Tuesday, February 12, 2008

ज्ञान की देवी का जन्मदिन है बसंत पंचमी


वसंत ऋतु आते ही प्रकृति का कण-कण खिल उठता है। मानव तो क्या पशु-पक्षी तक उल्लास से भर जाते हैं। हर दिन नयी उमंग से सूर्योदय होता है और नयी चेतना प्रदान कर अगले दिन फिर आने का आश्वासन देकर चला जाता है।
यों तो माघ का यह पूरा मास ही उत्साह देने वाला है, पर वसंत पंचमी (माघ शुक्ल 5) का पर्व भारतीय जनजीवन को अनेक तरह से प्रभावित करता है। प्राचीनकाल से इसे ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती का जन्मदिवस माना जाता है। जो शिक्षाविद भारत और भारतीयता से प्रेम करते हैं, वे इस दिन मां शारदे की पूजा कर उनसे और अधिक ज्ञानवान होने की प्रार्थना करते हैं।
कलाकारों का तो कहना ही क्या? जो महत्व सैनिकों के लिए अपने शस्त्रों और विजयादशमी का है, जो विद्वानों के लिए अपनी पुस्तकों और व्यास पूर्णिमा का है, जो व्यापारियों के लिए अपने तराजू, बाट, बहीखातों और दीपावली का है, वही महत्व कलाकारों के लिए वसंत पंचमी का है। चाहे वे कवि हों या लेखक, गायक हों या वादक, नाटककार हों या नृत्यकार, सब दिन का प्रारम्भ अपने उपकरणों की पूजा और मां सरस्वती की वंदना से करते हैं।
इसके साथ ही यह पर्व हमें अतीत की अनेक प्रेरक घटनाओं की भी याद दिलाता है। सर्वप्रथम तो यह हमें त्रेता युग से जोड़ती है। रावण द्वारा सीता के हरण के बाद श्रीराम उसकी खोज में दक्षिण की ओर बढ़े। इसमें जिन स्थानों पर वे गये, उनमें दंडकारण्य भी था। यहीं शबरी नामक भीलनी रहती थी। जब राम उसकी कुटिया में पधारे, तो वह सुध-बुध खो बैठी और चख-चखकर मीठे बेर राम जी को खिलाने लगी। प्रेम में पगे झूठे बेरों वाली इस घटना को रामकथा के सभी गायकों ने अपने-अपने ढंग से प्रस्तुत किया।
दंडकारण्य का वह क्षेत्र इन दिनों गुजरात और मध्य प्रदेश में फैला है। गुजरात के डांग जिले में वह स्थान है जहां शबरी मां का आश्रम था। वसंत पंचमी के दिन ही रामचंद्र जी वहां आये थे। उस क्षेत्र के वनवासी आज भी एक शिला को पूजते हैं, जिसके बारे में उनकी श्रध्दा है कि श्रीराम आकर यहीं बैठे थे। वहां शबरी माता का मंदिर भी है। मोरारी बापू की प्रेरणा से वहां 10 से 12 फरवरी तक शबरी कुंभ का आयोजन हो रहा है।
वसंत पंचमी का दिन हमें पृथ्वीराज चौहान की भी याद दिलाता है। उन्होंने विदेशी हमलावर मोहम्मद गौरी को 16 बार पराजित किया और उदारता दिखाते हुए हर बार जीवित छोड़ दिया, पर जब सत्रहवीं बार वे पराजित हुए, तो मोहम्मद गौरी ने उन्हें नहीं छोड़ा। वह उन्हें अपने साथ अफगानिस्तान ले गया और उनकी आंखें फोड़ दीं।
इसके बाद की घटना तो जगप्रसिध्द ही है। गौरी ने मृत्युदंड देने से पूर्व उनके शब्दभेदी बाण का कमाल देखना चाहा। पृथ्वीराज के साथी कवि चंदबरदाई के परामर्श पर गौरी ने ऊंचे स्थान पर बैठकर तवे पर चोट मारकर संकेत किया। तभी चंदबरदाई ने पृथ्वीराज को संदेश दिया।
चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट
प्रमाणता ऊपर सुल्तान है, मत चूको चौहान॥
पृथ्वीराज चौहान ने इस बार भूल नहीं की। उन्होंने तवे पर हुई चोट और चंद्रबरदाई के संकेत से अनुमान लगाकर जो बाण मारा, वह गौरी के सीने में जा धंसा। इसके बाद चंदबरदाई और पृथ्वीराज ने भी एक दूसरे के पेट में छुरा भौंककर आत्मबलिदान दे दिया। (1192 ई) यह घटना भी वसंत पंचमी वाले दिन ही हुई थी।
