Friday, January 18, 2008

अर्न्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि पवन जैन को जनार्दन सम्मान

सीहोर 16 जनवरी (फुरसत)। साठोत्तरी न्दिी कविता के यशस्वी कवि जनार्दन शर्मा की 30वीं पुण्यतिथि पर 19 जनवरी की रात्रि 8 बजे स्थानीय ब्ल्यू स्कूल के सभागार में आयोजित काव्याालि कार्यक्रम स्वर्गीय श्रीमति चन्द्रकान्ता कुइया स्मृति न्यास अर्न्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि पवन जैन को जनार्दन सम्मान प्रदान करेगा। इस आशय की जानकारी न्यास के अध्यक्ष पुरूषोत्तम कुईया ने आज यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रदान की है । सुकवि पं. जनार्दन शर्मा की पुण्यतिथि पर विगत 29 वर्षो से लगातार आयोजित इस पुण्य स्मरण काव्याजली संगोष्ठी के साहित्यिक आयोजन में हर वर्ष स्वर्गीय श्रीमति चन्द्रकान्ता कुइया स्मृति न्यास द्वारा भोपाल संभाग के सर्वश्रेष्ठ कवि का चयन कर उन्हें जनार्दन सम्मान से सम्मानित करने की परम्परा रही है । अभी तक विदिशा के कवि नरेन्द्र जैन होशंगाबाद के कवि अखिल पगारे, भोपाल के कवि सुधीर मोता तथा रमेश यादव और कवियत्री श्रीमति मंगला अनुजा इटारसी के कवि रामकिशोर नाविक को न्यास जनार्दन सम्मान प्रदान कर सभादृत कर चुका है ।
इस वर्ष भोपाल में पदस्थ पुलिस महानिरीक्षक पवन जैन को जनार्दन सम्मान प्रदान कर सम्मानित करने का निर्णय चयन समिति ने सर्व सम्मति से किया है । चयन समिति के सदस्यों की बैठक गत रविवार को वरिष्ठ साहित्कार नारायण कासट नदीम की अध्यक्षता में संपन्न हुई थी । जिसमें आयोजन के सूत्रधार अम्बा दत्त भारतीय, आयोजक संस्था प्रज्ञा भारती के अध्यक्ष जयन्त शाह, म.प्र. आंचलिक पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर लाल साबू, न्यास के अध्यक्ष पुरूषोत्तम कुईया, श्रीमति जमना देवी मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष वसन्त दासवानी तथा समाजसेवी राजकुमार गुप्ता उपस्थित थे । चयन समिति के इस सर्व सम्मत निर्णय की जानकारी देते हुए न्यास के अध्यक्ष पुरूषोत्तम कुईया ने बताया कि इस वर्ष सम्मानित किये जा रहे सुकवि पवन जैन ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होते हुए कविता के क्षैत्र में अलग पहचान बनाई है ।
संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा न्यूयार्क में संपन्न हुये विश्व हिन्दी सम्मेलन में काव्य पाठ कर उन्होंने विश्व मंच पर हिन्दी-कविता का मान बढ़ाया है । आज वे अर्न्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि है । जिनकों सम्मानित कर न्यास स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहा है ।

मध्यान्ह भोजन की टंकिया ले उड़े चोर

सीहोर 16 जनवरी (फुरसत)। समीपस्थ ग्राम के एक शासकिय विद्यालय से गई रात ताला काटकर अज्ञात चोर यहाँ रखी दो गैस की टंकियाँ तथा रेग्यूलेटर चुरा कर ले गये। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार समीपस्थ ग्राम जहाँगीरपुरा की शासकिय माध्यमिक शाला में स्थित मध्यान्ह भोजन बनाने के लिये बने किचन शेड में चोरी हो गई।
अज्ञात चोरों ने यहाँ रात ताला काटकर रखी दो गैस की टंकी व एक रेग्यूलेटर कीमत 3600 से अधिक चुरा लिये। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। उधर मध्यान्ह भोजन गैस के अभाव में यहाँ प्राचार्य व शिक्षकों ने कण्डो पर बनवाया।

पाईप लाईन चोरी कर रहे ब्राउन शुगर वाले

सीहोर 16 जनवरी (फुरसत)। वार्ड 1 कोलीपुरा में सांसद निधि से डली पाईप लाईन को आज तक नगर पालिका ने अपने हाथ में नहीं लिया है और नगर की सबसे अच्छी मोटी व मजबूत डली यह पाईप लाईन जबरन बिना उपयोग के बर्वाद हो रही है। पिछले कुछ दिनों से चोरो की निगाह इस महंगी पाईप लाईन पर पड़ गई है जिसके कारण रात को गश्त करने वालों की मदद से तथा पुलिस के आशीर्वाद से चल रहे कबाड़ियों को यह पाईप खोलकर बेचने का धंधा बना चुके हैं। यहाँ अभी तक 4-5 पाईप अज्ञात चोरों ने खोल लिये हैं और संभवत: वह इसे बेच कर नशा-पत्ता कर चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि नगर में लोहा चुराने की बीमारी यहाँ ब्राउन शुगर पीने वाले लोगों को ही है।

