Monday, April 14, 2008

फुरसत के चिट्ठे ने मचाई धूम, लोगों ने कहा इसने सीहोर के और करीब कर दिया

मैने तो इंटरनेट कनेक्शन ही इसके लिये ले लिया है-साबू
सीहोर 13 अप्रैल (नि.सं.)। जिले के पहले स्थानीय दैनिक अखबार दैनिक फुरसत के अंत:स्थल इंटरनेट पर बेवसाईट चिट्ठा बनाये जाने के बाद से ही लगातार पाठकों की बधाईयाँ मिल रही हैं। अनेक लोगों ने अपने परिचितों को सीहोर के इस चिट्ठे बेवसाईट का पता दे दिया है ताकि वह इंटरनेट पर सीहोर के ताजा समाचार पढ़ सकें। ऐसे सीहोर के बाहर रह रहे अनेक लोगों के संदेश लगातार फुरसत को मिल रहे हैं जिन्हे प्रकाशित किया जायेगा। सीहोर के स्थानीय लोगों ने भी फुरसत के चिट्ठे को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की है।
लोकप्रिय पूर्व विधायक और आंचलिक पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शंकरलाल साबू ने फुरसत परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि वाकई सीहोर के लिये यह गौरव की बात है। उन्होने कहा कि यदि इंटरनेट की दुनिया में सीहोर की हर एक खबर छाने लगी है और जैसा की बताया है कि सर्च इंजनों में भी फुरसत सबसे आगे है तो निश्चित ही यह खुशी की बात है। अब तो सीहोर से जुड़े लोग विश्व के किसी भी कोने में बैठकर सीहोर की ताजा घटनाओं को पढ़ सकेंगे। श्री साबू ने कहा कि मैं लम्बे समय से भोपाल रह रहा हूँ लेकिन नियमित मेरे लिये सीहोर से अखबार भोपाल बस में रखाकर आते हैं। मुझे फुरसत नहीं मिलता है तो काफी परेशानी होती है पूछना पढ़ता है कि आज क्या छपा है। लेकिन अब सारी समस्या ही हल हो गई है, कम्प्यूटर तो मेरे कार्यालय में है ही कल ही मैने फुरसत के इंटरनेट पर आ जाने के कारण इंटरनेट कनेक्शन भी शुरु करवा लिया है। अब मुझे घर बैठे आराम से फुरसत की ताजा खबरें पढ़ने को मिल जायेंगी। श्री साबू ने पुराने दिनों की पत्रकारिता से लेकर आज के दौर तक की बातें करते हुए फुरसत के संपादक विभाग को बधाई दी कि उन्होने न सिर्फ सीहोर के बल्कि अपने दूरस्थ पाठकों की भी सुविधाओं का ध्यान रखा यही एक अच्छे संपादक की पहचान है।
सीहोर के ही बालक यमंक वशिष्ठ पुत्र श्री के.बी. वशिष्ठ जो हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रहते हैं बालक यमंक वर्ष 2003 में अगस्त माह से सीहोर से चैन्नई गया हुआ है। चैन्नई में यमंक एक बड़ी कम्पनी एम.एन.सी. में कार्यरत है और एक इंजीनियर के पद पर हैं। सीहोर के सरस्वती विद्या मंदिर में पढ़े यमंक वशिष्ठ चैन्नई में अपनी साफ्टवेयर कम्पनी में लगभग दिनभर कम्प्यूटर पर बैठते हैं ऐसे में सीहोर की ताजा खबरें जानने और सीहोर के हालचाल की उन्हे सदा उत्सुकता बनी रहती है। यमंक ने गूगल सर्च पर जब सीहोर के समाचार देखें और उन्हे पता चला कि फुरसत का एक चिट्ठा बेवसाईट शुरु हो गई है जिस पर प्रतिदिन सीहोर के ताजा समाचार प्रकाशित किया जा रहे हैं तो उन्होने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए फुरसत परिवार को इसके लिये धन्यवाद प्रेषित किया है। यमंक ने कहा कि लगता है कि सीधे सीहोर से जुड़ गया हूँ। उन्होने सीहोर में पड़ रही पानी के समस्या को लेकर चिंता भी जाहिर की ।
