Thursday, October 23, 2008

जो बोला बीमार हूं उसकी जांच करेगा निर्वाचन विभाग

      सीहोर 22 अक्टूबर (नि.सं.)। सरकारी अधिकारी  कर्मचारी चुनावी डयूटी से बचने के लिए बीमारी का बहाना नहीं बना सकेंगे। मेडीकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही अब तय होगा कि बीमारी का बहाना कारगर हो पायगा या नहीं।

      चुनावों में चुनावी डयूटी से बचने की प्रवृत्ति आम है पर यह खास बन जाय तो चुनाव कौन करायगा । यह यक्ष प्रश्न सामयिक हो पाए इसके पहले ही कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसका इंतजाम कर दिया है। चुनावी डयूटी से बचने के लिए बीमारी का बहाना अब मुश्किल ही कारगर हो पायगा। बहुतायत में बीमारी के आवेदन प्राप्त होने के कारण यह तय किया गया है कि जिन भी सरकारी कर्मचारियों ने बीमारी के कारण चुनावी डयूटी से मुक्त रहने के लिए आवेदन दिए हैं उनका मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराया जाय। परीक्षण के लिए डाक्टरों का एक बोर्ड प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट में बैठेगा और वह उन लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगा जिन्होंने बीमारी के कारण चुनावी डयूटी से मुक्त होने के लिए आवेदन किया है।

      गौरतलब है कि चुनावी डयूटी से बचने के लिए एक बड़ी संख्या में आवेदन जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंच रहे हैं जिनमें यह तय कर पाना मुश्किलों भरा साबित हो रहा है कि किसे किस बीमारी से ग्रासित माना जाय। अब यह काम डाक्टरों का बोर्ड करेगा कि किसे किस बीमारी ने ग्रस रखा है। इस प्रक्रिया के चलते चुनावी डयूटी से तभी मुक्ति मिलेगी जब व्यक्ति वास्तविक रूप से बीमार होगा। बहुतों का चुनाव डयूटी का बुखार अब उतार पर होगा।

राजनीतिक दल अब हर कहीं सभा नहीं कर पायेंगे, स्थान तय किये

      आष्टा 22 अक्टूबर (सुशील संचेती) इस बार निर्वाचन आयोग के कड़े निर्देशों के कारण स्थानीय प्रशासन के आचार संहिता का पालन कराने के लिए सख्त बना हुआ है इस बार क्षेत्र में राजनीतिक दल चुनाव के दौरान नेताओं की सभा हर कही नहीं करा पायेंगे। आष्टा-जावर सिद्दीकगंज क्षेत्र में प्रशासन ने सभाओं के लिए स्थान तय कर दिये है। सभा के लिए अब पहले आवेदन देकर परमिशन लेना होगी गत दिवस जनपद में एस.डी.एम. की अध्यक्षता में तहसील के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों पंचायत सचिवों की बैठक हुई ।

      जिसकी सभी को सख्त निर्देश दिये गये है बैठक में बताया गया कि आष्टा में चुनावी सभा बड़ा बाजार, पुराना बस स्टेण्ड एवं श्यामाप्रसाद मुखर्जी एकाउण्ट पर ही की जा सकेगी जावर में गांधी स्मारक चौक, बस स्टेण्ड पर, कजलास में बस स्टेण्ड पर खडी में बस स्टेण्ड पर, खामखेडा में बस स्टेण्ड पर, कुरावर-मुरावर में बस स्टेण्ड पर, सिद्दीकगंज में बस स्टेण्ड, खाचरोद में बस स्टेण्ड बाजार में, अन्य स्थानों पर सभा के लिए स्थान तय किये गये है। चुनाव के सम्बंध में और भी कई दिशा-निर्देश दिये गये। वही बिना अनुमति के कोई भी दल सभा नहीं कर पायेंगे। सभा के पहले अनुमति लेना आवश्यक होगा। उक्त जानकारी तहसीलदार बिहारी सिंह ने फुरसत को बताते हुए कहा कि बैठक में यह भी निर्देश दिये है कि कही भी शासकीय भवनों पर राजनीतिक दलों के पोस्टर बेनर लेखन आदि हो तो हटाये जाये।

पहले लगा किसी ने पत्थर मारा पर देखा तो आम निकला...