Thursday, January 17, 2008

लाखों का घोटाला कर हजारों लीटर घासलेट पी रहे उपभोक्ता केन्द्र वाले

सीहोर 15 जनवरी (फुरसत)। शासकिय उचित मूल्य दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में मिट्टी का तेल घासलेट की आपूर्ति हो चुकी है और इस बार जनवरी से प्रत्येक उपभोक्ता को 5 लीटर घांसलेट वितरित करने के आदेश जारी हो चुके हैं लेकिन हजारों लीटर केरोसिन की आपूर्ति के बावजूद यहाँ अधिकांश उचित मूल्य दुकान के संचालक 4 लीटर ही घांसलेट दे रहे हैं और हस्ताक्षर 5 पर क रवा रहे हैं। इस पर अभी तक जिला आपूर्ति अधिकारी का ध्यान नहीं गया है।
नगर भर में हजारों लीटर घांसलेट की आपूर्ति सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत की गई है। मध्य प्रदेश शासन ने इस माह से एक बार फिर उपभोक्ताओं को 5 लीटर केरोसिन वितरित किये जाने के आदेश जारी कर दिये हैं जिससे उपभोक्ताओं में खासा उत्साह है। लेकिन इससे बचते हुए इस तरह की अधिक आपूर्ति का लाभ खुद राशन दुकानों के दुकानदार उठा रहे हैं।
नगर भर में अनेकानेक प्राथमिक भण्डार केन्द्रों उचित मूल्य दुकानों पर हजारों लीटर घांसलेट की आपूर्ति जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी के आदेश से हो चुकी है लेकिन मामले में अत्याधिक गड़बड़ी चल रही है। स्थिति यह है कि इस माह भी जो उपभोक्ता घांसलेट लेने आ रहे हैं उन्हे 5 के स्थान पर 4 लीटर ही केरोसिन कुछ दुकानदार दे रहे हैं और अपने रजिस्टर पर 5 लीटर ही लिखकर हस्ताक्षर करवा ले रहे हैं।
इस प्रकार सीधे-सीधे 1 लीटर की बचत वह हर एक उपभोक्ता से कर-कर वह बहुत बड़ी मात्रा में केरोसिन बचा लेंगे और इसे अपने स्तर पर भारी दाम पर बेच देंगे। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी श्रीमति सुनीता शिरपुरकर से लोगों ने शिकायत करना शुरु कर दिया है देखते हैं कब तक मामले में कार्यवाही होती है। सूत्रों के अनुसार जो केरोसिन का तेल उचित मूल्य दुकानों पर 10 रुपये के भाव बेचा जाता है वहीं ब्लेक में 20 से 25 रु. में बिकता है।

सब्जी विक्रेताओं की सांठ-गांठ से मिल रही महंगी सब्जी 5-6 रु. की मटर 10 रुपये किलो बेच रहे सब्जी विक्रेता

सीहोर 15 जनवरी (फुरसत)। नगर में सब्जी विक्रेताओं का नया कारनामा पहली बार नगर में कारगर हो रहा है जिसके तहत सब्जी मण्डी में सब्जियों के भाव अत्याधिक हो गये हैं। मटर की आपूर्ति अत्याधिक होने पर भी यहाँ सब्जी विक्रेता उसे खरीद लेते हैं लेकिन दाम नहीं गिरने देते। यही हालत अन्य सब्जियों में भी हो गई है। बड़े व्यापारियों ने अब सब्जी का स्टाक करना शुरु कर दिया है जिससे यह आपस में सांठ-गांठ कर दाम भी नहीं गिरने देते।
इतना ही नहीं बड़े और छोटे दुकानदार अब सब्जियों की दुकान भी कुछ नई पध्दति से करवा रहे हैं। देखिये किस प्रकार 5-6 रुपये किलो की मटर 10 और गाजर, मूली, गिलखी, मैथी, फूलगोभी आदि के दाम बढ़ाये गये हैं। सब्जी विक्रेताओं की इस नई रणनीति पर एक नई नज़र।
ठंड के मौसम में एक तरह से सीहोर सब्जी मण्डी की रौनक दुगनी हो जाती है। यहाँ न तो बरसात में सब्जी की आवक अच्छी रहती है न ही गर्मी में सब्जी आती है। आती है तो सिर्फ ठंड के दिनों में भरपूर सब्जी आती है। जोरदार आवक से सब्जी मण्डी की रौनक ही बदल जाती है। हर एक सब्जी की आपूर्ति देखकर लगता है कि उसकी बहार ही आ गई है। ठंड के मौसम में सब्जी उगती भी खूब है और ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने के साधन भी भरपूर रहते हैं और फिर जितनी-जितनी अधिक ठंड पड़ती जाती है उतनी-उतनी अधिक सब्जी की पैदावार बढ़ती जाती है। कुल मिलाकर सब्जी की पैदावार अधिक होने से सब्जी मण्डी में आवक इन दिनों अच्छी रहती है।
जब सब्जी की आवक अच्छी रहती है तो फिर निश्चित ही वह सस्ती भी हो जाती है। सब्जी मण्डी का नियम है कि जितनी सब्जी अधिक आयेगी उतनी ही सस्ती बिकेगी। पत्तागोभी-फूल गोभी, गिलखी जैसी सब्जियाँ तो ढेर के ढेर के भाव से बिकती है और बहुत सस्ती बिक जाती है। जबकि कुछ अन्य सब्जियाँ जो कम आती हैं तो वह भी ढेर से बिक जाती हैं। रही बात फली वाली सब्जियों की जैसे मटर व गाजर आदि पसेरी के भाव बिकती है। हालांकि पिछले दिनों अत्याधिक आवक होने पर बोरे के भाव भी एक बारगी मटर बिक गई थी। मटर अभी 25 से 30 रुपये पसेरी बिक रही है मतलब 5 से 6 रुपये किलो। इसी प्रकार गाजर अत्याधिक सस्ती आ रही है। हरी मिर्च हो या हरा धनिया भरपूर मात्रा में आ रहा है। भरपूर मात्रा में जब सब्जियाँ आती हैं तो निश्चित रुप से वह सस्ती बेचनी पड़ती है क्योंकि हर दिन आवक भरपूर रहती है।
लेकिन इन दिनों सब्जी विक्रेताओं ने सब्जी के व्यवसाय में बड़ी मात्रा में पूंजी लगाकर जितनी भी सब्जी आती है वह खरीद लेते हैं और उसे फिर स्टाक करके रखते हैं लेकिन सब्जी के भाव नहीं गिरने देते। फिर तीन-चार दिन तक सब्जी बिकती रहती है लेकिन सब्जी के भाव नहीं गिरती। यही स्थिति हर दुकानदार कर रहा है और आपस में मिली भगत और अच्छी सांठ-गांठ करके यह व्यापारी भाव भी नहीं गिरने दे रहे। जिसके कारण नगर के आम नागरिकों को इस भरपूर आवक के मौसम में भी सब्जी महंगी मिल रही है। जबकि कुछ ठेला व्यापारी जो अलग से सब्जी खरीदते हैं और खासतोर से वह जो थोक में खरीदकर बेचते हैं वह कम भाव में सब्जी बेचकर निकल जाते हैं जिनसे सब्जी मण्डी के सब्जी विक्रेता खासे नाराज चल रहे हैं।
सब्जी विक्रेताओं की इस मिली भगत का वर्तमान में कोई तोड़ नजर नहीं आ रहा है यदि नये सब्जी विक्रेता सामने आ जायें या फिर कोई बड़ी रिलायंस जैसी कम्पनी आकर थोक में सब्जी खरीदकर उचित मूल्य पर बेचे तो ही संभवत: इस प्रकार की दादागिरी कम हो पायेगी। वैसे कुछ दो-तीन वर्षों से सीहोर सब्जी मण्डी में जिन क्षेत्रों के ग्रामीण सब्जी यादा मात्रा में लाते थे वह आजकल भोपाल में जाने लगे हैं इसलिये भी अनेक तरह की सब्जियाँ आना कम हो गई हैं।

