Friday, October 17, 2008

..कहीं चिकित्सक के घर आपकी जेब न कट जाये

      सीहोर 16 अक्टूबर (नि.सं.)। यदि आप गंगा आश्रम क्षेत्र के किसी भी चिकित्सक के यहाँ लाईन में बैठे हैं और अपना इलाज कराने के लिये नम्बर आने का इंतजार कर रहे हैं तो ध्यान रखिये की कहीं आपके बैठे-बैठे ही आपकी जेब कट ना जाये। हो सकता है आपकी जेब इलाज के पूर्व ही कट जाये और पूरी जेब खाली हो जाये।

      जी हाँ गंगा आश्रम क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से ऐसे होशियार जेब कट अपना डेरा जमाये हुए हैं जो सिर्फ मरीजों को अपना शिकार बना रहे हैं। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में मरीजों का आवागमन रहता है और अनेक चिकित्सकों के यहाँ लम्बी-लम्बी लाईन लगी रहती है। सीहोर के यह जेबकट और कोई नहीं बल्कि ब्राउन शुगर पीने वाले युवक ही हैं जो अब जेबकटी कर ब्राउन शुगर पीने के लिये रुपये कमाने लगे हैं।

      यह लोग कई बार ऐसे चिकित्सकों के यहाँ जाकर बैठ जाते हैं जहाँ अत्याधिक भीड़ रहती है और वहा मरीज बनकर बैठे रहते हैं फिर धीरे से अपने पास बैठे किसी व्यक्ति की जेब पर सफाई से हाथ साफ कर देते हैं और फिर बाहर निकलकर गायब हो जाते हैं।

      ऐसा ही एक घटनाक्रम दो दिन पूर्व गुरुद्वारा साहिब के पास ही घटित हुआ जब एक जेबकट ने मरीज बनकर एक अन्य मरीज की जेब काट दी और वह भाग निकला। जब मरीज का ध्यान उसकी जेब पर गया तो पता चला रुपये गायब हैं उसकी जेब में 2100 रुपये थे। वह बाहर निकलकर उसके पास बैठे व्यक्ति को देखने लगा, वह समझ गया था कि उसी ने जेब काटी है। संयोग से वह मिल भी गया। जब उस जेबकट को पकड़ा तो यहाँ भीड़ लग गई। उससे पूछताछ में पता चला कि उसके साथ 3 अन्य लोग थे जिन्हे उसने 700-700 रुपये बांट दिये उसकी जेब में मात्र 700 रुपये ही थे। इस जेबकट को पकड़कर पुलिस में ले जाने का प्रयास किया ही जा रहा था कि यह हाथ छुड़ाकर भाग गया।

      पिछले कुछेक दिनों से ऐसी घटनाएं जेबकट कर रहे हैं। इसलिये यदि अब आप भी इस कालोनी में जा रहे हैं तो फिर सावधान रहे कहीं आपकी जेब भी ना कट जाये।

आग से करीब साढ़े चार लाख की फसल जलकर स्वाहा, अगर लाईट होती तो फसल जल नहीं पाती

             सीहोर 16  अक्टूबर (नि.सं.)। समीपस्थ ग्राम दुपाड़िया भील में आज किसान उमेश शर्मा व रमेश शर्मा जिनकी सीहोर में श्रीराम मेडिकल दुकान है की फसल में आग लग गई जिससे करीब साढ़े चार लाख रुपये की कीमति फसल जलकर  राख हो गई।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार दुपाड़िया भील ग्राम में आज दोपहर यहाँ के बड़े किसान रमेश शर्मा व उमेश शर्मा के खेत में रखी फसल में आग लग गई। आग कैसे लगी या लगाई गई है यह खोज का विषय है लेकिन करीब 200 एकड़ जमीन के इस किसान की करीब साढे चार लाख रुपये की कीमति फसल को जलकर स्वाहा हो गई है। दोराहा थाना अन्तर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है।

      इस संबंध में किसान उमेश शर्मा ने बताया कि करीब 250 क्विंटल सोयाबीन  की फसल थी, जिसकी कीमत पौने चार लाख रुपये है, 50 से अधिक पाईप, बिस्तर व खेती के अन्य सामान भी जलकर राख हो गये। यहाँ खेत में काम कर रहे श्रमिकों ने जैसे ही यहाँ आग लगी देखी तत्काल सीहोर उमेश शर्मा को फोन किया। उन्होने फायर ब्रिगेड को सूचना दी लेकिन वाहन जब तक पहुँचता फसल जलकर राख हो चुकी थी।  हाँ अगर ग्राम में लाईट होती तो आज जलने से बच जाती। इनके खेत पर 3 बडी मोटरें हैं, तत्काल इन्हे चालू कर पानी के सहारे आग रोकी जा सकती थी। लेकि न लाईट के अभाव में आज किसान को साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान हो गया। इस घटना से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत की कमी के कारण कई बार ऐसी बडी घटनाएं घट जाती हैं।

