Thursday, April 10, 2008
रामपुरा डेम से सीहोर के लिए जा रहा है 20 लाख घनमीटर पानी
एक लाख ही दिया :- प्राप्त जानकारी के अनुसार जल उपयोगिता समिति की बैठक के अनुसार रामपुरा डेम से पानी छोड़ने की बात उठी थी तब कहा गया था कि सीहोर न.पा. इसके बदले सिंचाई विभाग को 5 लाख रुपये जमा करायेगा । लेकिन खबर है कि सीहोर न.पा. ने मात्र एक लाख रुपया ही जमा किया है ।
अच्छे के साथ गन्दा भी :- रामपुरा डेम सीहोर के लिए जो पानी छोड़ा गया वो आष्टा से पार्वती पर बने बंधान के ऊपर से बहकर जा रहा है । साथ ही इस पानी के साथ आष्टा नगर का गन्दे नाले का पानी भी उस अच्दे पानी में मिलकर साथ-साथ जा रहा है अगर सीहोर पहुंचने पर उक्त पहुंचे पानी को प्रर्याप्त शुद्ध फिल्टर नही किया गया तो पहुंचे पानी से बिमारी फैलने का भी अंदेशा है । सीहोर न.पा. को एंव सीहोर प्रशासन को इस मुद्दे पर जागरूकता का परिचय देना होगा ।
क्या उक्त पानी सीहोर पहुंचेगा:- आष्टा से सीहोर तक का जो नदी मार्ग है वो लम्बे समय से नदी में पानी नही होने से खाली सुखा पड़ा है अब जो पानी सीहोर जा रहा है। उसकी गति काफी धीमी है क्योंकि पुरा खाली मार्ग अत्याधिक पानी को आगे बढ़ने से रोक रहा है । कईयों के मन में अभी से यह शंका पैदा हो गई है कि क्या यह जा रहा पानी समय पर सीहोर तक पहुंच पायेगा ।
सीहोर भी निगाह लगाये रखा है:- आष्टा से वह कर पार्वदी नदी के माध्यम से रामपुरा डेम का जो छोड़ा गया पानी सीहोर जा रहा है चिन्तित सीहोर नगरपालिका पुरी निगाह लगाये हुए है। खबर है कि रोजाना इसकी रिपोर्ट ली जा रही है । कि आज उक्त पानी कहां तक पहुंच गया और सीहोर आने में कितना समय लगेगा ।
रास्ते में खेचा जा रहा है पानी:- एक तो खाली पड़ी नदी के कारण पानी देरी से आगे बढ़ रहा है वही जहां तक पानी पहुंच गया है । खबर है कि उन रास्तों में पड़ने वाले ग्राम व खेतों के कृषक जा रहे पानी को मोटरे लगाकर खेचने में भी लग गये है । नदी से उक्त पानी को खेचने पर कड़ी निगाह रखे जाने की भी आवश्कता है नही तो सीहोर के लिए उक्त पानी माथे का नाम कपाल वाली कहावत को चरितार्थ करेगा ।
आष्टा के मजे हो गये :- डेम से सीहोर के लिए पानी छोड़ा गया है लेकिन मजे में आष्टा वाले है और न.पा. का तो बहुत बड़ा फायदा हुआ है । क्योंकि सीहोर के कारण जब तक डेम से पानी चलेगा आष्टा की पार्वती तो लबालब भरी रहेगी इसलिए आष्टा को जो जल संकट का थोड़ा बहुत सामना मई-जून में करना पडता शायद वो इस कारण से नही करना पड़ेगा । वही रामपुरा डेम से आष्टा तक नदी मार्ग पर स्थित खेतों के किसानों के भी मजे हो गये है। वो बिन मौसम खेती कर रहे है । खासकर सब्जियां अच्छी मात्रा में पैदा करने में जुटे है।
