Tuesday, November 18, 2008

तीन आदतन अपराधी जिला बदर

      सीहोर 17 नवम्बर (नि.सं.)। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री डी.पी.आहूजा ने नगर में अमन चैन कायम रखने, साम्प्रदायिक फसाद की संभावनाओं को समाप्त करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर तीन आदतन अपराधियों के खिलाफ म.प्र.राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 6 (ग) के तहत कार्रवाई की है। इस सिलसिले में आदेश जारी कर दिए गए हैं।   

      कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक आपराधिक गतिविधियों में लगातार लिप्त रहने, समाज विरोधी गतिविधियां घटित करते रहने और साम्प्रदायिक तनाव के हालात उत्पन्न करने के कारण स्वामी चौराहा राठौर मोहगा गंज निवासी मुकेश आ.मानसिंह राठौर, लुनिया मोहगा गंज सीहोर निवासी कगू उर्फ चन्द्रप्रकाश आ. तुलाराम लुनिया और थाना क्षेत्र अहमदपुर के ग्राम सांकला निवासी रकीब खां आ.मोती खां मेवाती के खिलाफ म.प्र.राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 6 (ग) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें एक साल के लिए जिला सीहोर और उससे लगे भोपाल, रायसेन, होशंगाबाद, हरदा, देवास, शाजापुर और राजगढ जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर चले जाने के निर्देश दिए गए हैं।  जारी आदेश में खुलासा किया गया है कि इन दोनों ही व्यक्तियों का आपराधिक रिकार्ड है और इनके खिलाफ अनेक गंभीर किस्म के मामले कायम हैं। पुलिस द्वारा बार बार कार्यवाही करने के बावजूद तीनों की आपराधिक गतिविधियों में कोई कमी नहीं आई। पुलिस द्वारा दिए गए प्रतिवेदन में बताया गया है कि मुकेश आ.मानसिंह राठौर के खिलाफ धारा जा.फा. 41(2), 110 के तहत बाउन्ड ओव्हर की कार्यवाही की जा चुकी है। इसके अलावा द्युत अधिनियम एव जुआ एक्ट की विभिन्न धाराओं में दण्डित किया गया है।  इसी तरह कगू उर्फ चन्द्र प्रकाश आ. तुलाराम लुनिया के खिलाफ भा.द.वि.की धारा 341, 294, 323, 506, 34, 327, 452, आदि में मामले कायम किए जा चुके हैं। इसी प्रकार रकीब खां आ. मोतीखां मेवाती के खिलाफ भी भा.द.वि. की धारा 341, 294, 323, 506, 440 तथा जा.फो. की धारा 107, 116(2), 41 (2) आदि मामलों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाही की गई है।  कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने इन अपराधियों का आपराधिक रिकार्ड देखने और उस पर पूरा यकीन हो जाने के बाद इनके खिलाफ म.प्र.राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की।

 

विद्युत चोरी पकड़ने गई टीम  पर लट्ट चलाये, तीन घायल

      आष्टा 17 नवम्बर (नि.सं.)। सिध्दिकगंज थाना अन्तर्गत ग्राम रोलागांव में विद्युत चोरी पकड़ने गई लाईन मेन की तीन सदस्यीय टीम के साथ ग्राम के एक विद्युत चोरी कर रहे कृषक के पुत्रों ने लट्ठ से हमला कर तीनों को जख्मी कर दिया। खेत पर सीधे डोरी डालकर मोटर चला रहे थे।

      खाचरौद विद्युत वितरण केन्द्र पर पदस्थ लाईनमेन सजन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वो अपने साथ कालू पूरी और कैलाश वर्मा को लेकर रोलागांव गया था वहाँ शेरा पुत्र नंदा मालवीय के खेत पर वे सीधे डोरी तार पर डालकर मोटर चला रहे थे। जब वहाँ लगी डोरी निकाली तो शेरा के लड़कों ने लट से हमला बोलकर जख्मी कर दिया। पुलिस ने सजन सिंह की शिकायत पर भादवि की धारा 294, 323, 506, 353, 186 तथा 135 एमपीईवी एक्ट का प्रकरण दर्ज किया। रोलागांव निवासी शेरा मालवीय पर करीब सोलह हजार रुपये बिजली बिल के बकाया है। उसकी बिजली कटी हुई है और वो सीधे तार डालकर विद्युत चोरी कर रहा था।

 

कुएं में गिरने से महिला की मौत

      सीहोर 17 नवम्बर (नि.सं.)। सिध्दिकगंज थानान्तर्गत ग्राम खामखेड़ाजत्रा में भाजपा प्रत्याशी के बड़े भाई की पुत्र वधु खेत वाले कुएं पर मजदूरों के लिये पानी भरने गई तो कुएं में गिर गई और उसकी मौत हो गई।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 वर्षीय सुमन बाई पत्नि रमेश गुणवान गुरुवार की सुबह साढ़े दस बजे अपने खेत पर मजदूरों के लिये पानी भरने कुएं पर गई और वो उसमें गिर गई। जिससे उसकी मौत हो गई। परिजन उसे तत्काल आष्टा सिविल चिकित्सालय लाये। डाक्टरों ने उसे जांच पश्चात मृत घोषित किया। मृतिका पारवां निवासी गोविंद सिंह की सुपुत्री थी तथा उसके दो पुत्र भी है।

 

अनुमति प्राप्त जनसंपर्क में जबरिया बाधा पहुंचाई- बलवीर को किया परेशान

      सीहोर 17 नवम्बर (नि.सं.) ज्ञातव्य है कि 15 नवम्बर से इछावर में भा.रा.कांग्रेस प्रत्याशी डा. बलवीर तोमर का जनसम्पर्क कार्यक्रम नियत था तथा इस हेतु निर्वाचन अधिकारी से अनुमति प्राप्त थी।

      डा. बलवीर तोमर को उसी दिन पुलिस थाना इछावर द्वारा धारा 188 भा.द.वि. में गिरफ्तार कर न्यायालय इछावर में प्रस्तुत किया तथा न्यायालय से जेल भेजने तथा जमानत के आवेदन का विरोध किया।

      न्यायालय द्वारा व्यक्त किया कि जमानतीय अपराध है। चूंकि जमानतीय अपराध होने के कारण पुलिस द्वारा ही जमानत पर छोड़ा जाना आवश्यक है। अंतत: न्यायालय द्वारा जमानत पर छोड़ा गया। इछावर नागरिकों ने रोष व्यक्त किया कि अभी धारा 188 के अन्तर्गत पंजीबद्ध प्रकरणों में अभी तक पुलिस द्वारा जमानत पर छोड़ देती है फिर अनुमति प्राप्त जनसँपर्क दौरा में भा.रा.कांग्रेस प्रत्याशी को क्यों रोका गया।

