Thursday, March 20, 2008

पानी के बहाने पार्षदों ने अध्यक्ष पर डाली अड़ी

पार्षद चाहते हैं कि उन्हे टैंकर भरपूर चलाने को दिये जायें, अध्यक्ष इससे बच रहे...
सीहोर 19 मार्च (नि.सं.)। नगर में होली पर्व के ठीक दो दिन पूर्व अचानक नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय की अध्यक्षीय समिति के पार्षदों ने तरह-तरह के बहाने बनाकर उनसे पल्ला झाड़ने की बात कही है। इनका कहना है कि अध्यक्ष जी सुनते-समझते नहीं है पूरे नगर में पानी की त्राही-त्राही मची है। उधर अध्यक्ष का कहना है कि पार्षद चाहते हैं कि टैंकर चलें हम चाहते हैं कि टंकी में पानी भराकर सबको समान वितरण हो?
उल्लेखनीय है कि हर बार पानी की किल्लत आने के साथ ही पार्षदों को टैंकर चलाने का मौका भी भरपूर मिलता है। इन टैंकरों के बहाने कितने टैंकर कहाँ चलते हैं, कितने कहाँ डलते हैं ? कितने चलते भी हैं या नहीं सिर्फ कागजों पर दौड़ लगाते हैं ? की चर्चाएं बल्कि आरोप-प्रत्यारोप और जांच तक हर वर्ष होती है।
पूर्व में एक पार्षद ने इस मामले लंबी कमाई भी कर डाली थी। एक पार्षद ने एक जमाने में टैंकरों के नाम से लाख रुपये से अधिक के फर्जी बिल बनवाकर अपनी प्यास मिटाई थी। लेकिन अब इनकी प्यास फिर जाग गई है।
दो दिन पूर्व जिस सचेतक राहुल यादव ने जरा-से तिलक पार्क में काम कराकर 5 लाख रुपये से अधिक के बिल पास करवाये हैं और अध्यक्ष राकेश राय के साथ फोटो खिंचवाकर अखबारों में भेजे हैं आज उन्होने कहा है कि अध्यक्ष की दोमुही नीति से परेशान हैं और उनका पुतला जलायेंगे।
पार्षद चाहते क्या हैं ? यह समझ नहीं आ रहा है। क्या सिर्फ इन्हे टैंकर चलवाये जाने से ही मतलब है या फिर टैंकर विवाद से बचते हुए असल में समस्या का हल चाहते हैं। अध्यक्ष का इस मामले में कहना है वह किसी भी तरह टैंकरों के माध्यम से लाल टंकी को भरवाकर फिर जनता को समान रुप से जल वितरण कराना चाहते हैं। क्या पार्षद इसमें राजी हैं? या फिर कुछ और बात है ?

