Friday, October 24, 2008

नन्ही बालिका को कुचला, बस फोड़ी

      सीहोर 23 अक्टूबर (नि.सं.)। एक नन्ही डेढ़-दो वर्षीय पलक बालिका प्रहलाद पुत्र शेखू अनुसूचित जाति चांदबड़ धनखेड़ी निवासी चाँदबड़ के पास श्यामपुर मार्ग पर खड़ी थी।

      इसे श्यामपुर की और जा रही बस क्रमांक एमपी 37 बी 0134 के चालक ने तेजी व लापरवाही पूर्वक चलाकर पलक के एक पांव के ऊपर यह वाहन चढ़ गया जिससे उसके पैर टूट गया। इसे जिला चिकित्सालय भेजा गया जहाँ से उसे भोपाल गंभीर अवस्था में भेजा गया।

      इधर घटना से ग्रामीणों में रोष छा गया। उन्होने एकत्र होकर उक्त बस के कांच फोड़ दिये। साथ ही कुछ युवकों ने वाहन में आग भी लगाने के प्रयास किये। जबकि महिलाओं ने तक अपना आक्रोश कांच फोड़कर निकाला।

      यहाँ घटना की खबर मिलने के काफी देर बाद सुस्त मण्डी पुलिस उठी, गाड़ी पर बैठी और फिर धीरे-धीरे घटना स्थल पर पहुँची। इस दौरान वहाँ ग्रामीणों ने एक बस   तो तोड़ ही दी दूसरी पीछे आ रही बस के साथ भी तोड़ फोड़ कर दी। बाद में पुलिस कुछ जागी और फिर उसने तोड़फोड़ करने   वालों पर दबिश दी और उन्हे पकड़ा भी।

अवैध शराब सहित 10 गिरफ्तार

      सीहोर 23 अक्टूबर (नि.सं.)। पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रो में अवैध शराब सहित 10 लोगों को आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर कार्यवाही की हैं।

      जानकारी के अनुसार इछावर पुलिस ने सिराडी निवासी रतन आ.हीरालाल नागर लसुडिया कांगर निवासी राजेन्द्र आ.किशन लाल वर्मा, खेरी निवासी महेश आ.रामचरण जायसवाल आष्टा पुलिस ने पगारिया चौर निवासी जगदीश आ.रतन मालवीय,जावर पुलिस ने परोलिया चौहान निवासी बद्रीलाल आ.करण सिंह सेधौं।

      बुधनी पुलिस ने लालचन्द्र आ.गोविन्द्र भील निवासी खाण्डबढ़, राजेन्द्र आ.गोरेलाल निवासी तालपुरा,शाहगंज पुलिस ने समनापुर निवासी रतनसिंह आ.बुधिया भील, रेहटी पुलिस ने गाड़ी गुराड़िया निवासी उत्तम सिंह आ.केदार   सिंह राजपूत तथा मण्डी पुलिस ने   रामखेडी निवासी सुरज आ.नन्नूलाल  मेवाड़ा को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से 14 बोतल 100 क्वाटर मंदिरा जप्त कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की हैं। 

आष्टा भाजपा से परमार भी टिकिट दौड़ में शामिल

                जावर 23 अक्टूबर (नि.प्र.)। जैसे-जैसे चुनाव का समय निकट आता जा रहा है चुनावी सियासत की शतरंज पर नये-नये नाम तथा समीकरण खुलकर सामने आ रहे हैं। क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य व भाजपा नेता देवी प्रसाद परमार भी भाजपा की टिकट पर आष्टा विधानसभा सीट से उम्मीदवारी हेतु प्रयासरत हैं तथा क्षेत्र में दौरे कर अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं।

      परमार ने आष्टा से उम्मीद्वारी के लिये मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व संगठन मंत्री तक के सामने अपना पक्ष रख चुके हैं। परमार ने अपनी राजनीतिक यात्रा कुण्डिया नाथू पंचायत के पंच से की थी वर्तमान में परमार जिला पंचायत सदस्य हैं। आगामी विधानसभा चुनावों को दृष्टिगत रखते हुए वह ग्रामीण क्षेत्रों में दौरे भी कर रहे हैं।