इसी प्रकार आष्टा से वरिष्ठ चिकित्सक और बी.एम.ओ. डॉ. श्री आर.सी. गुप्ता ने अणुडाक ईमेल से एक पत्र लिखकर फुरसत को बधाई प्रेषित करते हुए कहा है कि फुरसत के इंटरनेट संस्करण के लिये फुरसत को बधाई, अब यह अंतराष्ट्रीय हो गया है, यह खुशी की बात है।
समाजसेवी व नव योति संगठन के संरक्षक श्री हरीश अग्रवाल ने फुरसत की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा है कि निश्चित सीहोर से बाहर रहने वाले लोगों को इससे लाभ होगा। उन्होने फुरसत निरन्तर विकास करे इसकी शुभकामनाएं भी दी।
भारत अग्रवाल कर्मचारी ने अपने पत्र के माध्यम से कहा है कि जिले का लोकप्रिय फुरसत आज विश्व पटल पर दस्तक दे चुका है। निश्चित ही यह फुरसत परिवार के अलावा नगर सीहोर के लिये भी सुखद अनुभूति है। फुरसत की साईक्लोस्टाइल पेटर्न से हुई शुरुआत ने दिन प्रतिदिन इतनी उन्नति की कि आज वह नम्बर एक हो गया है। इसके पीछे फुरसत का निरन्तर पाठकों के हृदय पर अपनी अमिट छाप का ही परिणाम है। श्री अग्रवाल ने पत्र में आगे लिखा है कि हम सीहोरवासी गौरवान्वित हैं कि विश्व स्तर पर फुरसत ने जो कीर्ति पताका फहराई है उसके लिये संपादक‍ जी एवं उनके सहयोगीजनों को अन्तर्मत की गहराईयों से अनेको बधाई एवं शुभकामनाएं देते हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष नौशाद खान का कहना है कि फुरसत ने जो सुविधा उपलब्ध कराई है वह सम्मान के योग्य है। इसके लिये फुरसत का हम सम्मान करना चाहते हैं।
पं. हरीश तिवारी कस्बा ने एक अणुडाक ईमेल करके फुरसत को प्रसन्नता पूर्वक लिखा है कि यह आपने क्या कर दिया? इतनी खूबसूरत बेवसाईट बनाई गई है कि उसमें किसी प्रकार की कोई कमी की गुंजाईश ही शेष नहीं है, न सिर्फ तारीख के अनुसार हम समाचार देख सकते हैं बल्कि अपनी इच्छा के अनुसार विषयवार भी समाचार पढ सकते हैं। वाकई यह कमाल की बात है। अन्य अखबारों की बेवसाईटों की तुलना भी यह यादा सुविधाजनक है। अब तो न सिर्फ सीहोर में बल्कि हमें हर जगह फुरसत मिल जायेगा। पहले जब बाहर जाते थे तो वापस आने पर घर में फुरसत पूरे नहीं मिल पाते थे। 7-8 दिन के अखबार एक साथ नहीं मिलने से कई खबरे छूट जाती थी लेकिन अब ऐसी दिक्कत नहीं आयेगी। अब तो हमे पूरे महिने बल्कि पूरे साल के तारीखवार अखबार इंटरनेट पर उपलब्ध है। इस सुविधा के लिये धन्यवाद।
भारतीय नववर्ष पर फुरसत के कम्प्यूटर संस्करण शुरु होने की खबर पढ़ने से प्रसन्नता होने की बात मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल खाचरौद में पदस्थ कनिष्ठ यंत्री अरविन्द्र कुमार सीठा ने की है। श्री सीठा ने एक शुभकामना पत्र भेजकर फुरसत की प्रगति की कामना की है। श्री सीठा ने बताया कि वह फुरसत के नियमित पाठक हैं और उसमें आने वाली रोचक व खोजी खबरों से काफी प्रभावित हैं। निश्चित ही अब पूरे विश्व में फुरसत के खबरें पढ़कर अनेक पाठक प्रसन्न हो सकेंगे।