प्रदर्शन, विरोध स्वरुप पूरी मण्डी बंद रही

सीहोर 19 मार्च (नि.सं.)। मण्डी एवं गंज क्षेत्र में पेयजल सप्लाई के साधन के रुप में बनकर तैयार हुई पानी की टंकी जिससे अभी तक पानी की सप्लाई नहीं की गई है जो कि सीहोर की गंदी राजनीति का कारण है। जिसकी वजह से मण्डी एवं गंज क्षेत्र की जनता को पिछले 6 वर्षों से बूंद- बूंद पानी के लिये यहाँ-वहाँ भटकना पड़ रहा है।
जनता पानी के लिये परेशान है एवं शासन प्रशासन एवं नगर पालिका सीहोर को इन दोनो पानी की टंकी सप्लाई चालू करवाने की चिंता नहीं है इसी को लेकर आज गंज एवं मण्डी के नागरिकों ने सीहोर के सभी पार्षदों को लेकर आज धरना एवं प्रदर्शन का आयोजन किया जो कि बहुत ही सफल रहा।
इस सिलसिले में मण्डी के युवा पार्षद राम प्रकाश चौधरी ने बताया कि इस टंकी से सप्लाई चालू करवाने के लिये पिछले लंबे समय से शासन एवं प्रशासन को कई आवेदन दिये लेकिन इस और कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की गई इसी वजह से मजबूर होकर हमें आम जनता को साथ लेकर सभी दल के पार्षदों ने शहर की गंदी राजनीति से उठकर सभी से एक होकर अपनी आवाज उठाई है और चेतावनी दी कि अगर 15 दिनों में पानी की टंकी से सप्लाई चालू करने की ठोस पहल नहीं की गई तो क्षेत्र में उग्र धरना एवं प्रदर्शन किया जायेगा। इस अवसर पर शहर के सभी क्षेत्र के लोगों ने इस धरने में उपस्थिति दर्ज कराई जिनमें प्रमोद पटेल, हीरालाल साहू, प्रेम पहलवान, तुलसीराम सेन, दिलीप शाह, अजय खण्डेलवाल, राकेश साहू, जयंत शाह, राजकिशोर गुप्ता, सरजू प्रसाद, रंजीत वर्मा, सीताराम अहिरवार, भोजराज यादव, दिनेश भैरवे, मिंदी अरोरा, राहुल यादव, विपिन सास्ता, रामप्रकाश चौधरी, राजकुमार श्रीवास, अवध शर्मा, हृदेश राठौर, अनूप चौधरी, राजू राठौर, मुन्ना शर्मा, राधेश्याम भारती, ताराचंद राठौर, प्रवीण राठौर, महेन्द्र पंवार, अंकित अग्रवाल, श्याम यदुवंशी, राजू, नीरज साहू, विनय राठौर, शफीक, शफीक भाई, ताराचंद साहू, सुनील साहू, मंदू शर्मा, नाना, नितेश राठौर, एस.कुमार राठौर, अन्नी राठौर, मंजीद मोंगिया आदि नागरिक शामिल हुए।

शहरवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करायेंगे-राकेश राय

सीहोर 19 मार्च (नि.सं.)। नगर पालिका परिषद सीहोर के अध्यक्ष राकेश राय ने कहा है कि सीहोर शहरवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिये पूरे प्रयास किये जा रहे हैं पार्षदों एवं नागरिकों के सहयोग से लगातार कदम उठाये जा रहे हैं। इन सबके बाद भी जैसा की सभी जानते हैं कि इस साल बरसात कम हुई है काहिरी में पानी नहीं है, जमोनिया का पानी बहा दिया गया है को जानबूझकर पानी को लेकर राजनीति की जा रही है यदि मेरा इस्तिफा पेयजल संकट का समाधान है तो इस्तीफा देने को तैयार हूं।
उक्त आशय की बातें आज शाम आयोजित पत्रकार वार्ता में नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय ने कहीं। उन्होने कहा कि शहर में कुल 434 हेण्डपंप हैं जिनमें से 300 सौ चालू है शेष जल स्तर नीचे चले जाने से बंद हो गये हैं। इसी प्रकार शहर में प्रत्येक वार्ड में प्रतिदिन 5 टेंकर पानी भेजे जाने की व्यवस्था की जा रही है नगर पालिका ने कुल 63 स्थानों पर पानी की टंकिया रखवा दी है जिन्हे भरवाया जा रहा है काहिरी जलाशय के लिये रामपुरा डेम से छोड़ा गया पानी अभी तक नहीं पहुँचा है, अल्पवर्षा की स्थिति के चलते शहर में जल संकट की स्थिति निर्मित हुई है लेकिन कुछ लोग उनकी छवि को धूमिल करने के लिये पानी के नाम पर राजनीति कर रहे हैं जो कि किसी भी नजरिये से ठीक नहीं है।
श्री राय ने बताया कि उन्होने अध्यक्षीय परिषद तत्काल प्रभाव से भंग कर दी है तथा नई अध्यक्षीय परिषद का गठन शीघ्र किया जायेगा। शहरवासियों को समय पर पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिये कृत संकल्पित नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय ने सभी के सहयोग की अपेक्षा करते हुए धैर्य और संयम बनाये रखने का अनुरोध किया है। श्री राय ने नगर वासियों को आश्वस्त किया है कि उन पर भरोसा रखें सभी पार्षदों के सहयोग से नागरिकों को किसी भी कीमत पर पेयजल उपलब्ध कराया जायेगा।

