Sunday, December 28, 2008

प्रशासनिक फेरबदल की अटकलें तेज

      सीहोर 27 दिसम्बर (नि.सं.)। मध्य प्रदेश शासन के चुनाव होने के साथ ही अब सीहोर की प्रशासनिक फेरबदल की अटकलें बहुत तेजी के साथ शुरु हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी नई पारी की शुरुआत करते हुए पहले ही दिन से प्रशासनिक कसावट के संकेत दे दिये थे। इन्दौर में पड़े बैंक डाके के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा था कि सिर्फ रिजल्ट की बात कीजिये। इसी क्रम में मुख्यमंत्री जी जब सीहोर जिले में यात्रा हुई तब भी उन्होने स्पष्ट संकेत दे दिये थे कि यहाँ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होगा। जिसमें कुछ अधिकारियों को जिले से बाहर जाने के संकेत हैं।

      मुख्यमंत्री जब बांद्राभान आये थे तब हेलीपेड उनकी एक प्रशासनिक अधिकारी क्या बातचीत हुई इसको लेकर चर्चाएं सरगर्म हैं। चुनाव के दौरान जिस तरह से प्रशासन काम कर रहा था और विशेषकर सीहोर विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन का रुख एकदल बदला हुआ था और काफी हरकतें पुलिस विभाग ने भी की थी उससे लग रहा था कि निश्चित ही यदि भाजपा शासन फिर सत्ता में आया तो यहाँ बड़ा फेरबदल होगा। बहुत बड़ी संख्या में इस बार जहाँ जिला बदर की कार्यवाही हुई वहीं कई नामचीन लोगों को पुलिस ने भी चुनाव के दौरान उठवाया था।

      इधर भाजपा शासन वापस सत्ता में आते ही सबसे पहले जिला मुख्यालय पर प्रशासन की आंख-नाक एसडीएम को सीधे बुदनी नसरुल्लागंज भेज दिया गया है। एसडीएम श्री मिश्रा काफी चर्चाओं में थे और चुनाव के दौरान ही उनसे भाजपाई खफा-खफा थे।

      उधर जब मुख्यमंत्री बांद्राभान पहुँचे तो वहाँ उन्होने प्रशासनिक अधिकारियों से अपने अलग ही तेवर में बातचीत करते हुए स्पष्ट कर दिया कि यहाँ परिवर्तन होगा।

      स्थानान्तरण होने के यह संकेत सर्वाधिक चर्चाओं में बने हुए हैं। साथ ही पुलिस प्रशासन में काफी हलचल मची हुई है। जिला प्रशासन भी यह मानकर चल रहा है कि आगामी दिनों में जो भी स्थानान्तरण की सूचियाँ जारी होंगी उनमें सीहोर के नाम भी प्रमुखता से शामिल रहेंगे।

      भाजपा का पिछला शासन जहाँ प्रशासनिक ढील के कारण आम कार्यकर्ताओं व जनता के  लिये परेशानी का कारण बना हुआ था वहीं अब मुख्यमंत्री के तेवरों से यह संकेत दिख रहे हैं कि कुछ कसावट सामने आयेगी। देखते हैं क्या  होता है। 

कार्यों को शीघ्रता से पूरा करें - कलेक्टर

      सीहोर 27 दिसंबर (नि.सं.)। कलेक्टर डी.पी.आहूजा ने आज एक बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत वन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्हाेंने कार्यों की धीमी गति पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए कार्यों को गति के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम श्रीमती भावना वालिम्बे, जिला पंचायत के सीईओ  अरूण कुमार तोमर, डीएफओ  के.पी.बांगर सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं वन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

      बैठक में कलेक्टर श्री आहूजा ने वन विभाग के रेन्ज अधिकारियों से रैंजवार प्रशासकीय स्वीकृति एवं किए गए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एनआरई जीएस) के कार्यों में शिथिलता को गंभीरता से लिया जायगा। जहां कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं वहां तत्काल कार्य प्रारंभ कराए जाएं और इनका निरंतर रिव्यू किया जाये। अधिकारी ग्राम पंचायतों से समन्वय बनाकर एनआरई जीएस के कार्यों को शीघ्रता से पूरा करें और कार्यों में कितना श्रम लगा इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट भिजवाएं। उन्होंने बताया कि   23 नए कार्यों के लिए एक करोड़ 25 लाख की राशि मंजूर की गई है।

      बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी अरूण कुमार तोमर ने बताया कि एनआरईजीएस के तहत 18 कार्यो के लिए 86 लाख की राशि मंजूर की गई है जिसमें से 43 लाख की राशि वन विभाग को 6 माह पूर्व जारी की जा चुकी है। डीएफओ श्री बांगर ने बताया कि एनआरईजीएस के तहत कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं और फरवरी,09 तक इन्हें पूरा कर लिया जाएगा।

      बैठक में एसडीएम सीहोर चन्द्रशेखर वालिम्बे, एसडीएम आष्टा श्रीमती जी.व्ही.रश्मि, एसडीएम बुधनी चन्द्रमोहन मिश्रा, एसडीएम इछावर रविशंकर पटले, एसडीएम नसरुल्लागंज एस.के.उपाध्याय, रैन्ज आफीसर एस. के.जैन, ए.के.जैन, व्ही.एस. तोमर, वाय. एस. परमार, आर.के.सिंह, पी.के. त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

