Thursday, October 9, 2008

कालगर्ल को गरबे में क्यों बुलाना पड़ा?

नवरात्र उत्सव के दौरान देवी माँ की आराधना के लिये साधकों द्वारा तरह-तरह की साधना करने के क्रम में ही एक क्रम आरती और आरती के साथ नृत्य करते हुए माँ को मनाने का प्रयास का नाम ही गुजरात में गरबे के रुप में स्थापित है। आज भी गुजराती गरबा करने वाले अपनी एक धुन में गरबा करते हैं, उनकी निगाह, उनकी ताल-लय, उनके गरबे के भजन सबकुछ सिर्फ या तो माँ को समर्पित नजर आती है या फिर स्वयं में कहीं खोई हुई प्रतीत होती है। वह किसी को दिखाने की होड़, कला की नुमाईश, कमर की लटके-झटके या श्रृंगार के नाम पर किये जा रहे फूहड़ शरीर प्रदर्शन से कोसो दूर रहती है....अभी इतनी सात्विकता शेष बची है। गुजरात की धरती परम्पराओं की, स्वाभिमान की, गरिमा पूर्ण जीवनशैली की और आत्माभिमान की धरती है, वह जहाँ वीरता-साहस की धरती है वहीं संस्कृति के प्रति समर्पण भाव की धरती भी है। शायद इसीलिये संस्कृति और परम्पराओं से सुसज्जित वहाँ गरबा महोत्सव आज भी देवी की आराधना का एक साधन मात्र ही है।
लेकिन आज इसी गरबें का फूहड़ रुप हमें देखने को मिल रहा है। प्रारंभिक रुप से गरबे की नकल तो हमने की, लेकिन माँ की आराधना की इस विधि को हमने चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया। फिर कुछ व्यापारिक बुध्दी के लोगों ने इसका दुरुपयोग किया और हमारी भावनाओं से खिलवाड़ शुरु कर दिया, गरबा आराधना कम, प्रतियोगिता यादा बना दी गई। इन्ही व्यापारियों ने गरबे के बड़े-बड़े आयोजन शुरु कर दिये। तब गरबा करने वालों को यह व्यापारी रुपये का लालच, पुरुस्कारों का लालच और मंच-सम्मान का लालच देकर बुलाने लगे। इनके मन में कहीं भी नवरात्र में भगवती की आराधना करने की लालसा नहीं थी, इनकी लालसा कुछ और ही थी। इधर इन्ही व्यापारियों ने हमें गरबा देखने बुलाकर रुपये वसूलना शुरु कर दिये। व्यक्तिगत रुप से जो गरबा गुजराती बालाएं किया करती थीं आज वह बाजार में इन व्यापारियों ने बड़ी ही चालाकी के साथ बेचना शुरु कर दिया। गरबे की एक रात 250 रुपये से लेकर 500 और 1000 रुपये तक बिकने लगी। अब गरबा बिकाऊ माल हो चुका है और वह गरबे की साधना करने वाले साधक, अब साधक नहीं बल्कि नचैया हो गये हैं जो पुरुस्कारों की होड़ में अपनी मण्डली बनाकर नाचते हैं और इसकी कीमत भी वसूलते हैं। गरबा अब देवी माँ को प्रसन्न करने के लिये नहीं होता बल्कि रुपये कमाने के लिये होता है। व्यापारी गरबा आयोजकों ने गरबे को बिकाऊ बनाने के चक्कर में जाने के स्वरुप को भद से भद्दा कर दिया है।
बल्कि इन व्यापारियों ने हद तो तब कर दी जब पहले-पहले तो कथित रुप से फिल्मी माडल बुलाई गईं और उन्हे नचवाया गया, इनका नाच देखने भीड़ एकत्र हुई लेकिन अब एक आयोजक ने तो भोपाल-बैरागढ़ की एक काल गर्ल को इस आयोजन में बुलाकर अपने ग्राहकों के सामने परोस दिया। इस काल गर्ल को भी फिल्मी हस्ती और मॉडल के रुप में प्रचारित किया गया, मॉडल गरबा आयोजन की मुख्य अतिथि बनी, समाजसेवियों के साथ बैठी...मादक मुस्कुराहट बिखेरती रही और जब इसके कुछ पुराने ग्राहक भी इसी गरबे में इसे नजर आये तो यह मुँह छुपाकर इधर-उधर देखने लगी बल्कि छुप भी गई....ऐसी कालगर्ल को बुलाने की आखिर आयोजक को क्या जरुरत पड़ रही थी...सिर्फ भीड़ खेंचने और ग्राहकों को बुलाने के लिये ही ना....इस कालगर्ल का डांस दिखाकर लोगों से रुपये कमाने के अलावा इस आयोजक के मन में क्या कुछ और बात हो सकती है.... क्या यह आयोजक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजक कहा जा सकता है या बार डांस क्लब के संचालक के रुप में इसे देखा जाना चाहिये....?
आराधना से लेकर दिखावे और दिखावे के बाद आज जिस गर्त में गरबा गया है उसके पीछे कुछ व्यापारिक बुध्दी और धर्म के नाम पर खिलवाड़ करने वाले लोगों का गंदी मानसिकता ही एक मात्र कारण नजर आती है। कल तक गरबा करती नन्ही बालिकाएं सहजता-सरलता से अपनी प्रस्तुति दे रही थीं....आज वह इन आयोजनों की चंकाचौंध में कहीं खो गई है। आज गरबे के लिये जितने प्रकार का श्रृंगार आवश्यक हो गया है...उसमें आराधना कहीं नजर नहीं आती।
और हाँ ऐसे कमाऊ आयोजकों की आपसी लडाईयाँ....आपसी द्वंद....भी अब नजर आने लगे हैं। कैसे आयोजन के टिकिट बेचे जायें...कैसे ग्राहकी पैदा की जाये....कैसे कहीं की प्रसिध्द माडल का आकर्षण कार्यक्रम में बढ़ाया जाये....कैसे बड़े रुपये कबाड़े जायें सिर्फ इसी ध्येय का नाम गरबा महोत्सव के रुप में अब प्रचलित हो गया है। जिसमें आयोजक अपने ग्राहकों के समक्ष पहले पहल तो बुलाये गये गरबा दलों से नृत्य कराते हैं और फिर उपस्थित ग्राहकों को भी गरबा करने की प्रेरणा देकर इस कथित धार्मिक कार्य में झोंक देते हैं.... कल चर्चा चल पड़ी कि एक गरबा आयोजक ने दूसरे गरबा आयोजक के यहाँ विद्युत मण्डल की रेड पड़वा दी। ऐसा ही एक किस्सा सुनने में आया जिसमें दानदाताओं के नाम पर राजनीति होती रही और एक आयोजन ही स्थगित करना पड़ा।
कुल मिलाकर गरबा महोत्सव, एक विशुध्द व्यापारिक आयोजन हैं, जिसमें कई बच्चे अनजाने में आयोजकों की चालबाजी के शिकार होकर भीड़ जुटाने के लिये एक आकर्षण का पात्र बन जाते हैं...वह भक्ति रस और देवी आराधना से कोसों दूर रहकर सिर्फ लोगों की वाह-वाही के लिये अपनी प्रस्तुति देते हैं, और यदि गरबा करने वाले मिल गये तो ठीक वरना कथित मॉडल या 1500-2000 रुपये में भोपाल-बैरागढ़ की कालगर्ल तो है ही।
भगवान बचाये ऐसे गरबा आयोजनों से...और ऐसे आयोजकों से जो माँ की आराधना को रुपये से तौलने में जुटे हुए हैं। दशहरा पर्व की सभी को शुभकामनाएं।