      परमार की सक्रियता के चलते इनके नाम को लेकर भी कुछ विचार आदि किया जा रहा है। साथ ही इनकी चर्चाएं भी सरगर्म होने लगी हैं। हालांकि टिकिट किसे मिलेगा यह तो भविष्य के गर्भ में छुपा है। हालांकि परमार की सक्रियता ने अन्य उम्मीद्वारों को कुछ परेशानी में डाल दिया है। प्रदेश के कुछ नेताओं ने इन्हे नाम पर विचार करने का आश्वासन भी दे दिया है। 

कृषि विभाग ने खाद की दुकानों पर पहुँच कर दीपावली के पहले ही दीवाली मनाई

      आष्टा 23 अक्टूबर (नि.सं.)। ऐसा कौन है जो दीपावली नहीं मनाना चाहता है साल में एक बार ही तो दीवाली आती है। सरकारी विभाग वालों की दीवाली उस विभाग के अन्तर्गत आने वाले व्यापारी उनके कुबेर देवता होते हैं वे इसलिये सरकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इन दिनों आष्टा अपने-अपने कार्य क्षेत्र के व्यापारियों के यहाँ पहुँच रहे हैं और दीवाली हम भी मनायेंगे, खूब फटाके फोड़ेंगे और खूब मिठाई खायेंगे लेकिन जेब हमारी नहीं तुम्हारी हल्की करेंगे जब हमारी दीवाली मनेगी अब कल की ही तो बात है कल कृषि विभाग सीहोर से कुछ लोग आये इन्हे अधिकारी-कर्मचारी कहे या चौथ वसूली करने वाले भाई ये आये। आष्टा पहुँचे एक खास दुकानदार के यहाँ बैठे सब दुकानदारों को खबर करी। एक-एक करके आ जाओ हमसे मिलो और दीपावली मनाने का शुल्क जमा कराओ बेचारा व्यापारी क्या करता उसे धंधा भी तो करना है इसलिये साहब की दीपावली काली नहीं कर सकता। बेचारे इस विभाग से रोजा पाला पड़ने वाले व्यापारी एक-एक करके आये साहब की सेवा की और चलते बने। मंहगाई के इस दौर में व्यापारी की दीपावली मने या ना मने साहब की तो 5 दिन पहले ही दीपावली मने गई। खबर है की साहब मस्त होकर आष्टा से गये हैं।

जोड़तोड़ नहीं चली, उपाध्याय को जाना पड़ा

      आष्टा 23 अक्टूबर (नि.प्र.)। जनता के कड़े विरोध के बाद आष्टा थाने में पदस्थ टीआई बीके उपाध्याय को कप्तान ने जावर पदस्थ किया था पिछले दिनों उनका जावर से भी स्थानान्तर हो गया लेकिन रुकवाने के लिये जोड़-तोड़ में लगे उपाध्याय को सफलता नहीं मिली और उन्हे आखिरकार कल जावर से रिलीव होना पड़ा। श्री उपाध्याय के स्थान पर भी धर्म सिंह कु शवाह ने पदभार ग्रहण कर लिया है वहीं खबर है कि श्री उपाध्याय जबलपुर हाई-कोर्ट के लिये रवाना हुए हैं क्यों ? इसका इंतजार है। 

बैंक का बजा सायरन, लगी भीड़, तत्काल पहुँची पुलिस

      सीहोर 23 अक्टूबर (नि.सं.)।  आज रात भारतीय स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा का सायरन अचानक बज उठा। जिससे यहाँ भीड़ लग गई। लेकिन इसके साथ ही यहाँ तत्काल कोतवाली थाना प्रभारी दल-बल के साथ पहुँच गये। जांच की गई।