होली को लेकर पुलिस प्रशासन अतिगंभीर ग्राम-ग्राम में शांति समितियों की हुई बैठक

आष्टा 19 मार्च (सुशील संचेती)। होली रंगपंचमी का पाँच दिवसीय रंग पर्व को लेकर संवेदनशील आष्टा नगर एवं तहसील के सभी प्रमुख ग्रामों में डीआईजी भोपाल श्रीमति अनुराधा शंकर सिंह के निर्देश के बाद एसडीओपी आष्टा मनु व्यास टीआई अतीक खान, जावर मोहन सिंह जाट, मैना चौकी प्रभारी श्री मालवीय एवं सिध्दिकगंज अमलाह प्रभारी श्री पाण्डेय एवं सेंगर ने अपने-अपने क्षेत्रों के प्रमुख ग्रामों में पहुँच कर यहाँ-वहाँ पर शांति समितियों की बैठक ली ।
रंग पर्व व अन्य त्यौहार आपसी भाईचारे शांति सद्भाव के साथ मनाये जाये को लेकर सभी जगह पर प्रमुख लोगों को पुलिस ने अपने सहयोग के लिये विशेष पुलिस अधिकारी बनाया एवं निगरानी रखने के लिये उन्हे तैनात भी किया।
इस संबंध में अभी तक सिध्दिकगंज, जावर, मेहतवाड़ा, मैना, बरछापुरा, कोठरी, अमलाह, बड़खोला, खाचरौद, पगरिया हाट, नीलबड़ सहित अनेको ग्रामों में पुलिस अधिकारियों ने बैठकें ली। कल आष्टा थाने में एसडीओपी मनु व्यास टीआई अतीक खान ने आष्टा नगर की सभी होली उत्सव समितियों के सदस्यों को आमंत्रित किया एवं उनकी बैठक ली पुलिस ने सभी समितियों के आये सदस्यों से सहयोग की कि वे अपने अपने क्षेत्र में ध्यान रखे की जबरन चंदा वसूली ना हो, शरीर को हानी पहुँचाने वाले रंगो का उपयोग ना करें, रंग गुलाल से ही होली खेले, नशा करके कोई वाहन ना चलाये, तेजगति से वाहन चलाने वालों को समझाये, बिजली के तारों के नीचे होली दहन ना हो, नशे की हालत में हुलियारे नदी पर ना जाये तथा कहीं कोई बात हो तो सभी को समझाये व पुलिस को सूचना दे। एसडीओपी श्री मनु व्यास ने बताया कि होली रंगपंचमी व अन्य सभी त्यौहार शांति सद्भाव में मनाये जाये इसके लिये सभी से सहयोग की अपेक्षा पुलिस ने की है। पुलिस अपने स्तर पर भी कानून एवं व्यवस्था के पूरे इंतजाम कर रही है।

प्रभु का चमत्कार ही तो है....

सीहोर 19 मार्च (फुरसत)। जाको राखे....मार सके ना कोय उक्त उक्ति को आज सार्थक होते हुए खजांची लाईन में लोगों ने अपने आंखो से देखा जब प्रभु श्री गोवर्धन नाथ जी की निर्माणाधीन हवेली जी के निर्माण दौरान एक तरफ की अतिप्राचीन 30 फिट ऊँची दीवार अचानक गिर गई जिसकी चपेट में 4-5 मजदूर आ गये लेकिन यह प्रभु श्रीनाथ जी का चमत्कार ही तो है कि किसी को भी खरोंच तक नहीं आई। हमारे सुविज्ञ प्रत्यक्षदर्शी सूत्र ने बताया कि खजांची लाईन में भव्य हवेली जी का निर्माण हो रहा है। मजदूर दोपहर के समय भोजन के अवकाश में दीवार के पास बैठे अल्प विश्राम ले रहे थे कि तभी 30 फिट ऊँची दीवार पूरी गिर पड़ी। गोवर्धन नाथ जी की हवेली का नवनिर्माण के दौरान हुई इस दुर्घटना में किसी को कोई खरोंच नहीं आई।

गेहूँ की बाली में दाने ही नहीं निकले

आष्टा 19 मार्च (फुरसत)। ठंड से चने को तो काफी नुकसान हुआ है लेकिन अब गेहूं में भी नुकसान होने की खबर है। ग्राम मुगली निवासी सोभाल सिंह आत्मज बंशीलाल ने तहसील में शिकायत की है कि उसके खेत में गेहूं की जो फसल पककर तैयार तो खड़ी है लेकिन गेहूँ की बाली में गेहूँ के दाने नहीं के बराबर है जो कि ठंड से नुकसान होना एक कारण है। अब किसान ने तहसील को फसल का सर्वे कर नुकसान का मुआवजा देने की मांग की।