दस हजार वर्ष तक भोगनी पड़ती है प्रेतयोनी-पं.उपाध्याय

               सीहोर27 दिसम्बर (नि.सं.)। माता-पिता को जो पीड़ा पहुंचाते हैं जो कपूत उन्हें वृद्धास्था में सहारा न देकर वृद्ध आश्रम पहुंचाते हैं पर स्त्रीगमन करते हैं। निर्धनों को सताते हैं और दूसरों का धन हड़प लेते हैं। दान पुण्य से जो दूर रहते हैं ऐसे दुष्ट दुर्जन मानवों को दस हजार वर्ष तक प्रेत योनी भोगनी पड़ती है। उनका कल्याण भगवान भी नहीं करते हैं।

      उक्त प्रेरणादायी उदगार भागवत कथा वाचक पंडित चेतन्य उपाध्याय ने श्रद्धालुओं ने श्रवण कराएं। इंदौर नाका स्थित वटेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में सोमवार से श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ कथा प्रारंभ की गई। इससे पूर्व कलश यात्रा निकाली गई जिसमें मुख्य यजमान के रूप में सन्नी महाजन तथा पत्नि शोभना महाजन सम्मिलित हुए।

      नवयुवक मारूति नंदन मण्डल द्वारा इंदौर नाका स्थित वटेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में श्रीमद भागवत कथा आयोजित की जा रही है। कथा के पहले दिन वटेश्वर महादेव मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा ढोल ढमाकों के साथ दशहरा मैदान स्थित राधाकृष्ण मंदिर पहुंची जहां पर पंडित चेतन्य उपाध्याय के सानिध्य में यजमान सन्नी महाजन ने सपत्निक तथा भूपेन्द्र सिंह पटेल ने भगवान कृष्ण तथा व्यास गादी और देवी देवताओं की विधिवत पूजा अर्चना की तत्पश्चात कलश यात्रा दशहरा बाग और बजरंग कालोनी का भ्रमण करती हुई वापस कथा स्थल पर पहुंची जहां पर विधि विधान से पंडित चेतन उपाध्याय द्वारा श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ किया गया उन्होंने पहले दिन श्रद्धालुओं को भक्ति वैराग्य और गीताजी का महत्व धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रवण कराया।

      उन्होंने धुंधली तथा गोकरण कथा प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जो पर स्त्री गमन करते हैं अपने माता-पिता का अपमान करते हैं, पराया धन हड़पते हैं, निर्धनों को कष्ट पहुंचाते हैं ऐसे दुर्जनों को दस हजार वर्ष तक प्रेत योनी भोगनी पड़ती है जिसमें उन्हें मनुष्य योनी से भी कई अधिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। यह दस हजारी प्रेत योनी गंगाजी में पिण्डदान और तर्पण करने से भी नहीं छूट पाती है। पहले दिन ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में कथा श्रवण करने उपस्थित हुए थे।

      सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ में अजामिल, प्रहलाद चरित्र, वामन अवतार, रामअवतार, कृष्ण जन्म, महारास, भ्रमर गीत, गोर्वधन पूजा, रूकमणी विवाह, सुदामा चरित्र इत्यादि कथाएं होंगी। समिति के देवेन्द्र सेंगर ने बताया कि प्रतिदिन दोपहर एक बजे से शाम 4 बजे तक कथा आयोजित की जा रही हैं। कथा स्थल पर महिला श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था विशेष रूप से की गई है।

अहमदपुर में भव्य मानस गान प्रतियोगिता का समापन

      सीहोर 27 दिसम्बर (नि.सं.)। विधायक रमेश सक्सेना के जन्मदिन के उपलक्ष्य में देवीपुर ग्राम (अहमदपुर में) भव्य मानस गान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

      इस प्रतियोगिता में 19 टीमों ने भाग लिया इसमें सीहोर आर्दश तुलसी मानस मंडल कुरावर, नवयुवक बजरंग मंडल नरसिंहगढ़, बजरंग मानस मंडल बैरसिया, रामायण समिति गुनगा, रामचरित मानस मंडल बाबई कीर्तन मंडल मानस प्रचार समिति बाजार बरखेड़ा प्रमुख रूप से उपस्थित थे इन प्रमुख मंडलों की प्रस्तुति को सुमधुर लय में गाकर सुनने वाी जनता का मन मोह लिया प्रतियोगिता का गायन रात्रि नौ बजे से सुबह 6 बजे तक चलता रहा। इसमें प्रथम पांच मंडलों की प्रस्तुति इस प्रकार रही मानस प्रचार समिति बाजार बरखेड़ा आर्दश तुलसी मानस मंडल गंज सीहोर, बजरंग मानस मंडल गुनगा, रामायण समिति बैरसिया, बजरंग रामायण समिति नरसिंहगढ़, रही प्रथम पुरूस्कार में 5000 रूपये ओर शील्ड द्वितीय पुरूस्कार में 3100 रूपये व शील्ड, तृतीय  पुरूस्कार में 2100 रूपये व शील्ड प्रदान की गई। पुरूस्कार का वितरण देवेन्द्र सक्सेना जनपद अध्यक्ष अमरसिंह मीणा मारकेटिंग के अध्यक्ष एवं मायाराम जी गौर पूर्व मंडल अध्यक्ष ने किया।