वसंत पंचमी का लाहौर निवासी वीर हकीकत से भी गहरा संबंध है। एक दिन जब मुल्ला जी किसी काम से विद्यालय छोड़कर चले गये, तो सब बच्चे खेलने लगे, पर वह पढ़ता रहा। जब अन्य बच्चों ने उसे छेड़ा, तो दुर्गा मां की सौगंध दी। मुस्लिम बालकों ने दुर्गा मां की हंसी उड़ाई। हकीकत ने कहा कि यदि में तुम्हारी बीबी फातिमा के बारे में कुछ कहूं, तो तुम्हें कैसा लगेगा?
बस फिर क्या था, मुल्ला जी के आते ही उन शरारती छात्रों ने शिकायत कर दी कि इसने बीबी फातिमा को गाली दी है। फिर तो बात बढ़ते हुए काजी तक जा पहुंची। मुस्लिम शासन में वही निर्णय हुआ, जिसकी अपेक्षा थी। आदेश हो गया कि या तो हकीकत मुसलमान बन जाये, अन्यथा उसे मृत्युदंड दिया जायेगा। हकीकत ने यह स्वीकार नहीं किया। परिणामत: उसे तलवार के घाट उतारने का फरमान जारी हो गया।
कहते हैं उसके भोले मुख को देखकर जल्लाद के हाथ से तलवार गिर गयी। हकीकत ने तलवार उसके हाथ में दी और कहा कि जब मैं बच्चा होकर अपने धर्म का पालन कर रहा हूं, तो तुम बड़े होकर अपने धर्म से क्यों विमुख हो रहे हो? इस पर जल्लाद ने दिल मजबूत कर तलवार चला दी, पर उस वीर का शीश धरती पर नहीं गिरा। वह आकाशमार्ग से सीधा स्वर्ग चला गया। यह घटना वसंत पंचमी (23.2.1734) को ही हुई थी। पाकिस्तान यद्यपि मुस्लिम देश है, पर हकीकत के आकाशगामी शीश की याद में वहां वसंत पंचमी पर पतंगें उड़ाई जाती है। हकीकत लाहौर का निवासी था। अत: पतंगबाजी का सर्वाधिक जोर लाहौर में रहता है।
वसंत पंचमी हमें गुरू रामसिंह कूका की भी याद दिलाती है। उनका जन्म 1816 ई. में वसंत पंचमी पर लुधियाना के भैणी ग्राम में हुआ था। कुछ समय वे रणजीत सिंह की सेना में रहे, फिर घर आकर खेतीबाड़ी में लग गये, पर आध्यात्मिक प्रवष्त्ति होने के कारण इनके प्रवचन सुनने लोग आने लगे। धीरे-धीरे इनके शिश्यों का एक अलग पंथ ही बन गया, जो कूका पंथ कहलाया।
गुरू रामसिंह गोरक्षा, स्वदेशी, नारी उध्दार, अंतरजातीय विवाह, सामूहिक विवाह आदि पर बहुत जोर देते थे। उन्होंने भी सर्वप्रथम अंग्रेजी शासन का बहिश्कार कर अपनी स्वतंत्र डाक और प्रशासन व्यवस्था चलायी थी। प्रतिवर्ष मकर संक्रांति पर भैणी गांव में मेला लगता था। 1872 में मेले में आते समय उनके एक शिष्य को मुसलमानों ने घेर लिया। उन्होंने उसे पीटा और गोवध कर उसके मुंह में गोमांस ठूंस दिया। यह सुनकर गुरू रामसिंह के शिष्य भड़क गये। उन्होंने उस गांव पर हमला बोल दिया, पर दूसरी ओर से अंग्रेज सेना आ गयी। अत: युध्द का पासा पलट गया।
इस संघर्ष में अनेक कूका वीर शहीद हुए और 68 पकड़ लिये गये। इनमें से 50 को सत्रह जनवरी 1872 को मलेरकोटला में तोप के सामने खड़ाकर उड़ा दिया गया। शेष 18 को अगले दिन फांसी दी गयी। दो दिन बाद गुरू रामसिंह को भी पकड़कर बर्मा की मांडले जेल में भेज दिया गया। 14 साल तक वहां कठोर अत्याचार सहकर 1885 ई. में उन्होंने अपना शरीर त्याग दिया।
वसंत पंचमी हिन्दी साहित्य की अमर विभूति महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' का जन्मदिवस (28.02.1899) भी है। निराला जी के मन में निर्धनों के प्रति अपार प्रेम और पीड़ा थी। वे अपने पैसे और वस्त्र खुले मन से निर्धनों को दे डालते थे। इस कारण लोग उन्हें 'महाप्राण' कहते थे। एक बार नेहरूजी ने शासन की ओर से कुछ सहयोग का प्रबंध किया, पर वह राशि उन्होंने महादेवी वर्मा को भिजवाई।
उन्हें भय था कि यदि वह राशि निराला जी को मिली, तो वे उसे भी निर्धनों में बांट देंगे। जहां एक ओर वसंत ऋतु हमारे मन में उल्लास का संचार करती है, वहीं दूसरी ओर यह हमें उन वीरों का भी स्मरण कराती है, जिन्होंने देश और धर्म के लिए अपने प्राणों की बलि दे दी। आइये, इन सबकी स्मृति में नमन करते हुए हम भी वसंत के उत्साह में सम्मिलित हों।