त्याग और आदर्श का अनुपम उदाहरण राम

प्रभु श्री राम का लौकिक जीवन त्याग और आदर्श का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने स्वयं उस आचरण का वरण किया, जो आम जीवन में प्रचलित थे या जिन्हें सामाजिक-नैतिक दायित्वों की तरह निभाने की परंपरा थी। श्री राम के बनवास का प्रसंग याद करें। मानस में उस पूरे दृश्य को इतना कारुणिक और जीवंतता से वर्णन किया गया है कि भला वह कौन होगा, जिसकी आंखों से अश्रुधार न बहे।
एक तरफ माता कैकेयी का हठ, राजा दशरथ की प्रतिज्ञा, व्यथा और पश्चाताप। माता कौशल्या की वेदना और माता सीता के प्रभु के साथ वनगमन जाने की बात कहने पर श्रीराम का उन्हें समझाना।
वनगमन का प्रसंग एक साथ कई भावनात्मक अभिव्य1तियों की परिणति ही तो है। माता कैकेयी राम के प्रति दुर्भावना नहीं रखती थीं। यहां तक कि श्री राम के बनवास का वर मांगने के बावजूद उनके वात्सल्य में कहीं कोई कमी नहीं थी। राम के बनवास का उनका वर मांगना उनके अतिशय पुत्रमोह का ज्ञोतक है, जहां वह एक आम मानवीय माता की भांति दिखाई पड़ती हैं। राजा दशरथ द्वारा राम के राज्याभिषेक की घोषणा के बाद से ही उनका मन कातर हो गया था। वह अपने पुत्र भरत के भविष्य के प्रति शंकालु हो गयी थीं। उनके मन में यह डर था कि राजा बनने के बाद राम कहीं उनके पुत्र भरत को उपेक्षित न कर दें। श्री राम ने वनगमन का रास्ता चुनकर दो बातें साबित कीं। पहली बात यह कि पिता का वचन व्यर्थ न जाए और दूसरी बात यह कि पिता केद्वारा दिया गया वचन का एक पुत्र से उल्लंघन भी न हो। यह मध्यम मार्ग था, जिसमें 14 साल का बनवास का रास्ता चुन राम ने राजाज्ञा से उपजी समूची पीड़ा खुद पर ओढ़ ली। इससे निर्मल और उदात्‍त चरित केदर्शन भला और कहां होंगे? बनवास का मार्ग सहर्ष चुनने की प्रभु राम की इच्छा का अतिरेक है रावण का संहार। अगर वह बनवास नहीं जाते, तो रावण के संहार की स्थिति कैसे बनती?
उधर माता सीता ने भी वनगमन का रास्ता चुन अपना पातिव्रत्य धर्म ही तो निभाया। प्रभु श्रीराम की संगिनी होने केसाथ जन्म-जन्मांतर का नाता जुड़ा था। विपरीत परिस्थितियों में भी पत्नी अगर पति का साथ न दे, तो फिर वह कैसा दांपत्य होता? सो माता जानकी ने अपने नाजुक पैरों से मार्ग के शरों पर निस्पृह भाव से चलना स्वीकार किया और प्रभु को इसकी भनक भी न लगने दी कि उन्हें किसी किस्म की पीड़ा भी है। भाई भरत का चरित तो और भी आदर्श है। वह तो प्रभु श्री राम को अयोध्या की सीमा तक छोड़ने गए और उनका खड़ाऊं लेकर ही लौटे। राजधर्म से ऐसी वितृष्णा हुई कि उनकी चरणपादुका की सेवा और रक्षा ही अपना राजधर्म मान लिया। धन्य है वह भाई, जो अपने भाई के वास्तविक अधिकार की रक्षा करता रहा 14 साल तक, खुद संन्यासी बन, जबकि उसे तो राजा दशरथ ने राजगद्दी सौंप ही दी थी। वनगमन का प्रसंग त्याग और मानवीय मूल्यों के निर्वहन का एक संपुट दृष्टांत है, जिसे हर काल में महसूस कर राम के उदात्‍त चरित्र के साथ चित्रित किया जा सकता है। श्रीराम के साथ लखन, भाई भरत और शत्रुघ्न समेत उनके बनवास काल में जितने भी चरित्र उभर कर आए हैं, सबमें एक अतुल्य मूल्यबोध और आदर्श का पुट है।