विरोध के स्वर भी उठ थे :- जल उपयोगिता समिति की बैठक में निर्णय के बाद जब रामपुरा डेम से सीहोर के लिए पानी छोड़ा गया तब कई ग्रामों के किसानों ने इस निर्णय का विरोध करते हुए आष्टा एसडीएम को शिकायत तक कर दी थी उनकाा कहना था कि रामपुरा डेम का पानी किसानों के लिए है तथा जरूरत पड़ने पर आष्टा को दिया जाये सीहोर इसके कमान्ड क्षैत्र मेें आता ही नही है तो वहां पानी क्यों भेजा जा रहा है ।
रामपूरा डेम जैसी योजना सीहोर के लिए भी बनना चाहिये
आष्टा 9 अप्रैल (नि।प्र।)। जिस प्रकार आज सीहोर गंभीर जल संकट से हरवर्ष गर्मी में जुझता है । वर्षो पहले इसी तरह आष्टा भी जुझा करता था लेकिन तात्कालिक आष्टा सांसद सुशील चन्द्र वर्मा के प्रयास से आष्टा क्षैत्र को रामपुरा डेम की ऐसी सौगात मिली की आष्टा का व आस-पास के क्षैत्र को जलसंकट से स्थाई हल मिल गया । जिस प्रकार आष्टा के स्थाई जल संकट के लिए उक्त योजना बनाकर उसे पुरी की गई और एक विकट समस्या का स्थाई हल हुआ ठीक इसीप्रकार आज सीहोर की भी ऐसी किसी बड़ी महत्वपूर्ण योजना को बनाकर सीहोर को स्थाई जल संकट हल हो के लिए योजना बनना चाहिये और प्रयास ऐसे किये जाना चाहिये कि वो शीध्र चालू हो कर पूर्ण हो ताकि आष्टा की तरह सीहोर को भी स्थाई जल संकट से मुक्ति मिल सके इसके लिए सीहोर की जनता को पार्वती योजना के दूसरे चरण को लेकर विचार विमर्श करना चाहिये।
सिमी संगठन की सीहोर में गतिविधि पर नजर डालें यहां चटकाएं (क्लिक करें)
भक्तों के लिए भक्ति हुई मंहगी
इन दिनों चैत्र नवरात्रि का त्यौहार चल रहा है । माता के भक्त भक्ति में लीन तो है लेकिन शक्ति की देवी की आराधना उपासना के दौरान मंदिरों में पहुंच कर पूजन के लिए पूजन की सामग्री जो इतनी मंहगी हो गई है कि उसे लाना तथा नवरात्रि में व्रत के दौरान फलदार करना एक गरीब और सामान्य वर्ग के भक्त के लिए परेशानी के साथ साथ चिंता का कारण बना है । और नवरात्रि के पर्व में वो भक्त मंहगाई को लेकर सरकार को कोष रहा है । नवरात्रि में व्रत करने वाले भक्तों की फलहार, सामग्री की मांग बढ़ गई है लेकिन जो साबूदाना 20 से 25 रुपये मिला था वो अब 25 से 30 रुपये हो गया, मुंगफली का दाना 50 रुपये किलो मिल रहा है । जो नारियल 3 या 4 रुपये में भक्त खरीद कर मंदिरों में चढ़ाता था उसके लिए अब भक्तों को सोचना पड़ रहा है । क्योंकि नारियल अब 7रुपये का हो गया है । राजगिरा आटा जो 30 से 35 था अब 40 से 45 रुपये हो गया है । सिंघडा आटा 25 से 30 था वो अब 60 से 70 रुपये हो गया । नारियल के भाव दुगने हो जाने से मंदिरो में नारियल का चढावा घट गया है गरीब और सामान्य भक्त अब नारियल के बदले भगवान को या तो नगदी चढा कर संतुष्ट हो जाता है और भगवान से मांफी भी मांग लेता है कि क्या कंरू भगवान गरीब हुं नारियल मंहगा हो गया है इसलिए नगदी ही चढा रहा हूं कृपया स्वीकार करे ।
चोरों ने शानदार उपस्थिति दर्ज की, एक रात में 6 जगह ताले चटकाये
और वो रोक लेता है था पानी का टैंकर.......