      इस अवसर पर श्री महेश गुप्ता जी, परमानन्द जी मीणा सरपंच प्रदीप कुमार सक्सेना गुडूवना जी सरपंच चांदबड़ भीमसिंह सरपंच, अनूप सिंह सरपंच विश्राम सिंह जी मीणा कोलूखेड़ी पूनम चंद तिवारी सचिव पंचायत बरखेड़ा हसन द्वारका प्रसाद सरपंच पीलूखेड़ी आदि और क्षेत्र की जनता की उपस्थिति में किया गया। आभार प्रदर्शन राधेश्याम शर्मा द्वारा किया गया। 

वार्ड 10 में अब 4 उम्मीदवार मैदान में

      आष्टा 27 दिसम्बर (नि.प्र.)। आष्टा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 10 में हो रहे उप चुनाव में आज नाम वापसी दिवस पर एक उम्मीदवार परसादी बाई कन्हैयालाल खत्री ने अपना नाम वापस ले लिया अब इस वार्ड में चार उम्मीदवार मैदान में शेष बचे है।

      इस वार्ड से भाजपा की ओर से समिति सिद्धीकी बी पत्नि भूरू खां, कांग्रेस की ओर से मूमताज बी पत्नि नासीर खां के अलावा साबीया बी एवं चाँद बी मैदान में शेष है आज नाम वापसी के समय के बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा शेष बचे चारों उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिये गये है। नाम वापसी के बाद अब वार्ड में पुरी तरह से स्थिति स्पष्ट हो गई है आज से चुनाव प्रचार के साथ जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो जायेगी। 

आसमान से बादल साफ होते ही ठंड ने जोर पकड़ा

जावर 27 दिसम्बर (नि.प्र.)। आसमान में छाये बादल छटते ही ठंड ने जोर पकड़ा ठंड के कारण लोगों ने किया गर्म कपड़े पहना शुरू अच्छी ठंड शुरू हाने से फसल को होगा फायदा। पिछले कुछ दिनों से आसमान में बादल छाये रहने से ठंड बिल्कुल गायब हो गई थी। तेज ठंड नहीं पड़ने से किसान भी चिंतित होने लगा था इसके अलावा गर्म कपड़ों का व्यापार भी ठंड नहीं पड़ने से मंदा पड़ा था लेकिन दो तीन दिनों से आसमान में छाये बादल अब पूरी तरह से साफ हो गये है।

      बादल साफ होते ही तेज ठंड पड़ना शुरू हो गई। ठंड शुरू होने के साथ ही जगह-जगह ठंड से बचने के लिए लोग अलाव जलाने लगे है साथ ही गर्म कपड़ों का सहारा भी लेने लगे है सुबह शाम के अलावा दिन में भी गर्म कपड़े पहने दिखाई देते है लोग ठंड के कारण सुबह की कुन-कुन धूप भी सुहानी लगने लगी है। ठंड से बचने के लिए बच्चे भी अपनी पढ़ाई आंगन या छत पर धूप में बैठकर पढ़ना पसंद कर रहे है। सेकूखेड़ा के कृषक देवरण ने बताया कि कुछ समय से ठंड नहीं पड़ने से गेहूं चने की फसल ठी से बढ़ नहीं पा रही थी उक्त फसल के लिए ठंड पड़ना भी जरूरी रहता है। कृषक मांगीलाल ने बताया कि दो तीन दिनों से अच्छी ठंड पड़ने लगी है जिससे गेहूं चने की फसल को फायदा होगा साथ ही चने की फसल में पड़ रही इल्ली में भी ठंड के कारण कमी आएगी।

      कृषक लखन सिंह ने बताया कि दो दिनों से अच्छी पड़ रही ठंड से गेहूं की फसल में चमक दिखाई देने लगी है। वही कुछ किसानों का मानना है कि यदि ठंड के साथ सुबह-सुबह कई हल्की हवा चल गई तो जल्दी बोई गई चने की फसल जिसमें इस समय भरपूर फूल आ रहे तो कई खेतों में दाना बैठने लगा है को नुकसान भी हो सकता है। 

माहेश्वरी समाज के चुनाव सम्पन्न सुरेश सचिव बने

      सीहोर 27 दिसम्बर (नि.सं.)। गत दिनों सीहोर माहेश्वरी समाज के चुनाव सपन्न हुए। चुनाव मे  राधारमण कासट को सर्वसम्मित से आगामी 3 वर्ष के लिये अध्यक्ष चुना गया,कासट को कार्यकारिणी गठन हेतु अधिकृत किया गया।

      कासट ने कार्यकारिणी गठन मे युवा समाज सेवी सुरेश साबू को सचिव,कमल भंवर व पंकज भंवर को उपाध्यक्ष,प्रदीप साबू को कोषाध्यक्ष,महेश माहेश्वरी व विजय हरकट को सांस्कृतिक सचिव,सत्तनारायण चांडक प्रचार सचिव, व भवन व्यवस्थापक धनश्याम दास घूत को नियुक्ति किया गया है। कार्यकारिणी में शांतीलाल साबू, मनोहर भंवर, जगदीश सोडानी, पुरषोत्तम कुईया, अक्षय कासट, अशोक बिहाणी, वल्लभ बियाणी, मनमोहन राठी, गोपाल चांडक, राकेश बांगड, पंकज, मनोज झंरव, योगेश राठी, अनिल सोडानी, शरद बाहेती, श्री गोपाल मंत्री का मनोनयन किया गया है। डॉ. सुरेश झंवर, श्रीमती अंजना हुरकट, सत्यमामा मत्री, सरोज झंवर, रजनी बाहेती, राधा सोडानी, पवन साबू पदेन सदस्य रहेगी।

