Wednesday, February 13, 2008

प्रदेश की प्रत्येक बेटी मेरी है, जिन्हे खुशहाल बनाने का कर्तव्य मेरा है-मुख्यमंत्री

सीहोर 11 फरवरी (फुरसत)। प्रदेश की प्रत्येक बेटी मेरी है और बेटियों को खुशहाल बनाने कार् कत्तव्य मेरा है। यह जिम्मेदारी भरा कहना है प्रदेश के मुख्य मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का जो आज बसन्त पंचमी के पावन पर्व पर सीहोर में आयोजित मुख्य मंत्री कन्यादान योजना के तहत् हो रहे सामूहिक विवाह सम्मेलन में नव विवाहित दम्पत्तियों को आशीर्वाद प्रदान करने यहां आए थे।
मुख्य मंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान जब विवाह स्थल पर पहुंचे तो उनके चेहरे के भावों को साफ पढा जा सकता था। एक पिता की जिम्मेदारी उनके स्वभाव में गहरे तक देखी और पढी जा सकती थी। जब वे बोलने ख़डे हुए तो शब्दों से यह अहसास झलक गया कि एक पिता अपनी बेटियों के सपनों को पूरा करने के लिए कितना चिन्तित रहता है। मुख्यमंत्री ने नव विवाहित दम्पत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखी और समृध्द जीवन की कामना की । बेटी दामादों के ताउम्र सुखी रहने की कामना करते हुए उन्होने कहा कि ईश्वर करे इनके पैरों में कभी कोई कांटा न लगे। बेटे बेटियों के जीवन में आने वाली हर अला-बला मुझे लगे पर बच्‍चों का जीवन सुखी बना रहे। ये बात एक पिता के हृदय की गहराईयों से आ रही थी । उन्होने कहा कि मैंने इस बात को नजदीक से देखा है जहां बेटी का जन्म लेना एक मुसीबत के रूप में देखा जाता था। गरीब परिवार की बेवसी तब और बढ जाया करती थी जब बेटी का विवाह करना हो।
बेटी के विवाह के लिए कर्ज लेना मजबूरी और फिर उसी कर्ज को पटाने में बाप का पूरा जीवन खप जाया करता था। मुख्यमंत्री ने बढी दृढता और संकल्प से कहा कि इस मिथक को तोड़ दिया जाएगा और अब यह टूट भी रहा है। उन्‍होने बताया कि लाडली लक्ष्मी योजना में संशोध्न किया जा रहा है अब पहली ही बेटी लाडली लक्ष्मी होगी।
सरकार ने बेटियों को पढाने लिखाने की जिम्मेदारी उठाई है। विवाह की उम्र होने पर सरकार उसका विवाह भी कराएगी और जब वह ससुराल पहुंचेगी तो एक लाख अठारह हजार की राशि उसके पास होगी जो उसे पारिवरिक जिम्मेदारी उठाने में मददगार साबित होगी और पिता के घर की लाडली लक्ष्मी ससुराल में लाडली बहू बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में आज हजारों बेटियों का कन्यादान होते देख सुखद अनुभूति होती है। वर्षों पूर्व संजोया सपना साकार हुआ है। गरीब परिवार में कन्या विवाह की बेवसी एक टीस बनकर मन को हमेशा सालती रहती थी और मुख्य मंत्री बनने के बाद मैंने यह निर्णय लिया कि बेटी बोझ नहीं वरदान बनेगी। गरीब बेटियों का ब्याह सरकार करेगी।
मुख्य मंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में बी.पी.एल. और ए.पी.एल. के बंधन को समाप्त कर दिया है। अब प्रत्येक परिवार की बेटी का कन्यादान सरकार करेगी क्याेंकि बेटियां तो बेटियां होती हैं।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में शामिल मुस्लिम वर्ग के पांच जोड़ों के निकाह को देखकर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एक ही पांडाल में हिन्दु और मुस्लिम वर्ग की कन्याओं का विवाह आपसी सद्भाव की अनूठी मिसाल है। सरकार की कन्यादान योजना से ही आज प्रदेश में गंगा - जमुनी तहजीव दिखाई पड रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बेटियों को वरदान बनाकर ही दम लेगी। उन्होने लाडली लक्ष्मी योजना का जि करते हुए कहा कि सरकार की इस योजना में अब जन्म लेने वाली प्रत्येक बेटी को योजना का लाभ दिलाया जायगा। उन्होने जननी सुरक्षा योजना, जननी एक्सप्रेस, मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना सहित सरकार की अन्य योजनाओ का उगेख अपने उदबोधन में किया।
मुख्यमंत्री ने अपने स्वागत के आग्रह को विनम्रता पूर्वक टलते हुए कहा कि आज मैं मेहमान कैसे हो सकता हूं ? आज तो मैं मेजबान हूं। यहां मौजूद हर व्यक्ति मेरा मेहमान है और मैं उनका स्वागत करता हूं। कार्यक्रम को विधायक सक्सेना ने भी संबोधित किया।
बाद में मुख्यमंत्री सीहोर में आवासीय खेलकूद परिसर में मालवीय स्वर्णकार समाज द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह में पहुंचकर नव दम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री ने टाउन हाल पहुंचकर दामोदर समाज और मंडी प्रांगण में राठौर समाज द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह कार्यम में शामिल होकर नव दम्पत्तियों को अपना आशीर्वाद दिया। उन्होने राठौर समाज की एक पत्रिका का भी विमोचन किया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आज जिले में 626 जोड़े दाम्पत्य सूत्र में बंधे। इनमें सीहोर में 183, आष्टा में 232 और इछावर में 211 वर-वधुओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न हुआ। आज यहाँ कार्यक्रम स्थल पर वर-वधु के परिजनों के लिये चाय की विशेष व्यवस्था बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई थी। sehore fursat

