Friday, January 2, 2009

कांग्रेस सेवादल ने अनाज वितरित कर किया नववर्ष का अभिनंदन

      सीहोर 1 जनवरी (नि.सं.)। कांग्रेस सेवादल की सीहोर जिला इकाई के अध्यक्ष एवं नपाध्यक्ष राकेश राय ने नये साल का स्वागत गरीबों एवं जरूरतमन्दो को अनाज वितरित कर किया उल्लेखनीय है कि श्री राय विगत कई सालों से एक जनवरी के दिन अनाज का वितरण करते है।

      नववर्ष के पहले दिन एक जनवरी को कांग्रेस सेवादल के मेन रोड स्थित कार्यालय पर भिक्षा मांग कर जीवन यापन करने वाले गरीबों एवं जरूरत मन्दो को नगर पलिका अध्यक्ष राकेश राय ने अनाज वितरित कर नये साल की शुरूआत की इस अवसर पर कांग्रेस नेता संतोष सिंह पत्रकार, धर्मेन्द्र यादव, महेन्द्र सिंह ठाकुर मनकी, कांग्रेस नेता धनश्याम यादव, संदीप राय, नरेश राय, प्रताप पंवार, राजू प्रजापति, नवाब मुनव्हर, सोनू मेवाड़ा, भावेश व्यास, राजा खाना, परवेज शेख, शकील खान आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय, रही है।

      कांग्रेस सेवादल के प्रवक्ता नवाब मुनव्वर खान ने बताया कि अन्नदान महादान की परम्परा को जारी रखकर हर साल नये साल के पहले दिन नगर पालिका अध्यक्ष एवं कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष राकेश राय, एक अच्छा सन्देश देते है व समाज के अंतिम छौर पर खडे हुये को अनाज वितरित कर मानवता की सच्ची सेवा का परिचय देते हैं। 

अंधेरे में डूबे अस्पताल में घायल मरीज तड़पते रहे

      आष्टा 1 जनवरी (नि.सं.)। एक और जहाँ प्रदेश के मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश को स्वर्णिम मध्य प्रदेश बनाने का सोचते हुए दूसरी पारी की शुरुआत कर रहे हैं वहीं आष्टा में सिविल अस्पताल का अंधेरा दूर नहीं हो पा रहा है।

      आज रात्रि में विद्युत कटौती के दौरान चन्नोटा जोड़ पर एक दुर्घटना में घायल हुए दो लोग जिन्हे एक वाहन वाला इलाज के लिये सड़क से उठाकर सिविल अस्पताल लाया लेकिन अंधेरे में डूबा सिविल अस्पताल यह दोनो आये मरीज काफी देर तक इलाज के लिये तड़पते रहे। बाद में डयूटी पर तैनात चिकित्सक श्री चतुर्वेदी ने बाजार से दो गैस मंगवाये और जैसे-तैसे सिविल अस्पताल में उजाला किया तब जाकर इन घायलों को प्राथमिक उपचार मिल पाया। बाद में इन्हे उच्च इलाज के लिये भोपाल भेजा गया। देवास से नेमावर के लिये एक मोटर साईकिल क्रं. एमपी 09 एमएन 3181 पर सवार होकर नेमावर निवासी प्रेमनारायण लाईनमेन एवं दीपगांव निवासी रामनिवास जब चन्नोटा जोड़ के पास आये तब एक अज्ञात वाहन इन्हे टक्कर मारकर भाग गया। सिविल अस्पताल में अंधेरे के कारण दोनो काफी देर तक इलाज नहीं मिल पाया। प्रेमनारायण के मुँह से खून की धार बह रही थी तथा रामनिवास के सिर में गंभीर चोंट आने के कारण अचेत अवस्था में पड़ा था यहाँ तक की घटना की सूचना मिलने पर आई पुलिस को भी लिखापढ़ी टार्च के उजाले में करना पड़ी। कल रात चिकित्सकों ने कहा था कि अस्पताल का जनरेटर चालू हैं लेकिन आज इस बात की भी पोल खुल गई और चिकित्सकों का झूठ उजागर हो गया।

Thursday, January 1, 2009

क्या जीप में सवार होकर गये थे शिकारी ? वो बंदूक किसकी है जिससे हुआ शिकार

शिकारियों का नया फार्मूला : जीप से जाओ मोटर साईकिल से आओ

      सीहोर 31 दिसम्बर (नि.सं.)। समीपस्थ इछावर तहसील के बोरदी ग्राम से मोटर  साईकिल पर आते हुए एक युवक को कल पुलिस व वन विभाग ने मिलकर पकड़ा था, इसके पास से दुर्लभ वन्य प्राणी भेड़की का मांस भी जप्त हुआ। पकड़ाये युवक पर वन्य प्राणी अधिनियम के तहत कार्यवाही भी की गई लेकिन मामले के अन्य महत्वपूर्ण आरोपियाें को विभाग ने पूरी तरह दबा दिया है।

