Wednesday, January 14, 2009

मोहर्रम का पर्व शांति सद्भाव के साथ मनाया गया

      जावर 13 जनवरी (नि.प्र.)। ईमान की राह में शहादत का पर्व मोहर्रम शुक्रवार को शांति सदभाव और हिन्दू मुस्लिम एकता के बीच मनाया गया। नगर में ताजिये का जुलूस उल्लास उमंग के साथ निकला जिसमें मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल थे।

      शुक्रवार को दोपहर एक बड़े ताजियों का जुलूस बेंड बाजे के साथ गुजपुरा से निकला जो नगर के विभिन्न मार्गो से होता हुआ मेन बाजार में पहुंचा मोहर्रम के जुलूस का नगर के विभिन्न संगठनों द्वारा स्वागत किया गया। माता चौक के पास भाजपा मण्डल अध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में मोहर्रम के जुलूस का व मोहर्रम कमेटी के सदस्यों का स्वागत किया गया। इस मौके पर संतोष लश्कार, कैलाश सोलंकी, तेजंसिह, दयाराम, पिन्टू आदि उपस्थित थे। गांधी चौक पर जय हिन्दू युवा क्लब के सुनील राठौर के नेतृत्व में स्वागत किया गया।

      मेन बाजार में हिन्दू उत्सव समिति अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह, भवानी शंकर वर्मा, संजय अजमेरा, धर्मेन्द्र सिंह (पिन्टू), खुमानसिंह, जयंसिंह, नारायण सिंह व राजू भावसार द्वारा मोहर्रम के जुलूस का स्वागत किया गया व सदर बाबूखां अखाडे के उस्ताद को साफा भी बधवाया।

      अखाड़ा मैदान पर नगर पंचायत की ओर से न.प. अध्यक्ष फूलसिंह मालवीय पार्षद राजेन्द्र ने मोहर्रम कमेटी के आशिक अली, बाबू खां, जाकिर हुसैन, साबिर खां, अनिस खां के अलावा अखाड़े के उस्ताद शब्बू खां व खलीफा, हफीज भाई का साफा बंधवाकर पुष्प हारों से स्वागत किया गया।

      इस दौरान अखाड़ा मैदान पर अखाड़े के पहलवानों के कई हैरत अंगेज कार्यक्रम दिखाये। वही मुख्य बाजार में ताजियों पर कई हिन्दू परिवार के लोगों ने लोवान छोड़ कर रेवड़ियों लुटायी इस दौरान नगर में मिठाई खेल खिलौने की दुकाने भी लगी थी। अंत में मोहर्रम का जुलूस करबला पर ले जाया गया जहां ताजियों को ठंडे करने की रस्म पूरी की गई। इस तरह मोहर्रम का पर्व शांति व सदभाव के साथ मनाया गया।.
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नशेलची बैंक भृत्य को लेकर व्यापारी प्रकोष्ठ ने ज्ञापन सौंपा

      जावर 13 जनवरी (नि.प्र.)। भारतीय स्टेट बैंक की जावर शाखा में पदस्थ भृत्य तुलसीराम बुन्देला जो अक्सर डयूटी के दौरान नशा करता है और नशे में बैंक आने वाले व्यापारियों किसानों के साथ अभद्र व्यवहार करता है तथा उनसे पैसों की भी मांग करता है, इसको लेकर भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ जावर के अध्यक्ष प्रेमसिंह महांकाल ने आज शाखा जावर के प्रबंधक श्री कारपात्रे जी को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की थी ऐसे नशेलची भृत्य पर शीघ्र कार्यवाही कर बैंक आने वाले व्यापारियों एवं किसानों को राहत दिलाये।

      इस संबंध में शाखा प्रबंधक श्री कारपात्रे ने बताया कि आज ज्ञापन प्राप्त हुआ है भृत्य कभी-कभी नशा करता है रूपये मांगने की भी शिकायत मिली है उस पर कार्यवाही के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा गया है।

      वहीं महाकाल ने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि अगर उक्त नशेचली भृत्य को नहीं हटाया गया तो बैंक के सामने प्रदर्शन आन्दोलन किया जायेगा। स्मरण रहे इसमें पूर्व इसी शाखा में पदस्थ एक लेखापाल के कारनामों से जावर की उक्त बैंक पूरी देश में चर्चित रही थी।.
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तिल्ली के भाव रिकार्ड तोड़