      आष्टा 22 अक्टूबर (नि.प्र.)। इस बे-मौसम में भी किसी आम के पेड पर आम लग सकता है उत्तर नहीं लेकिन आष्टा के शटर बनाने वाले व्यापारी जो कि अपने कार्य से ग्राम हरनावदा गये थे आते वक्त अरनावदा के कृषक मनोहर सिंह ठाकुर के खेत पर खडे आम के वृक्ष से आम टपके और शटर व्यापारी मो. युसुफ अंसारी पर गिरे अंसारी घबराये की किसी ने पत्थर मारा है लेकिन जब देखा तो वो आम था। युसूफ आश्चर्य में पड गया कि इस मौसम में आम उन्होंने उक्त आम को कृषक विनोद पटेल के साथ फुरसत कार्यालय में बताया आम आधा पका था निश्चित यह प्रकृति और मौसम का ही कमाल है।

डूबने से बालिका की मौत

      आष्टा 22 अक्टूबर (नि.सं.)। थाना आष्टा क्षेत्र में ग्राम भटोनी निवासी 15 वर्षीय भूरीबाई पुत्री रामसिंह परमार की आज सुबह अचानक कुएं में डूबने से मौत हो गई।

 

पति सहित चार के विरूद्ध दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज

      आष्टा 22 अक्टूबर (नि.सं.) पुलिस ने आज एक विवाहिता की रिपोर्ट पर पति सहित चार लोगों के विरूद्ध दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज किया हैं।

      छात्रावास आष्टा निवासी याकूब की पुत्री शर्मिला बी की शादी 08 माह पूर्व अलीपुर आष्टा निवासी बबलू के साथ हुई थी बताया जाता है कि शादी के बाद से शर्मिला बी का पति बबलू उसे और अधिक दहेज में पचार हजार रुपये की मांग कर प्रताड़ित करने लगा। उसके इस कार्य में ससुर शहीद खां, सास प्रेमिका बी, दादी सास जेतन बी द्वारा भी सहयोग किया जाता था। पुलिस ने शर्मिला बी की रिपोर्ट पर प्रकरण कायम कर लिया हैं।

 

10 जुंआरी गिरफ्तार

      सीहोर 22 अक्टूबर (नि.सं.) कोतवाली थाना पुलिस ने कुमार मोहल्ला से ताश पत्तों से हारजीत करा दाव लगाकर जुंआ खेलते हुये लक्ष्मण आ. उदयराम, सुनील आ. शिवलाल, बाबूलाल आ. हेमराज, सोनू आ. भागीरथ तथा नसरूल्लागंज पुलिस ने इन्द्रा आवास कालोनी लाड़कुई से इशाक खां, प्यारे मियां, रामसिंह एवं बुदनी पुलिस ने माना बुदनी से तालपुरा निवासी मनीष, राजेश, बृजलाल को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से 2525 रुपये नगदी व ताश पत्ते जप्त कर धूत अधिनियम के तहत कार्यवाही की हैं।

पम्पलेट पर मुद्रक प्रकाशक का नाम पता जरूरी

               सीहोर 22 अक्टूबर (नि.सं.)। अपर  कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती भावना वालिम्बे ने चुनाव संबंधी पैम्फलेट, पोस्टरों और मुद्रित चुनाव सामग्री के मुद्रण और प्रकाशन पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में निहित प्रावधान लागू किए हैं।

      लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में निहित प्रावधानों के मुताबिक अब कोई भी व्यक्ति कोई ऐसी निर्वाचन पुस्तिका या पोस्टर मुद्रित नहीं करायगा जिसके मुख पृष्ठ पर उसके मुद्रक और प्रकाशक का नाम पता नहीं होगा। कोई भी व्यक्ति निर्वाचन पैम्फलेट या पोस्टर तब तक मुद्रित या प्रकाशित नहीं करेगा अथवा करायगा जब तक कि उसके प्रकाशक की पूरी पहचान कायम न हो जाय। प्रकाशक अपने स्वयं के द्वारा हस्ताक्षरित और ऐसे दो व्यक्ति जो उसे ठीक तरह पहचानते हों उनके द्वारा प्रमाणित द्विप्रतीक घोषणा, मुद्रक को नही दे देता। किसी अभ्यर्थी या अभ्यर्थियों के समूह के निर्वाचन को प्रतिकूल रूप में प्रभावित करने वाले पैम्फलेट या पोस्टर, पर्चा या अन्य दस्तावेज या निर्वाचन के प्रति इंगित करने वाले प्लेकार्ड को निर्वाचन पैम्फलेट या पोस्टर माना जायगा।

