Wednesday, November 19, 2008

मुस्लिम वोट बैंक की ताकत खत्म, कुछ मुस्लिम नेता ही करवा रहे टूट-फूट

27 हजार मुस्लिम मतदाताओं को नेताओं ने स्वयं के लाभ के लिये करवा दिये कई फाड़

            सीहोर 18 नवम्बर (विशेष संवाददाता)। मुस्लिम मतदाताओं की सूझबूझ और संगठन शक्ति के आगे सारे राजनैतिक दल पानी भरते नजर आते हैं। भाजपा हो या कांग्रेस या फिर चाहे कोई निर्दलीय प्रत्याशी वक्त आने पर मुस्लिम मतदाता किस तरफ झुकेगा और किसे एक साथ अपना समर्थन देगा यह तय नहीं किया जा सकता। हालांकि सीहोर में मुस्लिम मतदाता अक्सर एक साथ ही एक तरफ झुकता है और पिछले चुनाव में विशेषकर सीहोर में तो जिस तरह निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में झुककर कांग्रेस को भी मतदाता ने यह बता दिया था कि हम किसी एक पार्टी से बंधे हुए नहीं हैं उससे यह बात स्पष्ट हो गई थी मतदाता बहुत सूझबूझ के साथ निर्णय लेता है। इसलिये भाजपा, कांग्रेस या फिर भाजपा की बहन उमाश्री भारती की जनशक्ति हो सभी मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने का प्रयास तो कर रहे हैं लेकिन यह तय नहीं कर पा रहे कि वह किस और झुकेंगे। वैसे ऐसा माना जाता है कि मुस्लिम मतदाता भाजपा की तरफ कभी भी अधिक संख्या में नहीं जाते हैं। इस बार तीनों ही पार्टी के अलावा कुछेक मुस्लिम समाज के नेताओं ने भी समाज को एक नहीं होने देने के प्रयास शुरु कर दिये हैं जिससे समाज की ताकत लगातार कम होती जा रही है।

            मुस्लिम वोट बैंक के कई फाड़ होने की स्थिति नजर आने लगी है जिससे किसी भी एक पार्टी को लाभ नहीं होगा और मुस्लिम मतदाताओं की ताकत भी लगभग समाप्त हो जायेगी। देखते हैं वक्त आने पर क्या मुस्लिम मतदाता ग्रामीण क्षेत्र से लेकर सीहोर तक एकजुट हो पाते हैं या टूट-फूट से कमजोर ही रह जायेंगे....।

      अल्पसंख्यक समुदाय के रुप में पहचाने जाने वाले मुस्लिम समाज की ताकत उनकी संगठन शक्ति के दम पर हमेशा से सीहोर विधानसभा क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखती रही है। अक्सर हिन्दुत्व की बात करने वाली भाजपा को मुस्लिम समाज सामान्यत: पसंद नहीं करता है, यही कारण है कि पूरे देश सहित सीहोर में भी कांग्रेस की झोली में ही मुस्लिम वोट बैंक को माना जाता है। लेकिन सीहोर का मुस्लिम मतदाता उससे एक कदम आगे बढक़र सोचता है और उसने पिछले कुछ चुनावों में इस मिथक को तोड़ा भी है। नगर पालिका चुनावों में ही रमेश सक्सेना ने अपने प्रत्याशी रुद्र प्रकाश राठौर को मैदान में उतारा था, तब भाजपा को किसी भी तरह मात देने के लिये निर्दलीय प्रत्याशी राकेश राय का साथ देना ही एक मात्र निर्णय हो सकता था, और मुस्लिम वोट बैंक ने सामुहिक रुप से यही निर्णय लिया था कि वह निर्दलीय प्रत्याशी  के पक्ष में चले गये थे। जिससे भाजपा प्रत्याशी को हार का मुँह देखना पड़ा था।

      तब से मुस्लिम वोट बैंक जहाँ भाजपा के लिये खतरा बन गई थी वहीं भाजपा के विधायक रमेश सक्सेना के लिये भी एक समस्या बन गई थी। हालांकि मुस्लिम वोट बैंक सदैव भाजपा के लिये संकट बना रहा है लेकिन फिर भी निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में जब रमेश सक्सेना ने चुनाव लड़ा था तब उनकी जीत इसी मुस्लिम वोट के दम पर सुनिश्चित हुई थी लेकिन जहाँ उन्होने 10 साल पहले भाजपा में प्रवेश कर अपने इस मतदाता को दुखी कर दिया था वहीं अब रुद्र प्रकाश राठौर को अपने साथ बैठा लेने से तो मुस्लिम समाज बुरी तरह खिन्न ही हो गया था। कुल मिलाकर भाजपा के लिये यह खतरे की घंटी थी जिसे वर्तमान विधानसभा चुनाव के पूर्व से ही भाजपा ने महसूस करना भी शुरु कर दिया था।

      इस बार विधानसभा चुनाव में प्रमुख तीन प्रत्याशी सामने मैदान में खड़े हैं जिनमें भाजपा, जनशक्ति और कांग्रेस है। ऊपरी रुप से कांग्रेस के पक्ष में मुस्लिम वोट बैंक गिरेगा यह समझा जा रहा है लेकिन लगातार मुस्लिम वोट बैंक में तोड़-फोड़ करने, उन्हे रिझाने के प्रयास के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में उनके मत पलटने के प्रयास भी किये जा रहे हैं। जनशक्ति की उमाश्री भारती ने जहाँ मुस्लिमों को रिझाने के लिये पहली ही सभा में कई मुस्लिमों को साथ ले लिया था, वहीं भाजपा के साथ तो हमेशा कुछ मुस्लिम बने ही रहते हैं। इस बार कुछ मुस्लिम युवकों ने एक पर्चा भी छपवाकर बंटवा दिया जिसमें लिखी सामग्री का आशय यह है कि हम किसी एक ही पार्टी के नहीं हैं। इस पर्चे को बंटवाने में भी किसी तरह से कुछ पार्टी के नेता और कुछ खुद का लाभ देखने वाले सामाजिक मुस्लिम नेताओं की मिली भगत होने की संभावनाएं लगती हैं क्योंकि इसके पूर्व ऐसे पर्चे समाज के बीच कभी बंटे नहीं देखे गये।