      आष्टा 13 जनवरी (नि.प्र.)। इस बार गुड़ तिल का पर्व मकर सक्रांति जेब पर भारी पड़ रहा है क्योंकि इस पर्व पर गुड़ और तिल का अपना विशेष महत्व होता है लेकिन इन दोनो सामग्री का भाव आसमान पर है तिल्ली धुली 100, मिली हुई 60 से 80 रुपये किलो है। वहीं गुड़ देशी 18 से 20 तथा दिसावरी गुड़ 22 से 24 रुपये किलो बिक रहा है। इस बार गुड तिल का पर्व भी मंहगाई की मार से नहीं बचा है।.
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Tuesday, January 13, 2009

जिला स्तरीय जनार्दन शर्मा स्मृति पुरुस्कार इस वर्ष व्यंग्यकार सुभाष चौहान को

सीहोर ( ) सुकवि पंडित जनार्दन शर्मा की 31 वीं पुण्यतिथि पर स्थानीय ?ल्यू बर्ड स्कूल के सभागार में 19 जनवरी को आयोजित हो रहे काव्यांजलि निशा कार्यक्रम में स्व. श्रीमती चंद्रकांता कुइया स्मृति न्यास द्वारा हर वर्ष जिले के श्रेष्ठ रचनाकार को दिया जाने वाला 'सुकवि जनार्दन शर्मा स्मृति पुरुस्कार' इस वर्ष सीहोर के व्यंग्यकार श्री सुभाष चौहान को दिया जाएगा ।

इस आशय की जानकारी आज यहां न्यास के अध्यक्ष पुरुषो?ाम कुइया ने प्रदान की । श्री कुइया ने बताया कि इस प्रतिष्ठित जिला स्तरीय पुरुस्कार हेतु सीहोर जिले के श्रेष्ठ रचनाकार का चयन हर वर्ष चयन समिति द्वारा किया जाता है । वरिष्ठ साहित्यकार श्री नारायण कासट 'नदीम' इस समिति के आजीवन अध्यक्ष हैं । इस चार सदस्यीय समिति के अन्य सदस्य आंचलिक पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शंकर लाल साबू , जिले के वरिष्ठ पत्रकार श्री अम्बाद?ा भारतीय तथा आयोजक संस्था प्रज्ञा भारती के अध्यक्ष श्री जयंत शाह हैं । समिति ने इस वर्ष सर्वसम्मति से शहर के सुप्रसिध्द व्यंग्यकार तथा कवि श्री सुभाष चौहान का चयन पुरुस्कार हेतु किया है ।

श्री कुइया ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री सुभाष चौहान मूलत: व्यंग्यकार हैं तथा देश की प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका धर्मयुग सहित देश की सभी साहित्यिक पत्रिकाओं में उनके लेख तथा कविताएं प्रकाशित होते रहे हैं । 1973 में आकाशवाणी पर काव्य पाठ करके चर्चाओं में आयें श्री चौहान ने देश के सुप्रसिध्द व्यंग्यकार स्व. शरद जोशी की ही तरह मंच से व्यंग्य पाठ की परंपरा को जीवित रखा है । स्नातक शिक्षा प्राप्त तथा मूलत: इछावर के रहने वाले श्री चौहान वर्तमान में सीहोर में ही निवास कर रहे हैं एवं यूनिट ट्रस्ट आफ इंडिया के जिला प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं । वे इछावर में साहित्यिक आयोजनों के लम्बे समय तक सूत्रधार रहे हैं तथा सीहोर में आकर भी शिवना साहित्यिक संस्था के साथ जुड़कर साहित्य के क्षेत्र में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज की है । अपने प्रारंभिक दौर में वे पत्रकार भी रहे हैं और दैनिक भास्कर, नव भारत जैसे समाचार पत्रों के लिये कार्य कर चुके हैं । साथ ही बीस सूत्रीय समिति के सदस्य भी रहे हैं । श्री कुइया ने बताया कि श्री सुभाष चौहान का एक संग्रह भी शीघ्र ही प्रकाशित होने जा रहा है जिसमें उनकी व्यंग्य रचनाओं के साथ साथ उनकी ंगालों का भी समावेश है । पर्यावरण विद तथा चिपको आंदोलन के प्रणेता श्री सुंदरलाल बहुगुणा से प्रेरित होकर लिखी गई उनकी ंगाल 'कितना तूफान उठा लें ये पहाड़ी वाले, पेड़ का दर्द न समझेंगें कुल्हाड़ी वाले' राष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चित रही थी । इनकी सुदीर्घ साहित्यिक सेवाओं के लिये उनको इस वर्ष का जिला स्तरीय जनार्दन शर्मा स्मृति पुरुस्कार प्रदान किया जा रहा है ।

श्री कुइया ने जानकारी दी कि न्यास द्वारा दिये जाने वाले संभाग स्तरीय पंडित जनार्दन सम्मान के लिये भी चयन समिति शीघ्र ही निर्णय ले लेगी तथा शीघ्र ही उसकी भी घोषणा कर दी जायेगी ।.
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नगर पालिका ने शहीद समाधि स्थल पहुँच मार्ग व्यवस्थित कराया

