गांजा प्रेमी कस्बा चौकी के पास सम्पर्क करें, पता मिल जायेगा, पीने वालों को मिलेगा पूरा संरक्षण
सीहोर 1 जुलाई (आनन्द)। जी हाँ खुले आम कस्बा पुलिस चौकी के विशेष संरक्षण और कोतवाली पुलिस के आशीर्वाद से आपको हर समय हर पल खुलकर गांजा मिल सकता है। गांजे की इस वर्ष दूसरी फसल कस्बा चौकी वालों के पास तैयार हो चुकी है यदि आप गांजा पीने के शौकीन हैं तो शीघ्र ही यहाँ पहुँच जाईये, कुछ खास पुलिस वालों से आपसी अंतरंग पहचान तो वह भी पता बता सकता है बल्कि आपको ले जाकर गांजा बेचने वाले से दिलवा भी सकता है। अथवा यहाँ किसी भी गंजेड़ी से आप पता कर सकते हैं कि वो गांजे उगाने वाला कौन है आपको पता चल जायेगा कि वो किस मंदिर के पास रहता है। किस प्रकार एक पूर्व कोतवाली थाना प्रभारी के संरक्षण का फायदा उठाकर यहाँ गांजे की फसल घर के अंदर तैयार की जाने लगी पढ़िये एक खोज खबर।
कस्बा क्षेत्र में यूँ तो एक विशेष पुलिस अधिकारी की लम्बी सांठ-गांठ और उसकी अधिकारियों से अच्छी सेटिंग के कारण गांजा, अफीम, ब्राउन शुगर के लिये मशहूर है ही। जहाँ ब्राउन शुगर बनाने की कला जानने वालों से लेकर बेचने वाले सर्वसुलभ हैं वहीं अब सरे आम गांजा उगाने की सुविधाएं भी पुलिस प्रशासन ने मुहैया करवा दी है। इसके लिये आपको बहुत कम रुपये देकर भी आसानी से पुलिस का संरक्षण प्राप्त हो सकता है और उसके बाद चाहे जितना गांजा बेचें आपको कोई कहने, सुनने, टोकने वाला नहीं मिलेगा।
असल में पूर्व थाना प्रभारी कोतवाली को एक नहीं दो नहीं बल्कि 3-3 बार नगर के कुछ सम्मानीय लोगों ने इस तरह खुले आम गांजा उगाने वालें की जानकारी दी थी और मकान का नक्शा तक वह लोग समझाकर आये कि किस जगह पर गांजा उग रहा है लेकिन उस्ताद थाना प्रभारी ने बड़ी ही चालाकी से इन लोगों को टाल दिया और अपराधों के संरक्षक इस थाना प्रभारी ने इस गांजा बेचने वाले का संरक्षण बढ़ा दिया। तीसरे ही दिन गांजा बेचने के यहाँ कोतवाली के दो सिपाही आये और उन्होने साहब से सेटिंग करने की जानकारी दी और अपना हिसाब-किताब निपटाकर चलते बने। तब से लगातार गांजा बेचने वाले को संरक्षण पुलिस द्वारा दिया जा रहा है।
हालांकि अभी नये थाना प्रभारी आये हैं संभवत: उन्हे इस प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं है लेकिन इस बीच अब गांजा बेचने वाले से कस्बा पुलिस अपनी सेटिंग कर रही है।
गांजा बेचने वाले ने अपने घर में ढेर सारे गांजे के पेड़ उगा रखे हैं। यूँ गांजा जब फलता फूलता है तब ही इसकी खूशबू फैलती है वरना आराम से पत्तियाँ उपयोग की जाती रहती हैं। दिनभर इसके घर से यह खुद गांजे की पत्तियाँ उपलब्ध कराता रहता है। कस्बा पुलिस चौकी के पास चल रहे इस गोरख धंधे से और पुलिस से गांजे वाले की तगड़ी सेटिंग के चलते जहाँ गांजा पीने वालों को भी कोई परेशानी नहीं आती क्योंकि वह खुले आम खरीद सकते हैं और पी सकते हैं वहीं अब गांजे की दूसरी ताजा फसल तैयार हो गई हैं। पिछले वर्ष जो इसने पौधे उगाये थे उनके स्थान पर अब नये पौधे उगाये हैं जो अच्छे फल-फूल रहे हैं और काम भी आने लगे हैं।
तो फिर नगर के अनेक गंजेड़ी अब चाहें तो कस्बा पुलिस चौकी के पास इस गांजा बेचने वाले के यहाँ से ताजा माल प्राप्त कर सकते हैं। यह सबसे सुरक्षित स्थान है, माल का दाम भी उचित रहता है और पुलिस का संरक्षण भी मिलता है। अब गांजा पीने वालों को इधर-उधर भटकने की जरुरत नहीं है। शायद पुलिस का संरक्षण यही संदेश भी देना चाहता है।
कस्बा चौकी चौराहे पर खुले आम चलने वाली इस चर्चा से यदि पुलिस इत्तेफाक नहीं रखती तो फिर देखते हैं कि क्या वह गांजा उगाने वालों को धर दबोचती है क्योंकि यह परम सत्य है कि चौकी के पास ही इस गांजा उगाने वाले ने गांजा उगा रखा है और दिन रात वह धंधा कर रहा है क्या यह संभव है कि 2 साल से कस्बा चौकी को इसकी जानकारी न हो ? और फिर वो पुलिस वाले जो आये दिन इसके घर पर इससे बातचीत करते दिखते हैं वह भी क्या अनभिज्ञ हैं तो इस अपराधी के यहाँ क्यों आते रहते हैं ? और क्यों अक्सर कुछ रुपये लेकर चले जाते हैं। पुलिस चौकी चौराहे पर हर किसी को मालूम हैं गंजेड़ी का यह घर कस्बा चौकी के पास किस मंदिर से लगा हुआ है।