आज करवा चौथ....खूब बिके करबे

      सीहोर 16 अक्टूबर (नि.सं.)। नई बहुओं से लेकर बुजुर्ग महिलाएं तक आज करवा चौथ का उत्सव पूरे उत्साह से मनायेंगी। कार्तिक कृष्ण पक्ष चौथ को मनने वाला यह उत्सव शिव-पार्वती की जोड़ी से प्रेरित है। चौथ को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

      तीन दिन पूर्व से खरीदारी से लेकर तैयारियाँ तक जारी हैं। करवा भी बड़ी मात्रा में बाजार में बिकने आये हैं। आज साड़ी दुकानों पर भीड़ नजर आई।

निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कडाई से पालन सुनिश्चित होगा -श्री आहूजा

सीहोर 16 अक्टूबर (नि.सं.)। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी. पी.आहूजा ने जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के मद्देनजर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों  को जरूरी दिशा निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित इस बैठक में उन्‍होने अधिकारियों  को निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करने की ताकीद की।  बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने कानून व्यवस्था के संबंध में पुलिस अधिकारियों को जरूरी हिदायतें दी। बैठक में एडीएम एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती भावना वालिम्बे, जिला पंचायत सीईओ अरूण कुमार तोमर, डीएफओ ए.के.सिंह सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। 

      निर्वाचन संबंधी बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री आहूजा ने कहा कि 14 अक्टूबर मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव के कार्यम की घोषणा से ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। उन्होंने कहा कि जिले में आचार संहिता का गंभीरता और कडाई से पालन सुनिश्चित किया जायगा जिससे स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कार्य संपन्न कराया जा सके।

आचार संहिता के

पालन की ताकीद

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री डी.पी.आहूजा ने बैठक में मौजूद अधिकारियों से कहा कि वे विधानसभा निर्वाचन के मद्देनजर लागू आचार संहिता का पूरी गंभीरता से पालन करें। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होते ही अब शासकीय अमला निर्वाचन आयोग के मातहत के रूप में कार्य करेगा।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री डी.पी.आहूजा ने कहा कि कोई भी शासकीय कर्मचारी अब ऐसा आचरण नहीं करेगा जिससे किसी राजनैतिक दल विशेष को किसी तरह का लाभ पहुंचने की स्थितियां निर्मित होती हो। उन्‍होने कहा कि राजनीतिक सभा या जुलूस की पूर्व सूचना पुलिस को दी जायगी। जुलूस का इंतजाम ऐसा होगा जिसमें सामान्य यातायात प्रभावित न हो। उन्‍होने सभी एस.डी.एम. एवं रिटर्निग अधिकारियों को यह निर्देश दिए कि एक समय में एक ही स्थान पर दो अलग पार्टियों को सभा की अनुमति कदापि नहीं दी जाय। सभाओं और जुलूस के बीच युक्तियुक्त ढंग से अंतराल रखते हुए अनुमति प्रदान की जाय। पहले अनुमति चाहने वाले दल को प्राथमिकता म में पहले अनुमति प्रदान की जायगी।

अनुविभागीय अधिकारी होंगे रिटर्निग ऑफीसर

      इस बार के विधानसभा चुनाव में अनुविभागीय अधिकारियों को रिटर्निग ऑफीसर बनाया गया है। जिले में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बुधनी को छोड़ इछावर, आष्टा और सीहोर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रिटर्निग ऑफीसर होंगे। बुधनी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अपर कलेक्टर (विकास)को रिटर्निग ऑफीसर का दायित्व सौंपा गया है।

तहसीलदार होंगे सहायक रिटर्निग ऑफीसर

      निर्वाचन आयोग के निर्देशो के मुताबिक संबंधित तहसीलदार सहायक रिटर्निंग ऑफीसर रहेंगे। जिले के चारो विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों बुधनी, आष्टा, इछावर और सीहोर के लिए संबंधित तहसीलदारो को सहायक रिटर्निंग ऑफीसर बनाया गया है।

महत्वपूर्ण भूमिका

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने बैठक में कहा कि इस चुनाव में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होने कहा कि चुनाव का बहुत कुछ दारोमदार इन अधिकारियो पर रहेगा। ये अधिकारी चुनाव प्रेक्षको के सीधे संपर्क में रहेंगे। श्री आहूजा ने इन अधिकारियो को सख्त ताकीद की है कि वे पूरी सर्तकता से अपने दायित्वो को सही अंजाम दें। आपस में बेहतर तालमेल बैठाकर निर्वाचन क्षेत्र में सतत और पैनी निगाह रखें।