Saturday, December 27, 2008

क्यों भैंसों का श्राप ले रहे हो... पशु चिकित्सालय में व्याप्त अव्यवस्था से परेशान पशुपालक

सीहोर 26 दिसम्बर (नि.सं.)। पशु चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सक भी निजी प्रेक्टिस कर स्वयं को धन्य करने में लगे हुए हैं और जब कभी शासकिय स्तर पर इन्हे पशुओं की सेवा करने का सौभाग्य मिलता है तो यह उसे टाल जाते हैं। जबकि शासकिय दवाओं को अपने बेग में भरकर ले जाते हैं और फिर निजी प्रेक्टिस में इसका उपयोग कर लेते हैं। कई पशुओं को बीमारी की अवस्था में देखते रहते हैं लेकिन इलाज करने से बचते हैं। यदि पशु पालक यादा बात करें तो कह देते हैं कि मेरा स्थानान्तरण हो चुका है इसलिये मैं पशु नहीं देखूंगा।

      पशु चिकित्सालय इन दिनो पशुवत व्यवहार के कारण परेशानी का कारण बन गया है। मूक पशुओं के प्रति संवेदनहीन एक पशु चिकित्सक के व्यवहार ने यहाँ लम्बे समय से पशु पालकों को परेशानी में डाल रखा है। यहाँ आने वाले मुख्यत: ग्रामीण क्षेत्र के पशु पालकों के पशुओं का इलाज तो होता ही नहीं है या तो उन्हे चिकित्सक का अभाव बता दिया जाता है, या कम्पाउण्डर नहीं होने की बात कही जाती है।

      पशु चिकित्सालय में यूँ तो भारी मात्रा में दवाईयाँ प्रशासन उपलब्ध कराता है लेकिन जब कभी किसी मूक पशु के इलाज के लिये दवाई की जरुरत पड़ती है तो यहाँ उसे उपलब्ध ही नहीं होती है आखिर लाखों रुपये की दवाईयाँ बिना लगे ही कैसे गायब हो जाती है यह एक जांच का विषय है।

      एक बाबू हैं कि बस गुटका चबाते हुए बैठे रहते हैं और काम करने के नाम अलसाते हैं। यहाँ आने वाली दवाईयाँ इनके बेग में चुपचाप रखा जाती है और फिर सेटिंग से यहाँ से दवाई की चोरी हो जाती है।

      बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं का इलाज करने यह निजी प्रेक्टिस करने शासकिय दवाओं के साथ जाते हैं और वहाँ शासकिय दवाओं को लगाकर ग्रामीण पशु पालकों से भारी भरकम रुपये वसूलते हैं।

      इन्ही यह अदा भी है कि जब कभी कोई पशु पालक यहाँ इलाज कराने आता है तो उसे बजाये चिकित्सालय से दवाएं उपलब्ध कराने के सीधे बाहर की दवाएं लिख देते हैं जिससे पशु पालकों को परेशानी होती है।

      पशु चिकित्सा विभाग के एक उच्चस्थ अधिकारी को खाने-पीने का जरा यादा ही शोक फरमाया हुआ है, इनका शोक कैसे पूरा हो ? इसके लिये एक जुगाड़ बनाई गई है। जुगाड़ यह है कि यहाँ पशु चिकित्सालय में दवाओं की चोरी की खुल्ली छूट दी गई है जिससे होने वाली कमाई के रुपयों से आये दिन मुर्गा-पार्टी का आयोजन होता है। इनके खाने-पीने की आदत पशुओं को भारी पड़ रही है। पशुओं के हिस्से का माल इनके पेट में जा रहा है।

      पशु चिकित्सालय में एक स्थानीय छुटभैया भाजपाई नेता भी अपने एक मित्र के साथ डटे ही रहते हैं...यूँ तो लोग अक्सर मनुष्यों के चिकित्सालय में बैठना पसंद करते हैं लेकिन इन छुटभैया नेता को जाने कौन-सा आनन्द मिलता है जो यह पशु चिकित्सालय में आने वाले पशुओं को गौर से देखकर उठाते हैं। इनकी भी उपस्थिति यहाँ परेशानी पैदा करती है, यहाँ किसी ना किसी प्रकार जुगाड़ बैठे-बैठे देखते हैं जिससे दबाव बनाकर कु छ जेब खर्च निकाल सकें।

      स्थिति तो यह बन गई है कि पिछले दिनों एक भैंस पशु पालक यहाँ आया तो था काफी देर तक परेशान होता रहा किसी ने उसकी सहायता नहीं की, उसकी भैंस के थन खराब हो गये थे, उसमें कीड़े पड़ गये थे, उसकी पेशाब में कीड़े भी पड़ गये थे जिसकी सफाई तो हो गई लेकिन उचित मार्गदर्शन, इंजेक्शन बाटल यहाँ नहीं दिया गया। हैरान परेशान पशु पालक यहाँ सबसे यही कह रहा है कि भैया क्यों भैंसो का श्राप ले रहे हो।