फल वालों ने भी पिछले दिनों 3 क्विं. बोर सड़ा दिये, पर दाम नहीं घटाए
सीहोर। सर्दी के इस मौसम में बड़ा वाला पेमली बोर भी फल बाजार में बडी मात्रा में आता है लेकिन चाहे इसकी आवक कितनी ही अधिक हो या फिर यह कितना ही सस्ता दुकानदार खरीद ले लेकिन उसके दाम वह नहीं गिरने देते और दाम नहीं गिरें इसलिये एक ही दुकानदार बनते कोशिश पूरा माल खरीद लेता है और फिर वही उन फल विक्रेताओं को उसमें कुछ माल बेचने के लिये देता है जो भाव नहीं गिराते। इस प्रकार दुगने भाव में फल भी बिकते रहते हैं। फल बाजार की इस नई रणनीति का ही परिणाम रहा कि दो सप्ताह पूर्व जब बोर अधिक मात्रा में फल विक्रेताओं ने खरीद लिये और उनके दाम नहीं गिराये तब उनकी बिक्री रुक-सी गई और स्थिति यह आ गई कि 5-6 दिन में बोर मुरझाकर लाल हो गये और फिर उनमें सल पड़ने लगे। लेकिन इसके बावजूद बोर के दाम फल विक्रेताओं ने नहीं गिराये और करीब 3 क्विंटल बोर इधर-उधर कर उन्होने फिर नई आवक का बोर खरीदकर उसे बेचना शुरु कर दिया है और भाव वहीं के वहीं रहे। इस प्रकार अब सीहोर के फल विक्रेताओं में मानवीयता का अभाव होने लगा है और वह अधिक लालच व लाभ में नये-नये प्रयोग कर रहे हैं।

Wednesday, January 16, 2008

वर्ष भर में दूध की कमी रहेगी, समुद्री तूफान आयेंगे - ज्यो. शिरोमणि पं. राम प्रसाद बृजवासी