वधु को लेकर जा रही गाड़ी खड़े ट्रक से टकराई 22 घायल, एम्बुलेंस के अभाव में मरीज तड़पते रहे

आष्टा 11 फरवरी (फुरसत)। आज प्रात: आष्टा नगर के एक परिवार में शादी की खुशी का माहौल दुख में उस वक्त बदल गया जब बेटी का सामुहिक सम्मेलन में विवाह करने जा रहे चन्द्र प्रकाश गौतम की गाड़ी जिसमें परिजन दुल्हन सभी बैठे थे। एक खड़े ट्रक में टकरा गई। उक्त दुर्घटना में लगभग 22 सदस्य घायल हो गई जिसमें से 8 को भोपाल 2 को इन्दौर 1 को सीहोर 6 को आष्टा के प्रायवेट सिध्दार्थ अस्पताल एवं अन्य को आष्टा सिविल अस्पताल में इलाज हेतु भेजा गया। उक्त घटना सुबह 5.30 बजे आष्टा-इन्दौर रोड पर आष्टा के पास रुपेटा जोड़ पर घटी। आज एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण आष्टा की एम्बुलेंस सीहोर जिला चिकित्सालय भेज देने के कारण उजागर हुई क्योंकि एम्बुलेंस के अभाव में मरीज तडपते रहे एक एम्बुलेंस थी जिसे भोपाल भेज दिया गया था। बाद में नगर के प्रायवेट वाहनों से मरीजों को सीहोर इन्दौर भेजा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के गंज क्षेत्र में रहने वाले चन्द्र प्रकाश गौतम की पुत्री चेतना का आज शुभ विवाह समाज के सामुहिक विवाह समारोह में सम्पन्न होना था। शादी में जाने के लिये परिजन एवं रिश्तेदार एक बड़ी गाड़ी में इन्दौर के लिये सुबह लगभग 5 बजे आष्टा से रवाना हुए । उक्त वाहन रुपेटा जोड़ तक पहुँचा और रोड पर एक खड़े ट्रक क्रमांक एम.पी.15जी.0525 से टकरा गई। पुलिस के अनुसार उक्त ट्रक का गुल्ला टूट गया था इसलिये खड़ा था। घटना की सूचना मिलते ही सबसे पहले नगर के युवा पत्रकार नरेन्द्र गंगवाल जो बस स्टेण्ड पर थे अस्पताल पहुँचे और यहाँ खड़ी एक मात्र एम्बुलेंस लेकर धरना स्थल पहुँचे ।
उधर से आष्टा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड आ रही थी उसे रुकवाया और दोनो वाहनों में सभी 20-22 घायलों को आष्टा अस्पताल लाया गया घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल के सभी डाक्टरा बिना देर किये अस्पताल पहुँचे और घायलों के इलाज में जुट गये इतना ही नहीं घायलों की अधिक संख्या को देख सूचना मिलते ही अस्पताल पहुँचे पार्षद रवि सोनी भाजपा नगर अध्यक्ष संतोष झंवर नगर के प्रायवेट चिकित्सक डॉ. मुकेश इन्दौरिया, डॉ यादव, डॉ.ओ.पी. पिपलोदिया आदि को भी अस्पताल ले आये सभी डाक्टरों ने मिलकर मरीजों का प्राथमिक उपचार किया और उन्हे उच्च इलाज के लिये इन्दौर-भोपाल-सीहोर आदि स्थानों पर भेजा।
एक एम्बुलेंस को सिविल अस्पताल आष्टा ने जिला चिकित्सालय क्याें भेजा जब इसके बारे में सी.एम.ओ. डाक्टर रामचन्द्र गुप्ता से नाराज लोगों ने पूछा तो पहले तो वे छुपाते रहे बाद में बताया कि सीएमओ सीहोर ने उक्त एम्बुलेंस को आष्टा से सीहोर बुला लिया है। उनके निर्देश पर सीहोर भेजी है जब उक्त एम्बुलेंस जिले से आष्टा को भेजी गई थी तो उसे वापस क्यों बुलाई इस संबंध में सीएमओ का कहना है कि उक्त एम्बुलेंस सीहोर रेडक्रास से खरीदी गई है। उसकी किस्त यहाँ से जमा की जाती है। इसलिये यहाँ बुलवा ली है। अगर आष्टा से किस्त जमा करे तो वहाँ भेज देंगे। सीएमओ को उक्त जबाव बड़ा ही हास्यास्पद लगा क्या रेडक्रास केवल सीहोर नगर के लिये ही है।
आष्टा रेडक्रास के कार्य क्षेत्र में नहीं आता है अगर ऐसा है तो रेडक्रास के नाम से समय-समय पर आष्टा से विभिन्न माध्यमों से राशि एकत्रित कर क्यों ली जाती है। आज एम्बुलेंस के अभाव में मरीज काफी देर तक ठंड से तड़पते रहे बाद में जैसे-तैसे कुछ प्रायवेट वाहनों को लाया गया और मरीजों को उच्च इलाज के लिये बाहर भेजा गया। जब नाराज नागरिकों ने बी.एम.ओ. रामचन्द्र गुप्ता से एम्बुलेंस को सीहोर भेजने पर नाराजी व्यक्त की। नागरिकों का कहना था कि आष्टा जैसे महत्वपूर्ण सिविल अस्पताल से उक्त एम्बुलेंस को जिसकी आवश्यकता आष्टा को है सीहोर क्यों भेजी गई है।
आष्टा पुलिस के अनुसार उक्त दुर्घटना में राजेश, पार्वती, विजय, विनोद, कमलेश, सुनीता, निर्मला, चालक रमेश (सभी को भोपाल भेजा), दिनेश दीपक (इन्दौर भेजा), ममता को सीहोर, चिंकी, पुष्पकर, कुणाल, चेतना (दुल्हन), रेखा, परख (आष्टा में सिध्दार्थ हास्पिटल भेजा), आयुष, लाली, उर्वशी, आशा चन्द्र प्रकाश (आष्टा अस्पताल में), आदि घायल हुए। जिस वाहन में वधु पक्ष के लोग जा रहे थे। उसका नम्बर एम.पी.09 जी.2030 बताया गया है। घटना की सूचना मिलते ही अनेकों समाजसेवी अस्पताल पहुँचे और व्यवस्था में सहयोग किया। sehore fursat