पार्वती लबालब हुई सीहोर के लिए पानी रवाना

आष्टा 19 मार्च (फुरसत)। रामपुरा डेम से आष्टा एवं सीहोर के लिए छोडा गया पानी आष्टा पहुंच गया और पार्वती लबालब भरा गई अब आ रहा पानी ऊपर से बहकर सीहोर के लिए रवाना हो गया है। तथा नदी मार्ग से उक्त बहता हुआ पानी दुपाड़िया -चुपाडिया तक पहुंच गया है । लम्बे समय से पुरा नदी मार्ग खाली पड़ा होने के कारण उक्त पानी बहता हुआ सीहोर कब पहुंचेगा इसका कोई अनुमान नही है । लेकिन डेम से छोड़ा गया उक्त पानी को सीहोर तक पहुंचने में काफी समय लगने की उम्मीद है । सीहोर को रामपूरा डेम से छोडा पानी पहुंचने के लिए काफी इंतजार करना पड़ सकता है ।

Wednesday, March 19, 2008

फलो के राजा आम के भाव घटे

आष्टा 18 मार्च (नि.प्र.)। गर्मी के दस्तक देते ही आष्टा में फलो का राजा आम की आमद हो गई । शुरू दिन नगर में बादाम आम नजर आया और प्रथम दिन बादाम आष्टा में 50 रुपये किलो बिका आम के शौकीनों ने इस दिन उक्त भाव से आम की शुरूआत की। लेकिन तीन दिवस में ही उक्त आम की जैसे ही आवक बढ़ी भाव भी गिर गये आज आष्टा में कई फ्रूट के ठेलो एवं दुकानों पर बादाम आम नजर आया भाव भी 10 से 20 रु पये किलो कम हो गया । आज आष्टा में बादाम आम 30 से 40 रुपये किलो प्रति किलो के भाव से बिका वही खबर है कि जैसे-जैसे आम की आवक बढ़ेगी भावों में और मंदी आयेगी । वैसे इस वर्ष आष्टा क्षैत्र में चुसने वाले आम की भी भारी आवक रहने की उम्मीद नजर आ रही है । क्योंकि खेतों में खड़े आम के पेड़ इस बार मोर ही मोर से लदे है । शर्त यह की तेज हवा आंधी का चले ओर मोर नही खिरे ।

अध्यक्ष की नीतियों से नाराज पार्षदों ने इस्तीफे दिये

सीहोर 18 मार्च (नि.सं.)। आज नगर पालिका अध्यक्ष की विगत दो वर्षों की ढुलमुल नीति और बारम्बार पानी की समस्या के लिये समुचित प्रबंध करने के लिये कहने के बाद भी कुछ कदम नहीं उठाने से नाराज अध्यक्षीय समिति के पाँच पार्षदों ने अध्यक्ष समिति से अपने इस्तीफे अध्यक्ष राकेश राय को उनके निवास पर जाकर सौंप दिये।
अध्यक्षीय समिति के पार्षद गण राहुल यादव स्वास्थ्य विभाग सभापति, दिनेश भैरवे राजस्व सभापति, नीरु पवन राठौर जल सभापति, निरंजन कौर मिंदी अरोरा खाद्य आपूर्ति सभापति, महिला बाल विकास सभापति राबिया अशफाक खान विगत दो वर्ष से समिति की हर बैठक में यह मांग अवश्य उठाते हैं कि हर एक वार्ड में कम से कम दो बोर कराये जायें और पानी की टंकी रखवाई जाये। लेकिन आज तक बोर करवाये ही नहीं गये। अब स्थिति यह है कि हर एक वार्ड में वार्डवासी पार्षदों को घेर रहे हैं। इसी से नाराज अध्यक्षीय समिति के उक्त पाँचों पार्षदों ने आज सुबह से ही अध्यक्ष राकेश राय के निवास पर जाकर संयुक्त इस्तीफे प्रस्तुत कर दिये हैं तथा अपनी बात रखते हुए स्पष्ट कहा कि हम आपकी नीतियों से दुखी हें।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिका द्वारा पूर्व में ही कुछ पानी की बड़ी टंकियां खरीद ली गई हैं जिन्हे वार्डों रखा जाना शुरु होने ही वाला है। लेकिन पानी की समस्या पूरे नगर में बहुत बड़े स्तर पर फैली हुई है। पूरे नगर के कई हेण्डपंप सूख चुके हैं जिसके कारण लोगों को पानी की दिक्कत आ रही है। इधर नगर पालिका के नलों से भी पानी सप्ताह के बाद अब दो सप्ताह तक नहीं आ रहा है।

