Wednesday, June 4, 2008

भाजपा नेता के वफादार और वो घोर विरोधी दोनो मिल गये.......

सीहोर 3 जून (नि.सं.)। नगर पालिका में चल रही अंधेर गर्दी में किस प्रकार अध्यक्ष राकेश राय सम्मिलित है यह बात उस वक्त उजागर हो गई जब वह स्वयं ही उन नलकूपों का उद्धाटन करने पहुँच गये जिनके विषय में वह अक्सर कहते हैं मुझे उसकी कोई जानकारी ही नहीं है। भाजपा के वरिष्ठ नेता के करीबी एक ठेकेदार और आये दिन भाजपा के इन्ही नेताजी को सड़क पर खुले आम गालियाँ बकने वाले एक कांग्रेस नेता पुत्र के बीच में सांठ-गांठ के चलते एक नलकूप में ओने-पोने दाम में मोटर और केबल डाली गई है। जिसका बिल पास हो जाये इसलिये राकेश राय ने उद्धाटन भी कर दिया है। अभी इस नलकूप के सहारे पाईप लाईन डालने की भी योजना बनवाई जाने के समाचार सूत्रों ने दिये हैं।
एक तरफ नगर पालिका अध्यक्ष हैं कि कहते हैं कि मुझे नहीं मालूम मैं किसी हेण्डपंप को नहीं खुदवा रहा यह सारा काम एसडीएम के हाथ में है उन्ही से जाकर जनता मिले और दूसरी तरफ आये दिन वह कई नलकूपों का उद्धाटन करने भी पहुँच जाते हैं और फोटो भी छपवाते हैं।
जिनके हेण्डपंपो की खुदाई और उनके बिलों से लेकर सबकुछ गड़बड़ झाला रहता है उसका उद्धाटन सरे आम नगर पालिका अध्यक्ष करते हैं तो इससे जनता क्या माने? क्या उनकी भी मिली भगत रहती है क्योंकि आखिरकार लाखों रुपये के बिल पास करने के लिये हस्ताक्षर तो वही करते हैं।
हाल ही में एक नलकूप जिसकी नगर पालिका में कोई अनुमति नहीं है, कोई फाईल नहीं बनी है उसका उद्धाटन भी नगर पालिका अध्यक्ष ने किया है ताकि इसका भुगतान आसानी से हो जाये लेकिन खास बात यह है कि यहाँ भाजपा के वरिष्ठ नेताजी के करीबी एक ठेकेदार ने मोटर डाली है और वह भी एक ऐसे कांग्रेस पुत्र के सहयोग से जो आये दिन भाजपा के इन्ही नेताजी को सड़क पर खड़े होकर गंदी गालियाँ बकता है और हंसी मजाक उड़ाता है। अब इस प्रकार कांग्रेस नेता पुत्र और उपरोक्त ठेकेदार की सांठगांठ से इस नलकूप में जो मोटर डली है वह घटिया व निम् स्तर की डाली गई है जिसके आरपीएम भी कम हैं और पानी फेंकने की क्षमता भी कम है जबकि इस मोटर का बिल बहुत अधिक राशि का बनाया गया है इतना ही नहीं केवल डोरी भी महंगे बिल के साथ लगी है और अब अंदर की खबर है कि इसी नलकूप के साथ एक पाईप लाईन डालकर लाखों रुपये का बिल और बनाये जाने की योजना तैयार है जिसकी स्वीकृति के लिये नगर पालिका अध्यक्ष के साथ फोटो आदि खिंचवाये गये हैं। कथित जिला प्रशासन के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एसडीएम उपरोक्त संबंध में क्यों चुप हैं ? और क्यों जांच नहीं करते यह आश्चर्य का विषय है।

वो हजार लीटर की टंकी कहाँ गई जो पत्रकार ले गये थे...?(खबर ही तो है)