एक्शन होगा

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने आज की बैठक में यह खास तौर पर बताया कि चुनाव जैसे मामलो में एक्सक्यूज के लिए कोई जगह नहीं होती यहां तो एक्शन ही होता है और एक्शन होगा भी। उन्होने कहा कि चुनाव में गलती पर समझाइश देने की कोई गुंजाइश नहीं होती और न यह कहा जा सकता है कि यह अधिकारी बेहतर कार्य करने वाला है इसे बक्स दिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि गलती पर सजा से बचा नहीं जा सकता और सजा किसी भी रूप में सामने आ सकती है। यह काम करने वाले व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह बिना किसी गलती के अपना कार्य पूरा कर दिखाए।

होर्डिंग हटाने की जानकारी ली

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और नगर पालिका अधिकारियो से शासकीय और सार्वजनिक स्थानो पर सरकारी योजनाओ से संबंधित होर्डिंग हटाने की जानकारी ली। अधिकारियो द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा अपने अपने क्षेत्र में होर्डिंग हटाने की कार्यवाही की गई है और तकरीबन सभी होर्डिंग हटा दिए गए हैं।

लाल बत्तियों की खबर ली

      कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी.आहूजा ने आज की बैठक में निगम मंडलो और निकायो में उपयोग की जाने वाली लाल बत्तियों की जानकारी ली। उन्होने सभी एसडीएम और जिला पंचायत अधिकारी से कहा कि वे तत्काल इन निकायों से गाड़ियां बुलाएं और उन्हें निर्वाचन कार्यालय में जमा कराएं। उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही तत्काल की जाय इसमें किसी तरह की हीला हवाली नहीं होना चाहिए।

कोताही बर्दाश्त नहीं होगी

      अमूमन शांत दिखने वाले कलेक्टर डी.पी.आहूजा निर्वाचन के सिलसिले में आयोजित इस बैठक में अलग ही अंदाज में नजर आए। अनेक मुद़दों पर उन्होंने काफी मुखर अंदाज में अधिकारियों को समझा दिया कि चुनाव कैसे कराया जाता है। उन्‍होने बैठक में मौजूद अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन में ज्यादा विकल्प नहीं होते। विकल्प एक ही होता है कि कार्य बिना गलती के पूरा किया जाय। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में किसी भी तरह की कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जायगा। अधिकारियों को चाहिए कि वे पूरी सर्तकता एवं गंभीरता से अपने दायित्व निभाएं। उन्होने कानून व्यवस्था की स्थिति की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति बिगडने को अत्यन्त गंभीर और आपत्तिजनक माना जाता है। एस.डी.एम. और एस.डी.ओ.पी. यह जरूर देंखे कि कहीं कानून व्यवस्था की स्थिति भंग होने की संभावनाएं तो नहीं बन रही। उन्होंने अनेक उदाहरणों से यह बखूबी समझाया कि निर्वाचन कार्य के दौरान गलती होने पर अनेक वरिष्ठ अधिकारी कार्यवाही से बच नहीं पाए और उनके खिलाफ निर्वाचन आयोग ने सख्त कार्यवाही की।

खानापूर्ति जैसा कार्य नही

      श्री आहूजा ने सभी एस.डी.एम. और एस.डी.ओ.पी. को ताकीद की कि वे उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्ती से पेश आएं। बाउंड ओव्हर की कार्यवाही पूरी मुश्तैदी से करें। यह जरूर देंखे कि वास्तविक रूप से उपद्रवी तत्व ही इस कार्यवाही की चपेट में आंए। उन्होंने कहा कि खानापूर्ति के लिए कार्यवाही नहीं की जाना चाहिए। कार्यवाही ऐसी हो जिसका परिणाम स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो। उन्होंने कहा कि वाहनों की चैकिंग मुश्तैदी से की जाय। चैंकिंग के दौरान मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों को खासतौर पर जांचा परखा जायगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पडने पर दण्ड प्रक्रिया संहिता एवं भारतीय दण्ड संहिता में निहित प्रावधानों का सहारा लेने में कोई हिचक नहीं दिखाई जायगी।

तत्परता से हो कार्यवाही

      बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने कानून व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से संपन्न कराने का दायित्व समन्वित प्रकृति का है। उन्होंने कहा कि फील्ड में रहने वाले अधिकारी कर्मचारी का दायित्व है कि वह जहां भी पदस्थ है वहां सतर्क होकर मुस्तैदी से कार्य करे।