      सीहोर 12 जनवरी (नि.सं.)।  शहीद समाधि स्थल पर प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी नगर पालिका द्वारा एक श्रद्धांजली सभा रखी जायेगी। यहाँ नगर के आम जन को आने-जाने में परेशानी न हो इसके लिये नगर पालिका ने  सैकड़ाखेड़ी पहुँच मार्ग तक आने-जाने का मार्ग व्यवस्थित कराया है। नागरिकों से बड़ी संख्या में शहीदों को श्रद्धांजली देने पहुँचने की अपील नगर पालिका अध्यक्ष ने की है।

      उल्लेखनीय है कि देश की स्वतंत्रता आंदोलनों में सीहोर का भी अपना एक गौरवमयी इतिहास रहा है। जब सन् 1857 में सैनिक क्रांतिकारियों ने बड़े स्तर पर अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन खड़ा कर दिया था और उन्हे मारकर सीहोर से भगा दिया था। तथा 6 माह तक यहाँ  महान क्रांतिकारी महावीर कोठ के नेतृत्व में सीहोर आजाद रहा और जनता का शासन रहा। नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय ने कहा है कि ऐसे सच्चे देश भक्त क्रांतिकारियों को 14 जनवरी के दिन हम सब नगर वासियों को मिलकर श्रद्धांजली देना चाहिए।

      शहर की पहचान बनने जा रहे ऐतिहासिक शहीद समाधि स्थल पर बीत वर्षों में भी आयोजन होते रहे हैं। इस प्रेरणादायी स्थल तक के पहुँच मार्ग का निरीक्षण इस वर्ष स्वयं नगर पालिका ने अध्यक्ष ने किया तथा जेसीबी मशीन के माध्यम से पहुँच मार्ग को व्यवस्थित कराया है ताकि नगर की आम जनता वहाँ तक आसानी से पहुँच सके।

      साथ ही नगर पालिका स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये हैं कि सैकड़ाखेड़ी मार्ग पर 14 जनवरी को आने-जाने वाले वाहनों के कारण ज्यादा धूल न उड़े इसके लिये यहाँ पानी का छिड़काव भी कराया जाये। नगर पालिका अध्यक्ष ने नगर की जनता से विनम्र अनुरोध किया है कि स्वतंत्र भारत के निर्माण के लिये जिन लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया उनको याद करना हर भारतीय का कर्तव्य है।

      इसलिये सैक ड़ाखेड़ी मार्ग पर स्थित समाधि स्थल पर पहुँचकर पुष्पांजली अर्पित करें। श्री राय ने आयोजन में शामिल होने के लिये नगर के युवा वर्ग से आग्रह किया है कि इतिहास से परिचय प्राप्त करने के लिये अधिक से अधिक संख्या में नवयुवक शहर के इस हृदय स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करायें। 

      स्मरण रहे कि नगर पालिका परिषद समाधि स्थल पर 10 बजे पुष्पांजली कार्यक्रम आयोजित करेगी। .
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भाजपा कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम मुस्लिम भी वोट दे रहे

      आष्टा 12 जनवरी (नि.प्र.)। लाल चौक पर तिरंगा भाजपा के कार्यकर्ताओं ने फहराया, जहां पर देश का प्रधानमंत्री भी झंडा नहीं फहरा सकता, भाजपा के कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम है कि आज मुस्लिम वर्ग का मतदाता भी भाजपा को वोट दे रहा है, आतंकवादी कार्यवाही में हिन्दू-मुस्लिम सब लोग मारे जा रहे है, देश को हेमन्त करकरे की शहादत पर फक्र है, पर कांग्रेस के ए.आर. अंतुले खुलकर आतंकवादियों के पक्ष में बयान दे रहे हैं, मुम्बई की सड़कों लाखों लोग आतंकवाद के खिलाफ निकल पड़े म.प्र. की धरती पर शिवराज के राज सिम्मी संगठन की आतंकवादी कार्यवाही नहीं होने दी जाएगी।

      संसद में और मीडिया में मुलायम, अमरसिंह जैसे नेता आतंकवादियों की कार्यवाही के समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश करते रहते है, यह सब नेता कांग्रेसियों की तरह देशों में आतंकी हमले का समर्थन करते है, पोटा जैसा आतंकवादियों को दंडित करने वाला कानून हटा दिया, और अब साढ़े चार साल बाद पोटा को हल्के रूप में ला दिया।