सीहोर 3 जून (नि.सं.)। पिछले दिनों एक पत्रकारों के संगठन का कार्यक्रम हुआ था जिसके नाम पर कुछ पत्रकार लोक निर्माण विभाग से एक विशाल 1 हजार लीटर की टंकी ले आये थे। हालांकि जहाँ इनका कार्यक्रम वगैरह था वहाँ पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी लेकिन फिर भी टंकी ले जाई गई थी। अब भाई पत्रकारों का मामला है इसलिये कोई भी उनके नाम से टंकी ले जायेगा तो निश्चित ही लोक निर्माण विभाग मदद तो करेगा ही। लेकिन अब कार्यक्रम पूरे हुए पर्याप्त दिन भी हो चुके हैं उसके बाद भी उपरोक्त टंकी अभी जमा नहीं हुई है बल्कि लापता हो गई। इस मामले में अब संबंधित विभाग टंकी की ढुंढाई कर रहा है। और ढुंढाई करते-करते वह जिस संगठन के लोग ले गये थे उनको छोड़ दूसरे संगठनों के पास पहुँच गया है और पूछ रहा है कि भैया हमारी टंकी कहाँ है? उसने लिखित में पूछताछ कर डाली है कि हमारी टंकी जो आप ले गये थे वह कब तक जमा की जायेगी। अब टंकी कब तक जमा होगी यह तो राम जाने और कहाँ गई इसकी खबर तो नहीं है लेकिन यह खबर जरुर बन गई है कि पानी की उपलब्धता के बाद भी जो टंकी एक दिन के लिये लाई गई थी वो अब तक जमा नहीं की गई है ? अब यह टंकी क्या संबंधित धर्मशाला में रखी है या किसी के घर की शोभा बन गई है यह स्पष्ट कहना संभव नहीं है.....लेकिन इतना अवश्य है कि बेचारे संबंधित विभाग के अधिकारी परेशान हो रहे हैं और अपनी टंकी ढूंढते फिर रहे हैं।

भाजपा पूरी तैयारियों के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी- संचेती

सीहोर 3 जून (नि.सं.)। भारतीय जनता पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव 2008 के चुनाव में पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में जायेगी उक्त उद्गार भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्य समिति सदस्य सुशील संचेती ने बुधनी मण्डल की बैठक में दूल्लाराम पंजाबी के निवास पर आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहे आपने कहा कि मिशन 2008 में भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव में काम करेगा । भाजपा को विजय दिलायेगा आपने सीहोर जिले के दौर में बुधनी मण्डल सहित सलकनपुर मण्डल नसरूल्लागंज मण्डल इछावर के अध्यक्ष श्रीराम मेहता, चन्द्रप्रकाश खण्डेलवाल, गुलाबसिंह ठाकूर मण्डल अध्यक्षों को निर्देश दिये कि आगामी 10 जून तक सीहोर जिले के सभी मण्डल अध्यक्ष सीहोर जिले के सभी बाजारों के बाजार प्रमूखों की नियुक्त कर देवे। 15 जून को प्रदेश व्यापी धरना एवं प्रदर्शन कर बढ़ती हुई मंहगाई के खिलाफ केन्द्र सरकार से मांग करना है कि सम्पूर्ण खाद्य सामग्री को वायदा बाजार बंद किया जावे, व्यापारी प्रकोष्ठ के जिले दौरे में व्यापारी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष किशोर कौशल मण्डल अध्यक्ष धर्र्मेन्द्र राठौर जिलाउपा. अशोक शीतल महामंत्री सुरेन्द्र राठौर कोषाध्यक्ष अखिलेश चौरसिया आष्टा सीहोर मण्डल अध्यक्ष पंकज नाकोडा राजू सिकरवार वरिष्ठ व्यवसायी शंकर प्रजापति सम्राट विशेष रूप से शामिल थे ।