      डॉ. प्रसाद ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे आयोग के निर्देशों से अधीनस्थ अमले का अवगत कराएं और कडाई से इन निर्देशों पर अमल किया जाय। शासकीय अधिकारी कर्मचारी सौपे गए कार्यो को गंभीरता से पूरा करें। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष रहकर कार्य करे और एक जागरूक अधिकारी होने का परिचय दें। 

गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती सारे मरीज डर के मारे चले गये, अस्पताल में हुई तोड़ फोड़ का असर

सीहोर 16 अक्टूबर (नि.सं.)। जिला चिकित्सालय सीहोर में अक्सर आने वाले मरीजों के परिजनों की दादागिरी ने सीहोर अस्पताल को बदनाम कर रखा है। दो दिन पूर्व गहन चिकित्सा कक्ष आईसीयू में एक मरीज की मृत्यु के बाद इसके परिजन ने यहाँ उत्पाच मचाते हुए पूरे कांच आदि तोड़ दिये। उसने इतना गदर मचाया कि मारे डर के यहाँ भर्ती समस्त मरीज रात को ही अपने-अपने घर रवाना हो गये। जबकि यहाँ अति गंभीर बीमार मरीज ही भर्ती होते हैं। आज दूसरे दिन भी यहाँ मरीज वापस नहीं आये हैं। जिला चिकित्सालय में आये होने वाले इस तरह की घटनाक्रमों पर रोक लगना अब आवश्यक महसूस होने लगा है।

      दो दिन पूर्व जिला चिकित्सालय में गहन चिकित्सा इकाई में रात एक गंभीर भर्ती मरीज का देहावसान हो गया। मरीज के परिजनों का आक्रोश यहाँ जिला चिकित्सालय पर निकलने लगा और उसने यहाँ आईसीयू के सारे कांच आदि फोड़ना शुरु कर दिये। सामान उठा कर फेंकना शुरु कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ी की यहाँ भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस भी यहाँ आ गई लेकिन यादा कुछ ना कर पाई। इस दौरान यहाँ भर्ती अन्य गंभीर मरीज बुरी तरह घबरा गये। जिस तरह से यहाँ घटनाक्रम घटा था उससे कमजोर दिल के भर्ती मरीज व उनके परिजनों ने घबराहट में यहाँ से जाना ही उचित समझा। और रात ही आईसीयू के सारे मरीज अपने-अपने घर को रवाना हो गये। पूरा वार्ड खाली हो गया। जबकि इनमें सभी मरीज गंभीर बीमारी के कारण यहाँ भर्ती हुए थे।

      ज्ञातव्य है कि आये दिन अस्पताल में तोड़ फोड़ करने वाले लोग दिल खोलकर घटना को अंजाम देते हैं। यहाँ हालांकि पूर्ववर्ती जिला पुलिस अधीक्षक ए.के. सिंह के समय से एक पुलिस चौकी भी विद्यमान है लेकिन चौकी के होते हुए भी एक छोटी-सा भवन पुलिस सुरक्षित नहीं रख पाती। रात पुलिस सोती है और लोग वारदात करके चले जाते हैं।

      आज दूसरे दिन भी गहन चिकित्सा कक्ष में कांच नहीं लग सके हैं और सिर्फ एक मरीज मात्र भर्ती है, वह भी नया आया है और आज ही भर्ती हुआ है।

ठूंस-ठूंस के भरी 17 भैंसो से भरा ट्रक पकड़ा

जावर 16 अक्टूबर (नि.सं.)। आज सुबह पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर खुशी पेट्रोल पंप के पास एक ट्रक एमपी 09 केडी 0352 को पकड़ा, इस ट्रक में 18 भैंसे ठूंस-ठूंस क्रू रता पूर्वक भरी थीं। जावर पुलिस ने आरोपी इरफान पुत्र ईस्माईल काजीपुरा, व कल्लू शाह पुत्र खलील शाह मुसाखेड़ी इन्दोर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। भेंसो को मेहतवाड़ा निवासी मुबारिक खां के सुपुर्द कर दिया गया है। उक्त भैंसे आष्टा से सावदा महाराष्ट्र ले जाई जा रही थी।

 

अज्ञात कारणों से विवाहिता की मौत

      सीहोर 16 अक्टूबर (नि.प्र.) होशंगाबाद अस्पताल में ईलाज हेतु एक भर्ती विवाहिता की अज्ञात कारणों से मौत हो गई है सूचना पर रेहटी पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरऊ कर दी है।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कताधान निवासी 22 वर्षीय सरस्वती बाई पत्नि भगवत मेहरा गत दिनों सलकनपुर में अपने रिश्तेदार के यहां पर आई हुई थी, तभी उसकी अचानक तबियत खराब हो गई। जिसे इलाज हेतु होशंगाबाद अस्पताल ले जाया गया जहां पर उसकी मौत हो गई।