Sunday, April 13, 2008

सीहोर में पुलिस बंदूक की नोक पर बांटती है पानी, रोज हो रहे झगड़े

सीहोर 12 अप्रैल (नि.सं.)। अंतत: नगर में पेयजल की समस्या सिर उठा चुकी है। चारों और पेयजल को लेकर परेशानी के बाद अब आक्रोश की लावा भी फूटने को उतारु हो रहा है। हर तरफ पानी की हाय तौबा मची हुई है, बोर सूख चले हैं.....छोटे-छोटे मोहल्लों में पानी की विकट समस्या खड़ी हो गई है....हर तरफ लोग पानी को लेकर चिंतित है और दिन रात पानी संग्रहण में लगे रहते हैं....ऐसे में यदा-कदा जब कभी दिखाने के लिये या यूँ कहे खानापूर्ति के लिये नगर पालिका का कोई टैंकर पानी वितरण करते हुए किसी मोहल्ले में पहुँचता है तो वहाँ गदर-लडाई-झगड़ा से लेकर मारपीट तक होने लगी है। यह किस्सा अब हर दिन हो रहा है। कल मण्डी में हुआ आज गंज में और छावनी में भी....। अब मजबूरन संगीनों के साये में पुलिस की उपस्थिति में नगर में पानी बंटने की शुरुआत भी हो गई है। आज शाम गंज में तो नगर पालिका के एक टैंकर चालक परिचालक के साथ स्थानीय लोगों ने मारपीट ही कर दी है....। नगर पालिका और जिला प्रशासन की कथित पानी की लेकर की जा रही ढोंगबाजी के चलते नगर में पानी की ऐसी विकट समस्या खड़ी हो गई है कि मारपीट-लड़ाई-झगड़े शुरु हो गये हें और पुलिस को पानी बंटवाना पड़ रहा है। नगर में पानी को लेकर हाहाकार की स्थिति मची हुई है, बड़े ताम-झाम के साथ प्रशासन ने जो व्यवस्थाएं बताई थीं वह कहीं नजर नहीं आ रही हैं। जिस तरह की व्यवस्थित जल वितरण की जानकारी दी गई थी पता चला कि आये दिन इसमें गड़बड़ियाँ हुई और जिस दिन जहाँ पानी वितरण होना था वहाँ नल ही नहीं चले। इस प्रकार अव्यवस्था ने काफी संकट खड़ा कर दिया। नगर पालिका की जल वितरण व्यवस्था एक तरह से चौपट-सी नजर आई है। जो कुछ नलों से पानी वितरित किया जा रहा है तो बहुत कम मात्रा में है। असल में यह पूरी विधि इसलिये में नगर पालिका के उन धुरंधर लालों के लिये उत्साह पैदा करने वाली नहीं है क्योंकि उनके लिये 'जल संकट के इस सुहावने मौसम में यदि जल वितरण हो गया तो कमाई कैसे होगी' का जुमला फिट बैठता है।
ऐसे में नगर में ले देकर सिर्फ टैंकरों का वितरण ही मोहल्ले-मोहल्ले हो रहा है जिससे जल वितरण की व्यवस्था जारी है। लेकिन यह टैंकर भी कागजों पर यादा और यथार्थ में कम दौड़ रहे हैं। फुरसत ने पहले ही एक समाचार के माध्यम से यह जानकारी प्रसारित की थी कि किस प्रकार टैंकरों का ठेका अपने प्रिय लोगों को दिलाया गया है और भारी कमाई का साधन इस व्यवस्था को बनाया है। जितने टैंकर चलते नहीं है उतने कागजों पर लिखाते हैं और जितने ट्रिप वह दिनभर में लगाते हैं उससे दुगने का भुगतान उन्हे किया जाता है। इस प्रकार पानी के नाम पर हो रही कमाई के कारण नगर में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।
इधर सांठगांठ से नगर पालिका ने अनेक नलकून खनन भी करवा डाले हैं कुछ अनुपयोगी भी करवाये हैं, कुछ जबरन कराये हैं तो कुछ बेकार ही चले गये हैं, इसमें जितना रुपया बर्वाद किया गया है उसकी अपेक्षा पेयजल वितरण की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाता तो निश्चित ही नगर में पानी को लेकर लड़ाई-झगड़े की स्थिति नहीं बनती। लेकिन बड़े-बड़े बिल बनाने के लिये यहाँ ऐसे अनेक प्रयोग कुछ लोग सांठ-गांठ से करने पर उतारु है।
आज अमर टाकीज के सामने नाले किनारे बसी अवैध बस्ती में जब एक टैंकर जल वितरण करने पहुँचा तो यहाँ मारपीट लड़ाई-झगड़ा शुरु हो गया। इस पर मजबूरन कुछ लोगों ने पुलिस को सूचित किया और फिर चीता पुलिस को यहाँ पूरे समय खड़े रहकर पानी वितरण करवाना पड़ा। पुलिस इसी काम में लगी रही कि किस प्रकार व्यवस्थित रुप से लोग पानी भर लें।
इधर शाम को जब एक नगर पालिका का टैंकर गंज क्षेत्र में गया तो यहाँ तो टैंकर ले जाने वाले अधिकारी के साथ मारपीट ही कर दी गई। जिस पर नगर पालिका कर्मचारियों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को सूचित किया तब पुलिस फोर्स और अधिकारी स्वयं घटना स्थल पर उपस्थित हुए। यहाँ मारपीट करने वाले को फटकार लगाई गई साथ ही नगर पालिका कर्मचारी दीपेन्द्र सिंह तोमर जिसके साथ मारपीट कर दी गई थी उसका मेडिकल भी कराया गया है। यहाँ मजे की बात यह रही कि मारपीट करने वाले ने नगर पालिका की लोहे की पुरानी टंकी जो अनेक महत्वपूर्ण स्थानों पर रुकमणी रोहिला के समय रखवाई गई थी उसे अपने कब्जे में ले रखा था और उसमें दादागिरी के साथ वह पानी भरवा रहा था। जब इसकी जानकारी नायब तहसीलदार और पुलिस को दी गई तो उन्होने यहाँ कन्हैयालाल राठौर ताराचंद राठौर के यहाँ से उक्त टंकी की जप्ती बनाकर संबंधित व्यक्ति पर कार्यवाही भी की है। इस प्रकार नगर में आये दिन अब पानी को लेकर झगड़े होने लगे हैं और संगीनों के साये में पानी का वितरण करना मजबूरी हो गया है।