      जानकारी के अनुसार यहाँ बैंक का सायरन बहुत तेज आवाज में बजा जिसके कारण यहाँ आसपास से लोग एकत्र हो गये। तेज आवाज के कारण यहाँ भीड़ एकत्र हो गई। इसी समय पहले यातायात पुलिस पहुँची इसके साथ ही कोतवाली नरेश अजय वर्मा भी सादल-बल के साथ पहुँच गये। यहाँ बैंक कर्मचारियों को बुलाकर अंदर खुलवाया।

      बैंक का सायरन खराब था जिसे नाईट मोड पर नहीं किया गया था। अभी उसे बंद करवा दिया गया है। अंदर स्ट्रांग रुम की तलाशी भी पुलिस ने ली लेकिन कहीं कोई गड़बड़ी नजर नहीं आई। 

तीन की अकाल मौत

      सीहोर 23 अक्टूबर (नि.सं.) जिले के थाना दोराहा में खजूरिया बंगला निवासी चिंरोजीलाल की पत्नि मथरीबाई को मारपीट में आई चोटों के कारण हमीदिया अस्पताल भोपाल में भर्ती कराया गया था जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

      इसी प्रकार ग्राम खजूरियाकलां निवासी विजय गौर आ. रामचरण गौर को गत दिनों बिच्छु के काटने से एल.बी.एस. अस्पताल भोपाल में भर्ती कराया गया था जहां पर उसकी मौत हो गई।

      इधर मण्डी थाना क्षेत्र में सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर स्थित ताहा फैक्ट्री के समीप जीप क्रमांक एमपी 04-एच-4644 के चालक ने अपने वाहन को लापरवाहीपूर्वक चलाकर बाइक से गांव जा रहे ग्राम उचोर अकोदिया निवासी भोजराज आ. कुंवर परमार 22 वर्ष तथा चन्दर आ. ओकार परमार 26 वर्ष को टक्कर मार दी परिणाम स्वरूप घटना स्थल पर ही इन दोनों की मौत हो गई।

      उधर अन्य दुर्घटना में आष्टा थाना क्षेत्र के राजमार्ग स्थित रेल्वे ढाबा के समीप इन्दौर तरफ से बस क्रमांक एमपी 09 केसी 8415 में भिडंत होने से बस में सवार शमसाबाद नगर निवासी प्रकाश घायल हो गया।

      इसी प्रकार इन्द्रा कालोनी आष्टा निवासी मन्दरूप जो गल्ला मण्डी गेट के समीप ट्राफिक जाम होने से सायकल लेकर खड़ा था को गल्ला मण्डी के अंदर से आ रहे ट्रक क्रमांक एमपी 09 केबी 5905 के चालक ने वाहन को लापरवाहीपूर्वक चलाकर पैर पर चढ़ा दिया।

      एक अन्य दुर्घटना में ग्राम कठोतिया निवासी भीमसिंह भिलाला की पत्नि को आज अस्पताला चौराहे पर रोड क्रास करते समय उपचार हेतु भोपाल भेजा गया हैं।

बारह खंभा मेले की तैयारी में जुटा इछावर

      इछावर 23 अक्टूबर (नि.सं.)। इछावर से 15 किलो मीटर दूर स्थित देवपुरा का स्थान कई दिनों से प्रचलित होता जा रहा है। इस मेले में लाखों की तादात में जनता पहुँचती है और पशु के लिये लोग मन्नत मांगकर दूध नारियल चढ़ाकर पूजा अर्चना  करते हैं।

      ग्राम बारह खंबा के एक दुकानदार कमलेश कोरकू बताते हैं कि धीरे-धीरे यह मेला अब प्रदेश भर में पहचाना जाने लगा है। भारी मात्रा में केला, सेव, मिठाईयाँ यहाँ पर बिकती हैं मार्ग की हालत अभी तक दयनीय बनी हुई है। हालांकि इछावर क्षेत्र मंत्री करण सिंह वर्मा का विधानसभा क्षेत्र है लेकिन इसके बाद भी मेला अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा रहता है। दीपावली के दूसरे दिन भाई दूज को यह मेला लगता है। जिसकी तैयारियाँ अभी से चालू हो गई हैं। प्रबंध समिति ने कई व्यवस्थाओं को अंजाम दे दिया है। 