      आखिर वो कौन लोग थे जिन्होने शिकार किया था ? और उक्त पकड़ाये गये युवक पर भी अभी मामला कुछ इस प्रकार का बनाया गया है जिससे वह आसानी से न्यायालयीन प्रक्रिया में छूट  सकेगा। कुल मिलाकर आरोपियों का साथ दे रहे पुलिस विभाग के एक महत्वपूर्ण मामला दब गया है।

      कस्बाई हल्कों में यह चर्चा बहुत तेजी से फैल चुकी है कि एक प्रभावी व्यक्ति द्वारा परसो रात को शिकार का खेल खेला गया था इसी मामले को पुलिस ने जब पकड़ा तो उसे दबा भी दिया। चर्चा यह चल रही है कि कस्बा क्षेत्र के कुछ लोगों का इन दिनों शिकार खेलने का शोक फरमाया हुआ है और यह लोग अक्सर अपने रईसी शोक को पूरा करने के लिये जंगल में जाकर शिकार किया करते हैं।

      इसी तारतम्य में यह लोग दो दिन पूर्व अपनी जीप में जंगल पहँचे थे जो कम से कम चार-पाँच लोग थे। इन लोगों ने वहाँ आराम से शिकार किया। निश्चित रुप से यहाँ जंगली जानवर भेड़की का शिकार करने के लिये इन्होने काफी समय भी दिया होगा और सारी व्यवस्थाएं भी अपने अनुभव का लाभ उठाकर जुटाई होगी। जिसमें निश्चित रुप से समीपस्थ ग्राम के कुछ लोगों का सहयोग भी हो सकता है।

      चर्चा के अनुसार इन दिनों इन शिकारियों ने नया फार्मूला अपनाया हुआ है। यह शिकार करने तो जीप से जाते हैं लेकिन वहाँ फिर शिकार हो जाने के बाद सबसे पहले शिकार की खाल नोचकर अलग कर देते हैं और फिर मांस को आपस में बांट लेते हैं। इसी मांस को बांटकर कुछ लोग मोटर साईकिल से रवाना होते हैं।

      असल में वन विभाग या पुलिस विभाग वन्य क्षेत्रों से आ रहे चार पहिया वाहनों को संदिग्ध दृष्टि से देखता है लेकिन दो पहिया वाहन पर आ रहा व्यक्ति आसानी से यहाँ से निकल जाता है। इसी का लाभ यह शिकारी भी उठाने लगे हैं। संभवत: पिछले कुछ वर्षों इसी प्रकार यहाँ शिकार करके  मोटर साईकिल पर निकल जाने की व्यवस्था इन शिकारियों ने जमा रखी है।

      चल रही चर्चा में लोग नाम सहित कह रहे हैं कि एक प्रभावी व्यक्ति अपने भतीजे व अन्य साथियों के साथ यहाँ शिकार के गया हुआ था और उसने मांस का बंटवारा करके एक साथी को मोटर साईकिल पर रवाना कर दिया।

      जबकि वन विभाग और पुलिस ने जब उक्त मामले को देखा है तो सिर्फ एक मोटर साईकिल चालक विलाल नामक युवक के पास से भेड़की का मांस मिला है वह भी आधा है। अब प्रश्न उठता है कि इसके पास से जो कारतूस मिले हैं वह किसकी बंदूक के हैं और वह बंदूक कहाँ गई ? भेड़की का शिकार किसकी बंदूक से हुआ ? और किसने किया ? और वो बंदूक चलाने वाला कहाँ गायब हो गया ? जंगल में भेड़की का शिकार करने के लिये अकेला विलाल तो जाने से रहा तो फिर उसके साथ गये अन्य लोग कहाँ चले गये ? इसके अलावा मांस के शेष टुकड़े, शिकार करने का स्थल और भेड़की की खाल किसके पास है इसकी जांच भी जाना चाहिये। निश्चित रुप से इन बिन्दुओं पर विलाल से पूछताछ की जाये तो इस शिकार के खेल में और भी महत्वपूर्ण लोगों के नाम शामिल हो सकते हैं। लेकिन यहाँ चर्चा यह चल पड़ी है कि मामले में विलाल को पकडने वाला पुलिस विभाग उन महत्वपूर्ण लोगों को पकड़ने से बच रहा है जिन लोगों की इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका थी। असल में इन लोगों के तार पुलिस विभाग से भी लम्बे समय से जुड़े हुए हैं इसी लाभ इन लोगों को मिल रहा है।

      सत्य क्या है ? असल घटना क्या है ?  नगर में फैली चर्चाओं के संबंध में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। देखते हैं पुलिस व वन विभाग की जांच में अभी तक जो बातें सामने आई हैं उससे बढ़कर भी कुछ आता है या नहीं।

कुएं में ब्लास्ट करने के पहले ही हुआ, चार घायल, एक गंभीर, टार्च के उजाले में हुआ अस्पताल में इलाज