      जो भी व्यक्ति लोक प्रतिनिधित्व में निहित प्रावधानों का उगंघन करेगा वह छ: माह के कारावास या दो हजार तक के जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किया जा सकेगा। उप जिला दण्डाधिकारी ने यह साफ कर दिया है कि विधानसभा निर्वाचन के तहत आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है अत: अधिनियम के प्रावधानों के मुताबिक किसी भी चुनावी पैम्फलेट, पोस्टर या मुद्रित इसी तरह की अन्य सामग्री की प्रिन्ट लाइन पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम व पता स्पष्ट से लिखा जायगा। मुद्रणालयों के स्वामियों को बता दिया गया है कि वे प्रकाशन से प्राप्त विज्ञप्ति सहित मुद्रित सामग्री और उसकी मुद्रित तीन प्रतियां मुद्रण के तीन दिन के भीतर जिला निर्वाचन कार्यालय को आवश्यक रूप से मुहैया कराएंगे। उप जिला दण्डाधिकारी ने कहा है कि उगंघन की स्थिति पर नजदीकी नजर रखी जायगी और ऐसे मामलों में राज्य के संबंधित कानूनों के तहत कार्यवाही होगी जिसमें मुद्रणालय के लायसेन्स का प्रतिसंहरण भी शामिल है। जैसे ही चुनावी पैम्फलेट या पोस्टर प्राप्त होंगे उनकी जांच की जायगी कि प्रकाशक और मुद्रक ने कानून की अपेक्षाओं और आयोग के निर्देशों का ठीक तरीके से पालन किया है या नहीं। निर्वाचन पैम्फलेटों, पोस्टरों आदि के प्रकाशन संबंधी मामलों में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों और आयोग के निर्देशों के उगंघन की दशा में दोषियों के विरूध्द अभियोजन किए जांएगे। सभी राजनैतिक दलों से कहा गया है कि वे सावधानी से निर्धारित प्रावधानों, अनुबंधों और उपबंधों का ध्यान रखें।

कांग्रेस सामंतवादी सोच वालों की एवं भाजपा उद्योगपतियों की पार्टी है-चौहान

      जावर 22अक्टूबर (नि.प्र.)। देश को आजाद हुए 61 वर्ष हो गये लेकिन आज भी देश की स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। देश में अमीर लोग अमीर बनते जा रहे है। और गरीब और गरीब बनता जा रहा है। आज देश में किसान मजदूर की क्या हालत है किसी से छिपी नहीं है देश के 80 लोग गांवों में निवास करते है लेकिन उनकी कोई चिंता नहीं करता इन्हीं 80 प्रतिशत लोगों के दम पर सरकारे बनती है देश में कांग्रेस पार्टी ने करीब 45 साल राज किया लेकिन उसने कभी दलित शोषित पिछडा वर्ग व अल्पसंख्यकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। आज देश की बदहाली के लिए कांग्रेस व भाजपा दोनों पार्टिया बराबर की दोषी है एक सांपनाथ तो एक नागनाथ इन्होंने हमेशा लोगों को लडाने का काम किया है। कांग्रेस सामंतवादी सोच वालों की पार्टी है तो भाजपा उद्योगपतियो की यह बात प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलसिंह चौहान ने शनिवार को गांधी स्मारक पर पार्टी द्वारा आयोजित सभा में कही इस मौके पर सोभालसिंह सिसोदिया जगदीश द्रविड, जोरावर सिंह, हरिसिंह मेवाड़ा व ठाकुर वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर पार्टी की रीति-नीति से प्रभावित होकर ग्राम चिन्नौठा के 25 भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजेन्द्रप्रसाद वर्मा के नेतृत्व में प्रजातांत्रित समाधान पार्टी में शामिल होने की घोषणा की पार्टी में आये सभी कार्यकर्ताओं का कमलसिंह चौहान ने पुष्पहारों से स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन जीवन मालवीय ने व आभार मुंशीलाल ने व्यक्त किया।

उमाश्री भारती 25 को सीहोर में

सीहोर 22 अक्टूबर (नि.सं.) भारतीय जनशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री 25 अक्टूबर 08 शनिवार को शाम 3 बजे स्थानीय बड़ा बाजार छावनी, सीहोर में एक विशाल आमसभा को सम्बोधित करेंगी। सम्भवत: यह आम सभा इसलिये रोचक रहेगी, क्योंकि इसमें सुश्री भारती भाजपा के सम्बंध में कुछ रोचक तथ्य भी उजागर करेंगी।

