Wednesday, October 22, 2008

यदि मैं विधायक बन जाऊं तो हर नागरिक विधायक होगा- अखिलेश राय

राजनीति पर लोकप्रिय समाजसेवी अखिलेश राय की फुरसत से बेवाक बातचीत

      सीहोर 21 अक्टूबर (फुरसत)।  नगर के लोकप्रिय समाजसेवी और राजनीतिक दृष्टिकोण से नगर पालिका चुनाव के स्टार प्रचारक के रुप में उभरे उजवल छवि के युवा अखिलेश राय को लेकर नगर के हर आम और खास नागरिक के दिलों में कई अरमान जागे हुए हैं...। बड़े स्तर पर आगामी चुनावों के लिये लोग अखलेश राय के आगे आने के सपने संजो रहे हैं। लेकिन राजनीति के संबंध में अखलेश राय क्या सोचते हैं? क्या उन्हे राजनीति से लगाव है ?  क्या चुनाव लड़ना वह पसंद कर सकते हैं ? क्या उन्हे टिकिट मिल जायेगा तो वह चुनाव लड़ेंगे ? ऐसे अनेकानेक प्रश्न आम नागरिकों के मन उमड़-घुमड़  रहे हैं। वर्तमान राजनीतिक संदर्भों में स्वयं ही घर बैठे अखलेश राय की चर्चाएं सरगर्म हैं। वह एक कुशल व्यापारी व समाजसेवी हैं, और उन्होने अपने व्यापार को आज जिस मुकाम पर पहुँचाया है साथ ही अपनी कार्यपध्दति से वह लोकप्रिय बने हुए हैं तो ऐसे में क्या एक व्यापारी के रुप में ही उन्हे देखा जाना चाहिये ? अथवा राजनीतिक सोच और विचार भी वह रखते हैं। इन्ही सब बातों के लिये फुरसत ने उनसे जब बातचीत का प्रस्ताव रखा तो उन्होने खुलकर राजनीति पर बेबाक बात की। प्रस्तुत है अखिलेश राय से राजनीति पर केन्द्रित बातों के कुछ अंश...।

       फुरसत- आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर शहर में यह चर्चाएं आम हैं कि आपको कांग्रेस से टिकिट मिल सकता है ? क्या आप चुनाव लड़ना पसंद  करेंगे ?

      अखिलेश - नहीं, मुझे टिकिट क्यों मिलेगा, मैने तो कांग्रेस से टिकिट भी नहीं मांगा है, ना मांगूगा । यह सही है कि पिछले कुछ दिनों से मेरे चाहने वाले व इष्ट मित्रों ने मुझसे बार-बार कहा है कि मैं चुनाव लडूं , उन्होने ही कांग्रेस में ऊपर तक बात भी पहुँचाई है कि मुझे टिकिट दिया जाये लेकिन इससे मैं खुद दूर हूँ। चुनाव लड़ने की तो बात ही दूर है। इस संबंध में मेरी पचौरी जी से भी बात हुई थी।

      फुरसत - चलिये मान लीजिये कि कांग्रेस ने आपको बिना मांगे ही टिकिट दे दिया है अब आप क्या करने वाले हैं ?

      इस प्रश्न पर अखलेश राय हंसते हुए कहते हैं कि देखिये यदि मैं चुनाव लडूंगा तो मेरे मित्रों व चाहने वालों का कहना है कि पूरे प्रदेश में सर्वाधिक मतों से विजयी होने का रिकार्ड बन सकता है। दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से मुझे लगातार ग्रामीणजन सम्पर्क करके साल भर से चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं। श्री राय ने इस संवाददाता को स्मरण दिलाया कि मैने आपको नगर पालिका चुनाव में ही बताया था कि हम जहाँ भी प्रचार करने जाने वाले होते थे वहाँ पहले से ही हमें फोन आने लगते थे भाई साहब आपको आने की जरुरत नहीं है, हम तो स्वयं ही आपके पक्ष में हैं, आपने इतना किया है, पहली बार हमारा (जनता का) मौका आया है, हम निश्चित ही आपके पक्ष में रहेंगे। श्री राय ने बताया कि ऐसे ही मेरे परिचितों के फोन फिर पिछले दिनो से लगातार आ रहे हैं और पूरे ग्रामीण क्षेत्रों तक से आ रहे हैं। श्री राय ने कहा कि जिसका कुछ करने का जबा हो, सोच अच्छी हो, तो उसे दिक्कत आने का सवाल ही नहीं उठता।

      तो आप क्या करने वाले हैं ? (हमारी इस बातचीत के दौरान अखिलेश राय को लगातार कई फोन आ रहे थे जिनमें से लगभग सभी से वर्तमान राजनीति को लेकर कुछ चर्चाएं चल रही थीं, जिससे लग रहा था कि निश्चित ही आगामी विधानसभा को लेकर उनसे सम्पर्क रखने वाले उनसे राजनीतिक बातें कर रहे हैं)

      अखलेश - (हंसते हुए) देखिये मेरे बड़े भाई साहब को राजनीति का शोक है, मुझे नहीं है, मैं इससे बचता रहा हूँ। बड़ो की भावना का सम्मान भी मैं करना चाहता हूँ। इसलिये यह बात भविष्य पर छोड़ दी जाये, की क्या मुझे राजनीति करना है या नहीं।

      फुरसत - यदि आप राजनीति करते या विधायक होते तो आपकी कार्यशैली क्या होती ?

