सीहोर 26 सितम्बर (नि.सं.)। श्यामपुर चौकी पुलिस को गई रात एक सफलता मिली है जिसके तहत एक कार में रखकर ला रहे चंदन की लड़की के आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कल रात एक स्टीम कार बहुत तेजी से सीहोर से श्यामपुर की तरफ जा रही थी पुलिस को इसकी सूचना मिली तो इसकी घेराबंदी कर ली गई। लेकिन पुलिस के इसे श्यामपुर पर रोकने के प्रयास करने पर कार रुकी नहीं और आगे बढ़ गई इस पर पुलिस ने बहुत तेजी से इसका पीछा किया तो वाहन चालक कुरावर के पास एक पोल्ट्री फार्म के करीब कार को छोड़कर खेतों में से होकर भाग गये। यहाँ पुलिस ने आरोपियों की पहचान भी कर ली थी। कार क्रमांक एमपी 09 सीडी 4121 में से पुलिस को एक क्विंटल 7 किलो चंदन की लकड़ी मिली है जिसकी कीमत 1 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई है।
कार जप्त कर ली गई है। कार में बैठे जो आरोपी कार छोड़कर भाग गये हैं उनकी पहचान पुलिस ने मुख्तार नगर निवासी हमीद खां, इकबाल, गुफरान व शरीफ के रुप में की है। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
Saturday, September 27, 2008
पौने दो लाख की चंदन लकडी पकड़ाई
सीहोर 26 सितम्बर (नि.सं.)। श्यामपुर चौकी पुलिस को गई रात एक सफलता मिली है जिसके तहत एक कार में रखकर ला रहे चंदन की लड़की के आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कल रात एक स्टीम कार बहुत तेजी से सीहोर से श्यामपुर की तरफ जा रही थी पुलिस को इसकी सूचना मिली तो इसकी घेराबंदी कर ली गई। लेकिन पुलिस के इसे श्यामपुर पर रोकने के प्रयास करने पर कार रुकी नहीं और आगे बढ़ गई इस पर पुलिस ने बहुत तेजी से इसका पीछा किया तो वाहन चालक कुरावर के पास एक पोल्ट्री फार्म के करीब कार को छोड़कर खेतों में से होकर भाग गये। यहाँ पुलिस ने आरोपियों की पहचान भी कर ली थी। कार क्रमांक एमपी 09 सीडी 4121 में से पुलिस को एक क्विंटल 7 किलो चंदन की लकड़ी मिली है जिसकी कीमत 1 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई है।
कार जप्त कर ली गई है। कार में बैठे जो आरोपी कार छोड़कर भाग गये हैं उनकी पहचान पुलिस ने मुख्तार नगर निवासी हमीद खां, इकबाल, गुफरान व शरीफ के रुप में की है। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कल रात एक स्टीम कार बहुत तेजी से सीहोर से श्यामपुर की तरफ जा रही थी पुलिस को इसकी सूचना मिली तो इसकी घेराबंदी कर ली गई। लेकिन पुलिस के इसे श्यामपुर पर रोकने के प्रयास करने पर कार रुकी नहीं और आगे बढ़ गई इस पर पुलिस ने बहुत तेजी से इसका पीछा किया तो वाहन चालक कुरावर के पास एक पोल्ट्री फार्म के करीब कार को छोड़कर खेतों में से होकर भाग गये। यहाँ पुलिस ने आरोपियों की पहचान भी कर ली थी। कार क्रमांक एमपी 09 सीडी 4121 में से पुलिस को एक क्विंटल 7 किलो चंदन की लकड़ी मिली है जिसकी कीमत 1 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई है।
कार जप्त कर ली गई है। कार में बैठे जो आरोपी कार छोड़कर भाग गये हैं उनकी पहचान पुलिस ने मुख्तार नगर निवासी हमीद खां, इकबाल, गुफरान व शरीफ के रुप में की है। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