      उक्त उदगार जिला कार्यकारिणी की तथा पालक संयोजक की अति महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य आतिथ्य के रूप में थी जिसमें रामेश्वर शर्मा ने संबोधित किया बैठक चुनाव के सिलसिले में अति महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बैठक में सीहोर जिले के सभी तहसीलों, मण्डलों के पदाधिकारियों को चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में प्रशिक्षण के तौर पर दिल्ली की गददी हासिल करने के प्रयास में भाजपा का जिले में रेड अलर्ट लागू कर देना कहा जा रहा है।

      अति महत्वपूर्ण बैठक में प्रस्तावना का वाचन करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष ललित नागौरी ने कहा कि मेरे अध्यक्ष बनने के बाद पहली जिला बैठक आष्टा में हो रही है, यहां सभी कार्यकर्ताओं का स्वागत है, आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों की दृष्टि से यह बैठक अति महत्वपूर्ण है, प्रदेश के साथ अब केन्द्र में भी कमल को खिलाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं से आव्हान किया। श्री नागैरी ने प्रदेश अध्यक्ष द्वारा निर्देशित कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि 1 जनवरी से सदस्या अभियान, 5 से 20 जनवरी तक  सभी 871 मतदान केन्द्रों पर बीएलए फार्म भरवाकर मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जुडवाएं, 7-8 फरवरी को नागपुर में जिन पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जाए, वे वहां पहुंचे, जहां राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी, 28 जनवरी से 10 फरवरी तक ग्राम एवं नगर केन्द्रों पर सम्मेलन आयोजित किए जाएं, 26 जनवरी को प्रत्येक ग्राम नगर केन्द्र पर पहले राष्ट्रीय ध्वज फिर भाजपा का ध्वज फहराकर प्रदेश सरकार की उपलब्ध्यिों को बताएं, 11 फरवरी तक पं. दीनदयाल जी की पुण्य तिथि समपर्ण दिवस पर आजीवन सदस्या निधि में भागीदार बनें, 12 से 20 फरवरी तक प्रत्येक मतदान केन्द्र पर बैठक जनसम्पर्क अभियान को पूरी सक्रियता से सफल बनाएं, 20 फरवरी से 10 मार्च तक संसदीय सम्मेलन जिले में आयोजित होगें। श्री नागौरी ने कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव जिताने के लिए पूरी तैयार हो जाने के लिए आव्हान किया। आष्टा विधायक रंजीत सिंह गुणवान, सीहोर विधायक रमेश सक्सेना, राजेन्द्र सिंह राजपूत बुधनी, आदि ने भी लोकसभा चुनाव में भाजपा को जिताने के पूरे प्रयास करने का अनुरोध किया। वन विकास निगम के गुरूप्रसाद शर्मा ने अपने उदबोधन में कहा कि विकसित राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के सात सूत्र अधोसरंचना का निर्माण, विकास, खेती को लाभकारी धंध बनाने, उद्योगों का विकास, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य, आम आदमी में सुरक्षा की भावना, आदि विषयों पर विस्तृत प्रकाश डाला। प्रदेश मंत्री रामेश्वर शर्मा ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि प्रदेश भाजपा द्वारा जारी समय सारिणी के अनुसार सब काम समय पर किए जाएं, जिसमें बूथ लेबल कार्यकर्ता से लेकर जिले और प्रदेश के संगठन पदाधिकािरयों में निरंतर सम्पर्क तथा समन्वय बनाए रखने पर बल दिया, पार्टी में सबसे निचले स्तर के कार्यकर्ता को महत्व देने की बात कही। श्री शर्मा ने कहा कि आप जैसे कार्यकर्ताओं ने चारों विधानसभा सीटों पर जीत दिलाई, अब तीनों लोकसभा सीट भी जिताकर दें, लाठी, गोती खाकर लड़ने का मुददा केवल भाजपा के कार्यकर्ता में हे, भाजपा सरकार के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर जनता की सेवा करें, आप आम आदमी के घर जाकर उनकी समस्याओं पर ध्यान दें, अब केन्द्र सरकार भी म.प्र. सरकार की योजनाओं से सबक लेकर जननी सुरक्षा योजना जैसी योजनाएं ला रही है। हमने अभी प्रदेश में सत्ता स्थापित की है, अब दिल्ली में भी लाल किले की प्राचीर से लालकृष्ण आडवानी का संबोधन होगा। उन्होंने विगत चुनाव में रंजीतसिंह गुणवान का टिकट कटने पर चुटकी लेते हुए कहा कि राजनीति में भाग्य का खेल है, आप धैर्य के साथ अपना कर्तव्य करते रहिए, एक दिन भाग्य आपके साथ भी होगा।