पंजाब बैंक कर्मी अपने ही ग्राहक को अचानक हृदयघात आता देख चुपचाप खड़े रहे

सीहोर 3 जून (नि.सं.)। घोर आश्चर्य है कि पंजाब नेशनल बैंक जैसे प्रतिष्ठित बैंक में कल एक 75-80 वर्षीय शासकिय सेवानिवृत्त खातेदार आये थे। उन्होने अंदर बकायदा लेन-देन किया और वह जैसे ही बाहर निकलने लगे तो बैंक के द्वार पर ही वह अचानक हृदय घात के कारण नीचे बैठ गये और कुछ ही देर में लुढ़क गये। यहाँ खड़े अन्य लोगों ने पहले तो उन्हे संभाला लेकिन जब बैंक कर्मियों ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए इस घटनाक्रम से कन्नी काट ली और दूर खड़े रहे तो मजबूरन यहाँ खड़े अन्य लोगों को भी दूर ही रहना पड़ा।
घोर आश्चर्य तो इस शाखा पर तब किया गया जब यहाँ उनका परिचय आदि जानने-पहचानने से ही बैंक शाखा कर्मी बचते रहे। ज्ञातव्य है कि आज कल बैंके कम्प्यूटरीकृत हो गई हैं इसके अलावा भी जिस खाते से उनका लेन-देन हुआ था क्या वहाँ काउंटर पर बैठे लोग उस खाता नम्बर की जांच लेजर में देखकर नहीं कर सकते कि खातेदार का नाम, पता आदि क्या है ? लेकिन वह सब इससे बचते रहे।
उक्त सेवानिवृत्त बुजुर्ग पूर्व पुलिस अधिकारी नर्मदा प्रसाद उपाध्याय थे जो संभवत: अपनी पेंशन आदि का लेन देन करने के लिये आये थे। करीब 40 से 45 मिनिट तक यहाँ श्री उपाध्याय को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पाया। उन्हे अस्पतला भी नहीं ले जाया गया। चिकित्सक को भी यहाँ नहीं बुलाया गया और संस्था की संवेदनहीनता के कारण श्री उपाध्याय की देह यहाँ रखी रह गई। इसके बाद पुलिस आई और उसने छानबीन कर इनके परिजनों का बुलाया तब पुत्र ने आकर अपने पिता की यह स्थिति देखी, वह कुछ बोल नहीं पाया और उनकी मृत देह साधन कर घर ले गया।
यहाँ इस दौरान चौराहे पर एक ही चर्चा रही कि उपरोक्त बैंक की संवेदनहीनता गलत थी, उन्हे सतर्क रहकर कार्यवाही करना चाहिये थी।

प्रसाद खिलाकर तंत्र मंत्र से उसे वश में किया पर एक लाख लूटने की योजना असफल हो गई

आष्टा 3 जून (नि.सं.)। दो दिन पूर्व गले में माताजी टांगकर ग्राम अरोलिया में भिक्षा मांगने गये एक बाबा भेषधारी ने अरोलिया के एक व्यक्ति को प्रसाद खिलाकर उसको ऐसा वशीभूत किया की पिछले दो-तीन दिन से अरोलिया के उक्त व्यक्ति को सिर्फ वह बाबा ही नजर आ रहा था।
आज फिर उक्त बाबा उस व्यक्ति को प्रसाद खिलाकर ग्राम से इन्दौर मार्ग पर खड़ी जोड़ के आगे एक अज्ञात स्थान पर ले गया उसके साथ ग्राम डोडी का भी संभवत: एक व्यक्ति व 3-4 लोग सहित कुछ खाकी वर्दी धारी व्यक्तियों ने जंगल में एक स्थान पर बैठाकर तंत्र मंत्र का ढोंग रचाकर एक सादे कागज पर दस्तखत करा लिये तथा बाद में उसे धमकी दी की एक लाख रुपये लेकर आओ नहीं तो तेरा बुरा-बुरा हो जायेगा। घबराया उक्त व्यक्ति आष्टा में अपने परिचित के पास डोडी के उक्त व्यक्ति के साथ पहुँचा और जैसे ही उसने 1 लाख रुपये देने की बात कही परिचित समझ गया की कुछ गड़बड़ है।
उसने एसडीओपी आष्टा को इसकी सूचना दी। मामला बिगड़ते देख सब लोग तितर-बितर हो गये। सूचना मिलते ही एसडीओपी खड़ी जोड़ के आगे उक्त अज्ञात स्थल पर अरोलिया के उक्त व्यक्ति को लेकर भी पहुँचे तथा डोडी से जिस व्यक्ति के साथ आया था वह भी फरार है। पुलिस अभी मामले की तहकीकात में जुटी है।