      अखिलेश - देखिये आदमी में इच्छा शक्ति हो, उसका सोच सकारात्मक हो तो कोई भी कार्य आसानी से हो सकता है। यदि राजनेता सिर्फ अखबारों में फोटो छपवाने के ही प्रयास करते रहेंगे ? या कार्यक्रम में भाषण देने के लिये उतावले रहेंगे तो फिर विकास कैसे होगा?  मैं आपसे कहता हूँ कि यदि मैं विधायक बन जाऊं तो निश्चित ही शहर में एक लाख विधायक हों, हर आदमी विधायक का काम करे। आज अमेरिका का राष्ट्रपति भाषण देता है तो सिर्फ 2 मिनिट में अपनी बात पूरी कर देता है, उसे काम की यादा चिंता रहती है लेकिन यहाँ सिर्फ अखबारों में नाम कैसे छपे इसकी चिंता यादा करते हैं। मेरा मानना है कि जनता काम चाहती है ना की जबरन की बातें, और मैं तो काम में ही विश्वास रखता हूं । यदि मैं विधायक होता तो वह सब काम पहली प्राथमिकता से निपटा देता, जो काम विधायक कर सकता है। मेरा मानना है काम के प्रति सकारात्मक  सोच होना चाहिये, स्वयं ही काम होने लगता है। काम बड़ा नहीं है, लेकिन राजनीति करने की परिभाषा ही बदल दी गई है, उसे अखबारों में छपना, दुकानों का उद्धाटन करना, भाषण देने तक सीमित कर दिया गया है। जबकि मेरे हिसाब से राजनीति का मतलब है काम के प्रति समर्पण।

      फुरसत अच्छा यह बताईये की नगर को लेकर कोई विशेष योजना कभी आपके मन में आई हो ? क्या सीहोर के विकास से आप संतुष्ट हैं ?

      अखिलेश - सीहोर में विकास हुआ ही कहाँ है ? सीहोर तो लगातार पिछड़ता जा रहा है, नेताओं की राजनीतिक इच्छा शक्ति के अभाव में शुगर फेक्ट्री सहित अन्य उद्योग धंधे बंद हो गये हैं। मेरी हार्दिक इच्छा है कि टाउन हाल के पास जमीन है, शहर के बीच में यह जगह है वहाँ एक वाटर पार्क बनवाया जाये जहाँ आम लोग आ जा सकें। यहाँ टाउन हाल में गेम्स वालों के लिये विशेष मशीनें और उपकरण लगवाये जायें। अस्पताल से लेकर पान चौराहा तक और वहाँ से तहसील चौराहा तक एक बहुत अच्छी गुणवत्ता की सड़क बनवाई जाये। इन दोनो ही कार्यों के लिये मैने नगर पालिका से इच्छा प्रकट करते हुए यह भी कहा था कि जनभागीदारी में ऐसी योजना बनवाई जाये। जनभागीदारी हम करने को तैयार हैं। लेकिन नगर पालिका में कोई काम करना ही नहीं चाहता।

       फुरसत - कांग्रेस से आपको टिकिट मिल गया तो खण्ड-खण्ड कांग्रेस और विभिन्न मठों का क्या होगा ?

      अखिलेश - इस पर भी श्री राय ने कहा कि वैसे मैं ना तो चुनाव लड़ने जा रहा हूँ, ना मैने टिकिट मांगा है। लेकिन मैं फिर वही बात कहूंगा कि कांग्रेस को एक दिन में लामबध्द किया जा सकता है, क्योंकि सोच यदि सही हो, आपका तरीका सही हो तो सब हो सकता है। सब एक साथ काम कर सकते हैं, क्योंकि विकास के मुद्दे पर कौन साथ नहीं देता।

      फुरसत- तो यह बताईये की नगर पालिका चुनाव मैं आपको देखकर जनता का जो उत्साह जागा था ? नगर पालिका जैसी चल रही है उसे चलना नहीं धकना कहते हैं ? आपका क्या कहना है ? क्या नगर पालिका की व्यवस्था दुरुस्त की जा सकती है ?

      अखिलेश- (अपने बेबाक अंदाज में) देखिये, हमारे बड़े भैया एक सीधे सरल, भोले इंसान है, उन्हे जो जैसा समझा देता है समझ जाते हैं। उनसे कुछ गलत लोग जबरन चिपके रहते हैं यह बात भी सही है। लेकिन मेरी मर्यादा है कि मैं उनसे कुछ कह नहीं सकता, मैं छोटा हूँ। लेकिन यह सही है कि मात्र एक महिने में नगर पालिका एकदम दुरुस्त की जा सकती है। जो काम करने में अड़चन पैदा करते हैं ऐसे लोगों को तो मैं दिनभर ही ठीक करता हूं, तो वहाँ भी अड़चन डालने वालों को ठीक करने में कोई कठिनाई नहीं आयेगी। मात्र एक माह में नगर की फिजा बदली जा सकती है, निर्माण कार्यों में पारदर्शिता हो, जहाँ काम हो वहाँ काम की लागत व संबंधित निर्माण का ब्यौरा संबंधित वार्ड में एक बड़ा बोर्ड लगाकर चस्पा कर दी जाये तो जनता वैसे ही यदि गलत काम हो तो लड़ने को उतारु हो जाये, स्वयं ही गलत कार्यों पर अंकुश लग जाये।  लेकिन सही प्रबंधन का अभाव है। काकस से घिरे होने के कारण सही निर्णय नहीं लिया जाता इसलिये नगर पालिका नहीं चल पा रही। कुर्सी कुछ नहीं करती आदमी करता है...।

      फुरसत - अब जब आप विधायक का चुनाव लड़ने के लिये तैयार नहीं है, तो क्या राकेश राय को टिकिट मिल जायेगा तब आप फिर उनके लिये प्रचार करेंगे ?

      अखिलेश - सुरेश पचौरी जी ने बड़े भाई साहब से कहा था कि तुम्हे टिकिट नहीं दिया जायेगा, अन्य दो भाईयों में से किसी को देंगे। श्री पचौरी ने शायद स्वदेश का नाम चलाया है। जो होगा देखा जायेगा।

राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई

सीहोर 21 अक्टूबर (नि.सं.)। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने गत दिवस राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर उनसे चुनाव आचार संहिता, चुनाव के लिए आयोग द्वारा दिए गए निर्देश और चुनाव के तहत की जा रही व्यवस्थाओं पर व्यापक चर्चा की। पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा की। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष ललित नागौरी, इंडियन नेशनल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कैलाश परमार, बसपा जिलाध्यक्ष माखन सिंह सोलंकी, रा.का.पा. जिलाध्यक्ष नौशाद खान और भा.क.पा. की ओर से प्रहलाद सिंह बैरागी मौजूद थे।

      बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आहूजा ने चुनावी आचार संहिता में निहित विभिन्न प्रावधानों से राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा म.प्र. में विधानसभा निर्वाचन 2008 के कार्यम की घोषणा कर दी गई है। घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता को लागू कर दिया गया है। संहिता के मुताबिक सभी दलों और अभ्यर्थियों को ऐसे कार्यों से ईमानदारी पूर्वक बचना है जो निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्ट आचरण तथा अपराध की श्रेणी में आते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थी या उसके प्रतिनिधियों द्वारा ऐसा कोई कृत्य नहीं किया जाना चाहिए जो शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव में बाधा उत्पन्न करता हो। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। दण्ड प्रयिा संहिता की धारा के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं जिनका पालन सुनिश्चित किया गया है।

लिखित सहमति जरूरी

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने बताया कि जिले में संपत्ति विरूपण अधिनियम लागू किया गया है जिसके तहत किसी भी दल द्वारा शासकीय  सार्वजनिक संपत्ति को विरूपित नहीं किया जायगा। निजी संपत्ति को बिना उसके स्वामी की लिखित सहमति के विरूपित नहीं किया जा सकेगा अर्थात् उस पर नारा लेखन या झंडे, बैनर इत्यादि नहीं लगाये जा सकेंगे।

एस.डी.एम. लेंगे नाम निर्देशन पत्र

      जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस बार संबंधित एस.डी.एम. को रिटर्निंग ऑफीसर बनाया गया है। जिले में बुधनी विधानसभा क्षेत्र को छोड़ शेष इछावर, आष्टा और सीहोर विधान सभा क्षेत्र के लिए संबंधित एस.डी.एम. रिटर्निंग ऑफीसर रहेंगे। बुधनी विधान सभा क्षेत्र के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रिटर्निंग ऑफीसर बनाए गए हैं। ये ही रिटर्निंग ऑफीसर नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करेंगे। सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने की व्यवस्था जिला मुख्यालय पर की जा रही है जहां रिटर्निंग ऑफीसर के पास नाम निर्देशन पत्र दाखिल किए जांएगे।

तीन व्‍यक्तियों को ही प्रवेश

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने बताया कि नाम निर्देशन दाखिल करने के लिए अभ्यर्थी सहित केवल तीन व्यक्ति ही रिटर्निंग ऑफीसर की डायस तक जा सकेंगे। यह व्यवस्था निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के मुताबिक की जा रही है।

पीठासीन अधिकारी ई.व्ही.एम.

तक नहीं जांएगे

      श्री आहूजा ने बताया कि इस बार निर्वाचन आयोग द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि वृध्द व्यक्ति को पीठासीन अधिकारी अपनी टेबिल पर ही जरूरी समझाइश देंगे वे अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन तक नहीं जा सकेंगे।

पहले आओ पहले पाओ

के आधार पर अनुमति

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभा स्थल के लिए स्थान तय किए जा रहे हैं। यह ध्यान रखा गया है कि जहां तक हो स्कूली संस्‍थाओं के मैदान का उपयोग चुनावी सभा के लिए नहीं किया जाय। दलों को सभा करने के लिए स्थान की अनुमति पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दी जायगी

प्रिन्ट लाइन जरूरी

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आहूजा ने बताया कि चुनाव के दौरान छपने वाले पम्फलेट, पर्चे या अन्य प्रिन्ट सामग्री पर चौकस निगाह रखी जायगी। प्रेस मालिकों को आगाह किया गया है कि वे किसी भी सूरत में अनर्गल प्रकृति के पर्चे आदि नहीं छापें। जो भी चुनावी पम्फलेट या पर्चे छापे जांयगे उन पर मुद्रक, प्रकाशक और प्रसार संख्या आवश्यक रूप से अंकित की जायगी। छपे हुए पम्फलेट या पर्चे आदि की एक प्रति तत्काल निर्वाचन कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य किया गया है।

अपराधी तत्वों पर टेडी नजर

      बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि निर्वाचन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अपराधी तत्वों के खिलाफ सख्ती से पेश आयगी। उन्होंने कहा कि वाहनों पर भी पुलिस पैनी नजर रखे हुए है यह देखा जा रहा है कि वाहन के सभी कागजात मोटर व्हीकल एक्ट के तहत पूरे हैं या नहीं।

शस्त्र लायसेन्स निलंबित

      पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए जिले भर के शस्त्र लायसेंसो को जिला दण्डाधिकारी द्वारा निलम्बित कर दिया गया है। शस्त्र 27 अक्टूबर तक थानों में जमा कराने के आदेश दिए गए हैं।

315 बोर बंदूक, सात छुरी एवं एक गुप्ती सहित गुण्डे गिरफ्तार व 36 पाव विदेशी मदिरा जप्त

      सीहोर 21 अक्टूबर (नि.सं.) जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस ने 10 लोगों को अवैध शस्त्र सहित गिरफ्तार किया हैं। वही 14 लोगों को अवैध रूप से मदिरा के साथ पकड़ कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की हैं।

      जानकारी के अनुसार सिद्दीकगंज थाना पुलिस ने स्थानीय सिद्दीकगंज निवासी राधेश्याम आ. नरवत, अर्जुन राणा आ. पर्वतसिंह सेंधों निवासी वनखेड़ा, बुदनी थाना पुलिस ने विजय आ. रामसिंह निवासी देवगांव, निम्मत आ. मुन्नालाल निवासी बुदनी, चुन्नू आ. फजल खां आष्टा पुलिस ने राकेश आ. गुलाबसिंह निवासी हर्राजखेड़ी,  इसी प्रकार कोतवाली पुलिस ने बंटी आ. शेरसिंह निवासी गंगा आश्रम को सार्वजनिक स्ज्ञिान पर अवैध हथियार लेकर घूमते पाये जासने पर गिरफ्तार किया हैं।

      सिद्दीकगंज पुलिस ने अर्जुन राणों के कब्जें से 315 बोर देशी कट्टा एवं 4 जिन्दा कारतूस जप्त किया है। वही अन्य थानों में गिरफ्तार व्यक्तियों से पुलिस ने गुप्ती-एक चाकू, तथा सात छुरी जप्त कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही की हैं।