श्री चमत्कारेश्वर मंदिर पर कांच का काम होगा

सीहोर 11 फरवरी (फुरसत)। श्री चमत्कारेश्वर मंदिर समिति की एक आवश्यक बैठक मंदिर प्रांगण में आयोजित की गई। अध्यक्ष मनोहर राय की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। सचिव गोविन्द ताम्रकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बैठक में निश्चित किया गया कि शिवरात्री 6 मार्च के बाद मंदिर में कांच का कार्य समाजसेवी स्व.श्री सोहनलाल जी राय की स्मृति में उनके पुत्र मनोहर राय, सुदर्शन राय, ओम राय एवं अनिल राय के द्वारा ही सम्पन्न किया जायेगा। पूर्व में श्री राय की स्मृति में मंदिर में उनके पुत्रों के द्वारा पेयजल की व्यवस्था की गई। बैठक में शिवरात्रि पर्व को भव्य एवं गरिमापूर्ण मनाने का निर्णय लिया गया। शीघ्र ही मंदिर न्यास का गठन किया जायेगा। बैठक में गोपाल दास जी राठौर (स्वतंत्रता सैनानी), हरीश चन्द्र जी अग्रवाल, जमना प्रसाद वर्मा, मनोहर राय, ओम राय, गंगाराम बिजोरिया, राजकुमार ताम्रकार, दामोदर उपाध्याय, गोविन्द ताम्रकार, राजाराम सिंह, ओम प्रकाश सोनी, रामस्वरुप वर्मा एवं लक्ष्मीनारायण पंडित जी उपस्थित थे। sehore fursat

जेल वाहन मार्शल में भिड़ण्त, 8 घायल

आष्टा 11 फरवरी (फुरसत)। कैदियों को पेशी के बाद सीहोर ले जा रहा जेल वाहन एवं सीहोर से आष्टा आ रही एक मार्शल में भिड़ण्त हो गई जिसमें जेल वाहन पलट गया। उक्त जेल वाहन में धारा 302 के 6 कैदी आष्टा से पेशी कर सीहोर जेल जा रहे थे। जो धायल हो गये।
इसमें मार्शल में बैठी मीना श्रीवास्तव डिप्टी डायरेक्टर पंचायत एवं उनका चालक श्यामलाल भी घायल हो गये। इन सभी को आष्टा लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद मीना श्रीवास्तव एवं श्यामलाल को भोपाल भेजा गया है। वहीं जेल वाहन में सवार कैदी इन्दर सिंह, भारत सिंह, गजराज सिंह, राजेन्द्र सिंह सभी निवासी करमन खेड़ी एवं गंगाराम और विजेन्द्र निवासी धरमपुरी को प्राथमिक उपचार के बाद सीहोर भेजा गया। sehore fursat

रुई से भरा ट्रक जला

आष्‍टा 11 फरवरी (फुरसत)। गुजराज से 16 टन रुई भरकर बुदनी में डल रही नई वर्धमान टेक्सटाइल्स में जा रही उक्त रुई से भरा ट्रक जावर के पास अचानक जल गया। जिसमें पूरा ट्रक ही स्वाहा हो गया। चालक भाग गया है। नगर पालिका के अगि्शामक वाहन ने मौके पर पहुँचकर आग बुझाई। sehore fursat