सीहोर 31 दिसम्बर (नि.सं.)। आज आष्टा तहसील के ग्राम छोटीखेड़ी में एक किसान के खेत पर बने कुएं में पानी के लिये राजस्थान के भीलवाड़ा के लोगों द्वारा कुएं में ब्लास्ट के लिये टोटे लगाये गये थे। उक्त टोटे को ब्लास्ट करने के पहले ही लापरवाही के कारण कुएं में ब्लास्ट हो गया और अचानक हुए इस ब्लास्ट से चार लोग घायल हो गये जिसमें एक अति गंभीर है। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि ब्लास्ट के बाद घायल प्रहलाद नारायण छोटी खेड़ी, कोपरलाल भोलूराम भीलवाड़ा राजस्थान, राम सिंह रतन सिंह मेवाड़ा कुमड़ावदा तथा प्रमोद बालूराम भीलवाड़ा राजस्थान को ब्लास्ट के बाद गंभीर रुप से घायल होने पर आष्टा सिविल अस्पताल लाये। लेकिन अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों की खींचातानी तथा प्रशासन की अनदेखी के कारण एक बार फिर आष्टा सिविल अस्पताल की अव्यवस्था उजागर हुईं। जिस वक्त इन सभी गंभीर घायलों को अस्पताल लाया गया उस वक्त विद्युत कटौती का समय होने के कारण बिजली गुल थी। सिविल अस्पताल में विद्युत के लिये जो जनरेटर लगाया गया था वह चालू नहीं हो पाया और आपरेशन थियेटर में इन गंभीर घायलों को टार्च और मोबाइल के उजाले में प्राथमिक उपचार दिया गया और इन्हे तत्काल भोपाल भेजा गया।

      इतनी बड़ी घटना घटने के बाद भी आष्टा पुलिस को घटना के एक घंटे बाद भी पता नहीं था। जब पत्रकारों ने पुलिस से पूछा तब पुलिस को पता चला कि ऐसी कोई घटना घट गई है। आष्टा सिविल अस्पताल में विद्युत जाने के बाद अक्सर अंधेरा होता है यहाँ पर एक लेबर कक्ष में इनवर्टर लगा है वहीं अस्पताल के अन्य भाग में उजाले के लिये एक जनरेटर लगा है जो अक्सर खराब रहता है। जबकि रोगी कल्याण समिति द्वारा एक ठेकेदार को अस्पताल का उक्त जनरेटर व इनवर्टर तथा बिजली सुधारे जाने का ठेका भी दिया हुआ है। आज रात्रि में जब उक्त गंभीर अस्पताल पहुँचे तब काफी परेशानी हुई। उसको लेकर आष्टा सिविल अस्पताल के डाक्टर अस्पताल में एक दूसरे पर दोषारोपण करते देखे गये। वहीं घटना की सूचना मिलने पर  स्थानीय प्रेस के लोग भी सिविल अस्पताल पहुँच गये थे। पत्रकारों के सामने ही जनरेटर को लेकर डाक्टर एक-दूसरे से भिड़ते नजर आये। ना जाने क्यों रोकस भी आष्टा सिविल अस्पताल में डाक्टरों के झगड़े व फैली अव्यवस्थाओं को लेकर गंभीर नजर नहीं आती है। अक्सर कई प्रकार के वाद-विवाद होते रहते हैं।

नगाड़ा ब्राण्ड भाजपाईयों से मूंछ ब्राण्ड भाजपाई परेशान

      सीहोर 31 दिसम्बर (नि.सं.)। चुनाव अभी सम्पन्न हुए महिना भर भी नहीं हुआ है और इतने कम समय में ही वह लोग बुरी तरह घबराए हुए हैं जो भाजपा अथवा रमेश सक्सेना के खिलाफ छुपकर या खुलकर काम कर रहे थे। विशेषकर नगाड़ा ब्राण्ड भाजपाई तो हर दिन अपनी सफाई पेश करते नजर आ रहे हैं, उनमें इतनी घबराहट है कि वह जबरन भाजपा के प्रति अपनी श्रध्दा के बखान करने में जुट जाते हैं....। वहीं नगाड़ा ब्राण्ड भाजपाई बहुत तेजी के साथ मूंछ ब्राण्ड भाजपाईयों को भी पीछे छोड़कर विधायक के आसपास मण्डराने लगे हैं, जिससे मूंछ ब्राण्ड भाजपाईयों को कुछ दिक्कत महसूस हो रही है।

      इस बार विधानसभा चुनाव लम्बे समय बाद त्रिकोणीय संघर्ष की एक अच्छी स्थिति के साथ सम्पन्न हुआ, ऐसी स्थिति में जहाँ डूबते जहाज में सबसे पहले चूहे कूद जाया करते हैं उसी प्रकार भाजपा से भी कई ऐसे चूहे जो वर्षों से जहाज को कुतर-कुतरकर नुकसान पहुँचा रहे थे वह डूबने के चक्कर में सबसे पहले कूद गये। उन्होने अपने लिये दूसरा सहारा ढूंढ लिया और वहाँ काम करने लगे।