मीसा बंदी करेंगे शिवराज का सम्मान

सीहोर। मध्य प्रदेश मीसा बंदी संघ के महामंत्री बालकृष्ण नामदेव ने एक समाचार विज्ञप्ति में बताया कि मध्य प्रदेश के मीसा बंदियों को पेंशन और सम्मान के शासन द्वारा आदेश देने के कारण मध्य प्रदेश के मीसा बंदियों ने यह निर्णय लिया है कि आगामी 3 अप्रैल को मध्य प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान किया जायेगा। इसी के साथ-साथ श्री नामदेव ने बताया कि आपातकाल के समय विभिन्न जेलों में निरुध्द किये गये मीसा बंदियों के अतिरिक्त डीआईआर अथवा अन्य कानूनाें में भी जिन व्यक्तियों को उस समय के शासन ने निरुध्द किया था उन्हे भी मीसा बंदियों के समान ही सम्मान एवं सम्मान निधि दी जाये। मीसा बंदी मरणोपरांत उसकी पत्नि को पूरी पेंशन का भुगतान किया जाये। इस संबंध में भी मध्य प्रदेश मीसा बंदी संघ ने मुख्यमंत्री से पहल की है। साथ ही मीसा बंदी एवं डीआईआर में बंद राजनैतिक कार्यकर्ताओं के संबंध में शासन द्वारा जो तीन माह की समय सीमा लगाई है उसको भी समाप्त किये जाने की चर्चा माननीय मुख्यमंत्री जी से हो चुकी है। इस संबंध में विस्तृत कार्यक्रम को तैयार करने के लिये एक बैठक मीसा बंदी संघ की भोपाल में आहूत की गई है जिसकी सूचना आमंत्रित अतिथियों को दी जा रही है।

होली का अच्छा बाजार भराया, होली को लेकर उत्साह

सीहोर 18 मार्च (नि.सं.)। और होली आ ही गई....सारी टेंशन, सारी व्यस्तताओं, वर्ष भर की सारी थकान को मिटा देने वाला और एक नई उर्जा से सराबोर कर देने वाला होलिका उत्सव द्वार पर आ चुका है। दो दिन बाद होलिका दहन का उत्सव नगर के हर एक प्रमुख चौराहे पर पूरे उत्साह-उमंग के साथ मनेगा। आज मंगलवार को होली का बाजार जम गया। दिनभर भारी भीड़ रही। पिचकारी, रंग, गुलाल की बिक्री अच्छी हुई। होली उत्सव समितियों ने भी तैयारियाँ शुरु कर दी है। होली उत्साह धीरे-धीरे छाने लगा है।
आई है होली आई... मस्ती उत्साह उमंग का संदेश लाई ....आई रे होली आई रे....। जी हाँ वाकई होली आ गई। एक जमाना था जब महिने भर पहले से आसपास के ग्रामीण सीहोर में रंगे-पुते ही आते थे। ग्रामीण क्षेत्रों में फागुन माह लगते ही होली की शुरुआत हो जाती थी। बल्कि एक परम्परा-सी विद्यमान थी कि जिसकी निश्चित-निश्चित नाते-रिश्तेदारों के बीच होली का होना प्रासंगिक था। आज जमाना बदल गया है। विगत 10 वर्षों में ही होली के पूर्व होली का रंग कम ही देखने को मिल रहा है। अब सिर्फ होली के अवसर पर ही होली खेलते हुए लोग नजर आते हैं।
शुक्रवार को होलिका दहन है और इसके लिये अभी से तैयारियाँ शुरु हो गई हैं। पाँच दिवसीय होली की परम्परा का वाले सीहोर में धीमे-धीमे सिमटकर होली के अब कुल तीन दिन ही होती है। होली धुलेंडी के दिन गमी की होली खेलने के साथ सामाजिक सरोकार निर्वहन किये जाते हैं और फिर धूमधाम के साथ भाई दूज के दिन होली होती है। दूज की होली का उत्साह देखने के लिये पूर्व में तो कई लोग बाहर से सीहोर में होली देखने के लिये आ जाया करते थे। होली के रसिया इतने उत्साहित नजर आते थे कि उनकी मस्ती, उनका उत्साह देखकर लोगों को मस्ती चढ़ जाया करती थी। दूज होली के एक दो नहीं सैकड़ो किस्से नगर में विद्यमान हैं। इसके बाद रंगपंचमी पर भी होली पूरे उत्साह के साथ खेली जाती है।
सीहोर में होली को लेकर तैयारियाँ शुरु हो गई हैं। होली उत्सव समितियाँ अपने-अपने स्तर पर चंदा उगाई शुरु कर चुकी है। लकड़ियां खरीदने से लेकर होली का डांडा खोजने तक की प्रक्रिया शुरु हो गई है। होली का डांडा भी हर किसी पेड क़ा नहीं गाड़ा जाता है इसकी खोज की जाती है। इसी प्रकार मोहल्ले की सजावट और होली की सजावट करने के प्रयास भी किये जा रहे हैं। होली के लिये रंग, गुलाल, पिचकारी व अन्य बच्चों के होली के खिलौनों की दुकानों से आज बाजार सज गया था। जहाँ दिनभर अच्छी ग्राहकी रही। आगामी दो दिनों में भी जमकर होली की बिक्री रहने की उम्मीद है।