अपनों को लाभ पहुँचाने की गरज से वन मंडलाधिकारी कोनाझिर का हक छीन रहे

सीहोर 3 जून (नि.सं.)। कोनाझिर के गांव के रहने वाले ग्रामीण हरिनारायण एवं शिव चरण ने हस्ताक्षरित विज्ञप्ति प्रसारित कर वन मंडला अधिकारी एके सिंह पर आरोप लगाया है कि जिस ग्राम मोगराराम में वन भूमि नहीं है उसे वन ग्राम का दर्जा दिलाये जाने का प्रयास कर अपने लोगों को लाभ पहुँचाना चाहते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कोनाझिर के पास वन स्थित है इसलिये कोनाझिर को वन ग्राम बनाया जाना चाहिये लेकिन इसके विपरीत अपने निजी हितों को ध्यान में रखकर वन मंडलाधिकारी अपनी मनमानी करते हुए मोगराराम के लोगों को ही अधिकतर वन समिति में सम्मिलित कर रहे हैं जबकि वन भूमि से मोगराराम चार किलो मीटर दूर अवस्थित है वहाँ के लोगों को वन समिति में सम्मिलित करने का कोई औचित्य नहीं है। कोनाझिर को वन ग्राम घोषित करने से यहाँ के लोग वन भूमि की अच्छे से देखभाल कर सकते हैं।
कोनाझिर हल्का नं. 50 के अन्तग्रत आता है और ग्राम से लगी हुई ही वन भूमि है जबकि मोगराराम हल्का नं. 49 है जिसमें वन भूमि है ही नहीं। कोनाझिर के निवासी अधिकतर गरीब और अनुसूचित जाती के हैं तथा वे वन के निकट रहने से वनों की देखभाल अच्छी तरह से कर सकते हैं। कोनाझिर के निवासियों ने वन मंडलाधिकारी से अनुरोध किया है कि वे मोगराराम को वन ग्राम नहीं बना कर कोनाझिर को वन ग्राम बनाकर उसे उसका हक प्रदान करें।

सड़क हादसे में दो घायल

सीहोर 3 जून (नि.सं.)। जिले के थाना अहमदपुर एवं मण्डी में आज हुये सड़क हादसों में दो युवक लोग घायल हो गये । पुलिस ने प्रकरण कायम कर लिये है।
जानकारी के अनुसार मण्डी थाना क्षैत्र के ग्राम लालाखेड़ी निवासी दिनेश अजा. का साला जितेन्द्र राजमार्ग स्थित लालाखेड़ी जोड़ के समीप आज सुबह अपने जीजा की दुकान के सामने खड़ा था तभी भोपाल तरफ से आ रही बस क्रमांक एमपी-04-एचबी-9384 के चालक ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुये जितेन्द्र को टक्कर मारकर घायल कर दिया । मण्डी पुलिस ने बस चालक के विरूद्व प्रकरण दर्ज कर लिया है । उधर अहमदपुर थाना क्षैत्र में सोमवार की रात्री परवा नाले के समीप बाइक चालक विक्रम उर्फ छुट्टू ने अपने वाहन को तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक चलाकर क्रेसर मशीन के समीप खड़े हुये हाल-पड़ियाला निवासी लालूप्रसाद को टक्कर मारकर घायल कर दिया । अहमदपुर पुलिस ने बाइक चलाकर के विरूद्व प्रकरण दर्ज कर लिया हैँ ।