अब पुलिस ही बंटवायेगी पानी...........
सीहोर। जल वितरण के दौरान लगातार लडाई-झगड़े होने की घटनाओं से परेशान मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने समस्त कर्मचारियों के हस्ताक्षर युक्त एक आवेदन पुलिस को सौंप दिया है जिसमें मांग की गई है कि नगर में जल वितरण के दौरान होने वाली घटनाओं से बचने के लिये और कर्मचारियों की सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस सहयोग करे। जल वितरण के दौरान पुलिस जवान यदि उपस्थित रहेंगे तो निश्चित ही मारपीट जैसी स्थितियाँ नहीं बनेगी। इसलिये नगर पालिका ने पुलिस से सहायता की मांग की है। निश्चित ही कल से पुलिस संगीनों के साये में जल वितरण करायेगी।

ट्रक ने टक्कर मारी महिला की दर्दनाक मौत

सीहोर 12 अप्रैल (नि.सं.)। थाना जावर अर्न्तगत डोडी पुलिया के पास इंदौर भोपाल राजमार्ग पर एक ट्रक और बाइक की टक्कर से एक मौत तथा तीन लोग घायल हो गये पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटिया गयासुर जिला देवास निवासी 25 वर्षीय दिनेश आ. अर्जुन गत दिन अपनी बाइक क्रमांक एमपी-13-एसबी-1777 से अपनी पत्नी सुशीला एवं बच्चे दुर्गेश एवं सुनील के साथ थाना आष्टा क्षैत्रार्न्तगत आने वाले ग्राम देवनखेड़ी जा रहा था कि दोपहर पौने एक बजे इंदौर भोपाल राजमार्ग पर डोडी पुजिया के पास पीछे से आ रहे ट्रक क्रमांक एमपी-220-जीए-1686 के चालक ने ट्रक को तेजगति व लापरवाही पूर्वक चलाकर इनकी बाइक में टक्कर मार दी । परिणाम स्वरूप दिनेश की 21 वर्षीय पत्नी सुशीला बाई की दुर्घटना स्थल पर ही मौत हो गई, तथा दिनेश एवं उसके पुत्र दुर्गेश, तथा सुनील को चोट आने से इलाज हेतू आष्टा अस्पताल में दाखिल कराया गया हैं ।

आष्टा में मतदाता सूची में गड़बड़ी

आष्टा 12 अप्रैल (नि.प्र.)। आष्टा विधानसभा क्षैत्र के मतदाता परिचय पत्र में अनेक प्रकार की त्रुटि का ज्ञापन आज अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा गया । विशेष राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है । मतदाता के मतदान अधिकार से वंचित करने का षडयंत्र रचा जा रहा है ।
तहसील में फोटो किसी और का नाम किसी और का कर दिया गया । सबूत के तौर प ज्ञापन में लगभग दो सो मतदाता की त्रुटि पूर्ण सूची सौंपी गई । ज्ञापन में मांग की गई कि मतदाताओं के संविधान के अधिकारों का हनन हो रहा है । अत: तत्काल पुन: निरीक्षण कर त्रुटि सुधार कर नये परिचय पत्र बनाये जाये । अन्यथा कांग्रेस पार्टी जन आंदोलन करेगी । जिसकी संपूर्ण जवाबदारी प्रशासन की रहेगी । ज्ञापन सौंपनें वालों में प्रमुख रूप से एच.आर.परमाल अध्यक्ष सेवादल कांग्रेस, एजाजुर्रहमान अध्यक्ष नगर कांग्रेस, दशरथ सिंह राजपूत उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग, जितेन्द्र शास्त्री पूर्व युवक कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष, अजीज अंसारी वरिष्ठ पार्षद, जितेन्द्र दांसोदी, सौभाल सिंह ठाकूर सरपंच, राधेश्याम मालवीय, भरतसिंह वर्मा, बहादूर सिंह ठाकूर, महेश दूबे मीडिया प्रभारी राकेश बैरागी आदि लोग उपस्थित थे ।