तहसीलदार मिश्रा डिप्टी कलेक्टर बनी

आष्टा 11 फरवरी (फुरसत)। आष्टा तहसीलदार श्रीमति मालती मिश्रा पदोन्नति होने के बाद अब डिप्टी कलेक्टर बन गई है शासन के आदेश अनुसार श्रीमति मालती मिश्रा को पदोन्नति के बाद भोपाल कलेक्टर कार्यालय में डिप्टी कलेक्टर के रुप में पदस्थ करने के आदेश जारी हुए हैं। तहसीलदार श्रीमति मालती मिश्रा के डिप्टी कलेक्टर बनने पर अनेकों नागरिकों, पत्रकारों, तहसील के सदस्यों ने बधाई दी है। sehore fursat

शिवना के आयोजन में माँ सरस्वती का पूजन अर्चन

सीहोर 11 फरवरी (फुरसत)। शहर के साहित्यकारों और बुध्दिजीवियों ने बसंत पंचमी के अवसर पर शिवना प्रकाशन के आयोजन में ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का पूजन अर्चन किया साथ ही निराला जयंती के अवसर पर महाप्राण निराला को भी याद किया गया।
शहर के अग्रणी साहित्य प्रकाशन शिवना द्वारा हिन्दी प्राध्यापक डॉ.श्रीमति पुष्पा दुबे की अध्यक्षता में बसंत पंचमी का आयोजन किया गया । इस अवसर पर पंडित शैलेष तिवारी ने वैदिक पध्दति से ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का पूजन विधि-विधान से सम्पन्न करवाया। सभी उपस्थित जनों ने पीले पुष्प तथा गुलाल अबीर चढ़ा कर माँ सरस्वती का पूजन किया। गीतकार श्री रमेश हठीला ने माँ सरस्वती की वंदना जयती जय हो वाणी जयती वीणा पाणी का सुमधुर कंठ से सस्वर पाठ यिका। युवा कवि जोरावर सिंह ने वसंत के आगमन पर गीत का पाठ किया। युवा कवि पंकज सुबीर ने महाप्राण निराला रचित सरस्वती वंदना का पाठ किया। डॉ. पुष्पा दुबे ने अपने संबोधन में महाप्राण निराला के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर वरिष्ठ शायर डॉ. कैलाश गुरु स्वामी, वरिष्ठ गीतकार हरिओम शर्मा दाऊ, लेखन संघ के अध्यक्ष सुभाष जोशी, डॉ राजेश श्रीवास्तव शम्बर, सृजन के संयोजक बृजेश शर्मा, पत्रकार चन्द्रकांत दासवानी, पत्रकार आनन्द गाँधी, जोरावर सिंह, राजेन्द्र शर्मा बब्बल, सुशांत समाधिया बिल्लु, सुरेन्द्र सिंह ठाकुर, सनी गोस्वामी, सुधीर मालवीय, विजेन्द्र परिहार, लखन गौर, अनिल गौर आदि प्रमुख रुप से उपस्थित थे। sehore fursat