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सर्वश्रेष्ठ दुर्गा प्रतिमा व पंडाल हुए पुरुस्कृत

सीहोर 8 अक्टूबर (नि.सं.)। सीहोर सांस्कृतिक मंच द्वारा जारी पूर्व घोषणा के अनुसार शहर में विराजित माँ दुर्गा प्रतिमा और श्रेष्ठ दुर्गा पंडालों को पुरस्कृत किया गया। मंच द्वारा चयनित श्रेष्ठ दुर्गा प्रतिमा का पुरुस्कार गंज स्थित माँ भवानी दुर्गा उत्सव समिति को दिया गया व श्रेष्ठ पंडाला का पुरुस्कार सिंधी कालोनी में झूलेलाल दुर्गा उत्सव समिति को दिया गया।

सीहोर सांस्कृतिक मंच द्वारा आयोजित पुरुस्कार कार्यक्रम में एसडीएम चन्द्र मोहन मिश्रा व डिप्टी कलेक्टर इच्छित गड़पाले मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित थे। कार्यक्रम के विशेष अतिथि वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम कुईया थे व कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी राजकुमार गुप्ता ने की। कार्यक्रम के पूर्व मंच के अध्यक्ष आशीष गुप्ता व संयोजक अमित कुईया ने सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि चन्द्रमोहन मिश्रा एसडीएम सीहोर ने मंच द्वारा चयनित श्रेष्ठ पंडाल के लिये सिंधी कालोनी स्थित झूलेलाल दुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष और सदस्यों को शील्ड प्रदान कर पुरुस्कृत किया। श्रेष्ठ प्रतिमा का पुरुस्कार मंच द्वारा चयनित गंज स्थित माँ भवानी दुर्गा उत्सव समिति को मुख्य अतिथि श्री मिश्रा व डिप्टी कलेक्टर श्री गड़पाले ने प्रदान किये। पुरुस्कार कार्यक्रम के पूर्व मंच पर उपस्थित अतिथियों द्वारा माँ दुर्गा की पूजा की गई व मुख्य अतिथि एसडीएम चन्द्र मोहन ने सीहोर सांस्कृतिक मंच के इस आयोजन की सराहना की। श्री मिश्रा ने कहा कि शहर में सांस्कृतिक गतिविधियों व पारम्परिक उत्सवों को बढ़ावा देने के लिये मंच द्वारा जो प्रयास किये जा रहे हैं यह प्रशंसनीय है। डिप्टी कलेक्टर इच्छित गड़पाले, पुरुषोत्तम कुईया व राजकुमार गुप्ता ने भी मंच के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि मंच भारतीय संस्कृति के उत्सवों को उत्साह एवं उमंग के साथ मनाने में आने वाले दिनों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करे। कार्यक्रम में मंच के अध्यक्ष आशीष गुप्ता ने सीहोर सांस्कृतिक मंच की गतिविधियों पर विस्तार से जानकारी दी। अंत में मंच के संयोजक अमित कुईया ने समिति सदस्यों को बधाई देते हुए उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रुप से भूपेन्द्र आहूजा, सन्नी ललवानी, संजय धीमान, अमित कटारिया, दिनेश कटारिया, ओमी पंचवानी, संजय जाधवानी, मंजीत जाधवानी, ओमी आहूजा, विनीत राठौर, जितेन्द्र राठौर, बिल्लू समाधिया, सूर्यमणि शुक्ल उपस्थित थे।

कांग्रेस में कई दावेदार ठंडे पड़े....