      पशुओं को भर्ती की व्यवस्था नहीं होने के कारण भी यहाँ एक बड़ी समस्या खड़ी हुई है जिला पशु चिकित्सालय होने के बावजूद यहाँ कोई व्यवस्था नहीं है। पशु कल्याण समिति के होते हुए यहाँ समस्याएं व्याप्त हैं।

...जब नदी किनारे अधिकारी ने पत्रकार को कर दिया पानी-पानी

सीहोर 26 दिसम्बर (नि.सं.)। सीवन नदी की सफाई के साथ ही वह पत्रकार भी सक्रिय हो गये थे और नदी के कीचड़ के साथ अपने पाप भी धोने की तैयारी में जुट गये थे जो अपनी नई-नई आदतों से कभी कभार चर्चा में आ जाते हैं। सीवन के किनारों ने कईयों को पार लगाया है, घर बैठे मक्खी मारने वाले लोग इसी सीवन से निकले कीचड़ में स्वयं को कमल बनाने में सफल हुए हैं....सीवन के इन्ही किनारों ने कईयों के बुझे हुए दीप जलाये हैं... सीवन के किनारों ने कईयों की कला को प्रखर किया है और ऊँचाईयाँ दी है....चंदा की किरणों में गोते लगाने का दुस्साहस भी सीवन के किनारे चलने वाली ठंडी हवाओं ने ही दिया....। जब-जब सीवन की सफाई हुई तब-तब नगर के कई लोगों की प्रशासनिक दूरियाँ नजदीकियों में बदली है।

      लेकिन लम्बे समय से ना तो यहाँ कोई सीवन के प्रति सोच रखने वाला आया और ना ही इस बहाने अधिकारियों से करीबी बनने का कोई सेतु बन सका। यह दीगर बात है कि सीवन के घांट पर ऐसे लोग अकेले में ही जाकर टहल आते हैं और कई बार उन पुरानी यादों में खो जाते हैं जब सीवन सफाई अभियान के साथ ही उनकी प्रशासनिक अधिकारियों से करीबी बनी थी....और बड़े अधिकारी से होने वाली गुप्तगु को देखने वाले कई छोटे अधिकारियों की निगाह में वह कुछ खास हो गये थे...कैसे उनकी चल पड़ी थी...हर अधिकारी उन्हे सम्मान से देखता था...हर तरफ वही मियां सूरमा बने हुए थे...।

      अब हाल ही में जब सीवन सफाई का अभियान फिर साहब की उपस्थिति में प्रारंभ हुआ तो कईयों के मुँह पानी आ गया.....वह वापस ख्वाब देखने लगे जैसे-जैसे सीवन का कीचड़ हटेगा वैसे-वैसे उनकी नजदीकियाँ साहब से बनने लगेगी।

      इसी क्रम में सबसे पहले मचले एक पत्रकार ने पहले ही दिन साहब के सामने सीवन सफाई को प्रदेश भर में ख्याति दिलाने का छोटा-सा लालच देते हुए कैमरा आगे कर दिया और उनसे पूछा कि सीवन नदी की सफाई के विषय में आप क्या कहना चाहते हैं ? यह प्रेरणा आपको कैसे मिली ? आदि आदि। लेकिन यह क्या........?

      साहब तो एकदम अलग ही अंदाज में नजर आये....उन्होने सीधे कह दिया कि हटाईये यह कै मरा, चलिये दूर हटिये, मैं कोई नेता नहीं हूँ। जो हो रहा देख लीजिये....। उफ् यह क्या हो गया.... पत्रकार साहब बड़े मायूस हो गये। नजदीकियों के वह स्वप्न चूर-चूर हो गये...साहब की वाणी ने उन्हे दिन में ही तारे दिखा दिये। 

      दूसरे नम्बर पर एक नये-नये पत्रकार साहब ने दाव लगाया....। काफी सोच-विचारकर इन्होने साहब को घापे में लेने के लिये, और अधिकारियों पर रंगदारी दिखाने के लिये एक ऐसा स्थान चुना जहाँ मामला जम ही जाये। यह साहब के पास पहुँचे पहले तो खडे रहे और अपनी जबरिया फीकी मुस्कुराहट बिखेरते रहे...बातों ही बातों में हाँ-हूँ के बाद यह एकदम पास पहुँचकर अपनी एक कथित महत्वपूर्ण राय देने के अंदाज में साहब के कान में अंदर अपना मुँह घुसाने लगे....और अपनी एक राय भी दे बैठे।

      लेकिन यह क्या....इन्हे भी सीधे साहब ने दो टका जबाव दे दिया...मिस्टर अपनी राय अपने पास रखें, हमें जब जरुरत होगी मांग लेंगे... अभी हम जो कर रहे हैं वह होने दीजिये...हमें किसी की राय-मशविरा की जरुरत नहीं है....। हाय-हाय जालिम यह साहब ने क्या कर डाला...दूसरों के दिलों पर साँप लौटाने गये थे लेकिन खुद ही जख्मी होकर आ गये हैं। अब सीवन सफाई अभियान के साथ ही घटित उपरोक्त घटनाओं ने नगर में चर्चाओं को जन्म दे दिया है...। लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं...कोई कह रहा है लो निकल गया कीचड...तो कोई कह रहा है उन्हे तो कर दिया पानी-पानी....।