Tuesday, February 12, 2008

ज्ञान की देवी का जन्मदिन है बसंत पंचमी


वसंत ऋतु आते ही प्रकृति का कण-कण खिल उठता है। मानव तो क्या पशु-पक्षी तक उल्लास से भर जाते हैं। हर दिन नयी उमंग से सूर्योदय होता है और नयी चेतना प्रदान कर अगले दिन फिर आने का आश्वासन देकर चला जाता है।
यों तो माघ का यह पूरा मास ही उत्साह देने वाला है, पर वसंत पंचमी (माघ शुक्ल 5) का पर्व भारतीय जनजीवन को अनेक तरह से प्रभावित करता है। प्राचीनकाल से इसे ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती का जन्मदिवस माना जाता है। जो शिक्षाविद भारत और भारतीयता से प्रेम करते हैं, वे इस दिन मां शारदे की पूजा कर उनसे और अधिक ज्ञानवान होने की प्रार्थना करते हैं।
कलाकारों का तो कहना ही क्या? जो महत्व सैनिकों के लिए अपने शस्त्रों और विजयादशमी का है, जो विद्वानों के लिए अपनी पुस्तकों और व्यास पूर्णिमा का है, जो व्यापारियों के लिए अपने तराजू, बाट, बहीखातों और दीपावली का है, वही महत्व कलाकारों के लिए वसंत पंचमी का है। चाहे वे कवि हों या लेखक, गायक हों या वादक, नाटककार हों या नृत्यकार, सब दिन का प्रारम्भ अपने उपकरणों की पूजा और मां सरस्वती की वंदना से करते हैं।
इसके साथ ही यह पर्व हमें अतीत की अनेक प्रेरक घटनाओं की भी याद दिलाता है। सर्वप्रथम तो यह हमें त्रेता युग से जोड़ती है। रावण द्वारा सीता के हरण के बाद श्रीराम उसकी खोज में दक्षिण की ओर बढ़े। इसमें जिन स्थानों पर वे गये, उनमें दंडकारण्य भी था। यहीं शबरी नामक भीलनी रहती थी। जब राम उसकी कुटिया में पधारे, तो वह सुध-बुध खो बैठी और चख-चखकर मीठे बेर राम जी को खिलाने लगी। प्रेम में पगे झूठे बेरों वाली इस घटना को रामकथा के सभी गायकों ने अपने-अपने ढंग से प्रस्तुत किया।
दंडकारण्य का वह क्षेत्र इन दिनों गुजरात और मध्य प्रदेश में फैला है। गुजरात के डांग जिले में वह स्थान है जहां शबरी मां का आश्रम था। वसंत पंचमी के दिन ही रामचंद्र जी वहां आये थे। उस क्षेत्र के वनवासी आज भी एक शिला को पूजते हैं, जिसके बारे में उनकी श्रध्दा है कि श्रीराम आकर यहीं बैठे थे। वहां शबरी माता का मंदिर भी है। मोरारी बापू की प्रेरणा से वहां 10 से 12 फरवरी तक शबरी कुंभ का आयोजन हो रहा है।
वसंत पंचमी का दिन हमें पृथ्वीराज चौहान की भी याद दिलाता है। उन्होंने विदेशी हमलावर मोहम्मद गौरी को 16 बार पराजित किया और उदारता दिखाते हुए हर बार जीवित छोड़ दिया, पर जब सत्रहवीं बार वे पराजित हुए, तो मोहम्मद गौरी ने उन्हें नहीं छोड़ा। वह उन्हें अपने साथ अफगानिस्तान ले गया और उनकी आंखें फोड़ दीं।
इसके बाद की घटना तो जगप्रसिध्द ही है। गौरी ने मृत्युदंड देने से पूर्व उनके शब्दभेदी बाण का कमाल देखना चाहा। पृथ्वीराज के साथी कवि चंदबरदाई के परामर्श पर गौरी ने ऊंचे स्थान पर बैठकर तवे पर चोट मारकर संकेत किया। तभी चंदबरदाई ने पृथ्वीराज को संदेश दिया।
चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट
प्रमाणता ऊपर सुल्तान है, मत चूको चौहान॥
पृथ्वीराज चौहान ने इस बार भूल नहीं की। उन्होंने तवे पर हुई चोट और चंद्रबरदाई के संकेत से अनुमान लगाकर जो बाण मारा, वह गौरी के सीने में जा धंसा। इसके बाद चंदबरदाई और पृथ्वीराज ने भी एक दूसरे के पेट में छुरा भौंककर आत्मबलिदान दे दिया। (1192 ई) यह घटना भी वसंत पंचमी वाले दिन ही हुई थी।
वसंत पंचमी का लाहौर निवासी वीर हकीकत से भी गहरा संबंध है। एक दिन जब मुल्ला जी किसी काम से विद्यालय छोड़कर चले गये, तो सब बच्चे खेलने लगे, पर वह पढ़ता रहा। जब अन्य बच्चों ने उसे छेड़ा, तो दुर्गा मां की सौगंध दी। मुस्लिम बालकों ने दुर्गा मां की हंसी उड़ाई। हकीकत ने कहा कि यदि में तुम्हारी बीबी फातिमा के बारे में कुछ कहूं, तो तुम्हें कैसा लगेगा?
बस फिर क्या था, मुल्ला जी के आते ही उन शरारती छात्रों ने शिकायत कर दी कि इसने बीबी फातिमा को गाली दी है। फिर तो बात बढ़ते हुए काजी तक जा पहुंची। मुस्लिम शासन में वही निर्णय हुआ, जिसकी अपेक्षा थी। आदेश हो गया कि या तो हकीकत मुसलमान बन जाये, अन्यथा उसे मृत्युदंड दिया जायेगा। हकीकत ने यह स्वीकार नहीं किया। परिणामत: उसे तलवार के घाट उतारने का फरमान जारी हो गया।
कहते हैं उसके भोले मुख को देखकर जल्लाद के हाथ से तलवार गिर गयी। हकीकत ने तलवार उसके हाथ में दी और कहा कि जब मैं बच्चा होकर अपने धर्म का पालन कर रहा हूं, तो तुम बड़े होकर अपने धर्म से क्यों विमुख हो रहे हो? इस पर जल्लाद ने दिल मजबूत कर तलवार चला दी, पर उस वीर का शीश धरती पर नहीं गिरा। वह आकाशमार्ग से सीधा स्वर्ग चला गया। यह घटना वसंत पंचमी (23.2.1734) को ही हुई थी। पाकिस्तान यद्यपि मुस्लिम देश है, पर हकीकत के आकाशगामी शीश की याद में वहां वसंत पंचमी पर पतंगें उड़ाई जाती है। हकीकत लाहौर का निवासी था। अत: पतंगबाजी का सर्वाधिक जोर लाहौर में रहता है।
वसंत पंचमी हमें गुरू रामसिंह कूका की भी याद दिलाती है। उनका जन्म 1816 ई. में वसंत पंचमी पर लुधियाना के भैणी ग्राम में हुआ था। कुछ समय वे रणजीत सिंह की सेना में रहे, फिर घर आकर खेतीबाड़ी में लग गये, पर आध्यात्मिक प्रवष्त्ति होने के कारण इनके प्रवचन सुनने लोग आने लगे। धीरे-धीरे इनके शिश्यों का एक अलग पंथ ही बन गया, जो कूका पंथ कहलाया।
गुरू रामसिंह गोरक्षा, स्वदेशी, नारी उध्दार, अंतरजातीय विवाह, सामूहिक विवाह आदि पर बहुत जोर देते थे। उन्होंने भी सर्वप्रथम अंग्रेजी शासन का बहिश्कार कर अपनी स्वतंत्र डाक और प्रशासन व्यवस्था चलायी थी। प्रतिवर्ष मकर संक्रांति पर भैणी गांव में मेला लगता था। 1872 में मेले में आते समय उनके एक शिष्य को मुसलमानों ने घेर लिया। उन्होंने उसे पीटा और गोवध कर उसके मुंह में गोमांस ठूंस दिया। यह सुनकर गुरू रामसिंह के शिष्य भड़क गये। उन्होंने उस गांव पर हमला बोल दिया, पर दूसरी ओर से अंग्रेज सेना आ गयी। अत: युध्द का पासा पलट गया।
इस संघर्ष में अनेक कूका वीर शहीद हुए और 68 पकड़ लिये गये। इनमें से 50 को सत्रह जनवरी 1872 को मलेरकोटला में तोप के सामने खड़ाकर उड़ा दिया गया। शेष 18 को अगले दिन फांसी दी गयी। दो दिन बाद गुरू रामसिंह को भी पकड़कर बर्मा की मांडले जेल में भेज दिया गया। 14 साल तक वहां कठोर अत्याचार सहकर 1885 ई. में उन्होंने अपना शरीर त्याग दिया।
वसंत पंचमी हिन्दी साहित्य की अमर विभूति महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' का जन्मदिवस (28.02.1899) भी है। निराला जी के मन में निर्धनों के प्रति अपार प्रेम और पीड़ा थी। वे अपने पैसे और वस्त्र खुले मन से निर्धनों को दे डालते थे। इस कारण लोग उन्हें 'महाप्राण' कहते थे। एक बार नेहरूजी ने शासन की ओर से कुछ सहयोग का प्रबंध किया, पर वह राशि उन्होंने महादेवी वर्मा को भिजवाई।
उन्हें भय था कि यदि वह राशि निराला जी को मिली, तो वे उसे भी निर्धनों में बांट देंगे। जहां एक ओर वसंत ऋतु हमारे मन में उल्लास का संचार करती है, वहीं दूसरी ओर यह हमें उन वीरों का भी स्मरण कराती है, जिन्होंने देश और धर्म के लिए अपने प्राणों की बलि दे दी। आइये, इन सबकी स्मृति में नमन करते हुए हम भी वसंत के उत्साह में सम्मिलित हों।