वाहन दुर्घटना में घायल की मौत,अन्य में दो घायल
सीहोर 26 सितंबर (नि.सं.)। गत दिनों इन्दौर भोपाल राजमार्ग पर वाहन दुर्घटना में घायल एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। वही अन्य दुर्घटना में एक बालिका सहित दो लोग घायल हो गये। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी हैं।
उल्लेखनीय हैं कि आष्टा निवासी रोसजोसफ बीते दिनों सूमो वाहन क्रमांक एमपी-09-वी-8234 से सीहोर से आष्टा जा रहे थे तभी वाहन का पहिया भस्ट होने से गंभीर रूप से घायल हो गये जिन्हें उपचार हेतु हमीदिया अस्प.भोपाल में भर्ती कराया गया था जहॉ पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
इधर कोतवाली थाना क्षेत्र में बाइक क्रमांक एमपी-37-एमबी-0373 के चालक ने आराकस मोहल्ला गंज सीहोर में चन्दरसिंह मेवाड़ा की 9 वर्षीय पुत्री वैशाली को तेजगति एवं लापरवाही से वाहन चलाकर टक्कर मारकर घायल कर दिया।
उधर आष्टा थाना अन्तर्गत इन्दौर भोपाल राजमार्ग गोपालपुर के पास गत दिवस इंदौर से बस क्रमांक में बैठकर आ रहे भादरसिंहद्वारा गोपालपुर के पास बस रोकने को कहॉ जैसे ही भादरसिंह आ.प्रहलाद सेंधौं 45 साल बस से उतरने लगा तो वाहन चालक ने बस को लापरवाही पूर्वक चलाकर बढ़ा दिया। परिणामस्वरूप भादरसिंह को बस से गिरने से चोट आई।
कुंए से जल मोटर चुरा ले गये
आष्टा 26 सितम्बर (नि.सं.) 24 सितम्बर की रात्री में लगभग 8 बजे ग्राम फूडरा निवासी देवकरण खाती के खेत में कुंए में लगी 3 हार्सपावर की विद्युत जल मोटर ग्राम के ही रहने वाले जयसिंह बलाई व एक अन्य चुरा कर ले गये।
देवकरण खाती ने आज जावर थाने पहुंच कर इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई है। चोरी गई उक्त जल मोटर की कीमत 3 हजार रुपये बताई गई है।
फरियादी द्वारा नामजद की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी खबर लिखे जाने तक पुलिस चोरों तक नहीं पहुंच पाई थी।
तीन दिन से आष्टा अंधेरे में डूबा
आष्टा 26 सितं.। नगर रात्रि में पिछले तीन दिन से नगर की सभी स्ट्रीट लाईटें बंद होने के कारण अंधेरे में डूबा है। जब भी नागरिक मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल के पूछताछ केन्द्र पर रात्रि में इस संबंध में सूचना देते हैं तो वहाँ से फोन उठाने वाला कहता है कि डीपी जल गई। उक्त डीपी आयेगी तब ही नगर की स्ट्रीट लाईट जलेगी। विगत तीन दिनों से नगर के सभी क्षेत्रों में विद्युत बंद है। इससे नागरिकों को चोरों का भय भी बना हुआ है।
अवैध शस्त्र सहित दो गिरफ्तार
सीहोर 26 सितम्बर (नि.सं.) दोराहा थाना पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर अवैध रूप से छुरा लेकर घूमते पाये जाने पर दोराहा जोड़ निवासी चन्दन आ. गुलाबसिंह तथा खजूरियाकलां निवासी गुलाब आ. धन्नालाल को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही की है।
चोरी हुई
आष्टा 26 सितम्बर (नि.प्र.) आष्टा कृषि उपज मण्डी प्रांगण में सुरक्षा गार्ड तैनात होने के बाद भी चोरी होती रहती है। गत रात्री में अंधेरे का फायदा उठाकर मंडी व्यापारी बसन्त कुमार सवाईमल बोहरा की दुकान से 60 किलो सोयाबीन का एक कट्टा चोर उठा ले गये।