      विधानसभा चुनाव में इस बार चूंकि भाजपा में पहली बार कोई बागी खड़ा हुआ था इसलिये भाजपा में बगावत देखने को मिली। यहाँ भाजपा के बागी और जनशक्ति के प्रत्याशी के साथ धीरे-धीरे भाजपा के अनेक लोग जुड़ना शुरु हो गये थे। कुछ सक्सेना विरोधियों ने खुलकर जनशक्ति में प्रवेश कर लिया था लेकिन बहुत बड़ी संख्या में ऐसे भाजपाई थे जो खुलकर यह कहते थे कि भाजपा में रहकर ही भाजपा को ठिकाने लगाया जा सकता है इसलिये वह भाजपा में रहकर सन्नी का काम करेंगे। ऐसे भाजपाई खुद भाजपा कार्यालय में बैठ-बैठकर यहाँ आने वाले कार्यकर्ताओं का दिनभर मनोवैज्ञानिक ढंग से मनोबल तोड़ा करते थे, उन्हे हतोत्साहित किया करते थे, सन्नी के पक्ष की बातें किया करते थे और ऐसे ही चुनाव में मजे लेते थे, कुछ ऐसे भी नगाड़ा ब्राण्ड भाजपाई थे जो गुपचुप रुप से नगाड़ा का काम अपने क्षेत्र में करते थे, घर मोहल्ले से लेकर चौराहे पर भी सन्नी की जीत की हवा को तूल देते थे और इधर भाजपा के नेताओं के आसपास भी नजर आते थे।

      नगाड़ा ब्राण्ड मण्डलियों में एक छावनी की मण्डली ने तो इस बार गजब ही कर दिया था । उसने अपने भाजपा के एक नेता के स्वर में स्वर मिलाया और यह मण्डली दिनभर नगाड़े का काम करने में जुट गई। वर्षों से भाजपा के कारण इनकी चल रही दुकानों से इनका तो जो भला हुआ वो हुआ ही लेकिन इन्होने मौका आने पर भाजपा के खिलाफ काम करके नगाड़े का भी पूरा भला कर दिया। राशन-पानी की व्यवस्थाओं में इस मण्डली ने नगाड़े के लिये खुले हाथ से सहयोग किया और भाजपा को दिल से बत्ती भी दी। इन लोगों ने भाजपा की पूरी योतिषी जन्म कुण्डली बनाकर पेश कर दी थी कि इस बार भाजपा कैसे हारेगी, और यह इसी का प्रचार करने में जुटे हुए थे, 'हमारा तो बस सन्नी राजा, बाकी सबका बज गया बाजा' यही इनका नारा हो गया था। गुपचुप रुप से सन्नी की कीर्ति फैलाने के लिये यह चौकड़ मण्डली इतनी तेजी से काम कर रही थी कि उसने कुछ कांग्रेसियों तक को प्रभावित कर लिया था, और इनके साथ मिलकर सन्नी का नगाड़ा बजाना शुरु कर दिया था।

      गंज में भी भाजपा के नगाड़ा ब्राण्ड भाजपाईयों ने दिल से बत्ती दी थी,  और खुलकर नगाड़ा बजाया था। गंज के नगाड़ा ब्राण्ड भाजपाईयों ने तो इतना खुलकर काम कर दिया था कि उनका मानना था कि वहाँ तो भाजपा मुरझा ही जायेगी।

      लेकिन जैसे ही परिणाम सामने आये वैसे ही मामला पलट गया। सारे नगाड़ा ब्राण्ड भाजपाई हक्के-बक्के रह गये। इनके दिल के अरमां दिल में ही रह गये और मूंछ ब्राण्ड भाजपाईयों के चेहरों की खुशी दुगनी हो गई।

      लेकिन अब जब भाजपा की जीत हो गई है तब ऐसे नगाड़ा ब्राण्ड भाजपाईयों में खलबली मची हुई है। यह स्वयं को पक्का भाजपाई बताने के लिये जी-जान से जुट गये हैं। विधायक रमेश सक्सेना के आसपास ऐसे नगाड़ा ब्राण्ड भाजपाई बहुत तेजी से सक्रिय होने लगे हैं और स्वयं को दूध का धुला सिध्द करने के प्रयास में लगे हुए हैं। नगाड़ा ब्राण्ड भाजपाईयों की सक्रियता ने यहाँ मूंछ ब्राण्ड भाजपाईयों को दिक्कत और परेशानी में डाल दिया है। वह हैरान-परेशान है कि आखिर जिन लोगों ने खुलकर बत्ती दी है अब वह आज किस मुँह से यहाँ बधाई देने अथवा अपनी श्रध्दा भक्ति दर्शाने पहुँच रहे हैं यह इनके समझ नहीं आ रही है। कई मूँछ ब्राण्ड भाजपाईयों ने ऐसे नगाड़ा ब्राण्ड भाजपाईयों की सूचियाँ भी बना ली है और वह मौका आने पर विधायक सक्सेना को दिखा और बता भी रहे हैं कि कौन-सा भाजपाई नगाड़ा ब्राण्ड है।

पलक झपकते हो रही मोटर साईकिल की चोरियाँ

             सीहोर 31 दिसम्बर (नि.सं.)। मोटर साईकिल चोरों का गिरोह एक बार फिर पूरी सक्रियता के साथ नगर में नजर आने लगा है। विगत सप्ताह से लगातार अनेक मोटर साईकिलों की चोरी की घटनाएं घट चुकी है। अभी कोई मामला सुलझ नहीं सका है।