      इस संबंध में निर्वाचन मीटिंग इछावर में दिनांक 17 नवम्बर 08 को भी पर्यवेक्षक के समक्ष में शिकायत की गई। निर्वाचन अभिकर्ता शिवप्रसाद दलोद्रिया की उक्त शिकायत से सभी उपस्थित निर्वाचन प्रतिनिधि सहमत रहे।

Monday, November 17, 2008

कांग्रेस में सुरेन्द्र,भाजपा में देवेन्द्र, जनशक्ति में लोकेन्द्र पर दारोमदार सुरेन्द्र ठाकुर के आ जाने से कांग्रेस में आई जान

सीहोर 16 नवम्बर (विशेष संवाददाता)। विशाल विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों में फतह हासिल करने और झण्डे गाड़ने के लिये हर पार्टी का मुख्य प्रत्याशी ही अकेला कुछ नहीं कर सकता।  इसके लिये ग्रामीण क्षेत्र के प्रभावी क्षेत्रज्ञ का उपयोग भी पार्टी प्रत्याशी करने को मजबूर रहते हैं। कांग्रेस और भाजपा के अलावा इस बार जनशक्ति के पास भी ऐसे ही ग्रामीण क्षेत्रों के जानकार का महत्व बड़ा हुआ है। यही लोग ग्रामीण क्षेत्रों में क्षेत्ररक्षण करते हुए पाल बांधने और गढ़ सुरक्षित करने का काम कर रहे हैं। लेकिन विगत चार दिनों से कांग्रेस के कद्दावर नेता सुरेन्द्र सिंह ठाकुर की ग्रामीण क्षेत्रों में उपस्थिति ने भाजपा और उसकी बहन जनशक्ति को परेशानी में डाल दिया है। धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस भी मजबूत होने की स्थिति में आने लगी है। विधानसभा चुनाव में ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली सेंधमारी ही सर्वाधिक प्रभाव डालती है। हालांकि अभी शुरुआत है लेकिन आगामी 10 दिनों में कौन क्या करता है किस ग्राम का रुख किस और बढ़ता है....। भाजपा, कांग्रेस और जनशक्ति के भेजे गये यह नेता अपने पक्ष में कितना प्रभाव जमा पाते हैं यह समय आने पर ही पता चल सकेगा....।

      पिछले विधानसभा चुनाव में जिस कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेन्द्र सिंह ठाकुर ने अपनी कुशल रणनीतिक कला और स्वयं के समर्पित विशाल कार्यकर्ताओं बाहुबलि फौज के दम पर पूरे ग्रामीण क्षेत्रों में अपना प्रभाव बहुत अल्प समय में बना लिया था और बहुत लम्बे समय बाद ग्रामीण क्षेत्रों से भी  कांग्रेस अच्छे मत लेकर आई थी उन्ही सुरेन्द्र सिंह ठाकुर ने अचानक कांग्रेस प्रत्याशी अखलेश स्वदेश राय के पक्ष में अपनी वापसी करते हुए मैदान संभाल लिया है। विधानसभा चुनाव में शहरी क्षेत्र की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र की मजबूती भी एक महत्वपूर्ण मायने रखती है जिसमें प्रारंभ से ही भाजपा प्रत्याशी रमेश सक्सेना का एक तरह से वर्चस्व रहा है लेकिन पिछले चुनाव में जिस ढंग से सुरेन्द्र सिंह ठाकुर ने सेंधमारी की थी उससे सक्सेना को परेशानी आ गई थी। पिछले ही चुनाव में सक्सेना को पसीने आ गये थे और उन्हे अत्याधिक कड़ी मेहनत ग्रामीण क्षेत्रों में करना पड़ गई थी।

      हालांकि सक्सेना के पक्ष में यह अच्छी बात थी कि वह सत्ता के विरोध में भाजपा प्रत्याशी थे और कांग्रेस के विरोध में ग्रामीण क्षेत्रों तक लहर चल रही थी उस पर पूरे मध्य प्रदेश में उमाश्री भारती की छत्रछाया भी कायम थी जिसके चलते भाजपा की लहर अंत तक चलती रही और ग्रामीण क्षेत्रों से कांग्रेस प्रत्याशी सुरेन्द्र सिंह द्वारा मतदाताओं की भारी तोड़-फोड़ कर लिये जाने के बावजूद भाजपा की जीत हो गई थी हालांकि वह जीत का अंतर इतना कम था कि भाजपा प्रत्याशी ने सार्वजनिक रुप से इसे स्वीकारते हुए कहा कि आश्चर्य है कि हम 5-5 साल तक ग्रामीण क्षेत्रों में हर दिन जाते हैं और एक बाहरी प्रत्याशी 6 माह पूर्व से आकर इतने अधिक मत ले जाता है। निश्चित रुप से सुरेन्द्र सिंह ठाकुर की कुशलता पर सवालिया निशान लगाना मुश्किल बात है। ऐसे में अब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष  सुरेश पचौरी द्वारा सीहोर के लिये कद्दावर नेता सुरेन्द्र सिंह ठाकुर को अपने साथ उड़नखटोले में लाकर ससम्मान सीहोर के लिये काम करने का कहना कहीं ना कहीं ठाकुर के लिये तो उत्साहित करने वाली बात है ही बल्कि कांग्रेस में भी इसने नई जान फूंक दी है। अब कांग्रेस का ग्रामीण क्षेत्र का दारोमदार सुरेन्द्र सिंह ठाकुर के नेतृत्व में चल रहा है।