Wednesday, July 2, 2008
खूनी संघर्ष : 2 मृत, 5 घायल
सीहोर 1 जुलाई (नि.सं.)। मण्डी थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम मनाखेड़ा में आज सुबह दूध लेने के विवाद के साथ दो पक्षों में हुए सशस्त्र संघर्ष में दो लोगों की हत्या कर दी गई वहीं पाँच ग्रामीण घायल हो गये हैं। जिन्हे भोपाल व सीहोर अस्पताल में उपचार के लिये भर्ती कराया गया है। एक पक्ष के आरोपी सप्ताह भर पहले ही एक हत्या के मामले में जेल से आये हैं।
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार मण्डी थाना अन्तर्गत लगभग 17 किलो मीटर दूर स्थित ग्राम मनाखेड़ा में समद खां के घर के सामने आज सुबह 6 बजे एक ही समुदाय के दो गुटों के लगभग दो दर्जन लोगों ने घातक हथियारों से लेस होकर दूध लेने की बात को लेकर कहा सुनी करते हुए मारपीट शुरु कर दी।
सुबह एक व्यक्ति अपने डबरे में दूध रखने गया था और जब वह वापस आया तो उसके साथ यह घटना शुरु हुई।
जिसमें याकूब खां पुत्र रसीद खां उम्र 45 वर्ष तथा दूसरे पक्ष के इकबाल खां पुत्र नसीर खां उम्र 30 वर्ष की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई। तथा हमीद खां, इकबाल खां, खालीद खां एवं दूसरे पक्ष के इनायत खां, सलाम खां घायल हो गये। इन्हे सीहोर अस्पताल में उपचार के लिये भर्ती कराया गया है। जबकि हमीद खां को प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल हमीदिया भेजा गया है।
बताया जाता है कि रकीब खां व इनका परिवार पुराना झगड़ा हमीद खां व उसके परिवार से है। बिजली की लाईन खेत पर लाने को लेकर विवाद था जो वर्षों से चल रहा है और न्यायालय तक जा पहुँचा था। इसी पुरानी रंजिश के कारण आज सुबह जब रकीब खां अपना दूध लेकर जा रहा था तो उसका दूध मेहबूब खां लेने लगा जबकि लेना हमीद खां को था इनका विवाद हुआ लेकिन पहले पहल तो समझा दिया गया और रकीब खां दूध लेकर चला गया। लेकिन जब वह वापस गांव लौटा तो यह घटना घटित हो गई।
पुलिस ने फरियादी मेहबूब खां की शिकायत पर इकबाल खां, याकूब खां, रऊफ खां, हमीद खाँ, अमीर खाँ, शब्बीर खाँ, लुकमान खाँ, युसुफ खां, नियामत खां, हियासत खां, जमीर खां एवं खालीद तथा दूसरे पक्ष के फरियादी जमीर खां की शिकायत पर इरफान खां, हमीद, इकबाल, बिलाल, सलमान, मेहबूब, सलाम, नफीस, नियाज मोहम्मद, रिहान खां के विरुध्द बलवा सहित हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
सूत्रों का कहना है कि रऊफ पुत्र मजीद खां व इकबाल पुत्र मजीद खां दोनो आज से करीब 4-5 साल पूर्व कालापीपल खजूरी के पास एक गोली काण्ड के आरोपी हैं जिन्हे न्यायालय ने 10 साल की सजा सुनाई थी और यह सप्ताह भर पहले ही किसी अर्जी के आधार पर जेल से छूटकर गांव आये थे और इस नये घटनाक्रम के आरोपी बन बैठे। आरोपियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार मण्डी थाना अन्तर्गत लगभग 17 किलो मीटर दूर स्थित ग्राम मनाखेड़ा में समद खां के घर के सामने आज सुबह 6 बजे एक ही समुदाय के दो गुटों के लगभग दो दर्जन लोगों ने घातक हथियारों से लेस होकर दूध लेने की बात को लेकर कहा सुनी करते हुए मारपीट शुरु कर दी।
सुबह एक व्यक्ति अपने डबरे में दूध रखने गया था और जब वह वापस आया तो उसके साथ यह घटना शुरु हुई।
जिसमें याकूब खां पुत्र रसीद खां उम्र 45 वर्ष तथा दूसरे पक्ष के इकबाल खां पुत्र नसीर खां उम्र 30 वर्ष की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई। तथा हमीद खां, इकबाल खां, खालीद खां एवं दूसरे पक्ष के इनायत खां, सलाम खां घायल हो गये। इन्हे सीहोर अस्पताल में उपचार के लिये भर्ती कराया गया है। जबकि हमीद खां को प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल हमीदिया भेजा गया है।
बताया जाता है कि रकीब खां व इनका परिवार पुराना झगड़ा हमीद खां व उसके परिवार से है। बिजली की लाईन खेत पर लाने को लेकर विवाद था जो वर्षों से चल रहा है और न्यायालय तक जा पहुँचा था। इसी पुरानी रंजिश के कारण आज सुबह जब रकीब खां अपना दूध लेकर जा रहा था तो उसका दूध मेहबूब खां लेने लगा जबकि लेना हमीद खां को था इनका विवाद हुआ लेकिन पहले पहल तो समझा दिया गया और रकीब खां दूध लेकर चला गया। लेकिन जब वह वापस गांव लौटा तो यह घटना घटित हो गई।