      चार दिन पूर्व बस स्टेण्ड पर पार्षद हृदेश राठौर की मोटर साईकिल स्पलेण्डर रात उस वक्त चोरी हो गई जब वो यहाँ आयोजित कवि सम्मेलन में शामिल थे। वह कविताओं का आनन्द उठा रहे थे और इधर उनकी मोटर साईकिल चोर ले उड़े।

      कल नेहरु कालोनी में प्रवीण पालीवाल की मोटर साईकिल क्रमांक एमपी 37 बीए 1342 काले रंग की स्पलेण्डर घर से ही गायब हो गई है। मोटर साईकिल घर के सामने रखी थी। जहाँ से कोई अज्ञात व्यक्ति इसे उठा ले गया।

      इस प्रकार एक बार फिर मोटर साईकिल चोरों का गिरोह सक्रिय हो गया लगता है।

सपूतो जागो फिर एक बार

      आष्टा 31 दिसम्बर (नि.प्र.)। आष्टा की एकमात्र संस्था साहित्य विकास मंच के तत्वाधान में गत वर्ष की बिधाई एवं  नव वर्ष के स्वागत की बेला में एक सरस काव्य गोष्ठि का आयोजन श्री चित्रगुप्त मंदिर के सभागार में रखा गया। इसमें सर्व प्रथम उपस्थित कवियों एवं श्रोता महानुभावों द्वारा शहीदों को श्रृदांजली प्रदान की गई बाद में इसके गोष्ठि का शुभारंभ करते हुए जावेद अली, जावेद एडवोकेट, शायर द्वारा मॉ सरस्वती की वंदना की जिसमें दिखे आन तू एसा दे वरदान हमें स स्वर वाचन कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। साहित्य विकास मंच के अध्यक्ष गोपीलाल अवेलेशीया, विकल द्वारा करे जान को देश पर जो न्यौछावर उन्हें हम शहीदे वतन मानते है नए आयाम से गजल को खूब सराहा गया अंतर्राष्ट्रीय कवि बाबूल घायल शंख नाद फिर करो देश में कलम बने तलवार सूपतों जागो फिर एक बार द्वारा लेखकों और श्रोताओं को नए नए आयाम से प्रेरित किया। इसी क्रम के आगे शायर मेहफूज भाई ने वक्त लिखेगा कहानी एक नए उन्मान की गजल श्रोताओं को छू गई। हास्य कवि त्रिलोक बोहरा भोपाली ने मालवीय स्वर में आयो नयो साल में गयो पुरानों साल अपना देश का उई हाल मन को भा गई इसी कड़ी में के.पी. शर्मा द्वारा ड्रिंक ओर डाँस मुबारक हो तुम्हे नया साल व्यंगात्मक रूप से देश के हालत को कचौटा है इसी के साथ बाबू श्रोत्रीय ने दिन है हंसी बाहर के द्वारा आनंद की अनुभूति प्राप्त की। काव्य गोष्ठि में मुख्यत: मनोज जैन, भय्यू माथुर, राजू पाठक, राजेश सोनी, अशोक देशलहरा, मुकेश बड़जात्या, विक्रम मालवीय, पत्रकार सुशील संचेती एवं पोरवाल, प्रहलाद पंवार, बाबर बर्नी ने अपनी उपस्थिति से गरिमा प्रदान की। काव्य गोष्ठि की अध्यक्षता त्रिलोक बोहरा भोपाली ने की, संचालन के.पी. शर्मा ने किया। व्यवस्था नंदकिशोर राठौर ने पूर्ण की साथ ही दूसरे दौर के बाद वयोवृद्ध साहित्य प्रेमी दयाशंकर माथुर ने उपस्थित महानुभावों का आभार व्यक्त किया।  

उपचार के दारौन दो की मौत

      सीहोर 31 दिसम्बर (नि.सं.)। जिले के बुधनी थाना अन्तर्गत आने वाले जलाखेड़ा में एक विवाहिता की जहरीली दवा पीने से एवं दोराहा थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम महुआखेड़ा निवासी 30 वर्षीय विवाहिता की जलने के कारण उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधनी थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम जलाखेड़ा निवासी कियान गौड़ की 38 वर्षीय पत्नी पतिबाई ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीली दवा का सेवन कर लिया था जिसे इलाज हेतु अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।

      इधर दोराहा थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम महुंआखेड़ा निवासी संतोष की 30 वर्षीय पत्नी मीना की जलने के कारण हमीदिया अस्पताल भोपाल में दाखिल कराया गया था जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। बताया जाता है कि मृतिका द्वारा चिमनी में तेल भरते समय आग लगने से जल गई थी।

सड़क हादसे में एक घायल

जिले के थाना रेहटी थाना अंतर्गत एक सड़क हादसे में एक ग्रामीण घायल हो गया। पुलिस ने प्रकरण कायम कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रेहटी थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम नीननौर निवासी विनोद गोर आ. हजारीलाल 25 साल को आज रात्रि में ग्राम नीननौर में ग्राम मकोड़िया निवासी अचलसिंह आ. गौरेलाल ने लापरवाही पूर्वक बाइक चलाकर विनोद को टक्कर मारकर घायल कर दिया। 