गुमटी में आग लगी, 3 लाख का नुकसान, तीन वाहन स्वाहा

आष्टा 12 अप्रैल (नि.प्र.)। आज प्रात: लगभग 6 बजे आष्टा नगर में कन्नौद रोड पर घाड़ीवाल मार्केट के नुक्कड पर दुपहिया वाहनों को सुधारने वाले गोपाल मेकेनिक की गुमटी में आग लग गई आग लगने का कारण अज्ञात है लेकिन इस आग में दुकान में रखा दुपहिया वाहनों को सुधारने का पुरा सामान, औजार व अन्य उपकरण सहित सुधरने आये तीन दुपहिया वाहन जलकर नष्ट हो गये जब आग लगी तब आस-पास के लोगों ने फायर बिग्रेड को सूचना की लेकिन उस वक्त फायर बिग्रेड मैना गया हुआ था । यहां पर एक खले में आग लग गई थी । उसे बुझाने । फायर बिग्रेड के अभाव में न.पा. का खाली टेंकर पहले पानी भरने पहुंचा और जब आग बुझाने घटना स्थल पर पहुंचा तब तक सब कुछ जल चुका था।
गोपाल मेकेनिक ने फुरसत को बताया कि आग में 3 से 4 लाख का नुकसान हो गया है । गोपाल ने स्थानीय प्रशासन से सहायता की मांग की है। उसका कहना है कि उसकी व परिवार की जीविका का यही एक मात्र जरिया था जो आज आग की भेंट चढ़ गया । आग लगने के कारण कुछ लोग यह भी बता रहे है कि दुकान के पीछे जो रोजाना सुबह कचरा जलाया जाता है शायद उससे आग लगी हो या फिर शार्ट सक्रिट से भी आग लग सकती है ।

सीहोर में अन्तर्राष्ट्रीय हाकी खिलाड़ी दाऊद देंगे प्रशिक्षण

सीहोर 12 अप्रैल (नि.सं.)। वर्तमान एवं पूर्व हाकी खिलाड़ियों की गत 8 अप्रैल को संपन्न बैठक में सीहोर जिले में हाकी का स्तर सुधारने और उभरते खिलाड़ियों को तराशने और उन्हें अवसर दिलाने के उद्देश्य से सीहोर हाकी क्लब का गठन कर लिया गया जिसमें सर्व सम्मति से मनोज कन्नोजिया अध्यक्ष राहुल यादव, हरीश राठौर, सोनू व्यास उपाध्यक्ष, रफतउल्ला खां सचिव, चन्द्रशेखर डागर सहसचिव वैभव उदासी सह सचिव कु. पूजा शर्मा सुरेन्द्र वर्मा कोषाध्यक्ष, इश्तियाक वेग कोच, ललिता सेनी महिला कोच, अरूण चावरिया कप्तान बालक टीम, तथा कु. श्वेता सिंह कप्तान महिला हाकी टीम बनाई गई । संपन्न बैठक में 25 अप्रैल से 5 मई तक ग्रीष्म कालीन हाकी केम्प चर्च ग्राउंड पर आयोजित होगा । इस केम्प में खिलाड़ियों को एन.आई.एस. द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा । केम्प के प्रभारी अर्न्तराष्ट्रीय हाकी खिलाड़ी दाऊद मोहम्मद को नियुक्त किया गया है ।

भास्कर कार्यालय को निशाना बनाया चोरों ने

आष्टा 12 अप्रैल (नि.प्र.)। अभी अस्पताल के पीछे एक ही रात में 5 गुमटीयों में हुई चौरी के चौर पकडाये भी नही थे कि आज चोरो ने रात्रि में बिजली कटौती का फायदा उठाते हुए टाकीज रोड पर स्थित भास्कर कार्यालय को निशाना तो बनाया लेकिन कुछ ले जा नही पाये ।
टाकीज रोड पर दैनिक भास्कर समाचार पत्र का कार्यालय है रात्रि में चौरो ने इसे निशाना बनाया और मुख्य द्वार पर लगे ताले को तोड़कर कुन्दा तोड़ दिया अंदर भी घुसे कार्यालय की टेबल की दराज में रखे पूरे कागज आदि बिखेर दिये लेकिन कुछ ले जा नही पाये आज प्रात: रोज की तरह कार्यालय प्रमुख रघुवर दयाल गोहिया सीहोर से आये तो कार्यालय का ताला खुला देखा और अंदर सारे कागज बिखरे पडे थे कार्यालय में कम्प्यूटर इन्वर्टर आदि रखे थे लेकिन चौर कुछ ले जा नही पाये ।
श्री गोहिया ने लिखित में टी.आई. आष्टा को आवेदन भेजा है । खबर है कि बीती रात इसी तरह 2-3 स्थानों पर चौरी हुई है । कहीं चौरी के प्रयास किये गये है । लगता है आष्टा में चौरो ने अपना पुरा ध्यान केन्द्रित कर लिया है । चौरो के लिए इन दिनों रात्रि में हो रही घंटो बिजली कटौती वरदान सिद्ध हो रही है ।

