Monday, October 27, 2008

धन तेरस पर बाजार तो भराया, पर उठाव नहीं आया

सीहोर 26 अक्टूबर (नि.सं.)। धनतेरस के अवसर पर बर्तन बाजार से लेकर विभिन्न दो पहिया वाहनों के शोरुम पर खासी भीड़ रही। इलेक्ट्रानिक बाजार में भी रौनक देखने को मिली। हालांकि बड़ा बाजार में जितनी भीड़ रहती है उतनी आज दिखी नहीं। इधर बर्तन बाजार गांधी रोड पर अच्छी रौनक थी। यहाँ बर्तन व्यापारी संतुष्ट नजर आ रहे थे। इसके अलावा गौमाता का रंग से लेकर नई रुई का गाला बिकने का क्रम दिनभर जारी रहा। पुलिस विभाग ने आज विशेष रुप से यातायात व्यवस्था संभाल रखी थी। अगले दो दिन में और भी अधिक भीड़ बाजार में रहेगी। किराना व्यापारियों के आज भी दिनभर हाथ नहीं रुक सके। सोना-चाँदी का बाजार शाम 6 बजे के बाद चला तो देर रात 1 बजे तक दुकाने खुली रहीं। मंहगाई की मार इस बार भी सोना-चाँदी पर नजर नहीं आई।

बर्तन बाजार में रहा उत्साह

      सोना-चाँदी के अलावा दूसरा सबसे अधिक मान्यता के अनुसार बर्तन खरीदने का प्रचलन धनतेरस को है। हालांकि धनवंतरी जी की पूजा करने और उन्हे प्रसन्न करने के लिये पीतल के बर्तन खरीदने का रिवाज है लेकिन ऐसा नहीं हो पाता। बर्तन बाजार की रौनक धनतेरस को अलग ही होती है। यहाँ व्यापारी दुकान बाहर तक सजाकर रखते हैं। लोग भी पहले से ही धनतेरस के दिन उन्हे क्या बर्तन खरीदना है इसकी तैयारी रखते हैं और आज धनतेरस को बर्तन खरीद लाते हैं। इस बार धनतेरस को लेकर व्यापारियों में तो यादा उत्साह नजर नहीं आ रहा था लेकिन दोपहर बाद आज जैसे ही बाजार चला तो चलता ही रहा। दोपहर बाद व्यापारियों को चैन ही नहीं मिली। इस बार भी पारम्परिक रुप से चलने वाला बर्तन बाजार चलने से व्यापारियों में उत्साह नजर आया। ममता बर्तन भंडार, मित्तल बर्तन भंडार सहित अन्य बर्तन दुकानों पर भी भारी भीड़ रही। आज जिन्होने बर्तन नहीं खरीदे उन्होने तांबे या पीतल के कुछ सजावटी सामान या छोटे सामान चम्मच, गिलास आदि खरीद कर परम्परा निभाई।

इलेक्ट्रानिक बाजार के लुभावने आफर लुभा ना सके

      विगत कुछ वर्षों से धनतेरस पर अपने पैर जमा चुके इलेक्ट्रानिक बाजार की रौनक इस वर्ष भी फिकी रही। हालांकि इनके पास अनेक आकर्षक आफर थे। कुछ दुकानदारों ने मिलकर योजनाएं भी निकाली थी। लेकिन इसके बावजूद बड़े सामान टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन जैसे सामान उठने की बजाये छोटे सामान की ही तरफ ग्राहकों का रुझान रहा। दुकानदार आराम से बैठे थे।

बड़ा बाजार में रौनक रही

      आज धनतेरस के साथ ही दीपावली का पाँच दिवसीय दीपोत्सव प्रारंभ हो गया है। आज बाजार में और भी अधिक रौनक देखने को मिली। बड़ा बाजार में पारम्परिक रुप से गुजरी की दुकानें सज गई जहाँ सीहोर के कलाकारों की गुजरी की अनेक दुकानें हैं वहीं कुछ दुकानदार इन्दौर व अन्य क्षेत्र की बनी गुजरी व प्रतिमाएं लेकर आये थे। जिनकी सुन्दरता व आकर्षण चेहरा देखते ही बन रहा था। सजावट के खिलौने भी बहुत बड़ी मात्रा में यहाँ बिके जिनमें हाथ लगाने पर झूलने वाले गुड्डे से लेकर गुड्डे-गुडिया का जोड़ा, विभिन्न प्रकार के फल अनार, केला, सेवफल, सीताफल आदि भी बिक रहे थे। तोता-चिड़िया के अलावा लाफिंग बुध्दा भी यहाँ बिक रहा था। चीनी के कप-प्लेट भी यहाँ बिक रहे थे। दिये सीहोर में 10 रुपये 25 के भाव में ही दुकानदार बता रहे हैं। राम,सीता, शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं थीं तो वहीं पारम्परिक मिट्टी की लुढ़िया और घट्टी भी बच्चों के खेलने के लिये मिल रही थी। एक समय था जब लुढ़िया और घट्टी के खिलौने देख बच्चे मचल जाया करते थे उन्हे खरीदने के लिये, आज उन्हे समझ ही नहीं आते की इनका क्या होता है। पूरे बाजार में नये अनाज की फुली भी खूब बिक रही है। नये धान की फुली बेचने वालों की भी बाजार में करीब 15-20 दुकाने लगी है। फुली के साथ ही सिंगाड़े भी जमकर बिक रहे हैं।

      नई रुई का गाला की आवाज लगाते हुए छोटे-छोटे बच्चे गले में रुई के डिब्बे टांगे आज नगर में अधिक दिखे। नई रुई से दीपावली की पूजन करने का महत्व है। इसी के साथ लक्ष्मी जी का पाना और कपूर भी जमकर बिकता रहा।

      सजावटी फूल-मालाओं से लेकर नकली धुल सकने वाले फूलों का बाजार भी चला। इलेक्ट्रानिक दुकानों से चाईना की झालरें बहुत बड़ी मात्रा में आज बिकी। किराना व्यापारियों की दुकान पर आज बात करने तक की फुरसत नहीं थी। किराना दुकानों पर विशेषकर मैदा, रवा, बेसन, शक्कर सहित पूजा की सामग्री की अच्छी बिक्र ी हुई। उधर वाहनों के शोरुम पर आज नम्बर से वाहन बिक रहे थे। पहले से ही सारे वाहन बुक हो चुके थे। हर एक शोरुम पर बुकिंग के वाहन तैयार होकर खड़े कर दिये गये थे। सबके नाम उन पर लगा दिये गये थे। आज टीवीएस स्टार सिटी, हीरो होण्डा, बजाज शोरुम से लेकर बिना पेट्रोल वाली यो बाइक की तरफ भी झुकाव रहा।