पुलिस ने फरियादी मेहबूब खां की शिकायत पर इकबाल खां, याकूब खां, रऊफ खां, हमीद खाँ, अमीर खाँ, शब्बीर खाँ, लुकमान खाँ, युसुफ खां, नियामत खां, हियासत खां, जमीर खां एवं खालीद तथा दूसरे पक्ष के फरियादी जमीर खां की शिकायत पर इरफान खां, हमीद, इकबाल, बिलाल, सलमान, मेहबूब, सलाम, नफीस, नियाज मोहम्मद, रिहान खां के विरुध्द बलवा सहित हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
सूत्रों का कहना है कि रऊफ पुत्र मजीद खां व इकबाल पुत्र मजीद खां दोनो आज से करीब 4-5 साल पूर्व कालापीपल खजूरी के पास एक गोली काण्ड के आरोपी हैं जिन्हे न्यायालय ने 10 साल की सजा सुनाई थी और यह सप्ताह भर पहले ही किसी अर्जी के आधार पर जेल से छूटकर गांव आये थे और इस नये घटनाक्रम के आरोपी बन बैठे। आरोपियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
जय भारत पेट्रोल पंप पर नहीं दिया जाता है सादा पेट्रोल
आष्टा 1 जुलाई (नि.प्र.)। आष्टा में स्थित जय भारत पेट्रोल पंप पर इन दिनों आने वाले उपभोक्ताओं को सादा पेट्रोल होते हुए भी देने से इंकार कर उन्हे एक्स्ट्रा माइल महंगा पेट्रोल लेने के लिये बाध्य किया जाता है। जो सादा पेट्रोल है वो लगभग 55 रुपये प्रति लीटर है तथा एक्स्ट्रा वाला पेट्रोल 59 रुपये लीटर है सादा पेट्रोल ना देकर उपभोक्ताओं को तरह-तरह के कारण बता कर उन्हे महंगा पेट्रोल लेने के लिये बाध्य करने के पीछे एक सोची समझी रणनीति आईल कम्पनी एवं पेट्रोल पंप वालों की है। परेशान उपभोक्ताओं ने स्थानीय प्रशासन खाद्य अधिकारी से मांग की है कि पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं के साथ जो कुछ किया जा रहा है उसे रोका जाये नहीं तो उच्च स्तर पर शिकायतें की जायेगी। जय भारत पेट्रोल पंप अक्सर सादे पेट्रोल की मशीन ही खराब क्यों रहती है इसकी भी जांच होना चाहिये।
जली महिला का गुपचुप इलाज करने वाला डाक्टर भाग गया
आष्टा 1 जुलाई (नि.प्र.)। 3 दिन पूर्व ग्राम लसूड़िया पार में ससुराल वालों ने जिस अपनी बहु को घांसलेट डालकर जलाया था तथा गुपचुप रुप कर कारण अन्य बताकर जिस ग्रामीण चिकित्सक ने उस जली महिला का इलाज किया था वो अब अपना क्लिनिक बंद कर ग्राम से भगा गया है। इस बात की पुष्टि बीएमओ रामचन्द्र गुप्ता ने फुरसत से चर्चा करते हुए की।
कल जब फुरसत ने श्री गुप्ता से पूछा था कि क्या उक्त डाक्टर असली है या नकली तो गुप्ता ने बताया था कि वो बीएमएस डाक्टर है लेकिन आज गुप्ता ने पलटते हुए कहा कि कल मैने उक्त डाक्टर की जांच के लिये डॉ चतुर्वेदी को लसूड़िया पार भेजा था जो फरार हो गया है और उक्त डाक्टर बीएमएस भी नहीं है तो क्या कार्यवाही कर रहे हैं। इस पर श्री गुप्ता ने कहा अगर हमें जांच एवं कार्यवाही के लिये कहा जायेगा तो हम करेंगे। अगर उक्त डाक्टर बीएमएस नहीं है तो फिर वो इतने लम्बे समय तक स्वास्थ्य विभाग की निगाह में क्यों नहीं आया क्या विभाग उस पर मेहरबान था।
कल जब फुरसत ने श्री गुप्ता से पूछा था कि क्या उक्त डाक्टर असली है या नकली तो गुप्ता ने बताया था कि वो बीएमएस डाक्टर है लेकिन आज गुप्ता ने पलटते हुए कहा कि कल मैने उक्त डाक्टर की जांच के लिये डॉ चतुर्वेदी को लसूड़िया पार भेजा था जो फरार हो गया है और उक्त डाक्टर बीएमएस भी नहीं है तो क्या कार्यवाही कर रहे हैं। इस पर श्री गुप्ता ने कहा अगर हमें जांच एवं कार्यवाही के लिये कहा जायेगा तो हम करेंगे। अगर उक्त डाक्टर बीएमएस नहीं है तो फिर वो इतने लम्बे समय तक स्वास्थ्य विभाग की निगाह में क्यों नहीं आया क्या विभाग उस पर मेहरबान था।
किसान अधिक मूल्य नहीं चुकाएं एन.पी.के खाद में सब्सिडी बढ़ी
सीहोर 1 जुलाई (नि.सं.)। इफको प्रबंधक एस.के. चौहान ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संयुक्त खाद को बढावा देने के उद्देश्य से एन.पी.के. उर्वरकों में सब्सिडी बढा दी गई है और प्रति बोरी विय दर निर्धारित की गई हैं। किसानों को चाहिए कि वे एन.पी.के. खाद निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर य नहीं करें। इस सिलसिले में म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ भोपाल द्वारा सभी जिला विपणन अधिकारी और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के समस्त प्रबंध संचालक महाप्रबंधक प्रबंधक को पत्र लिखकर उर्वरकों की पुनरीक्षित विय दर से अवगत करा दिया गया है।