प्रशासनिक ज्‍यादती के मामले में अभिभाषक संघर्ष मोर्चा गठित

सीहोर 18 मार्च (नि.सं.)। आज न्यायालय में जिला अभिभाषक संघ की एक बैठक मुकेश सक्सेना की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिसमें अब आगामी दिनों के लिये श्री ताम्रकार मामले में एक संघर्ष समिति बनाई गई है जिसमें सर्वसम्मति से आज संघर्ष समिति का अध्यक्ष मेहरबान सिंह बलभद्र को बनाया गया। आज एक खास बात यह रही थी कुछ भविष्य में लिये जाने वाले निर्णयों के लिये आज अभिभाषकों से अपना मत भी दिया। आज जिला अभिभाषक संघ की बैठक में जब यह बात रखी गई कि यदि राजस्व न्यायालयों का हम बहिष्कार करें तो कितने साथ देंगे ? इस पर यहाँ उपस्थित सभी अभिभाषकों ने हाथ ऊंचे कर अपनी स्वीकृति दी। हालांकि अभी ऐसा निर्णय नहीं लिया गया है। इसी प्रकार संघर्ष समिति के गठन के साथ ही अध्यक्ष मेहरबान सिंह बलभद्र ने भी समिति का गठन किया है जिसमें प्रवक्ता के रुप में वरिष्ठ अभिभाषक श्री के.यू.कुरैशी का नाम तय हुआ है। आज बैठक में वरिष्ठ अभिभाषक श्री एस.के. महाजन, एन.पी.उपाध्याय, महेश दयाल चौरसिया, राजेश काशिव, अनिल दुबे, मेहरबान सिंह बलभद्र, शरद जोशी, एस.एल.तिवारी, के.यू.कुरैशी, के.के. शर्मा, राजेश वर्मा, अजीत शुक्ला सहित अनेक अभिभाषक उपस्थित थे।

Tuesday, March 18, 2008

सतपीपलिया गांव में मची पानी के लिये त्राही-त्राही

सीहोर 17 मार्च (फुरसत)। ग्राम सतपिपलिया के जमना प्रसाद व देवराज द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि ग्राम सतपिपलिया में पानी के लिये त्राही-त्राही मची है । गांव के सभी के पंप या तो बिगडे पड़े है या सुख चुके है । मवेशियां प्यासी मर रही है गांव वाले 4-5 किलो मीटर से पानी ला रहे है । गांव सतपिपलिया में भीषण जल संकट है ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन व म.प्र. शासन से यह मांग की है कि ग्राम सतपिपलिया में नियमित पानी के टेंकर के माध्यम से पानी प्रदाय करवाया जाये ताकि ग्रामवासियों को नियमित पानी मिल सकें । ग्राम सतपिपलिया में जमना प्रसाद व देवराज जागरूक नेता ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि गांव के सरकारी हेण्डपंप मरम्मत करवा कर पाईप डाल कर चालू करवायें जायें ।