ऋतुराज बसंत के स्वागत का पर्व बसंत पंचमी

बसंत पंचमी धार्मिक एवं नई ऋतु आने का पर्व है। माघ मास के बीस दिन व्यतीत होते-होते शीत का प्रकोप काफी कम हो जाता है और शिशिर के पश्चात ऋतुराज बसन्त का आगमन होने लगता है। यद्यपि पेड़ों पर नये पत्ते और बसन्त ऋतु तो चैत्र-वैशाख में ही आती है, परन्तु बसन्त ऋतु के स्वागत में यह त्योहार मनाया जाता है। इसके साथ ही इसका बहुत अधिक धार्मिक महत्व भी है। आज भगवान विष्णु और मातेश्वरी सरस्वतीजी की पूजा तो की ही जाती है कामदेव तथा उनकी पत्नी रति की पूजा का भी विशिष्ट विधान है।
आज विद्या और कला की अधिष्ठात्री देवी सरस्वतीजी का जन्म दिवस है। यही कारण है कि नवरात्रों में दुर्गा पूजा के समान ही आज बड़ी धूमधाम से वीणा वादिनी सरस्वतीजी की पूजा की जाती है। सरस्वती पूजन के लिए एक दिन पूर्व से ही नियम पूर्वक रहकर, दूसरे दिन नित्य कर्मों से निवृत्त होकर कलश स्थापित करें। सर्वप्रथम गणेश, सूर्य, विष्णु, शंकर आदि भगवान की पूजा करके सरस्वतीजी का पूजन करना चाहिए।
सरस्वतीजी की पूजा में पीले रंग की वस्तुओं और फूलों के प्रयोग का विशिष्ट महत्व है। देवी के सामने पुस्तक रखकर दक्षिणा अर्पित कर आरती उतारी जाये और वासंती वस्त्र पहने जाएं। रेवड़ियों, केलों, किसोर इत्यादि का भोग लगाया जाये। मीठे केसरिया चावल बनाये जाएं। भगवान की मूर्ति तथा देवी सरस्वती की प्रतिमा को केसरिया रंग के वस्त्र पहनाने चाहिए। यह पूजा-उत्सव बिहार तथा बंगाल में बड़ी धूमधाम से शिक्षा संस्थानों तथा घरों में मनाया जाता है।
मातेश्वरी सरस्वती और भगवान विष्णु के अतिरिक्त आज कामदेव और रति की पूजा भी होती है। बसन्त कामदेव का सहचर है इसलिए कामदेव और रति की पूजा करके उनकी प्रसन्नता प्राप्त करनी चाहिए। आज पति को स्वयं परोसकर खाना अवश्य खिलायें। इससे पति के कष्टों का निवारण होता है और उसकी आयु में वृध्दि होती है।
बसन्त पंचमी को प्रात:काल तेल तथा उबटन लगाकर स्नान करना चाहिए और पवित्र वस्त्र धारण करके भगवान नारायण का विधिपूर्वक पूजन करना चाहिए।
इसके बाद पितृ-तर्पण और ब्राम्हण भोजन का भी विधान है। मंदिरों में भगवान की प्रतिमा का वासन्ती वस्त्रों और पुश्पों से श्रृंगार भी किया जाता है तथा बड़ा उत्सव मनाया जाता है। इस पंचमी को लोग पहले गुलाल उड़ाते थे और वासन्ती वस्त्र धारण कर नवीन उत्साह और प्रसन्नता के साथ अनेक प्रकार के मनोविनोद करते थे। यही कारण है कि बसन्त पंचमी को रंग पंचमी भी कहा जाता है।

Sunday, February 10, 2008

झमटानी की आंखों से दो लोगों की जिंदगी में रोशनी होगी

सीहोर 9 फरवरी (फुरसत)। रायल टेलर्स के संस्थापक श्री गोपीचंद जी झमटानी का आज लम्बी बीमारी के चलते असामायिक निधन हो गया। आप 80 वर्ष के थे। नेत्रदान प्रेरक कमल झंवर एवं वासुदेव जाधवानी की प्रेरणा से आपके पुत्र द्वय मुकेश व विनोद झमटानी ने इस दुखद घड़ी में भी अपने पिता के नेत्र दान की स्वीकृति दी।
अवधपुरी कालोनी निवासी रायल टेलर्स के संस्थापक श्री गोपीचंद जी झमटानी का आज लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया। अपनी 80 वर्षीय लम्बी उम्र में भी आप सक्रिय रहे। शुक्रवार दोपहर आपका अंतिम यात्रा नगर के प्रमुख मार्ग से निकली। विश्राम घांट पर आपका अंतिम संस्कार किया गया। इस दुखद घड़ी में भी आपके पुत्र द्वय मुकेश व विनोद झमटानी ने अपने पिता के नेत्रदान की स्वीकृति देकर समाज में अपने दायित्व का निर्वहन किया। जिससे दो नेत्र हीनों के जीवन में उजाला हो जायेगा। डॉ एस.के.जैन व नेत्र सहायक प्रभात जैन ने यह नेत्र प्राप्त किये जिन्हे सेवा सदन बैरागढ़ भोपाल भेज दिया गया है। इस नेत्र दान पर सेवा के अध्यक्ष कैलाश अग्रवाल, अनिल पालीवाल, राजकुमार गुप्ता, प्रकाश व्यास काका, उमेश राठौर, बद्री प्रसाद परमार, सोनू सोलंकी, पं. रामचन्द्र तिवारी, मधुसुदन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मरावी ने इस अनुकरणीय कार्य के लिये मानव समाज की और से आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008 में यह पहला नेत्रदान हुआ है। sehore fursat