      इधर भारतीय जनता पार्टी के बाहुबलि विधायक रमेश सक्सेना की ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँच से इंकार करना ही बेमानी है। पिछले दिनों नामांकन दाखिले के समय निकले उनके रेले इस बात को सिध्द भी कर दिया था लेकिन ग्रामीण क्षेत्राें का दारोमदार उनके जिस भतीजे देवेन्द्र सक्सेना के हवाले माना जा रहा है, और देवेन्द्र ने जिन ग्रामों में डेरा डाल लिया है वह वहाँ इस बार कितना प्रभाव डाल पाता है इसको स्पष्ट कहना अभी मुश्किल है। सक्सेना के पक्ष वाले ग्रामाें में ही देवेन्द्र अपने डेरे को डाले हुए है, देवेन्द्र के स्वभाव के आगे सुरेन्द्र सिंह ठाकुर का वजनदार व्यक्ति बहुत मायने रखता है वहीं देवेन्द्र इस चूंकि जनपद अध्यक्ष रहते हुए अपनी कार्यप्रणाली से बहुत कम लोगों को खुश रख सके ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लिये भाजपा द्वारा छोड़ दिये देवेन्द्र की क्या स्थिति बनाकर लाते हैं यह स्पष्ट कहना मुश्किल है। लेकिन यह बात सही है कि देवेन्द्र सक्सेना ग्रामीण क्षेत्रों में लम्बे समय से सक्रिय रहते हैं। अब देखते हैं वह अपने वोट बैंक को सुरक्षित रख पाते हैं अथवा अंत में खुद विधायक रमेश सक्सेना को ही ग्रामीण क्षेत्रों की और कूच करना पड़ेगा। असल में लम्बे समय से ग्रामीणों में यह अफवाह लम्बे समय से प्रचलित होने लगी है कि देवेन्द्र को रमेश सक्सेना ने ग्रामीणों के लिये छोड़ देते हैं क्योंकि देवेन्द्र ग्रामीणों को सही तरह से हांक कर, डरा-धमका कर मनचाहे वोट ले सकते हैं, इस अफवाह का देवेन्द्र के कार्य पर विपरीत असर भी पड़ता है लेकिन जो भी हो भाजपा ने अभी देवेन्द्र को ही तिलक लगाकर ग्रामीण क्षेत्रों में फतह हासिल करने के लिये छोड़ा है, यह बात सर्वविदित है।

      इधर भाजपा से कुपित ग्रामीणों पर लम्बी सेंध मारने की फिराक में जनशक्ति ने विगत दो-ढाई साल से धीरे-धीरे कछुआ चाल से ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पैठ बनाना शुरु कर दी थी। बहन उमाश्री भारती के दुख-दर्द को समझाकर उनके पक्ष में बहुत धीमे-धीमें ग्रामीणों को मोड़ते हुए चुनाव की तैयारी में जनशक्ति के नेता लोकेन्द्र मेवाड़ा लगे हुए थे। लोकेन्द्र मेवाड़ा भी ग्रामीण नेता हैं और पूर्व में चूंकि वह सक्सेना के साथ लम्बे समय तक रहे हैं इसलिये ग्रामीण क्षेत्रों कहाँ कैसे सेंधमारी करना है और किस कला का उपयोग किया जाना है यह उन्हे बखूवी आता है।

      जनशक्ति के लिये आज भी लोकेन्द्र मेवाड़ा ग्रामीण क्षेत्रों की पूरी व्यवस्था संभाले हुए हैं लेकिन इनके लिये भी कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रत्याशी सुरेन्द्र ठाकुर का आ जाना एक विशेष समस्या बन गया है। जनशक्ति ने भाजपा विरोधियों पर डोरे डाले थे ठाकुर के आ जाने से वापस यह विरोधी ठाकुर के पाले में जाते हुए नजर आने लगे हैं। ठाकुर ने आते ही बहुत तेज गति से पाल बांधना शुरु कर दी है।

      कांग्रेस के सुर, भाजपा के देव और जनशक्ति के लोक यह तीनों ही इन्द्र, इस समय इन्द्रशक्ति के रुप में तीनों के लिये अमृत का काम करने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस के सुर+इन्द्र ने आते ही प्रभाव दिखाया है, भाजपा के देव+इन्द्र का वज्र प्रभावी है और भयाक्रांत करता है तथा जनशक्ति लोक+इन्द्र ऐरावत पर सवार शांति का दूत बनकर उमाश्री के लिये आशीष मांगता नजर आ रहा है। तीनों ही इन्द्र अपनी-अपनी अलग कलाएं ग्रामीणों पर आजमा रहे हैं।

      कौन-कितना जादू बिखेरता है...कौन कितना प्रभाव जमाता है...कौन क्षेत्ररक्षण में कुशलता दिखाता है.....कौन चक्रव्यूह रचकर दूसरे का प्रवेश रोकता है....कौन मोहिनी डाल पाता है... यह तो वक्त ही बतायेगा। लेकिन तीनाें ही प्रमुख पार्टियों के तीन इन्द्र इस समय सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्य में जुटे हुए हैं और इन पर पार्टी का महत्वपूर्ण दारोमदार भी टिका है।

 

कांग्रेस के लिये जोधाराम गुर्जर और भाजपा के लिये कमलछाप कांग्रेसी का भी महत्व...

     सीहोर। भाजपा और कांग्रेस के लिये सुरेन्द्र सिंह ठाकुर व देवेन्द्र सक्सेना के अलावा दो और महत्वपूर्ण नेता काम कर रहे हैं जिनका उल्लेख किये बिना ग्रामीण क्षेत्रों की बात बेमानी प्रतीत होती है। कांग्रेस में सुरेन्द्र सिंह ठाकुर के आने के साथ ही जोधाराम गुर्जर पूर्व विधायक की वजनदार उपस्थिति ने कहीं न कहीं कांग्रेस का प्रभाव बढ़ा दिया है। जोधाराम गुर्जर भी कांग्रेस के लिये एक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे। असल में सीहोर के ग्रामीण क्षेत्राें में गुर्जर पूर्व में घूम चुके हैं और उन्हे अपने समाज के लोगों पर कसावट करने में जरा-भी दिक्कत आने वाली नहीं है। जोधाराम गुर्जर चूंकि पूर्व विधायक हैं इसलिये उनकी राजनैतिक सूझबूझ पर संदेह किया जाना गलत हो सकता है।  वहीं भाजपा के लिये एक कमल छाप कांग्रेसी नेता जिनसे पिछले दिनों भाजपा विधायक की लम्बी बातचीत के किस्से अब आम हो चुके हैं उन्होने मोर्चा खोल रखा है। कमल छाप कांग्रेसी नेता अपने साथ और अन्य कमल छाप कांग्रेसियों को ले जा रहे हैं और बार-बार ग्रामीणों को कमल पर मोहर लगाने के लिये कसमें दे रहे हैं। इनका प्रभाव कितना ग्रामीणों पर पड़ता है यह तो वक्त ही बतायेगा, लेकिन भाजपा ने इन्हे काम सौंपा है तो निश्चित ही कुछ सोच समझकर उपयोग किया जा रहा है।




चुनाव के ताजा समाचार जानने के लिये हमारे स्‍तंभ 'चुनाव विशेष' और फुरसत के विशेष राजनीतिक समाचार के लिये 'राजनीतिक' स्‍तंभ पर क्लिक करें। यहां आपको एक साथ सारी राजनीतिक खबरें पढ़ने को मिलेंगी ।
हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।

अंतत: जसपाल अरोरा भाजपा में शामिल जसपाल समर्थक भाजपाईयों में छाई खुशी, भाजपा कार्या. में मिठाई बंटी