आष्टा 8 अक्टूबर (नि.प्र.) कांग्रेस से किसी टिकिट मिलेगा को लेकर अभी भी अनिश्चिता के बादल छाये हुए है जो दावेदार है वो एक ही बात कह रहा है मेरा तो नाम पैनल में है अगर इन दावेदारों की मान भी ले तो क्या आष्टा की जो पैनल बनी है वो 10-15 नामों की है। वास्तव में सही स्थिति यह है कि आष्टा के नाम पर अभी तक दिल्ली में टिकिटों को लेकर जितनी भी बैठक हुई है विचार ही नहीं हुआ है अभी तक आष्टा से कोई दावेदार दिल्ली जाकर अपनी जेब हल्की करके आ गये है लेकिन नतीजा शून्य ही नजर आ रहा है।
फुरसत ने आज अपने सूत्रों से कांग्रेस में क्या चल रहा है के बारे में जब चर्चा की तो फुरसत को जो जानकारी मिली उसके अनुसार आष्टा को लेकर अभी भोपाल से लेकर दिल्ली तक कोई चर्चा नहीं है कांग्रेस में जितने गुर है उन सभी गुट के वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने समर्थकों के नाम पर जिस वक्त विचार होगा दबाव बनायेंगे इस हिसाब से आष्टा से केवल 4-5 नामों पर ही विचार की स्थिति बन सकती है क्योंकि यहा दावेदार तो कई है लेकिन उसमें से कई दावेदार विभिन्न कारणों, तथा जो लाइन पार्टी ने तय की है उसके कारण कर सकते है।
फुरसत को अभी तक जो जानकारी मिली है उसके अनुसार भोपाल में जो सूची तैयार हुई है उसमें केवल 4 नाम है यूं तो नाम पांच थे लेकिन 1 नाम को कारणों से उडा दिया गया है जो चार नाम है वे चारों गुटों की ओर से है। कई दावेदारों ने जिन्हें अपनी ताकत अब लगाना भी वे पहले ही जा-जाकर बारूद खत्म कर आये है कई दावेदार तो समय के पहले ही जेब फुस्स हो गये है कुछ अभी दम लगाये हुए है वही कुछ अपने नेता के इसारे का इंतजार कर रहे है लेकिन जैसा नजारा नजर आ रहा है उससे लगता है कि कांग्रेस ने आष्टा का टिकिट फायनल होना उतना आसान नहीं जितना समझा जा रहा है लेकिन ऐसा आभास लग रहा है कि इस बार कांग्रेस नये चेहरे को उतार सकती है अगर नया चेहरा आया तो पुराने चेहरे और विरोधी क्या इसे पचा पायेंगे यह सब ऐसे प्रश् है जो टिकिट फायनल के पहले ही कांग्रेस के भोपाल वाले नेताओं को परेशान किये हुए है कि उनके प्रयास सार्थक नहीं होगे तो वे नया गणित बैठाने में जुट गये है इन दिनों नगर में कई नये-नये गणित कांग्रेस में देखने सुनने को मिल रहे है।

दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज

सीहोर 8 अक्टूबर (नि.प्र.) कोतवाली थाना पुलिस ने एक विवहिता की फरियाद पर उसके पति सहित पांच लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है।
ग्राम बावई निवासी 28 वर्षीय मोनिका सेन का विवाह गुलजारी कालोनी निवासी अरविन्द सेन के साथ हुआ था बताया जाता है कि मोनिका का पति अरविन्द सेन एवं उसका ससुर शंकरलाल, ललिताबाई, वन्दना एवं दुष्यंत मिलकर मोनिका के साथ दहेज की मांग कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। ससुराल पक्ष की इस प्रताड़ना से तंग आकर मोनिका ने इन लोगों के विरूद्ध दहेज प्रताड़ना का प्रकरण कायम करवाया हैं।


डेम में डूबने से युवक की मौत
सीहोर 8 अक्टूबर (नि.सं.) अहमदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सुल्तानपुरा स्थित पार्वती डेम में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। अहमदपुर पुलिस ने सचना पर मर्ग कायम कर शव को बरामद कर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अहमदपुर थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम हसनपुर तिनोनिया निवासी शिवनारायण प्रजापति का 24 वर्षीय पुत्र राजेश गत मंगलवार की सुबह 11 बजे अपने घर से ग्राम सुल्तानपुरा स्थित पार्वती डेम में नहाने का कहकर गया था जो शाम तक वापस घर नहीं लौटा तब परिजनों ने इसकी तलाश की एवं नहीं मिलने पर आज सुबह थाना अहमदपुर पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई इसके पश्चात तलाश करने पर डेम के ऊपर राजेश के जूते व केतली पड़ी मिलने पर परिजनों ने बास में दराता बांधकर पानी के डेम में उसकी तलाश की तो राजेश की लाश पानी में मिली सूचना पर पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया।