नपा में स्वास्थ्य अधिकारी के साथ सफाई कर्मी द्वारा झूमा-झटकी

आष्टा 9 फरवरी (फुरसत)। कल का दिन आष्टा नगर पालिका के इतिहास में एक ऐसा दिन लिखा जायेगा जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकेगा वहीं कल जो घटनाक्रम नगर पालिका में घटा उससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि नगर पालिका में किसी का कोई नियंत्रण नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कल शाम को नगर पालिका आष्टा में पदस्थ स्वास्थ्य अधिकारी श्री जगजीवन दास गुप्ता अपने कक्ष में बैठे थे तभी एक सफाई कर्मचारी आया और उसने उनके साथ झूमा-झटकी करने लगा तथा चिल्ला-चिल्लाकर भोपाली में गालियाँ बक रहा था इस सबके पीछे कारण क्या था ? कौन गलती पर था यह तो अगर उक्त घटना की शिकायत हो और शिकायत कर जांच हो तो ही स्पष्ट होगा। लेकिन बताते हैं कि जिस सफाई कर्मचारी ने उक्त अधिकारी के साथ मारपीट झूमा-झटकी की वो नशे में था ऐसा प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं। उक्त घटना के पहले एक बार कुछ दिनों पूर्व एक पार्शद का और एक अधिकारी का वाद-विवाद हो चुका है बताते हैं उक्त पार्षद एक सफाई कर्मचारी को कचरे की टेक्टर ट्राली पर लगवाना चाहता था लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा था।
इसी को लेकर उस वक्त भी काफी वाद विवाद हुआ था आष्टा नगर पालिका में कोई किसी की सुनने को और आदेश मानने को तैयार नहीं होता है कल जो घटी घटना उसने यह स्पष्ट कर दिया है।
प्रतिक्रिया- आप जैसी घटना घटी बता रहे हैं ऐसी मेरे पास अभी कोई शिकायत नहीं आई है आयेगी तो कार्यवाही करुंगा लेकिन नगर पालिका में आप जैसा बता रहे हैं ऐसी घटना घटी इसकी मुझे जानकारी जरुर लगी है आज मैं भोपाल में हूँ सोमवार को इस मामले को देखूंगा। sehore fursat

विभिन्न सड़क हादसों में एक मृत आठ घायल

सीहोर 9 फरवरी (फुरसत)। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में एक की मौत हो गई वहीं आठ अन्य घायल हो गये पुलिस ने सभी मामले दर्ज कर लिये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना अन्तर्गत गत दिवस पौने सात बजे विवेकानंद कालेज के पास मेन रोड इन्दौर भोपाल राजमार्ग पर नौनीखेड़ी निवासी अर्जुन उर्फ गब्बर पुत्र मोहनलाल यादव 18 साल मोटर साईकिल से सीहोर से नोनीखेड़ी अपने धर जा रहा था कि पीछे से आ रहे डम्फर क्रमांक एम.के.डी.8453 के चालक ने वाहन को तेजगति व लापरवाही पूर्वक चलाकर अर्जुन की मोटर साईकिल में टक्कर मार दी परिणाम स्वरुप अर्जुन को गंभीर चोंट आने से प्राथमिक उपचार बाद भोपाल रिफर किया गया। इसी प्रकार गत दिवस शाम साढ़े सात बजे चाणक्यपुरी सीहोर में मुर्दी गंज निवासी रामचन्द्र पुत्र तल सिंह उम्र 45 अपने साथी किशनलाल निवासी हाउसिंह बोर्ड के साथ मोटर साईकिल क्रमांक एम.पी.37 बीए 1758 से भोपाल नाका तरफ से चाणक्यपुरी तरफ जा रहा था कि सामने से आ रही मोटर साईकिल एमपी 37 एमए 8910 से इंग्लिशपुरा निवासी अंकित सारस्वत पुत्र राजेन्द्र सारस्वत 15 साल निवासी अपने मित्र प्रियेस निवासी इंग्लिशपुरा के साथ चाणक्यपुरी से इंग्लिशपुरा तरफ आ रहा था की दोनों की आमने-सामने टक्कर हो गई।
जिसमें रामचन्द्र पुत्र तल सिंह उम्र 45 की मृत्यु हो गई एवं किशनलाल एवं प्रियेस को गंभीर चोंट होने से प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रिफर किया गया तथा अंकित जिला अस्पताल सीहोर में भर्ती होकर इलाजरत हैं।
उधर बुदनी थाना अन्तर्गत आज साढ़े 11 बजे भागनेर नदी के पास ऊंचाखेड़ा ग्राम तरफ चिचलाय खुर्द रेहटी निवासी रामदास पुत्र रामकरण 30 अपने साथी श्रीराम के साथ मोटर साईकिल एमपी 47 बी 7324 से वायां से बुदनी तरफ आ रहा था कि सामने से बोरी थाना रेहटी निवासी अब्दुल अजीज पुत्र अब्दुल मजीद 45 अपने साथी आरीफ खान के साथ मोटर साईकिल एमपी 37 एमबी 5090 से आ रहा था कि दोनो की आमने-सामने टक्कर हो गई जिसमें रामदास एवं श्रीराम तथा अब्दुल अजीज एवं आरीफ खान को चोंट होने से अस्पताल में इलाजरत है।
इधर अहमदपुर थाना अन्तर्गत आज दोपहर दो बजे अहमदपुर आम रोड ग्राम पाड़लिया के पास अहमदपुर निवासी भैयालाल पुत्र बाबूलाल लोहापीटा 35 साल अपने परिवार के साथ अहमदपुर से बरखेड़ा पैदल जा रहा था कि बरखेड़ा तरफ से आ रही एक अज्ञात बाइक के चालक ने भैयालाल के 6 वर्षीय पुत्र हुकुम सिंह को टक्कर मारकर घायल कर दिया जिससे मामूली चोंट आई। sehore fursat