      इस सभा में सम्भवत: सुश्री भारती द्वारा सीहोर जिले के प्रत्याशियों की घोषणा होने की संभावना है, सुश्री उमा भारती की विशाल आमसभा को सफल बनाने की अपील भाजश के प्रदेश सचिव एवं जिला प्रभारी लोकेन्द्र सिंह मेवाड़ा के साथ अपील करने वालों में प्रमुख रूप से श्याम चौरसिया, कमलेश कुशवाहा, नन्दकिशोर पाटीदार, कमलेश राठौर, आशीष पचौरी, हेमंत राठौर, श्रीमति रमीला  परमार, प्यारेलाल पाटीदार, दिनेश पुष्पद, सुरेन्द्रसिंह लोधी, पवन पाटीदार, गगन रायकवार, दिनेश लोधी, लालाराम कुशवाह, बबली शुक्ला, ज्योति पाण्डे, कृष्णा खरे, सृष्टि राठौर, सुधा पाण्डे आदि।

Wednesday, October 22, 2008

यदि मैं विधायक बन जाऊं तो हर नागरिक विधायक होगा- अखिलेश राय

राजनीति पर लोकप्रिय समाजसेवी अखिलेश राय की फुरसत से बेवाक बातचीत

      सीहोर 21 अक्टूबर (फुरसत)।  नगर के लोकप्रिय समाजसेवी और राजनीतिक दृष्टिकोण से नगर पालिका चुनाव के स्टार प्रचारक के रुप में उभरे उजवल छवि के युवा अखिलेश राय को लेकर नगर के हर आम और खास नागरिक के दिलों में कई अरमान जागे हुए हैं...। बड़े स्तर पर आगामी चुनावों के लिये लोग अखलेश राय के आगे आने के सपने संजो रहे हैं। लेकिन राजनीति के संबंध में अखलेश राय क्या सोचते हैं? क्या उन्हे राजनीति से लगाव है ?  क्या चुनाव लड़ना वह पसंद कर सकते हैं ? क्या उन्हे टिकिट मिल जायेगा तो वह चुनाव लड़ेंगे ? ऐसे अनेकानेक प्रश्न आम नागरिकों के मन उमड़-घुमड़  रहे हैं। वर्तमान राजनीतिक संदर्भों में स्वयं ही घर बैठे अखलेश राय की चर्चाएं सरगर्म हैं। वह एक कुशल व्यापारी व समाजसेवी हैं, और उन्होने अपने व्यापार को आज जिस मुकाम पर पहुँचाया है साथ ही अपनी कार्यपध्दति से वह लोकप्रिय बने हुए हैं तो ऐसे में क्या एक व्यापारी के रुप में ही उन्हे देखा जाना चाहिये ? अथवा राजनीतिक सोच और विचार भी वह रखते हैं। इन्ही सब बातों के लिये फुरसत ने उनसे जब बातचीत का प्रस्ताव रखा तो उन्होने खुलकर राजनीति पर बेबाक बात की। प्रस्तुत है अखिलेश राय से राजनीति पर केन्द्रित बातों के कुछ अंश...।

       फुरसत- आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर शहर में यह चर्चाएं आम हैं कि आपको कांग्रेस से टिकिट मिल सकता है ? क्या आप चुनाव लड़ना पसंद  करेंगे ?

      अखिलेश - नहीं, मुझे टिकिट क्यों मिलेगा, मैने तो कांग्रेस से टिकिट भी नहीं मांगा है, ना मांगूगा । यह सही है कि पिछले कुछ दिनों से मेरे चाहने वाले व इष्ट मित्रों ने मुझसे बार-बार कहा है कि मैं चुनाव लडूं , उन्होने ही कांग्रेस में ऊपर तक बात भी पहुँचाई है कि मुझे टिकिट दिया जाये लेकिन इससे मैं खुद दूर हूँ। चुनाव लड़ने की तो बात ही दूर है। इस संबंध में मेरी पचौरी जी से भी बात हुई थी।

      फुरसत - चलिये मान लीजिये कि कांग्रेस ने आपको बिना मांगे ही टिकिट दे दिया है अब आप क्या करने वाले हैं ?