सीहोर 16 नवम्बर (नि.सं.)। कांग्रेस के दमदार नेता और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा ने आज अंतत: कांग्रेस छोड़ भारतीय जनता पार्टी में आस्था जाहिर कर दी। भोपाल में देर रात 11 बजे मुख्यमंत्री निवास पर शिवराज सिंह चौहान ने उन्हे माला पहनाकर स्वागत किया और कहा कि अब हम साथ हैं, तुम्हे हमारा साथ देना हैं, सीहोर ही नहीं बल्कि बुदनी की जिम्मेदारी भी लो, करीब डेढ़ सौ समर्थकों के साथ अनेक वाहनों का काफिला लेकर आज जसपाल सिंह अरोरा शाम से ही भोपाल की और कूच कर गये थे। मुख्य-मंत्री निवास पर जाकर अरोरा को कुछ देर रुकना पड़ा। आज मुख्यमंत्री की विधायकों के साथ बैठक थी। उधर विधायक रमेश सक्सेना भी भोपाल में ही थे। रात करीब 10.30 बजे शिवराज सिंह चौहान निवास पर पहुँचे यहाँ उन्होने जसपाल से बातचीत की और उनके कांग्रेस छोड़ भाजपा में आने पर बधाई देते हुए माला पहनाकर स्वागत किया। रात फुरसत सूत्रों के अनुसार जसपाल अरोरा को मुख्यमंत्री ने सीहोर व बुदनी में काम करने की बात भी कही। इधर सीहोर बड़ा बाजार भाजपा कार्या. पर मिठाई वितरित हुई है। भाजपा के जसपाल समर्थकों में खुशी छा गई है।

मैं इछावर से रिश्ता जोड़ने आया हूं-कमलनाथ

वर्षों बाद कांग्रेस की सभा में दशहरा मैदान खचाखच भराया

      सीहोर 16 नवम्बर (नि.सं.)। मध्य प्रदेश मूल्यों का प्रदेश है। यहां की संस्कृति मूल्यों की संस्कृति है। ऐसे प्रदेश में भाजपा की सरकार ने पांच वर्षो के शासन में जनता के विश्वास को छलनीकर बस भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। जो कुछ भी थोड़ी योजनाएं मध्य प्रदेश में चली वह बस केन्द्र सरकार की योजनाऐं थी। मैं आज कांग्रेस प्रत्याशी और मेरे छोटे भाई बलवीर तोमर के लिए वोट मांगने ही नहीं बल्कि इछावर से एक रिश्ता जोड़ने आया हूं। मैं विश्वास दिलाता हूं कि इस रिश्ते में कभी खटास नहीं आने दूंगा।

      यह उदगार रविवार को इछावर के दशहरा मैदान में हजारों की संख्या में एकत्रित कांग्रेस कार्यकर्ता और कांग्रेस प्रत्याशी डा. बलवीर तोमर के समर्थकों के बीच आयोजित ऐतिहासिक चुनावी आम सभा को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय वाणिजय और उद्योग मंत्री कमलनाथ ने व्यक्त किए।

      ऐतिहासिक आमसभा को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ ने आगे कहा कि कांग्रेस की नीति नीयत और सोच हमेशा स्पष्ट रहा है जबकि भाजपा ने धर्म और जाति के नाम पर भाई को भाई से अलग कर बस वोट की राजनीति की है। मध्य प्रदेश में शिवराज की सरकार ने हर वर्ग को स्वन्न दिखाकर उन्हें तबियत से छला है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आने वाली कांग्रेस की सरकार इस प्रदेश की तकदीर और तस्वीर दोनों को बदल देगी।

      इस मौके पर संवेदनाओं के सागर माने वाले वाले केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैं बलवीर तोमर के लिए वोट मांगने तो आया हूं मगर आपसे और आपके क्षेत्र से एक जीवन भर का रिश्ता भी जोडने आया हूं। आने वाली 27 तारीख को आपको कांग्रेस के पंजे पर बटन दबाकर इछावर क्षेत्र में महापरिवर्तन की एक नई शुरुआत करनी है।

      सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री अजीज कुरैशी ने कहा कि हम इस बार बलवीर तोमर को ऐतिहासिक मतों से विजय दिलवाकर विधानसभा में भेजेंगे। बस हमे केन्द्रीय मंत्री के रूप में मौजूद म.प्र. के भविष्य माने वाले वाले कमलनाथ से यह कहना चाहता हूं कि वह इछावर क्षेत्र के छले हुए मतदाताओं को आशीर्वाद प्रदान करें। पूर्व मंत्री श्री कुरैशी ने कहा कि वर्ष 1978 में इसी इछावर ने एक नए इतिहास रथ था जबकि इंदिरा जी के नेतृत्व में यहां प्रदेश की पहली जिला कांग्रेस कमेटी का गठन हुआ था। इस क्षेत्र में शत प्रतिशत विद्युतीकरण, तालाब तथा विकास के सभी काम मेरे कार्यकाल में हुए थे। अब मेरे स्‍वप्‍नों को डा. बलवीर तोमर पूरा करेंगे बस इसके लिए सभी को 27 तारीख को हाथ के पंजे पर बटन दबा कर उन्हें प्रचण्ड मतों से विजयी बनाना पडेगा।

      इस अवसर पर कांग्रेस के योग्य जुझारू तथा कर्मठ प्रत्याशी डा. बलवीर तोमर ने भी संबोधित किया। उन्होने कहा कि मुझे क्षेत्र की जनता का आशीर्वाद चाहिए। इसके लिए 27 तारीख को सूरज की पहल किरण के साथ हाथ के पंजे पर बटन दबाकर मुझे विजयी बनाइए।

      इससे पहले केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ, पूर्वमंत्री अजीज कुरैशी का स्वागत ब्ला कांग्रेस अध्यक्ष उषा चौहान, शंकरलाल साबू, कमर खां मन्सूरी, अनीस कुरैशी, बंशी पहलवान, प्रभु बड़ोदिया, सुनील चांडक, चन्दरसिंह वर्मा, दिलीप सिंह वर्मा, बाबूलाल जाट, मनोहर वर्मा, लीलाधर वर्मा, प्रहलाद सिंह भगत, लखन लाल वर्मा, मदनलाल इटावा, अहमद खां खैरी, जितेन्द्र परिहार, संतोष गुप्ता, नरेन्द्र मकरैया, हरिसिंह परमार, देवीसिंह परमार, सरदारसिंह, अनिल राठौर, दिवाडिया गजराज सिंह, विष्णु मेवाडा, मानसिंह मेवाड़ा, भूपेन्द्रसिंह सिसोदिया आदि ने स्वागत भाषण ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष कु.उषा चौहान ने दिया जबकि आभार रामदयाल परमार ब्लाक कांग्रेस सीहोर के अध्यक्ष ने किया। इस सभा को अन्य वरिष्ठ कांग्रेसियों ने सम्बोधित किया। सुरेश विश्वकर्मा, मुशरफ पठान, शेरउल्ला, लक्ष्मण सालीखेडा, हाजीलतीफ खान, दौलतसिंह ठाकुर आदि।