रंगे हाथ तीन चोर गिरफ्तार

आष्टा 9 फरवरी (फुरसत)। थाना जावर अन्तर्गत आने वाले ग्राम धींगाखेडी में आज तीन चोरों को चोरी करते रंगे हाथों जावर पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार धीगाखेड़ी निवासी 41 वर्षीय बिहारीलाल पुत्र गनपत अजा। के कुंआ में लगी 3 हार्स पावर की मोटर एवं 400 फिट पाईप कीमति 3500 रुपये का चोरी करते हुए सिध्दू पुत्र अमर सिंह बेलदार, अमर सिंह अजा। 35 साल, मनोहर पुत्र अम्बाराम 25 साल निवासीगण ग्राम धीगाखेडी क़ो रंगे हाथों गिरफ्तार कर फरियादी बिहारीलाल की रिपोर्ट पर भादवि की धारा 379 के तहत प्रकरण पंजीबध्द कर लिया जावर पुलिस इनसे अन्य मामलों में पूछतार कर रही है। sehore fursat

फोरम ने दिलाई नई घड़ी

सीहोर 9 फरवरी (फुरसत)। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष ए.के.तिवारी ने एक फैसले में खराब घड़ी के बदले नई घड़ी परिवादी को दिलाये जाने का आदेश दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवादी अनिल कुमार चौरसिया ने एक सोनाटा कम्पनी की घड़ी 1150 रुपये में खरीदी थी जिस पर एक वर्ष की ग्यारंटी दी गई थी। जो ग्यारंटी पीरियेड में खराब हो गई थी । फोरम के अध्यक्ष ए.के.तिवारी सदस्य अंबादत्त भारतीय एवं शकुन विजयवर्गीय ने परिवाद स्वीकार करते हुए दुकानदार को निर्देश किया कि वह परिवादी को विक्रय की गई सोनाटा कम्पनी की नई घड़ी प्रदान करे और परिवादी को पुन: विधिवत ग्यारंटी प्रदान करे तथा परिवारी को 200 रुपये परिवाद शुल्क भी अदा करे। sehore fursat

जिला उपभोक्ता फोरम ने दिलाया गाय का बीमा मय हर्जाने के

सीहोर 9 फरवरी (फुरसत)। जिला उपभोक्ता फोरम ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में आवेदिका चंद्रकांता बाई पत्नि गजराज सिंह निवासी पारवां गोसांई तहसील आष्टा जिला सीहोर को गाय का बीमा 15 हजार रुपये एवं मानसिक त्रास स्वरुप 5 हजार रुपये एवं परिवाद व्यय स्वरुप 500 रुपये अनावेदक यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कम्पनी शाखा सीहोर से दिलाये।
आवेदिका ने अनावेदक से अपनी गाय का बीमा 15 हजार रुपये का कराया था। आवेदिका की गाय की 26 नवम्बर 06 को मृत्यु हो गई थी आवेदिका ने पोस्ट मार्टम रिपोर्ट, मृत पशु के टेग, पंचनामा, पशु क्रय रसीद, क्लेम फार्म के साथ भरकर संलग् कर विपक्षी को प्रस्तुत की थी लेकिन विपक्षीगण ने उसके क्लेम का निराकरण नहीं किया। जिससे दुखी होकर आवेदिका ने अपने अधिवक्ता जी.डी. बैरागी से सलाह लेकर जिला उपभोक्ता फोरम में आवेदन प्रस्तुत किया। अनावेदक ने उपस्थित होकर जबाव प्रस्तुत किया और क्लेम के निराकरण नहीं करने का कारण गाय की मृत्यु की सूचना विलंब से देना बताया एवं परिवाद निरस्त किये जाने की प्रार्थना की। जिला उपभोक्ता फोरम के विद्वान अध्यक्ष ए.के. तिवारी सदस्य श्रीमति शकुन विजयवर्गीय ने दोनो पक्षों के तर्क श्रवण कर एवं रिकार्ड का अवलोकन कर आदेश पारित किया कि विपक्षी बीमा कंपनी आवेदिका को मृत गाय की बीमा राशि 15 हजार रुपये एवं मानसिक त्रास 5 हजार रुपये एवं परिवाद व्यय स्वरुप 5 सौ रुपये विपक्षी अदा करे। प्रकरण में आवेदिका की और से पैरवी अधिवक्ता जी.डी.बैरागी ने की। sehore fursat