बाद में इसकी रिपोर्ट भी लिखाई है रिपोर्ट में सुरक्षा गार्डो पर सन्देह व्यक्त किया गया है।
उल्लेखनीय हैं कि आष्टा निवासी रोसजोसफ बीते दिनों सूमो वाहन क्रमांक एमपी-09-वी-8234 से सीहोर से आष्टा जा रहे थे तभी वाहन का पहिया भस्ट होने से गंभीर रूप से घायल हो गये जिन्हें उपचार हेतु हमीदिया अस्प.भोपाल में भर्ती कराया गया था जहॉ पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
इधर कोतवाली थाना क्षेत्र में बाइक क्रमांक एमपी-37-एमबी-0373 के चालक ने आराकस मोहल्ला गंज सीहोर में चन्दरसिंह मेवाड़ा की 9 वर्षीय पुत्री वैशाली को तेजगति एवं लापरवाही से वाहन चलाकर टक्कर मारकर घायल कर दिया।
उधर आष्टा थाना अन्तर्गत इन्दौर भोपाल राजमार्ग गोपालपुर के पास गत दिवस इंदौर से बस क्रमांक में बैठकर आ रहे भादरसिंहद्वारा गोपालपुर के पास बस रोकने को कहॉ जैसे ही भादरसिंह आ.प्रहलाद सेंधौं 45 साल बस से उतरने लगा तो वाहन चालक ने बस को लापरवाही पूर्वक चलाकर बढ़ा दिया। परिणामस्वरूप भादरसिंह को बस से गिरने से चोट आई।
कुंए से जल मोटर चुरा ले गये
आष्टा 26 सितम्बर (नि.सं.) 24 सितम्बर की रात्री में लगभग 8 बजे ग्राम फूडरा निवासी देवकरण खाती के खेत में कुंए में लगी 3 हार्सपावर की विद्युत जल मोटर ग्राम के ही रहने वाले जयसिंह बलाई व एक अन्य चुरा कर ले गये।
देवकरण खाती ने आज जावर थाने पहुंच कर इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई है। चोरी गई उक्त जल मोटर की कीमत 3 हजार रुपये बताई गई है।
फरियादी द्वारा नामजद की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी खबर लिखे जाने तक पुलिस चोरों तक नहीं पहुंच पाई थी।
तीन दिन से आष्टा अंधेरे में डूबा
आष्टा 26 सितं.। नगर रात्रि में पिछले तीन दिन से नगर की सभी स्ट्रीट लाईटें बंद होने के कारण अंधेरे में डूबा है। जब भी नागरिक मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल के पूछताछ केन्द्र पर रात्रि में इस संबंध में सूचना देते हैं तो वहाँ से फोन उठाने वाला कहता है कि डीपी जल गई। उक्त डीपी आयेगी तब ही नगर की स्ट्रीट लाईट जलेगी। विगत तीन दिनों से नगर के सभी क्षेत्रों में विद्युत बंद है। इससे नागरिकों को चोरों का भय भी बना हुआ है।
अवैध शस्त्र सहित दो गिरफ्तार
सीहोर 26 सितम्बर (नि.सं.) दोराहा थाना पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर अवैध रूप से छुरा लेकर घूमते पाये जाने पर दोराहा जोड़ निवासी चन्दन आ. गुलाबसिंह तथा खजूरियाकलां निवासी गुलाब आ. धन्नालाल को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही की है।
चोरी हुई
आष्टा 26 सितम्बर (नि.प्र.) आष्टा कृषि उपज मण्डी प्रांगण में सुरक्षा गार्ड तैनात होने के बाद भी चोरी होती रहती है। गत रात्री में अंधेरे का फायदा उठाकर मंडी व्यापारी बसन्त कुमार सवाईमल बोहरा की दुकान से 60 किलो सोयाबीन का एक कट्टा चोर उठा ले गये।
बाद में इसकी रिपोर्ट भी लिखाई है रिपोर्ट में सुरक्षा गार्डो पर सन्देह व्यक्त किया गया है।
Friday, September 26, 2008
थाना प्रभारी अजय वर्मा ने मात्र 2 घंटे में हत्या की गुत्थी सुलझाई, हत्यारे की पत्नि ने मचाया खूब गदर, मृतक के पुत्र के अति उत्साह के कारण था संदेह
