरेला बीमारी से हो गई है । ज्ञात रहे कि इसके पहले भी ग्राम कजलास मालीपुरा परोलिया अतरालिया आदि गांवों में उक्त बीमारी से कई पशुओं की मौत हो चुकी है। किसानों का कहना है कि क्या पशु चिकित्सा विभाग पूरे क्षेत्र की बीमारी फैलने का इंतजार कर रहा है उसके बाद ही टीके लगाये जायेंगे।
मुख्यमंत्री शिवराज व प्रदेश शासन के 3 पुतले जले
सीहोर 7 जुलाई (नि.सं.)। इन्दौर में हुए दंगों और भाजपा द्वारा कराये गये भारत बंद के दौरान मचे उत्पात से पूरा प्रदेश झुलस गया। कहीं यादा तो कहीं कम आग हर जगह लगी। कहीं मारपीट तक मामला सिमट गया तो कहीं हत्या तक हो गई। ऐसे में अब कांग्र्रेस द्वारा विरोध शुरु हो गया है। आज इसी तारतम्य में युवक कांग्रेस, जिला कांग्रेस, ब्लाक कांग्रेस आदि विरोध स्वरुप पुतले जलाये, नारेबाजी की। आज पुलिस प्रशासन ने स्वयं आगे रहकर यहाँ मुख्यमंत्री का पुतला जलवाया। बहुत अधिक पुलिस बल कोतवाली चौराहा से लेकर टाकीज चौराहा और फिर जिलाधीश कार्यालय तक ऐसे लगा हुआ था कि मानों जैसे कोई बहुत बड़ा घटनाक्रम घटने वाला हो। फिर पुलिस ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर मुख्यमंत्री का पुतला जलवाया, पुतले पर युवकों ने लात-घुसे मारे पुलिस देखती रही और इस प्रकार आज कई पुतले जले।
म.प्र. की भ्रष्ट और निकम्मी भाजपा सरकार अब तानाशाही पर उतर आई है। इन्दौर में हिंसा रोकने में नाकाम भजपा सरकार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार कराया इसके विरोध में आज आक्रोशित युवा कांग्रेस एवं भाराछासं ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए स्थानीय सीहोर टॉकीज चौराहा पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला जलाया । इस अवसर पर हैण्डी क्राफ्ट बोर्ड के उपाध्यक्ष अक्षत कासट, कमलेश कटारे, राजकुमार जायसवाल, पार्षद आशीष गेहलोत, भाराछासं पंकज गुप्ता, हेमराज परमार, धर्मेन्द्र यादव, प्रदेश सचिव राजीव गुजराती, पार्षद हफीज चौधरी, रामदयाल परमार, सुरेश साबू, शमीम अहमद, इरफान बेल्डर, महेन्द्र सिंह मंकी, घनश्याम यादव, मो. राशिद मंसूरी, शाकिर अली, शहजाद लाला, प्रद्युम्न पटेल, डॉ.नंदलाल, मनोज यादव, सुनील यादव, चेतनधर, दीपक सेन, राहुल कोठारी, शंकर खरे, मुनव्वर मामू, वरुण शर्मा, राधेश्याम वर्मा, संदीप सिंह, मोनू विश्वकर्मा, मुकेश राठौर, अमजद खान, अभिषेक त्यागी, सुशील कचनेरिया, शाकिर सिध्दिकी, भूपेन्द्र बगवैया, राहुल सेन, संतोष परमार आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे। युकां जिलाध्यख राजकुमार जायसवाल ने बताया कि संगठन का निर्णय है कि भाजपा सरकार ने अपनी मनमानी बंद नहीं की तो जिला मुख्यालय के बाद तहसील मुख्यालय और सीहोर जिले के गांव-गांव में मुख्यमंत्री का पुतला जलाया जावेगा। श्री जायसवाल ने कहा प्रदेश में भाजपा का जनाधार लगातार कम हो रहा है भ्रष्टाचार फल फूल रहा है और भ्रष्टाचार की स्थिति अब चरम सीमा पर है। भाजपा की सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति की नियंत्रित नहीं कर पा रही है इसके कारण बौखला कर भाजपा सरकार प्रदेश में नफरत और आंतक फैलाने का प्रयास कर रही है। युकां और भारादासं के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आगे आंदोलन खड़ा करेंगे और गिरफ्तारी भी देंगे।
ब्लाक कांग्रेस ने भी फूंका
भाजपा सहित अन्य संगठनों द्वारा करये गये भारत बंद के दौरान इन्दौर में भड़की हिंसा में मारे गये लोगों के परिजनों को सांत्वना देने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेशाध्यक्ष सुरेश पचौरी, प्रदेश प्रभारी व्ही.नारायण सामी, अजय सिंह, राहुल भैया पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कांग्रेस सुभाष यादव सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इशारे पर इन्दौर जिला प्रशासन व पुलिस ने बलपूर्वक गिरफ्तार किया।
घटना से क्षुब्ध ब्लाक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर के कोतवाली चौराहे पर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति उत्तराधीमान, युवा नेता विनीत राठौर सहित समर्थकों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चोहान का पुतला फूंका।