समस्या हल करने वाला ढोंगी तांत्रिक एक महिला को ठग पूरे जेवरात ले उड़ा

सीहोर 9 फरवरी (विशेष प्रतिनिधि)। हर समस्या का हल बताने वाले एक तांत्रिक ने यहाँ सीहोर में पम्पलेट बंटवाये, आफिस बनाया, बोर्ड लगाया और फिर शुभम टीवी पर विज्ञापन दिया। फिर इसके झांसे में फंसी एक महिला नेहरु कालोनी निवासी जिसका 30 हजार रुपये कीमति हार चोरी हो चुका था ने इसकी शरण ली। बाबा ने किस प्रकार उसके घर के एक-एक छोटे से छोटा बल्कि शरीर पर पहना हर एक गहना उतरवाकर ठगी करके कल दिन दहाड़े फरार हो गया है.....इस सनसनीखेज घटना पर एक नजर
नेहरु कालोनी निवासी विश्राम सिंह ठाकुर अध्यापक ग्राम बड़नगर के घर में विगत माह एक कीमति सोने का हार कहीं गायब हो गया है। यह हार को लेकर काफी चिंतित हैं। पूरा परिवार दुखी है।
तीन दिन पूर्व तक नगर भर में बाहर से आये एक तांत्रिक बाबा जिनके पम्पलेट बंट रहे थे कि बाबा के पास हर समस्या का हल है। यहीं बाबा ने अपना एक कार्यालय नगर में ही नेहरु कालोनी क्षेत्र में ही बनाया था। साथ ही इसी बाबा का स्थानीय केवल पर भी विज्ञापन चल रहा था। मतलब चारों और प्रचार-प्रसार जारी था कि बाबा के पास हर समस्या का हल है।
विश्राम सिंह ठाकुर के घर से उनकी पत्नि ने यह सोचकर की हो सकता है यह अपना हार दिलवा दें उनसे सम्पर्क किया। तीन दिन पूर्व बुधवार को वह गईं तो कथित तांत्रिक ने कहा कि निश्चित ही यह काम हो जायेगा। अपनी बातों से उसने श्रीमति ठाकुर को संतुष्ट भी कर लिया उसने कहा कि घर में ही हार है, घर के ही व्यक्ति इसमें हाथ है और बहुत आसानी से यह मिल जायेगा। लेकिन इसके लिये जो पूजन लगती है वह आपको लगाना पड़ेगी। 30 हजार कीमत के कीमति हार के लिये श्रीमति ठाकुर छोटी-मोटी पूजा के लिये राजी हो गईं।
कथित बाबा तांत्रिक समझ रहा था कि वह उसके घापे में आ रही हैं उसने पूजन की सामग्री लिखाते हुए कहीं आधा किलो चावल, घी अगरबत्ती से लेकर जाने क्या-क्या लिखवा दिया और कहा कि तीन दिन तक लगातार पूजन होगी।
जब इस सब बात के लिये भी श्रीमति ठाकुर राजी हो गईं। तब अचानक तांत्रिक बाबा ने यह भी कहा कि कल 10 बजे जब आप सारी सामग्री लाओ तो उसके साथ घर की हर छोटी से छोटी सोने की रकम तक बीनकर लेती आना, घर की रकम यहाँ ले आना उसकी भी पूजन कर दी जायेगी ताकि वह शुध्द हो जाये और फिर आगे से ऐसी आफत ही नहीं आये उस पूजन से भी हार मिलने की प्रक्रिया सरल हो जायेगी। जब इस बात के लिये भी श्रीमति ठाकुर राजी हो गईं तो फिर बाबा ने यह और कह दिया कि इस बात को आप घर के लोगों को मत बताना। किसी भी कुछ भी कहे बिना ही आपको पूजन के लिये आना है।
दूसरे दिन जब पूरी रकम लेकर श्रीमति ठाकुर उसके अस्थाई कार्यालय पहुँची तो वहाँ बाबा पहले से ही तैयार था। उसने तत्काल गंभीर भाव भंगिमा बनाकर पूजन पाठ शुरु कर दिया। सारी पूजन सामग्री खोलकर वह बैठ गया। तरह-तरह के उपक्रम करने लगा। फिर उसने सारी रकम हाथ में लेकर एक बडे क़पड़े में बांध दी। पूजन सामग्री भी बांध दी। काफी देर पूजन करने के बाद उसने श्रीमति ठाकुर से कहा कि अब आप गहनों की यह पोटली बंधी हुई ही लेकर जाओ और तीन दिन तक इसे खोलना मत। यदि तीन दिन में भी गुमा हुआ हार नहीं मिले तो फिर चौथे दिन और इंतजार करना फिर भले ही इसे आप खोल लेना इस दौरान स्वयं ही आपको हार मिल जायेगा। मंत्र शक्ति बड़ी बलवान होती है मैने सब कुछ बांध दिया है। आप विश्वास रखना.....और ऐसे ही जाने क्या-क्या प्रभावी वाक्य वह बोलता चला गया।
भोली भाली सरल व धार्मिक स्वभाव की श्रीमति ठाकुर धर्म की आड़ और देवताओं के नाम से किये गये इस छल को समझ नहीं पाई और चुपचाप सारे आभूषणों की पोटली अपने हाथ में लेकर आ गईं और घर में रख ली।
तीन दिन बाद कल जब वह उस बाबा के कार्यालय की तरफ गईं तो पता चला कि वह तो ताला डालकर जा चुका है कमरा खाली कर गया है। वह घबरा कर अपने घर आईं और पोटली खोली तो पता चला कि उसमें उनके जेवरात थे ही नहीं बल्कि उसमें तो कचरा कूड़ा भरा था और लोहे की चैन आदि बंधी थी। श्रीमति ठाकुर स्तब्ध रह गईं।
आज इस मामले की शिकायत थाना कोतवाली में कर दी गई है। पुलिस ने मामला पंजीबध्द करके अपराधी की गहन तलाश शुरु कर दी है। उसके मोबाइल नम्बर से उसे पकड़ने के प्रयास किये जायेंगे। उल्लेखनीय है कि ऐसे मामलों में पूर्ववर्ती एसडीओपी विनय पाल बहुत गंभीरता से अपने स्तर पर ऐसे मामले सुलझाने में आगे आ जाते थे। लेकिन वर्तमान में ऐसी कोई स्थिति नहीं दिख रही। sehore fursat