Tuesday, June 3, 2008

वो 16 क्विं वर्फ का क्या हुआ...क्या पिघल गया, लेकिन सौ के सौ मटके कैसे फूट गये

सीहोर 2 जून (नि.सं.)। नगर पालिका की वर्फ और मटकों की कहानी आज कल सबकी जुबानी बनी हुई है। 16 क्विंटल वर्फ और ले देकर कुल जमा 100 मटके आये थे ? अब वो कहाँ गये इसका हिसाब है कि सुनते ही लोगों के पेट में दर्द शुरु हो जाता है। कहा जा रहा है कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम के लिये आया वर्फ 16 क्विंटल था लेकिन वो दिखा इसलिये नहीं क्योंकि पूरा पिघल गया और रही बात मटकों की तो साहब जबाव बड़ा बेतुका है मटके आये थे लोगों ने पानी भी पिया और फिर तत्काल वह उसी दिन फूट भी गये। लेकिन इन दोनो ही मटके-वर्फ भुगतान वर्फ अपेक्षा से जल्दी से पिघल जाने और मटको तत्काल फूट जाने के कारण नहीं हो रहा है। और यही कारण है कि नगर पालिका में हाय तौबा मची हुई है.....।
ज्ञात होगा नागरिकों को वह दिन जब हाल ही में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के बुजुर्ग तुनक मिजाज नेता सुन्दरलाल पटवा सीहोर आये थे और उन्होने मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना का शुभारंभ हजारों ग्रामीणों की उपस्थिति में चर्च मैदान पर किया था। किस प्रकार झूठ बोल-बोलकर ग्रामीणों को यहाँ एकत्रित करवाया गया था यह किस्सा तो चर्चा में पहले से ही था और फिर भोजन के नाम पर जो रुखा-सूखा बंटा और बाकी अव्यवस्था थी उसके गुणगान अभी तक थमे ही नहीं है कि अब एक और चर्चाएं पाक सामने आ गया है।
नगर पालिका ने इस दिन उपस्थित ग्रामीणों को ठंडा रखने के लिये 16 क्विंटल वर्फ खरीदने की बात भी कही है ? अब यह बात किसी के समझ नहीं आ रही कि 16 क्विंटल वर्फ आखिर क्यों खरीदी गई थी ? इससे क्या ठंडा रखना था क्योंकि भोजन में तो सिर्फ पूड़ियां थीं और पूडिया गर्मागर्म बांटने के कथित प्रयास किये गये थे तो फिर आखिर ठंडा किसे रखना था ?
नगर पालिका सूत्रों का कहना है कि इस दिन 16 क्विंटल वर्फ व्यवस्थाओं के लिये खरीदे जाने की बात बताई जा रही है। यह 16 क्विंटल वर्फ क्यों आया था ? यह रहस्य का विषय बना हुआ है। लेकिन इतना अवश्य है कि यह पूरा पिघल गया है...और अब पिघले वर्फ का तो कुछ उपयोग हो ही नहीं सकता।
इसी दिन इसी कार्यक्रम के लिये 100 मटके भी खरीदे गये थे ? मटकों 100 खरीदे जायें या 200 इससे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन खास बात यह है कि यह मटके 25-30 रुपये प्रति नग के नहीं थे बल्कि इनका बिल भी सूत्रों के अनुसार 80-90 रुपये प्रति मटके के हिसाब से बना मतलब 100 मटके करीब 8-9 हजार रुपये के हो गये हैं। अब इतने महंगे मटके सीहोर में कहाँ मिलते हैं यह बता पाना तो मुश्किल है लेकिन नगर पालिका का उक्त ठेकेदार अवश्य इसी इतने ऊंचे दाम पर मटके दे रहा है और पालिका खरीदने के नाटक भी रच रही है।
खास बात यह है कि जिस दिन पटवा जी आये थे उस दिन चर्च मैदान पर यह 100 मटके कहाँ रखे थे ? इनमें से ठंडा पानी कितने लोगों ने पिया यह बात खोज का विषय है ? और जब इतने मटको का बिल बनाया गया है तो यह पूछने की आखिर जो मटके इतने महंगे खरीदे गये हैं वो कहाँ गये तो जबाव है साहब मटके कोई लोहे के थोड़े ही हैं जो रखे रहेंगे अरे सारे के सारे फूट गये और क्या।
मतलब वर्फ पिघल गई और मटके फूट गये और किसी को कानों कान खबर भी नहीं हुई। लेकिन समस्या तो तब आन पड़ी जब इसका बिल नगर पालिका में लगा तो वहाँ पता चला कि इसका भुगतान तो पालिका नहीं करेगी बल्कि नोटसीट बनकर जिला पंचायत में जायेगी। जिला पंचायत में कितना भ्रष्टाचार होता है यह तो राम जाने लेकिन जबसे नगर पालिका उपरोक्त बिल पहुँचा वहाँ हायतौबा मची हुई कि इतने महंगे मटके कहाँ चले गये और वर्फ कैसे पिघल गई।
हालांकि इस बिल में एक और विशेषता यह है कि उस दिन कागज की पुड़िया में पुड़ी बंटी थी लेकिन यहाँ भोजन के नाम पर ढेर सारे दोने, पत्तल और डिस्पोजल का बिल भी बना है। इन मटको और वर्फ के साथ क्या दोने-पत्तल और डिस्पोजल भी खत्म हो गये हैं यह भी जांच का विषय है। अब देखते हैं कि जिला पंचायत कैसे इस बिल का भुगतान करती है? वहाँ बैठे लेखापाल क्या इसकी जांच करते हैं ? क्या आपत्ति लेते हैं या नगर पालिका और जिला पंचायत में सेटिंग हो जाती है।