      कुल मिलाकर इस बार मुस्लिम एकजुटता की ताकत तोड़ने के लिये भाजपा और जनशक्ति अपने पूरे हथकण्डे अपनाने में लग गये हैं, ताकि इनका रुझान उनकी तरफ भी बढ़े, साथ ही इनका साथ देने वाले कुछेक मुस्लिम नेता ही अपने लाभ के लिये ऐसा कर रहे हैं। हालांकि विशेष रुप से यहाँ यह तो तय ही है कि विधायक सक्सेना की कार्यप्रणाली से प्रसन्न रहने वाले एक निश्चित मुस्लिम मतदाता सदैव उनके साथ बने रहते हैं। लेकिन इस बार सवाल स्थानीय राजनीति के साथ-साथ प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टियों की नीतियों और विचारधारा को लेकर भी निश्चित तौर पर मतदाताओं के मन में होंगे।

      कुल मिलाकर एक साथ 27 हजार मतों की शक्ति को लेकर चुनाव से पहले रणनीति बनना और बिगड़ना स्वभाविक पहलु तो है ही लेकिन अलग-अलग नेताओं और आयोजनों में हिस्सेदारी को लेकर मन में शंकाए भले ही पैदा हो लेकिन इस वोट बैंक में गहरी पैठ ही किसी की भी जीत सुनिश्चित कर सकेगी। क्योंकि 100 प्रतिशत समर्थन देने की बात तो अब तक न तो किसी फतवे के रुप में सामने आई है ना ही कोई सम्मेलन या कार्यक्रम आयोजित कर किसी के लिये घोषणा की  गई है, देखते हैं इस बार क्या होता है....।

भाजपा-कांग्रेस को जोर करवा रही है प्रसपा-बसपा, गुणवान को पुराने चेहरे का मिल रहा लाभ गोपाल के नये चेहरे से खुद कांग्रेसी हैरान

      आष्टा 18 नवम्बर (नि.प्र.)। धीरे-धीरे आष्टा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रंग जमने लगा है अभी तक तो क्षेत्र में ऐसा कोई माहौल नजर नहीं आ रहा था लेकिन अब धीरे-धीरे भाजपा और कांग्रेस दोनो दलों के नेता और प्रत्याशियों ने ग्राम-ग्राम पहुँचकर धूम मचा दी है लेकिन इन दोनो दलों के नेताओं को मतदाताओं का मौन दिन रात सता रहा है वहीं दोनो दलों मे जो नेता नाराज हैं उनका मौन भी चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी और चुनाव लड़ा रहे नेताओं को परेशान किये हुए हैं दोनो ही पार्टियों को इस बार बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी जो कांग्रेस से बगावत करके आये हैं ने क्षेत्र में अपना हाथी घुमा दिया है हाथी पंजे को परेशान कर रहा है वहीं खबर है कि प्रसपा उम्मीद्वार से सम्पर्क में कई भाजपा के मौन बैठे नेता बने हुए हैं। इस बार उमा भारती का नगाड़ा भी मैदान में लेकिन उमा का नगाड़ा आष्टा में जोर की आवाज करेगा ऐसी उम्मीद नजर नहीं आ रही है। आष्टा विधानसभा क्षेत्र से इस बार क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं की मंशा एवं जो सर्वे में वर्तमान विधायक के खिलाफ मतदाताओं की जो नाराजी सामने आई थी उसको पार्टी ने गंभीरता से लेकर उम्मीद्वार बदलकर पूर्व विधायक रंजीत सिंह गुणवान को मैदान में उतारा है। गुणवान के पक्ष में एक और जहाँ पूरा संगठन चुनाव में लगा है वहीं विधायक मालवीय मौन बैठे हैं, उनके कई समर्थक पार्टी के उक्त निर्णय से सहमत नहीं होने के कारण खबर है वे भी जो कार्य करना चाहिये वो नहीं कर पा रहे हैं। खबर है कि कुछ कमरा बैठक कर कमरों तक सीमित नजर आ रहे हैं। वहीं गुणवान के पक्ष में जिलाध्यक्ष ललित नागौरी, अनोखीलाल खण्डेलवाल, देवी सिंह परमार, भेरु सिंह पाटीदार, धरम सिंह आर्य, संतोष झंवर, राकेश सेंधव, जीवन मेवाड़ा, मोर सिंह मेवाड़ा, बाबुलाल पटेल, पप्पु भाई, कृपाल सिंह सहित सैकड़ो कार्यकर्ता जी प्राण से लगे हैं। गुणवान जो की आष्टा क्षेत्र के लिये यहाँ के मतदाताओं नागरिकों के लिये एक जाना-पहचाना चेहरा होने के कारण उन्हे अपनी पहचान बताने में परेशानी नहीं आ रही है।