क्या सीहोर में नहीं धुले हाथ

      सीहोर 16 अक्टूबर (नि.सं.)। पूरे विश्व में पहली बार मनाये गये विश्व हाथ धुलाई दिवस को लेकर सीहोर जिला प्रशासन की तैयारियाँ कुछ ऐसी दर्शाई-बताई और प्रदर्शित की जा रही थी मानो लग रहा था कि पूरे देश में यदि कहीं सर्वाधिक हाथ धोये जायेंगे तो वह सीहोर ही होगा ? जिला जनसम्पर्क विभाग द्वारा जारी बड़ी विज्ञप्ति में विस्तार पूर्वक जानकारियाँ थी कि किस तरह हाथ धुलाई कराई जायेगी। कितने दल बने हैं ? कितने लोग करेंगे से लेकर किस समय पर क्या होगा इतना विस्तारित व व्यवस्थित कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। ना चाहते हुए भी लोगों का ध्यान बरवस ही 15 अक्टूबर के हाथ धुलाई दिवस पर चला गया था ? लेकिन हाथ धुलाई दिवस खत्म हो गया और यह पता ही नहीं चल सका आखिर कितनो ने हाथ धोऐ ? जनसम्पर्क विभाग ने भी दो दिन से चुप्पी साध रखी है।

श्वांस रोगियों को निशुल्क दवा पिलाई

      सीहोर 16 अक्टूबर (नि.सं.)। स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ सीहोर परिसर के संस्कारित वातावरण में खीर एवं औषधि तैयार की जाकर विगत संध्या शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर 250 रोगियों को वितरित की गई औषधि वितरण हेतु जिलें के प्रतिष्ठित सेवाभावी वैंधो डॉ.गोपाल सिंह परमार, डॉ.नारायण प्रसाद गुप्ता, वैध श्री परसराम सोनी,एवं वैंध श्री दामोदर सोनी,द्वारा अपनी विशेषज्ञ सेवाऐं प्रदान की गई। उक्त कार्यक्रम संध्या 8 बजे दीप महायज्ञ से आरंभ हुआ जिसमें परमपूज्य गुरूदेव के शिष्यों द्वारा गुरू सत्ता का मां गायत्री का भावपूर्ण आहवान कर रोगियों के स्वास्थ्य लाभ की सामुहिक प्रार्थना की गई इसी अवसर पर युग कवि संध्या का आयोजन किया गया जिसमें युव कवि सर्व श्री ओमप्रकाश तिवारी,ब्रजेश शर्मा, डॉ.यशंवत सिंह, कैलाश गोस्वामी, शिवम् तिवारी, ओ.पी.सेव द्वारा प्रेरक दृष्टहन्तों एवं विचार क्रान्ति की रचनाओं के माध्यम से उपस्थित जन समुदाय को कृरीति उन्मूलन व व्यसन मुक्ति के लिए प्रेरित किया गया रात्रि 12.30 पर औषधि वितरण हुआ तब प्रात: 4 बजे तक चन्द्रमा की अमृत वर्षा से अनुप्राणित किया गया। औषधि सेवन के उपरांन्त समस्त रोगियों ने गायत्री मंत्र का मानसिक जप करते हुए यज्ञ शाला की चौबींस परिक्रमाऐं की इस अवसर पर श्री भगवत प्रसाद मल्होगा एवं श्री इमरत लाल गौर द्वारा सुसाित साहित्य स्टाल लगाया। 

Thursday, October 16, 2008

टेसू और झांझी की धूमधाम से हुई शादी,

सीहोर 15 अक्टूबर (नि.सं.)। दशहरा पर जले रावण के साथ ही एक और लोक प्रथा को मनाते यहाँ छल्ला-बल्ला के गीत गाते 'मेरा टूसे यहीं अड़ा खाने को मांगे दहीबड़ा' बच्चों में उत्साह का संचार देखने को मिलता है। गंज व ग्वालटोली के बच्चों की टोलियाँ टेसू बनाकर नगर भर में घूमती हैं और कुछ बालिकाएं भी झांझियाँ बनाकर उसे सजा संवारकर निकल पड़ती हैं। कल टेसू रावण जिस लकड़ी से जलता है उसी लकड़ी को एकत्र करके बनाया जाता है । शरद पूर्णिमा के अवसर लडक़ों के टेसू और लड़कियों की झांझी का विवाह धूमधाम से सम्पन्न हुआ। बच्चों ने गोट मनाई और इस प्रकार 5 दिवसीय टेसू और झांझी का विवाह उत्सव सम्पन्न हो गया।