ऋतुराज बसंत के स्वागत का पर्व बसंत पंचमी

बसंत पंचमी धार्मिक एवं नई ऋतु आने का पर्व है। माघ मास के बीस दिन व्यतीत होते-होते शीत का प्रकोप काफी कम हो जाता है और शिशिर के पश्चात ऋतुराज बसन्त का आगमन होने लगता है। यद्यपि पेड़ों पर नये पत्ते और बसन्त ऋतु तो चैत्र-वैशाख में ही आती है, परन्तु बसन्त ऋतु के स्वागत में यह त्योहार मनाया जाता है। इसके साथ ही इसका बहुत अधिक धार्मिक महत्व भी है। आज भगवान विष्णु और मातेश्वरी सरस्वतीजी की पूजा तो की ही जाती है कामदेव तथा उनकी पत्नी रति की पूजा का भी विशिष्ट विधान है।
आज विद्या और कला की अधिष्ठात्री देवी सरस्वतीजी का जन्म दिवस है। यही कारण है कि नवरात्रों में दुर्गा पूजा के समान ही आज बड़ी धूमधाम से वीणा वादिनी सरस्वतीजी की पूजा की जाती है। सरस्वती पूजन के लिए एक दिन पूर्व से ही नियम पूर्वक रहकर, दूसरे दिन नित्य कर्मों से निवृत्त होकर कलश स्थापित करें। सर्वप्रथम गणेश, सूर्य, विष्णु, शंकर आदि भगवान की पूजा करके सरस्वतीजी का पूजन करना चाहिए।
सरस्वतीजी की पूजा में पीले रंग की वस्तुओं और फूलों के प्रयोग का विशिष्ट महत्व है। देवी के सामने पुस्तक रखकर दक्षिणा अर्पित कर आरती उतारी जाये और वासंती वस्त्र पहने जाएं। रेवड़ियों, केलों, किसोर इत्यादि का भोग लगाया जाये। मीठे केसरिया चावल बनाये जाएं। भगवान की मूर्ति तथा देवी सरस्वती की प्रतिमा को केसरिया रंग के वस्त्र पहनाने चाहिए। यह पूजा-उत्सव बिहार तथा बंगाल में बड़ी धूमधाम से शिक्षा संस्थानों तथा घरों में मनाया जाता है।
मातेश्वरी सरस्वती और भगवान विष्णु के अतिरिक्त आज कामदेव और रति की पूजा भी होती है। बसन्त कामदेव का सहचर है इसलिए कामदेव और रति की पूजा करके उनकी प्रसन्नता प्राप्त करनी चाहिए। आज पति को स्वयं परोसकर खाना अवश्य खिलायें। इससे पति के कष्टों का निवारण होता है और उसकी आयु में वृध्दि होती है।
बसन्त पंचमी को प्रात:काल तेल तथा उबटन लगाकर स्नान करना चाहिए और पवित्र वस्त्र धारण करके भगवान नारायण का विधिपूर्वक पूजन करना चाहिए।
इसके बाद पितृ-तर्पण और ब्राम्हण भोजन का भी विधान है। मंदिरों में भगवान की प्रतिमा का वासन्ती वस्त्रों और पुश्पों से श्रृंगार भी किया जाता है तथा बड़ा उत्सव मनाया जाता है। इस पंचमी को लोग पहले गुलाल उड़ाते थे और वासन्ती वस्त्र धारण कर नवीन उत्साह और प्रसन्नता के साथ अनेक प्रकार के मनोविनोद करते थे। यही कारण है कि बसन्त पंचमी को रंग पंचमी भी कहा जाता है।