      वहीं दूसरी और इस बार कांग्रेस ने अपने नये फार्मुले के अनुसार एक नये चेहरे के रुप में गोपाल सिंह इंजीनियर को मैदान में उतारा है जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार ने चुनाव की पूरी कमान संभाल रखी है तथा पूरी मेहनत से वे गोपाल सिंह को जिताकर वर्षों की हार का बदला लेना चाहते हैं और इस बार उनकी पूरी इच्छा है कि वे गोपाल सिंह को जिताकर भोपाल भेजे। गोपाल सिंह दिन रात आष्टा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम-ग्राम में तूफानी दौरा कर मतदाताओं से सम्पर्क कर रहे हैं यूँ तो गोपाल सिंह आष्टा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मुल्लानी के ही रहने वाले हैं लेकिन वे आष्टा क्षेत्र से पिछले 6 माह छोड़ दें तो कभी सक्रिय नजर नहीं आते थे इसलिये क्षेत्र के लोग उन्हे नया चेहरा मान रहे हैं जब गोपाल सिंह और कांग्रेस के नेता ग्रामों में पहुँचे तो यह बात उन्हे लगी तो उनके जो स्टीकर कांग्रेस ने प्रकाशित किये हैं उस पर पहचान और स्थानीय के लिये (मुल्लानी)नाम के आगे लिखवाना पड़ा। पढे लिखे शिक्षित युवा उम्मीद्वार गोपाल सिंह ग्राम-ग्राम में पहुँचकर मतदाताओं से वादा भी कर रहे हैं कि आप आशीर्वाद दें विकास मैं कराऊंगा। गोपाल सिंह के प्रचार में जिलाध्यक्ष कैलाश परमार, भैया मियां, प्रदीप प्रगति, रतन सिंह ठाकुर (जो अभी तक नाराज थे अब नहीं हैं), अजीज अंसारी, शिव नारायण पटेल जैसे धाकड़ नेता दिन रात प्रचार में जुटे हुए हैं। ग्रामों में उन्हे समर्थन भी मिल रहा है लेकिन कांग्रेस को अपनी ही पार्टी से बसपा में जाकर चुनाव लड़ रहे बापूलाल मालवीय से खतरा बना हुआ है। खबर है कि मालवीय को गोपाल सिंह से नाराज कांग्रेसी भी कहीं ना कहीं मदद कर रहे हैं। वहीं एक निर्दलीय रम्बा धनवाल जो की जांगड़ा समाज की हैं उसके खड़े होने से भी बहुत तो नहीं थोड़ा फर्क कांग्रेस को पड़ सकता है। कांग्रेस में मौन बैठे पूर्व विधायक अजीत सिंह एवं उनके समर्थकों का मौन भी कांग्रेस के लिये चिंता का कारण बना हुआ है। अब मतदान को लेकर केवल 10 दिन शेष बचे हैं जो नये-नये समीकरण बनने के दिन हैं देखना है ये शेष बचे दिन क्या नये-नये समीकरण बनाते-बिगाड़ते हैं। लेकिन अब भाजपा और कांग्रेस दोनो ही दल के प्रत्याशी पूरी ताकत झोंक चुके हैं। मतदाता का मौन लगता है बटन दबाने के बाद ही खुलेगा।

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की अंतिम तैयारी आज

सीहोर  18 नवम्बर (नि.सं.)। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की अंतिम तैयारी 19 नवम्बर को आर.ए.के.कृषि महाविद्यालय सीहोर में की जायगी। प्रात: 11 बजे से प्रारंभ होने वाला इवीएम का सीलिंग कार्य संबंधित विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग आफीसर एवं प्रेक्षक की उपस्थिति में किया जायगा। अभ्यर्थियों अथवा उनके प्रतिनिधियों से कहा गया है कि वे इस कार्य के दौरान मौजूद रहें।

      अंतिम तैयारी के दौरान जिले की सीहोर, आष्टा, इछावर और बुधनी विधानसभा क्षेत्र की कुल 1038 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के वेलिट बॉक्स में मतपत्र लगाने, एड्रेस टेग सहित अन्य जरूरी प्रक्रियाएं अपनाई जाकर सीलिंग कार्य पूरा किया जायगा। इस कार्य में  29 इंजीनियर लगाए गए हैं। यह कार्य अलग अलग विधान सभा क्षेत्रवार किया जायगा जिसके लिए पृथक पृथक कक्ष की व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि एक वेलिट बॉक्स का उपयोग 16 उम्मीदवारों के लिए किया जाता है। जिले में विधानसभा क्षेत्र इछावर ही एक मात्र ऐसा विधानसभा क्षेत्र है जहां उम्मीदवारों की संख्या 19 है। इसलिए इस विधानसभा क्षेत्र के लिए एक एक अतिरिक्त बेलट बॉक्स का उपयोग होगा।

सीलिंग के लिए नियुक्त अमले को प्रशिक्षण

      इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को अंतिम तैयारी देने से पूर्व आज सीलिंग के लिए नियुक्त अमले को प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्ट्रेट सभागृह में एडीएम एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती भावना वालिम्बे की मौजूदगी में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा ईवीएम सीलिंग की प्रक्रिया के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सीलिंग कार्य के लिए नियुक्त अमले को ईवीएम में मतपत्र और एड्रेस टेग लगाने तथा सीलिंग करने की संपूर्ण प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। एडीएम एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती वालिम्बे ने सीलिंग कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों से कहा कि सीलिंग कार्य अत्यन्त महत्वपूर्ण है जिसे पूरी गंभीरता के साथ पूरा किया जाना है। इस कार्य में जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इसलिए जरूरी है कि मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण और जानकारी को पूरी गंभीरता से लेकर इस कार्य को सावधानी, सजगता और गंभीरता के साथ पूरा करें।

      सीलिंग कार्य के लिए नियुक्त अमले को मास्टर ट्रेनर्स डॉ.आर.सी.जैन, डॉ. भागचंद जैन, डॉ एम.डी.व्यास, दिनेश बाहेती,धर्मेन्द्र शर्मा, एम.एस. परिहार, आर.के. बीपट, श्री संदीप शर्मा आदि ने विस्तार से प्रशिक्षण दिया।

 

चुनाव खर्च में कांग्रेस के गोपाल आगे गुणवान पीछे-पीछे

      आष्टा 18 नवम्बर (नि.प्र.)। चुनाव आयोग के सख्त निर्देशों के कारण चुनाव लड रहे प्रत्याशियों में परेशानी की झलक देखी जा रही है हर बार की अपेक्षा इस बार चनाव आयोग नियमों का सख्ती से पालन करा रहा है। चुनाव लड़ने वालों को हर 3 दिन में हिसाब आयोग के समक्ष पेश करना  पड़ रहा है अभी तक जो हिसाब प्रत्याशीयाें ने पेश किया है उसमें कांग्रेस के गोपालसिंह चुनाव खर्च में सबसे आगे है वही भाजपा के रंजीतसिंह गुणवान दूसरे और प्रसपा के कमलसिंह चौहान तीसरे स्थान पर है। आष्टा से 9 प्रत्याशी मैदान में है नौ में से एक प्रत्याशी ऐसा भी है जिसने अभी तक चुनाव खर्च का कोई हिसाब ही नहीं दिया वही दोनो केवल 1-1 बार ही खर्च का ब्यौरा दिया।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक कांग्रेस ने 1 लाख 43 हजार 539 रुपये, भाजपा ने 64 हजार 637 रुपये में, प्रसपा ने 44, 937 रुपये, बसपा ने 10,901 रुपये, भाजशा ने 7,9650 रुपये फूलकुंवर ने 2500 रुपये चुनाव में खर्च किये है। जिन लोगों ने समय पर हिसाब पेश नहीं किया उन्हें निर्वाचन अधिकारी की ओर से नोटिस भेजे गये है।