      सर्वप्रथम सभी अतिथियों प्रदेश मंत्री, रामेश्वर शर्मा, मुख्य अतिथि, जिला भाजपा अध्यक्ष ललित नागौरी, विधायक रंजीतसिंह गुणवान, रमेश सक्सेना, महामंत्री लीलाधर जोशी, रघुनाथ भवटी, रमाकांत, समाधिया, गुरूप्रसाद शर्मा, मदनलाल त्यागी, जसपाल अरोरा, आदि ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रावलित कर बैठक का शुभारंभ किया, सर्वप्रथम स्वर्ग सिधार चुके कार्यकर्तागण या उनके परिजन की आत्मशांति के लिए मौन रखा गया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों से पधारे कार्यकर्तागणों ने प्रशिक्षण का लाभ उठाया। सभा का संचालन रघुनाथ भाटी ने तथा आभार प्रदर्शन मुकेश बड़जात्या जिला भाजपा कोषाध्यक्ष ने किया। .
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शहीद समाधि स्थल पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रध्दांजली अर्पित करें-सीटू

      सीहोर 12 जनवरी (नि.सं.)। सेंटर ऑफ इण्डियन यूनियन सीटू की एक आवश्यक बैठक सीटू कार्यालय सीहोर पर एक रखी गई, जिसमें विभिन्न यूनियन के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

      बैठक की अध्यक्षता सीटू जिला महासचिव राजेश दुबे ने आज की बैठक में चर्चा के उपरांत सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 1857 की क्रांति में सीहोर में शहीद हुये 356 क्रांतिकारियों की याद में प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी 14 जनवरी को सभी मजदूरों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शहीद समाधि स्थल पर पहुंचकर शहीदों को श्रृदांजली अर्पित करने की अपील की गई।

      आज की बैठक में आंगनबाड़ी यूनियन को महासचिव विनिता राठौर, बीएसएनएल यूनियन के सचिव पी.सी. उमरिया, निर्माण एकता यूनियन के महासचिव गणेश प्रसाद जांगड़े निर्माण यूनियन के जिलाध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह तोमर, दाई एकता यूनियन की सदस्य रानी बाई सहित उपस्थित समतस्त पदाधिकारियों ने शहर के गरीब मजदूरों सहित आम जनता से 14 जनवरी को सैकड़ाखेड़ी मार्ग स्थित शहीद समाधि स्थल पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर, 356 शहीदों की समाधि स्थल पर श्रध्दांजली अर्पित करने की अपील की है। अपील करने वालों में प्रमुख रूप से प्रेम सांवला, शफीक अंजूम, आशीष सक्सेना, राकेश मालपानी, विनोद यादव, विष्णु पहलवान, गजेन्द्र पहलवान, सीताराम सोनी, इमरतलाल व्यास, गौरेलाल, कैलाश बड़ादा, ओमप्रकाश, राकेश चंडाले, एस.पी. त्यागी, रामचरण मालवीय, देवी सिंह जाट, प्रेमनारायण, गजराज सिंह, भगवान सिंह मेवाड़ा, नन्दलाल प्रजापति, रामसिंह राव, रामचरण मालवीय, नारायण दादा, लईक खान इत्यादि है। .
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सड़क हादसे में एक घायल

      सीहोर, 12 जनवरी (नि.सं.)। थाना रेहटी अंतर्गत हुये एक सड़क हादसे में एक ग्रामीण घायल हो गया। पुलिस ने प्रकरण कायम कर लिया है।

      रेहटी थाना अंतर्गत बगवाड़ा निवासी भोपाल आ. कुवर दरोई अपनी मोटर सायकल क्रमांक एमपी-04-5846 से गत दिवस बनियागांव तरफ जा रहा था कि सामने से आ रहा अज्ञात मोटर सायकल के चालक ने वाहन को तेजगति एवं लापरवाहीपूर्वक चलाते हुये गोपाल की सायकल में टक्कर मार कर गोपाल को घायल कर दिया।

अवैध शराब जप्त

      थाना सिद्धिकगंज पुलिस ने कनीराम की सामरी निवासी कैलाश आ. गब्बा बंजारा को अवैध रूप से देशी मदिरा सहित गिरफ्तार कर आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की है।

उपचार के दौरान ग्रामीण की मौत

      थाना आष्टा अंतर्गत आने वाले ग्राम डाबरी निवासी एक 46 वर्षीय ग्रामीण की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना आष्टा अंतर्गत आने वाले ग्राम डाबरी निवासी 46 वर्षीय छतरसिंह आ. देवीसिंह ने अज्ञात कारणों के चलते कीटनाशक दवाई का प्रयोग कर लिया था जिसे उपचार हेतु देवास अस्पताल में दाखिल कराया गया था जहां उपचार के दौरान छतरसिंह की मोत हो गई।.
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हत्या के आरोपी राज को न्यायालय ने दोषमुक्त किया

 