Wednesday, December 31, 2008

महत्वाकांक्षी बाल फिल्म महोत्सव भूल गया विभाग दो दिन से एक भी बच्चा नहीं पहुँचा फिल्म देखने

सीहोर 30 दिसम्बर (नि.सं.)। जिला शिक्षा विभाग में व्याप्त अव्यवस्थाओं का आलम देखिये की सीहोर में बाल फिल्म महोत्सव दो दिन से जारी है और सीहोर के एक भी विद्यालय को इसकी सूचना पहले से नहीं दी गई। दो दिन से तय छविग्रहों में सुबह 8 बजे से फिल्म लेकर टाकीज संचालक  बैठे रहते हैं लेकिन एक भी बच्चा फिल्म देखने नहीं पहुँचा। कल उत्सव समाप्त हो जायेगा और  अब जाकर खानापूर्ति करते हुए कुछ विद्यालयों को बाल फिल्म महोत्सव की सूचनाएं भेजी गई हैं। इतनी बड़ी अव्यवस्था इसके पूर्व कभी देखने को नहीं मिली। शिक्षा विभाग में वो अधिकारी भारी लेन-देन करके यहाँ जमे बैठे हैं उनकी कार्यक्षमता अब जगजाहिर हो गई है। तेजतर्रार कर्तव्यनिष्ठ जिलाधीश डीपी आहूजा से उम्मीद की जाना लाजमी है कि ऐसी मक्कारी आखिर क्यों हुई और उस पर क्या उचित कार्यवाही वह करते हैं।

      जिला स्तरीय बाल फिल्म महोत्सव के चलते सीहोर में दो छविग्रहों में फिल्मों का प्रसारण किया जाना तय था। फिल्म मल्ली यहाँ बच्चों के लिये आई थी। यह बाल फिल्म पूर्व में नहीं आई है। विगत दो दिनों से महोत्सव शुरु हो चुका है लेकिन यहाँ विभिन्न विद्यालयों को इसकी सूचना नहीं दी गई है, इसलिये कोई भी बच्चा फिल्म देखने के लिये नहीं पहुँच रहा है।

      जिला शिक्षा अधिकारी और उनकी मण्डली के अधिकारीगणों निकम्मापन इस बात से ही जाहिर हो गया कि बाल फिल्म महोत्सव जिन बच्चों के लिये आयोजित किया गया है उनको सूचित ही नहीं किया जा सका है। आश्चर्य की बात है कि फिल्म महोत्सव की जब सूचना नहीं भेजी जा सकी थी तो इसकी तिथि आगे क्यों नहीं बढ़ाई गई।

      इधर छविग्रहों को जबरिया दादागिरी से जो फिल्म दिखाने के आदेश दिये जाते हैं उसके तहत दो दिनों छविग्रह के कर्मचारी सुबह बच्चों के लिये बकायदा तैयारी के साथ बैठते हैं, उनके पीने के पानी की व्यवस्था से लेकर अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं पर पता चलता है कि बच्चे यहाँ आते ही नहीं। किसी भी स्कूल के बच्चे जब छविग्रह नहीं पहुँचते मजबूरन यहाँ फिल्म का प्रसारण नहीं हो पाता।

      अब सूत्रों का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने दो दिन बाद जब मामला उछलना शुरु हुआ तब आज अचानक सारे विद्यालयों को सूचना भेजी है कि वह बाल फिल्म महोत्सव में अपने विद्यालय के बच्चों को फिल्म दिखाने लेकर आयें। हो सकता है एक-दो विद्यालय इसमें शामिल हो भी जायें लेकिन संभावना नगण्य ही है। साथ ही शासन की इस महती योजना को सरेआम सिर्फ खानापूर्ति करते हुए भी लाखों रुपये के घोटालों में डूबा शिक्षा विभाग जरा भी घबराहट में नहीं है। ऊपर से सेटिंग करके, नेताओं को खुश करके और सरकार के मंत्रियों के मुँह पर रुपया फेंककर कुर्सी पर बैठे हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पूरा विश्वास है कि उनका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता।

      सौभाग्य से सीहोर में जिलाधीश श्री आहूजा अभी मौजूद हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि जब बाल फिल्म महोत्सव जिसका जनसम्पर्क विभाग के माध्यम से भी अच्छा प्रचार-प्रसार होता है इस बार इसकी सिर्फ खानापूर्ति कर दी गई है। किन अधिकारियों ने इस मामले में गड़बड़ी की है उन पर जिलाधीश को सख्त से सख्त कार्यवाही करना चाहिये।

वन्य प्राणी का शिकार करने वाला रंगे हाथ पकड़ाया, एक फरार, एक आरोपी को बचाने में लगे कई लोग

          सीहोर 30 दिसम्बर (नि.सं.)। वन्य प्राणी भेड़की जो एक दुर्लभ वन्य प्राणी का शिकार करके चुपचाप लौट रहे विलाल कस्बा निवासी अपने साथी के साथ मोटर साईकिल पर सवार था जिसे अचानक धावा बोलकर वन विभाग ने पकड़ लिया। लेकिन सिर्फ विलाल ही विभाग के हाथ आ सका जबकि एक अन्य फरार हो गया। अभी मामला सिर्फ एक पर ही बना है। क्या एक अन्य फरार हुआ है और हुआ है तो वह कौन है इसकी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है जबकि आज दिनभर अनेक महत्वपूर्ण लोग पुलिस विभाग के भी कुछ लोग इस दूसरे व्यक्ति को बचाने के लिये जी-जान से जुटे रहे।

      सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बोरदी इछावर थाना क्षेत्र अन्तर्गत में आज उपरोक्त घटनाक्रम घटित हुआ। यहाँ कस्बा सीहोर निवासी विलाल नामक युवक अपने साथियों के साथ एक शिकार खेलने के लिये गया था। जहाँ इन्होने भेड़की नामक दुर्लभ जंगली जानवर का शिकार किया। यह हिरण सरीखा ही होता है। इसका मांस भी टुकड़े में कर लिया गया था। इसके बाद एक बोरे में भरकर सीहोर लाया जा रहा था तभी वन विभाग के अमले ने इन्हे पकड़ लिया। लेकिन सिर्फ विलाल ही इनके हाथ आ सका जिससे मांस भी जप्त हो गया लेकिन दूसरा साथी विभाग नहीं पकड़ सका है।

      सूत्रों का कहना है कि एक अन्य साथी जिसके तार पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों से जुड़े हुए हैं वह भी इस वारदात में शामिल था और उसे बचाने के लिये आज दिनभर पुलिस विभाग के आला लोग लगे हुए थे। वन विभाग ने वन्य प्राणी अधिनियम के धाराओं के तहत मामला पंजीबध्द कर लिया है। सूत्रों का कहना है कि जो युवक भाग गया है उसके पास शिकार करने के लिये एक बंदूक भी थी उसे लेकर ही वह भाग निकला।

कबर बिजू ने कराया दाऊ का क्वाटर खाली

      सीहोर 30 दिसम्बर (नि.सं.)। मांसाहारी जानवर कब्र बिजू क्या किसी का भला भी कर सकता है यह सोचना ही बेमानी है लेकिन यहाँ नगर पालिका के एक भोले-भाले कर्मचारी का इसने बड़ा भला कर दिया है और यह कर्मचारी कब्र बिजुओं के कारण बड़े लाभ में आ गया है।

      हुआ यह कि नगर पालिका द्वारा अपने कर्मचारियों के लिये कुछ क्वाटर दिये जाते हैं। ऐसे ही कुछ मकान यहाँ कलेक्ट्रेट के पास बाल विहार मैदान के सामने वाले मार्ग पर स्थित हैं। इन सारे ही मकानों के पीछे की जगह काफी गंदगी रहती है और यहाँ काफी जगह भी है। इसी जगह क ा और झाड़ियों का लाभ उठाकर कब्र बिजुओं ने इस क्षेत्र को अपना बड़ा ठिकाना बना रखा है। यूँ तो पूरे छावनी क्षेत्र में ही कब्र बिजुओं की तादात बहुत बड़ी मात्रा में बढ़ चुकी है और लगभग हर दूसरे घर की छत पर अथवा किसी भी सुनसान जगह पर कब्र बिजुओं ने अपने घर बना लिये हैं। रात अंधेरा होते ही यह जानवर अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं और फिर अपने शिकार को खोजते हैं। आक्रामक शैली का यह जानवर सामान्यत: मांसाहारी है और दूसरे जानवरों को अपना शिकार बनाता है।

      यहाँ नगर पालिका में एक  कर्मचारी हैं दाऊ।  दाऊ बड़े सीधे सरल स्वभाव के हैं हालांकि इनके पास काम बड़ा टेढ़ा सौंपा गया है लेकिन यह किसी तरह उससे निपट लेते हैं। इन्हे पिछले दिनों एक नगर पालिका क्वाटर आवंटित किया गया था यह उसमें रहते उसके पहले ही एक अन्य अधिकारी ने कुछ अपने पद का लाभ उठाते हुए यहाँ जबरिया घुसपैठ बना ली। यह जिससे इनका हक मारा गया।

      खैर जो भी हो वो अधिकारी यहाँ घुस तो गया लेकिन इसका परिवार बहुत छोटा-सा है। बच्चे नन्हे मुन्ने हैं, जब रात के समय हुआ तो एक-दो घर के पीछे कुछ उछल-कूद की आवाज आई यह समझ नहीं पाया कि इतनी रात को बंदर हैं या बिल्ली । बाद में इसे पता चला कि यह तो कबर बिजू हैं और यह खतरनाक भी हैं, इनसे बचना भी मुश्किल है। जब इसे अन्य लोगों ने नेक सलाह दी कि भैया घर में छोटे बच्चे हैं, तुम घर में नहीं हुए उस समय कोई अनहोनी हो गई तो क्या होगा ? तब इनके समझ आई कि घटना बड़ी हो सकती है। तब उन्होने घबराहट में वापस यह मकान खाली किया।

      इस प्रकार कबर बिजुओं के कारण नगर पालिका के कर्मचारी दाऊ को उनके लिये आवंटित मकान वापस मिल गया।