 

 

भाजपा एवं निर्दलीय प्रत्याशी के प्रचार वाहन  के खिलाफ प्रकरण बने

      आष्टा 16 नवम्बर (नि.सं.)। भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी रणजीत सिंह गुणवान एवं निर्दलीय प्रत्याशी श्रीमति रम्बा धनवाल के प्रचार वाहन जिन पर लाउडस्पीकर व झण्डे स्वीकृति से अधिक लगे पाये जाने पर पुलिस ने भाजपा प्रचार में लगी जीप क्रमांक एमपी 09 व्ही 3325 के चालक गोकुल पुत्र प्रेम के खिलाफ धारा 188 के तहत प्रकरण दर्ज किया।

      वहीं निर्दलीय प्रत्याशी के प्रचार में लगी वाहन जीप क्रमांक 6197 के चालक ज्ञान सिंह पुत्र फूल सिंह के खिलाफ भी धारा 188 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

जमीन विवाद में मुरावर में झगड़ा एक गंभीर घायल

आष्टा 16 नवम्बर (नि.सं.)। आज जावर थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम कुरावर में एक पुत्र ने अपने काका-काकी के साथ मिलकर अपने पिता को जमीन विवाद में लाठी और कुल्हाड़ी से हमला कर गंभीर रुप से घायल कर दिया। जिन्हे सीहोर अस्पताल में रवाना किया गया।  पुलिस के अनुसार घायल पुत्र रामप्रसाद पुत्र माधो सिंह निवासी मुरावर की दो पत्नियाँ हैं बड़ी पत्नि के पुत्र बलवान ने 15 दिन पहले अपनी माँ के साथ मारपीट की थी। इस पर पिता राम प्रसाद ने जब आज उक्त मारपीट के बाद अपनी जमीन बेचने की बात कही जो बलवान को नगवार गुजरी। बलवान ने अपने काका मोती एवं अपनी काकी चिंता बाई के साथ अपने पिता रामप्रसाद को लट्ठ एवं कुल्हाड़ी से मारकर गंभीर रुप से घायल कर दिया। बाद में इन्हे अस्पताल भेजा गया।

 

जीप ने टक्कर मारी, युवक की मौत

      आष्टा 16 नवम्बर। आज सुबह साढ़े 12 बजे इन्दौर भोपाल मार्ग पर भीलखेड़ी फार्म हाउस के सामने दुकान की वसूली करके लौट रहे मुनिम विनोद कुमार जैन को जो की मोटर साईकिल पर थे, जीप क्रमांक एमपी 09 एच.ए.8449 के चालक ने वाहन को तेजी व लापरवाही पूर्वक चलाते हुए टक्कर मार दी। जिससे वसूली पर जा रहे विनोद जैन गंभीर रुप से घायल हो गये। इन्हे उच्च इलाज के लिये भोपाल हमीदिया अस्पताल भेजा गया था लेकिन गंभीर रुप से घायल होने के कारण विनोद जैन की इसी अस्पताल में मृत्यु हो गई। थाना प्रभारी ने बताया कि सूचना मिलते ही उक्त जीप की घेराबंदी की तथा उसे पकड़ लिया गया है।

 

करमनखेड़ी 15 दिनों से अंधेरे में दूसरे गांव से पानी लाना पड़ रहा

      जावर 16 नवम्बर (नि.सं.)। नजदीकी ग्राम करमनखेड़ी में विगत पन्द्रह दिनों से अंधेरा छाया हुआ है जिस कारण लोगों को कई प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ग्राम के सवाई सिंह ने बताया कि करमनखेड़ी की गांव की बिजली जिस डी.पी. से सप्लाई हो रही थी वह 28 अक्टूबर से जली पड़ी है इस कारण पूरे गांव में विगत पन्द्रह दिनों से अंधेरा छाया हुआ है। गांव की बिजली सप्लाई बंद होने से ग्रामीणों को कई प्रकार की परेशानी का सामना करना पड रहा है अनाज पिसवाने तक दूसरे गांव जाना पड़ता है इसके अलावा पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है गांव में लगे हेन्डपंप  कम वर्षा होने के कारण ठीक से पानी नहीं दे रहे है मजबूरी में लोगों को दूर जंगलों के टयूबवेलों से पीने का पानी लाना पड़ता है। वहां की बिजली रहती है तो ठीक नहीं तो बिजली आने का इंतजार करना पडता है ग्रामीणों ने गांव की जली पडी डी.पी. की जगह नई डी.पी. लगाने की मांग की उधर मण्डल के ए.ई. आर.एस. मालवीय का कहना है कि करमनखेडी गांव की डी.पी. जलने की जानकारी मेरे नालेज में नहीं है यदि ऐसी बात है तो पता करता हूं।

 

ट्रक ने मारूती को टक्कर मारी चार घायल

      जावर 16 नवम्बर (नि.प्र.)। इन्दौर भोपाल राजमार्ग पर गैस एजेन्सी के पास इन्दौर तरफ से आ रहे ट्रक ड्राइवर ने तेजी व  लापरवाही पूर्वक चलाते हुए मारूति वेन को टक्कर मार दी जिससे वेन में बैठे चार लोगों को चोटे आई। थाने से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरु वार की शाम पांच बजे इंदौर भोपाल राजमार्ग पर स्थित मनीष गैस एजेन्सी के पास इंदौर से भोपाल आ रहे ट्रक क्रमांक एमपी 04 एफ 8738 के चालक ने भोपाल से इन्दौर जा रही मारूति वेन क्रमांक एमपी 09 एच. 3991 को तेजी व लापरवाही पूर्वक चलाते हुए टक्कर मार दी जिससे मारूति रोड साइड खन्ती में जा गिरी और मारूति में बेठे इंदौर निवासी संतोष बडगैया पंकज पंचोली को मामूली चोटे आई बाद में जिन लोगों को चोटे आई वह खुद ही इंदौर इलाज करवाने के लिए चले गये पुलिस ने पिपलदा, खुडेल इंदौर निवासी गोपाल पिता जगन्नाथ पटेल की रिपोर्ट पर ट्रक चालक के खिलाफ के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया।

 