ट्रांसफार्मर में से चोर ले गये क्वाइल और आइल

      आष्टा 23 अक्टूबर (नि.प्र.) आष्टा क्षेत्र में ट्रांसफार्मरों में से चोरी का सिलसिला नहीं थम रहा है 18 अक्टूबर की रात्री में अज्ञात चोर दरखेड़ा निवासी सूरजसिंह सेंधव के खेत पर अपना लगा निजी ट्रांसफार्मर में से अज्ञात चोर आइल और क् वाइल चुराकर ले गये। उक्त 63 एच.पी. का ट्रांसफार्मर दरखेड़ा-डोडी मार्ग पर खेत पर लगा हुआ था। सूरजसिंह ने जावर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। स्मरण रहे इसके पूर्व में क्षेत्र में कई डी.पी. में से चोर लाखों का सामान चुराकर ले गये है गत दिवस एक गैंग पकड़ी लेकिनप उनसे कोई खास पुलिस बरामद नहीं कर पाई थी।

Thursday, October 23, 2008

पोटा का विरोध करने वाले नेताओं को फांसी पर लटका देना चाहिये?, नुक्‍कड़ नाटक के बहाने कर गये प्रचार


नगर के बीच चौराहे पर किया नुक्कड़ नाटक, धारा 144 का हुआ खुला उल्लंघन

      सीहोर 22 अक्टूबर (नि.सं.)। विधानसभा चुनाव के गर्मागर्म माहौल में जब धारा 144 भी लग चुकी है ऐसे में तरह-तरह के प्रचार-प्रसार के प्रयास विभिन्न पार्टियों द्वारा किये जाना शुरु हो गये हैं। आज धारा 144 का खुला उल्लंघन करते हुए भोपाल से अचानक एक नुक्कड़ नाटक करने वाला दल आया और उसने यहाँ नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ पोटा कानून के  महत्व को प्रतिपादित किया तथा जिन लोगों ने इसका विरोध किया उन नेताओं को गद्दार व देशद्रोही कहा। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भरे चौराहे पर नेताओं को गालियाँ देने के अलावा इस दल ने यह भी कहा कि यदि हम जिंदा है तो सिर्फ इसलिये क्योंकि आतंकवादियों ने हमें अब तक निशाना नहीं बनाया है।

      धारा 144 लगे होने के बावजूद विगत दो दिनों से एक टाटा सूमों पर मातृभूमि रक्षा मंच के स्टीकर और कुछ बेनर आदि लगाकर कुछ युवकों की टोली सीहोर में आ रही है कल इन्होने लीसा टाकीज चौराहे पर बिना पूछे-ताछे अपना नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, आज नगर के व्यस्त नमक चौराहे पर इन्होने जीप अड़ा दी और करीब एक घंटे तक अपना नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। देश में व्याप्त आतंकवाद के प्रति जनता में जागरुकता फैलाने का इनका ध्येय यह बता रहे थे लेकिन क्या वाकई इनका ध्येय यही था या सिर्फ राजनीति पर अंगूली उठाना और किसी एक पार्टी पर तीर यह छोड़ने के लिये यह प्रस्तुति दे रहे थे।

      मातृभूमि रक्षा मंच के विनोद महंत लेखक द्वारा यह नुक्कड़ नाटक लिखा गया था जिसमें रोशन मकोरिया, नीतेश गोलेला, ब्रह्मानंद दिलवालिया, सुशील, नीरज पीपले, अंगद गिरी, विजेन्द्र रजक, प्रीति आदि ने प्रस्तुति दी।

      इनके नाटक में आये कुछ डायलाग की वानगी इस प्रकार थी। एक युवक बोलता है ''अरे भाई तो तुम सब लोग क्या सोचते हो अगर हम सब लोग जिंदा है तो इस देश की सरकार की वजह से ? ऐसा नहीं है यदि हम सब जिदा है तो इसलिये क्योंकि'' इसके बाद सारे कलाकार एक साथ तेज आवाज में बोलते हैं 'क्‍योंकि आतंकवाद की प्राथमिकता में हमारी मौत शामिल   नहीं है''  