Sunday, February 10, 2008

झमटानी की आंखों से दो लोगों की जिंदगी में रोशनी होगी

सीहोर 9 फरवरी (फुरसत)। रायल टेलर्स के संस्थापक श्री गोपीचंद जी झमटानी का आज लम्बी बीमारी के चलते असामायिक निधन हो गया। आप 80 वर्ष के थे। नेत्रदान प्रेरक कमल झंवर एवं वासुदेव जाधवानी की प्रेरणा से आपके पुत्र द्वय मुकेश व विनोद झमटानी ने इस दुखद घड़ी में भी अपने पिता के नेत्र दान की स्वीकृति दी।
अवधपुरी कालोनी निवासी रायल टेलर्स के संस्थापक श्री गोपीचंद जी झमटानी का आज लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया। अपनी 80 वर्षीय लम्बी उम्र में भी आप सक्रिय रहे। शुक्रवार दोपहर आपका अंतिम यात्रा नगर के प्रमुख मार्ग से निकली। विश्राम घांट पर आपका अंतिम संस्कार किया गया। इस दुखद घड़ी में भी आपके पुत्र द्वय मुकेश व विनोद झमटानी ने अपने पिता के नेत्रदान की स्वीकृति देकर समाज में अपने दायित्व का निर्वहन किया। जिससे दो नेत्र हीनों के जीवन में उजाला हो जायेगा। डॉ एस.के.जैन व नेत्र सहायक प्रभात जैन ने यह नेत्र प्राप्त किये जिन्हे सेवा सदन बैरागढ़ भोपाल भेज दिया गया है। इस नेत्र दान पर सेवा के अध्यक्ष कैलाश अग्रवाल, अनिल पालीवाल, राजकुमार गुप्ता, प्रकाश व्यास काका, उमेश राठौर, बद्री प्रसाद परमार, सोनू सोलंकी, पं. रामचन्द्र तिवारी, मधुसुदन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मरावी ने इस अनुकरणीय कार्य के लिये मानव समाज की और से आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008 में यह पहला नेत्रदान हुआ है। sehore fursat

नपा में स्वास्थ्य अधिकारी के साथ सफाई कर्मी द्वारा झूमा-झटकी

आष्टा 9 फरवरी (फुरसत)। कल का दिन आष्टा नगर पालिका के इतिहास में एक ऐसा दिन लिखा जायेगा जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकेगा वहीं कल जो घटनाक्रम नगर पालिका में घटा उससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि नगर पालिका में किसी का कोई नियंत्रण नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कल शाम को नगर पालिका आष्टा में पदस्थ स्वास्थ्य अधिकारी श्री जगजीवन दास गुप्ता अपने कक्ष में बैठे थे तभी एक सफाई कर्मचारी आया और उसने उनके साथ झूमा-झटकी करने लगा तथा चिल्ला-चिल्लाकर भोपाली में गालियाँ बक रहा था इस सबके पीछे कारण क्या था ? कौन गलती पर था यह तो अगर उक्त घटना की शिकायत हो और शिकायत कर जांच हो तो ही स्पष्ट होगा। लेकिन बताते हैं कि जिस सफाई कर्मचारी ने उक्त अधिकारी के साथ मारपीट झूमा-झटकी की वो नशे में था ऐसा प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं। उक्त घटना के पहले एक बार कुछ दिनों पूर्व एक पार्शद का और एक अधिकारी का वाद-विवाद हो चुका है बताते हैं उक्त पार्षद एक सफाई कर्मचारी को कचरे की टेक्टर ट्राली पर लगवाना चाहता था लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा था।
इसी को लेकर उस वक्त भी काफी वाद विवाद हुआ था आष्टा नगर पालिका में कोई किसी की सुनने को और आदेश मानने को तैयार नहीं होता है कल जो घटी घटना उसने यह स्पष्ट कर दिया है।
प्रतिक्रिया- आप जैसी घटना घटी बता रहे हैं ऐसी मेरे पास अभी कोई शिकायत नहीं आई है आयेगी तो कार्यवाही करुंगा लेकिन नगर पालिका में आप जैसा बता रहे हैं ऐसी घटना घटी इसकी मुझे जानकारी जरुर लगी है आज मैं भोपाल में हूँ सोमवार को इस मामले को देखूंगा। sehore fursat