इफको प्रबंधक श्री चौहान ने एक जानकारी में बताया कि एन.पी.के. 12:32:16 का प्रति बोरी मूल्य 397.12 रूपये निर्धारित है। इसी प्रकार एन.पी.के.10:26:26 का प्रति बोरी मूल्य 374.24 और एन.पी.के. 20:20:0:13 का प्रति बोरी मूल्य 327.34 रूपये निर्धारित है। श्री चौहान ने किसानों से अपील की है कि किसान निर्धारित मूल्य पर ही एन.पी.के. उर्वरक खरीदें।
इफको प्रबंधक श्री चौहान ने एक जानकारी में बताया कि एन.पी.के. 12:32:16 का प्रति बोरी मूल्य 397.12 रूपये निर्धारित है। इसी प्रकार एन.पी.के.10:26:26 का प्रति बोरी मूल्य 374.24 और एन.पी.के. 20:20:0:13 का प्रति बोरी मूल्य 327.34 रूपये निर्धारित है। श्री चौहान ने किसानों से अपील की है कि किसान निर्धारित मूल्य पर ही एन.पी.के. उर्वरक खरीदें।
महाविद्यालय भवन पर पथराव खिड़कियों के कांच फोड़े
आष्टा 1 जुलाई (नि.प्र.)। कल आष्टा के शासकिय महाविद्यालय के भवन पर आंदोलन कारियों द्वारा पथराव किये जाने से महाविद्यालय भवन की खिड़कियों के कांच फूट गये हैं। स्मरण रहे इन दिनों विभिन्न मांगों को लेकर भाराछासं द्वारा आंदोलन किया जा रहा है तथा महाविद्यालय बंद किया गया है। जो छात्र-छात्राएं प्रवेश के लिये या अन्य कार्यों के लिये अंदर जाते हैं उन्हे रोका जा रहा है और महाविद्यालय परिसर में एवं बाहर तनाव का वातावरण बना हुआ है।
पुलिस वैसे तो बाहर लगी है लेकिन व्यवस्था तब भी बिगड़ी है। प्राचार्य श्री मोदी ने फुरसत को बताया कि कल पथराव करने की लिखित में पुलिस को सूचना की थी उसके बाद पुलिस आ गई थी। स्थानीय प्रशासन को महाविद्यालय छात्र संघ के चुनाव तक अब विशेष रुप से सक्रिय और सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि कोई अप्रिय स्थिति ना बन सके।
पुलिस वैसे तो बाहर लगी है लेकिन व्यवस्था तब भी बिगड़ी है। प्राचार्य श्री मोदी ने फुरसत को बताया कि कल पथराव करने की लिखित में पुलिस को सूचना की थी उसके बाद पुलिस आ गई थी। स्थानीय प्रशासन को महाविद्यालय छात्र संघ के चुनाव तक अब विशेष रुप से सक्रिय और सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि कोई अप्रिय स्थिति ना बन सके।
तेल दाल चावल के बाद मंहगाई की मार अब बरसाती, छतरी, कपड़ों पर
आष्टा 1 जुलाई (नि.प्र.)। लगातार मंहगाई की मार झेल रहा खाद्य बाजार के बाद अब मंहगाई का असर अन्य वस्तुओं पर नजर आने लगा है। कुछ दिनों पूर्व केन्द्र सरकार ने पेट्रोल डीजल गैस पर जो मूल्य वृध्दि की उसका असर अब कपड़ा बाजार, बरसाती एवं छतरियों पर नजर आने लगा है। आष्टा में बरसाती एवं छतरी का थोक एवं खेरची व्यापार करने वाले महेन्द्र जैन (श्री मोढ़) ने फुरसत से चर्चा में बताया कि जो अचानक तेजी इस वर्ष छतरी और बरसाती पर आई है वो पहले कभी नहीं आई थी जैन इस तेजी के पीछे पेट्रोल-डीजल के भावों में जो केन्द्र सरकार ने वृध्दि की उसे प्रमुख कारण मानते हैं। श्री जैन ने बताया कि 8 तान की छतरी में 8 से 10 रुपये की एवं 12 तान की छतरी में 15 से 20 रुपये की तेजी आ गई है वहीं बरसात में गरीब के घर की छत जो टपकती है उसे वो बरसाती से ढकता है लेकिन इस बार घरों को ढंकना मंहगा पड़ रहा है क्योंकि बरसाती की कीमतों में 10 से 20 रुपये की तेजी आ गई है। इसी प्रकार जो छोटी थैली या प्लास्टिक की थेली आती है उनके भावों में 20 से 25 रुपये किलो की तुफानी तेजी आ गई है। कपड़ा बाजार में भी तेजी का रुख बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार साड़ियों में 5 से 10 रुपये की वृध्दि एवं काटन कपड़े में 2 से 5 रुपये की तेजी आई ऐसा कपड़ा व्यापारी बता रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार साड़ियों में 5 से 10 रुपये की वृध्दि एवं काटन कपड़े में 2 से 5 रुपये की तेजी आई ऐसा कपड़ा व्यापारी बता रहे हैं।
टाकीज चौराहा पर नाली खोदने से नाराज जनता ने किया चक्काजाम