इल्ली से फसलों के बचाने के उपाय

सीहोर 26 दिसंबर (नि.सं.)। कृषि विभाग द्वारा फसल को इल्लियों से बचाने के उपाय बताए गए हैं। इसके अलावा विभाग द्वारा प्रत्येक विकास खंड को छ: छ: सौ लीटर कीटनाशक दवा टाइजोफार मुहैया कराई गई है। दवा पर पांच सौ रूपये प्रति हैक्टेयर के मान से अनुदान दिया गया है।

      कृषि विभाग ने चना, मूंग, उडद, मिर्च, टमाटर आदि फसलों को इल्लियों द्वारा पहुंचाई जाने वाली हानि से बचाव के उपाय बताए हैं। साथ ही छ: छ: सौ लीटर कीटनाशक दवा ट्राइजोफास हर विकास खंड को मुहैया कराई है जिस पर पांच सौ रूपये प्रति हैक्टेयर अनुदान दिया जा रहा है। यह कीटनाशी दवा एस.ए.डी. ओ.के कार्यालय में उपलब्ध है।

जैविक तरीके से कीट नियंत्रण

      उप संचालक कृषि एन.एस.रघु ने फसलों को इल्‍ली से बचाने के जैविक उपाय बताए हैं। उन्होंने बताया है कि खेत में अंग्रेजी के अक्षर टी के आकार की लकड़ियां 10 - 12 स्थानों पर प्रति एक ड़ गाढ़ देने से इन लकड़ियों पर पक्षी बैठेंगे और इल्लियों को चुन कर नष्ट करेंगे। प्रारंभिक अवस्था की इल्लियों को 0.03 प्रतिशत नीम तेल ढाई लीटर की मात्रा प्रति हेक्टर की मान से छिड़काव कर नष्ट किया जा सकता है।

किसानों के अनुभव और कारगर नुस्खे

      खेती किसानी में किसानों के अनुभवों के आधार पर कुछ आजमाइश किए गए नुस्खों का उपयोग करने से भी कीटों के नियंत्रण में कारगर लाभ मिला है। आजमाए नुस्खों में गोमूत्र को बाटल या बड़े कांच के बर्तन में भरकर धूप में रख दे। जितना अधिक दिन पुराना गोमूत्र रहेगा, उतना अधिक कारगर होगा। डेढ़ सौ से दो सौ मिलीलीटर गौमूत्र 15 लीटर स्प्रे पंप में मिलाकर 10-12 पंप स्प्रे प्रति एकड करने से यह सभी प्रकार के कीटों को नियंत्रित करता है। पन्द्रह से बीस किलो नीम पत्तियां कोमल डालियों सहित 200 लीटर पानी में भिगोकर छांव में रखें तथा पानी पीला होने तक गलने दे। इसे नीम पत्ती का काढा कहते है। जिसे छानकर एक एकड क्षेत्र में स्प्रे किया जाना फायदेमंद होता है। नीम पत्तियों के स्थान पर करंज (संजी) आयपोमया (बेशरम), सीताफल, आंकडा (अकऊआ) की पत्तियों का भी उपयोग किया जा सकता है।

      आधा किलो लहसून और आधा किलो हरी मिर्च बारीक पीसकर पानी में घोल बनाकर उसे छानकर 200 लीटर पानी में मिलाकर इसमें 100 ग्राम साबुन पावडर (टिरजेन्ट पावडर) मिलाने के बाद उसे एक एकड फसल पर छिडकाव करें, इससे सभी प्रकार के कीट नियंत्रित होंगे। किसान भाई आधा किलो तम्बाकू सूखी पत्ती 2-3 लीटर पानी में उबालकर काढा बना ले। काढे को छानकर एक स्प्रे पम्प की टंकी में लगभग 30 मिलीलीटर काढा मिलाकर स्प्रे करने पर सभी कीटों को नियंत्रित किया जा सकता है। यह सभी कीटों को नियंत्रित करेगा।

      किसान भाई मिट्टी के धडे में मही (छाछ) भरकर 20-25 दिन तक जमीन में गाढ दे या भूसा में ढंक कर रख दे और अधिक समय तक रखे तो अ%छा है बाद में इसे निकालकर 2 - 2.50 लीटर इस सडे हुए मठे को प्रति 15 लीटर पम्प में मिलाकर छिड़क दे। कितनी भी बडी इगी होगी तत्काल नियंत्रित होगी। इसका प्रयोग इगी मारने हेतु सभी फसलों पर किया जा सकता है। 

आपके विश्वास पर खरा उतरुं गा-गुणवान

      जावर 26 दिसम्बर (नि.प्र.)। तहसील क्षेत्र में जो विकास की गति चल रही है उसे आगे भी जारी रखा जायेगा। आप लोगों ने मुझ पर जो विश्वास किया है उस पर मैं खरा उतरुंगा। कार्यकर्ताओं के लिये मेरे दरवाजे चौबीस घंटे खुले हैं जो गांव सड़क बनने से छूट गये हैं उन्हे भी शीघ्र पक्की सड़क से जुड़वाऊंगा। साथ ही सिंचाई की योजनाएं चालू करवाऊंगा अधूरे कार्यों का पूरा करवाऊंगा।