गौमाता का श्रृंगार भी खूब बिका

      गौमाता के श्रृंगार की दुकान चला रहे विकास व बंटी जोगी के अनुसार इस वर्ष भी व्यापार अच्छा चल रहा है। उन्होने विभिन्न श्रृंगार की सामग्री के दाम बताये जिसमें मुछेंडी की जोड़ 25 से 50 रुपये तक, बैल के गले के पट्टे अनेक नई-नई डिजाईन के बनकर आये हैं इनका मूल्य 25 से 50 रुपये तक है। गाय के गले का हार 8 से 10 रुपये जोड़ के भाव बड़ी मात्रा में बिक रहा है। इनका उठाव सर्वाधिक है। मोरपंख से बनी मुरकटी 2 रुपये की एक बिक रही है। मोरपंख के भाव अधिक होने से इसके दाम भी अधिक ही हैं। भैंस के गले खंगबल 3 रुपये का एक बिक रहा है। 3 ं फुंदे की पंजे जो पशुओं के सिर पर  बंधते हैं वह 10 से 25 रुपये जोड़ तक बाजार में है। बकरी के गले के गुल भी खूब बिक रहे हैं। इस बार भी गौमाता का रंग बेचने वालों के चेहरे का रंग उड़ गया है। गौमाता का रंग बेचने वाले आये तो खूब लेकिन रंग बहुत कम मात्रा में बिकता नजर आया। रंग का बिक्रा भी कम रहा। इसकी बजाय कम्पनी के रंग सींग रंगने के लिये अवश्य गौपालक खरीदते दिखे।

सर्राफा बाजार शाम होते ही चमका इधर धनवंतरी तेरस के अवसर पर नया  सामान खरीदने वालों का उत्साह था और उधर सोना-चाँदी जैसी कीमति धातुओं के प्रति भी लोगों का रुझान था।  शाम होते ही सीहोर का सर्राफा बाजार चमकने लगा और देर रात 1 बजे बाजार में रौनक रही। 


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सिर पकडू बदबू से परेशान सीहोर वासी, वापस घटिया पेट्रोल उपयोग हो रहा?

         सीहोर 26 अक्टूबर (नि.सं.)। पिछले कुछ दिनों से नगर के मध्य में कहीं भी कभी भी बहुत तेज तीखी बदबू आने लगती है और फिर घंटो तक यह बदबू बनी रहती है। इससे लोगों का सिर दुखने लगता है और दम घुटने लगता है। लेकिन सारे प्रयास करने के बाद भी यह पता नहीं चल पाता कि आखिर बदबू आ कहाँ से रही है। कुछ वर्ष पूर्व एक कारखाने से निकलने वाले रसायन को पेट्रोल के रुप में उपयोग किया जाने लगा था और नगर भर के आटो चालक उससे वाहन चलाते थे ठीक वैसी ही बदबू इन दिनो भी आ रही है।

      नगर में आने वाली इस बदबू से कई लोग दुखी हैं। करीब 7 दिन पहले सब्जी मण्डी क्षेत्र में यह बदबू इतनी तेज फैली हुई थी लोगों का घर के अंदर भोजन करना तक मुश्किल हो गया था। सांस लेने में दिक्कत आ रही थी और घबराहट हो रही थी। दुकान पर ग्राहक रुकने को तैयार नहीं थे। शाम से शुरु हुई बदबू देर रात तक बनी रही थी। इसके बाद यदा-कदा यह बदबू आती रहती है। नगर के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की बदबू आती रहती है। इतनी भयानक रासायनिक गैस की तरह की यह दुर्गंध है कि जिससे सांस लेने में भी मुश्किल होती है, सिर दुखने लगता है और जी मचलाता है। लेकिन सारे प्रयास के बावजूद यह पता नहीं चल पाता है कि आखिर बदबू आ कहाँ से रही है।  ऐसा लगता है कि कुछ लोग अथवा आटो चालक वापस उसी रासायनिक पदार्थ का उपयोग पेट्रोल के रुप में कर रहे हैं जिसकी दुर्गंध से लोग घबरा जाते हैं। यदि ऐसा है तो निश्चित से जिला परिवहन अधिकारी, पुलिस विभाग को इस तरफ ध्यान देने की आवश्यकता है। नगर भर में सप्ताह भर से अधिक समय से अनेक लोग इस तरह की बदबू से परेशान है।

कार्यकर्ता की भावना के विपरीत निर्णय भाजपा की परेशानी बन सकता है

      आष्टा 26 अक्टूबर (नि.प्र.)। कांग्रेस की तरह इस बार भाजपा भी विधानसभा चुनाव को लेकर अतिगंभीर नजर आ रही है सभी क्षेत्र में भाजपा अभी तक कांग्रेस से संगठन स्तर की तैयारियों में कोसो आगे है। वहीं जैसे-जैसे टिकिट घोषित होने की तिथि समय नजदीक आती जा रही है भाजपा में कार्यकर्ता और मतदाता अपनी भावना से रोजाना आ आकर संगठन के पदाधिकारियों और भोपाल में जिम्मेदार नेताओं को अपनी भावना से अवगत करा कर कह रहे हैं कि अगर संगठन ने टिकिट वितरण में अगर इस बार संगठन कार्यकर्ताओं एवं मतदाताओं की भावना के विपरीत कोई निर्णय लिया तो इस बार आष्टा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्र के कई कार्यकर्ता तो खुलकर नेताओं से यह भी कह रहे हैं कि हमने अपनी भावना से अवगत करा दिया है निर्णय सही होगा तो हर बार की तरह इस बार भी आष्टा से भाजपा की बल्ले-बल्ले करवा देंगे और अगर कार्यकर्ताओं की भावनाओं को दरकिनार किया तो परिणाम क्या होंगे इसके बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। भाजपा मे ंटिकिट के सभी दावेदारों ने अंतिम दौर में पूरी ताकत झाेंक दी है तथा आष्टा से भोपाल तक को एक करके रख दिया है। आष्टा को लेकर वैसे भाजपा संगठन म.प्र. गंभीर है लेकिन निर्णय क्या आयेगा सभी को इसका इंतजार है। कल सीहोर में भारतीय जनशक्ति पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष उमाश्री भारती आईं सभा की तब सभी को पूरी उम्मीद थी कि उमाजी सभा में सीहोर जिले की चारों विधानसभा सीट से अपने प्रत्याशियों की घोषणा करेंगी लेकिन सीहोर जिले में भाजपा में टिकिट को लेकर जो उठा पटक चल रही है शायद उसी को लेकर उमाश्री भारती ने इछावर को छोड़ शेष तीनों विधानसभा सीटों के प्रत्याशी की घोषणा टाल दी। राजनीतिज्ञ इसके पीछे जो बात मान रहे हैं वो यह की भाजपा की सूची घोषित होने तक अब उमाजी इंतजार करेंगी। टिकिट भाजपाके घोषित होने के बाद अगर कुछ गड़बड़, नाराजी उभरी तो उमाश्री उसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगी। 2003 के चुनाव में जिस प्रकार भाजपा से रंजीत सिंह गुणवान को उम्मीद्वार बनाकर बदला था लेकिनप उस वक्त की परिस्थिति जो थी उसको लेकर कार्यकर्ताओं ने बगावत तो नहीं की थी लेकिन वो मौन जरुर रहा था लेकिन इस बार शायद ऐसा नहीं लगता है की भावनाओं के विपरीत अगर भाजपा ने आष्टा का निर्णय किया तो इस बार भाजपा में बगावत हो सकती हक् क्योंकि 2003 में उमाजी भाजपा में ही थी। लेकिन इस बार नाराज लोगों के सामने विकल्प के रुप में भाजश है। देखते हैं क्या भाजपा में भाजश सेंध लगाती है या भाजपा सभी को संतुष्ट कर पाती है। 

चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन कर रहा शिक्षा विभाग

      सीहोर 26 अक्टूबर (नि.सं.)। आज 25 अगस्त को कांग्रेस के स्थानीय नेताओं महेन्द्रसिंह अरोरा मिंदी, अध्यक्ष जिला पंचायत संगठन महेश दुबे, दिनेश भैरवे पार्षद, सुरेश मेवाड़ा यह देखकर दंग रह गये की जहां चुनाव निर्वाचन आयोग व जिला निर्वाचन आयोग निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिये सख्त कदम उठाये हुये है वहीं शिक्षा विभाग चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन कर रहा है शिक्षा विभाग द्वारा अभी भी म.प्र. शासन की योजनाओं की साईकिलें की गांव-गांव बटवा रहा है इसके अंतर्गत आज ग्राम सालीखेड़ा की दो छात्राओं कु. सरिता पिता मास्टर, कु. सविता पिता डेमा आदिवासी के नाम से दो व्यक्ति जिनमें मास्टर एवं गंगाराम सविता के भाई से कांग्रेसजनों ने यह पूछा गया, कि यह साईकिले कहां से लेकर आये हो, तो उन्होंने बताया कि हमारी बच्ची व बहन सालीखेड़ा से ग्राम पाठनी के स्कूल में पढ़ने जाती है स्कूल के मास्टर भगतसिंह ने यह साईकिलें आज हमें सीहोर से म.प्र शासन के शिक्षा विभाग की योजनाओं के अंतर्गत दिलवाई  हैं। उन्होंने साईकिलें की कीमत भी 2300 रुपये बताई। कांग्रेस नेताओं ने अपने बयान में कहा है कि चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध शीघ्र ही जिला निर्वाचन एवं प्रदेश निर्वाचन आयोग से शिकायत की जायेगी। चुनाव के चलते विपक्षी पार्टी अभी साईकिलें बंटवा कर मतदाताओं को अपने पक्ष में आकर्षित करने का प्रचार कर रही है। इसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेंगी, कांग्रेसजनों ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर तुरंत कार्यवाही करे।

अज्ञात बदमाशों द्वारा ईंट से भरी ट्रेक्टर-ट्राली को लूटा

      आष्टा 26 अक्टूबर (नि.सं.)। मण्डी थाना क्षेत्र में करोली माता मंदिर के समीप बीती रात 3-4 अज्ञात बदमाशों ने ईंट से भरी ट्रेक्टर ट्राली कीमति 40 हजार रुपये की लूटकर ले गये।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार नयापुरा नई जेल करोंद भोपाल निवासी बृजमोहन पुत्र प्रेमनारायण धाकड़ जो की लतीफ खां निवासी भोपाल का ट्रेक्टर चलाता है से शंकर नाम के कथित व्यक्ति द्वारा 1900 ईंट रुपये 6 हजार रुपये में भोपाल से सीहोर आने का तय करके ट्रेक्टर मालिक लतीफ खां के साथ सीहोर लेकर आये सीहोर के समीप हाउसिंग बोर्ड से मण्डी की और गुजरने वाले कच्चे रास्ते से होते हुए जब में करोली माता मंदिर के पास पहुँचे तभी कथित व्यक्ति के अन्य साथियों द्वारा वहाँ पर आकर बृजमोहन एवं लतीफ खां के साथ मारपीट की एवं ईंट से भरी ट्रेक्टर-ट्राली छुडाकर ले गये। मण्डी पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर खोजबीन शुरु कर दी है।

रात 3 बजे पूरा नगर ''लो झाड़ू लो'' की आवाज से गूंजा.........

           आष्टा 26 अक्टूबर (सुशील)। हिन्दुस्तान पूरे देश में अपनी संस्कृति व प्रचलित अनेकों परम्पराओं के कारण जाना और पहचाना जाता है 5 दिवसीय दीपावली पर्व की आज धनतेरस से शुरुआत हो गई।

      आज धनतेरस पर नई झाडू ख़रीदने की परम्परा है और आज खरीदी गई नई झाडू क़ी घरों में पूजन की जाती है इसलिये आज धनतेरस पर रात 4 बजे से ही सैकड़ो झाड़ू बनाने वाले जिन्होने महिनों से आज के दिन के लिये झाडू बेचने के लिये झाड़ू बना-बनाकर भारी स्टाक कर लिया था। आज साईकिलों पर हाथ ठेलों पर रात से ही झाड़ू बेचने निकले गये थे। रात से सुबह तक पूरे नगर में गलियों में मोहल्लों में कालोनियों में एक ही आवाज सुनाई दे रही थी ''लो झाड़ू ले लो'' सुबह घरों की महिलाओं ने झाड़ू बेचने वालों को रोका और परम्परा अनुसार झाड़ू की खरीदी की सुबह झाड़ू बेचने वालों ने एक झाडू 5 रुपये में बेची और बाद में भाव घटाकर पाँच रुपये में दो झाडू बेचते देखे गये।

      झाडू खरीदने की क्या है परम्परा इसका क्या महत्व है इसके बारे में धर्माधिकारी पंडित गजेन्द्र शास्त्री ने फुरसत को बताया कि झाड़ू लक्ष्मी का प्रतीक होती है आज के दिन नई झाडू खरीद कर उसका पूजन किया जाता है तथा श्री शास्त्री ने यह भी बताया की आज धनतेरस पर घरों की सफाई कर निकलने वाले कचरे को बाहर नहीं फें का जाता है। घर के किसी कोने में निकले कचरे का एकत्रित कर रखा जाना चाहिये और उस कचरे के दूसरे दिन फेंकना चाहिये । साफ-सफाई इसलिये की जाती है ताकि दीपावली पर लक्ष्मी जी का घरों में मंगल प्रवेश हो।