सीहोर 1जुलाई (नि.सं.)। नगर के व्यस्तम मार्ग लीसा टाकिज चौराहा की पर नगर पालिका परिषद द्वारा विगत दिनों नाला साफ कराने के उद्देश्य से चोराह की रोड की खुदाई की गई आज 5 दिन होने के बाद भी उक्त नाले की ना तो सफाई की गई न ही किसी प्रकार का पुलिया निर्माण किया गया। जिसके चलते शहर की जनता को आवागमन मे काफी परेशनियों को सामना करना पड रहा है। तथा कई लोग उक्त खुदे नाले मे वाहन समेत गिर चुके है।
जनता मे इस बात का नगर पालिका के खिलाफ तब बड़ा जब 2-4 पाहीया वाहन के नीकलने के समय शहर का मुख्य मार्ग मैन रोड अवरुध्द हो गया तथा वाहन मालिकों में झंगडा भी हुआ चोराह पर उपस्थित आम ने इस बात को लेकर मैन रोड लीसा टाकिज चौराहे पर चक्का जाम लगभग आधा धन्टा तक किया।
चक्का जाम करने वालों में प्रमुख रूप से दिनेश चावड़ा, विनोद यादव, चन्द्र शेखर नामदेव, सुधीर सोनी, अशीष विश्वकर्मा, देवेन्द्र सेंगर, पप्पू गांधी, कमल प्रजापति, महेश राठौर, मोन्टू गांधी, निक्की छाबड़ा, धीरज खत्री, जितेन्द्र गोस्वामी, नीरू नाना पानवाला, शादीलाल पानवाला, आदि भरी संख्या मे आम जनता उपस्थित थी। तथा मार्ग को बेरीयर लगाकर चक्का जाम किया गया।
जनता मे इस बात का नगर पालिका के खिलाफ तब बड़ा जब 2-4 पाहीया वाहन के नीकलने के समय शहर का मुख्य मार्ग मैन रोड अवरुध्द हो गया तथा वाहन मालिकों में झंगडा भी हुआ चोराह पर उपस्थित आम ने इस बात को लेकर मैन रोड लीसा टाकिज चौराहे पर चक्का जाम लगभग आधा धन्टा तक किया।
चक्का जाम करने वालों में प्रमुख रूप से दिनेश चावड़ा, विनोद यादव, चन्द्र शेखर नामदेव, सुधीर सोनी, अशीष विश्वकर्मा, देवेन्द्र सेंगर, पप्पू गांधी, कमल प्रजापति, महेश राठौर, मोन्टू गांधी, निक्की छाबड़ा, धीरज खत्री, जितेन्द्र गोस्वामी, नीरू नाना पानवाला, शादीलाल पानवाला, आदि भरी संख्या मे आम जनता उपस्थित थी। तथा मार्ग को बेरीयर लगाकर चक्का जाम किया गया।
तहसील के सामने केन्द्र सरकार का पुतला जलाया
आष्टा 1 जुलाई (नि.प्र.)। भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ ने केन्द्र सरकार द्वारा बेतहशा बढती मंहगाई के खिलाफ आष्टा तहसील कार्यालय के सामने केन्द्र सरकार का रावण रूपी पुतला दहन किया। जिसमें प्रधानमंत्री मर्दाबाद सोनिया गांधी मुर्दाबाद केन्द्र सरकार मुर्दाबाद के नारे लगे।
भाजपा पिछड़ा वर्ग के नगर अध्यक्ष राकेश कुशवाह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर केन्द्र रीति नितियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया और खुब नारेबाजी की। राकेश कुशवाह ने संबोधित करते बताया कि केन्द्र सरकार ने रावणीरूप कवच धारण कर लिया है। केन्द्र मे बैठी भ्रष्ट कांग्रेस सरकार भष्टाचार मे लिप्त हो चुकी है जिसका सामना आम जनता को करना पड़ रहा है। मंहगाई के कारण सभी वर्ग गरीब जनता व्यापारी उधोगपतियों की कमर तोड दी है जिससे देश मे बैरोजगारी एवं भूखमरी बढती जा रही है। केन्द्र सरकार महंगाई को रोकने में असफल हुई है।
अत: मुद्रास्फिति के दिनोदिन बढने के कारण भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के सभी कार्यकर्ताओं ने अपना आक्रोश व्यक्त किया। जिसमे मोती लालजी परमार, सुनील राठौर, सुनील प्रजापति, कुमेरसिंह भाटी, जितेन्द्र कुशवाह, राजू कुशवाह, राकेश नायक, उपेश राठौर, रवि विश्वकर्मा, रोहित सोनी, विरेन्द्र जसमत, प्रकाश कुशवाह, सुरेन्द्र मेवाड़ा, दीपक कुशवाह, गोपाल सेनेट्री,एलकार राजपूत, जितेन्द्र राजपूत, राकेश साहु, संतोष जयसवाल, रम्बू कुशवाह, ऐलकार राजपूत, राहुल वर्मा, लखन वर्मा, मुकेश कुशवाह, कैलाश बगाना, अंकित तिवारी, प्रकाश कुशवाह, आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कार्यकर्ता का आभार उपाध्यक्ष सुरेन्द्र मेवाड़ा ने व्यक्त किया।
भाजपा पिछड़ा वर्ग के नगर अध्यक्ष राकेश कुशवाह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर केन्द्र रीति नितियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया और खुब नारेबाजी की। राकेश कुशवाह ने संबोधित करते बताया कि केन्द्र सरकार ने रावणीरूप कवच धारण कर लिया है। केन्द्र मे बैठी भ्रष्ट कांग्रेस सरकार भष्टाचार मे लिप्त हो चुकी है जिसका सामना आम जनता को करना पड़ रहा है। मंहगाई के कारण सभी वर्ग गरीब जनता व्यापारी उधोगपतियों की कमर तोड दी है जिससे देश मे बैरोजगारी एवं भूखमरी बढती जा रही है। केन्द्र सरकार महंगाई को रोकने में असफल हुई है।