      सीहोर 12 जनवरी (नि.सं.)। विगत दिनों गफरान-ए.आजम के के्रसर पर हुई एक व्यक्ति की अज्ञात व्यक्ति द्वारा की गई। हत्या के मामले में अपराध क्रं. 50-08 सत्र प्रकरण क्रं. 157-2008 में अभियुक्त राजू आ. पतिराम को माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री एम.के. भदकारिया ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।

      मामले में आरोपी की आरे से पैरवी करते हुये श्री ए.के. पाण्डेय एडवोकेट ने बतलाया कि दि. 10.8.08 को सायं 7.30 बजे के बाद ग्राम वीरपुर स्थित गुरफरान-ए-आलम-विनीता आजम के खेत के पास क्रेसर मशीन पर मृतक तेरसिंह आ. उदयसिंह को किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्थरों से मार-मार कर उसे सिर पर चोटें पहुंचाकर मार डाला था जिसके मामले में पुलिस थाना बिलकिसगंज ने अपराध की कायमी कर विवेचना की व आरोपी के रूप में राजू आ. पतिराम के विरूद्ध अभियोग पत्र धारा-302 भारतीय दण्ड विधान के तहत हत्या का मामल कायम हुआ।

      अभियोग पत्र धारा 302 भादवि का होने से माननीय सत्र न्यायालय के सुपुर्द किया गया जहां अभियोजन पक्ष ने अपनी गवाही कराई। बचाव पक्ष ने कोई बचाव साक्ष्य नहीं दी तथा अपने तर्क में श्री ए.के. पाण्डेय के माननीय न्यायालय में आरोपी को निर्दोष होना बताते हुये अंतिम बहस सुनाई।

      दोनों ही पक्षों की अंतिम बहस सुनी गई।

      विद्वान प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री महेश भदकारिया साहब ने दि9 27.12.08 को अपने निर्णय में 23 पृष्ठीय निर्णय सुनाया। व राजू को हत्या के आरोप में दोषमुक्त कर दिया। पैरवी   आरोपी की ओर से श्री ए.के. पाण्डेय एडवोकेट ने की।.
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Monday, January 12, 2009

खूब बिक रहे सुअर की चर्बी से बने फुज्‍जैन के तोश

हर दिन सुअरों की क्विंटलों चर्बी निकल रही, जिसे खरीद रहे बेकरी वाले, बड़ी कम्पनियाँ भी खरीदती हैं

      सीहोर 11 जनवरी । गंभीर सोच का विषय है 1857 में जब पूरा देश गोरे अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा हुआ था तो मंगल पाण्डे जैसे देश भक्त के साथ हर एक हिन्दुस्तान का नागरिक इसलिये कंधे से कंधा मिला रहा था क्योंकि अंग्रेजों ने हमारे धर्म को भ्रष्ट करना शुरु कर दिया था..... उन्होने जानबूझकर हिन्दुओं के लिये पूज्‍य गौमाता के गौमांस से निकलने वाली चर्बी और मुसलमानों के लिये नफरत का प्रतीक सुअर की चर्बी का उपयोग करके कारतूस बनाये थे.... ऐसे कारतूस जिन्हे सिर्फ मुँह से खोला जा सकता था....उनमें गाय और सुअर की चर्बी लगी थी....जब देश के क्रांतिकारियों को, नागरिकों को, सिपाहियों को पता चला तो उन्होने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोल लिया......यह हमारे धर्म की बात थी..... ईसाई जाति तो मांसाहारी ही है लेकिन हिन्दुस्तान की सरजमीं पर ऐसी संस्कृति विद्यमान नहीं थी....तब धर्म की रक्षा के लिये, हमारे देश की संस्कृति की रक्षा के लिये हर एक नागरिक इंकलाब जिंदाबाद के नारे बुलंद कर रहा था...सिपाहियों ने कारतूस फेंक दिये थे और अंग्रेजों को देश से बाहर निकालने के लिये उठ खड़े हुए थे...सिर्फ अपने धर्म की रक्षा के लिये....।

      हर एक नागरिक, मनुष्य की जीवन सत्ता उसके धर्म से जुड़ी हुई है, धर्म ही उसे सही दिशा, सही ज्ञान और अंत में अच्छी सद्गति दिखा सकता है...।

      आज हम हमारे पूर्वजों, हमारे क्रांतिकारियों के 200 साल तक के सतत संघर्ष के बाद आजाद हुए....अपने धर्म की रक्षा के लिये जिन्होने हंसकर फांसी पर झूल गये और सीने पर गोलियाँ खाई आज हम उन्ही धर्मात्माओं-हुतात्माओं के दम पर आजाद हैं।