कुष्ठ रोगियों की सहायता में तत्पर लायनेस क्लब सीहोर

सीहोर 8 फरवरी। कुष्ठ निवारण दिवस 30 जनवरी को हमारे क्लब की सदस्याएं कुष्ठ रोगियों के लिये 100 किलो गेहूँ 50 किलो चावल लेकर उनके निवास पर गई थीं और ला.राजू पालीवाल की शादी की सालगिरह भी फल वितरित कर वहीं पर मनाई। बहुत संतुष्ठि प्राप्त होती है जब वे निर्वल निशक्त रोगी यह कहते कि हमारो तो पेट भर दियो है आपने, और बड़ी आशाओं के साथ उन्होने अनुरोध भी किया चाय शक्कर दूध की भी व्यवस्था करवा दो तो बड़ी कृपा होगी। क्लब ने सहर्ष आश्वासन दिया है कि अगले माह यह भी कर देंगे। ला.रीता दुबे, राजू पालीवाल, उमा पालीवाल, सीमा जोशी, मंजू अग्रवाल, तारामणी अग्रवाल, साधना सक्सेना, शशि विजयवर्गीय सभी सदस्य गण प्रसन्नता से सेवा कार्य करके लौटे। sehore-फुरसत

जीप की टक्कर से सायकल सवार घायल

सीहोर 8 फरवरी (फुरसत)। इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर इंदौर नाका आष्टा के समीप आज जीप की टक्कर लगने से सायकल सवार युवक घायल हो गया । जिले आष्टा अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल के लिये रिफर किया गया है ।
आष्टा थाना अंर्तगत आने वाले ग्राम चिन्नौटा निवासी 18 वर्षीय अरविन्द्र आ. बोदा जी अजा. अपने घर से सायकल से गेहूं पिसान जा रहा था तभी आज सवा दो बजे के करीब इंदौर नाका के समीप सामने से आ रही जीप क्रमांक एमपी-37-एल-0211 के चालक ने तेज गति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर अरविन्द की सायकल में टक्कर मारकर घायल कर दिया जिसे प्राथमिक उपचार के बाद उपचार हेतू भोपाल भेजा गया । sehore-fursat

दिनदहाड़े सरेआम चोरी

सीहोर 8 फरवरी (फुरसत)। दिनदहाड़े आज एक कपड़ा दुकान अंबर होटल के पास से एक युवक कपड़े खींचकर ले भाग रहा था। असल में कपड़ा दुकान पर बाहर कपड़े टंगे रहते हैं उन्हे यह खींच कर भाग रहा था जिसे दूर बैठे कुछ व्यापारियों ने देख लिया और वह इसके पीछे चिल्लाते हुए दौड़ लगा गये और उसे पकड़ लिया। नगर में अब इस तरह की घटना भी होना चर्चा का विषय बन गई।sehore-fursat