सीहोर। नगर पालिका के पानी टैंकर को पिछले कुछ दिनों से मण्डी निवासी शासकिय कर्मचारी बाबूलाल मालवीय प्रतिदिन रुकवाकर पूरा पानी घर का भर रहे थे, जिस पर नाराज मोहल्ले वालों ने आज गदर कर दिया, यहाँ करीब एक घंटे तक टैंकर को रोककर रखा और जब यहाँ से एसडीएम को जानकारी दी गई तो उन्होने संबंधित व्यक्ति पर 500 रुपये का जुर्माना किया तब जाकर यहाँ नागरिकों ने टैंकर छोड़ा।
समर्थन मूल्य पर गेहूं नही खरीदा जा रहा, एसडीएम के घेराव की चेतावनी
सीहोर में चोरी का ट्रक बरामद, एक गिरफ्तार
प्राप्त जानकारी के अनुसार परदेशी पुरा इंदौर से 6 अप्रैल की दरम्यानी रात एलपी ट्रक क्रं. एमपी-09-केए-8586 चोरी चला गया था जिसकी सूचना पुलिस को मिली थी जिस पर पुलिस द्वारा निगाह रखी जा रही थी गत बुधवार की शाम एसडीओ सीहोर उमेश शर्मा को सूचना प्राप्त हुई कि इछावर रोड स्थित महर्षि विद्या मंदिर स्कूल के पीछे तरफ एक एलपी ट्रक बड़ा हरे लाल रंग का खउा है ।उ जिस पर श्री शर्मा ने थाना कोतवाली के सउनि. राम अवतार यादव, सउनि. महेश कपूर, प्रआर. ओमपाल, आर.रामचंद्र को थाना वाहन से तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिये बताया जाता है कि उक्त पुलिस पार्टी जब मौके पर पहुंची तो पाया कि तीन युवक ट्रक पर लिखे शब्दों व नम्बरों को हरे व लाल पेंट से पोट कर मिटा रहे थे जो पुलिस की जीप को देखकर भागे जिस पर पुलिस पार्टी ने पीछा कर एक व्यक्ति को पकड़ लिया किन्तु उसके दो साथी अल्ट्रो वाहन में बैठकर भागने में सफल हो गये । पकड़े गये व्यक्ति से पूछताछा पर अपना नाम रामसुंदर मिश्रा आ. कैलाश नाथ निवासी इलाहाबाद हाल रतनपुर भोपाल 11 मील भोपाल बताया तथा अपने फरार साथियों का नाम देवास नाका इंदौर निवासी मुकेश रघुवंशी व गुडडु होना बताया व वाहन को अपने साथियों की मदद से परदेशीपुरा इंदौर से चोरी कर लाना व डीजल खत्म होने से उक्त स्थान पर खड़ा कर जाना बताया व फिर अल्ट्रो गांडी से तीनों रंग के डब्बे व ब्रश लेकर आना तथा ट्रक की नम्बर प्लेट खोलना व पहचान मिटाने की नियत से रंग पोतना बताया । कोतवाली पुलिस ने वाहन को 41,1,4 जाफौ, 379,414 भादवि. के तहत बरामद कर इन्दोर पुलिस को सुपुर्द किया है। वाहन पन्नालाल परदेशीपुरा इंदौर का है। जहां पर चोरी का प्रकरण कायम है ।
टैक्टर ने ऐसी मारी टक्कर कि वो मर ही गया
जानकारी के अनुसार ग्राम रिछाड़िया निवासी राजेश गत सोमवार की शाम अपनी बिना नंबर की मोटर सायकल पर अपने जीजा बालागांव निवासी 33 वर्षीय मनोहर आ. रामसिंह पंवार को बैठाकर नारायण पुरा से बालागांव जा रहे थे, तभी छीपानेर बस स्टेण्ड से आगे धौलपुर रोड पर नर्वदा नदी तरफ से टर्निग पर आ रहे टैक्टर चालक छीपानेर निवासी शक्ति आ. गब्बूलाल ने तेज गति व लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर राजेश की मोटर में सामने से टक्कर माद दी। जिससे राजेश दूर जा गिरा एवं मनोहर टैक्टर के पहिये के नीचे आ गया जिसके सिर पर से टैक्टर का पहिया निकलने से उसकी दुघर्टना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई ।