      एक अन्य वाक्याशं युवक बोलता है ''आज के पेपर में कितना भयानक दृश्य दिया है, खून से लथपथ लाशे, मदद की पुकार लगाते लोग, क्या यही किस्मत रह गई है हमारे देश के लोगों की, बिल्कुल ठीक कहते हो भैया हमारा देश आतंकवाद रुपी जहर के डंस से छटपटा रहा है, और हमारे देश की सरकार कुछ नहीं कर रही''। इतने में दूसरा युवक बोलता है ''अरे तो भैया हमारे देश में क्या ऐसा कोई कानून नहीं है जिससे इन आतंकवादियों को खत्म कर दिया जाये....? एक युवक पूरे आक्रोश में बोलते हु''था ऐसा कानून था पोटा कानून... जिससे आतंकवादियों की रुह तक कांप जाती थी'', दूसरा युवक - लेकिन भैया पोटा कानून ऐसा था और इससे आतंकवादियों की रुह तक कांप जाती थी, जब यह देश के हित में था तो फिर देशहित में काम करने वाले इस पोटा कानून का देश के नेताओं ने विरोध क्यों किया ? ''अरे सीधी सी बात है भैया आतंकवादियों को बढ़ावा देने के लिये, मैं तो कहता हूं की ऐसे नेताओं को सूली पर चढ़ा देना चाहिये...बिल्कुल ठीक कहते हो, अगर हमारे देश की सरकार चाहती तो मजाल है किसी आतंकवादी की जो हमारे देश में घुस जाता । यह तो हमारी देश की सरकार को सोचना है कि आतंकवाद को जड़  से उखाड़ फेंकना है या फिर देश   बांटना है...।''

      इस पर एक युवक सरकार का मजाक उड़ाते हुए कहता है ''अरे भैया हमारी सरकार तो उनको पालती है''

      आतंकवाद पर प्रहार के साथ पोटा कानून का विरोध करने वाले नेताओं को तो इस नाटक मंडली ने घेरा ही बल्कि आतंकवादी को मौत की सजा नहीं देने की बात भी उछालते हुए यह बोलते हैं ''अरे मैं आप लोगों से पूछता हूं कि जब देश के सुप्रीम कोर्ट ने उस आतंकवादी को फांसी की सजा सुना दी थी तो क्या जरुरत थी हमारे देश की सरकार को उसे बचाने की, आतंकवादियों को पनाह दे रही है हमारे देश की सरकार, उन्हे पाल-पोस रही है। है इस बात का किसी के पास कोई जबाव? ''

      इस पर एक बारगी देश के सर्वोच्च न्यायालय के लिये यह कहते हैं कि ''हमारे यहाँ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को नहीं माना जाता बल्कि आतंकवादियों को दावते दी जाती हैं दावतें...यह है हमारा हिन्दुस्तान।'' हम पूछना चाहते हैं इस जनता आवाम से जो भी आतंकवादी घटनाएं हो रही हैं इस सबका जिम्मेदार कौन है ? इन आतंकवादियों को बढ़ावा कौन देता है हमारे देश के कुछ नेता । यह आतंकवाद खत्म होगा कानून से, युवाओं के संगठन से, देश के प्रति प्रेम से तो आईये हमारे साथ और देश इस मातृभूमि की रक्षा के लिये शपथ लीजिये। आतंकवाद एक सवाल है कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हमारे देश को तोड़ना चाहते हैं यह आतंकवादी यह क्या सोचते हैं की हमारा देश नपुंसक है। ऐसा नहीं है जब हमारे देश का नौजवान जागेगा तो आतंकवादियों को बढ़ावा देने वाले नेताओं को खदेड़-खदेड़ कर भगायेगा।