सम्वत् 2064 की निरयन मकर संक्रांति तथा उसका फल

सीहोर 14 जनवरी (फुरसत)। श्रीशुभ विक्रम संवत् 2064 शालिवाहन शके 1929 विरोधी नाम संवत्सरे, उत्तरयण, शिशिर ऋतौ शुभ पौष मासे शुभे शुक्ल पक्षे षष्ठम्याम तिथौ 15 का 044 मि. परं सप्तम्याम् संक्रांति तिथौ सोम वासरे, उत्तरा भाद्रपद नक्षत्रे 24 का. 29 मि. परिध नाम योगे19 का 004 मि. परं शिव नाम संक्रांति योगे, गरनाम संक्रान्ति करणे। सूर्यदेव निरयन मकर राशि पर दि. 24 का. 10 मि. पर प्रवेश करेंगे।
संक्रान्ति पर्व काल- दि. 15 जनवरी 2008 मंगलवार को सूर्योदय से सूर्यास्त तक रहेगा।
संक्रांति वाहन :- इस वर्ष संक्रांति वाहन हाथी है। उपवाहन गधा है, रंगीन वस्त्र धारण किये हुए है। हाथ में धनुष धारण किए हुए है। मस्तक पर गोरोचन का तिलक लगाये हुए है गोमेद रत्न का आभूषण पहिने हुए है। संक्रान्ति वार नाम ध्वांसी तथा नक्षत्र नाम नन्दा है। दक्षिण दिशा से आ रही है तथा उत्तर दिशा की और जा रही है। संक्रांति का मुख पश्चिम दिशा की तरफ है तथा ईशान दिशा की तरफ देख रही है। दूध का भक्षण किये हुए है।
संक्रांति जिन-जिन वस्तुओं को धारण किये हुए है तथा जिन वस्तुओं से संक्रांति का संबंध है उन वस्तुओं की हानि तथा पैदावार में कमी होगी उन वस्तुओं में तेजी करती है। जंगली जानवरों हाथी तथा गधा वर्ग के पशुओं को त्रास्त तथा कपड़ों में तेजी रहेगी, उन वस्तुओं के पैदा करने वाले कर्मचारियों को कष्ट उठाना पडेग़ा। युद्ध कराती है तथा सेना को कष्ट देती है। वर्ष की ग्रह स्थिति के अनुसार भारतीय शासन सत्ता के समक्ष आधारित घटनाओं के साथ कई समस्याएं खड़ी होंगी।
प्राकृतिक प्रकोप से जन धन हानि सुदूर उत्तरीय ईशान क्षैत्र एवं पश्चिमी समुद्रतट विपदाग्रस्त होंगे तथा वन क्षैत्रों में पशुओं की हानि सम्भव है । केन्द्रीय सरकार से सहयोगी राजनीतिज्ञ संगठनों का शक्ति परीक्षण असफल एवं पुन: देश में राजनैतिक संतुलन को बिगाड़ सकते है। असम, गुजरात में सत्ता परिवर्तन हो सकता है। कहीं प्राकृतिक प्रकोप से जनधन हानि अग्निकाण्ड भयंकर बाढ़ से हानि होगी। कश्मीर में भयंकर युद्ध वीर जवानों को शहीद होना पडेग़ा। अमेरिका के हस्तक्षेप से विवाद विश्व युद्ध की स्थिति बनेगी। मुस्लिम राष्ट्र में प्राकृतिक विनाश लीला का दृश्य उपस्थित होगा। भारत के कुछ क्षैत्रों में अकाल की स्थिति पैदा होगी।
इस वर्ष संयुक्त सरकार की गतिविधि पर विशेष आक्षेप होंगे। वर्तमान केन्द्रीय संयुक्त सरकार कुछ पार्टियां अपनी अस्मिता को बनाए रखने के लिए स्वतंत्र सिद्धांतों के कारण विमुख होने लगेंगी। पूर्वार्ध से ही गुजरात सरकार संकट को पार करने में असमर्थ अनुभव करेगी। वर्ष के अंत तक का समय सत्तारूढ़ पार्टी के लिए तथा प्रधान नेताओं के लिए सत्ता से विलय होगा। भारतीय ज्योतिष की भविष्यवाणी की सत्यता पर देश-विदेशों में प्रमाणिता को स्वीकार करेंगे। राजनैतिक क्षितिज पर विस्तार भाजपा को लाभ मिलेगा कांग्रेस नेतृत्व को पार्टी को पुन: चेतना मिलेगी। उत्तरी भारत में कहीं भंयकर दुध तथा दुध से बनी वस्तुओं की कमी का अनुभव होगा। भारत के उत्तरी क्षैत्र के राष्ट्रों से हानि ज्यादा होगी सावधान रहना होगा समुद्री तुफान ज्वारभाटा ज्यादा आयेंगे। समुद्र से ज्यादा हानि होगी। भंयकर अग्निकांड भूकंपन धुमकेतूओं का उदय ज्यादा होगा।

बसंत उत्सव आयोजन समिति के आव्हान पर 356 शहीद क्रांतिकारियों की समाधि पर श्रद्धांजली हुई