      इस प्रश्न पर अखलेश राय हंसते हुए कहते हैं कि देखिये यदि मैं चुनाव लडूंगा तो मेरे मित्रों व चाहने वालों का कहना है कि पूरे प्रदेश में सर्वाधिक मतों से विजयी होने का रिकार्ड बन सकता है। दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से मुझे लगातार ग्रामीणजन सम्पर्क करके साल भर से चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं। श्री राय ने इस संवाददाता को स्मरण दिलाया कि मैने आपको नगर पालिका चुनाव में ही बताया था कि हम जहाँ भी प्रचार करने जाने वाले होते थे वहाँ पहले से ही हमें फोन आने लगते थे भाई साहब आपको आने की जरुरत नहीं है, हम तो स्वयं ही आपके पक्ष में हैं, आपने इतना किया है, पहली बार हमारा (जनता का) मौका आया है, हम निश्चित ही आपके पक्ष में रहेंगे। श्री राय ने बताया कि ऐसे ही मेरे परिचितों के फोन फिर पिछले दिनो से लगातार आ रहे हैं और पूरे ग्रामीण क्षेत्रों तक से आ रहे हैं। श्री राय ने कहा कि जिसका कुछ करने का जबा हो, सोच अच्छी हो, तो उसे दिक्कत आने का सवाल ही नहीं उठता।

      तो आप क्या करने वाले हैं ? (हमारी इस बातचीत के दौरान अखिलेश राय को लगातार कई फोन आ रहे थे जिनमें से लगभग सभी से वर्तमान राजनीति को लेकर कुछ चर्चाएं चल रही थीं, जिससे लग रहा था कि निश्चित ही आगामी विधानसभा को लेकर उनसे सम्पर्क रखने वाले उनसे राजनीतिक बातें कर रहे हैं)

      अखलेश - (हंसते हुए) देखिये मेरे बड़े भाई साहब को राजनीति का शोक है, मुझे नहीं है, मैं इससे बचता रहा हूँ। बड़ो की भावना का सम्मान भी मैं करना चाहता हूँ। इसलिये यह बात भविष्य पर छोड़ दी जाये, की क्या मुझे राजनीति करना है या नहीं।

      फुरसत - यदि आप राजनीति करते या विधायक होते तो आपकी कार्यशैली क्या होती ?

      अखिलेश - देखिये आदमी में इच्छा शक्ति हो, उसका सोच सकारात्मक हो तो कोई भी कार्य आसानी से हो सकता है। यदि राजनेता सिर्फ अखबारों में फोटो छपवाने के ही प्रयास करते रहेंगे ? या कार्यक्रम में भाषण देने के लिये उतावले रहेंगे तो फिर विकास कैसे होगा?  मैं आपसे कहता हूँ कि यदि मैं विधायक बन जाऊं तो निश्चित ही शहर में एक लाख विधायक हों, हर आदमी विधायक का काम करे। आज अमेरिका का राष्ट्रपति भाषण देता है तो सिर्फ 2 मिनिट में अपनी बात पूरी कर देता है, उसे काम की यादा चिंता रहती है लेकिन यहाँ सिर्फ अखबारों में नाम कैसे छपे इसकी चिंता यादा करते हैं। मेरा मानना है कि जनता काम चाहती है ना की जबरन की बातें, और मैं तो काम में ही विश्वास रखता हूं । यदि मैं विधायक होता तो वह सब काम पहली प्राथमिकता से निपटा देता, जो काम विधायक कर सकता है। मेरा मानना है काम के प्रति सकारात्मक  सोच होना चाहिये, स्वयं ही काम होने लगता है। काम बड़ा नहीं है, लेकिन राजनीति करने की परिभाषा ही बदल दी गई है, उसे अखबारों में छपना, दुकानों का उद्धाटन करना, भाषण देने तक सीमित कर दिया गया है। जबकि मेरे हिसाब से राजनीति का मतलब है काम के प्रति समर्पण।

      फुरसत अच्छा यह बताईये की नगर को लेकर कोई विशेष योजना कभी आपके मन में आई हो ? क्या सीहोर के विकास से आप संतुष्ट हैं ?

      अखिलेश - सीहोर में विकास हुआ ही कहाँ है ? सीहोर तो लगातार पिछड़ता जा रहा है, नेताओं की राजनीतिक इच्छा शक्ति के अभाव में शुगर फेक्ट्री सहित अन्य उद्योग धंधे बंद हो गये हैं। मेरी हार्दिक इच्छा है कि टाउन हाल के पास जमीन है, शहर के बीच में यह जगह है वहाँ एक वाटर पार्क बनवाया जाये जहाँ आम लोग आ जा सकें। यहाँ टाउन हाल में गेम्स वालों के लिये विशेष मशीनें और उपकरण लगवाये जायें। अस्पताल से लेकर पान चौराहा तक और वहाँ से तहसील चौराहा तक एक बहुत अच्छी गुणवत्ता की सड़क बनवाई जाये। इन दोनो ही कार्यों के लिये मैने नगर पालिका से इच्छा प्रकट करते हुए यह भी कहा था कि जनभागीदारी में ऐसी योजना बनवाई जाये। जनभागीदारी हम करने को तैयार हैं। लेकिन नगर पालिका में कोई काम करना ही नहीं चाहता।

       फुरसत - कांग्रेस से आपको टिकिट मिल गया तो खण्ड-खण्ड कांग्रेस और विभिन्न मठों का क्या होगा ?