      और इस प्रकार यह मातृभूमि रक्षा मंच अपनी बात एक नुक्कड़ नाटक के माध्यम से वही ही साफगोई से कह गया। प्रदेश में भाजपा का शासन है, चुनाव आचार संहिता लग चुकी है और नेताओं को खुले आम इस मंच के माध्यम से कोसा गया। ऐसे में जब अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री मिश्रा से इस संबंध पूछा गया तो उन्होने कहा कि अभी मुझे जानकारी नहीं थी, लेकिन तत्काल में कार्यवाही करता हूं। सूत्र बताते हैं कि यह दल बस स्टेण्ड पर भी अपनी प्रस्तुति देने वाला था लेकिन इसे तहसील कार्यालय में तलब कर लिया गया था।

नेताओं के यहाँ कर्मचारी दिखे तो उनकी खैर नहीं

      सीहोर 22 अक्टूबर (नि.सं.)। नगर के ऐसे अनेक राजनेता है जिनके यहाँ विभिन्न विभागों के कर्मचारी काम करते हैं। इन्हे वेतन तो विभाग से मिलता है, लेकिन यह उपस्थिति नेताजी के घर की लगाते हैं। पूरा काम वह नेताजी का ही किया करते हैं। कुछ तो उनके पिट्ठू हो गये हैं, कुछ मजबूर हैं। जो भी हैं लेकिन चुनाव आयोग के सख्त निर्देशों के बाद अब ऐसे कर्मचारियों की खैर नहीं है। ऐसे कर्मचारियों पर चुनाव आयोग की बारीक नजर लगी हुई है...।

      आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान चुनाव आयोग जहाँ शासकिय सम्पत्तियों का निजी उपयोग होने से रोकने पर ध्यान दे रहा है वहीं शासकिय कर्मचारियों द्वारा जिन निजी नेताओं की सेवा की जा रही है उन पर विभाग की नजर टेढ़ी है।

      नगर में ऐसे कई लोग हैं जो खाते तो विभाग की हैं पर बजाते अपने नेताजी की हैं। विशेषकर नगर पालिका कार्यालय, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, मण्डी कमेटी, जिला पंचायत विभाग, जनपद पंचायत विभाग, जिला सहकारी बैंक जैसी संस्थाएं निगाह में हैं। यहाँ के लोगों की सूचियाँ बनना जारी है। देखते हैं आगामी दिनों में क्या होता है।

ईनाम का लालच देकर पुड़िया खुलवाने वाला जुंआरी गिरफ्तार

              आष्टा 22 अक्टूबर (नि.सं.)। यूँ तो आष्टा में जुंआ और सट्टा जिधर निगाह घुमाओ उधर होता है लेकिन आष्टा नगर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में चतुर चालाक एक नये तरह का जुंआ हाट में आये भोले-भाले ग्रामीणों को लालच देकर कराते हैं और उनकी जेबे खाली करवाते थे।

      पिछले हफ्ते जुंआ खिलवाने वालों में जमकर झगड़ा हुआ था आज साप्ताहिक हाट में टीआई हनुमंत सिंह राजपूत सादल बल के भोले भाले ग्रामीणों को इनाम का जुंआ के लालच में लूटने वाले इन जुंआरियों को पकड़ने पहुँचे तथा इन्हे धर दबोचा। बाद में आष्टा थाने में पकड़े गये मुकेश पुत्र रामचन्द्र लोहार उम्र 34 निवासी बुधवारा आष्टा के खिलाफ धारा 13 जुंआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया। इसके पहले जैसे ही थाना प्रभारी आज हाट में लगने वाले 3-4 ठेलो को पकड़ने पहुँचे लेकिन एक ही हाथ आ पाया।

      स्मरण रहे यह लोग इस तरह का जुंआ पिछले कई वर्षों से खाकी वर्दी के संरक्षण में खिलाते आ रहे थे नागरिकों ने कई बार पूर्व में रहे थाना प्रभारी व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को बताया लेकिन कभी भी किसी अधिकारी ने इन लोगों को पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटाई थी।

7 के पहले 6 के बाद बुलाई छात्रा...तो खैर नहीं, बजरंग दल छेड़ेगा मजनुओं के खिलाफ अभियान