सीहोर 14 जनवरी (फुरसत)। नगर के गौरवमयी 1857-1858 के स्वतंत्रता आंदोलन में शहीद हुए जिन 356 शहीदों को 14 जनवरी 1858 को सामूहिक रुप से गोली मार दी गई थी उनका स्मरण करते हुए आज बसंत उत्सव आयोजन समिति के आव्हान पर आयोजित श्रद्धांजली समारोह में नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूज्‍यनीय संत श्री समताराम जी महाराज रामजीराम रामद्वारा थे, कार्यक्रम की अध्यक्षता राकेश राय नगर पालिका अध्यक्ष ने की जबकि विशेष अतिथि के रुप में भोपाल से पधारे हेमंत जी मुक्तिबोध तथा भारतीय इतिहास संकलन समिति के प्रांतीय उपाध्यक्ष दिलीप जी बेहरे भी विशेष रुप से उपस्थित थे।
बसंत उत्सव आयोजन समिति के आव्हान पर सैकड़ाखेड़ी मार्ग बस स्टेण्ड के सामने स्थित ऐतिहासिक समाधि पर श्रद्धांजली सभा का आयोजन रखा गया था। प्रात: 10.00 बजे कार्यक्रम स्थल पर बजे देशभक्ति गीतों ने वातावरण में राष्ट्रीय भावना का ओज भर दिया था। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए मुख्य अतिथि संत समताराम जी महाराज, अध्यक्ष राकेश राय, विशेष अतिथि हेमंत जी मुक्तिबोध ने भारत माता के चित्र के समक्ष समाधि पर दीप प्रवलित किया और कार्यक्रम की अनौपचारिक शुरुआत की। इसके बाद सभी उपस्थित जन ने समाधि स्थल पर पुष्पांजली अर्पित कर शहीदों को नमन किया।
सिपाही बहादुर सरकार के गौरवमयी इतिहास और वर्तमान में देश के प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन की 150 की बरसी पर अपना ओजस्वी उद्बोधन देते हुए हेमंत जी मुक्तिबोध ने कहा कि 1857 का महासंग्राम एक रणनीति पूर्वक किया गया स्वतंत्रता आंदोलन था जिसमें न सिर्फ देश राजा-रजवाड़े प्रमुखता से जुड़े हुए थे बल्कि सारे भारतीय सैनिकों ने भी इसमें पूरा सहयोग किया। तभी मेरठ उठी क्रांति मंगलपाण्डे की आवाज में एक क्रांति की वाला बनकर हर एक भारतीय के मन को छू गई। देशभर में सैनिक संगठित हो आजादी के लिये उठ खड़े हुए। रानी लक्ष्मी ने नन्ही उम्र में ही वीरता वह अदम्य परिचय दिया जिसका उदाहरण मिलना मुश्किल है। श्री मुक्तिबोध ने आजादी के पहले स्वतंत्रता आंदोलन का महत्व प्रतिपादित करते हुए कहा कि यह गदर नहीं था। यह व्यवस्थित आंदोलन था। श्री मुक्तिबोध ने सीहोर के जाबांज क्रांतिकारियों को नमन किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रथम नागरिक राकेश राय ने यहाँ अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि उन्होने गत वर्ष ही 11 हजार रुपये की राशि अपनी तरफ से देने की घोषणा कर दी है साथ ही जब कभी भी यह जमीन सुरक्षित हो जायेगी या शासन-प्रशासन इसे शहीद उद्यान के रुप में सुरक्षित करेगा तब नगर पालिका यहाँ तत्काल आवश्यक निर्माण कार्य करायेगी।
कार्यक्रम संयोजक बसंत उत्सव आयोजन समिति की तरफ से आनन्द भैया गाँधी ने 356 क्रांतिकारियों की शौर्य और वीरता के संबंध जिन इतिहास की पुस्तकों हयाते सिकन्दरी, भोपाल गजेटियर तथा मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग की पुस्तक सिपाही बहादुर में उल्लेख मिलता है की सविस्तार जानकारी दी तथा साथ ही सैकड़खेड़ी मार्ग पर अंग्रेजों के जमाने के शेष रह गये अवशेषों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि किस प्रकार यहाँ चाँदमारी होती थी और जनरल ह्यूरोज ने एक साथ 356 क्रांतिकारियों को खड़ा कर चांदमारी के स्थान पर गोलियों से भून दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संतश्री समताराम जी महाराज ने कहा कि क्रांतिकारियों ने तो क्रांति कर दी अपना सर्वस्व इस भारत की पूज्‍यनीय धरती पर न्यौछावर कर दिया लेकिन आज हमारा कर्तव्य है कि उनके स्मरण के लिये भी हम कुछ करें। कार्यक्रम के अंत में नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय ने संक्रांति पर्व पर सभी को लड्डु वितरित कराये। बसंत उत्सव आयोजन समिति की और से कार्यक्रम का आभार व्यक्त करते हुए आशीष गेहलोत युवा पार्षद ने नगर पालिका के सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया। जबकि कुशल संचालन पंकज पुरोहित सुबीर ने किया। कार्यक्रम में बहुत बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए और उन्होने श्रध्दांजली अर्पित की। अनेक संगठनों ने भी आज यहाँ श्रध्दांजली कार्यक्रम किया। नेहरु युवक केन्द्र के कार्यकर्ताओं ने नगर के प्रमुख मार्गों से एक रैली निकालकर समाधि स्थल पहुँचे और श्रध्दांजली अर्पित की।