बोल्टेज की कमी से जल रही है जल मोटरे

      आष्टा 16 नवम्बर (नि.प्र.)। खेतों पर कहने को तो किसानों को 6 से 7 घंटे बिजली दी जा रही है अनेको क्षेत्रों में बिजली मिल भी रही हे लेकिन बोल्टेज बिलकुल कम आने से जल मोटरे उठ ही नहीं रही है वही अनेको किसानों की जल मोटरे कल बोल्टेज के कारण लगातार जल रही है जिन किसानों को बागैर और किलेरामा फीडर से बिजली दी जाती है।

      इस तरफ के अनेको किसानों की शिकायतें है की उन्हें बिजली उतनी नहीं मिल रही है जितनी मिलना चाहिये और अन्य क्षेत्रों में मिल रही है वोल्टेज भी इन क्षेत्रों में काफी कम आने से लगातार किसानों की मोटरे जल रही है। म.प्र. विद्युत मंडल के अधिकारियों से मुगली क्षेत्र के किसानों ने मांग की है कि किलेरामा और बागैर क्षेत्र के जो फीडर है यहां जो आव्यवस्थ है उसे सुधारा जाये

Sunday, November 16, 2008

सन्नी की बनी हवा धीरे-धीरे खिसकने लगी, भाजपा और कांग्रेस स्थिर, बनी असमंजस की स्थिति

      सीहोर 15 नवम्बर (विशेष संवाददाता)।  विधानसभा चुनाव में गौरव सन्नी महाजन के रुप में भाजपा के बागी प्रत्याशी ने खड़े होकर पहले ही दिन से चर्चाओं को जन्म दे दिया था। सन्नी के खड़े होते ही एक ऐसी हवा चली कि हर तरफ सन्नी की ही बातें चल पड़ी। असल में जब भी किसी बड़ी पार्टी का पारम्परिक प्रतिद्वंदी पार्टी के प्रत्याशी का विरोध करके खड़ा होता है तो उसकी हवा बहुत तेजी से बनना शुरु हो जाती है...सन्नी की हवा चौराहों पर पिछले सप्ताह भर से लगातार बनी हुई थी जो आज शनिवार तक धीरे-धीरे खिसकती नजर आने लगी है। उधर रमेश सक्सेना की भारतीय जनता पार्टी हो या स्वदेश राय के रुप में कांग्रेस पार्टी दोनो को ही स्थिर रुप में देखा जा रहा है। अब धीरे-धीरे अगले 5 दिनों में बहुत कुछ स्थितियाँ स्पष्ट होने लगेगी। अभी चुनाव का ऊँट सिर्फ पानी पी रहा है, वह बैठा नहीं है...वह किस करवट बैठेगा इसे स्पष्ट अभी से कहना जल्दबाजी हो सकती है। अब आगामी दिन सभाओं और रैलियों को समर्पित रहेंगे जिसके चलते नित नये समीकरण बनेंगे और बिगड़ेंगे....हम भी इन चुनावी स्थितियों पर निगाह रखते हुए हर दिन कुछ कुछ विशेष सामग्री प्रस्तुत करेंगे।

      यदि किसी क्षेत्र में कोई बड़ा नेता लम्बे समय से काबिज हो तो उसका विरोध करने वाले की चर्चाएं स्वभाविक हैं। सीहोर में भारतीय जनता पार्टी के दो बार विजयी प्रत्याशी रहे रमेश सक्सेना का घोर विरोध मदनलाल त्यागी गुट और महाजन गुट हमेशा से करता रहा है...इनका विरोध रमेश सक्सेना के भाजपा में प्रवेश के साथ ही शुरु हो गया था जो निरन्तर चलता रहा...लेकिन इस बार वर्ष 2008 के चुनाव में तो त्यागी और महाजन गुट एक साथ सक्सेना का विरोध करते नजर आये।

      इधर आमजन में सन्नी महाजन चूंकि आज तक कभी चुनाव नहीं लड़े हैं और युवा नेता के रुप में पहचाने जाते हैं, वह लगातार सक्रिय रहते हैं तो वह रमेश सक्सेना के विरोधियों के लिये एक आकर्षक व्यक्ति के रुप में उभरने लगे...पिछले चुनाव में भी उन्होने विरोध किया था और चुनाव के दौरान वह अलग-थलग खड़े रहे थे और इस चुनाव में तो सन्नी ने अपने समर्थकों के  कहने पर चुनाव ही लड़ लिया है।

      सन्नी रमेश सक्सेना के पारम्परिक विरोधी होने के कारण ही सर्वाधिक चर्चाओं में है। ठीक वैसे ही जैसे अटल, आडवाणी, सोनिया, राहुल जैसे दिग्गज नेताओं के सामने जब कोई खड़ा होता है तो उसकी भी चर्चाएं शुरु हो जाती हैं ठीक ऐसी ही चर्चाएं सन्नी के लिये चल रही हैं। स्वभाविक रुप से जैसे ही सन्नी महाजन ने अपना नामांकन दाखिल किया पूरे नगर के हर एक चौराहे पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक रमेश सक्सेना की खिलाफत करने वाले के रुप में उनकी चर्चाएं हर एक चौराहे पर होने लगी...यह चर्चाएं बहुत तेजी से शुरु हुई और लगातार होती चली गई....सन्नी क्या करेगा ? सन्नी के साथ कितने लोग हैं....सन्नी की कितनी पैठ है....सन्नी के कितने समर्थक हैं....सक्सेना के कितने विरोधी हैं जो इसका साथ देंगे.... से लेकर जाने कितनी तरह की बातें इस विरोधी प्रत्याशी के कारण जन्म ले चुकी थी, हर मतदाता के जहन में प्रश्ों का अंबार था और वह चौराहों पर चर्चा के दौरान उन्ही प्रश्नों का हल ढूंढ रहा था जिसके चलते स्वयं ही सन्नी चौराहों की राजनीतिक चर्चाओं का केन्द्र बिन्दु बन गया था। और यह बातें चौराहों पर बहुत तेजी से हो रही थी इसलिये हर तरफ सिर्फ सन्नी ही सन्नी नजर आने लगा था। लेकिन धीरे-धीरे यह बातें खत्म होने की स्थिति में आ गई हैं।