 

प्रेक्षकों का दौरा जारी

      सीहोर 18 नवम्बर (नि.सं.)। विधान सभा निर्वाचन 2008 के तहत नियुक्त प्रेक्षकों द्वारा लगातार भ्रमण कर चुनावी व्यवस्थाओं सहित चुनाव आचार संहिता के पालन पर नजर रखी जा रही है।

      इस सिलसिले में विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र सीहोर के लिए नियुक्त प्रेक्षक एम. आर.आनंद ने आज क्षेत्रों का भ्रमण कर संपत्ति विरूपण की स्थिति का जायजा लिया और बिना अनुमति लगाई गई प्रचार सामग्री हटवाई। इसके अलावा उन्होंने ग्राम जमोनिया, मुंगावली, सेमरादांगी, छापरी, झरखेड़ा, निवारिया, सिराड़ी, सतोरनिया, रायपुरा, पाटन, जमोनियाखुर्द, खाईखेड़ा आदि ग्रामों का भ्रमण कर यहां स्थित मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया।

      दूसरी ओर विधान सभा क्षेत्र इछावर के लिए नियुक्त प्रेक्षक व्ही.व्ही. ठाकुर ने आज ग्राम अमलाहा, धामंदा, लसूड़िया गोयल, चैनपुरा, दौलतपुर, ढाबलामाता और सेमली जदीद स्थित मतदान केन्द्रों की व्यवस्थों का जायजा लिया। उन्होंने मतदान केन्द्रों में पेयजल, साफ-सफाई, विद्युत आदि व्यवस्थाओं के संबंध में जरूरी निर्देश दिए। प्रेक्षक के भ्रमण के दौरान एसडीएम एवं रिटर्निंग ऑफीसर इछावर चन्द्रशेखर वालिम्बे उनके साथ थे।

 

 

और रमिला आखिर रम गईं...

      सीहोर 18 नवम्बर (नि.सं.)।  जनशक्ति की महिला उम्मीद्वार रमिला परमार को लेकर जैसा की पहले ही दिन से लग रहा था कि उनमें काम के प्रति, सेवा के प्रति एक जबा है और वह कुछ कर गुजरने के लिये लालायित हैं। पहली ही पत्रकार वार्ता में उनके हाव-भाव से यह परिलक्षित हो गया था कि वह चुनाव लड़ने और राजनीतिक शह-मात देने के लिये कृत संकल्पित हैं, लेकिन उनमें कहीं इस प्रकार के खुले सामाजिक राजनीतिक कार्यों के अनुभव की कमी थी। नये-नये लोग, नये-नये चेहरे, नये-नये गांव, नई-नई परिस्थितियों में भी आखिर कैसे अपनी बात पहुँचानी है, कैसे जनशक्ति को स्थापित करना है, यह बात अब धीरे-धीरे प्रचार करते हुए रमिला परमार भी समझ गई है। वह अब आमसभा को संबोधित करने और भाषण में भी कुशल होती जा रही हैं। लोग कह रहे हैं कि धीरे-धीरे रमिला रमती जा रही हैं।

 

भाजपा का पर्ची वितरण शुरु पहली बार ऐसा हुआ

      आष्टा 18 नवम्बर (नि.प्र.)। अक्सर ही नहीं अपितु हर चुनाव में जिस दिन चुनाव प्रचार दल दौर थमता है उसके बाद दलों के कार्यकर्ता द्वार-द्वार पहुंचकर पर्ची का वितरण शुरु करते है लेकिन इस बार भाजपा ने अपनी योजना के तहत 10 दिन पूर्व ही पूरे प्रदेश के सभी मतदान केन्द्र स्तर पर पर्ची वितरण का कार्य शुरु किया। इसी के तहत कल आष्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी 248 मतदान केन्द्रों पर जिसमें आष्टा नगर एवं जावर भी शामिल है के कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर पर्ची वितरण कार्य का कार्यकर्ताओं ने भव्य शुभारंभ किया जिन घरों पर कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर जब मतदाताओं को पर्ची थमाई तो उन्हें भी आश्चर्य हुआ कि पर्ची इतनी जल्दी आ गई कल आष्टा क्षेत्र में सभी छोटे-बड़े नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर पहुंचकर मतदाता पर्चियों का वितरण किया।

 

सीहोर में 1लाख 47546 मतदाता हुए

      सीहोर 18 नवम्बर (नि.सं.)। पूरे जिले की विधानसभा में मतदाताओं की अंतिम प्रकाशन सूची कर दी गई है जिसके अनुसार सीहोर में कुल 1 लाख 47 हजार 546 मतदाता हो गये हैं। जबकि आष्टा में 1 लाख 75 हजार 976 मतदाता, बुदनी में 1 लाख 68 हजार 3 मतदाता, इछावर में 1 लाख 40 हजार 971 मतदाता शामिल हैं।

      इसी प्रकार कुल मतदान केन्द्र भी तय कर दिये गये हैं। सर्वाधिक मतदान केन्द्र आष्टा में हैं 248, जबकि बुदनी में 235, इछावर में 211 और सीहोर में 177 मतदान केन्द्र हैं।

 

तीन ग्राम सहायकों को नोटिस

      सीहोर 18 नवम्बर (नि.सं.)। आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दिए जाने पर तीन ग्राम सहायकों को कारण बताओ सूचना पत्र दिया गया है।

      सीईओ जिला पंचायत एवं रिटर्निंग आफीसर अरूण तोमर द्वारा बुधनी विधान सभा क्षेत्र के गत दिवस भ्रमण के दौरान पाया गया कि ग्राम पंचायत शाहगंज, डोबी और बकतरा के ग्राम सहायकों ने आचार संहिता के उल्‍लंघन संबंधी मामलों की रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय को प्रस्तुत नहीं की। इसे गंभीरता से लेते हुए रिटर्निंग आफीसर श्री तोमर ने तीनों ग्राम सहायकों की दो दो वेतनवृध्दि असंचयी प्रभाव से रोकने के लिए नोटिस देने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत शाहगंज के ग्राम सहायक एम.एल.निगोटे, डोबी पंचायत के ग्राम सहायक कैलाश मेहरा और ग्राम पंचायत बकतरा के ग्राम सहायक राजेन्द्र चौहान को नोटिस थमा दिया गया है।  