Monday, January 14, 2008

14 को नहीं 15 को है सक्रांति -पं. पृथ्वीबल्लभ दुबे

सीहोर 13 जनवरी (फुरसत)। जब सूर्य मकर राशि में क्रांति करते हैं तब से देवताओं का दिन तथा दैत्यों की रात्रि प्रारंभ होती है तभी से सूर्य उत्तरायण होते हैं तथा कर्क संक्रांति दक्षिणायन हो जाते हैं। सूर्य का किसी भी राशि में प्रवेश सूर्य की संक्रांति कहलाती है। सूर्य का संक्रमण काल त्रुटिकाल का हजारवां भाग होता है।
उसकी वास्तविक गणना ब्रह्मा के लिये भी कठिन है ऐसा वृहद योतिषसार का कथन है। इसलिये संक्रांति काल से 16 घड़ी पूर्व तथा 16 घड़ी पश्चात पुण्यकाल कहा जाता है। लेकिन इसी ग्रंथ का कथन है कि कर्क संक्रांति से 30 घड़ी अर्थात 12 घंटे पूर्व से तथा मकर संक्रांति के पश्चात 40 घड़ी अर्थात 16 घंटे तक का पुण्यकाल होता है। दिन में संक्रांति हो तो दिनभर पुण्यकाल होता है। रात्रि में संक्रांति हो तो समीप के दिनार्ध में स्नान दान करना चाहिए। अर्थात सूर्य की संक्रांति का पुण्यकाल सोलह घड़ी होता है। यदि पूर्व रात्रि में संक्रांति लगती है तो पूर्व दिन पुण्यकाल होगा और यदि आधी रात के बाद संक्रांति लगती है तो दूसरे दिन पुण्यकाल होगा।
मुहूर्त चिंतामणी में भी कहा गया संक्रांति काल से पूर्व व पश्चात 16-16 घड़ी पुण्यकाल होता है। मध्य से पूर्व (रात्रि के पूर्वार्ध) में संक्रांति हो तो पूर्व दिन के मध्यान्हनोत्तर में और रात्रि के उत्तरार्ध में संक्रांति हो तो अगले दिन के पूर्वाह्न में पुण्यकाल होता है। यदि ठीक मध्यरात्रि में संक्रांति हो तो पूर्व दिन के उत्तरार्ध व अग्रिम दिन के पूर्वार्ध्द दोनो दिन पुण्यकाल होता है।
गर्ग मतानुसार भी सायं संध्या के बाद और प्रात: संध्या से पूर्व मकर संक्रांति कभी भी हो तो अगले दिन के पूर्व भाग में पुण्यकाल होता है।
यह बात भी सभी को जान लेनी चाहिए कि संक्रांति पर्व का निर्धारण सूर्य की गति पर आधारित है जिसमें सूक्ष्म परिवर्तन संभव है। इस पर्व का निर्धारण ना तो चन्द्रमास से है जो हिन्दी पंचागो में प्रचलित है और ना ही अंग्रेजी केलेण्डर से इसलिये अंग्रेजी तारीख 14 जनवरी या 15 जनवरी का संक्रांति होना केवल सूर्य की गति के कारण है।
यह भी जान लें कि सन् 1950 अर्थात विक्रम संवत 2008 तक मकर संक्रांति 13 जनवरी की हुआ करती थी। शताब्दी पंचांग के अध्ययन से यह भी तथ्य सामने आता है कि प्रत्येक चौथे वर्ष में अर्थात लीपइयर में ही संक्रांति 14 जनवरी की हो जाती थी। सन् 1951 से लगातार संक्रांति 14 जनवरी को ही हो रही थी। तब से प्रत्येक लीप ईयर में संक्रांति 15 जनवरी की होती है। सन 2046 तक यह क्रम इस प्रकार ही चलेगा लेकिन 2047 से संक्रांति, 15 जनवरी की हो होगी यह सूक्ष्मतर परिवर्तन प्रत्येक शताब्दी में होता है और होगा। इस प्रकार प्रत्येक सौ वर्ष में संक्रांति एक दिन आगे हो जाती है। इस प्रकार अगर 2000 साल पीछे जाकर देखें तो 25 दिसम्बर में मकर संक्रांति होती होगी।
इस वर्ष संवत 2064 शाके 1929 सन 2008 में पौष शुक्ल 6 तदुपरांत 7 सप्तमी, सोमवार, उत्तराभाद्र नक्षत्र के बाद रेवती तत्कालिक, परिध के बाद शिव योग तत्कालिक, वणिज करण में स्थानीय समय से रात्रि अंत 6 बजकर 4 मिनिट यानि 15 जनवरी प्रात: 6:04 पर सूर्योदय से 34 मिनिट पूर्व मकर संक्रांति अर्की है। इस प्रकार 15 जनवरी को प्रात: 6.04 बजे से देवताओं का दिनोदय तथा दैत्यों का रात्रि उद्गम, दक्षिणायन, हेमंत ऋतु और धनु संक्रांति की निवृत्ति होगी।
सूर्य उत्तरायण, शिशिर ऋतु तथा मकर संक्रांति प्रवृत्त होगी। अत: दोपहर 12 बजकर 28 मिनिट तक विशेष पुण्यकाल तथा रात्रि 12 बजकर 04 मिनिट तक सामान्य पुण्यकाल रहेगा।

जेल से कैदी भागा, बमुश्किल पकड़ाया

सीहोर 12 जनवरी (फुरसत)। आज दोपहर बाद सीहोर उपजेल अस्पताल के सामने आया एक नया कैदी को जैसे ही जेल पहुँचा रहे थे वह अचानक हाथ छुड़ाकर भाग गया।
बेचारे सिपाही उसे क्या खाक पकड़ते यहाँ जनता बहुत तेजी से उसका पीछा किया और अस्पताल मार्ग से पीछे की दीवार को फांद रहे इस कैदी के पैर पकड़ लिया और अंतत: उसे पकड़ लिया गया। यहाँ काफी भीड़ एकत्र हो गई थी। काफी देर तक यहाँ लोगों ने इसकी फिर पिटाई होते हुए भी देखी।