      जिस 6 नवम्बर को निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में भाजपा के बागी ने नामांकन भरा उस से लेकर आज 15 नवम्बर शनिवार तक चर्चाओं का बाजार सरगर्म थी। लेकिन अब मतदान को मात्र 12 दिन शेष रह गये हैं...अब चौराहों की चर्चाएं भी गंभीर होने लगी है। अब हकीकत की बातें होने लगी हैं। कौन वाकई में वजनदार है ? किसके पास कितने मत पहले से मौजूद है ? किसकी झोली में कौन-सा वोट जायेगा ? किसकी झोली में कितने वोट पहले से ही भरे हुए हैं और उसे कितने की जुगाड़ बैठानी है ? इन विषयों पर चौराहों की चर्चाएं शुरु हो गई हैं....चर्चाओं के विषय बदल जाने से अब किसी एक प्रत्याशी की हवा नहीं बन पा रही है। स्थिति बहुत विकट और असमंजस पूर्ण बन रही है। चौराहों पर भाजपा, कांग्रेस और जनशक्ति तीनों ही प्रत्याशियों को लेकर चर्चाएं हो रही हैं।

      इधर विधायक रमेश सक्सेना और लोकप्रिय समाजसेवी अखलेश स्वदेश राय के मैदान में होने से दोनो की ही वजनदारी दिख रही है। भाजपा जहाँ कार्यकर्ताओं के दम पर वजनदार है वहीं अखलेश स्वदेश अपनी लोकप्रियता का लाभ उठाने की योजना में है।

      लेकिन दोनो की ही स्थिति स्पष्ट नहीं कही जा सकती। अभी आगामी 5-6 दिनों में और वातावरण नये सिरे से बनेंगे और बिगड़ेंगे...। आज की स्थिति में कौन भारी है और कौन हल्का पतला यह कहना जल्दबाजी हो सकती है।  सीहोर में धीरे-धीरे स्थिति स्पष्ट होगी। 

कम्प्यूटर वायरस से प्रभावित

सीहोर 15 नवम्बर (नि.सं.)। जब कभी कम्प्यूटर में वायरस घुस जाते हैं या कहीं से आ जाते हैं तो वायरस के कारण कम्प्यूटर कुछ का कुछ दिखाने व बताने लगता है। कम्प्यूटर की कार्य क्षमता प्रभावित हो जाती है बल्कि उसे जिस कार्य का कहते हैं वह कार्य वो गलत-सलत करने लगता है। पिछले दिनों छावनी के एक नेताजी ने जैसे ही रमेश सक्सेना की रैली समाप्त हुई उसके बाद शाम को टिप्पणी करते हुए कहा कि रमेश की रैली तो फेल हो गई मात्र 500-600 लोग ही थे, लोग उनका मुँह देखते रह गये....कुछ की तो हंसी छूट गई और कुछ जो उनसे कुछ कह सकते थे उन्हे लगभग डांटने लगे की भैया क्या सपना देख लिया है या सोकर आ रहा है....तुझे हो क्या गया ? होंश में तो है...। लेकिन नेताजी थे कि मुख मुद्रा एकदम गंभीर बनाये हुए थे....अपनी बात पर अडिग थे....उनकी मुख-मुद्रा देख-देखकर उनकी बात सुनने वालों की हंसी रुकने का नाम नहीं ले रही थी....। कुछ ने मजे लेने के हिसाब से पूछ लिया कि चलो बताओ 500-600 किस हिसाब से थे.....तो नेताजी बोले सबसे वजनदार रैली स्वदेश राय की थी क्योंकि उसके साथ मतदाता थे...कांग्रेस के लोग थे...फिर सन्नी की रैली थी जिसमें युवा ही युवा नजर आ रहे थे वो भी दमदार बात थी लेकिन रमेश की रैली में तो जबरन की भीड़ थी वो मतदाता थोड़ी थे...। बस उनका इतना कहना था कि उनकी बात सुनने वालों ने कानाफू सी शुरु कर दी कि भैया कम्प्यूटर में वायरस आ गया है.....किसी अच्छे इंजीनियर द्वारा ही अब यह सुधर सकता है वरना समझलो बेकार हो गया.....। चुनाव के दौरान इस कम्प्यूटर के वायरस ठीक होते हैं या नहीं यह कहना जरा मुश्किल है....।

आचार संहिता का डंडा घूमा पर्यवेक्षक ने उतरवाये कई झंडे-बेनर

      आष्टा 15 नवम्बर (नि.प्र.)। स्थान आष्टा बड़ा बाजार सिकन्दर बाजार गंज बुधवारा आदि क्षेत्र समय प्रात: लगभग 10 बजे भवानी चौक की ओर से तीन पीली बत्ती लगी गाड़िया सायरन बजती हुई दनदनाती हुई आई सबसे आगे की गाड़ी में तहसीलदार बिहारी सिंह बैठे थे जो नीचे के बदले ऊपर देख रहे थे।

      उनकी निगाह मार्ग के घरो-दुकानों पर लगे विभिन्न राजनीतिक दलों भाजपा कांग्रेस आदि के झंडे बेनर पोस्टर, फ्लेक्स की ओर भी अचानक गाडियों का काफीला गणेश मंदिर चौराहा, सिकन्दर बाजार में रूका यहां उन लोगों से पूछताछ की ओर कई मकानों एवं दुकानों पर एक से अधिक लगे झंडे और बेनजरों को उतार कर ले गये क्योंकि यह आचार संहिता का उल्लंघन माना गया पूरे नगर से आय अनेको झंडे-फ्लेक्स भाजपा कांग्रेस के उतारे और आचार संहिता का पाठ पढ़ाया।

      आज आचार संहिता का कहां कहा उल्लंघन हो रहा है देखने स्वयं आष्टा के पर्यवेक्षक जॉनसन-पी बॉएज एस.डी.एम. जी.व्ही. रश्मि, तहसीलदार बिहारीसिंह, टी.आई. हनुमंत सिंह राजपूत तहसील एवं न.पा. अमला साथ था।

 

कांग्रेस के गोपाल सिंह, भाजश के चुन्नीलाल बसपा के बापूलाल को नोटिस

      आष्टा 15 नवम्बर (नि.प्र.)। किसी भी उम्मीदवार का चुनाव कार्यालय किसी भी धार्मिक स्थल के पास ना हो एवं ना ही उनका कार्यालय मतदान केन्द्र की 200 मीटर की परीधी के अन्दर ना हो लेकिन आष्टा क्षेत्र के पर्यवेक्षक एवं निर्वाचन अधिकारियों ने भ्रमण के दौरान पाया कि मैना में कांग्रेस प्रत्याशी गोपालसिंह का कार्यालय मतदान केन्द्र की 200 मीटर की परीधी के अंदर है, भाजश के प्रत्याशी चुन्नीलाल का कार्यालय धार्मिक स्थल से लगा है साथ ही मतदान केन्द्र की 200 मीटर की परीधी में भी आ रहा है।