सीहोर 25 सितम्बर (नि.सं.)। कोतवाली थाना अन्तर्गत एक व्यक्ति की रात 10 बजे के करीब पेट फटी लाश जिला चिकित्सालय में आई थी। मृतक के साथ उसका पुत्र और पत्नि भी आये थे जो रो-रोकर कोहराम मचा रहे थे लेकिन आंसू थे कि उनके निकल ही नहीं पा रहे थे। पत्नि के साथ ही उसका भाई और भाभी भी थे, जो पुलिस पर अपनी नाराजगी जता रहे थे। एक लाश के साथ आये इन चार लोगों के रोने-पीटने-चिल्लाने ने अस्पताल में हुजूम लगा लिया था। पुलिस बल भी मौजूद था जो स्थिति नियंत्रित करने और बातचीत कर समझाईश देने का प्रयास कर रहा था। लेकिन किसी को कुछ समझ नहीं आ रही थी कि आखिर मामला क्या है ? कुछ ही देर में अनुभवी थाना प्रभारी अजय वर्मा जिला चिकित्सालय पहुँचे और आते ही उन्होने मृतक के लड़के की बातचीत करने के अंदाज को भांपते हुए उसे अस्पताल में ही एक तरफ ले गये। थोड़ी ही देर में उसकी उलझी हुई बातों ने श्री वर्मा को शक पैदा किया। उन्होने रात को ही घटना स्थल का निरीक्षण करा और रात 12 बजे तक हत्या की पूरी गुत्थी ऐसी सुलझाई कि खुद हत्यारे अपना जुर्म कबूलने लगे।
कल देवनगर कालोनी ब्रह्मपुरी के आगे रहने वाले कमल उर्फ चंदर मालवीय को मृत अवस्था में रात 10 बजे उसका बेटा अस्पताल लाया था।
पुलिस के पूछताछ करने पर यह बता रहा था कि मैं जब घर जा रहा था तो रास्ते में पापा पडे हुए मिले, वह खून से लथपथ थे, मैने उन्हे उठाया, अस्पताल लाने के लिये मोटर साईकिल का सहारा लिया और यहाँ अस्पताल ले आया।
लेकिन इसकी माँ यहीं खड़ी रहकर रोती रही और पुलिस से बात करने पर बार-बार लड़के को मना करती रही, चिल्लाती रही, रोने लगती, हल्ला करने लगती पर लड़के को बात नहीं करने देती। इसके साथ ही मृतक का साला जिसका नाम लाड़सिंह था अपनी पत्नि के साथ आया हुआ था, इसकी पत्नि ने अस्पताल को सिर पर उठा लिया था, और पुलिस पर आरोप लगाये जा रही थी। उसका कहना था कि मृतक के साथ 2-3 दिन पूर्व कुछ लोगों ने लड़ाई करी थी आज उसे मार दिया लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।
इसी दौरान जिला चिकित्सालय में कोतवाली थाना प्रभारी अजय वर्मा आये और उन्होने चंद मिनिटों में मामले को समझते हुए मृतक कमल चंदर मालवीय के पुत्र को एक तरफ ले जाकर बातचीत की। लड़का हड़बड़ा गया। उसने कहा कि संभवत: कुछ लोगों से पापा का झगड़ा था उन्होने मार डाला है, लेकिन रात को इस प्रकार झगड़े और मार डालने की बात श्री वर्मा को हजम नहीं हुई। उन्होने मृतक के लड़के संजू से कुछ और पूछा तो वह कहने लगा कि मेरी माँ बतायेगी फिर कहने लगा कि मेरा मामा सब बतायेगा। जबकि यही लड़का पहले खुद कुछ बता रहा था। मृतक के पुत्र संजू मालवीय की हड़बड़ाहट अनुभवी थाना प्रभारी अजय वर्मा समझ गये और उन्होने कहा कि तू अपने पिता को कहाँ से उठाकर लाया है वहाँ हमें ले चल। जब पुलिस घटना स्थल पहुँची तो वह स्थल लड़के के बताये स्थल से भिन्न था। लड़का पुलिस को खुद के घर पर ही ले गया था और उसने घर के सामने ही पिता को पड़े होने की बात कही। इस पुलिस का संदेश और बढ ग़या।