मैना में गेहूँ का खला जला

मैना 12 अप्रैल (नि.सं.)। आज सुबह लगभग 6 बजे आष्टा शुजालपुर मार्ग पर ईमली जोड़ के पास मैना के कृषक हरिनारायण पुत्र बल्देव खाती के खले में खेतों से कटकर आया गेहूँ रखा था। अचानक खले में आग लग गई जिससे खले में रखा पूरा गेहूँ और चना आग की भेंट चढ़ गया।
सुबह सूचना मिलने पर आष्टा से फायर ब्रिगेड आग बुझाने के लिये ईमली जोड़ पर पहुँचा लेकिन तब तक सबकुछ स्वाहा हो चुका था। खले में रखा गेहूँ कितना था और कितने का नुकसान हुआ है इसको लेकर भिन्नता सामने आई है। कृषक का कहना है कि खले में 25 गाड़ी गेहूँ और 10 गाड़ी चना रखा था जो जल गया है वहीं सरकारी सूत्रों के अनुसार उक्त अग्निकाण्ड में लगभग 20 से 25 हजार का नुकसान हुआ है।

बिजली की मेहरबानी से आष्टा के नागरिक बूंद-बूंद पानी को तरसे

आष्टा 12 अप्रैल (नि.सं.)। लबालब भरी पार्वती को देखकर कोई भी यह नहीं कह सकता कि आष्टा में पीने के पानी का संकट होगा। लेकिन दो दिनों से मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल द्वारा घोषित के साथ घंटो अघोषित विद्युत कटौती के कारण नगर पालिका की जल प्रदाय व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है। बिजली के कारण जिस टंकी से नगर पालिका जल वितरण करती है वो टंकी भरा नहीं पाई और उसका परिणाम यह रहा कि आज नगर में अनेकों क्षेत्रों में जल वितरण नहीं हो पाया। कल और आज विद्युत की घंटो अघोषित कटौती के कारण नगर का नागरिक एक और जहाँ पीने के पानी से वंचित रहा। वहीं भीषण गर्मी में उसने रात घर के बाहर व छतों पर खुले में बैठे-बैठे मच्छरों के साथ जैसे-तैसे रात काटी। कुछ दिनों पूर्व जब नगर पालिका ने इन्ही कारणों के कारण एक ऐलान द्वारा नगर के नागरिकों को जब सूचित किया था कि बिजली की अघोषित कटौती के कारण समय पर जल वितरण नहीं कर पा रहे हैं तब मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल ने कितनी विद्युत दी और कितनी काटी उसका लेखा जोखा प्रस्तुत कर यह दर्शाने का प्रयास किया था कि नगर पालिका का जल वितरण व्यवस्था बिगड़ी हुई है, हमारी गलती नहीं लेकिन अब दो दिनों में विद्युत मण्डल ने कितनी दी और कितनी काटी इसका लेखा जोखा भी मण्डल को जनता के सामने रखना चाहिये।

सीहोर में जहरीले पदार्थ के सेवन से बालिका की मौत

सीहोर 12 अप्रैल (नि.सं.)। थाना अहमदपुर में एक बालिका की उपचार के दौरान मौत हो गई । पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है । प्राप्त जानकारी के अनुसार अहमदपुर थाना अर्न्तगत आने वाले ग्राम बनखेड़ा निवासी गजराज सिंह की 15 वर्षीय पुत्री प्रीति ने गत 23 फरवरी को अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था जिसे उपचार हेतू हमीदिया अस्प. भोपाल दाखिल कराया गया था जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई ।