आष्टा में पेट्रोल-डीजल का गंभीर संकट उपभोक्ता भटक रहे हैं दर-दर

आष्टा 2 जून (नि.सं.)। फुरसत ने दो दिन पूर्व जो शंका व्यक्त की थी वो आज स्पष्ट पेट्रोल पंपों पर नजर आ रही है पेट्रोल पंपों पर ना डीजल है और ना पेट्रोल उपभोक्ता दर-दर भटक रहा है। वही पेट्रोल पंपों के मालिक पेट्रोलियम कम्पनियों से रोजना सम्पर्क कर मांग कर रहे हैं कि पेट्रोल-डीजल दे लेकिन वे किसी भी बात को सुनने को तैयार नहीं है।
अगर 1-2 दिन और पेट्रोल-डीजल आष्टा नहीं पहुँचा तो उपभोक्ता सड़क पर आ सकते हैं वहीं उपभोक्ता को जबाव दे दे कर पेट्रोल पम्प मालिक थी थक गये हैं। जय भारत सर्विस स्टेशन के मालिक इकबाल भाई का कहना है कि 3-4 दिन से टेंकर कम्पनी में खड़े है डीडी भेज दिये हैं लेकिन माल नहीं दिया जा रहा है। रिजर्व स्टाक नियम अनुसार जो है वो रखा है। वहीं 3 दिनो से पेट्रोल-डीजल की सप्लाय नहीं होने एवं उपभोक्ताओं को नहीं मिलने से उनके वाहनों में जो स्टाक था वो खत्म होता जा रहा है और अब उपभोक्ताओं के वाहनों के पहिये अगर पेट्रोल-डीजल नहीं मिला तो थमे जा सकते हैं।
ज्ञात हुआ है की कम्पनियाँ डीजल तो थोड़ा बहुत देने की बात तो कर रही है लेकिन पेट्रोल नहीं है कर रहे हैं इसलिये पेट्रोल पम्प मालिक एक पदार्थ मंगाने को तैयार नहीं है।
आज भी आष्टा में पेट्रोल पम्पों पर वाहन मालिक पहुँचे लेकिन उन्हे नहीं है की सूचना देखकर वापस लौटना पड़ा अगर ऐसी स्थिति रही तो आष्टा में स्थिति विकट हो सकती है। प्रशासन क्या कर रहा है। वो कभी प्रेस को बताता ही नहीं है।
इस संबंध में एसडीओपी मनु व्यास ने बताया कि यह एक शुजालपुर और उजैन जिले की एक बड़ी गेंग है जो रात्रि में हाईवे पर डीजल और पेट्रोल से भरे टैंकर के चालक जब सोते हैं तब यह गेंग जो अपने साथ दो-तीन ट्रक जिसमें एक अनोखे तरह का डीजल-पेट्रोल स्टोर करने की व्यवस्था रहती है उसे साथ लेकर यह हाईवे पर निकलते हैं और चोरी करते हैं। इस संबंध में गिरोह के पकड़ाये सदस्यों से विस्तृत पूछताछ जारी है।