यात्री बस पलटने से पांच से अधिक घायल
सीहोर 8 अक्टूबर (नि.सं.) रेहटी थाना क्षेत्र में आज सुबह इटावा ओर कलवाना के बीच एक यात्री बस के चालक की लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर पलट जाने से बस में सवार पांच से अधिक यात्री घायल हो गये। जिन्हें प्राथमिक उपचार हेतू रेहटी एवं नस-गंज अस्पताल भेजा गया वही अन्य हादसों में नौ और लोग भी घायल हो गये है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्मा बस मांक एम.पी. 37-ई-0108 आज सुबह नस-गंज से यात्रियों को लेकर रेहटी तरपऊ आ रही थी तभी साढ़े ग्यारह बजे के करीब इटावा कलवाना के बीच वाहन चालक की लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर आम रोड पर पलट गई। परिणामस्वरूप बस में सवार रामनारायण एवं उसकी पत्नि सुनिता बाई तथा आगरा निवासी गायत्री बाई एवं उसकी पुत्री मनीषा तथा मालीबांया निवासी कृष्णाबाई घायल हो गये तथा कुछ अन्य सवारियों को भी चोंटें आई, जो उपचार हेतु नस-गंज अस्पताल चली गई। बताया जाता हे कि घटना के बाद बस का चालक वाहन को छोड़कर भाग गया। इसी प्रकार रेहटी थाना क्षेत्र के देलावाड़ी घाट के समीप सलकनपुर देवी दर्शन कर भोपाल वायपास जा रहे वैभव नागवंशी एवं पवन गौतम की बाइक क्रमांक एम.पी 20-एम.ओ.-1657 में सूमो वाहन क्रमांक एम.पी.04 टी-7348 के चालक ने तेजगति एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुये टक्कर मार दी। परिणामस्वरूप बाइक सवार वैभव नागवंशी व पवन गौतम दोनों घायल हो गये।
इधर आष्टा थाना क्षेत्र में मंगलवार की शाम संतुष्टि ढाबा के समीप महेन्द्रा पीकप एवं इंदौर तरफ से आ रही इंडिका के चालक ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुये टक्कर मार दी। परिणाम स्वरूप पीकप में सवार योगेन्द्र सिंह, सुनीता, अनिता, बाबूलाल, शारदाबाई, इन्दरबाई एवं कान्ताबाई घायल हो गई। बताया जाता है कि ये सभी निपानियाकलां से अपने गांव जुलई जा रहे थे।

रायसुमारी के बाद भाजपा के दावेदारों की निगाह अब भोपाल की और

आष्टा 8 अक्टूबर (नि.प्र.)। आष्टा विधानसभा क्षेत्र से किसे प्रत्याशी बनाया जाय इसको लेकर प्रदेश संगठन ने कार्यकर्ताओं की राय जानी गत दिवस आष्टा में मंत्री विजयशाह ने विश्रामगृह पर कार्यकर्ताओं से प्राप्त हुई राय को बन्द लिफाफे में भोपाल ले गये और संगठन को आष्टा से प्राप्त राय को सौंप दिया। आष्टा सहित म.प्र. की सभी 230 विधानसभा क्षेत्र की राय भोपाल पहुंच चुकी है अब रायसुमारी के बाद आष्टा के दावेदारों की निगाह भोपाल की ओर लगी हुई है कई दावेदार तो रायसुमारी के दूसरे दिन ही भोपाल अपने नेता के पास भी पहुंचे है। वही रायसुमारी के बाद दावेदार और उनके यसमेन अब उक्त सूची को सामने रखकर गणित निकाल रहे है की मेरे पक्ष में कितनों ने प्रथम द्वितीय या तृतीय वरीयता पर नाम लिखा होगा। कई दावेदार जो विधायक बनने का सपना देख रहे है उसमें से कईयों के चेहरे गणित में जो स्थिति नजर आई है तो चहरे उतारे हुए है वही कई नये दावेदार इसी बात में खुश है की पैनल जो तीन की मांगी थी रायसुमारी से हमारा कही ना कही नाम तो आया है। खबर है कि उक्त रायसुमारी टिकिट वितरण में प्रदेश के सामने महत्वपूर्ण रोल अदा करेगी क्योंकि भाजपा संगठन इस बार कही से भी कार्यकर्ताओं को ना ही उपेक्षित करना चाहता है और ना ही उनकी राय को नजर अंदाज करना चाहता है देखना है रायसुमारी किसके लिए कितनी फायेमंद साबित होती है। लेकिन रायसुमारी के बाद मजे लेने वाला गुट काफी परेशान नजर आ रहा है।