      इसी प्रकार बसपा के प्रत्याशी बापूलाल मालवीय का चुनाव कार्यालय पुराना बस स्टेण्ड पर जहां स्थित है उक्त जगह ओकाफ के अधिपत्य की होने के कारण इन तीनों  को निर्वाचन अधिकारी की ओर से नोटिस आज जारी किया गया है की वे उक्त स्थान से अपने कार्यालयों को हटाये नहीं हटाने पर नियमानुसार कार्यवाही इन पर हो सकती है।

 

248 मतदान केन्द्रों पर 992 कर्मचारी करायेंगे चुनाव

      आष्टा 15 नवम्बर (नि.सं.)। 27 नवम्बर को होने वाले म.प्र. विधानसभा के चुनाव को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली है आष्टा विधानसभा क्षेत्र के 248 मतदान केन्द्रों के लिए 248 मतदान दलों का गठन कर 992 अधिकारियों और कर्मचारियों को चुनाव कार्य में लगाया जायेगा।

      आष्टा में चुनाव कराने के लिए कहां से अधिकारी-कर्मचारी आयेंगे यह अज्ञात है। चुनाव तैयारियों के सम्बंध में फुरसत से चर्चा करते हुए सहायक निर्वाचन अधिकारी बिहारीसिंह तहसीलदार ने फुरसत को बताया कि आष्टा विधानसभा क्षेत्र में कुल 248 मतदान केन्द्र है इसमें 22 मतदान केन्द्र आष्टा नगर में तथा 6 मतदान केन्द्र जावर में है सभी 248 मतदान केन्द्रों के लिए 248 केन्द्र प्रभारी बनाये गये है वही प्रत्येक मतदान केन्द्र पर एक पीठासीन अधिकारी एवं 3 अन्य सहायक कुल 4 सदस्यों का दल प्रत्येक मतदान केन्द्र पर मतदान कार्य सम्पन्न करायेगे इस प्रकार कुल 992 अधिकारी और कर्मचारी 248 मतदान केन्द्रों पर मतदान का कार्य सम्पन्न करायेगे। 92 दल रिजर्व में भी रखे गये है अगर कही कोई मतदान केन्द्र पर परेशानी आयेगी तो वहां पर रिजर्व दल भेजा जायेगा।

      पूरे क्षेत्र को 23 झोनों में बांटा गया है और 23 झोनल अधिकारी बनाये गये है 35 मार्ग प्रभारी बनाये बनाये गये है तथा सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान दलों को ले जाने एवं लाने के लिए 125 के करीब वाहनों का अधिग्रहण शीघ्र किया जायेगा। 26 को मतदान दल आष्टा से रवाना होंगे सुबह 6 बजे बिहारी सिंह ने बताया कि सभी मतदान केन्द्रों के मतदान दल को सामग्री का वितरण तहसील कार्यालय के प्रांगण से 26 नवमबर को किया जायेगा तथा मतदान के बाद ई.बी.एम. मशीन एवं अन्य चुनाव सामग्री सीहोर पहुंचकर मतदान दल जमा करायेंगे।

जावर बिजली कटौती से त्रस्त, जनता परेशान चुनावी माहौल में इस समस्या से व्यापारी नाराज

जावर 15 नवम्बर (नि.सं.) नगर में बिजली की अघोषित कटौती जारी रहने से नगरवासी खासे परेशान बिजली पर आधारित व्यापार व्यवसाय ठप छात्रों की पढ़ाई हो रही है प्रभावित वही बिजली कटौती के कारण नगर पंचायत ठीक से नगर में जल वितरण भी नहीं कर पा रही है नगरवासी इस समय घोषित कटौती के अलावा हो रही बिजली की अघोषित कटौती से खासे परेशान है।

      नगर में इस समय 24 घंटे में से मात्र सात से आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। वह भी टुकड़ों  में बिजली कटौती के कारण नगर का बिजली पर आधारित व्यापार व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। इलेक्ट्रिकल्स की दुकान चलाने वाले रमेश पाटीदार का कहना है कि नगर में सुबह दस बजे बिजली जाती है जो शाम छै: बजे से दो घंटे के लिए आती है और फिर आठ बजे चली जाती है इस तरह नगर में बिजली का आना जाना लगा रहता है दिन में तो दिन भर बिजली बंद रहने से बैटरी के तार तक नहीं झाल सकते है फोटो काफी संचालक जितेन्द्रसिंह का कहना है कि नगर की बिजली सप्लाई दिन भर बंद रहने से हम फोटो काफी तक नहीं कर पाते है जरूरी फोटो कापी करवाने आने वालों की जनरेटर इंजन से करना पड़ती है। दिन भर बिजली बंद रहने से आटा चक्की, प्रेस, बेल्डिंग कम्प्यूटर सेन्टर व अन्य बिजली पर आधारित व्यापार व्यवसाय करने वाले दिनभर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते है। छात्र कुलदीप का कहना हे कि रात्री कालीन बिजली कटौती से छात्र वर्ग ठीक से पढाई नहीं कर पा रहा है बिजली की अघोषित कटौती के कारण ही नगर पंचायत भी नगर में समय पर जल वितरण नहीं कर पा रही है। वही किसान कटौती के कारण ठीक से सिंचाई नहीं कर पा रहा है। क्या कहते है अधिकारी विद्युत मण्डल के ए.ई.आर. एस. मालवीय का कहना है कि जो भी कटौती हो रही है ऊपर से ही हो रही है स्थानीय स्तर पर से कोई कटौती नहीं की जा रही है चुनावी माहोल में लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण आम नागरिक दुखी है।

Saturday, November 15, 2008

कांग्रेस नेता हरीश अग्रवाल खुलकर आये सन्नी के लिये मैदान में

          सीहोर 12 नवम्बर (नि.सं.)। समाजसेवी, कांग्रेस नेता, हिन्दु उत्सव समिति के पदाधिकारी हरीश चन्द्र अग्रवाल ने आज अचानक गौरव सन्नी महाजन के पक्ष में मैदान में आ जाने के कारण भाजश में खुशी छा गई। आज गल्ला मण्डी में व्यापारियों को सन्नी महाजन के पक्ष में करने के लिये प्रचार करने गये सन्नी और उनके समर्थकों के साथ आज वरिष्ठ समाजसेवी हरीश चन्द्र अग्रवाल भी पहुँचे।

      श्री अग्रवाल ने वहाँ सार्वजनिक रुप से उपस्थित व्यापारियों से कहा कि यह एक जुझारु युवा है जिसका साथ हमें मिलकर देना चाहिये। ज्ञातव्य है कि श्री अग्रवाल कांग्रेस का वर्षों से काम कर रहे हैं और वह छावनी कांग्रेस के दमदार पोलिंग एजेंट के रुप में जाने जाते हैं।