सीहोर 22 अक्टूबर (नि.सं.) जानकारी के अनुसार नगर में आये दिन छात्राओं को परेशान करना, उनको छेड़ना, अपशब्द कहना ये घटनायें दिन प्रतिदिन सामने आ रही है आज बजरंग दल नगर इकाई ने निर्णय लिया है कि यदि स्कूलों व टयूटशन सेन्टरों के बाहर छुटटी के पश्चात यदि मजनुओं को वहां पाया या पकड़ा गया तो उनकी खैर नहीं होगी।

      बजरंग दल ने यह भी तय किया है कि यदि सुबह छात्राओं की टयूशन के समय यदि कोई मजनू पाया गया तो उसको गधे की सवारी कराई जावेगी। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी स्वयं उसी की होगी।

      बजरंग दल नगर संयोजक शंकर ठाकुर ने मजनू आपरेशन के नाम से एक दस्ता तैयार कर लिया हे जो नगर में टयूशन सेन्टर, विद्यालय तथा कालेज के आस-पास समय-समय पर निगरानी रखेगा एवं मजनुओं की सूची तैयार करेगा।

      जिस तरह असामाजिक तत्वों द्वारा छात्राओं से छेड़छाड़ की जाती है वह सुबह के समय होती है वर्तमान में शिक्षकों द्वारा छात्राओं को सुबह 5 बजे अंधेरे में ही अपने टयूशन सेन्टरों पर बुला लिया जाता है अत: सबह सुनसान मार्ग पाकर मजनू इन छात्राओं के साथ अशील हरकते करने से बाज नहीं आते। अत: शिक्षकों (टशूशन सेन्टर) को चेतावनी दी जाती है कि यदि कोई भी शिक्षक सुबह 7 बजे से पहले 6 बजे के बाद किसी छात्रा को अपने टयूशन सेन्टर पर बुलाये गये तो वह अपनी दुर्गति का स्वयं जिम्मेदार होगा।

जो बोला बीमार हूं उसकी जांच करेगा निर्वाचन विभाग

      सीहोर 22 अक्टूबर (नि.सं.)। सरकारी अधिकारी  कर्मचारी चुनावी डयूटी से बचने के लिए बीमारी का बहाना नहीं बना सकेंगे। मेडीकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही अब तय होगा कि बीमारी का बहाना कारगर हो पायगा या नहीं।

      चुनावों में चुनावी डयूटी से बचने की प्रवृत्ति आम है पर यह खास बन जाय तो चुनाव कौन करायगा । यह यक्ष प्रश्न सामयिक हो पाए इसके पहले ही कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसका इंतजाम कर दिया है। चुनावी डयूटी से बचने के लिए बीमारी का बहाना अब मुश्किल ही कारगर हो पायगा। बहुतायत में बीमारी के आवेदन प्राप्त होने के कारण यह तय किया गया है कि जिन भी सरकारी कर्मचारियों ने बीमारी के कारण चुनावी डयूटी से मुक्त रहने के लिए आवेदन दिए हैं उनका मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराया जाय। परीक्षण के लिए डाक्टरों का एक बोर्ड प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट में बैठेगा और वह उन लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगा जिन्होंने बीमारी के कारण चुनावी डयूटी से मुक्त होने के लिए आवेदन किया है।

      गौरतलब है कि चुनावी डयूटी से बचने के लिए एक बड़ी संख्या में आवेदन जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंच रहे हैं जिनमें यह तय कर पाना मुश्किलों भरा साबित हो रहा है कि किसे किस बीमारी से ग्रासित माना जाय। अब यह काम डाक्टरों का बोर्ड करेगा कि किसे किस बीमारी ने ग्रस रखा है। इस प्रक्रिया के चलते चुनावी डयूटी से तभी मुक्ति मिलेगी जब व्यक्ति वास्तविक रूप से बीमार होगा। बहुतों का चुनाव डयूटी का बुखार अब उतार पर होगा।