      लेकिन धीरे-धीरे आजाद भारत में हमारे ही बीच बैठे व्यापारियों ने ऐसी चाल चली कि हमारा धर्म भ्रष्ट करना शुरु कर दिया। हम मुख्यत: 1857 में जिस चर्बी वाले कारतूसों के कारण पूरा देश अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा हो गया था उसी चर्बी को लेकर आज एक तथ्यात्मक समाचार आपके लिये लायें हैं.....।

      इन दिनों नगर में जो सबसे खस्ता और अच्छा ''तोश'' बनकर बाहर से आ रहा था वह एक धार्मिक नगरी से आ रहा है जिसका नाम हम कुछ बदलकर लिखेंगे ''फुज्‍जैन''। फुज्‍जैन से आ रहा तोश बहुत खस्ता है, और यह महंगा भी है लेकिन इसे बहुत लोग पसंद करने लगे हैं और खाते भी हैं। यह इतना अधिक खस्ता क्यों होता है जब हमने इसकी जांच की तो हमारे पैरों तले से जमीन खिसक गई और धीरे-धीरे रहस्य की ऐसी पर्ते खुलीं की फिर आप तक यह बात पहुँचाना जरुरी हो गया।

      असल में फुज्‍जैन में बनने वाले तोश या बेकरी के सामानों में खुलकर सुअर-भैंस-पाड़े-बकरे की चर्बी का उपयोग होता है। इसमें सर्वाधिक अच्छी, सस्ती सुअर की ही चर्बी मिलती है और सुअर की चर्बी का उपयोग सारे बेकरी वाले करते हैं। असल में तोश बनाने में जितनी मशक्कत है, उसे खस्ता करने में भी उतनी ही आफत। जब तक अधिक मात्रा में इसमें घी या तेल नहीं डाला जाता तब वह अच्छी तरह खस्ता नहीं बन पाता, इसलिये फुज्‍जैन वाले लोग तोश में सुअर की चर्बी खूब डालते हैं और उसी से पूरा सामान बनाते हैं।

      बेकरी पर बनने वाले बिस्कुट हो या केक, पेस्टी हो या कुछ और हर सामान में बाजार में मिलने वाला डालडा घी, या सोयाबीन तेल अथवा शुध्द घी को नहीं डाला जाता....उसमें तो मांस चर्बी वाला तेल ही डाला जाता है, क्योंकि यही सबसे सस्ता पड़ता है। हालांकि सब बेकरी वाले यही करते हैं ऐसी जानकारी नहीं है। हो सकता है कुछ और भी उपयोग होता हो लेकिन चर्बी का तेल भी उपयोग होता है ऐसी जानकारी अवश्य है। तो आगे से सावधान रहिये फुजैन के प्रसिध्द तोश खाने के पहले।

अब दूसरे ढंग से यही बात सोचिये...

      हर दिन सिर्फ सीहोर नगर में ही करीब 10-12 सुअर कटते हैं। यदि हर सुअर को 1 क्विंटल को माना जाये तो उसमें से 38 से 40 किलो चर्बी निकलती हैं मतलब 10 सुअरों से 4 क्विंटल मतलब 400 लीटर चर्बी का तेल निकलता है। इसके अलावा कटते हैं करीब 40-50 से अधिक बकरे, इनमें से हिसाब को छोड़कर सीधे अंदाज से लेते हैं कि करीब 200 लीटर से अधिक चर्बी बकरे की निकलती है। और भैंस-पाड़े भी हर दिन करीब 6 से 10 तक कटते हैं जिनमें से 50 से 100 लीटर चर्बी निकलती है। कुल मिलाकर हर दिन 700 से 800 लीटर चर्बी सीहोर नगर में ही निकलती है इतना अधिक चर्बी के तेल को क्या नाले में बहाया जाता है ? या बेच दिया जाता है ? आप भी सोचते जाईये....? इसे बेचा ही जाता है, वह भी अच्छे दाम पर।

भरते जाते हैं चर्बी से पीपे

      सीहोर में हर दिन जानवर काटने वाले लोग उनसे निकलने वाली चर्बी को एक पीपे में भरते जाते हैं और जैसे ही यह दो-तीन क्विंटल एकत्र कर लेते हैं अपने स्तर पर भोपाल या बैरागढ़ जाकर बेच आते हैं। स्थानीय लोग भी इनसे आये दिन चर्बी खरीदते रहते हैं।