      पुलिस द्वारा अवैध मदिरा सहित के संबंध में की गई कार्यवाही के तहत बुदनी पुलिस ने भागीरथ आ.जगन्नाथ निवासी बुदनी घाट, कैलाश आ. आनन्द निवासी बुदनी, अतुल आ. ज्ञानेन्द्र, मंगल आ. मदनलाल निवासी तालपुरा, सिद्दीकगंज पुलिस ने राधेश्याम आ. नरवतसिंह निवासी जावर, शाहगंज पुलिस ने कैलाश आ. गोपाल, नस.गंज पुलिस ने यशवंत आ. प्रहलाद निवासी नीलकछार तथा आष्टा पुलिस ने ओमप्रकाश आ. रामसिंह निवासी हर्राजखेड़ी, शेरसिंह आ. मनोहर निवासी पगारिया, श्रीकिशन आ. जगन्नाथ निवासी आष्टा, को गिरफ्तार किया है।  पुलिस ने इनके कब्जे से 11 बोतल, 8 अद्दी, 159 पाव, 2 लीटर देशी तथा 36 पाव विदेशी मदिरा जप्त कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की है।

कांग्रेसी कई दावेदारों के चेहरे उतरे हुए हैं

      आष्टा 21 अक्टूबर (सुशील संचेती) कांग्रेस में यूं तो लगभग 20 से 25 दावेदार टिकिट की दोड धूप में आष्टा से दिल्ली तक दौड लगा आये है कई अभी भी लगा रहे है आष्टा से भोपाल दौड-दौड कर ये दावेदार जेब हल्की कर आये है रोज ऊपर के नेताओं ने जो नये-नये समीकरण बन और बिगड़ रहे है इससे दावेदार परेशान है अभी तक तो जितने दावेदार थे उसमें से कई दावेदार दिल्ली भोपाल से आते और यही रहते अपना पैनल में नाम जुड़ गया है लेकिन अब वे ही दावेदार उतरे चेहरों को लिये नगर में भटक रहे है। ना ही नाम जुडा और जेब अलग खाली हो गई। कांग्रेस मं अब केवल 2-3 नाम ही ऐसे है जो चर्चा में है और जितने दावेदार कांग्रेस में है उससे केवल अभी तक आष्टा में गोपालसिंह इंजीनियर, एकमात्र ऐसे दावेदार है जो ईद, दशहरा व अन्रू त्यौहारों, जुलूस जलसों में सक्रिय रूप नजर आये इसमें कोई दो राज नहीं है कि जो पैनल कांग्रेस में आष्टा के लिए बनी है उसमें गोपाल इंजीनियर, अजीतसिंह का नाम तो है अजीसिंह भी सक्रिय नजर आ रहे है लेकिन शेष दावेदार जो जमकर लगे हुए थे अब उनके चेहरों पर जो रोनक थी वो नजर नहीं आ रही है इससे लगता है उन्हें जबाव मिल गया है कि भैया परेशान मत होओ घर जाओं जिसे भी टिकिट मिले उसका काम करना और कांग्रेस को जीताना।

जनशक्ति के विधान सभा वार प्रत्याशियों की पैनल तैयार

      सीहोर 21 अक्टूबर (नि.सं.)। भारतीय जनशक्ति जिला सीहोर के चारों विधानसभा प्रत्याशियों की पैनल प्रदेश सचिव एवं जिला प्रभारी लोकेन्द्र मेवाड़ा की अध्यक्षता में जिला कोर कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें जिले के चारों विधानसभा के प्रत्याशियों की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के तीन-तीन नामों की पैनल तैयार कर प्रदेश कर्यालय को भेजी गई। जिसमें बुदनी विधानसभा क्षेत्र  से 1 देवीचरण पालीवाल, शाहगंज 2 उत्तमसिंह चौहान, रेहटी 3 श्रीमति ममता कीर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य नस.गंज, आष्टा विधानसभा क्षेत्र से चुन्नीलाल मालवीय सरपंच, सिद्दीकगंज एवं पूर्व अध्यक्ष जिला  सहकारी बैंक 2 श्रीमति फूलकुंवर बाई डाबरी, 3 इछावर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 158 से श्रीमति रमीला परमार, 2 लोकेन्द्र सिंह मेवाड़ा 3 निर्मल शुक्ला सीहोर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 से लोकेन्द्र सिंह मेवाड़ा, 2 नन्दकिशोर पाटीदार, पूर्व सरपंच, झरखेड़ा, 3 कमलेश राठौर पार्षद सीहोर।

मंत्री करण सिंह वर्मा लाल बत्ती में सीहोर घूमते दिखे

      सीहोर 21 अक्टूबर (नि.सं.)। आज ग्रामोद्योग मंत्री करण सिंह वर्मा सीहोर आये थे। वह भाजपा कार्यालय से लेकर अन्य स्थानों पर भी गये। वह अपने एक निजी वाहन से सीहोर में आये थे। सरकारी वाहन का उपयोग उन्होने छोड़ दिया है। लेकिन जिस वाहन में वह सवार थे उसमें भी चूंकि पहले से ही लाल बत्ती लगी हुई थी इसलिये लालबत्ती वाहन में ही वह सीहोर घूमते रहे। यहाँ जैसे ही कुछ मीडिया वालों को इसकी खबर लगी उन्होने जाकर फोटो खींच लिये और मंत्री जी से बातचीत की। उन्होने कहा कि मुझे नहीं मालूम की निजी वाहन पर भी लालबत्ती लगाना मना है, अगर ऐसा है तो मैं अभी हटवा लेता हूं। लेकिन बाद में सीहोर से एक फोन इन मीडिया वालों को धमकी भरा गया जिसमें खबर चलाने पर जान से मारने की धमकी दी गई, तथा गालियाँ भी दी गई। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है।

दुर्घटना में दो मृत

सीहोर 21 अक्टूबर (नि.सं.)। रात मण्डी थाना अन्तर्गत थाने के कुछ आगे राठौर फार्म हाउस के सामने एक मोटर साईकिल पर सवार दो सवार को एक बडे वाहन ने टक्कर मार दी।

      टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि मोटर साईकिल सवार भोजराज परमार शुजालपुर के ग्राम इचोद निवासी सहित उनके साथी की मृत्यु हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