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के निर्देशन में जब कोतवाली पुलिस ने मृतक के घर ही पर छानबीन की तो मृतक के पुत्र संजू ने जो पहले कह रहा था कि पापा को घायल अवस्था में घर के पीछे पड़े थे, उनका खून घर के सामने ही जमीन पड़ा नजर आया। पुलिस ने जैसे ही कहा कि खून तो घर के सामने पड़ा है तो इस पर मृतक की पत्नि पैर से खून मिटाने लगी और कहने लगी हमने लाकर उन्हे यहाँ पटक दिया था। पुलिस समझ गई की दाल में कुछ काला है। यहीं पड़ी मिली चूड़ी के कुछ टुकड़ों ने भी पुलिस के संदेह को पुख्ता कर दिया । यहाँ पुलिस ने रात 12 बजे के लगभग आसपास के मोहल्ले वालों से पूछताछ शुरु की तो लोगों ने कहा कि दोनो पति-पत्नि दिनभर से नशे में लड़ रहे हैं मारपीट भी कर रहे हैं। और रात तक यहीं थी। जबकि मृतक की पत्नि और बेटे का कहना था कि पापा लड़कर कहीं चले गये थे। पुलिस ने घटना स्थल पर संजू को बातों में उलझाया तो संजू ने घबराकर सबकुछ बात उगल दी।
संजू ने बताया कि जब मेरी माँ और पिता की लड़ाई यादा होने लगी तो मैं पड़ोस ही रहने वाले मेरे मामा लाड़सिंह को बुलाने चला गया। मामा हाथ में चाकू लेकर आये और यहाँ आते ही मेरे पिता के पेट में घोंप दिया जिससे उनकी आंते ही बाहर आ गई। पुलिस ने तत्काल आरोपी लाड़ सिंह जो अस्पताल में मोजूद था को ढूंढा तो पता चला कि वह मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरु कर दी है। मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
कल देवनगर कालोनी ब्रह्मपुरी के आगे रहने वाले कमल उर्फ चंदर मालवीय को मृत अवस्था में रात 10 बजे उसका बेटा अस्पताल लाया था।
पुलिस के पूछताछ करने पर यह बता रहा था कि मैं जब घर जा रहा था तो रास्ते में पापा पडे हुए मिले, वह खून से लथपथ थे, मैने उन्हे उठाया, अस्पताल लाने के लिये मोटर साईकिल का सहारा लिया और यहाँ अस्पताल ले आया।
लेकिन इसकी माँ यहीं खड़ी रहकर रोती रही और पुलिस से बात करने पर बार-बार लड़के को मना करती रही, चिल्लाती रही, रोने लगती, हल्ला करने लगती पर लड़के को बात नहीं करने देती। इसके साथ ही मृतक का साला जिसका नाम लाड़सिंह था अपनी पत्नि के साथ आया हुआ था, इसकी पत्नि ने अस्पताल को सिर पर उठा लिया था, और पुलिस पर आरोप लगाये जा रही थी। उसका कहना था कि मृतक के साथ 2-3 दिन पूर्व कुछ लोगों ने लड़ाई करी थी आज उसे मार दिया लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।
इसी दौरान जिला चिकित्सालय में कोतवाली थाना प्रभारी अजय वर्मा आये और उन्होने चंद मिनिटों में मामले को समझते हुए मृतक कमल चंदर मालवीय के पुत्र को एक तरफ ले जाकर बातचीत की। लड़का हड़बड़ा गया। उसने कहा कि संभवत: कुछ लोगों से पापा का झगड़ा था उन्होने मार डाला है, लेकिन रात को इस प्रकार झगड़े और मार डालने की बात श्री वर्मा को हजम नहीं हुई। उन्होने मृतक के लड़के संजू से कुछ और पूछा तो वह कहने लगा कि मेरी माँ बतायेगी फिर कहने लगा कि मेरा मामा सब बतायेगा। जबकि यही लड़का पहले खुद कुछ बता रहा था। मृतक के पुत्र संजू मालवीय की हड़बड़ाहट अनुभवी थाना प्रभारी अजय वर्मा समझ गये और उन्होने कहा कि तू अपने पिता को कहाँ से उठाकर लाया है वहाँ हमें ले चल। जब पुलिस घटना स्थल पहुँची तो वह स्थल लड़के के बताये स्थल से भिन्न था। लड़का पुलिस को खुद के घर पर ही ले गया था और उसने घर के सामने ही पिता को पड़े होने की बात कही। इस पुलिस का संदेश और बढ ग़या।