अत: मुद्रास्फिति के दिनोदिन बढने के कारण भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के सभी कार्यकर्ताओं ने अपना आक्रोश व्यक्त किया। जिसमे मोती लालजी परमार, सुनील राठौर, सुनील प्रजापति, कुमेरसिंह भाटी, जितेन्द्र कुशवाह, राजू कुशवाह, राकेश नायक, उपेश राठौर, रवि विश्वकर्मा, रोहित सोनी, विरेन्द्र जसमत, प्रकाश कुशवाह, सुरेन्द्र मेवाड़ा, दीपक कुशवाह, गोपाल सेनेट्री,एलकार राजपूत, जितेन्द्र राजपूत, राकेश साहु, संतोष जयसवाल, रम्बू कुशवाह, ऐलकार राजपूत, राहुल वर्मा, लखन वर्मा, मुकेश कुशवाह, कैलाश बगाना, अंकित तिवारी, प्रकाश कुशवाह, आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कार्यकर्ता का आभार उपाध्यक्ष सुरेन्द्र मेवाड़ा ने व्यक्त किया।
Tuesday, July 1, 2008
एक जीप फोड़ दी, कईयों को लौटा दिया बीमार को अस्पताल ला रही जीप के कांच फोडे
सीहोर 30 जून (नि.सं.)। दो दिन से यात्री वाहनों की प्रदेश व्यापी हड़ताल का असर सीहोर में भी देखने को तो मिल रहा है लेकिन कुछ विशेष समस्याएं भी आ खड़ी हुई हैं। यहाँ आज यात्री सेवाओं से जुड़े चालक-परिचालकों ने एक रोगी को लेकर आई जीप के कांच फोड़ दिये और मारपीट भी की।
आज सुबह करीब 11 बजे एक जीप में एक ग्राम के ग्रामीणजन सवार होकर सीहोर आ रहे थे। इन्दौर नाके पर खड़े चालक-परिचालकों ने इस वाहन को रोका और अचानक लड़ाई करने को उतारु हो गये। जब इन्हे वाहन चालक ने बताया कि भैया मरीज को लेकर सीहोर अस्पताल आया है, सवारी नहीं मरीज है तब भी इन्दौर नाके पर खड़े इन ड्रायवर-कंडेक्टरों ने नहीं माना और सीधे लट्ठ मार-मारकर जीप के कांच फोड़ दिये। इस पर वाहन चालक अपना वाहन सीधे जिलाधीश कार्यालय ले गया जहाँ से शिकायत सुनकर कहा गया कि आप पुलिस में शिकायत करें इसके बाद जीप कोतवाली थाने पहुँची। पुलिस ने भी इस पर कार्यवाही करते हुए इन्दौर नाका जाकर घटना स्थल देखा। इसके बाद मरीज को जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया।
आज सुबह करीब 11 बजे एक जीप में एक ग्राम के ग्रामीणजन सवार होकर सीहोर आ रहे थे। इन्दौर नाके पर खड़े चालक-परिचालकों ने इस वाहन को रोका और अचानक लड़ाई करने को उतारु हो गये। जब इन्हे वाहन चालक ने बताया कि भैया मरीज को लेकर सीहोर अस्पताल आया है, सवारी नहीं मरीज है तब भी इन्दौर नाके पर खड़े इन ड्रायवर-कंडेक्टरों ने नहीं माना और सीधे लट्ठ मार-मारकर जीप के कांच फोड़ दिये। इस पर वाहन चालक अपना वाहन सीधे जिलाधीश कार्यालय ले गया जहाँ से शिकायत सुनकर कहा गया कि आप पुलिस में शिकायत करें इसके बाद जीप कोतवाली थाने पहुँची। पुलिस ने भी इस पर कार्यवाही करते हुए इन्दौर नाका जाकर घटना स्थल देखा। इसके बाद मरीज को जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया।
आपात कालीन सेवा में बैठे चिकित्सक एमटीवी देख रहे
सीहोर 30 जून (नि.सं.)। जिला चिकित्सालय में चिकित्सक अपनी सेवा से परहेज कर रहे हैं और आपात सेवा में बैठने की बजाय अंदर टीवी देखते हैं यह तरीका ठीक नहीं है। इससे मरीजों को खासी परेशानी होती है।
भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य और सांसद प्रतिनिधि भाजपा नेता ओम शर्मा ने फुरसत को बताया कि सायं काल 4 बजे बाद आपात कालीन सेवा में उपलब्ध रहने वाले एक चिकित्सक की कारगुजारी ठीक प्रतीत होती। दो दिन पूर्व जब इन्हे दिखाने के लिये मरीज बाहर लाईन लगाकर खड़े थे तब यह आपात सेवा में भी अंदर वातानुकूलित यंत्र का मजा उठा रहे थे और आराम से एम टीवी देख रहे थे। बाहर मरीज परेशान हो रहे हैं और यह चिकित्सक एम टीवी देख रहे हैं इन्हे शर्म आनी चाहिये। श्री शर्मा ने कहा कि चिकित्सक को अपना सेवा धर्म निभाना चाहिये यदि एम टीवी देखना यादा ही शोक है तो वह घर जाकर देखें और यदि घर में देखने में दिक्कत आती है तो कोई और व्यवस्था तलाशें लेकिन अस्पताल को दूषित न करें। यहाँ अनेक तरह के मरीज आते हैं।