जसपाल सिंह अरोरा ने भाजपा का दामन थामा

सीहोर 18 नवम्बर (नि.सं.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी के सबसे नजदीकी और कांग्रेस के कद्दावर नेता जो वर्तमान में कांग्रेसी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर भी आसीन थे और जो पूर्व में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं नगर पालिका अध्यक्ष सीहोर के पद पर भी आसीन रह चुके है ने करीब 250 से 300 साथियों के साथ मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सामने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। जसपालसिंह अरोरा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के द्वारा प्रदेश में किये जा रहे विकास कार्य एवं कार्यशैली से प्रभावित होकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। श्री अरोरा के साथ कांग्रेस कमेटी के पूर्व मीडिया समन्वयक अम्बर नारंग ने भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह द्वारा सभी कांग्रेस से आये नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत करते हुये कहा कि मध्य प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बर रही है। जिसमें सभी लोगों की एकजुटता जरूरी है। जिससे आने वाले दिनों में प्रदेश में और विकास कार्य होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री अरोरा को बुधनी एवं सीहोर चुनाव प्रचार करने के निद्रेश दिये है। इस अवसर पर सीहोर के भाजपा विधायक रमेश सक्सेना सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्री अरोरा एवं नारंग सहित सैकड़ों साथियों का भाजपा में शामिल होने पर स्वागत किया है।

 

सड़क हादसे में दो मृत एक घायल

      सीहोर 18 नवम्बर (नि.सं.)। जिले के थाना सिददीकगंज आष्टा एवं मण्डी थाना क्षेत्रों में घटित अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई वही एक अन्य घायल हो गया।  पुलिस ने सभी मामले दर्ज कर लिये है।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार सिद्दीकगंज थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम टीपूपुरा निवासी 50 वर्षीय प्रभु आ. भवाना बंजारा रविवार की शाम को सायकल से उमधड़ की तरफ आ रहा था तभी टीपूपुरा तरफ से आ रही जीप क्र. एमपी 04 एच-6843 के चालक ने अपने वाहन को तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक चलाते हुए प्रभू की सायकल में टक्कर मार दी जिससे प्रभू गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल प्रभू को उपचार हेतु आष्टा अस्पताल लाया गया जहां पर उसकी मौत हो गई। इसी प्रकार आष्टा थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार निवासी 32 वर्षीय विनोद आ. गोवर्धन लाल जैन अपनी बाइक से रविवार की दोपहर को  आष्टा आ रहा था तभी राजमार्ग स्थित भीलखेड़ी के समीप पीछे से आ रही जीप क्र. एमपी 09 एचए 8449 के चालक ने अपने वाहन को तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक चलाते हुए विनोद जैन की बाइक में टक्कर मार दिया गंभीर रूप से घायल विनोद जैन को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल आष्टा से सीहोर भेजा गया जहां से उसे भोपाल के लिए रेफर कर दिया गया जिसकी उपचार के दौरान हमीदिया अस्पताल भोपाल में मौत हो गई,एक अन्य सड़क दुर्घटना में आज दोपहर राजमार्ग पर स्थित जताखेड़ा से आगे ट्रक क्र. एमपी 09 जीई 3699 में भोपाल तरपऊ आते समय सामने से आ रहे ट्रक क्र. एमपी 09 एचएफ 3609 के चालक ने टक्कर मार दी परिणाम स्वरूप ट्रक क्र. 3699 का चालक अशोक घायल हो गया। जिसे उपचार हेतु सीहोर अस्पताल दाखिल कराया गया।

आय व्यय का लेखा नियत तिथि को देना जरुरीरों

    सीहोर 18 नवम्बर (नि.सं.)। निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षकों ने अपने अपने प्रभार वाले विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवारों को ताकीद की है कि वे विधानसभा चुनाव के तहत आय - व्यय के ब्यौरे निर्धारित तिथि को अनिवार्यत: प्रस्तुत करें।

      आष्टा विधानसभा क्षेत्र के प्रेक्षक जेसन पी.बॉएज ने आज स्टेंन्डिग कमेटी की बैठक में राजनैतिक दलों के अभ्यर्थियों प्रतिनिधियों को आचार संहिता के सम्बन्ध में विस्तृत मार्ग दर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आय - व्यय का ब्यौरा 18 एवं 22 नवम्बर,08 को अभ्यर्थी द्वारा जनपद सीईओ को प्रस्तुत करना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर अभ्यर्थी के खिलाफ आयोग के निर्देशों के मुताबिक कार्यवाही हो सकती है। अत: इसे गंभीरता से लिया जाय। प्रेक्षक श्री बॉएज ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से उनकी चुनाव संबंधी समस्याओं पर भी चर्चा कर इनके निराकरण हेतु मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी नागरिक, प्रतिनिधि चुनाव संबंधी शिकायत के लिए उनसे रेस्ट हाउस में प्रात: 9.30 से 10.30 तक मुलाकात कर सकते हैं। श्री बॉएज ने जोनल अधिकारियों को भी जरूरी दिशा निर्देश दिए। बैठक में एस.डी.एम. एवं रिटर्निंग आफीसर श्रीमती जी.व्ही.रश्मि ने भी निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों की जानकारी दी।

प्रेक्षक श्री ठाकुर ने ली बैठक

      इछावर विधानसभा क्षेत्र के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक  व्ही. व्ही. ठाकुर ने आज एक बैठक में विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा की और आचार संहिता के कडाई से पालन करने की ताकीद की।

      नगर पंचायत इछावर के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में प्रेक्षक श्री ठाकुर ने कहा कि विधान सभा चुनाव के तहत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरश: पालन हो यह सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अपनी शिकायत उन्हें बतला सकते हैं जिन पर नियमानुसार और त्वरित कार्रवाही की जायगी। श्री ठाकुर ने आय-व्यय लेखा, वाहन अनुमति, प्रचार प्रसार आदि के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश दिए। बैठक में एस.डी.एम. एवं रिटर्निंग आफीसर श्री चन्द्रशेखर वालिम्बे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