जल अभाव ग्रस्त होने के बाद भी नवीन टयूवबेल खनन जारी

      जावर 30 दिसम्बर (नि.प्र.)। इस वर्ष जिले में हुई अल्प वर्षा को देखते हुए पिछले दिनों जिलाधीश द्वारा जिले को जल अभाव ग्रस्त घोषित किया गया। इस दौरान कई भी बिना अनुमति के नवीन बोर खनन नहीं होने की बात कही गई थी लेकिन क्षेत्र में प्रतिदिन स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से बोर खनन का काम जारी है।

            गौरतलब है कि इस वर्ष जिले में हुई अल्प वर्षा को देखते हुए जिलाधीश द्वारा पिछले दिनां जिले को जल अभाव ग्रस्त घोषित कर दिया गया। लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में नवीन बोर खनन का काम जारी है प्रतिदिन धड़ले से मशीन इधर से उधर जाती दिखाई देती है। ज्ञात रहे कि जल अभाव ग्रस्त घाषित होने के बाद यदि किसी को नवीन टयूबेल खनन करवाना है तो उसे इसकी प्रशासन से अनुमति लेना पडेगी लेकिन क्षेत्र में ऐसा नहीं हो रहा है गांव-गांव के बेरो कटोक नवीन टयूबेल खनन धड़ल्ले से हो रहे है

            क्या कहते है अधिकारी तहसीलदार शिवराम कनासे का कहना है कि क्षेत्र में नवीन टयूबेल खनन की अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है यदि कही से सूचना मिलेगी तो जरूर कार्यवाही करेंगे हालांकि गांवों में चौकीदारों के माध्यम से मुनादी फिरवा दी गई है। 

मोहर्रम का चांद देखकर चौकी धोने की रस्म अदा की गई

      सीहोर 30 दिसम्बर (नि.सं.)। हजरत इमाम हसन हुसैन की शाहदत्त की याद में बनाये जाने वाला मोहर्रम का त्यौहार मोहर्रम के माह का चांद देखने से शुरू हो जाता है।

      यह त्यौहार लगातार 10 दिनों तक अल्हा की इबाजद कर व गरीब मोहताजों की मदद कर व रोजे रखकर मनाया जाता है वही कुछ लोग ताजिया बनाकर अपने प्यारे रसूल के नवासे की शाहदत्त को याद करते है इसी क्रम में हमारे सीहोर शहर के मुस्लिम धर्म बंधुओं द्वारा चांद देखकर चौकी धुलाई की रसम बड़ी धूमधाम से जनाब जहीर भाई उर्फ भैया भाई हरमाल वाले के जनीब से चौकी धुलाई की रसम पुरी की गई।

      जहीर भाई द्वारा डीजे की धूम के साथ एक जुलूस कसेरे वाले कुआं कस्बे से शुरू कर करबला तक जुलूस को ले जाया गया। इस अवसर पर कस्बे क्षेत्र के सभी ताजियें बनाने वाले बड़े आकिदत से इसमें शरिक हुये।

      इसमें प्रमुख रूप से मुन्ने भाई साईकिल वाले, रिजवान पठान, मंजूर भाई, सलीम बाबा, अन्नु भाई, छोटे भाई, इमरान आटो, मुनव्वर मामू, अजहर मियां, रफीक शर्मा, मो. शाहिद, अनवर भाई, नौशे भाई टेलर, असलम हरमाल, इरफान पचोर, नईम खां, अजहर खां सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे। इस अवसर पर इन लोगों ने अपनी-अपनी चौकियों को शरिक किया, उनमें प्रमुख रूप से एलाने मोहम्मद इमामबाड़ा, मुन्ना भाई साईकिल वाले, मंशाराम, इस्लामी चौकी, छोटे पहलवान, अबरार मियां गोहापुरा, जमशेद अली जलालीपुरा, खटिक साहब कलारपुरा, चुम्मु भाई मेवातीपुरा, अंसार सिलावट जमशेद नगर, रामचन्दर बाबा निजामत रोड़ सहित अनेक लोगों की चौकियों शरिक थे। 

टोल फ्री नंबर स्थापित

      सीहोर 30  दिसंबर (नि.सं.)। जिले में मध्यान्ह भोजन कार्यम का व्यवस्थित एवं बेहतर संचालन सुनिश्चित किया गया है। कार्यम के तहत किसी भी प्रकार की शिकायत अथवा सुझाव के लिए जिला पंचायत के एमडीएम सेल में नि:शुल्क टोल फ्री नंबर 18002331133 लगा हुआ है। इस पर कार्यालयीन दिवस  समय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

      जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरूण कुमार तोमर ने बताया कि मध्यान्ह भोजन कार्यम के तहत शाला स्तर पर किसी प्रकार की शिकायत  कमी के लिए टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

      श्री तोमर ने जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र सहित समस्त जनपद पंचायताें के मुख्य कार्यपालन अधिकारियाें को निर्देश दिए हैं कि वे इस टोल फ्री नं. 18002331133 को प्रत्येक शाला के किचन शेड तथा ग्राम पंचायत कार्यालय की दीवार पर अंकित कराएं।