शहर में मचने लगा पानी के लिए हाहाकार बीते आठ दिनों से नलों में नहीं आ रहा पानी

सीहोर 17 मार्च (फुरसत)। पानी....पानी....पानी.... नगर पालिका की असफलता और जल प्रदाय विभाग की अक्षमता तो इस बात से उजागर हो जाता है कि शहर के नागरिकों को न तो पार्वती योजना से पानी मिल रहा है और न ही वैकल्पिक स्त्रोत जमोनिया तालाब से विगत आठ दिनो से छावनी, इंग्लिशपुरा, कस्बा, गंज और मण्डी के नागरिक प्रतिदिन सुबह नलों के आने की वाट जोहते है और अंत में अपने वर्तन उठाकर कुंए, बाबड़ी और हेण्डपंप की राह पकड़ते है । दूरदराज स्थित पेयजल स्त्रोतों से पानी लाना उनकी रोजमर्रा की जिन्दगी में सम्मिलित हो चुका है ।
दिन व दिन विगड़ती जा रही पेयजल व्यवस्था को लेकर नागरिकों में आक्रोश का पनपना सहज स्वभाविक है । पेयजल समस्या को लेकर नागरिक और पार्षद एक जुट होकर आंदोलन की राह पर चल पड़े है । नागरिकों के साथ मण्डी चौराहे पर पार्षद भी धरना देने की घोषणा कर चुके है। नगर में दिनोंदिन गंभीर होती जा रही पेयजल समस्या से निपटने के कोई गंभीर प्रयास न तो न.पा. अध्यक्ष राकेश राय कर रहे है और न ही न.पा. का जल प्रदाय अमला भी कोई रूचि नही दिखा पा रहा है। सबके बीच जिला प्रशासन की रहस्यमय चुप्पी आश्चर्य का सबब बनी हुई है ।
छावनी और गंज में पानी को लेकर सर्वाधिक हालात बिगडें हुए है । इन क्षैत्रों के लोग साईकिलों पर कैन लटकाएं हुए पानी के लिए इधर-उधर भटकते आसानी से देखे जा सकते है । कुईया गार्डन के सामने स्थित हेण्डपंप पर 24 घंटे पानी के लिए भीड़ भाड़ मची रहती है । वही गाड़ी अड्डा क्षैत्र में भी एक-एक बाल्टी के लिए लोगों की जद्दोजहद बनी रहती है । विगत दिनों पानी के एक बाल्टी के लिए यहां लोगो के बीच अच्छी खासी मारपीट भी हो चुकी है । यही हालात रहे तो किसी भी दिन पानी के लिए कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है ।
शहर भर में निजि टेंकरों से पानी सप्लाई तो होने लगा है और वह मनमाने भाव से पानी बैंच कर अपने जेबे भी खूब गरम करने में लगे हुए है । उनकी की मनमानी पर प्रशासन का अंकुश दिखाई भी नही देता है और वह पानी उपभोक्ताओं को जमकर नोच खसोट रहे है । वही गरीब असहाय नागरिकों को पानी मुहैया कराने के लिए न.पा. परिषद और जल कार्य विभाग की नींद अभी तक नही खुल सकी है । अभी तक नपा के पानी टैंकर भी सड़कों पर नही आए है । पैसे वाले तो निजि टेकरों से पानी खरीद ही रहे है । वही गरीब तब्के के नागरिकों को अपने लिए पीने के पानी की जुगाड़ दूर दराज इलाकों से ही करने को मजबूर है । पानी की व्यवस्था संबंधी किसी भी प्रकार की कोई विज्ञप्ति या समाचार भी स्थानीय नपा द्वारा प्रसारित करना मुनासिब नही समझा गया है । पानी की समस्या के निराकरण के लिए नपा न तो भगवान पुरा तालाब से पानी छुड़वा सकी है । और न ही पार्वती नदी से रामपुरा डेम से । भगवान पुरा तालाब से ही यदि पानी छुड़वा दिया जाता तो नगर की सीवन नदी और शहर के बीचोबीच स्थित नाले में पानी एकत्र हो जाता और शहर के जल स्त्रोंतों में थोड़ी बहुत जान आ जाती तथा नागरिकों को राहत भी मिलती ।