आया था मजदूरी करने और फांसी को गले लगा लिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम चौराई सिवनी हाल-वकतरा निवासी 37 वर्षीय चेतराम आ. ताम सिंह गौंड मेहनत मजदूरी करने अपने परिवार के साथ बकतरा आया हुआ था ।जिसने बीती रात बकतरा स्थित कुलदीप पटेल की बागिया में बबूल की पेड़ से फांसी लगाकर खुद खुशी कर ली। बताया जाता है कि मृतक अर्धविक्षिप्त जैसा था पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्ट मार्टम हेतू भेजा एवं मर्ग कायमी कर मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।
श्रद्धांजली
अमलाह मे भी गेहूं खरीदी केन्द्र बंद हुआ, किसान दुखी
बजरंग दल ने मनाया नया साल, तीन ग्रामों में रामदरबार की स्थापना
जादूगर का जादू चल गया जामनेर में
गणगौर उत्साह से मनाया
जावर 9 अप्रैल (नि.प्र.)। मंगलवार को माहेश्वरी समाज की महिलाओं द्वारा गणगौर का पर्व परम्परागतानुसार एवं उत्साह के साथ मनाया गया । इस दौरान कृष्ण मंदिर से बेड़ बाजे के साथ जुलूस निकाला गया जो नगर के प्रमुख मार्गो से होता हुआ महेश भवन पहुंचा यहां पर महिलाओं द्वारा झाले दिये गये व रंग गुलाल लगाया साथ स्वल्पहार भी सामूहिक रूप से किया गया ।
Wednesday, April 9, 2008
फुरसत अब पूरे विश्व में पढ़ा जा सकेगा
सीहोर 8 अप्रैल (नि.सं.)। जिले से प्रकाशित एकमात्र हिन्दी समाचार पत्र फुरसत का अब अंतरताना संस्करण (इंटरनेट) का प्रारंभ भी होना एक सुखद बात है। जिससे न सिर्फ सीहोर की पहचान पूरे विश्व में बनेगी बल्कि पूरे विश्व में तथा भारतवर्ष में रहने वाले सीहोर के लोगों व नगर की बेटियों के लिये अब सीहोर की ताजा खबरें आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। भारतीय नववर्ष पर फुरसत के इंटरनेट चिट्ठे का शुभारंभ फुरसत की राष्ट्रवादी विचारधारा का द्योतक है।
उक्त बात कल एक अनौपचारिक समारोह में संस्कार भारती संस्था के जिला अध्यक्ष व जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने कही। भारतीय नववर्ष पर नये कार्य का शुभारंभ करते हुए दैनिक फुरसत परिवार ने अब फुरसत के संस्करण को पूरे देश व विदेश तक पहुँचाने की पहल की और फुरसत ने इंटरनेट पर एक चिट्ठा भी बनाया है। जिस पर प्रतिदिन फुरसत में प्रकाशित होने वाले ताजा तरीन समाचार को पढ़ा जा सकेगा। इस बेवसाईट चिट्ठे के अनौपचारिक उद्धाटन समारोह में कल नगर के वरिष्ठ नागरिकगण व पत्रकारगण उपस्थित थे। वरिष्ठ गल्ला व्यापारी अनिल जी पालीवाल, कैलाश जी अग्रवाल, पत्रकारगण श्री पुरुषोत्तम कुईया, श्री रामनारायण जी ताम्रकार, राकेश समाधिया, सुरेश साबू, अनिल राय, अभिभाषक वृजेन्द्र श्रीवास्तव, मनोज दीक्षित मामा, सुशांत समाधिया सहित सम्माननीय पंडित रामप्रसाद ब्रजवासी व श्री पृथ्वीबल्लभ जी दुबे उपस्थित थे। रविवार सायं शुभ मुहूर्त में फुरसत के इस अंतरताना संस्करण को पूरे विश्व के पाठकों के लिये खोल दिया गया।