सियार ने किया हमला काटा, चार घायल

      आष्टा 21 अक्टूबर (नि.प्र.) सिद्दीकगंज थाने के अन्तर्गत आने वाले ग्राम श्यामपुर में जंगली सियार ने ग्राम के 4 लोगों को काटकर घायल कर दिया ग्रामीणों ने इसकी सूचना वनपाल को दी तो वो इन घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल आष्टा लेकर आये और इलाज कराया जिन्हें सियार ने काटा उनके नाम रमेश, कमल, कविता केसर खां बताये गये है।

 

चार दिन बाद भी पुलिस ट्रेक्टर लुटेरों का पता नहीं लगा पाई

      जावर 21 अक्टूबर (नि.प्र.) इन्दौर भोपाल राजमार्ग पर चार दिन पहले हुई ट्रेक्टर लूट की घटना को अंजाम देने वाले लुटेरों का पता नहीं लगा पाई हालांकि पुलिस ने लुटेरों की तालाश में कई जगह पुलिस की टीम भेजी लेकिन अभी तक लुटेरों का पता नहीं चल पाया है। गौरतलब है कि 18 अक्टूबर की रात में इंदौर भोपाल राजमार्ग खड़ी जोड़ के पास न्यूहालैण्ड कंपनी का नया ट्रेक्टर चालक अमरसिंह पिता पंचमसिंह राजपूत मिसरोद भोपाल भोपाल से इंदौर जा रहा था कि खड़ी जोड़ के पास पीछे से मारूति वेन से आये लुटेरे जिनकी संख्या तीन चार बताई ने ट्रैक्टर रूकवाया व ट्रेक्टर चालक को अपनी मारूति में बिठा लिया व ट्रेक्टर उनका आदमी ले गया।

      बाद में लुटेरे ट्रेक्टर चालक को विजय नगर इंदौर के पास छोड़ गये। इसके बाद ट्रेक्टर चालक जैसे-तैसे जावर थाने पहुंचा व अपने साथ घटित घटना की जानकारी पुलिस को दी इसके बाद पुलिस हरकत में आई और फरियादी अमर सिंह को लेकर लूट हुई जगह पर पहुंची व मौका मुआयना किया। इसके बाद एस.डी.ओ. पी. ओंकार सिंह क्लेश ने ट्रेक्टर लुटेरों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम बनाकर देवास इंदौर व शाजापुर तरफ भेजी लेकिन अभी तक पुलिस को ट्रेक्टर लुटेरों की तलाश नहीं कर पाई है।

      इधर थाने से दीवान उदयसिंह ने बताया कि पुलिस लगातार ट्रेक्टर लुटेरों की तलाश में लगी है कई जगह पुलिस की टीम भेजी गई है।

 

सडक हादसों में पांच घायल

      सीहोर 21 अक्टूबर (नि.सं.) जिले में घटित अलग-अलग हादसों में पांच लोग घायल हो गये। पुलिस ने सभी मामले दर्ज कर लिये हैं।

      जानकारी के अनुसार ग्राम रिछारिया निवासी नंदकिशोर गोस्वामी गत दिवस नौगांव तरफ से अपने गांव बाइक से जा रहा था तभी सिद्दीकगंज खाचरोद मार्ग पर खाचरोद के समीप बस स्टेण्ड तरफ से आ रहे लाल रंग की हीरोहोण्डा के चालक ने तेजगति एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुये नंदकिशोर की बाइक में टक्कर मार दी। घायल नंदकिशोर को उपचार हेतु आष्टा अस्पताल दाखिल कराया गया है।

      उधर आष्टा थाना क्षेत्र में राजमार्ग स्थित मिडवे ढाबा के समीप दो ट्रकों की आमने-सामने हुई भिडंत में ट्रक का चालक हरीनारायण सोनी एवं ट्रक का दूसरा चालक लक्ष्मीनाप्रसाद घायल हो गये। जिन्हें आष्टा अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी कर दी गई।

      इसी प्रकार एक अन्य दुर्घटना में ट्रक एवं ट्रक में भिड़ंत होने से ट्रक क्रमांक 4049 का क्लीनर शेख मोहम्मद एवं ट्रक क्रमांक 1206 का चालक संतोष लोधा घायल हो गये जिन्हें प्राथमिक उपचार हेतु आष्टा अस्पताल भेजा गया।

डाक्टर व दवाई विक्रेता के साथ दवाई की बात को लेकर हुई मारपीट

      जावर 21 अक्टूबर (नि.प्र.) रविवार को नगर में अवैध रूप से चला रहे क्लीनिक के डाक्टर व दवाई विक्रेता के साथ किसी बात को लेकर तकरार हुई बाद में तकरार मारपीट तक पहुंच गई बाद में दोनों पक्षों की ओर से थाने में शिकायत दर्ज करवाई पुलिस द्वारा दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच की जा रही है।

      थाने से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को डा. अरविन्द सिन्हा के क्लीनिक पर नगर के दवाई विक्रेता हितेश जैन की दवाई की बात को लेकर डा. सिन्हा से कहासुनी हो गई कहासुनी के बाद में मारपीट में परिवर्तन हो गई। बाद में दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई कस्बा चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक रामकिशन वर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों की लिखित शिकायत आई है जिसकी जांच की जा रही है जांच के बाद ही आगे की कार्यवाही की जायेगी एक पक्ष से रितेश जैन ने दूसरे पक्ष से की ओर से एम.आर. अजय सारस्वत ने लिखित आवेदन दिया है।

Tuesday, October 21, 2008

खाद्य विभाग के दलाल 50 हजार की उगाई करने में लगे, क्या विभाग के अधिकारियों की है मांग या फिर दलाल बीच में कर रहे खेल....?