श्री शर्मा ने चिकित्सक का नाम न बताते हुए सिर्फ आगाह किया है कि चिकित्सक अपने कर्तव्य की तरफ ध्यान दें। अन्यथा किसी भी दिन कोई बड़ा बखेड़ा खड़ा हो सकता है।
भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य और सांसद प्रतिनिधि भाजपा नेता ओम शर्मा ने फुरसत को बताया कि सायं काल 4 बजे बाद आपात कालीन सेवा में उपलब्ध रहने वाले एक चिकित्सक की कारगुजारी ठीक प्रतीत होती। दो दिन पूर्व जब इन्हे दिखाने के लिये मरीज बाहर लाईन लगाकर खड़े थे तब यह आपात सेवा में भी अंदर वातानुकूलित यंत्र का मजा उठा रहे थे और आराम से एम टीवी देख रहे थे। बाहर मरीज परेशान हो रहे हैं और यह चिकित्सक एम टीवी देख रहे हैं इन्हे शर्म आनी चाहिये। श्री शर्मा ने कहा कि चिकित्सक को अपना सेवा धर्म निभाना चाहिये यदि एम टीवी देखना यादा ही शोक है तो वह घर जाकर देखें और यदि घर में देखने में दिक्कत आती है तो कोई और व्यवस्था तलाशें लेकिन अस्पताल को दूषित न करें। यहाँ अनेक तरह के मरीज आते हैं।
श्री शर्मा ने चिकित्सक का नाम न बताते हुए सिर्फ आगाह किया है कि चिकित्सक अपने कर्तव्य की तरफ ध्यान दें। अन्यथा किसी भी दिन कोई बड़ा बखेड़ा खड़ा हो सकता है।
पन्नानाथ ने नागिन पकड़ी
सीहोर 30 जून (नि.सं.)। क्षेत्र के प्रसिध्द सपेरे पन्नानाथ ग्राम नापली ने कल सीहोर में एक घर में घुस आई डेढ़ हाथ की बड़ी नागिन को पकड़ा है।
जानकारी के अनुसार चाणक्यपुरी निवासी पदम कुमार जैन के निवास पर कल एक नागिन ने प्रवेश कर लिया था। इसकी सूचना श्री जैन ने जब पन्नानाथ को दी तो पन्नानाथ ने आकर अपने हुनर से इस नागिन को बस में कर लिया और पकड़ लिया। इन दिनों बरसात के दौरान अनेक स्थानों पर सांप निकल रहे हैं, पन्नानाथ ने सभी से निवेदन किया है कि वह नाग देवता को मारे नहीं बल्कि उन्हे पकड़वा दें। नाग देवता को जब तक छेड़ा नहीं जाता वह किसी को परेशान नहीं करते।
जानकारी के अनुसार चाणक्यपुरी निवासी पदम कुमार जैन के निवास पर कल एक नागिन ने प्रवेश कर लिया था। इसकी सूचना श्री जैन ने जब पन्नानाथ को दी तो पन्नानाथ ने आकर अपने हुनर से इस नागिन को बस में कर लिया और पकड़ लिया। इन दिनों बरसात के दौरान अनेक स्थानों पर सांप निकल रहे हैं, पन्नानाथ ने सभी से निवेदन किया है कि वह नाग देवता को मारे नहीं बल्कि उन्हे पकड़वा दें। नाग देवता को जब तक छेड़ा नहीं जाता वह किसी को परेशान नहीं करते।
साहब ने नहीं लिया गुलदस्ता, अब क्या होगा बेचारों का...
सीहोर 30 जून (नि.सं.)। किसी भी प्रशासनिक अधिकारी की चमचागिरी में माहिर और घुटने-घुटने तक उनके आगे झुके रहने वाले कुछ ऐय्यार तो ऐसे हैं कि जो भी अधिकारी नया आता है उसके पास किसी भी बहाने से पहुँच ही जाते हैं और फिर चमचागिरी की वह मिसाल पेश करते हैं कि अधिकारी जरा-भी कमजोर दिल का हो, अनुभवहीन हो तो समझ लो गया बेचारा। और उसके बाद ऐसे ऐय्यार उस अधिकारी के नाम का दोहन कर-कर करके क्या-क्या मजे लेते हैं यह किसी से छुपा नहीं है। ऐसे ऐय्यारों से सीहोर नगर पिछले एक दशक से खासा पीड़ित है।
कल ही एक नेताजी शाम हाथ मे एक बड़ा-सा गुलदस्ता लेकर जिलाधीश निवास की तरफ जाते दिखे। उन्होने जिलाधीश निवास पर पहुँचकर संदेशा भिजवाया कि बस भेंट करके गुलदस्ता देना है और सीहोर पधारने पर स्वागत करना है...। संदेश वाहक संदेशा लेकर भी गया। पर यह क्या उन्हे उचित जबाव जो मिला वह यह था कि यदि मिलना ही है तो कृपया कल कार्यालयीन समय पर आयें, यह निवास है यहाँ कोई मेल-मुलाकात नहीं होती। आफिस का काम आफिस में ही होगा। सीधी-सीधी बात सीधे-सीधे ढंग से कह दी गई है। अब यह घटना धीरे-धीरे नगर में फैलती जा रही है कि साहब काम पसंद करते हैं....फालतू की मेल-मुलाकात से परहेज करते हैं।
लेकिन इसके साथ ही यह चर्चाएं भी चल पड़ी हैं कि अब उन बेचारों का क्या होगा ? जो सुबह से साहब के बंगले पहुँचने की फिराक में रहते हैं और शाम जब तक साहब सो न जाये तब तक डयूटी बजाना अपना धर्म समझते हैं अथवा उनका क्या होगा जो बिना साहब के करीबी बने खुद को असहाय महसूस करते हैं। गुलदस्ता पृथा वालों को भी दिक्कत हो गई है बेचारे अब नया फार्मूला इजाद करने में लगे हैं।