मण्डी सचिव और व्यापारी में हुआ विवाद चर्चा का विषय बना

आष्टा 8 फरवरी (फुरसत)। कृषि उपज मण्डी के सचिव एवं एक व्यापारी के बीच में कार्यालय में हुआ विवाद पूरी मण्डी प्रांगण में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मण्डी व्यापारी और सचिव के बीच में किसी बात को लेकर उनके कार्यालय में जमकर उठापटक और भोपाली में जो कुछ वार्तालाप हुआ जिसे देखने और सुनने के लिये कक्ष के बाहर कई लोग जमा हो गये थे अब वह विवाद दोनो के बीच जो हुआ उस विवाद के पीछे क्या कारण है ?
वो अस्पष्ट है लेकिन मामला कुछ विशेष ही लगता है। इस विवाद के बाद एक चर्चा और उभरकर आई है कि मण्डी प्रशासन ने कुछ ऐसा कार्य भी किया है जो नियम विरुध्द हुआ है।
वो क्यों और कैसे हुआ यह मण्डी बोर्ड के लिये जांच का विषय हो सकता है लेकिन आष्टा मण्डी प्रांगण में सचिव और व्यापारी के बीच हुआ विवाद जरुर कोई गहरी बात भविष्य में सामने लायेगा।sehore-fursat

अतत: जावर अस्पताल बना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, नागरिकों में खुशियाँ छाई

जावर 8 फरवरी (फुरसत)। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा दिये जाने के शासन के आदेश की खबर मिलते ही नगर व क्षैत्र के नागरिकों में हर्ष की लहर दौड़ गई लोगो ने अस्पताल को अपग्रेड करने के लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चौहान, प्रभारी मंत्री रूस्तमसिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष ललित नागौरी, क्षत्रिय विधायक रघुनाथ मालवीय का आभार व्यक्त किया और कहा भाजपा सरकार की क्षैत्र के लिये सबसे बड़ी सौगात है ।
ज्ञात है कि नगर व क्षैत्र वासी स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा देने की मांग लम्बे समय से करते आ रहे थे । इसके लिये लोगो ने कई बार आंदोलन भी किया था, तब आश्वासन के सिवा कुछ नही मिला था । भाजपा जिला मंत्री बाबूलाल पटेल ने कहा कि क्षैत्र को यहां सबसे बड़ी उपलब्धि दिलवाने में क्षैत्रिय विधायक रघुनाथसिंह का अहम रोल रहा है । इसके लिये हम क्षैत्रिय विधायक एंव मुख्यमंत्री के आभारी है इसके पहले भी क्षैत्रिय विधायक के प्रयास से ही जावर कजलास मार्ग की भी स्वीकृति मिल चुकी है जिसका निर्माण कार्य चल रहा है । युवा नेता सुभाष भावसार का कहना है कि स्थानीय अस्प. जो कि वर्तमान में 12 पंलग का था, जिसे सरकार अपग्रेडकर तीस पंलग का कर दिया, अभी तक जो सुविधा आष्टा, सोनकच्छ, में मिलती थी वह अब जावर में ही मिलने लगेगी लोगो को अब इलाज के लिये बाहर नहीं होना पड़ेगा 70 से 80 गांवो के लोगो को इसका लाभ मिलेगा । स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा दिलवाने के लिये भाजपा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगो ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जिला प्रभारी मंत्री एक क्षैत्रिय विधायक का आभार व्यक्त किया । इनमें प्रमुख रूप से नन्नू लाल वर्मा, विक्रमसिंह, कल्याणसिंह, राकेश सिंह, आजादसिंह पहलवान, मानसिंह, किशोर पाटीदार, राधेश्याम पाटीदार, जयसिंह, रमेश पाटीदासर, संजय अजमेरा, कैलाश राठौर, हरिश शर्मा, संतोष लश्कार, कृपालसिंह, भूपेन्द्र सिंह, कैलाश सोलंकी, राजपाल ठाकूर, सुनील जैन, दयाराम, तेजसिंह, शैलेष वेद्य, नरेन्द्र सिंह, धीरजसिंह, शांतिलाल भावसार, प्रेमसिंह, राजेन्द्रसिंह सेंधव, कृपालसिंह, सतीश विश्वकर्मा, प्रहलाद मिस्त्री, असलम कुरैशी, कमलसिंह, रूपसिंह, जीवन सिंह आदि
यहां 18 पद बढेंग़े
प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सत्रह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो को अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा दिये जाने के आदेश जारी कर दिये गये है । इनमें जावर का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी है । अस्पताल प्रभारी डा. गजराज गुर्जर ने बताया कि स्थानीय अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा मिलने के बाद लोगो को ओर अधिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने लगेगी वर्तमान स्टाप के अलावा 18 पद भी नये स्वीकृत किये गये है है । जो इस प्रकार है सर्जिकल विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, निश्चेतना विशेषज्ञ, 6 स्टाफ नर्स, रेडियों ग्राफर, नेत्र सहायक, लेखापाल, लेब अटेन्डेर, ओ टी. अटेन्डेर, वार्ड वाय, स्पीकर, वाहन चालक आदि । sehore-fursat