      सीहोर 20 अक्टूबर (नि.सं.)। कुछ विभागों की दलाली करने में महारथ रखने वाले एक गुट ने नगर के किराना व्यापारियों पर इस बार निशाना साधा है। किराना व्यापारियों व अन्य खाद्य सामग्री से जुड़े व्यापारियों तक यह बात पहुँचाई गई है कि अधिकारियों ने सहयोग मांगा है जो सहयोग नहीं करेगा उसके यहाँ छापा पड़ सकता है। इस बात के बाद से बहुत तेजी से उगाई कार्यक्रम भी शुरु हो गया है। पहली किस्त के रुप में 50 हजार रुपये एकत्र किये जा रहे हैं....व्यापारियों तक बात पहुँचा  दी गई है। पर क्या यह राशि वाकई विभाग के उच्चस्थ अधिकारियों तक पहुँचाई जायेगी या राशि एकत्र करने वाले दलाल की जेब गर्म करेगी यह राज बना हुआ है।

      अक्सर नई-नई विधा के माध्यम से व्यापारियों को चूना लगाने वाले और अधिकारियों की दलाली में महारथ रखने वाले एक गुट ने इस बार एक नई विधा से दीपावली की मिठाई एकत्र करने की योजना बनाई है। अधिकारियों से अपने कथित सम्पर्क का झांसा देकर इन्होने नगर के कुछ प्रतिष्ठित व्यापारियों तक यह बात पहुँचा दी है कि वह चाहते हैं की किराना व्यापारी मिलकर मिठाई एक बड़ा डिब्बा भेज दें....साल में एक बार तो उनका हक बनता है....साल भर इधर देखते भी नहीं हैं....कौन क्या कर रहा है उन्हे कोई मतलब नहीं रहता.....आखिर एक बार दीपावली पर तो उन्हे मिठाई जाना ही चाहिये....ऐसी बातें कहकर व्यापारियों को बताया गया है कि कम से कम 50 हजार रुपये एकत्र कर लिये जायें ताकि इस मिठाई से अधिकारी खुश हो सकें।

      अब 50 हजार रुपये की मिठाई का पैकेट तैयार करने के लिये पहले एक बड़े व्यापारी तक बात पहुँचाई गई फिर इस व्यापारी ने दूसरे व्यापारी तक बात पहुँचाई और फिर अन्य व्यापारियों तक यह बात गई कि समय रहते रुपये एकत्र कर लिये जायें और पहुँचाये जायें ताकि संबंधित विभाग किसी तरह की परेशानी पैदा ना करें वरना सबकी दीपावली धरी रह जायेगी।

      रुपये की उगाई भी चालू हो गई है और कुछ धन संग्रह भी हो गया ।

      इधर यह चर्चा भी सरगर्म हो चली है कि क्या वाकई उपरोक्त दलाल जिसके माध्यम से खबर आई है उसने संबंधित विभाग के अधिकारियों की मांग पर ही यह रुपया एकत्र कराया है या फिर वह रुपये एकत्र करवाकर खुद ले लेगा और उसमें से कुछ थोड़ा-बहुत रुपया अधिकारी तक पहुँचायेगा तथा बाकी रुपया खुद के विज्ञापन प्रसार-प्रचार में खर्च कर देगा।

      दीपावली के पहले एकत्र की जा रही मिठाई क्या वाकई अधिकारियों की कुर्सी के ऊपर रखायेगी या अन्य के घर चली जायेगी यह बात चर्चाओं में है। अब व्यापारी तो उलझ गये हैं यदि रुपया एकत्र ना भी करें तो कहीं उपरोक्त दलाल इनके पीछे अधिकारी को ना लगा दें यह भय उन्हे सता रहा है ? और यदि रुपया एकत्र करें तो क्या वह सही हाथों में जायेगा इसको लेकर उन्हे संदेह है ? इन दोनो ही बातों के बीच परेशान व्यापारी अभी तो चुपचाप रुपया एकत्र कर रहे हैं। देखते हैं आगे क्या होता है। मामले में एक पत्रकार का नाम भी होने के कारण मामला पेचीदा हो गया है।

धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी, सख्त होगी कार्यवाही

      सीहोर 20 अक्टूबर (नि.सं.)। चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने तथा इस दौरान कानून व्यवस्था दुरूस्त बनाए रखने के मद्देनजर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्रीमती भावना वालिम्बे द्वारा भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से जिले भर में प्रभावशील हो गया है।

      आदेश के चलते मजिस्ट्रेट, पुलिस ऑफीसर एवं शासकीय तथा सार्वजनिक संस्थाओं के सुरक्षा कर्मचारियों के अलावा कोई भी व्यक्ति अब बंदूक, विस्फोटक सामग्री, किसी भी तरह का आग्नेय शस्त्र या प्राणघातक धारदार हथियार लेकर सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन नहीं करेगा। अपाहिज तथा बूढ़े के अलावा कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर लाठी, डंडे लेकर नहीं घूमेगा। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह उत्तेजना भडकाने वाले भाषण नहीं करेगा और न उसमें शामिल होगा। आदेश के मुताबिक पांच या पांच से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के इकट्ठे नहीं होंगे। ईट, पत्थर, सोडा वाटर की बोतलें, एसिड या अन्य घातक पदार्थ को एकत्रित करने की मनाही भी इस आदेश में शामिल है। आदेश में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि कोई भी व्यक्ति ऐसी अफवाहें नहीं फैलायगा जिससे जनसाधारण में भय का वातावरण उत्पन्न होता हो। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति द्वारा ऐसा कोई आचरण नहीं किया जायगा जिसके चलते शिक्षा संस्थाएं, होटल, दूकानें, उद्योग या निजी तथा सार्वजनिक सेवाओं में खलल की स्थिति निर्मित होती हो। निर्वाचन अवधि में धरना एवं प्रदर्शन पर पूर्णत: प्रतिबंध भी इस आदेश में शामिल किया गया है।

      आदेश का उगंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जा सकेगी। यह आदेश सीहोर जिले में रहने वाले सभी व्यक्तियों और जिले में अस्थाई रूप से भ्रमण करने एवं निवास करने वाले व्यक्तियों पर प्रभावशील रहेगा। गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा म.प्र. में विधानसभा चुनाव,2008 के कार्यक्रम  की घोषणा कर दी गई है। घोषणा के अनुसार राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों के आदर्श आचार संहिता के मुताबिक सभी दलों एवं अभ्यर्थियों को ऐसे सभी कार्यों से इमानदारी पूर्वक बचना चाहिए जो निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्ट आचरण और अपराध की श्रेणी में आते हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को ऐसा कोई कृत्य न तो स्वयं और न ही अपने प्रतिनिधियों द्वारा करने दिया जाना चाहिए जिससे शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव में व्यवधान उत्पन्न होता हो।