शिवलिंग चोरी का आरोपी गिरफ्तार

सीहोर 12 जनवरी (फुरसत)। शाहगंज स्थित निर्माणाधीन मंदिर में रखा शिवलिंग चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने तत्परता पूर्वक, कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार कर शिवलिंग बरामद करने में सफलता प्राप्त कर ली है। जानकारी के अनुसार शाहगंज बकतरा आमरोड पर नई बस्ती स्थित रामकृष्ण शिवहरें के मकसन के समीप निर्माणाधीन मंदिर में रखा शिवलिंग गत शुक्रवार की सबुह कोई अज्ञात चोर चुरा ले गया ।
घटना की रिर्पोट पर शाहगंज थाना प्रभारी मनोज मिश्रा ने प्रकरण पंजीबद्ध कर तत्परतापूर्वक कार्यवाही करते हुए मुखविर की सूचना पर शाहगंज निवासी 20 वर्षीय जगदीश उर्फ चंटी आ. लक्ष्मीनारायण साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने उक्त चोरी की वारदात करना स्वीकार किया और बताया कि शिवलिंग को उसने ग्राम पंचायत की शासकीय पानी टंकी में डाल दिया है । जिसकी निशांदेही पर पुलिस ने वहां से मूर्ति बरामद कर ली है।

सीहोर के क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को मार मार कर भगाया था, क्या उन्हे श्रध्दांजली भी नहीं दोगे

सीहोर 12 जनवरी (आनन्द गाँधी)। जब पूरा देश अंग्रेजों का गुलाम था, सब तरफ अंग्रेजों का शासन था। उस समय 1857 को सीहोर में फौज के भारतीय सिपाहियों ने अंग्रेजों के खिलाफ 18 वी शताब्दी के महानतम भारतीय क्रांतिकारी महावीर कोठ और वलि शाह के नेतृत्व में सीहोर से अंग्रेजों को मार-मारकर भगा दिया था और उनके पूरे घर जला दिये थे। क्रांतिकारी महावीर कोठ के निर्देशन में क्रांतिकारियों ने पूरे सीहोर के चप्पे-चप्पे को स्वतंत्र कर दिया। जिसमें आष्टा भी सम्मिलित था। उस समय पूरा देश तो गुलाम था लेकिन सीहोर में स्वतंत्रता की खुशी मनाई जा रही थी।
क्रांतिकारी महावीर कोठ ने महावीर कौंसिल स्थापित की जिसके तहत सीहोर कोतवाली में थाना प्रभारी सहित औषधालय से लेकर हर विभाग की स्थापना की गई। महावीर कोठ के कुशल नेतृत्व और आत्मसम्मोहित कर देने वाली नेतृत्व क्षमता के कारण यहाँ 6 माह तक (6 अगस्त 1857 से 14 जनवरी 1858) एक तरह से रामराय की स्थापना रही। लेकिन 6 माह बाद 12 जनवरी 1858 को अंग्रेज अफसर जनरल ह्यूरोज (जिसने महारानी लक्ष्मी बाई झांसी से युध्द किया था) ने बहुत बड़ी सैना को लाकर सीहोर पर हमला कर दिया। भोपाल बेगम उसके साथ थी। अंतत: सारे क्रांतिकारी पकड़ा गये। अंग्रेज अफसर ह्यूरोज ने सबसे कहा कि यदि लिखित माफी मांग लो तो मैं छोड़ दूंगा। उसने डराने के लिये कुछ सैनिको को मार भी दिया लेकिन बहादुर क्रांतिकारियों ने जिनकी संख्या 356 थी ने माफी नहीं मांगी......।
और अंतत: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा काला दिन 14 जनवरी 1858 को सुबह से जनरल ह्यूरोज ने सारे 356 क्रांतिकारियों के सीने पर गोलियाँ चलवाना शुरु कर दी लेकिन इस भारत माता का कोई लाल अंग्रेजों के आगे नहीं झुका और भारत माता की स्वतंत्रता के लिये शहीद हो गया।
क्या हम 14 जनवरी को इन शहीदों की समाधियों पर जाकर श्रध्दांजली-पुष्पांजली भी नहीं चढ़ा सकते हैं.....क्या हम इतने खुदगर्ज हैं....। आईये फुरसत के आव्हान को स्वीकार कर कल सोमवार को दिनभर में कभी भी इन शहीदों को नमन करने, पुष्प चढ़ाने, उन्हे सलाम करने का अपना नैतिक कर्तव्य वहन कीजिये....। इस वीर गाथा के कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रम आज उल्लेखित हैं।

Sunday, January 13, 2008

मारूती पलटी बच्चे की मौत, दो घायल

आष्टा 11 जनवरी (नि.सं.)। इन्दौर भोपाल राजमार्ग पर आज शाम एक बेगनार मारूती के अनियंत्रित होकर पलट जाने से उसमें सवार चार वर्षीय मासूम बालक की दर्दनाक मौत हो गई तथा बालक के माता पिता घायल हो गये जिन्हें उपचार हेतू आष्टा अस्प. में दाखिल कराया गया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कंचन बाग इंदौर निवासी समीर जैन अपनी पत्नी उर्मिला व 4 वर्षीय पुत्र योगेश के साथ आज इंदौर से बेगनार मारूती से सवार होकर भोपाल जा रहे थे तभी शाम पौने चार बजे के लगभग लसूड़िया जोड़ के समीप इनका वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। परिणाम स्वरूप समीर जैन के 4 वर्षीय योगेश की मृत्यु हो गई और समीर जैन व उनकी पत्नी घायल हो गये जिन्हें प्राथमिक उपचार हेतू आष्टा अस्प. में दाखिल कराया गया ।