खड़े टेंकरों से डीजल चोरी करने वाले पकड़ाये

आष्टा 2 जून (नि.सं.)। आज सुबह लगभग 3 से 4 बजे के बीच अमलाहा में डीजल से भरे 3 टैंकर खड़े थे तब रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए इन टैंकरों से डीजल चोरी करते हुए ग्रामीणों ने दो डीजल चोरों को रंगे हाथों पकड़ा तथा 6-7 अन्य लोग भागने में सफल हो गये।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रेंकर क्रमांक एमपी.09केबी 1035, आर.जे.14 2जी 77 तथा एमपी09केडी 4517 जिनके चालक कैलाश वर्मा, प्रहलाद चालक, भरत जो कि टेंकर खड़ा कर सो रहे थे तभी डीजल चोर हफीज पुत्र हकीम खां 25 वर्ष निवासी मैनावत मक्सी एवं आबिद पुत्र अकबर खां उम्र 23 वर्ष निवासी उजैन व अन्य लोगों को टैंकर से डीजल चुराते हुए देख लिया। तब अमलाहा में ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। भीड़ देखकर 6-7 डीजल चोर भाग खड़े हुए। यह दोनो ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गये जिन्हे ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया। पुलिस ने बताया कि इन तीनों टैंकरों से पेट्रोल चोरों ने लगभग 600 लीटर डीजल डीजल चुरा लिया था जिसकी कीमत 21 से 22 हजार रुपये है। पुलिस ने कैलाश वर्मा निवासी सोंडा की शिकायत पर धारा 379 का मामला दर्ज कर लिया है तथा जो अन्य भाग गये उनकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। स्मरण रहे कि इन दिनो पेट्रोलियम कम्पनियों द्वारा पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल व डीजल की सप्लाई लगभग रोक दी गई है जिससे सब जगह पेट्रोल डीजल का संकट खड़ा हो गया है।

ट्रक की टक्कर से मारुती सवार घायल

सीहोर 2 जून (नि.सं.)। इन्दौर भोपाल राजमार्ग पर फंदा फाटक के समीप रविवार की शाम एक लापरवाह ट्रक चालक ने आगे जा रही मारुती में टक्कर मार दी परिणाम स्वरुप मारुती में सवार तीन लोग घायल हो गये। जिन्हे प्राथमिक उपचार हेतु सीहोर अस्पताल भेजा गया। जानकारी के अनुसार कमला पार्क भोपाल निवासी इमरान पुत्र मो.कलीम अपनी बड़ी मम्मी शाजिया व बहन सुभैया के साथ रविवार की शाम मारुती क्रमांक एमपी. 09 एच.0481 से इछावर से भोपाल जा रहे थे तभी फंदा फाटक के समीप पीछे से आ रहे ट्रक क्रमांक एम.पी.09केसी 4935 के चालक ने मारुती में लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर टक्कर मार दी जिससे तीनों को साधारण चोंटे आई।

ट्रक की टक्कर से मारुती सवार घायल

सीहोर 2 जून (नि.सं.)। इन्दौर भोपाल राजमार्ग पर फंदा फाटक के समीप रविवार की शाम एक लापरवाह ट्रक चालक ने आगे जा रही मारुती में टक्कर मार दी परिणाम स्वरुप मारुती में सवार तीन लोग घायल हो गये। जिन्हे प्राथमिक उपचार हेतु सीहोर अस्पताल भेजा गया। जानकारी के अनुसार कमला पार्क भोपाल निवासी इमरान पुत्र मो.कलीम अपनी बड़ी मम्मी शाजिया व बहन सुभैया के साथ रविवार की शाम मारुती क्रमांक एमपी. 09 एच.0481 से इछावर से भोपाल जा रहे थे तभी फंदा फाटक के समीप पीछे से आ रहे ट्रक क्रमांक एम.पी.09केसी 4935 के चालक ने मारुती में लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर टक्कर मार दी जिससे तीनों को साधारण चोंटे आई।