जमा करो वरना नाम छपेंगे अखबार में

      सीहोर 20 अगस्त (नि.सं.) नगर पालिका परिषद सीहोर के स्वामित्व के फ्रूट मार्केट एवं पावर हाउस चौराहा स्थित काम्पलेक्स की दुकानों पर लंबित बकाया जमा नहीं कराने को लेकर नगर पालिका परिषद द्वारा समय-समय पर बकायादारों  को बिलनोटिससूचना पत्र जारी किये गये है तथा तालाबंदी भी की गई। समाचार पत्रों के माध्यम से बकायादारों को बकाया राशि जमा कराने के संबंध में अंतिम चेतावनी दी गई है। इसके उपरांत भी उक्त बकायादारों द्वारार बकाया जमा नहीं कराया गया परिणाम कि जिन बकायादारों को बार-बार सूचना देने तथा समाचार पत्रों के माध्यम से अंतिम चेतावनी देने उपरांत भी बकाया जमा नहीं कराने की दशा में परिषद द्वारा आवंटन निरस्त कर दुकान निकाय आधिपत्य में ले ली गई तथा उनकी पुन: नीलामी की कार्यवाही की जावेगी। इसी प्रकार नेहरू पार्क, संजय टाकीज, न्यू बस स्टेण्ड, कोतवाली चौराहा पुराने बस स्टेण्ड मछलीपुल चौराहा, लुनिया चौराहा, तहसील चौराहा तथा भोपाली फाटक स्थित काम्पलेक्सों की दुकानों के दुकान किरायेदारों पर रूपये 10000- रुपये से अधिक किराया बकाया है वे एक सप्ताह के अंदर समस्त बकाया जमा नहीं कराते है तो दुकानों में तालाबंदी की जावेगी तथा इन किरायेदारों के आवंटन निरस्त किये जाने की कार्यवाही की जावेगी।

      इसी प्रकार शहर के बड़े-बड़े बकायादार जिन पर सम्पत्तिकर सहित समेकित कर शिक्षा उपकर जलकर की राशि अधिक बकाया है वे उक्त करों की बकाया राशि जमा नहीं कराते है तो उनके विरूद्ध म.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के अंतर्गत बिल या नोटिस सूचना जारी की जा रही है सूचना तामिल उपरांत समयावधि में बकाया की राशि जमा नहीं कराते है तो समाचार पत्रों तथा सार्वजनिक चौराहे स्थानीय डिस्क चैनल पर बकायादारों के नाम प्रकाशित किये जाकर उक्त प्रावधानों के अंतर्गत वैध नियमानुसार वसूली की कार्यवाही की जावेगी। जिसके लिये संबंधित व्यक्ति स्वयं उत्तरदायी होंगे।

      अत: निकाय के समस्त बकायादारों से अनुरोध है कि निकाय का बकाया जमा कराकर एक अच्छे नागरिक होने का परिचय दें तथा होने वाली कार्यवाही से बचे।

3 ट्रक केरोसिन से चलते पकड़ाये, खाद्य, परिवहन और यातायात पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया

सीहोर 20 अक्टूबर (नि.सं.)। चुनाव के नजदीक आते ही हर प्रकार की प्रशासनिक कसावट भी शुरु हो गई है। इसी तारतम्य में आज जिला खाद्य अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी और यातायात पुलिस के संयुक्त अभियान में अनेक वाहनों की जांच हुई। कई वाहनों के चालान बने तथा 3 ट्रक ऐसे भी पकड़ाये जो केरोसिन से चल रहे थे। इन्हे मण्डी थाने में जप्त कर खड़ा करवा दिया गया है। यातायात पुलिस ने भी आज कई चालान बनाये।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार आज दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक वायपास मार्ग सोया चौपाल के पास संयुक्त अभियान चलाया गया। यहाँ जिला खाद्य अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी तथा यातायात पुलिस प्रभारी की प्रभावी उपस्थिति में निकलने वाले वाहनों की जांच की गई। परिवहन विभाग ने 3 घंटे चली कार्यवाही में जहाँ 30 वाहनों के चालान बनाये तथा सख्त हिदायत दी। आज परिवहन विभाग से श्री सक्सेना उपस्थित थे। वहीं खाद्य विभाग ने करीब 25 से अधिक वाहनों की जांच की। जांच में पाया गया कि 3 ट्रक अवैध रुप से केरोसिन से चल रहे थे। इन ट्रकों की जप्ती बनाकर मण्डी थाने के सुपुर्द कर दिया गया है। यहाँ यातायात प्रभारी राकेश श्रीवास्तव अपने दल-बल के साथ उपस्थित थे। आज यातायात पुलिस ने भी मोबाइल से बात करते हुए वाहन चलाने वालों आदि को समझाईश दी तथा करीब 1950 रुपये के चालान काटे।

देशी कट्टे के साथ युवक गिरफ्तार

      आष्टा 20 अक्टूबर (नि.सं.)। चुनाव की तिथि घोषित होते ही स्थानीय प्रशासन व पुलिस सक्रिय होकर संदिग्ध व असामाजिक तत्वों पर निगाह लगाये हुए हैं। आज सिध्दिकगंज सघन जांच एवं कड़ी निगरानी के तहत रामपुरा डेम मार्ग पर बड़ के पास संदिग्ध रुप से जा रहे वनखेड़ा जाव निवासी अर्जुन पुत्र पर्वत सिंह राणा जाति सेंधव को सिध्दिकगंज थाना प्रभारी चरण सिंह चौहान ने पकड़ा। इसकी तलाशी में उसके पास से एक देशी कट्टा 315 बोर का तथा 4 जिंदा कारतूस बरामद कर जप्त किये। तथा युवक को गिरफ्तार किया। उक्त जानकारी देते हुए एसडीओपी ओंकार सिंह कलेश ने बताया कि सिध्दिकगंज में राधेश्याम पुत्र नरबत निवासी जावर को एक चाकू के साथ गिरफ्तार किया है। वहीं जावर में लखन मोंगिया, रमेश मोंगिया को 8 लीटर कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया है। आष्टा पुलिस ने भी आज कुछ फरार वारंटियों को गिरफ्तार किया है।