वीडियो कान्फ्रे सिंग में भाग लिया

      भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षकों ने आज कलेक्ट्रेट पहुंच कर निर्वाचन पदाधिकारी म.प्र. द्वारा आयोजित वीडियो काफ्रेन्सिंग में हिस्सा लिया। 

      वीडियो काफ्रेन्सिंग के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जे.एस.माथुर ने प्रदेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के संबंध में जरूरी दिशा निर्देश दिए।

      वीडियो कांफ्रेस में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा, निर्वाचन आयोग द्वारा विधान सभा क्षेत्र सीहोर के लिए नियुक्त प्रेक्षक  एम.आर. आनंद, इछावर के प्रेक्षक व्ही.व्ही.ठाकुर और आष्टा विधानसभा क्षेत्र के लिए नियुक्त प्रेक्षक जेसन पी.बॉएज ने भाग लिया। एडीएम एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती भावना वालिम्ब, प्रेक्षक के लायजनिंग अधिकारी किरण चौरे, बी.बी. सिंह और श्री अखिलेश चौरे भी इस अवसर पर मौजूद थे।

Tuesday, November 18, 2008

आष्टा में फूल को फूल सिंह याद आ रहे उनके न होने से पंजे वाले खुशी मना रहे, आंकड़ों के आधार पर फूल सिंह की अनुपस्थिति कांग्रेस के लिये वरदान बनी

सीहोर 17 नवम्बर (विशेष संवाददाता)। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रभावी नेता और ग्रामीणों पर अपना जादू बिखेरने वाले  बहुजन समाजवादी पार्टी के फूल सिंह चौहान की याद बार-बार चुनाव के दौरान आ रही है। फूल सिंह चौहान की याद जितनी भारतीय जनता पार्टी को सता रही है उनके नहीं होने से कांग्रेस को उतनी ही चैन की नींद आ रही है। फूल सिंह की बसपा पर आज जिन बापूलाल मालवीय की सवारी हो चुकी है, उनकी उपस्थिति को दोनो ही पार्टी नगण्य रुप से आंक रही हैं। जिसके चलते कांग्रेस आंकड़ो के हिसाब से लाभ में नजर आती है भाजपा की स्थिति कुछ संकट में दिखाई देती है। अब आष्टा में भाजपा और कांग्रेस यह दोनो ही पार्टी प्रमुख पार्टी हैं जो विधानसभा चुनाव में दम मारेंगी और एक-दूसरे की प्रतिद्वंदी रहेंगी। लेकिन किसको विजयश्री का वरण मिलेगा यह कहना अभी मुश्किल है। कुछ नये आंकड़े और समीकरण कांग्रेस के पक्ष में बनते अवश्य दिख रहे हैं लेकिन भाजपा की मजबूत पकड़ से सब बाखबर हैं।

      आष्टा के चुनाव में स्थायी तीसरी शक्ति के बढ़ते हुए बल ने पूर्ववर्ती कुछ चुनावों को हमेशा त्रिकोणीय मुकाबला बना कर रखा था। आष्टा में बहुजन समाज पार्टी की मजबूत उपस्थिति फूल सिंह चौहान के कारण हुई थी। फूल सिंह चौहान के प्रभावी भाषण जहाँ ग्रामीणों को अपनी और खींच लेते थे वहीं उन्हे बहुजन समाज के नेता के रुप में स्थापित करते जा रहे थे। फूल सिंह ने मध्य प्रदेश भर में अपनी बसपा के रुप में बड़ी पहचान बना ली थी और वह आष्टा को धीरे-धीरे अपने गढ़ के रुप में बनाते चले जा रहे थे। फूल सिंह की बढ़ती ताकत से जहाँ हर बार कांग्रेस बुरी तरह आहत हो जाती थी वहीं भाजपा का फूल हर बार खिल जाया करता था।

      फूल सिंह की खाद से कमल का फूल खिल जाता था और कांग्रेस का हाथ घायल हो जाता था। वर्ष 2003 के ही चुनाव में जब उमाश्री भारती की लहर चल रही थी, तब आष्टा में कांग्रेस को तो 40 हजार 851 मत मिले ही थे लेकिन बहुजन समाज पार्टी के फूल सिंह चौहान को भी 34 हजार 395 मत मिले थे। मतलब दोनो के मिलाकर कुल 75 हजार से अधिक मत सिर्फ कांग्रेस और बसपा ने कबाड़ लिये थे। जबकि भाजपा के पक्ष में चल रही लहर के बावजूद उसे मात्र 51 हजार 503 मत मिले थे। मतलब स्पष्ट है कि यदि बसपा के फूल सिंह कांग्रेस के लिये रोड़ा नहीं बनते और 34 हजार 395 मत नहीं लेते इसके आधे भी यदि कांग्रेस की झोली में चले जाते तो निश्चित रुप से कांग्रेस को पिछले ही चुनाव में विजयश्री मिल सकती थी। बसपा के कारण ही कांग्रेस की पिछले चुनाव में हार हुई थी यह बात स्वयं सिध्द है।

      आष्टा में लम्बे समय से जिस तीसरी शक्ति के रुप में बसपा और फूल सिंह चौहान को आंका जाता रहा है अब वो फूल सिंह चौहान दिवंगत हो गये हैं और उनकी बसपा से हटकर नई पार्टी प्रसपा बन चुकी है। आष्टा में प्रसपा तो बन गई और फूल सिंह चौहान के भाई ने उसे संभाल भी लिया लेकिन बसपा ने अपने नये समीकरण बनाना शुरु कर दिये और इस बार बसपा ने कांग्रेस के पूर्व हारे हुए विधानसभा प्रत्याशी रहे बापूलाल मालवीय को हाथी की सवारी के लिये बुला लिया। कुल मिलाकर प्रसपा और बसपा दोनो ही टूट हुई नजर आ रही है। प्रसपा को संभालना फूल सिंह के भाई के लिये जहाँ अस्तित्व की लड़ाई हैं वहीं बापूलाल मालवीय का बसपा में जाना अपने हक की लड़ाई है। चूंकि दोनो ही पार्टी इस बार दमदारी से चुनाव मैदान में उतरने की स्थिति में नहीं है जिस वजनदारी, लाव-लश्कर और रुपये के दम पर चुनाव लड़ा जाता है इन बातों में भी प्रसपा और बसपा कहीं दूर नजर आते हैं।  कुल मिलाकर आष्टा में आज के समय किसी तीसरी वजनदार शक्ति के रुप में न तो प्रसपा को देखा जा रहा है और ना ही बसपा की ऐसी स्थिति बन सकती है।