11 जुंआरी गिरफ्तार

सीहोर 2 जून (नि.सं.)। मण्डी थाना पुलिस ने ताश पत्तों से हारजीत का दाव लगाकर जुंआ खेलते हुए मण्डी एवं गंज निवासी कल्लू पुत्र रामप्रसाद, मोहन पुत्र दुलीचंद, वीरेन्द्र पुत्र ओम प्रकाश, चौखेलाल पुत्र देवीलाल, मनीष पुत्र महेश, विजय पुत्र गेंदालाल, राधेश्याम पुत्र हरिबाबू, संतोष पुत्र हीरालाल, आनंद पुत्र कन्हैयालाल, हिम्मत पुत्र गणेशराम तथा अनार सिंह पुत्र मन्नुलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 501 रुपये नगदी व ताश पत्ते जप्त कर धूत अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

बंजर खेत में भी पटवारी ने चना जला बताकर मुआवजे का प्रकरण बना दिया

आष्टा 2 जून (नि.प्र.)। आष्टा तहसील कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी क्षेत्र में भ्रमण नहीं करने से एक और जहाँ अधिकांश निरंकुश हो गये हैं वहीं क्षेत्र के पीड़ितों, शोषितों, किसानों के हाल बेहाल हैं। इसका उदाहरण है आष्टा तहसील का ग्राम पावखेड़ी यहाँ के पटवारी ने एक कृषक से सांठ-गांठ कर उसकी ऐसे जमीन का मुआवजा प्रकरण बना दिया जिस जमीन में कभी चना बोया ही नहीं गया आज भी उक्त जमीन मौके पर बंजर पड़ी है। तथा उस जमीन पर केवल घांस ऊगी हुई है।
जब शिकायत ग्रामीणों ने की तो तहसीलदार मौके पर पहुँचे तो ग्रामीणों की शिकायत सही पाई गई अब पटवारी को निलंबित करने की कार्यवाही के लिये नोट शीट एसडीएम की टेबल पर पहुँची है। गेहूँ चने की सैकड़ो किसानों की फसलें ठंड से नष्ट हुई सीधे-साधे भोले भाले किसानों को तो पटवारियों ने अपने पास फटकने तक नहीं दिया जो किसानों ने बताया कि उसे लिखा नहीं जो लिखा वो सही नहीं लिखा। ऐसा कई किसान बताने रोजाना तहसील में पहुँच रहे हैं। आखिर ऐसा पटवारियों ने एक योजना के तहत ही तो किया होगा ? ग्राम पावखेड़ी के ग्रामीणों ने मुआवजे के जब चैक बंटे तो पाया एक किसान जिसका शामिल खाता विष्णुप्रसाद, महेश प्रसाद, दिनेश प्रसाद पुत्र चन्दर सिंह भूमि खसरा क्रमांक 2412 है को उक्त जमीन पर चना जला पाया बताकर मुआवजे के रुप में पटवारी ने प्रकरण बनाया और स्वीकृत करा कर मुआवजे का चैक दिया गया। जिस जमीन पर चना जलना बताया वो जमीन तो बंजर है। उस पर घांस ऊगी हुई है तब ग्रामीणों ने तहसीलदार बिहारी सिंह को शिकायत की तहसीलदार मौके पर पहुँचे तो शिकायत सही पाई गई। तहसील कार्यालय से बताया कि ग्रामीणों की शिकायत सही पाई गई है। उक्त जमीन पर घांस उगी है पटवारी के खिलाफ कार्यवाही के लिये एसडीएम महोदय की शिकायत पेश की है तथा जो मुआवजे का चैक दिया गया है वो भी वापस लिया जायेगा। यह तो एक शिकायत है ऐसे अनेकों ग्राम है और कई पटवारी है जिन्होने गेहूँ, चने जलने के मामले में अपने हाथों की खुजाल जमकर मिटाई है। अगर एसडीएम ग्रामों में जाकर देखें तो कई रोचक जानकारियज्ञँ उन्हे मिल सकती है। स्मरण रहे कुछ दिनों पूर्व मैना के कृषक मिश्रीलाल खाती ने भी एक कम मुआवजे की शिकायत की उसे भी देखा जाना चाहिये।