      यह बात क्षेत्रीय विधायक रणजीत सिंह गुणवान ने ग्राम गुजारी में कृषि विभाग के माध्यम से 23 लाख रुपये की लागत से बनने वाली तलाई के भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद उपस्थित ग्रामीणों के बीच कही। (इसके पश्चात गुणवान के ग्राम अतरालिया जावर) पहुँचने पर ग्रामीणों से ढोल-ढमाके व आतिशबाजी चलाकर स्वागत किया। बाद में स्कूल प्रांगण में स्वागत समारोह आयोजित किया गया। जहाँ पर सरपंच नाथू सिंह द्वारा गुणवान व सहकारी नेता देवी सिंह परमार का साफा बांधकर स्वागत किया व ग्राम में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने एवं गांव तक सड़क बनवाने का मांग पत्र सौंपा। वहीं पीटीए अध्यक्ष जसपाल सिंह ने माध्यमिक शाला को उन्नयन कर हाईस्कूल का दर्जा दिलवाने व अन्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग की। इस पर गुणवान ने स्कूल की बाउण्ड्री वाल बनवाने के लिये दो लाख रुपये देने की घोषणा की व हाईस्कूल प्राथमिकता के आधार पर खुलवाने का आश्वासन दिया । गांव में पानी की गंभीर समस्या है इसे हल करवाने के लिये महिलाओं ने गुणवान से मांग की। इस मौके पर ग्राम के मांगीलाल फूल सिंह, विजय सिंह, मनोहर सिंह जसपाल सिंह, कृपाल सिंह, सजन सिंह, राजेन्द्र सिंह, देवकरण, ज्ञान सिंह, सवाई सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सोबाल सिंह ने व आभार विजेन्द्र सिंह ने व्यक्त किया। 

पार्वती तो लबालव भरा गई अब न.पा. की जिम्मेदारी बढ़ी

आष्टा 26 दिसम्बर (नि.प्र.)। रामपूरा डेम से आष्टा के लिए न.पा. की मांग पर छोड़ा गया पानी पुरी तहर से आष्टा पहुंच चुका है पार्वती लबालब भरा गई है। अब उक्त कीमती पानी को सहेजना न.पा. की जिम्मेदारी क्षेत्र में आ गया है। वैसे न.पा. ने शहरों में से जो पानी वह रहा था उसे रोकने के लिए कार्य कराकर बहते पानी को रोक दिया है।

      नदी किनारे के खेतों में जो सिंचाई चौरी छीपे हो रही थी उसे भी रोकने के प्रयास तो किये है लेकिन ठोस प्रयासों की अभी भी जरूरत है। सी.एम.ओ. करूणेश दण्डोतिया ने बताया की नदी से पानी चौरी के कार्य में लगी लगभग 29 जल मोटरे जप्त की है कुछ स्थानों पर विद्युत कनेक्शन भी कटवाये है, लेकिन दुरस्थ क्षेत्रों में अभी भी रात के अंधेरे में पानी की सिंचाई की जा रही है। सी.एम.ओ. आष्टा ने बताया कि न.पा. का गश्ती दल नदी किनारे सघन जांच में लगा हुआ है जो पानी वर्तमान में पार्वती में है उसे नागरिकों को एक दिन छोड़कर 30 से 40 मिनिट दिया जा रहा है।

      सी.एम.ओ ने नगर के नागरिकों से भी जनहित में अपील की है कि कृपया वे पानी को सहेजे व्यर्थ पानी को ना बहावे जितना उपयोग में आये उतना ही पानी उपयोग में ले क्योंकि इस वर्ष अल्प वर्षा के कारण जल संकट की स्थिति बनी है इस स्थिति से हमें और आपको मिल जुलक र सहयोग से निपटना है। न.पा. का भरपूर प्रयास है की जनता को पानी उपलब्ध कराये।

 

 

सड़क हादसे में दो घायल

      सीहोर 26 दिसम्बर (नि.सं.)। जिले के थाना आष्टा अन्तर्गत सेंट्रो कार एवं ट्रक की टक्कर में दो लोग घायल हो गये। पुलिस ने प्रकरण कायम कर लिया है।  आष्टा थाना क्षेत्र के राजमार्ग पर स्थित ग्राम चिन्नौटा जोड़ के समीप आज सुबह नौ बजे इन्दौर से भोपाल की ओर सेंट्रो कार क्रमांक एमपी-04-सीबी-9502 से प्रवीण आ. मंगलसिंह मंडलोई 28 साल निवासी महेश गार्ड लाईन इन्दौर अपने साथी सुनील राजौरे के साथ भोपाल जा रहा था कि सामने से आ रहे ट्रक क्रमांक एमपी-09-एचआर-0390 के चालक ने वाहन को तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक चलाते हुये इनकी कार में टक्कर मार दी। परिणामस्वरूप प्रवीण एवं सुनील को चोट आने से इलाज हेतु अस्पताल आष्टा भेजा गया। 

Friday, December 26, 2008

अगले तीन साल में गांवों को भरपूर बिजली - मुख्यमंत्री

      सीहोर 25 दिसंबर (नि.सं.)। मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज गुरूवार 25 दिसम्बर,08 को बुधनी विकास खंड के ग्राम नारायणपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले तीन सालों में गांवों को भूरपूर बिजली दी जायगी। गांवों और खेतों के लिए अलग अलग फीडर से बिजली प्रदान करने की व्यवस्था होगी।

      मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान आज सपत्नीक बुधनी विकासखंड के ग्राम नारायणपुर पहुंचे जहां नारायणपुर सहित आसपास के ग्रामवासियों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। केवट, यादव, जाट और मंसूरी समाज द्वारा उन्हे फलों से तौला गया। इस अवसर पर वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राजपूत, मार्कफेड अध्यक्ष  रमाकांत भार्गव, सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती हीरामणी मेहरा, सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महेश उपाध्याय और बकतरा मण्डी अध्यक्ष चौहान सिंह चौहान सहित बडी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे।

गांवों को चौबीस घंटे बिजली

      नारायणपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार प्रदेश में बिजली की कमी को पूरी तरह दूर करना चाहती है और यदि प्रकृति का साथ रहा तो इस कमी को हर सूरत में दूर कर दिया जायगा। उन्होने कहा कि प्रदेश में बिजली उत्पादक योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में भरपूर पानी बरसेगा जिसके चलते बिजली का उत्पादन बढेगा और हर जरूरतमंद व्यक्ति को पर्याप्त बिजली दी जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को 24 घंटे बिजली मुहैया कराई जायगी, गांव और खेत के लिए अलग अलग फीडर होंगे। खेतों के लिए 10 से 12 घंटे तक बिजली दी जायगी।

किसान को घाटा नहीं होने देंगे

      मुख्यमंत्री ने आज फिर दोहराया कि खेती घाटे का सौदा नहीं रहेगी उसे हर हाल में फायदे का धंधा बनाया जायगा। सरकार ने पिछले सालों के दौरान किसानों के हित में अनेकों फैसले लेकर उन्हें ईमानदारी से लागू किया नजीजतन किसानों ने काफी राहत महसूस की। उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले समय मे भी किसानों के साथ है और किसानों की हरसंभव मदद की जायगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने एक वर्किंग ग्रुप बनाया है जो उन सभी संभावनाओं को खोजेगा जिससे खेती में ज्यादा से ज्यादा सुधार किया जा सके।

पूर्ण विकसित राज्य मेरा संकल्प

      मुख्य मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को पूर्ण विकसित राज्य बनाना मेरा सबसे बड़ा संकल्प है और मैं इस संकल्प को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित भी हूं। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रदेश बनाना है जिसमें सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं बिना किसी दिक्कत के हर प्रदेशवासी को आसानी से मुहैया हो सकें। उन्होंने कहा कि समाज के सबसे पीछे और सबसे नीचे ख़डे गरीब के चेहरे पर मुस्कराहट देखना चाहता हूं जिसके लिए पिछली वर्ष सरकार ने 1100 रूपये क्विं टल के भाव से गेहूं खरीदकर गरीबों को तीन रूपये प्रति किलो पर मुहैया कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दरिद्र ही नारायण है और उसकी सेवा में कोई कमी नहीं रहने दी जायगी। उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के हर गरीब की मदद की जायगी। भूख कोई जाति देखकर थोड़े ही लगती है।

गरीबों का हक मारने वाला बर्दाश्त नहीं

      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने राजनैतिक हितों को परे रखकर गरीबों की सेवा की है। सरकार ने हर जरूरतमंद के लिए योजना बनाई है मंत्री मण्डल के सभी सदस्यों से उनकी चर्चा हो चुकी है कि प्रदेश के विकास के लिए ईमानदार प्रयास किए जांएगें। जनता के हक को खाने वाला व्यक्ति कतई बर्दाश्त नही होगा। ऐसे राज्य का निर्माण किया जायगा जिसमें सरकार के साथ समाज खड़ा हो।

मांग पत्र की सभी मांगे मंजूर

      मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा स्वागत नहीं नारायणपुर वासियों का स्वागत है और सही मायनों में मैं आज नारायणपुर वासियों का स्वागत करने ही आया हूं। उन्होंने यहां सरपंच द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि इसमें जो भी मांगे हैं वे सब मंजूर की जाती हैं और नारायणपुर को आदर्श गांव बनाने की मैं घोषणा करता हूं। उन्होंने यहां लाडली लक्ष्मी योजना के तहत 12 हितग्राहियों को बचत पत्र और राष्ट्रीय परिवार सहायता के तहत तीन हितग्राहियों को दस - दस हजार की राशि के चैक वितरित किए।

इनरव्हील क्लब के स्वास्थ्य शिविर में मिला एक कुपोषित बच्चा

      आष्टा, 25 दिसम्बर (नि.प्र.) इनरव्हील क्लब आष्टा के तत्वाधान में स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ आष्टा पर एक महिला स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। जिसमें लगभग 50 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण डॉ. श्रीमती का माधवी राय एवं डॉ. अर्पिता जेन ने किया।

      इस शिविर में एक बच्चे का जब डॉक्टर द्वारा परीक्षण किया गया तो वो कुपोषित पाया गया जिसे सिविल अस्पताल आष्टा डॉ. ए.के. जैन के पास उच्च जांच के लिए भेजा गया। शिविर में आई महिलाओं को स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क दवाए वितरीत की गई। इस शिविर में क्लब की अध्यक्ष श्रीमती पदमा पालीवाल, सचिव रेखा वोहरा, सरोज पालीवाल, विद्या खण्डेलवाल पूर्व अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा नागर, सीमा गर्ग सहित अन्य लोगों का सहयोग प्राप्त हुआ।