सड़क पर उड़ रहा सोयाबीन का बगदा दुर्घटना का कारण बन सकता है

आष्टा 8 अक्टूबर (सुशील संचेती) । खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल कट कर खलों में आ गई है और जिस प्रकार रोजाना क्षेत्र में कही ना कही तेज-धीमी बरसात हो रही है उससे किसान घबरा रहा है कि खले में पड़ा सोयाबीन दागी ना हो जाये इस लिए वो पड़े सोयाबीन को राजस्थान से आई हडम्बा मशीनों से निकलवाने में दिन रात जुटा हुआ है इंदौर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिन किसानों की खेती है वे रोड के पास ही सोयाबीन एकत्रित कर आस-पास कही भी हडम्बा मशीन लगाकर वही सोयाबीन निकलवा रहे है। सोयाबीन निकालते वक्त हडम्बा से जो सोयाबीन का बगदा निकल रहा है वो उड़-उड़क र सड़क पर आ रहा है और उड़-उड़कर आ रहा उक्त बगदा हाई-वे से गुजरने वाले दुपहिया एवं चुपहिया वाहनों के चालकों के लिए बड़ी ही परेशानी का कारण बना हुआ है क्योंकि उक्त उड़कर आने वाला बगदा सीधे वाहन चालकों की आंख, कान, नाक, मुंह में घुसता है और जैसे ही उक्त बगदा आंखें में घुसता है वाहन चालक पल भर के लिए असंतुलित हो जाता है ऐसे में अगर आगे से या पीछे से कोई वाहन तेजगति से सम्भावित है शाम और रात्री में मच्छरों के आक्रमण से भी ऐसी बड़ी परेशानी आती है।
ऐसा अक्सर जब सोयाबीन और गेंहू चने की फसले कट-कट कर खले में आ जाती है तभी से थ्रेसिंग केवल ऐसी विकट समस्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर पैदा होती है।

Wednesday, October 8, 2008

700 सौ रुपये में बिक रही 1 के नोट की गड्डी, दिल्ली के व्यापारी बटोरने में लगा करोड़ों रुपये के नोट, बाजार 1,2 व 5 के नोट से हो रहा खाली

10 का सिक्का 500 और 100 का नोट 5000 रुपये में खरीदने को तैयार
सीहोर 8 अक्टूबर (आनन्द)। जी हाँ सनक है या व्यापार यह तो राम जाने लेकिन जिस प्रकार पिछले दिनों 1 रुपये के कलदार की बोरियाँ की बोरियाँ दिल्ली भराकर गई थीं अब उसी तर्ज पर 1 रुपये, 2 रुपये और 5 रुपये के फ्रेश नोट के लाखों रुपये दिल्ली की और रवाना हो रहे हैं। इस बार दाम कल्पना से भी अधिक 7 गुना है। 1 रुपये के फ्रेश नोट की गड्डी मतलब 100 को खरीदने वाले 7 गुना मूल्य देकर 700 रुपये में खरीद रहे हैं। युध्द स्तर पर हर एक दुकानदार के पास यह आफर आ चुका है और नोट दिल्ली जाना जारी है। भारतीय मुद्रा की यह कालाबाजारी आखिर किस उद्देश्य से की जा रही है यह समझ से परे है...। लेकिन इस तरफ किसी भी विभाग का ध्यान नहीं जा रहा है ना ही गुप्तचर पुलिस को इस संबंध में कोई सूचना है।
हर बार की तरह भारतीय मुद्रा के साथ हो रहे खिलवाड़ क ा क्रम अनवरत जारी है। यूं तो भारत नकली नोटों की भरमार से वैसे ही परेशान रहता है लेकिन अक्सर वर्षों वर्ष से भारतीय मुद्रा व सिक्कों को गलाने की गैर कानूनी विधा भी वर्षों से चली आ रही है। पूर्व वर्षों में जहाँ अन्य धातुओं के सिक्के गलाये जाते रहे, उसके बाद एल्युमिनियम के सिक्कों को भी नहीं छोड़ा गया था। और पिछले वर्ष तो तब हर हो गई थी जब 1 रुपये के पुराने सिक्कों को 10 पैसे अधिक के भाव में कुछ लोगों ने खरीदा कर कई बोरे कलदार एकत्र कर लिये और वह उसे दिल्ली जाकर गलाने के लिये बेच आये। इस प्रकार भारतीय मुद्रा के साथ खिलवाड़ होता ही रहा।
लेकिन इस बार जो मामला प्रकाश में आया है वह सबसे जुदा और अलग है। दिल्ली के ही एक व्यापारी द्वारा बहुत बड़े स्तर पर लाखों-करोड़ो रुपये के एक, दो व पाँच के नोट संग्रहित करने का क्रम जारी हो चुका है। दिल्ली के इस व्यापारी के दलाल सीहोर तक में बड़े दुकानदारों के पास पहुँच चुके हैं। यह दलाल 1 रुपये के फ्रेश नोट की गड्डी को जो मात्र 100 रुपये की होती है उसे 700 रुपये में खरीदने का आफर दे रहे हैं। इसके अलावा 2 रुपये के अच्छे नोट की गड्डी यह 600 रुपये में खरीदने की बात कह रहे हैं इतना ही नहीं 5 रुपये के फ्रेश नोट की गड्डी यह 150 रुपये अधिक मतलब 650 रुपये में खरीदने को तैयार हैं। इसके अलावा कुछ अन्य कलदार जैसे पुराने जमाने में एक 10 रुपये का कलदार चला करता था उसको यह 500 रुपये में खरीदने को तैयार हैं। इतना ही नहीं एक 100 का नोट जो आजादी के शुरुआती दिनों में हरा रंग का चला करता था बड़े आकार वाला उसे यह लोग 5000 रुपये में खरीदने को तैयार हैं। इस प्रकार पुराने नोटों की आशा से बहुत अधिक दामों पर खरीदी का यह सिलसिला जारी है। लोग एक-दूसरे से नोट पूछ रहे हैं। कई गड्डियाँ जा चुकी हैं। आखिर इस प्रकार अत्याधिक दामों नोट क्यों खरीदे जा रहे हैं...? इनका क्या होगा....? क्या बाजार से 1, 2, 5 के नोट खत्म करने की योजना है ? या फिर कोई और बात ? यह बात अभी राज ही बनी हुई है। खरीदने वाले खुद को दलाल कहते हैं और खरीदने के कारण बताने से इंकार कर देते हैं। स्थानीय गुप्चर पुलिस और पुलिस विभाग को भी संभवत: इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।