      मालवा की लोक संस्कृति और बुंदेलखण्ड में टेसू की परम्परा भी विद्यमान है। सीहोर चूंकि मालवा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है और गंज में विशेषकर बुंदेलखंड का यादा प्रभाव है इसलिये यहाँ भी इस संस्कृति और परम्परा का चलन है। गंज क्षेत्र में इसका सर्वाधिक प्रचलन है। इस वर्ष भी टेसू और झांझी बनाने वाले बच्चों का उत्साह कम नहीं था बल्कि कुछ नये बच्चे भी इस बार नजर आये। बच्चे रावण जल जाने के बाद उसकी लकड़ियों और पिंचियों से आकर्षक टेसू बनाते हैं और सुन्दर सजाकर उस पर दीपक लगाते हैं। टेसू का मुँह भी बनाया जाता है। इसी प्रकार बालिकाएं भी एक मटकी को रखकर उसकी झांझी बनाती हैं। यह एक सुन्दर युवती मानी जाती है। 'लाल झण्डी हरी झण्डी, उसमें बैठी झेंझी रानी, क्या पल्लु झलकाये रही' के सुमधुर लोकगीत यहाँ प्रीति, रिंकी, सपना, भूरी, गुड़िया, रानू, आशा प्रजापति, बिट्टु, नीतू, भारती, रानी आदि बालिकाएं अपनी-अपनी झेंझी के साथ सुनाने में हिचकती नहीं बल्कि उत्साह से सुनाया करती हैं। यह बालिकाएं गंज के ग्वालटोली व अन्य क्षेत्रों में विगत पाँच दिनों लगातार निकलीं। अपने झेंझी रानी का मुखड़ा दिखाने के नाम पर यह अच्छे रुपये बटोरती रहीं। झेंझी की मुँह दिखाई दुल्हन की मुंह दिखाई से कम नहीं होती, और फिर बच्चों के इस    खेल में आम नागरिक भी सहयोगी हो जाते हैं और अपनी तरफ से इन बच्चियों को कुछ ना कुछ उपहार राशि दिया करते हैं।

      खासतौर से बालकों की आवाज अवश्य आकर्षण पैदा करती है, उनका उत्साह भी देखते ही बन रहा था। बालकों में भी दीपक बंशकार, राजेश बंशकार, राहुल राठौर, दीपक राठौर, आकाश जोगी, जितेन्द्र, रोहित, राजा, रुपेश, गोलू, योगेश, संतोष आदि अपने-अपने टेसू लेकर घूमते नजर आये। यह सभी विद्यार्थी हैं और कक्षा 4 से लेकर 8 तक के हैं। शाम 6-7 बजते ही यह टेसू लेकर उसमें दीपक जलाते और निकल पड़ते नगर भर में, रात 10 बजे तक पूरे नगर में अपने टेसू को घुमाकर लाते। इन्हे टेसू के गीत सुनाने में बड़ा आनन्द प्राप्त होता है। बाल मन गीत सुनाते जाते हैं लेकिन हंसी रुकने का नाम नहीं लेती।

      बच्चों के इस दल ने कल शरद पूर्णिमा तक घूमकर अच्छे रुपये एकत्र कर लिये थे। पूर्णिमा के बाद टेसू और झेंझी की शादी बालक और बालिकाओं के दल ने मिलकर किसी एक नियत स्थान पर कराई। इसमें भी पूरे मजे लेने के लिये इन्ही में से एक बालक पंडित भी बन जाता है जो उल्टे-सुल्टे मंत्र बोलकर सभी को हंसाता भी हैं ऊं अगड़ं-बगड़ं  स्वाहा, या ऐसे ही अन्य रोचक मंत्र यह पढ़ता है। इसे सब पोंगा पंडित कहकर चिढ़ाते हैं और यह शादी भी कराता है। दोनो दल के पास कतिना रुपया एकत्र होता है उस आधार पर शादी होती है। झेंझी और टेसू की शादी में बच्चे खर्च भी करते हैं। यह ढेर सारी मिठाईयाँ खरीदकर लाते हैं और सभी मिलकर खाते हैं। इसके बाद टेसू और झेंझी फोड़ दिये जाते हैं। इस शादी में इनके बालक बालिकाओं के माता-पिता भी उपस्थित हो जाते हैं, मोहल्ले के लोग भी आ जाते हैं और टेसू और झेंझी की शादी का मजा लेते हैं।