      अखिलेश - इस पर भी श्री राय ने कहा कि वैसे मैं ना तो चुनाव लड़ने जा रहा हूँ, ना मैने टिकिट मांगा है। लेकिन मैं फिर वही बात कहूंगा कि कांग्रेस को एक दिन में लामबध्द किया जा सकता है, क्योंकि सोच यदि सही हो, आपका तरीका सही हो तो सब हो सकता है। सब एक साथ काम कर सकते हैं, क्योंकि विकास के मुद्दे पर कौन साथ नहीं देता।

      फुरसत- तो यह बताईये की नगर पालिका चुनाव मैं आपको देखकर जनता का जो उत्साह जागा था ? नगर पालिका जैसी चल रही है उसे चलना नहीं धकना कहते हैं ? आपका क्या कहना है ? क्या नगर पालिका की व्यवस्था दुरुस्त की जा सकती है ?

      अखिलेश- (अपने बेबाक अंदाज में) देखिये, हमारे बड़े भैया एक सीधे सरल, भोले इंसान है, उन्हे जो जैसा समझा देता है समझ जाते हैं। उनसे कुछ गलत लोग जबरन चिपके रहते हैं यह बात भी सही है। लेकिन मेरी मर्यादा है कि मैं उनसे कुछ कह नहीं सकता, मैं छोटा हूँ। लेकिन यह सही है कि मात्र एक महिने में नगर पालिका एकदम दुरुस्त की जा सकती है। जो काम करने में अड़चन पैदा करते हैं ऐसे लोगों को तो मैं दिनभर ही ठीक करता हूं, तो वहाँ भी अड़चन डालने वालों को ठीक करने में कोई कठिनाई नहीं आयेगी। मात्र एक माह में नगर की फिजा बदली जा सकती है, निर्माण कार्यों में पारदर्शिता हो, जहाँ काम हो वहाँ काम की लागत व संबंधित निर्माण का ब्यौरा संबंधित वार्ड में एक बड़ा बोर्ड लगाकर चस्पा कर दी जाये तो जनता वैसे ही यदि गलत काम हो तो लड़ने को उतारु हो जाये, स्वयं ही गलत कार्यों पर अंकुश लग जाये।  लेकिन सही प्रबंधन का अभाव है। काकस से घिरे होने के कारण सही निर्णय नहीं लिया जाता इसलिये नगर पालिका नहीं चल पा रही। कुर्सी कुछ नहीं करती आदमी करता है...।

      फुरसत - अब जब आप विधायक का चुनाव लड़ने के लिये तैयार नहीं है, तो क्या राकेश राय को टिकिट मिल जायेगा तब आप फिर उनके लिये प्रचार करेंगे ?

      अखिलेश - सुरेश पचौरी जी ने बड़े भाई साहब से कहा था कि तुम्हे टिकिट नहीं दिया जायेगा, अन्य दो भाईयों में से किसी को देंगे। श्री पचौरी ने शायद स्वदेश का नाम चलाया है। जो होगा देखा जायेगा।

राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई

सीहोर 21 अक्टूबर (नि.सं.)। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने गत दिवस राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर उनसे चुनाव आचार संहिता, चुनाव के लिए आयोग द्वारा दिए गए निर्देश और चुनाव के तहत की जा रही व्यवस्थाओं पर व्यापक चर्चा की। पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा की। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष ललित नागौरी, इंडियन नेशनल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कैलाश परमार, बसपा जिलाध्यक्ष माखन सिंह सोलंकी, रा.का.पा. जिलाध्यक्ष नौशाद खान और भा.क.पा. की ओर से प्रहलाद सिंह बैरागी मौजूद थे।

      बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आहूजा ने चुनावी आचार संहिता में निहित विभिन्न प्रावधानों से राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा म.प्र. में विधानसभा निर्वाचन 2008 के कार्यम की घोषणा कर दी गई है। घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता को लागू कर दिया गया है। संहिता के मुताबिक सभी दलों और अभ्यर्थियों को ऐसे कार्यों से ईमानदारी पूर्वक बचना है जो निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्ट आचरण तथा अपराध की श्रेणी में आते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थी या उसके प्रतिनिधियों द्वारा ऐसा कोई कृत्य नहीं किया जाना चाहिए जो शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव में बाधा उत्पन्न करता हो। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। दण्ड प्रयिा संहिता की धारा के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं जिनका पालन सुनिश्चित किया गया है।

लिखित सहमति जरूरी

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने बताया कि जिले में संपत्ति विरूपण अधिनियम लागू किया गया है जिसके तहत किसी भी दल द्वारा शासकीय  सार्वजनिक संपत्ति को विरूपित नहीं किया जायगा। निजी संपत्ति को बिना उसके स्वामी की लिखित सहमति के विरूपित नहीं किया जा सकेगा अर्थात् उस पर नारा लेखन या झंडे, बैनर इत्यादि नहीं लगाये जा सकेंगे।

एस.डी.एम. लेंगे नाम निर्देशन पत्र

      जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस बार संबंधित एस.डी.एम. को रिटर्निंग ऑफीसर बनाया गया है। जिले में बुधनी विधानसभा क्षेत्र को छोड़ शेष इछावर, आष्टा और सीहोर विधान सभा क्षेत्र के लिए संबंधित एस.डी.एम. रिटर्निंग ऑफीसर रहेंगे। बुधनी विधान सभा क्षेत्र के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रिटर्निंग ऑफीसर बनाए गए हैं। ये ही रिटर्निंग ऑफीसर नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करेंगे। सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने की व्यवस्था जिला मुख्यालय पर की जा रही है जहां रिटर्निंग ऑफीसर के पास नाम निर्देशन पत्र दाखिल किए जांएगे।

तीन व्‍यक्तियों को ही प्रवेश

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने बताया कि नाम निर्देशन दाखिल करने के लिए अभ्यर्थी सहित केवल तीन व्यक्ति ही रिटर्निंग ऑफीसर की डायस तक जा सकेंगे। यह व्यवस्था निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के मुताबिक की जा रही है।

पीठासीन अधिकारी ई.व्ही.एम.

तक नहीं जांएगे

      श्री आहूजा ने बताया कि इस बार निर्वाचन आयोग द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि वृध्द व्यक्ति को पीठासीन अधिकारी अपनी टेबिल पर ही जरूरी समझाइश देंगे वे अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन तक नहीं जा सकेंगे।

पहले आओ पहले पाओ

के आधार पर अनुमति

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभा स्थल के लिए स्थान तय किए जा रहे हैं। यह ध्यान रखा गया है कि जहां तक हो स्कूली संस्‍थाओं के मैदान का उपयोग चुनावी सभा के लिए नहीं किया जाय। दलों को सभा करने के लिए स्थान की अनुमति पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दी जायगी

प्रिन्ट लाइन जरूरी

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आहूजा ने बताया कि चुनाव के दौरान छपने वाले पम्फलेट, पर्चे या अन्य प्रिन्ट सामग्री पर चौकस निगाह रखी जायगी। प्रेस मालिकों को आगाह किया गया है कि वे किसी भी सूरत में अनर्गल प्रकृति के पर्चे आदि नहीं छापें। जो भी चुनावी पम्फलेट या पर्चे छापे जांयगे उन पर मुद्रक, प्रकाशक और प्रसार संख्या आवश्यक रूप से अंकित की जायगी। छपे हुए पम्फलेट या पर्चे आदि की एक प्रति तत्काल निर्वाचन कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य किया गया है।

अपराधी तत्वों पर टेडी नजर

      बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि निर्वाचन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अपराधी तत्वों के खिलाफ सख्ती से पेश आयगी। उन्होंने कहा कि वाहनों पर भी पुलिस पैनी नजर रखे हुए है यह देखा जा रहा है कि वाहन के सभी कागजात मोटर व्हीकल एक्ट के तहत पूरे हैं या नहीं।

शस्त्र लायसेन्स निलंबित

      पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए जिले भर के शस्त्र लायसेंसो को जिला दण्डाधिकारी द्वारा निलम्बित कर दिया गया है। शस्त्र 27 अक्टूबर तक थानों में जमा कराने के आदेश दिए गए हैं।

315 बोर बंदूक, सात छुरी एवं एक गुप्ती सहित गुण्डे गिरफ्तार व 36 पाव विदेशी मदिरा जप्त