सोयाबीन की फसल को जलाया

आष्टा 7 अक्टूबर (नि.प्र.)। गुलरिया में केसर सिंह के खले में खेत से कटकर आया लगभग 15 गाड़ी सोयाबीन किसी ने जला दिया आग लाने से लगभग उक्त 70 हजार का सोयाबीन जलकर राख हो गया।
बाद में थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है जिन लोगों के शंका में नाम से लिखाये गये वो मोलूखेड़ी के हैं तभी कारण यह बताया कि लड़की को ससुराल नहीं भेजा इसलिये ऐसा किया है।

2 लाख 71 हजार लोगों को मिलेंगे वन भूमि के पट्टे

आष्टा 7 अक्टूबर (नि.प्र.)। म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह देश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होने छोटे-छोटे लोगों के लिये कार्य किया है। म.प्र. में 2 लाख 75 हजार आवेदन वन भूमि पर पट्टे के लिये आवेदन प्राप्त हुए।
न्यायिक प्रक्रिया के पूर्ण होते ही दिसमबर तक इन्हे पट्टे दे दिये जायेंगे। जो आवेदन आये हैं उन्हे जिला स्तरीय समिति देखेगी तथा उन पर विचार जांच या स्वीकृति प्रदान करने के बाद आगे प्रक्रिया के लिये आयेंगे। जब प्रेस ने उनसे जानना चाहा की कितने मंत्री और विधायकों के टिकिट काटे जा रहे हैं तो वे इस प्रश् का घूमा फिरा कर उत्तर दे गये की अभी किसी के नहीं कट रहे हैं। अभी तक लगभग 20 हजार पट्टे के आवेदन विभिन्न सतरों पर जांच के बाद निराकरण कर दिये गये हैं। आष्टा का वन विभाग रेंजरों की धर्मशाला क्यों बना हुआ है जब यह प्रश् किया तो वे समझे नहीं तब उन्हे बताया कि यहाँ कुछ माह में आष्टा वन विभाग में अभी तक 4-5 रेंजर आये-गये। अभी जैन साहब आये हैं लेकिन पहले के रेंजर फिर कोर्ट से आ गये हैं ऐसी खबर है, तब वन मंत्री ने कहा कि ऐसा क्यों हो रहा है मैं दिखवाता हूँ। वन मंत्री से आज कई लोगों ने अलग-अलग भेंट कर समस्याओं के आवेदन भी दिये।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का पथ संचलन निकला

सीहोर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने कल गंज क्षेत्र में विशाल पथ संचलन निकाला। स्वयं सेवक पूर्ण गणवेश में चल रहे थे जो आकर्षण का केन्द्र थे। साथ ही शस्त्र भी इनके साथ थे। इस वर्ष संघ परिवार ने विशेष प्रयास करते हुए यहाँ पथ संचलन में स्वयं सेवकों का निर्णय लिया है। आगामी दशहरा पर्व पर भी पूरे नगर में एक आकर्षक पथ संचलन का कार्यक्रम रखा गया है।

लोधी मोहल्ला की चेतावनी-पहले काम करो फिर वोट मांगने आना, मृत राजनेता व राजनीति को 2 मिनिट का मौन रखकर श्रध्दांजली दी

सीहोर 7 अक्टूबर (नि.सं.)। शहर का सबसे पिछड़ा गंदगी और अव्यवस्था का शिकार लोधी मोहल्ला जिसमें स्थित एकमात्र पानी का सहारा कुंआ भी महिला द्वारा आत्महत्या कर लेने के कारण दूषित हो गया है। पूरे मोहल्ले में पानी को लेकर हाहाकार मच गई है। हिन्दु त्यौहारों पर पानी नहीं मिलने से आस्था पर चोंट हो रही है।

मोहल्ला निवासी महेश राठौर ने बताया कि महिला के कुएं में आत्महत्या करने के बाद हम लोग समस्त मोहल्लावासी कलेक्टर से लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी तक को लिखित सूचना देकर आये, लेकिन मजाल है कोई सुध लेने तक नहीं आया, नगर पालिका ने भी दिखावा कर के पीछा छुड़ा लिया। इसलिये हमने सर्वसममति से निर्णय लिया है यदि कुएं के पास टयूबवेल की पाईप लाईन या हेण्डपंप अलग से नहीं लगवाया जाता हे तो हम भी वोट नहीं डालेंगे। जनप्रतिनिधियों ने आज तक मोहल्ला वासियों की सुध नहीं ली है इसलिये मोहल्ला वासियों ने 2 मिनिट का मौन धारण करके शहर की मृत राजनीति पर श्रध्दांजली अर्पित की।