      इस दृष्टि से वर्तमान चुनाव 2008 के परिप्रेक्ष्य में मात्र भाजपा और कांग्रेस ही आमने-सामने नजर आ रहे हैं।

      अब भारतीय जनता पार्टी के उम्मीद्वार रणजीत गुणवान के संदर्भ में यदि विचारा जाये तो गुणवान एक स्वच्छ छवि, सरल स्वभाव, ईमानदार व्यक्तित्व के धनि हैं और पूर्व में विधायक रहते हुए उन्होने अपना कार्यकाल बिना किसी विवाद के पूरा किया है। वह एक नरम स्वभाव के सरल नेता के रुप में जाने जाते हैं। भाजपा ने पिछली बार उन्हे टिकिट नहीं दिया था यह दीगर बात है लेकिन फि र उन्हे टिकिट मिलने से गुणवान समर्थकों का उत्साह दुगना है और वह उनके पक्ष में लगे हुए हैं। भाजपा के गढ़ के रुप में आष्टा को देखा जाता है इसलिये यहाँ भाजपा पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ रही है।

      अब कांग्रेस के प्रत्याशी इंजीनियर गोपाल सिंह चौहान के संदर्भ में देखें तो कांग्रेस ने एक पढ़े लिखे नौजवान को अपना प्रत्याशी चयनित किया है, जो जातिगत समीकरण के हिसाब से आष्टा में फिट बैठता ही है बल्कि रुपये की दमखम भी रखता है। पिछले दिनों से लगातार सारे धार्मिक आयोजनों, राजनीतिक आयोजनों से लेकर सामाजिक घटनाक्रमों में गोपाल सिंह सक्रिय उपस्थिति और कुछ आयोजनों में खुले हाथ से खर्च करने वाले गोपाल सिंह ने पिछले कुछ दिनों में बहुत बोया है जिसे वह काटने की तैयारी कर रहे हैं। जो बोयेगा वही काटेगा भी। इनके साथ एक वजनदार छवि कैलाश परमार की लगी हुई है जिनका राजनीतिक विरोध तो अवश्य है लेकिन काम कराने की क्षमताओं के कारण आम आदमी में पैठ बहुत अधिक है। गोपाल सिंह के पक्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में फूल सिंह चौहान के नहीं रहने पर यह भी कहा जा रहा है कि यह भी तो चौहान ही हैं। गोपाल सिंह बलाई समाज के प्रांतीय प्रमुख भी हैं जिसके कारण बाहर से भी उनके समर्थक आकर उनके पक्ष में वातावरण बनाने में जुटे हुए हैं। कुल मिलाकर कांग्रेस और उसका प्रत्याशी भी कहीं से कमतर नहीं बैठ रहा है।  कुल मिलाकर कांग्रेस भाजपा दोनो के ही प्रत्याशी किसी से कमतर नहीं बैठ रहे हैं लेकिन कांग्रेस का जहाँ विद्रोह इस बार कम हो गया है वहीं भाजपा के विद्रोही मुखर हो गये हैं। आगामी दिनों में कांग्रेस और भाजपा में से कौन किसको मात देता है और आगे बढ़त बनाता है यह बात आगामी चुनावी रणनीति ही तय करेगी। अभी किसी के लिये भी स्थिति स्पष्ट नहीं कही जा सकती।

 

आष्टा में भाजपा और कांग्रेस दो लालों से बेहाल

 

      सीहोर17 नवम्बर (नि.सं.)। विधानसभा चुनाव के दौरान आष्टा में कांग्रेस और भाजपा दोनो ही अपने घर के बागियों से बुरी तरह परेशान है  अब बागी की ताकत पर इनकी पसीने की बूंदे बढ़ती और घटती जा रही हैं। कांग्रेस और भाजपा के बागी दोनो ही लाल हैं और इनके कारनामों से दोनो पार्टी के प्रत्याशियों के चेहरे लाल हुए जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जिस पुराने चेहरे को वापस मैदान में उतारा है उनका विरोध तो भाजपा में ही अंदर ही अंदर जारी है, विधायक रुगनाथ मालवीय की नाराजगी अभी तक दूर नहीं हुई प्रतीत होती है लेकिन भाजपा के लिये खुलकर मैदान में खड़े जनशक्ति के चुन्नी+लाल एक समस्या हैं। भाजपा के वोट बैंक पर लम्बा हाथ साफ करने की फिराक में चुन्नीलाल ने चुन-चुनकर फूल की राह में कांटे बिछाना शुरु कर दिया है। चुन्नीलाल के लिये एक विशाल आमसभा जनशक्ति की प्रभावी नेत्री उमाश्री भारती करने वाली हैं। इसके अलावा भाजपा प्रत्याशी का विरोध कर रहे भाजपाईयों का रुझान भी जनशक्ति की और होगा जिससे चुन्नीलाल भाजपा की परेशानी का कारण बनेंगे।

      दूसरी और कांग्रेस प्रत्याशी के लिये भी बागी कुछ परेशानी खड़ी क र रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व में दो बार विधायक का चुनाव लड़ चुके बापूलाल अब कांग्रेस का विरोध करते हुए बहुजन समाज पार्टी के हाथी पर सवार हो गये हैं। हाथी की सवारी करते हुए बापू+लाल कहीं ना कहीं कांग्रेस के विरोध को पी जाने की तैयारी में हैं। कांग्रेस प्रत्याशी का भी आंशिक विरोध हो रहा है और जितना विरोध होगा वो सारे मत बापूलाल के पक्ष में गिर सकते हैं। हालांकि बापूलाल की स्थिति कहीं से भी अच्छी नहीं कही जा सकती। क्योंकि जिस बसपा को फूल सिंह ने खडा किया था उन्होने अपने रहते ही उसे प्रसपा का जामा पहना दिया था और जब तक प्रसपा सामने हैं तब तक बसपा को खड़ा कर पाना मुश्किल है। ऐसे में बसपा के लिये काम लम्बे समय से बंद पड़ा है और बापूलाल यादा जोर नहीं मार पा रहे हैं लेकिन फिर भी कांग्रेस के लिये अवश्य परेशानी बने हुए हैं।  कुल मिलाकर इस चुनाव के घमासान में दोनो ही बागी बापू और चुन्नी लाल से कांग्रेस और भाजपा बेहाल हो रही है..........।