 

तीन की मौत

सीहोर 26 अक्टूबर (नि.सं.)। अहमदपुर थाना क्षेत्र में अनूप सिंह पुत्र मकूजी 30 वर्ष निवासी झिरी को कृष्णा अस्पताल भोपाल एवं आष्टा निवासी इन्दर सिंह पुत्र बाल किशन 22 वर्ष को पालीवाल अस्पताल भोपाल में गत दिस जहरीला पदार्थ सेवन करने से एवं अलीपुर निवासी 38 वर्षीय अंतर सिंह पुत्र हरनाथ सिंह को जलने से हमीदिया अस्पताल भोपाल में भर्ती कराया गया था जहाँ पर उपचार के दौरान इन तीनों की मौत हो गई।

 

ट्रक कार भिड़ंत में पति-पत्नि सहित तीन की मौत

             सीहोर 26 अक्टूबर (नि.प्र.)। श्यामपुर मार्ग पर पीरबटाऊ के समीप आज शाम ट्रक-कार की भिड़ंत होने से कार में सवार पति-पत्नि व एक 3 वर्षीय बालक की मौत हो गई वहीं  अन्य हादसों में पाँच लोग घायल  हो गये।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार दोराहा थाना अन्तर्गत दोराहा जोड़ एवं श्यामपुर के मध्य पीरबटाऊ के समीप आज शाम ट्रक एमपी 06 जी.5580 के चालक ने वाहन को तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक चलाते हुए फोर्ड कार एमपी 05 डी-5289 में टक्कर मार दी।

      परिणामस्वरुप कार में सवार 177 आर्किट कालोनी वायपास मार्ग भोपाल निवासी 35 वर्षीय राजा पुत्र रामसेवक गुजर, उसकी पत्नि प्रतिभा उम्र 20 वर्ष तथा पुत्र प्रांसुल 3 वर्ष की दुर्घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया जाता है कि राजा गुजर भोपाल में नौकरी करते हैं जो मूलत: सागर के निवासी हैं। इस घटना के पूर्व उक्त ट्रक ने कुरावर में भी दुर्घटनाग्रस्त कर भागा था जिसे श्यामपुर चौकी पर रुकवाने का प्रयास किया गया किंतु वह पुलिस को चकमा देकर वाहन को तेज रफ्तार से चलाते हुए लेकर फरार हो गया। दोराहा पुलिस ने इस घटना के बाद ट्रक का पीछा कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

      इधर जावर थाना क्षेत्र में गत दिवस मेहतवाड़ा के समीप मेहतवाड़ा निवासी रमेश पीकम क्रमांक एमपी 37-025 से अपना सामान उतार रहा था तभी पीछे से आ रहे आयसर जीजे 67-8559 के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए रमेश को टक्कर मारकर घायल कर दिया।

      इसी प्रकार सिध्दिकगंज थाना क्षेत्र में कन्नौज मिर्जी के समीप 15 वर्षीय छात्र गोविन्द जाट जो अपने गांव से साईकिल से पढ़ने स्कूल आ रहा था तभी पीछे से भेरुखेड़ी निवासी प्रेम उर्फ वीरु ने अपनी बैलगाड़ी को लापरवाही पूर्वक चलाते हुए गोविंद की साईकिल में टक्कर मार दी जिससे गोविन्द घायल हो गया।

      इधर आष्टा थाना क्षेत्र में पुराना बस स्टेण्ड के समीप ट्रक एमपी 09 एचएफ 8431 का क्लीनर मानिकचन्द्र बाईक क्रमांक एमपी 04 एनपी 8397 के चालक ने अपने वाहन को लापरवाही पूर्वक चलाते हुए टक्कर मारकर घायल कर दिया। बताया जाता है कि घटना के समय मानिकचन्द्र अपने ट्रक के चालक को बुलाने सड़क पार कर जा रहा था।

      उधर बुदनी थाना क्षेत्र में ग्राम चकल्दी निवासी पप्पु खाती ने शिकायत दर्ज की कि हरिओम दर्जी एवं मोहनलाल साहू निवासी चकल्दी गत दिवस बुदनी मार्ग स्थित देवगांव के समीप घायल अवस्था में पड़े हैं जिन्हे किसी अज्ञात डम्फर चालक ने टक्कर मारकर घायल कर दिया है। पप्पु द्वारा दोनो घायलों को उपचार हेतु खुशी बस से रेहटी चलाया जाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

 

दो पक्षों में मारपीट, कस्बा में तनाव बढ़ा, पुलिस ने व्यवस्था संभाली

      सीहोर 26 अक्टूबर (नि.सं.)। आज शाम कस्बा पीली मस्जिद क्षेत्र में दूध देने गये एक युवक की दूध लेने वाले दुकानदार के साथ कुछ कहासुनी हो गई। बात मारपीट तक पहुँच गई। इस पर दूध देने आये युवक  ने जैसे ही हाथ उठाया तो यहाँ उसे घेर लिया गया और मारपीट कर दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर मामला देखा। थाना कोतवाली प्रभारी ने कस्बा क्षेत्र के उक्त मारपीट करने वाले युवकों को धर दबोचा है।

      पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रोहित यादव नामक नवयुवक प्रतिदिन अनुसार यहाँ कस्बा क्षेत्र में दूध देने एक होटल पर पहुँचा। पीली मस्जिद के पास मजीद भाई की होटल के पास स्थित बबलु की दुकान पर जब इसने दूध देने को कहा तो यह भी कहा कि जल्दी ले लो। इस पर दूध लेने वाले युवक ने इससे कुछ बदसलूकी कर दी। जिस पर दोनो पक्ष में कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई। तब रोहित को इरशाद, बबलु, फै जान आदि ने घेरकर मारपीट कर दी और उसके पैर में हॉकी से खूब मारा। कोतवाली थाना प्रभारी अजय वर्मा तत्काल घटना स्थल पर पहुँच गये हैं और तीनों आरोपी पकड़ लिये गये हैं।

 

अमलाहा में मोबाइल दुकान से 32 हजार की चोरी

      आष्टा 26 अक्टूबर (नि.सं.)। रात्रि में अज्ञात चोरों ने आष्टा थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम अमलाहा में एक मोबाइल की दुकान के ताले तोड़कर दुकान में रखा कम्प्यूटर, कम्प्यूटर के अन्य सामान, दो पुराने मोबाइल तथा टाटा के दो नये एवं नोकिया के दो नये मोबाइल चोर चुराकर ले गये। पुलिस चोरी गये माल की कीमत 32 हजार रुपये बता रही है। आज दुकान के मालिक शैलेन्द्र पिता भगवान सिंह राजपूत निवासी अमलाहा ने आष्टा थाने में अपनी दुकान पर हुई उक्त चोरी की शिकायत दर्ज कराई।