      बालिकाओं की भी अपनी एक अदा होती है, जब उनसे कभी कोई झेंझी दिखाने को कहता है तो वह कहती हैं कि यह बहुत शर्मिली है इसको देखने के लिये कम से कम 11 या 21 रुपये लगेंगे। छोटी-छोटी कन्याओं के मुख से यह बात सुनकर कई लोग रुपये देकर झेंझी देखते हैं वह सहज सरल ढंग से बात करती हैं और झेंझी के गीत भी सुनाती हैं 'अंगना में बोली कोयल, पिछवाड़े बोली मोर, चली है प्यारी झेंझी, हम सबसे मुखड़ा मोड़, पापा भी रोए मम्मी भी रोए, अंगना में खड़ा टेसू, आशा की लगी डोर, चली है प्यारी झेंझी हम सबसे मुखड़ा मोड़'। बालिकाओं ने झेंझी से संबंधित मधुर लोकगीत गड़बड़िया भी सुनाये जिनमें 'गड़बड़-गड़बड़ गाड़ी लो, शेर भाग्यो जाये, की बाई को गड़बड़ियो, शेर में लग्यो कोटा नाई के घरा जाये, की बाई की गड़बड़ियो, बाई ने दी नेरनी, सुताईया के घर जाये' इसी प्रकार बालकों ने 'भूरी बिल्लैया भूरे कान, भूरी के आ गये दो मेजबान, भूरी गई नल्ले में, पूछ पकड़ लई पिल्ले ने' के अलावा 'छोटी से गुड्डी पान खाना सीख गई, बटुए में पैसा नहीं हाथ मारना सीख गई'। और बच्चों के 'टेसू-टेसू यहीं खड़ा, खाने को मांगे दहीबड़ा, दहीबड़ा से पूछी बात, कितने लोग हमारे साथ, हाथी घोड़ा शेर सवार, छुन्नो की रोटी कोई न खाये, खाये खाये चुगरिया खाये, तुम्हारा दिया पुन हो जाये'

        ऐसे गीत गाते इन बालकों की हंसी रुक नहीं पाती। इसी प्रकार 'जैसे रेल चली भई रेल चली, सो डिब्बा छोड़ चली, एक डिब्बा आरम्पार, उसमें बैठे मियां साब, मियां साब की काली टोपी, काले हैं कल्याण जी भूरे हैं भगवान जी, सीता जी की गोद में, कूद पड़े हनुमान जी' गीत भी इन्होने सुनाया। नई उम्र नई पीढ़ी के इन बच्चों को अपनी संस्कृति के इतने पुराने लोक गीत अच्छे से याद है और वह परम्परा को जीवित रखे हुए हैं यही बड़ी बात है।

10 गंभीर कुपोषित बच्चे इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती

         आष्टा 15 अक्टूबर (नि.सं.)। आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रोजेक्ट मुस्कान योजना के तहत आष्टा सिविल अस्पताल में एक निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 618 बच्चों एवं 187 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

      बारहवें बाल संजीवनी अभियान में चयनित ग्रेड 1, 2, 34 के बच्चे गर्भवती महिलाएं एवं किशोरी बालिकाओं का इस शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान 10 गंभीर कुपोषित बच्चों के मिलने पर इन सभी बच्चों को इलाज के लिये पुर्नवास केन्द्र सिविल अस्पताल आष्टा में भर्ती किया गया। परियोजना अधिकारी श्रीमति इन्द्रायीणी खोड़े ने बताया कि शिविर में सेक्टर आष्टा मैना, आष्टा ग्रामीण, खाचरौद, सिध्दिकगंज के हितग्राहियों का परीक्षण किया गया। शिविर में निशुल्क दवाओं का परीक्षण कर डॉ.ए.के. जैन, डॉ.रंजना सिंह, डॉ.आर.सी. गुप्ता ने शिविर में आई महिलाओं व बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

      शिविर प्रभारी श्रीमति अनीता नागौरी सहित श्रीमति कविता कावड़े, सुशीला खण्डेलवाल, रेखा व्यास, सागर मेवाड़ा, सुशीला अवलेशिया, श्री बाहेती सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य विभाग की श्रीमति कांता शर्मा, पुष्पा सोनी, सुशीला सावलकर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिनस्थों का भी सहयोग प्राप्त हुआ।

नगर पालिका के दैनिक वेतन भोगियों का नियमितिकरण हुआ

      सीहोर 15 अक्टूबर (नि.सं.)। दैनिक वेतन भोगियों के नियमितिकरण के संबंध में चुनाव आचार संहिता की घोषणा होने के पूर्व 13 अक्टूबर सायं उप सचिव एस.के.उपाध्याय मध्य प्रदेश शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा एक आदेश जारी कर दिया है जिसके तहत आदेश क्रमांक एफ 4-143200718-1 में कहा गया है कि नगरीय निकायों के दैनिक वेतन भोगी नियमितिकरण किये जाये। आदेश के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 16 कई 07 को विस्तृत निर्देश जारी किये गये हैं। सभी निकाय पात्रता प्राप्त कर्मचारियों के प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी स्तर जैसे परिषदएमआईसी  पीआईसी से पारित कर अनुमोदन हेतु विभाग को भेजे जावे। यह प्रक्रिया उन्ही निकायों में की जावेगी जिनका स्थापना व्यय 65 प्रतिशत से कम हो।