परमार सहित 700 से अधिक भक्तों ने गुरू दीक्षा ग्रहण की

आष्टा 11 जनवरी (फुरसत)। गुरू शिष्य परंपरा सनातन भारतीय संस्कृति का मूल रूप है । गुरू बनाने के बाद स्वयं को समर्पित करना होता है । आज आप सभी ने गुरू दीक्षा ग्रहण कर स्वयं को मेरे लिए समर्पित कर दिया है और मै स्वयं तुम्हारे लिए समर्पित हूं।
उक्त उद्गार पूज्य प्रवर स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज ने गुरूवार सुबह 10 से 11 बजे के मध्य कथा पांडाल गौलोक धाम में करीब 700 से अधिक प्रभु प्रेमियों को गुरू नाम प्रदान करते हुए व्यक्त किए । पांडाल में निर्धारित समयाविधि से पूर्व ही प्रभु प्रेमी भक्त दीक्षा के लिए पहुंचे चुके थे। आज गुरू दीक्षा ग्रहण करने वालों में लम्बे समय से पूज्य स्वामी जी के प्रति समर्पित भाव रखते वाले आष्टा नगर के प्रथम नागरिक कैलाश परमार ने सपत्निक गुरूनाम ग्रहण किया। प्रभु प्रेमी संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश सोनी, स्वागत अध्यक्ष प्रेमनारायण गौस्वामी, द्वारका सोनी, रमेश चंद्र सेठिया, पुनीत संचेती, मांगीलाल साहू आदि ने करीब 700 से अधिक शिष्यों के साथ गुरू दीक्षा ग्रहण की। शिमला से भी गुरू भक्त गुरू नाम धारण करने आये । स्वामी जी ने शिष्यों को गुरू मंत्रउ देते हुए कहा कि इस मंत्र की बड़ी महत्ता है जो गुरू नाम मैं आपको दे रहा हूं इसमें 5 देवताओं का वास है । जिसमें प्रथम गणेश देवता, दुर्गा जी, शंकर जी, दत्तात्रय और हनुमान जी हैं जिनका आप नित्य ध्यान करें एवं हमेशा प्रभु नाम का स्मरण करते रहे। स्वामी जी ने शिष्यों को गुरू नाम देने के बाद एक हिदायत भी दी कि गुरूनाम लेने के बाद ऐसा नहीं कि आप छोटे-छोटे संकट के समय सन्यास का नाम ध्यान कर आश्रम की ओर रूख कर दें। घर परिवार से रूठकर किसी भी कीमत पर आश्रम न आऐं। ऐसा करने से आश्रम परिवार व स्वंय का परिवार चिंतित रहता हैं। आप गुरू नाम का नित्य ध्यान करें । आपको वर्ष में दो बार हमारे द्वारा भेजे गये पत्र आपके लिखे पते पर मिलेंगें। आपके शहर में प्रमु प्रेमी संघ द्वारा आयोजित कीर्तन भजन में आप शामिल हों और प्रभु का नाम सार्थक करें । आज गुरूनाम लेने से वंचित रह गये श्रद्धालुओं को स्वामी जी ने अगला अवसर देने को वचन दिया है । विदित हो कि आज आसपास से विलम्ब से पहुंचे अनेक भक्त गुरूनाम लेने से वंचित रह गये ।

Saturday, January 12, 2008

जमीन के पुराने विवाद में परोलिया में हवाई फायर

जावर 10 जनवरी (फुरसत)। जावर थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम परोलिया चौहान में आज दोपहर के लगभग 3 बजे ग्राम के राजा उर्फ राजेन्द्र सिंह सेंधव दिलीप सिंह सेंधव के मकान के सामने पहुँचा तथा जिस वक्त पुरुष घर में कोई नहीं था। घर का मुखिया दिलीप सिंह जावर हाट करने आया हुआ था उसके पुत्र खेत पर गये हुए थे। तथा घर पर केवल एक महिला थी। उस वक्त राजा ने इन महिलाओं को भद्दी-भद्दी गालियाँ दी। घबराकर महिलाओं ने घर का फाटक लगा दिया। तब महिलाओं का ऐसा कहना है कि राजा ने हवाई फायर किया बाद में दिलीप सिंह जब हाठ करके घर पहुँचा तो महिलाओं ने आज दोपहर में घटी उक्त घटना पूरी उन्हे बताई। तब दिलीप सिंह ने उक्त घटना की जावर पुलिस को जावर पहुँचकर सूचना दी। आज शाम को सूचना के बाद एसडीओपी मनु व्यास जावर थाना प्रभारी मोहन जाट परोलिया चौहान पहुँचे तथा घटना की विस्तृत जानकारी ली। एसडीओपी मनु व्यास ने बताया कि इनके बीच दो-तीन साल पुराना विवाद है तथा महिलाओं ने चर्चा में बताया कि उन्हे गोली चलने की भी आवाज सुनाई दी। कार्यवाही की जायेगी।