तीन सटोरिये गिरफ्तार

सीहोर 11 अप्रैल (नि.सं.)। कोतवाली थाना पुलिस ने पीली मस्जिद कस्बा निवासी हनीफ आ. हबीव अली, भोपाल नाका निवासी राजकुमार उर्फ गुड्डु आ. लालाराम तथा जावर पुलिस ने गजपुरा निवासी असीफ आ. बसीर खां को अवैध रूप से सट्टा पर्ची लिखते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया हैं । पुलिस ने इनके कब्जे से 1560 रुपये नगदी सट्टा पर्ची व एक मोबाइल फोन जप्त कर धूत अधिनियम के तहत प्रकरण कायम किया है । इसी प्रकार जावर पुलिस ने ग्राम मूंदीखेड़ी निवासी जगदीश आ. खुमान पारदी को 14 पाव देशी मदिरा सहित गिरफ्तार कर आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है ।

प्रदेश भर के वकील मुख्यमंत्री को लिखेंगे पोस्टकार्ड

सीहोर 11 अप्रैल (नि.सं.)। मध्यप्रदेश के वकील मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पोस्ट कार्ड भेज कर सीहोर कलेक्टर को हटाने तथा अन्य उत्तरदायी अधिकारियों को भेजेगे । आज इसकी शुरूआत सीहोर से की गई । एक सौ वकीलों ने पोस्टकार्ड भेजे है ।
जिला अभिभाषक संघ संघर्ष समिति अध्यक्ष मेहरबान सिंह बलभद्र ने बताया कि अधिवक्ता, पत्रकार रामनारायण ताम्रकार के साथ घटित घटना को एक माह हो गया पर सरकार न तो कलेक्टर को हटाया और न ही उत्तरदायी अधिकारियों को दंडित किया है । इससे वकीलों में गुस्सा बना है । कौंसिल अध्यक्ष रामेश्वर नीखरा ने सीहोर प्रवास के दौरान म.प्र. के वकीलो को आव्हान किया है कि वह मुख्यमंत्री का ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्हें पोस्टकार्ड भेजे । इसकी शुरूआत आज सीहोर से की गई । एक सौ पोस्टकार्ड सीहोर से लिखे गए है । जिनमें क लेक्टर को हटाने और एसडीएम चंद्रमोहन मिश्रा, तहसीलदार राजेश शाही, सीएमओ धीरेंद्र श्रीवास्तव, को निलंबित कर पीड़ित पक्ष को क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की गई है ।

समर्थन मूल्य से कम भाव पर खरीदा जा रहा है गेंहू , किसानों में आक्रोश

जावर 12 अप्रैल (नि.प्र.)। स्थानीय सेवा सहकारी समिति में समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदने के लिये 20 दिन पहले आदेश आ गये लेकिन समिति द्वारा अभी तक गेंहू का एक दाना तक नही खरीदा गया जिससे क्षैत्र के किसानों में आक्रोश व्याप्त है किसानों को मजबूरी में अपनी उपज औने पौने दाम पर बेचना पड़ रही है ।
समिति द्वारा समर्थन मूल्य पर गेंहू नही खरीदने का मण्डी के व्यापारी भी पूरा लाभ उठा रहे है । जो गेहूं ग्यारह सौ रुपये क्विंटल खरीदना था वह गेहूं बुधवार को मण्डी में 800 से 1000 रुपये क्विंटल के भाव ही खरीदा गया कहा गया कि यह जला गेंहू है सेकू खेड़ा के कृषक जीवन सिंह ने बताया कि जब सरकार ने ही गेंहू का समर्थन मूल्य ग्यारह सौ रुपये खरीदना तय किया है लेकिन जावर समिति द्वारा अभी तक समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नही करना आश्चर्य की बात है ।
मजबूरी में किसानों को अन्य कृषि उपज मंडियों में बेचने जाना पड़ रहा है मंडीयों में भी किसान की उपज का सही मूल्य नही मिलने से क्षैत्र का कृषक वर्ग परेशान है किसानों का कहना है कि इस बार बैसे ही किसानों की फसल ठंड के कारण काफी जल गई है और उत्पादन भी कम हुआ है । इस वर्ष किसानों की फसल ठंड के कारण जल गई थी कृषक अनारसिंह का कहना है कि अभी तक समिति द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू नही किए जाने के कारण क्षैत्र के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है । किसानों का कहना है कि जिले की अन्य समितियों में समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदी की जा रही है। लेकिन स्थानीय समिति द्वारा अभी तक एक भी दाना नही खरीदना आश्चर्य की बात है । उधर समिति प्रबंधक सानसिंह का कहना है कि बारदान नही होने के कारण अभी तक खरीदी शुरू नही की गई है । एक दो दिन में वारदान आने वाले है वारदान आते ही खरीदी शुरू कर देगें ।