      सीहोर 21 अक्टूबर (नि.सं.) जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस ने 10 लोगों को अवैध शस्त्र सहित गिरफ्तार किया हैं। वही 14 लोगों को अवैध रूप से मदिरा के साथ पकड़ कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की हैं।

      जानकारी के अनुसार सिद्दीकगंज थाना पुलिस ने स्थानीय सिद्दीकगंज निवासी राधेश्याम आ. नरवत, अर्जुन राणा आ. पर्वतसिंह सेंधों निवासी वनखेड़ा, बुदनी थाना पुलिस ने विजय आ. रामसिंह निवासी देवगांव, निम्मत आ. मुन्नालाल निवासी बुदनी, चुन्नू आ. फजल खां आष्टा पुलिस ने राकेश आ. गुलाबसिंह निवासी हर्राजखेड़ी,  इसी प्रकार कोतवाली पुलिस ने बंटी आ. शेरसिंह निवासी गंगा आश्रम को सार्वजनिक स्ज्ञिान पर अवैध हथियार लेकर घूमते पाये जासने पर गिरफ्तार किया हैं।

      सिद्दीकगंज पुलिस ने अर्जुन राणों के कब्जें से 315 बोर देशी कट्टा एवं 4 जिन्दा कारतूस जप्त किया है। वही अन्य थानों में गिरफ्तार व्यक्तियों से पुलिस ने गुप्ती-एक चाकू, तथा सात छुरी जप्त कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही की हैं।

      पुलिस द्वारा अवैध मदिरा सहित के संबंध में की गई कार्यवाही के तहत बुदनी पुलिस ने भागीरथ आ.जगन्नाथ निवासी बुदनी घाट, कैलाश आ. आनन्द निवासी बुदनी, अतुल आ. ज्ञानेन्द्र, मंगल आ. मदनलाल निवासी तालपुरा, सिद्दीकगंज पुलिस ने राधेश्याम आ. नरवतसिंह निवासी जावर, शाहगंज पुलिस ने कैलाश आ. गोपाल, नस.गंज पुलिस ने यशवंत आ. प्रहलाद निवासी नीलकछार तथा आष्टा पुलिस ने ओमप्रकाश आ. रामसिंह निवासी हर्राजखेड़ी, शेरसिंह आ. मनोहर निवासी पगारिया, श्रीकिशन आ. जगन्नाथ निवासी आष्टा, को गिरफ्तार किया है।  पुलिस ने इनके कब्जे से 11 बोतल, 8 अद्दी, 159 पाव, 2 लीटर देशी तथा 36 पाव विदेशी मदिरा जप्त कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की है।

कांग्रेसी कई दावेदारों के चेहरे उतरे हुए हैं

      आष्टा 21 अक्टूबर (सुशील संचेती) कांग्रेस में यूं तो लगभग 20 से 25 दावेदार टिकिट की दोड धूप में आष्टा से दिल्ली तक दौड लगा आये है कई अभी भी लगा रहे है आष्टा से भोपाल दौड-दौड कर ये दावेदार जेब हल्की कर आये है रोज ऊपर के नेताओं ने जो नये-नये समीकरण बन और बिगड़ रहे है इससे दावेदार परेशान है अभी तक तो जितने दावेदार थे उसमें से कई दावेदार दिल्ली भोपाल से आते और यही रहते अपना पैनल में नाम जुड़ गया है लेकिन अब वे ही दावेदार उतरे चेहरों को लिये नगर में भटक रहे है। ना ही नाम जुडा और जेब अलग खाली हो गई। कांग्रेस मं अब केवल 2-3 नाम ही ऐसे है जो चर्चा में है और जितने दावेदार कांग्रेस में है उससे केवल अभी तक आष्टा में गोपालसिंह इंजीनियर, एकमात्र ऐसे दावेदार है जो ईद, दशहरा व अन्रू त्यौहारों, जुलूस जलसों में सक्रिय रूप नजर आये इसमें कोई दो राज नहीं है कि जो पैनल कांग्रेस में आष्टा के लिए बनी है उसमें गोपाल इंजीनियर, अजीतसिंह का नाम तो है अजीसिंह भी सक्रिय नजर आ रहे है लेकिन शेष दावेदार जो जमकर लगे हुए थे अब उनके चेहरों पर जो रोनक थी वो नजर नहीं आ रही है इससे लगता है उन्हें जबाव मिल गया है कि भैया परेशान मत होओ घर जाओं जिसे भी टिकिट मिले उसका काम करना और कांग्रेस को जीताना।