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चुनाव में लगे कर्मचारियों की चिन्ता हादसे पर अनुग्रह राशि का प्रावधान

      सीहोर 17 नवम्बर (नि.सं.)। विधान सभा चुनाव में चुनाव डयूटी पर तैनात होने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके हितों को लेकर चुनाव आयोग सजग और गंभीर है। चुनाव के दौरान किसी हादसे की सूरत में कर्मचारियों को क्षतिपूर्ति के बतौर अनुग्रह राशि दिए जाने का फैसला किया गया है। हादसे के प्रभाव को लेकर अलग-अलग अनुग्रह राशि तय की गई है। इस उद्देश्य से चुनाव डयूटी को भी परिभाषित किया गया है।

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री डी.पी.आहूजा ने निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के हवाले से बताया है कि चुनाव आयोग ने इस मामले में चुनाव डयूटी के स्पष्टत: और ज्यादा खुलासे को लेकर बाकायदा इसे केन्द्रीय कानून और न्याय मंत्रालय के समक्ष विचार और अनुशंसा के लिए प्रस्तुत किया था। केन्द्रीय मंत्रालय ने अपने पत्र के जरिए बताया कि कर्मचारी के घर या दफ्तर से चुनाव कार्य के लिए निकलते ही और इसके पूरा करने के बाद वहाँ वापसी तक उसे चुनाव डयूटी पर माना जाएगा। इस दौरान कर्मचारी के साथ कोई हादसा यदि पेश आता है तो इसे चुनाव डयूटी पर हादसा माना जाएगा। यह स्पष्ट किया गया है कि इस बारे में चुनाव डयूटी और मृत्यु या घायल होने की घटना में आकस्मिक संबंध होना जरूरी होगा। चुनाव डयूटी में इसके प्रशिक्षण के लिए कर्मचारी का पहुँचना भी शामिल है।  

      इस सिलसिले में चुनाव डयूटी पर तैनात राज्य और केन्द्र शासन के कर्मचारियाें को हादसे के चलते होने वाले नुकसान के लिए अनुग्रह राशि तय की गई है। इसके मुताबिक चुनाव कार्य के दौरान मृत कर्मचारी के परिवार को 50 हजार रुपए, स्थाई अशक्तता पर 20 हजार रुपए और सामान्य रूप से घायल कर्मचारी को 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी। इस अनुग्रह राशि की पात्रता चुनाव डयूटी के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने वाले कर्मचारी को ही होगी। इसका भुगतान केन्द्रीय कानून, न्याय मंत्रालय और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की स्वीकृति के बाद ही संबंधित कर्मचारी को जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) द्वारा किया जाएगा। यह अनुग्रह राशि निर्वाचन मद से दी जाएगी, लिहाजा प्रावधान यह भी रहेगा कि मृत्यु के मामले में कर्मचारी के परिवार को विभिन्न स्त्रोतों से मिलने वाली राहत और अनुग्रह राशि 10 लाख रुपए से ज्यादा न हो। कलेक्टर श्री आहूजा ने बताया है कि अनुग्रह राशि के दावे के लिए पुलिस में दर्ज एफआईआर, मृत्यु प्रमाण पत्र, पोस्ट मार्टम रिपोर्ट, उत्तराधिकारी का वैध प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी द्वारा दिया गया चुनाव डयूटी आदेश आदि तथा घायल होने संबंधी मामलों में एफआईआर, चिकित्सा एवं डिस्चार्ज प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज पेश करना जरूरी होगा।

 

स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के सभी इंतजाम

      सीहोर 17 नवम्बर (नि.सं.)। विधानसभा चुनाव,2008 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। चुनाव के सुव्यवस्थित संचालन के मद्देनजर अधिकारी कर्मचारियों की व्यापक रूप से तैनाती की गई है। चुनाव संबंधी हर गतिविधियों पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सहित निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षकों की नजर है।

जिले में 1045 मतदान दल गठित

      विधानसभा चुनाव के तहत 27 नवम्बर,08 को होने वाले मतदान को संपन्न कराने के लिए एक हजार पैंतालीस मतदान दल बनाए गए हैं। प्रत्येक दल में पीठासीन अधिकारी सहित तीन मतदान अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। मतदान दल में एक पीठासीन अधिकारी और एक एक मतदान अधिकारी मांक एक, मतदान अधिकारी मांक दो और मतदान अधिकारी मांक तीन शामिल है। इस प्रकार कुल चार हजार एक सौ अस्सी अधिकारियों की तैनाती की गई है। मतदान दलों में रिजर्व मतदान दल भी शामिल हैं।

      जिले में कुल 871 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें विधानसभा क्षेत्र सीहोर के 177, विधान सभा क्षेत्र आष्टा के 248, विधान सभा क्षेत्र इछावर के 211 और विधानसभा क्षेत्र बुधनी के 235 मतदान केन्द्र शामिल हैं। 

तुम चन्द्रवंशी तो मैं सोमवंशी अपन दोनो भाई-भाई

      सीहोर 17 नवम्बर (नि.सं.)। इछावर में बड़ी रोचक स्थिति बन गई है.... एक तरफ तो विगत एक वर्ष से लगातार सक्रिय बसपा के प्रत्याशी सोमवंशी चुनाव अभियान लगे हैं, दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी बलवीर के अलावा अभय मेहता की दमखम भी किसी से कमतर नहीं बैठ रही है तीसरे लगातार जीतने वाले मंत्री करण सिंह वर्मा हैं....कुल मिलाकर इछावर में कई प्रत्याशी हैं। चुनाव असमंजस की स्थिति में है। ऐसे में आजकल एक नया फंडा बसपा प्रत्याशी के पक्ष में चल निकला है। खाती समाज चन्द्रवंशी कहलाता है। अब बसपा प्रत्याशी के पक्षधर बड़े प्रेम से इनसे कहते हैं कि भैया तुम चन्द्रवंशी हो तो हम सोमवंशी दोनो भाई-भाई हुए। इसलिये हमारा ध्यान रखो, हमे जिताओ।