Sunday, October 26, 2008

भाजपा का झण्डा आज राम के नाम का प्रतीक नहीं जिन्ना की सलामी का प्रतीक है-उमाश्री भारती

यदि भाजपा ने साथ दिया तो हम मिलकर कांग्रेस को धूल चटा देंगे-उमाश्री भारती

      सीहोर 25 अक्टूबर (नि.सं.)। जब हमने सरकार बनाई थी तो यहीं बड़ा बाजार से सभा शुरु हुई थी, मैं कुशाभाऊ ठाकरे को अत्याधिक बीमार अवस्था में लाई थी, उन्होने आशीर्वाद दिया था और कहा कि तुझे आशीर्वाद देकर चला जाऊंगा। वह सिध्द पुरुष थे मेरी सरकार बनते ही वह सात दिन में चले गये। उन्हे भगवान ने बुला लिया लेकिन भाजपा ने मुझे तो जिंदा रहते ही मार दिया। आज भाजपा ने मुझ पर आरोप लगा रही है कि आपके कारण मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी। अब तक मैने 90 प्रत्याशी घोषित कर दिये हैं और शेष शीघ्र ही करुंगी। भाजपा का झण्डा आज राम के नाम का प्रतीक नहीं जिन्ना की सलामी का प्रतीक है।

      उक्त ओजस्वी भाषण राष्ट्रीय नेत्री भारतीय जनशक्ति अध्यक्ष उमाश्री भारती ने यहाँ बड़ा बाजार में खचाखच भरी भीड़ के समक्ष कहे। इसके पूर्व श्री भारती कोतवाली चौराहे से बकायदा एक रैली के रुप में बड़ा बाजार पहुँची। उन्होने मंच पर कहा कि यदि भाजपा के कार्यकर्ता यहाँ पर मेरा भाषण सुन रहे हैं तो वह सुन लें कि यदि मेरी पार्टी के कारण भाजपा की सरकार नहीं बन सकती है तो फिर वह अपने नेताओं से पूछें? कि क्यों मुझे पार्टी से निकाला था। मैने भाजपा छोड़ी नहीं थी मुझे बहुत अपमानित करके भाजपा से निकाला था। जब निकाला था तब मैने एक सप्ताह तक बार-बार कसूर पूछा था, आडवाणी-अटल जी को पत्र लिखे थे, मैने पूछा था कि दिग्विजय सिंह हराकर मैने सरकार बनाई है, मुझे हटाने के पीछे कारण तो बताईये ? केन्द्र की अटल सरकार को बने रहने के लिये लालू यादव व शिबू सोरेन की सरकार से आ रही परेशानी के कारण मैने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा और देश के राष्ट्रीय ध्वज के लिये स्वयं की गिरफ्तारी दी। और जब मैं वापस आई तो मुझे बाहर कर दिया गया और फिर जब उन्हे जरुरत पड़ी बिहार में सरकार बनाने की तो उन्होने फिर मेरा उपयोग किया वहाँ सरकार बनाकर मैं आई तो मुझे फिर भाजपा से निकाल दिया गया। इसलिये मैं भाजपा के कार्यकर्ताओं से कहूंगी कि आप अपने नेताओं से कहिये कि आज अगर ऐसा लग रहा है कि आपकी सरकार नहीं बन सकती तो उसके पीछे आपकी सत्ता का मद ही जिम्मेदार है।

      जब मैं 10 महिने तक मुख्यमंत्री थी तब प्रदेश में भ्रष्टाचार, बम ब्लास्ट, सीमी की कार्यवाही नहीं थी, जब तक मैं मुख्यमंत्री थी अपराध नहीं था, फिर क्या कसूर था मेरा, क्यों मुझे बेईज्‍जत करके निकाला। हाँ एक कसूर था मेरा जब मुझे भाजपा के बड़े नेताओं, संगठन मंत्रियों के फोन आते थे मैं सम्मान से पूछती समझती की शायद वह कोई काम बतायेंगे तो वह खुद के साले या साली की नौकरी के लिये फोन करते थे। जब मैं ऐसे फोनों से परेशान हो गई तो मैने अटल जी आडवाणी जी से कहा कि मेरी दो जिम्मेदारी है गरीब भाजपा कार्यकर्ता व गरीब जनता का काम करुं। इसके बाद तो इन लोगों ने ऐसी चाल चली कि मुझे भाजपा से बाहर निकाल दिया। इसलिये भाजपा के नेताओं से कह दीजिये कि यदि आपको आपके सामने खाई दिखाई दे रही है तो उसमें जनशक्ति जिम्मेदार नहीं है बल्कि आपके द्वारा किये गये मेरे अपमान, बेईजती की गई वो जिम्मेदार है। आपकी करतूत ही जिम्मेदार है। यदि आपको लगता है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन सकती है तो अभी एक महिना बाकी है, हम और आप मिलकर तय कर लें तो मिलकर हम सरकार बना सकते हैं, लेकिन मैं पूछती हूं कि क्या भाजपा के झण्डे के नाम पर आप वोट मांगेगे ? भाजपा का झण्डा आज राम के नाम का प्रतीक नहीं जिन्ना की सलामी का प्रतीक है। भाजपा का झण्डा आज सत्ता की गुलामी का प्रतीक है, भाजपा के नेता आज गुलछर्रे उड़ाने के प्रतीक हो गये हैं, म.प्र. नेताओं के लिये पिकनिक  स्पाट है, इसलिये कांग्रेस की सरकार बनाने से तो अच्छा है जनशक्ति का झण्डा हाथ में थामिये और खड़े हो जाईये, क्योंकि भाजपा का झण्डा कांग्रेस को नहीं रोक सकता। यदि भाजपा मेरे साथ आई तो हम मिलकर कांग्रेस को धूल चटा देंगे।