यहाँ लोधी मोहल्ला के लोगों का कहना है कि यदि अब भी व्यवस्था नहीं सुधरी तो मोहल्ला वासियों द्वारा शहर में व्यवस्था को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाकर हजारों हस्ताक्षरों की सूची मुख्यमंत्री एवं रायपाल को सूची सौंपी जायेगी। हम चाहते हैं कि विधानसभा में खड़े होने वाले जनप्रतिनिधि यदि वोट चाहते हैं तो पहले व्यवस्था करवायें अन्यथा वोट मांगने के लिये हमारे मोहल्ले में नहीं आये, क्योंकि हम वोट डालेंगे नहीं उल्टा सम्मान अलग से करना पड़ेगा। सच यह है कि सम्मान के लिये हम गरीबों के पास रुपया तो दूर पानी भी नहीं है।

आज के विरोध दिवस के अवसर पर महेश राठौर, शांति बाई, संगीता राठौर, रमिया बाई, संगीता लोधी, सुष्मिता राठौर, शारदा बाई राठौर, राधा राठौर, धन्नो बाई, बिरमानंद, महेश लोधी, आशा बाई, कौशल्या बाई, आरती बाई, योति बाई, नर्वदा प्रसाद सोनी, सरस्वती तोमर, सुशील बाई, रामू बाई, ममता राठौर, राम सिंह मास्टर, गंगा बाई, ओम प्रकाश लोधी, ओम प्रकाश राठौर, मनोरमा राठौर, उषा राठौर, ममता राठौर, संतोष लोधी, विष्णु लोधी, गोपाल लोधी, संजू ठाकुर, सुनीता ठाकुर, लक्ष्मीनारायण तोमर, भगवान बेदी, दीपक शर्मा, दिलीप राठौर सहित समस्त मोहल्लावासी उपस्थित थे।

मोबाइल दुकानदारों ने बनाया संगठन, मनोहर बने अध्यक्ष

सीहोर 7 अक्टूबर (नि.सं.)। सीहोर के मोबाइल विक्रेता दुकानदारों ने अपना एक संगठन बना लिया है जिसके तहत वह संगठित होकर विभिन्न मोबाइल कम्पनियों व उनके अधिकृत विक्रेताओं की यादती के खिलाफ एक साथ संघर्ष लेंगे।
गत दिवस सिंधी धर्मशाला में आयोजित हुई मोबाइल विक्रेता दुकानदारों की बैठक में करीब 90 से अधिक दुकानदारों को आमंत्रित किया गया था। बड़ी संख्या में उपस्थित दुकानदारों ने यहाँ सर्वसम्मति से मनोहर शर्मा को अपना अध्यक्ष बनाया है। मोबाइल दुकानदार इस संगठन के माध्यम से आने वाली परेशानियों के खिलाफ एक साथ संघर्ष करेंगे। यहाँ निर्णय लिया गया कि अब सभी मोबाइल विक्रे ता अपने दाम स्थित रखेंगे तथा बाजार नहीं बिगाड़ेंगे।
विभिन्न मोबाइल कम्पनियों द्वारा जो लगातार दुकानदारों पर टारगेट का दबाव बनाया जाता था तथा बोनस राशि अथवा उपहार के वादे करने के बाद भी उन्हे नहीं दिया जाता इसके खिलाफ भी संघर्ष संगठन द्वारा किया जायेगा।

तीन की मौत

सीहोर 7 अक्टूबर (नि.सं.)। जिले के थाना मण्डी एवं इछावर एवं आष्टा थाना अन्तर्गत तीन लोगों की अकाल मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मण्डी थाना अन्तर्गत आने वलो ग्राम कोड़िया शाहपुर निवासी लखनलाल परमार के 10 वर्षीय पुत्र की आज सुबह ग्राम स्थित कुएं में गिरने से पानी में डूबने के कारण मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है।
उधर आष्टा थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम निपानियाकलां निवासी प्रेम अजा. की 40 वर्षीय पत्नि बसंता बाई की आज सुबह 10 बजे ग्राम स्थित प्रेम सिंह के कुएं में पैर फिसल जाने से पानी में डूबने के कारण मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है। बताया जाता है कि मृतिका कुएं पर पानी लेने गई थी।
इधर इछावर थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम फांगिया में रहने वाले जमना प्रसाद का 24 वर्षीय पुत्र देव सिंह अपने कुएं पर गत दिवस गया हुआ था कि अचानक उसे विद्युत करंट लग जाने के कारण उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है।