विभिन्न सड़क हादसों में एक मृत आठ घायल

सीहोर 9 फरवरी (फुरसत)। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में एक की मौत हो गई वहीं आठ अन्य घायल हो गये पुलिस ने सभी मामले दर्ज कर लिये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना अन्तर्गत गत दिवस पौने सात बजे विवेकानंद कालेज के पास मेन रोड इन्दौर भोपाल राजमार्ग पर नौनीखेड़ी निवासी अर्जुन उर्फ गब्बर पुत्र मोहनलाल यादव 18 साल मोटर साईकिल से सीहोर से नोनीखेड़ी अपने धर जा रहा था कि पीछे से आ रहे डम्फर क्रमांक एम.के.डी.8453 के चालक ने वाहन को तेजगति व लापरवाही पूर्वक चलाकर अर्जुन की मोटर साईकिल में टक्कर मार दी परिणाम स्वरुप अर्जुन को गंभीर चोंट आने से प्राथमिक उपचार बाद भोपाल रिफर किया गया। इसी प्रकार गत दिवस शाम साढ़े सात बजे चाणक्यपुरी सीहोर में मुर्दी गंज निवासी रामचन्द्र पुत्र तल सिंह उम्र 45 अपने साथी किशनलाल निवासी हाउसिंह बोर्ड के साथ मोटर साईकिल क्रमांक एम.पी.37 बीए 1758 से भोपाल नाका तरफ से चाणक्यपुरी तरफ जा रहा था कि सामने से आ रही मोटर साईकिल एमपी 37 एमए 8910 से इंग्लिशपुरा निवासी अंकित सारस्वत पुत्र राजेन्द्र सारस्वत 15 साल निवासी अपने मित्र प्रियेस निवासी इंग्लिशपुरा के साथ चाणक्यपुरी से इंग्लिशपुरा तरफ आ रहा था की दोनों की आमने-सामने टक्कर हो गई।
जिसमें रामचन्द्र पुत्र तल सिंह उम्र 45 की मृत्यु हो गई एवं किशनलाल एवं प्रियेस को गंभीर चोंट होने से प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रिफर किया गया तथा अंकित जिला अस्पताल सीहोर में भर्ती होकर इलाजरत हैं।
उधर बुदनी थाना अन्तर्गत आज साढ़े 11 बजे भागनेर नदी के पास ऊंचाखेड़ा ग्राम तरफ चिचलाय खुर्द रेहटी निवासी रामदास पुत्र रामकरण 30 अपने साथी श्रीराम के साथ मोटर साईकिल एमपी 47 बी 7324 से वायां से बुदनी तरफ आ रहा था कि सामने से बोरी थाना रेहटी निवासी अब्दुल अजीज पुत्र अब्दुल मजीद 45 अपने साथी आरीफ खान के साथ मोटर साईकिल एमपी 37 एमबी 5090 से आ रहा था कि दोनो की आमने-सामने टक्कर हो गई जिसमें रामदास एवं श्रीराम तथा अब्दुल अजीज एवं आरीफ खान को चोंट होने से अस्पताल में इलाजरत है।
इधर अहमदपुर थाना अन्तर्गत आज दोपहर दो बजे अहमदपुर आम रोड ग्राम पाड़लिया के पास अहमदपुर निवासी भैयालाल पुत्र बाबूलाल लोहापीटा 35 साल अपने परिवार के साथ अहमदपुर से बरखेड़ा पैदल जा रहा था कि बरखेड़ा तरफ से आ रही एक अज्ञात बाइक के चालक ने भैयालाल के 6 वर्षीय पुत्र हुकुम सिंह को टक्कर मारकर घायल कर दिया जिससे मामूली चोंट आई। sehore fursat

रंगे हाथ तीन चोर गिरफ्तार

आष्टा 9 फरवरी (फुरसत)। थाना जावर अन्तर्गत आने वाले ग्राम धींगाखेडी में आज तीन चोरों को चोरी करते रंगे हाथों जावर पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार धीगाखेड़ी निवासी 41 वर्षीय बिहारीलाल पुत्र गनपत अजा। के कुंआ में लगी 3 हार्स पावर की मोटर एवं 400 फिट पाईप कीमति 3500 रुपये का चोरी करते हुए सिध्दू पुत्र अमर सिंह बेलदार, अमर सिंह अजा। 35 साल, मनोहर पुत्र अम्बाराम 25 साल निवासीगण ग्राम धीगाखेडी क़ो रंगे हाथों गिरफ्तार कर फरियादी बिहारीलाल की रिपोर्ट पर भादवि की धारा 379 के तहत प्रकरण पंजीबध्द कर लिया जावर पुलिस इनसे अन्य मामलों में पूछतार कर रही है। sehore fursat

फोरम ने दिलाई नई घड़ी

सीहोर 9 फरवरी (फुरसत)। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष ए.के.तिवारी ने एक फैसले में खराब घड़ी के बदले नई घड़ी परिवादी को दिलाये जाने का आदेश दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवादी अनिल कुमार चौरसिया ने एक सोनाटा कम्पनी की घड़ी 1150 रुपये में खरीदी थी जिस पर एक वर्ष की ग्यारंटी दी गई थी। जो ग्यारंटी पीरियेड में खराब हो गई थी । फोरम के अध्यक्ष ए.के.तिवारी सदस्य अंबादत्त भारतीय एवं शकुन विजयवर्गीय ने परिवाद स्वीकार करते हुए दुकानदार को निर्देश किया कि वह परिवादी को विक्रय की गई सोनाटा कम्पनी की नई घड़ी प्रदान करे और परिवादी को पुन: विधिवत ग्यारंटी प्रदान करे तथा परिवारी को 200 रुपये परिवाद शुल्क भी अदा करे। sehore fursat