      आज भाजपा नेताओं को लगा है कि जनशक्ति उनकी परेशानी बन रही है तो वह हमारी नेताओं कार्यकर्ताओं को बुलाकर रुपये के बल पर खरीद रहे हैं, वह गाड़ी, डीजल, पेट्रोल, मोबाइल, रुपये सबकुछ हमारे कार्यकर्ताओं को उपलब्ध करा रहे हैं। मैं आज सारे जनशक्ति कार्यकर्ताओं को गंगा की सौगंध  दूंगी। हमारे पास पैसे की कमी है, हमने पैसे नहीं बनाये हैं, इसलिये गाड़ी, डीजल, रुपया जो वह दे रहे हैं उनसे ले लो, यह उनका होना चाहिये लेकिन काम हमारा वोट हमारा होना चाहिये। उमाश्री ने कहा कि आप सोच रहे होंगे भाजपा से रुपये लेने की बात मैं कर रही हूं तो सुनिये हम और आप क्या भगवान राम से बढ़े हैं। जब भगवान श्रीराम ने बालि को मारा, तो बालि ने भगवान से पूछा कि आप तो मर्यादापुरुषोत्तम हो, फिर यह कौन-सी मर्यादा है, तो राम ने कहा अरे नीच, पानी मुझे धर्म सिखा रहा है, छोटे भाई की गद्दी को छीन कर बैठ गया, उसकी पत्नि जो तेरी पुत्री समान है उसे पत्नि बना लिया तेरे जैसे पापी को तो घात लगाकर मारना पड़ा तो मैने कोई पाप का काम नहीं किया।  इसी प्रकार जनशक्ति घात लगाकर भाजपा को हरायेगी। भाजपा के ईमानदार और रामभक्त कार्यकर्ताओं से कहती हूं कि वैसे ही घात लगाकर भाजपा का संहार करोगे तो गंगा नहाने का पुण्य मिलेगा।

चप्पल उठाने वाला मुख्यमंत्री

      भाजपा ने देश के साथ धोखा किया, गरीबों के साथ धोखा किया, क्या कसूर था मेरा, जरा पूछिये तो जब प्रमोद महाजन की चप्पल उठाने वाला प्रदेश का मुख्यमंत्री बना तो उसकी पत्नि और उसके मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। भाजपा जब घमंड में चूर थी तो मुझे निकालकर बाहर कर दिया आज उसकी हालत यह है कि उनका एक मंत्री अखंड यादव मुख्यमंत्री को माँ-बहन की गालियाँ दे रहा है और भाजपा के नेता उसे मनाने में लगे हैं। आज घमंड चकनाचूर हो गया तो एक दो कोड़ी का आदमी उन्हे माँ-बहन की गालियाँ दे रहा है।

राम का मंदिर नहीं

गरीब की रोटी जरुरी है

      उमाश्री ने कहा कि मैने अपनी इच्छा से सन्यास लिया था, बारात आ गई थी और मैने लौटा दी थी। इसलिये कहती हूं जिस प्रकार सन्यास लिया था उसी प्रकार जनशक्ति बनाई है। इसको बनाने के पूर्व मैने अपने पूर्वजों को याद किया, अयोध्या में टपरे पर बैठे श्रीराम को याद किया फिर पार्टी बनाई। जितना राम का मंदिर जरुरी है उतना ही गरीब की रोटी जरुरी है।

      उमाश्री ने कहा कि भाजपा नेता खबरदार हो जायें यदि उन्होने यह कहा कि मेरे कारण कांग्रेस की सरकार बनी है, तो यह पूर्णत: गलत होगा। जब मैं मुख्यमंत्री बनी थी तब पहली बार कोई पिछड़े वर्ग का व्यक्ति मुख्यमंत्री बना था। मैं एक पिछड़े वर्ग की गरीब परिवार की हूँ। इसलिये मुख्यमंत्री बनने के बाद मैने कई दबे हुए वर्ग के लोगों को मंत्री बनाया, जो हार गये उन्हे निगम दिये और इसलिये ही भाजपा के बड़े नेताओं ने कांग्रेस से सांठगांठ कर मुझे भाजपा से निकलवा दिया।

जनशक्ति अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ बनाकर धर्म के नाम पर जोड़तोड़ नहीं करेगी

      जनशक्ति पार्टी की मुस्लिम नीति के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए सुश्री उमा भारती ने कहा कि इस पार्टी का नाम है जनशक्ति पार्टी, हमने इसमें कोई अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ या मोर्चा नहीं बनाया है ना ही बनायेंगे। हमने सबसे पहला मुस्लिम उम्मीद्वार जबलपुर से उतारा है। मेरा मानना है कि यदि कोई व्यक्ति धर्म के नाम पर अपनी अलग पहचान बनाना चाहता है तो फिर देश दो हिस्सों में बंटता है। हम कहते हैं कि हम मुसलमान का ध्यान रखेंगे। लेकिन धर्म के आधार पर भेद नहीं कर सकते, इसकी हमसे अपेक्षा नहीं की जाना चाहिये। हम रोटी, रोजगार, व्यवस्था देंगे लेकिन यह देते समय हम धर्म नहीं पूछेंगे हम उसकी आवश्यकता देखेंगे।

धर्म परिवर्तन कराया तो समझ लो

      उमाश्री भारती ने कहा कि मध्य प्रदेश आतंकवादियों का अभ्यारण्य बना हुआ है। सीमी के लोगों का केन्द्र बन गया है। जब मैं मुख्यमंत्री थी तो यह लोग बहुत दूर थे। स्थिति तो यह थी कि मुझे ईसाई मिशनरियों ने बुलाया था और पूछा था कि आपका हमारे विषय में क्या सोच है। मैने स्पष्ट कहा था कि अस्पताल से सेवा करो, स्कूल चलाओ हमें कोई हर्ज नहीं पर यदि एक भी धर्म परिवर्तन कराया तो समझ लो अपना बोरिया बिस्तर बांध लेना।

संघ वालो दया मत करना

      आज देश का खेत, बाजार, रोजगार सब खतरे में है, विदेशी इसे हड़प रहे हैं। इसलिये मैने रिलायंस फ्रेश पर सबसे पहला पत्थर मारा था। गरीब का रोजगार बचाना होगा। आज गाय संकट में है। मैं तो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवकों से कहती हूँ कि जब भाजपा हारने की स्थिति में आयेगी तो आपके पास आयेगी, आप दया मत दिखाना, दया गरीब पर, घायल पर, गाय पर, विकलांग पर दिखाई जाती है लेकिन जिन्होने सत्ता की दलाली खाई है उनका तो संहार किया जाता है।

आप दो साथ तो बाजी पलट दूंगी

      उमाश्री ने आज स्पष्ट कहा कि मैं कम उम्र की हूं, अभी मुझमें शक्ति है, इसलिये देश की नारी शक्ति मुझे आशीर्वाद दे, नौजवान बजरंग बलि बन जाओ और भ्रष्ट भाजपा कांग्रेस सरकार को उखाड़ दो। अगर अभी ताकत दोगे तो ही मैं काम कर सकूंगी। यदि 60 के बाद दोगे तो क्या फिर लंगड़ाकर घुटने के दर्द के साथ काम कराओगे। इसलिये जो करना है अगले 10 साल में कर लो। यदि मेरा साथ दे दिया तो एक महिने की बात है मैं बाजी पलट कर दिखा दूंगी और भारतीय जनशक्ति की सरकार बना दूंगी।