      पूर्व अध्यक्ष अशोक सिसोदिया के कार्यकाल में परिषद ने उपरोक्त संबंध में एक प्रस्ताव पारित कर दिया था।

श्री सत्तनारायण मंदिर में गरबे की धूम

      सीहोर 15 अक्टूबर (नि.सं.)  । शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर विगत रात्रि 9 बजे सत्यनारायण मंदिर, अग्रसेन मार्ग, बड़ा बाजार, पर सीहोर की प्रसिद्ध गरबा दलों के बालक एवं बालिकाओं द्वारा मनमोहक गरबा नृत्य की प्रस्तुतियां दी गई, जिसकी उपस्थित जन समुदाय ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। 

      अग्रवाल समाज के मीडिया प्रभारी प्रवक्ता मोहित गोयल ने जानकारी देते हुए कहा कि कार्यक्रम में जगदम्बा गु्रप, जय-दुर्गे ग्रुप एवं जय मां भवानी ग्रुप ने एकल एवं सामुहिक गरबा नृत्य प्रस्तुत किये।

      कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। इसके पश्चात सत्यनारायण जी एवं श्री महालक्ष्मी जी को भोग लगाकर आरती के पश्चात खीर की प्रसादी का वितरण किया गया।

      इस अवसर पर अग्रवाल समाज की ओर से अध्यक्ष हरीशचन्द्र अग्रवाल एवं भू.पू. नगर पालिका अध्यक्षा सुश्री रुकमणी रोहिला द्वारा समसत प्रतिभागी दलों को नगद राशि से पुरस्कृत किया गया।

      इस अवसर पर हरीश अग्रवाल, द्वारकाप्रसाद मित्तल, डा. कैलाश अग्रवाल, गोवर्धन, ओमप्रकाश रोहिला, गोविन्द मित्तल, विष्णु भरतिया, श्रीमति मालती अग्रवाल श्रीमति प्रेमा रूठिया सभी समाज के पुरुषों एवं महिलाओं व बच्चों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

एक दिन मुहिम चलाकर बंद झोलाछाप काट रहे चांदी

      आष्टा 15 अक्टूबर (नि.प्र.) क्षेत्र में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम ही नहीं ले रहा है हालत यह है कि सिविल अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में बुखार पीड़ित आ रहे है। इनमें से अधिकांश मरीज मलेरिया से पीड़ित है। अस्पताल में डाक्टरों की कमी के चलते फर्जी डिग्री लेकर झोलाछाप नीम हकीम खबरा ए जान चांदी काट रह ेहै।

      सरकार अस्पताल में उचित इलाज नहीं मिलने के कारण मरीजों को मजबूरी वश झोला छाप डाक्टरों की शरण लेना पड़ रही है। यह डाक्टर मरीजों को बेतरतीब इलाज कर न सिर्फ अपनी जेबे गर्म कर रहे, बल्कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने पर भी तुले है। बावजूद इसके जिले का स्वास्थ्य महकमा अभी तक इस गंभीर मुद्दे को लेकर कोई नेता कदम नहीं उठा पाया है।

बिना डिग्री कर रहे इलाज

      यूं तो शहर में डिस्पेंशरी खोले बैठे झोला छापों की संख्या अनगिनत है। गली-गली मोहल्लों में ये लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे है। लेकिन इनमें से बहुत से डाक्टर ऐसे होंगे, जिनके पास किसी मान्यता प्राप्त संस्था से वैध मेडीकल डिग्री अथवा डिप्लोमा हो।

      यह कथित डाक्टर थोड़ी बहुत प्रेक्टिस के आधार पर गले में आला डालकर मरीजों का उपचार कर रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले तथा अनपढ़ ग्रामीण बिना जानकारी के ही इन नीम हकीमों की गिरफ्त में आ जाते है, जिससे न केवल उनके रुपए की बर्वादी होती है बल्कि उनकी जान पर भी बन आती है। आष्टा में इस प्रकार की घटनाऐं हो रही है। एक डाक्टर पर कार्यवाही कर मुहिम बंद तहसीलदार बिहारी सिंह ने एक नीम हकीम की डिस्पेंशरी को सील किया था, उसके बाद यह मुहिम नहीं चली, जबकि नगर में महिला विशेषज्ञ तक फर्जी डिग्री लेकर मरीजों की जिंदगी से खेल रही है।