पुतला फूंकने वालों में अन्नू चौहान, राजा ठाकुर, छोटे कुशवाह, जाेंटी, बंटी ठाकुर, हरिओम माहेश्वरी, सुनील धवरी, पूनमनाथ, अभिषेक शर्मा, शक्ति, अशोक वशिष्ट, विजय तिवारी, दिलीप राठौर, संजय शर्मा, विवेक राठौर, मनीष राठौर, राजू मालवीय, शंकर रैकवार, बंटी अग्रवाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
कटारे दल ने मुख्यमंत्री
का पुतला फूंका
जिला पंचायत के पूर्व सदस्य एवं कांग्रेस नेता कमलेश कटारे के नेतृत्व में कोतवाली चौराहा पर मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में इन्दौर में हुई हिंसा को रोकने में नाकाम रही म.प्र. सरकार के विरोध में श्री चौहान व उनके मंत्री मण्डल का पुतला दहन किया गया।
इस अवसर पर श्री कटारे ने कहा कि भारत बंद के दौरान इन्दौर में हुई घटनाओं में मृतकों के परिजनों एवं दंगे में पीड़ित व्यक्तियों एवं उनके परिवारों से मिलने एवं सहानुभूति प्रकट करने पहुँचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अजय सिंह, तुलसीराम सिलावट, सान सिंह वर्मा को पीढ़ित परिवारों से नहीं मिलने दिया कटारे ने रोष व्यक्त करते हुए कहा क िशांति पूर्वक जिला प्रशासन से मांग वरिष्ठ नेताओं द्वारा की गई। फिर भी भाजपा सरकार को नैतिक दोष के कारण जिला प्रशासन ने उक्त नेताओं को पास देने की बजाय गिरफ्तार कर लिया गया व भोपाल मे नेता प्रतिपख जमुना देवी व कांग्रेस प्रवक्ता मानक अग्रवाल के साथ की गई धक्का मुक्की व अभद्र व्यवहार किया एवं उन्हे गिरफ्तार कर लिया गया इसके विरोध में आज कांग्रेस नेताओं ने पुतला दहन किया। इस अवसर पर कमलेश कटारे, अक्षत कासट, दामोदर राय, रिंकु जायसवाल, पंकज गुप्ता, मूचलंद राठौर, ओम प्रकाश बाबा, राहुल पटेल, धनश्याम यादव, नंदलाल यादव, रामचन्द्र राठौर, हनीफ कुरैशी, पुरुषोत्तम यादव, राधेश्याम यादव, सादिक दिलावर, ढबलू, राशिद पेंटर, अतीक अहम, आशीष गेहलोत पार्षद, रफीक शाकिर, राजीव गुजराती, राहुल कोठारी, शमीम अहमद पार्षद आदि सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
तीर्थ यात्री आष्टा पधारे
जो पाप को गलाता है उसे मंगल कहते हैं मधुबाला जी, साध्वी मण्डल का भव्य नगर प्रवेश हुआ
पुरुषार्थ चार प्रकार के बताये हैं धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। उक्त उद्गार श्री महावीर भवन स्थानक में खचाखच भरे प्रवचन कक्ष में चातुर्मास हेतु मंगल प्रवेश कर पधारीं साध्वी जी म.सा. श्री मधुबाला जी ने अपने प्रथम उद्बोधन में कहे। महाराज साहब ने कहा कि आप सबकी भावना थी कि हम यहाँ आयें हम आ गये अब आपकी बारी है कि आप इस चातुर्मास में किस प्रकार ज्ञान, दर्शन, चरित्र तप की आराधना करके अपने जीवन को धन्य बनाते हैं एवं जीवन को नई दिशा की और ले जायें। महाराज साहब ने कहा कि चार प्रकार के ढेर लोहे का, चाँदी का, सोने का एवं हीरे का ढेर आपके सामने हैं आप किस प्रकार का ढेर प्राप्त करना चाहते हैं तय करें। आज प्रात: हकीमाबाद से मंगल बिहार कर साध्वी श्री मधुबाला जी, श्री चरित्र प्रभा जी एवं श्री सुनीता जी का इन्दौर नाके से आष्आ नगर में भव्य प्रवेश हुआ। मॉ अन्नपूर्णा मंदिर से जुलूस के रुप में साध्वी जी को विभिन्न मार्गों से होता हुआ चल समारोह महावीर भवन स्थानक पहुँचा यहाँ पर श्रावक दिलीप सुराना, सुशील संचेती, नगीन जैन, रविन्द्र रांका, पवन सुराना, कैलाश गोखरु, श्रीमति साधना रांका ने अपने भाव व्यक्त किये। सुनीता जी म.सा. ने भी अपने उद्बोधन में आज जैन किस तरह का जीवन जी रहा है के बारे में बताया। संचालन लोकेन्द्र बनवट ने तथा आभार अशोक देशलहरा ने व्यक्त किया। मंगल प्रवेश जुलूस में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे।
साध्वी जी का बकरी ने आखिर तक साथ नहीं छोड़ा
आष्टा। आज प्रात: श्रावक श्री नंदकिशोर बोहरा जी की झीन से जैसे ही साध्वी मंडल का नगर प्रवेश जुलूस प्रारंभ हुआ एक छोटी बकरी भी इस जुलूस में साथ हो गई, जो म.सा. के साथ चल रही थी इसे श्रावकों ने कई बार हटाया दूर छोड़ा लेकिन वो पुन: महाराज साहब के पास आकर साथ-साथ चलने लगी और अलीपुर से महावीर भवन तक साथ आई यहाँ पर जैसे ही साध्वी मंँडल ने महावीर भवन में प्रवेश किया उनके साथ उक्त बकरी ने भी महावीर भवन में प्रवेश किया और सीढ़ी चढ़कर वो म.सा. के साथ ऊपर प्रवचन कक्ष तक पहुँच गई बाद में बड़ी मुश्किल से उसे नीचे उतारा और बाहर छोड़ा। मंगल प्रवेश में उक्त घटना पर महाराज श्री ने कहा कि इसने पूर्व जनम में कोई शुभ कर्म किये होंगे जो आज इसे यह शुभ संयोग प्राप्त हुआ है।