उपस्थित फुरसत परिवार के सदस्यों को संपादक आनन्द भैया ने बताया कि 1 जनवरी वर्ष 2008 से लेकर प्रतिदिन के सारे महत्वपूर्ण समाचार जो फुरसत में प्रकाशित किये गये हैं वह इस बेवसाईट पर आसानी से देखे जा सकते हैं। साथ ही इसे नई यूनिकोड हिन्दी में बनाया गया है ताकि यह किसी भी कम्प्यूटर पर आसानी से देखी जा सके। बेवसाईट की विशेषताओं के संबंध में बताया कि इसमें जहाँ आप अपनी मनचाही तारीख के अनुसार फुरसत के समाचार-आलेख आदि पढ़ सकते हैं वहीं यदि आप तारीख नहीं बल्कि किसी स्तंभ विशेष के समाचार देखना चाहते हैं तो उसके लिये भी इसमें समाचार व्यवस्थित किये गये हैं। आप चाहें तो फुरसत की खासखबर, खबर ही तो है, होली विशेषांक, न्यायालय के समाचार, उपभोक्ता फोरम के समाचार, सांस्कृतिक व धार्मिक समाचार, आपराधिक समाचार, जल संकट से संबंधित समाचार, खेती-किसानी, फागुन हास्य समाचार, योतिष समाचार अथवा फुरसत की संपादकीय या विशेष लेख अलग से चटकाकर (माउस से क्लिक कर) पढ़ सकते हैं।
फुरसत के इस चिट्ठे को देखकर अतिथि श्री अनिल पालीवाल ने कहा कि वाकई फुरसत की अनुकरणीय पहल है, तथा जिस ढंग से इसे व्यवस्थित किया गया है वह संपादक की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है। श्री कैलाश अग्रवाल ने कहा कि मेरे कई मित्र ऐसे हैं जिनके परिवार के सदस्य सीहोर से बाहर रहते हैं अब उन्हे इसके माध्यम से सीहोर के ताजा समाचार मिल जाया करेंगे, यह उपलब्धि है। वरिष्ठ पत्रकार श्री पुरुषोत्तम कुईया ने कहा कि पूरे विश्व में कम्प्यूटर पत्रकारिता बढ़ रही है ऐसे में सीहोर के ताजा समाचार बड़ी मात्रा सुव्यवस्थित रुप से उपलब्ध होना एक अच्छी शुरुआत है। श्री ताम्रकार ने कहा कि मैने बड़े अखबारों की बेवसाईट भी देखी हैं लेकिन जितनी व्यवस्थित फुरसत की बेवसाईट है जहाँ तारीखवार व विषय की रुचि के अनुसार समाचार पढ़े जा सकते हैं वह किसी अन्य अखबार की नहीं है।
संस्कार भारती के मुकेश सक्सेना ने कहा कि इंटरनेट वाकई कमाल की व्यवस्था है जहाँ आज हर एक विषय उपलब्ध है, ऐसे में खुशी इस बात की है कि अब कहीं कोई यदि सीहोर के लिये सर्च करेगा तो उसे फुरसत के बेहतरीन समाचार और पूरी सीहोर की जानकारी मिल जायेगी। पं. पृथ्वीबल्लभ दुबे ने इस अवसर पर फुरसत परिवार को उन्नति का आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर संपादक आनन्द भैया ने उपस्थित सभी फुरसत परिवार के सदस्यों को बताया कि अब निश्चित रुप से पूरे देश में सीहोर से जुड़े लोगों को सीहोर के ताजा समाचार पढ़ने को मिलेंगे। न सिर्फ सीहोर की बेटियां जो आज बाहर बहु बनकर रह रही हैं उन्हे बल्कि सीहोर के बहुत बड़ी संख्या में ऐसे युवक जो बड़ी कम्पनियों में काम करके सीहोर का नाम रोशन कर रहे हैं, साथ ही पूर्व कलेक्टर, एस.पी. व अन्य शासकिय अधिकारी जो बाहर जाकर भी सीहोर से जुड़े रहते हैं उन सभी वर्ग के लोगों को सीहोर के समाचार अब आसानी से उपलब्ध हो जायेंगे। उन्होने उदाहरण दिया कि देश की आतंकवादी प्रतिबंधित संस्था सिमी के आतंकवादी सीहोर में पकड़ाये हैं जिसके अधूरे समाचार पूरे देश में फैल जायेंगे लेकिन लोगों को पूरी जानकारी नहीं मिल पायेगी। ऐसे में बाहर रहकर भी कोई जानकारी लेना चाहे तो अब फुरसत के बेवसाईट से ले सकता है। गूगल सर्च में भी फुरसत बेवसाईट आ गई है। अंत में सभी उपस्थितों का आभार अनिल राय व सुशांत समाधिया ने माना।