रमिला परमार इछावर से प्रत्याशी

      आज सभा में उमाश्री ने रमिला परमार जो पूर्व में शासकिय नौकरी में थी और उसे छोड़कर जनशक्ति में शामिल हुई थी उनके इछावर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनशक्ति पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया। उमाश्री ने कहा कि जब मैं लोकसभा लड़ रही थी तब जीतने के बाद कांग्रेस को ऐसा सदमा लगा था कि एक माह तक प्रत्याशी भर्ती रहा था। यही हालत इस बार भाजपा की होने वाली है। क्योंकि भगवान भी अपने भक्तों की बेइाती नहीं होने देते। उन्होने उपस्थित जनसमुदाय से जनशक्ति पार्टी के लिये आशीर्वाद मांगा।

      आज बड़ा बाजार सभा स्थल पर धनतेरस के एक दिन पूर्व बड़ी संख्या में उमाश्री को सुनने के लिये लोग एकत्र हुए थे। उमाश्री का जुलूस कोतवाली चौराहा से प्रारंभ हुआ जो बड़ा बाजार पहुँचा। यहां कई भाजपा और कांग्रेस के नेतागण भी यहाँ दोपहर से ही डटे हुए थे। ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीणजन यहाँ आये थे। उमाश्री ने कुल 35 मिनिट तक अपना भाषण बैठे हुए दिया वह अत्याधिक बीमार थीं और शरीर के एक तरफ दर्द से पीड़ित भी थीं। यहाँ सभा स्थल से सीधे वह भोपाल पहुँचते ही चिरायु अस्पताल में भर्ती हो गईं।

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यदि मेरी लहर ना होती तो सीहोर विधायक तो पिछली बार ही धूल चाट गया होता-उमाश्री भारती

       उमाश्री ने कहा कि आडवाणी जी देख लो आप यदि समझते हो कि सिर्फ सत्ता का दलाल ही हेलिकाप्टर में बैठता है ऐसा नहीं है राम का लाल भी पसीने की कमाई से हेलिकाप्टर में बैठ सकता है। मैने जनता के लिये यह पार्टी बनाई है। यदि आपका भाजपा की सरकार बनाने का मन नहीं होता तो भाजपा का यहाँ का जो विधायक है वह पिछले ही चुनाव में धूल चाट गया होताआज मुझे उससे पूछना है कि 5 साल पहले तूने उमाश्री के नाम पर वोट लिये थे आज तू एक चोर के नाम परजिस पर 420 के आरोप लगे हैं उसके नाम पर वोट मांगोगे कहाँ है तुम्हारा धर्म-कर्म।

हसीब और हरपाल ठाकुर का जिला बदर, राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई

        सीहोर 25 अक्टूबर (नि.सं.)। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने जुम्मापुरा आष्टा निवासी हसीब वेग वल्द हबीब वेग और हरपाल ठाकुर वल्द कोकसिंह निवासी सुभाष नगर को जिला बदर कर दिया है। दोनों ही आदतन अपराधियों को शांति व्यवस्था के लिए खतरनाक साबित होने और विधानसभा चुनाव में अपराध घटित करने की आशंका के मद्देनजर सीहोर जिले से लगे अन्य सीमावर्ती जिलों की सरहद से एक साल के लिए बाहर चले जाने के निर्देश दिए गए है। इस सिलसिले में जिला दण्डाधिकारी द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।

      जारी आदेश में खुलासा किया गया है कि हसीब बेग मारपीट करने का आदी है जिसके खिलाफ भारतीय दण्ड विधान की धारा 341, 347, 294, 353, 506 और जा.फौ. की 323, 427, 107, 116, 151 और 110 के मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस की ओर से पेश प्रतिवेदन में साफ लिखा गया है कि यह व्यक्ति कभी भी सांप्रदायिक भावना भड़काकर फसाद के हालात पैदा कर सकता है। हमेशा कोई न कोई आपराधिक वारदात को अंजाम देते रहना इसकी आदत में शामिल है जिसे देखते हुए इनके खिलाफ जिला बदर की कार्यवाही बिल्कुल जरूरी है।

      आदेश में हरपाल ठाकुर को भी मारपीट और झगड़ा करने का आदि बताया गया है जिसके खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 341, 147, 294, 323, 306, 241 और जा.फौ. की धारा 151, 107, 116 के अनेकों मामले कायम हैं। पुलिस द्वारा पेश किए गए प्रतिवेदन में इसे खतरनाक किस्म का आदतन अपराधी बताया गया है। अनेक आपराधिक गतिविधियों में लिप्त बताते हुए उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई पुलिस की ओर से प्रस्तावित की गई।

      कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा दोनों मामलों पर संजीदा तरीके से गौर करते हुए इन व्यक्तियों के खिलाफ पहले से की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों की संपूर्ण जानकारी हासिल की गई। यह यकीन होने पर कि दोनों ही व्यक्ति शांति व्यवस्था के लिए खतरा हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान इन लोगों द्वारा साम्प्रदायिक घटना या अपराध घटित किया जा सकता है।

      इन्ही सब हालातों के चलते कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने पूरा इत्मीनान कर इनके खिलाफ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा के तहत सीहोर जिला सहित जिले की सरहद से लगे जिलों भोपाल, शाजापुर, राजगढ़, देवास, रायसेन, होशंगाबाद और हरदा की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष के लिए 48 घंटे के भीतर बाहर चले जाने के निर्देश दिए हैं।

धनतेरस पर बर्तन खरीदने वालों को मंदी होगा फायदा

      आष्टा 25 अक्टूबर (नि.प्र.)। आज से 5 दिवसीय दीपावली का पर्व शुरु हो रहा है कल धनतेरस है धनतेरस पर बर्तन, सोना-चांदी के आभूषण आदि खरीदना शुभ माना जाता है आज धनतेरस को लेकर आष्टा नगर का सराफा एवं बर्तन बाजार सजकर तैयार है कल धनतेरस पर खरीदारी करने वालों का मंदी के कारण फायदा मिलेगा क्योंकि देश में विश्वव्यापारी मंडी का पूरा असर सराफा एवं बर्तन बाजार पर भी पड़ा है तथा विभिन्न धातु के बर्तन एवं सोना चांदी के भावों में काफी मंदी आई है। विभिन्न धातुओं के बर्तनों के भावों में कमी तो आई है लेकिन दिशावर के बड़े-बड़े बर्तन व्यापारी नमे माल में मंडी के बाद भी भाव नहीं घटा रहे है।