चुनाव में कांग्रेस किस मुंह से जायेगी-पूर्व सांसद सुशीलचन्द्र वर्मा

आष्टा 20 अक्टूबर (सुशील संचेती)।  म.प्र. में भाजपा 2003 में रिकार्ड बहुमत से सत्ता में पहुंची उसके बाद से आज तक कांग्रेस ने विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभाई अब वो चुनाव में मतदाताओं के पास किस मुंह से जायेगी उनके पास मतदाता के पास जाने का कोई मुद्दा नहीं है वहीं म.प्र. में शिवराज सिंह चौहान ने जब सत्ता सम्भाली तब उम्मीद थी कि ये यंगमैन प्रदेश के लिए बहुत कुछ करेगा।

      उन्होंने किया भी लेकिन बहुत कुछ वो भी नहीं कर पाये म.प्र. में उमा भारती को भाजशा का कोई बजूद नहीं है चुनाव में वो कोई प्रभाव भी नहीं छोड़ेगी आज के आई.ए.एस. बेलगाम हो गये है वे अपने आपको भगवान समझते है भ्रष्टाचार प्रदेश में बड़ा है ऐसी अनेको बात स्पष्ट वक्ता के रूप में जाने पहचाने जाने वाले तथा अपने सांसद के कार्यकाल में रिकार्ड एवं एतिहासिक कार्य कराने वाले भोपाल लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद सुशील चन्द्र वर्मा ने कल लम्बे समय बाद इनरव्हील क्लब के एक कार्यक्रम में पधारे । तब उन्होंने इस प्रतिनिधि से क्लब की अध्यक्ष श्रीमति पदमा अशोक कासलीवाल के निवास पर चर्चा के दौरान कहे। श्री वर्मा ने आज आष्टा के अनेको भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं को याद किया इस दौरान फुरसत से चर्चा का सिलसिला जारी रखते हुए कहा कि मैं अंग्रेजों के जमाने में नौकरी में लगा था मुझे 3500 रुपये वेतन मिलता था वो ही खर्च नहीं कर पाता था आज के आई.ए.एस. को 80 हजार का वेतन सब सुविधा मिलती है उसके बाद भी उन्हें वो कम पड़ता है।

      श्री वर्मा ने आज इस एतिहासिक मामले के कारणों का खुलासा किया जब उन्होंने सांसद पद से स्तीफा लोकसभा के स्पीकर को सौपा था उन्होंने कहा कि मेरी मांग भी की पूरे भोपाल को गैस पीड़ित घोषित किया जाये पार्टी ने नहीं सुनी सरकार ने नहीं सुनी तो क्षेत्र की उक्त मांग को लेकर मैंने स्तीफा दे दिया था जब यह बात लालकृष्ण आडवाणी को मालूम पडी तब उन्होंने उक्त कदम को लेकर नाराजी भी व्यक्त की बाद  में मैंने स्तीफा वापस भी ले लिया था बस तभी से आडवाणी नाराज थे और फिर बाद में मुझे टिकिट भी नहीं दिया। आज मेरे कार्यो को लेकर पूरा क्षेत्र मुझे याद करता है काम को आज भी याद किया जाता है लेकिन पार्टी ने मेरे साथ उस वक्त टिकिट ना देकर अच्छा नहीं किया और मेरे अनुभवों का फायदा नहीं उठाया। श्री वर्मा ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को अच्छा इंसान बताया आडवाणी एक चतुर राजनीतिज्ञ है। श्री वर्मा ने कहा आज व्यर्थ के खर्च का सरकार नहीं देखती है जब मैं कलेक्टर था तो सरकार गाडी से वल्लभ भवन नहीं जाते थे अगर मुख्य सचिव देख लेते तो परेशानी होती भी आज के आई.ए.एस. अन्य अधिकारियों के पास वाहनों की फौज रहती है यह खर्चे रोके जाने चाहिये मंहगाई बहुत बड़ गई है उन्होंने बताया कि 1965 में मैंने भोपाल में मेरा जो बंगला बनाया वो 65 हजार में बना था उस वक्त महिला मजदूर की मजदूरी 76 पैसे पुरुष मजदूर की मजदूरी 1 रुपया तथा अच्छे सिलावट की मजदूरी 5 रुपये रोज भी सीमेन्ट 7 रुपये बोरी लोहा 16-1700 कुंटल था आज राजनीति के स्तर में काफी गिरारवट आई है। कोई भी अधिकारी कर्मचारी नेता काम नहीं करना चाहता है उस वक्त अधिकारी कर्मचारी नेता कार्य के प्रति समर्पित रहते थे काम खोलते थे करते थे भाजपा पुन: म.प्र. में विजय होगी उन्होंने कहा कि 25 सितम्बर को भोपाल में जो कार्यकर्ताओं की रैली हुई रैली में कार्यकर्ता लाये नहीं गये थे आये थे यही पुन: सरकार बनने का कारण है जो भीड़ आई अगर वो सरकार से नाराज होते तो नहीं आते वे आज मतलब सरकार से नाराज नहीं है। श्री वर्मा ने चर्चा में अपनी पीड़ा व्यक्त की मुझे पुन: टिकिट नहीं दिया लेकिन उसके बाद पार्टी ने आज तक मुझे पूछा नहीं ना ही राज्यपाल बनाया इसका मुझे मलाल है और रहेगा।

      श्री वर्मा ने आज स्मरण करते हुए पूर्व विधायक नन्दकिशोर खत्री, रंजीत सिंह गुणवान दादा फू लचन्द्र राठौर, देवीसिंह परमार, ललित नागौरी, संतोष झंवर, नगीन जैन एडवोकेट, पत्रकार नरेन्द्र गंगवाल, सुशील संचेती को आने के बाद याद किया।  नागोरी संचेती, जैन झंवर, गंगवाल आदि उनसे मिलने पहुचे और सांसद कार्यकाल के कई विषयों को याद किया श्री वर्मा के साथ उनके छोटे भाई डा. वर्मा इंदौर इनरव्हील क्लब 304 की मंडल अध्यक्ष श्रीमति श्याम वर्मा आदि भी उपस्थित थे।