बस की टक्कर से बालिका की मौत
सीहोर 7 अक्टूबर (नि.प्र.)। जिले के थाना नस.गंज अन्तर्गत आने वाले ग्राम निमोटा निवासी रामभरोस की 7 वर्षीय पुत्री को बस की टक्कर लगने से स्थल पर मृत्यु हो गई। पुलिस ने सूचना पर प्रकरण कायम कर कार्यवाही शुरु कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना नस.गंज अन्तर्गत आने वाले ग्राम निमोटा निवासी रामभरोस अजा. की 7 वर्षीय पुत्री मनीषा गत दिवस दोपहर को बस स्टेण्ड के पास खेल रही थी कि बस एमपी 04 एच 9178 के चाले प्रेमशंकर पुत्र बाबूलाल मांझी निवासी बरखेड़ी भोपाल ने वाहन को तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक चलाते हुए मनीषा को टक्कर मार दी। परिणाम स्वरुप मनीषा की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई।
उधर शाहगंज थाना अन्तग्रत आने वाले ग्राम आमोन निवासी पुलित चौहान पुत्र भवानी सिंह चौहान 21 साल गत दिवस सुबह 11 बजे आमोन बस स्टेण्ड से अपनी बाइक क्रमांक एमपी 37 बीसी 1345 से अपने घर जा रहा था कि पीछे से आ रही बुलेरो एमपी 38 एबी 0138 के चालक ने वाहन को तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर पुलित चौहान की बाइक में टक्कर मारकर घायल कर दिया।

पुत्र ने पिता को पीटा
आष्टा । विगत 4 अक्टूबर को खेत में घुसकर खडी फ़सल काटने को लेकर पिता-पुत्र में मारपीट हो गई थी। आज जावर थाने में ग्वाला निवासी पुत्र पूनमचंद पिता गंगाराम निवासी उम्र 22 वर्ष अपने किसान गंगाराम पुत्र मुन्नालाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।


कुत्ते ने दो को काटा
आष्टा7 अक्टूबर (नि.प्र) कल रात्रि में आष्टा से सटे ग्राम पदमसी में एक कुत्ते ने दो लोगों को काटकर घायल कर दिया बाद में इन दोनों को इलाज के लिए आष्टा के सिविल अस्पताल लाये।
जिन दो लोगों को कुत्ते ने काटा उनके नाम मानसिंह मेवाड़ा एवं कुमेरसिंह मेवाड़ा बताये गये है। सिविल अस्पताल में कुत्ते के काटने के बाद लगाये जाने वाले इंजेक्शन नहीं होने पर इन घायलों को मंहगे इंजेक्शन बाजार से लाना पड़े।

तेज आंधी के साथ बरसात हुई, बिजली के खंबे टूटे, एक बैल मरा
आष्टा 7 अक्टूबर (नि.सं.)। आज क्षेत्र में अनेकों स्थानों पर कहीं तेज और कहीं धीमी हवाओं के साथ बरसात हुई। जहाँ-जहाँ बरसात हुई उस क्षेत्र के किसान हर्षित हो गये। आज इन्द्र देवता सिध्दिकगंज क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ जमकर बरसे।
लेकिन यहाँ तेज आंधी के कारण रामपुरा डेम के पास सिध्दिकगंज निवासी पारसमल सुराना नेताजी के खेत पर लगे दो विद्युत खंबे गिर गये जिससे एक बैल की मृत्यु हो गई। आज आष्टा तहसील में सिध्दिकगंज, खाचरौद, आनन्दीपुरा सहित अनेकों ग्रामों में बरसात होने की खबर है।

कन्नौद रोड पर दो दिन में 100 से अधिक अतिक्रमण हटा

आष्टा 7 अक्टूबर (नि.सं.)। पिछले कई दिनों से आष्टा के कन्नौद रोड पर कालेज से लेकर मण्डी गेट तक अनेकों लोगों ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया था तथा कई लोगों ने गुमठियाँ रख ली थी। कन्नौद रोड की परेशानी का यह एक कारण बना हुआ था।
दो दिन बाद दशहरा का उत्सव है तथा नया दशहरा मैदान में भी कन्नौद रोड पर स्थित है विजयादशमी पर आष्टा के हजाराें नागरिक रावण दहन देखने पहुँचते हैं इसको देखते हुए कल से एसडीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग ने विभिन्न विभागों के सहयोग से तहसीलदार श्री बिहारी सिंह के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ मुहिम चलाई गई तथा इन दो दिनों में स्थानीय प्रशासन ने कालेज से लेकर मण्डी गेट तक 100 से अधिक अतिक्रमण हटाकर इस क्षेत्र के लोगों को एक बड़ी राहत प्रदान की। आज दूसरे दिन प्रशासन कृषि उपज मण्डी के बाहर जो 7-8 अतिक्रमण थे उन्हे हटाने पहुँचा। तब मण्डी के एक संचालक इन अतिक्रमण कर्ताओं के समर्थन में जब आने के प्रयास कर रहा था तब प्रशासन के सख्त रवैये के आगे उन्हे उल्टे पांव लौटना पड़ा। आज प्रशासन ने एक लाईन से बिना भेदभाव किये अतिक्रमण हटाकर जिन अतिक्रमण को लेकर पिछले कई दिनों से जो हलचल मची हुई थी आज उन अतिक्रमण के हटने से सभी बातों पर विराम लग गया।
जिस प्रकार प्रशासन ने इस क्षेत्र में सख्त रवैया अपनाकर अतिक्रमण हटाया क्या वो एक बार पूरे आष्टा नगर में कुकरमुत्तों की तरह दिन दूनी रात दूनी हो रही अतिक्रमण वृध्दि तथा इनके कारण जो मार्ग सकरे हो गये हैं ऐसे स्थानों आवागमन में परेशानी का कारण भी बने हुए हैं उनकी और ध्यान देगा।