      आज इस सम्बंध में फुरसत ने नगर के बर्तन व्यापारी कैलाश चन्द्र गोखरू, हंसकुमार वर्मा, फूलचन्द्र वर्मा, गोविन्द चन्द्र वर्मा आदि से चर्चा की तो बताया गया मंडी का असर बर्तनों पर भी  हुआ है 2-4 दिन में और असर हुआ है श्री गोखरू ने बताया कि तांबे के बर्तन पहले 400 से 410 का भाव था अब 350 से 360 का भाव है (50 से 60 रुपये की मंदी) पीतल के बर्तन के भाव पहले 300 से 320 रुपये मिले थे अब 275 से 280 के हो गये है (25 से 30 रुपये की मंडी) एल्यूमिनियम के बर्तनों पर मंदी का कोई खास असर नहीं आया है एल्यूमिनिम के बर्तन 200 रुपये के भाव है वही स्टील के बर्तन क्वालिटी के हिसाब से पहले 130 से 200 रुपये प्रतिकिलों के भाव थे। अब 150 से 175 रुपये किलो के भाव है (25 से 30 रुपये किलों की मंदी) पुराने माल में रविवार को धनतेरस हे साराफा बाजार और बर्तन बाजार सज गया है माल का स्टाक व्यापारियों ने कर लिया है तथा व्यापारियों को उम्मीद है इस वर्ष धनतेरस पर अच्छा व्यापार होगा क्योंकि पहले की अपेक्षा भाव घटे है। आज फुरसत ने सराफा व्यापारी रविन्द्र रांका, अवधनारायण सोनी से सोना चांदी के भाव तेजी मंदी के बारे में जानकारी ली तो मंदी का रूख बना हुआ है 3 दिन में सोना लगभग 1 हजार रुपये घटा (प्रति 10 ग्राम में) वहीं चांदी भी एक हजार रुपये घटी है (प्रति किलो) अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी के भावों में मंडी का वातावरण बना हुआ है। सराफा व्यापारी रविन्द्र रांका ने आज फुरसत को बताया कि आज 25 अक्टूबर को सोना प्रति 10 ग्राम 12 हजार 500 तथा चांदी 17400 रुपये किलो के भाव रहे। घटे भाव में भी सराफा दुकानों पर दोनों कीमती धातुओं की ग्राहकी का अभाव बना हुआ है।

कांग्रेस में नये चेहरों के लिए खुश खबरी आई (चुनाव विशेष)

      आष्टा 25 अक्टूबर (सुशील संचेती) जिन विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस पिछले कई चुनावों से हारती आ रही है खबर है कि कांग्रेस ऐसी लम्बे समय से हारनेवाली सीटों पर नये चेहरों को मैदान में उतारने की योजना बनाकर नये चेहरों को एक बार जीत के लिए मौका देना चाहती हैँ अगर ऐसा कांग्रेस करती है तो आष्टा विधानसभा सीट ऐसी श्रेणी में आती है क्योंकि आष्टा से कांग्रेस पिछले 4 चुनावों से हारती आ रही है।

      इस खबर के आते ही आष्टा विधानसभा सीट से जो नये चेहरे अपनी दावेदारी जी जान से कर रहे है उनके लिए निश्चित यह आई खबर दीपावली के शुभ मोहर्त में खुशी लेकर आई है लेकिन क्या आई उक्त खबर अमली जामा पहन पायेगी इसको लेकर शंका-कुशंका भी व्यक्त की जा रही है। इस खबर से निश्चित पिछले 4 चुनावों में कांग्रेस के जो उम्मीदवार हारे है जिसमें बापूलाल मालवीय और अजीतसिंह शामिल है उनको झटका लग सकता है वही नये चेहरोें के लिए जिसमें गोपालसिंह इंजीनियर, घनश्याम जांगडा, एच.आर. परमाल, बंशीलाल धनवाल, जगदीश चौहान आदि के लिए खुशखबरी किसी ना किसी के लिए हो सकती हैँ जब से म.प्र. में चुनाव की सरगर्मी शुरु हुई है तभी से लेकर कांग्रेस ने प्रत्याशी चयन के लिए एक नहीं अनेको मापदण्ड कई बार बनाये हर बार नये मापदंड की खबर आई इससे ऐसा भी लगता है कि कही नये चेहरों का जो मापदण्ड चर्चा में आया है उसकी हवा नहीं निकल जाये। अभी प्रत्याशी की घोषणा हुई ही नहीं है लेकिन खबर है कि कांग्रेस का एक दावेदार गोपालसिंह इंजीनियर आष्टा क्षैत्र में ग्रामों में भ्रमण कर ग्रामीणों से मिलना जुलना जिसे जनसम्पर्क भी कह सकते है शुरु कर दिया है। गोपालसिंह का ग्रामों में पहुंचकर ग्रामीणों से मिलना कही ऐसा तो नहीं की उन्हें ऊपर से दूसरा मिल गया हो कि आप क्षेत्र देखे वही अभी अन्य दावेदार अजीत सिंह, घनश्याम जांगड़ा, एच.आर. परमाल ने हिम्मत नहीं हारी है वे भी सतत नेताओं के सम्पर्क में है तथा प्रयास में लगे है कि इस बार हमें मौका दिया जाये।

      स्मरण रहे आष्टा विधानसभा क्षेत्र पर पिछले 18 वर्षो से भाजपा का कब्जा है इस दौरान 4 बार विधानसभा के चुनाव हुए जिसमें कांग्रेस के दो-दो उम्मीदवार बाबूलाल मालवीय, अजीतसिंह को हार का मुंह देखना पड़ा है वही 4 चुनाव से इस विधानसभा क्षेत्र से नन्दकिशोर खत्री, रंजीतसिंह गुणवान (दो बार) रघुनाथसिंह मालवीय जीते है।

      आष्टा विधानसभा सीट इस बार कांग्रेस के लिए तो प्रतिष्ठा का विषय है ही वही जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार के लिए तो काफी महत्वूपर्ण रूप से प्रतिष्ठा का विषय है क्योंकि वे इसी विधानसभा क्षेत्र के है और यह भी कटु सत्य है कि कांग्रेस में परमार जहां है वहां कांग्रेस के अन्य गुट दूसरी और खड़े नजर आयेंगे। अब तो देखना है कि कांग्रेस क्या नया चेहरा मैदान में उतार रही है अगर उतारती है तो किसे और जिसे उतारेगी वो क्या कमाल कमल पर कर पायेगा या फिर कमल को उखाड़ने के चक्कर में पंजा टूट जायेगा इन सब प्रश्ों के उत्तर के लिए प्रत्याशी के नाम की घोषणा तक आष्टा को इंतजार करना पड़ेगा और सभी इंतजार कर रहे है...।