कैसे निकलती है चर्बी, किसकी चर्बी कैसी होती है ? चर्बी को कहते हैं जाल

      सबसे पहले बात करते हैं बकरे की। जो बकरा बदिया होता है, उसमें सर्वाधिक चर्बी रहती है, एक 50 किलो के बकरे में करीब 10 किलो चर्बी का जाल निकलता है। मांस काटने वाले जानवर के शरीर से चर्बी को जाल कहकर अलग करते हैं। यह थोड़ी बहुत मेहनत और अनुभव के आधार पर आसानी से अलग कर दी जाती है। चर्बी का जाल सामान्य देशी बकरे में 15 किलो के बकरे में मात्र 300 ग्राम निकलता है, यदि दाना खाया हुआ अच्छा बकरा है तो सवा किलो तक निकलती है। भैंसा या पाड़े में चर्बी का जाल मुर्रा भैंस में 13 से 15 किलो का निकलता है जबकि मरी भैंस में 5 किलो तक निकल जाती है। बकरे की चर्बी का घीस देशी घी की तरह दानेदार होता है, जबकि भैंस की चर्बी डालडा घी की तरह जमती है।

      लेकिन चर्बी के मामले में सुअर तो वरदान है। इसमें 40 प्रतिशत चर्बी होती है, जितना पुराना होता है उतनी अधिक चर्बी निकलती है। मसलन इतनी अधिक चर्बी इसमें होती है कि कोई अंग कट जाये तो अंदर से सफेद अंग दिखता है जबकि खून बहुत कम निकलता है। सुअर चर्बी के मामले में 100 किलो का सुअर मे 40 किलो चर्बी का जाल रहता है, हर अंग से चर्बी निकलती है। इसकी चर्बी खोपरे की तेल की तरह होती है पिघलाओ तो तेल और ठंडी होने पर जम जाती है। सफेद रहती है। चम्मच से काटकर इसकी चर्बी या घी निकालना पड़ता है, इतना जम जाता है।

हर मंगल और रविवार को

      हर मंगलवार और रविवार को मुख्यत: सुअर कटते हैं और हाट बाजार में बिकते हैं, सारे ही हाट बाजार में मांस बिकता है। जबकि हर दिन सुअर  सीहोर से कटकर भोपाल बैरागढ़ जाता है, लेकिन चर्बी रह जाती है। इसकी चर्बी भी अच्छे दाम पर बिकती है। मुख्यत: चर्बी के मामले में दिल्ली और जबलपुर चर्बी जाने की सूचनाएं सर्वाधिक हैं। लेकिन अन्य लोग भी इसका उपयोग करते हैं। साबुन बनाने में भी इसका उपयोग होता है।

      तो अब आप ही सोचिये कि पूरे देश में मांसाहारियों की संख्या सर्वाधिक है, विश्व में तो है ही, और उससे निकलने वाली चर्बी आखिर कहाँ जाती है ? कुछ पैकिंग के सामान जो तले हुए आते हैं उनमें वेजिटेबल आईल लिखा रहता है, वह क्या होता है हमें इसकी जानकारी नहीं है। 
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100 किलो के सुअर में 40 किलो निकलती है चर्बी, खास बातें

**  एक 100 किलो के सुअर में 38-40 किलो निकलती है चर्बी

      ** बदिया बकरा जो 22 किलो के आसपास हो तो उसमें 4 किलो निकलती है चर्बी, 50 किलो का बकरा करीब 10 किलो चर्बी देता है।

      ** भैंस-पाड़े की चर्बी सर्वाधिक निकलती है, मरी भैंस भी 5 किलो चर्बी देती है।

      ** मुर्रा भैंस में 13 से 15 किलो निकलती है चर्बी।

      ** लाखो जानवर हर दिन कटते हैं और कई लाख लीटर चर्बी निकलती हैं आखिर उसका क्या होता है उसका ? सोचिये

क्योंकि शायद यही चर्बी आप भी हर दिन खा रहे हैं...

  

 

 

चर्बी का मतलब तेल

      अरे भाई मक्खन देखा है आपने या फिर घी देखा होगा,  हाँ ठीक वैसी ही चर्बी होती है, थोड़ा रुप-रंग अलग होता है लेकिन सुअर-पाड़े,बकरे के शरीर से निकलने वाली चर्बी का एक टुकड़ा काटकर जैसे ही गर्म तवे  पर रखते हैं वह मक्खन या जमे हुए घी की तरह पिघलकर तेल में बदल जाता है.....एक बार मक्खन थोड़ी देर से पिघलेगा लेकिन चर्बी तो गर्म करते ही पिघल जाती है।

      अब सोच लीजिये कितना आसान है चर्बी का तेल बनाना.... और क्या-क्या होता होगा इसका.. मतलब चर्बी का...., खूब सोचिये.. टालिये मत....यह आपकी संस्कृति, धर्म का सवाल है......।

 

 

  

विदेशों में तो यह भी बनता है

चाकलेट, च्विंइगम, साबुन, तोश, ब्रेड, बाजार में बिकने वाले तले हुए सामान के पाऊच चिप्स आदि.... शायद और भी बहुत कुछ
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