कल ही एक नेताजी शाम हाथ मे एक बड़ा-सा गुलदस्ता लेकर जिलाधीश निवास की तरफ जाते दिखे। उन्होने जिलाधीश निवास पर पहुँचकर संदेशा भिजवाया कि बस भेंट करके गुलदस्ता देना है और सीहोर पधारने पर स्वागत करना है...। संदेश वाहक संदेशा लेकर भी गया। पर यह क्या उन्हे उचित जबाव जो मिला वह यह था कि यदि मिलना ही है तो कृपया कल कार्यालयीन समय पर आयें, यह निवास है यहाँ कोई मेल-मुलाकात नहीं होती। आफिस का काम आफिस में ही होगा। सीधी-सीधी बात सीधे-सीधे ढंग से कह दी गई है। अब यह घटना धीरे-धीरे नगर में फैलती जा रही है कि साहब काम पसंद करते हैं....फालतू की मेल-मुलाकात से परहेज करते हैं।
लेकिन इसके साथ ही यह चर्चाएं भी चल पड़ी हैं कि अब उन बेचारों का क्या होगा ? जो सुबह से साहब के बंगले पहुँचने की फिराक में रहते हैं और शाम जब तक साहब सो न जाये तब तक डयूटी बजाना अपना धर्म समझते हैं अथवा उनका क्या होगा जो बिना साहब के करीबी बने खुद को असहाय महसूस करते हैं। गुलदस्ता पृथा वालों को भी दिक्कत हो गई है बेचारे अब नया फार्मूला इजाद करने में लगे हैं।
मंहगाई के इस दौर में बिजली के बिल करंट मार रहे
सीहोर 30 जून (नि.सं.)। मंहगाई के इस दौर में हर तरफ मंहगाई की मार झेलना पड़ रही है वहीं दूसरी तरफ आवश्यक सेवाओं में समाहित बिजली के बिलों ने इस बार कुछ ऐसा झटका मारा है कि आम व्यक्ति इसकी मार से अधमरा होने की स्थिति में आ गया है।
हाय मंहगाई हाय हाय मंहगाई करते हुए जब आम व्यक्ति हेरान परेशान स्थिति में है, हर तरफ से उसे मंहगाई के इस दौर से जूझना पड़ रहा है, जुलाई का माह प्रारंभ होने को है और बच्चों की पढ़ाई के लिये मासिक शुल्क, वार्षिक शुल्क, प्रवेश शुल्क , यूनिफार्म की खरीदारी, किताबों की और महंगी कापियों की खरीदारी, स्कूल जाने के लिये आटो की व्यवस्था, स्कूल बेग, बाटल, लंच बाक्स, जूते-मोजे खरीदने का नया भार आया हुआ है ऐसे में मौका देखकर चौका मारने की स्टाईल में विद्युत मण्डल ने आम व्यक्ति की गले में अपना फंदा भी कस दिया है।
इस बार मध्य प्रदेश क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड के विद्युत देयक बिल हर माह की अपेक्षा से अधिक आये हैं। क्यों आये हैं...? कैसे आये हैं....? क्या ऐसा हो सकता है....? यह सब बातें और प्रश् लिखत-पढ़त में तो हो सकते हैं लेकिन असल में बिल बढ़े हुए ही आये हैं। सामान्य बिलों से बढ़कर आये इन बिलों ने परेशानी खड़ी कर दी है।
आम व्यक्ति जहाँ कहीं से राहत महसूस नहीं कर पा रहा है उसे इन बिजली के बिलों ने भारी झटका दिया है। जो भी हो एक तरफ बच्चों की पढ़ाई की अनिवार्यत: और दूसरी तरफ बिजली के बिल का भरना भी जरुरी है। आम जन खासा परेशान है और दिक्कत महसूस कर रहा है।
हाय मंहगाई हाय हाय मंहगाई करते हुए जब आम व्यक्ति हेरान परेशान स्थिति में है, हर तरफ से उसे मंहगाई के इस दौर से जूझना पड़ रहा है, जुलाई का माह प्रारंभ होने को है और बच्चों की पढ़ाई के लिये मासिक शुल्क, वार्षिक शुल्क, प्रवेश शुल्क , यूनिफार्म की खरीदारी, किताबों की और महंगी कापियों की खरीदारी, स्कूल जाने के लिये आटो की व्यवस्था, स्कूल बेग, बाटल, लंच बाक्स, जूते-मोजे खरीदने का नया भार आया हुआ है ऐसे में मौका देखकर चौका मारने की स्टाईल में विद्युत मण्डल ने आम व्यक्ति की गले में अपना फंदा भी कस दिया है।
इस बार मध्य प्रदेश क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड के विद्युत देयक बिल हर माह की अपेक्षा से अधिक आये हैं। क्यों आये हैं...? कैसे आये हैं....? क्या ऐसा हो सकता है....? यह सब बातें और प्रश् लिखत-पढ़त में तो हो सकते हैं लेकिन असल में बिल बढ़े हुए ही आये हैं। सामान्य बिलों से बढ़कर आये इन बिलों ने परेशानी खड़ी कर दी है।
आम व्यक्ति जहाँ कहीं से राहत महसूस नहीं कर पा रहा है उसे इन बिजली के बिलों ने भारी झटका दिया है। जो भी हो एक तरफ बच्चों की पढ़ाई की अनिवार्यत: और दूसरी तरफ बिजली के बिल का भरना भी जरुरी है। आम जन खासा परेशान है और दिक्कत महसूस कर रहा है।
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