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के निर्देशन में जब कोतवाली पुलिस ने मृतक के घर ही पर छानबीन की तो मृतक के पुत्र संजू ने जो पहले कह रहा था कि पापा को घायल अवस्था में घर के पीछे पड़े थे, उनका खून घर के सामने ही जमीन पड़ा नजर आया। पुलिस ने जैसे ही कहा कि खून तो घर के सामने पड़ा है तो इस पर मृतक की पत्नि पैर से खून मिटाने लगी और कहने लगी हमने लाकर उन्हे यहाँ पटक दिया था। पुलिस समझ गई की दाल में कुछ काला है। यहीं पड़ी मिली चूड़ी के कुछ टुकड़ों ने भी पुलिस के संदेह को पुख्ता कर दिया । यहाँ पुलिस ने रात 12 बजे के लगभग आसपास के मोहल्ले वालों से पूछताछ शुरु की तो लोगों ने कहा कि दोनो पति-पत्नि दिनभर से नशे में लड़ रहे हैं मारपीट भी कर रहे हैं। और रात तक यहीं थी। जबकि मृतक की पत्नि और बेटे का कहना था कि पापा लड़कर कहीं चले गये थे। पुलिस ने घटना स्थल पर संजू को बातों में उलझाया तो संजू ने घबराकर सबकुछ बात उगल दी।
संजू ने बताया कि जब मेरी माँ और पिता की लड़ाई यादा होने लगी तो मैं पड़ोस ही रहने वाले मेरे मामा लाड़सिंह को बुलाने चला गया। मामा हाथ में चाकू लेकर आये और यहाँ आते ही मेरे पिता के पेट में घोंप दिया जिससे उनकी आंते ही बाहर आ गई। पुलिस ने तत्काल आरोपी लाड़ सिंह जो अस्पताल में मोजूद था को ढूंढा तो पता चला कि वह मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरु कर दी है। मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
वो भाजपा की बस ही नहीं भर सके...
सीहोर 25 सितम्बर (नि.सं.)। भोपाल में जहाँ भाजपा ने जम्बूरी मैदान भरकर इतिहास रच दिया वहीं सीहोर से इसमें योगदान के नाम पर कुछ भी नहीं नजर आया है। यहाँ भाजपा संगठन द्वारा वाहनों की व्यापक व्यवस्थाएं की गई थी ताकि जाने वालों को ले जाया जा सके और लाया जा सके लेकिन आज नगरीय क्षेत्र में ऐसे वाहनों के काफिले कहीं नजर नहीं आये। सीहोर से कहाँ? कितने ? किसके ? वाहन गये किस क्षेत्र गये ? यह बात भी पता नहीं चल सकी.... लेकिन जो भी वाहन यहाँ से जाते हुए नजर आये वह कुछ खाली-खाली दिखे।
हुआ यह कि नगर में हर एक क्षेत्र के प्रभावी भाजपा पदाधिकारी को वाहन भरने का कार्य सौंपा गया था। इसमें अधिकांश लोग विधायक जी के समर्थक ही थे। और व्यवस्थाओं का आलम यह था कि एक-एक जाने वाले के लिये बकायदा उसके नाम की पर्ची और गले में टांगने के लिये परिचय पत्र तक थे। रही बात भोजन और नाश्ते की तो इसकी भी कोई कमी नहीं थी। सारे ताम-झाम मौजूद थे। लेकिन लोग तब हतप्रभ रह गये जब यहाँ देखा कि 50-60 लोगों की सामान्य क्षमता वाली बसों में मात्र 15 लोग भराकर रवाना हो गये। अब चूंकि बसें खाली थी इसलिये यादा हुड़दंग बाजी भी नहीं की गई और चुपचाप यहाँ से खाली बसें भोपाल की और रवाना हो गई....।
अब भाजपा के ही नहीं कांग्रेस के गलियारों में भी आज दिनभर जहाँ भोपाल में जम्बूरी मैदान भरा जाने की बातें सरगर्म थीं वहीं सीहोर से गये खाली वाहन भी चर्चाओं में बने हुए थे। एक नेताजी का नाम ले-लेकर नगर में लोगों ने खूब मजे लिये कि लो वो एक वाहन भी नहीं भरा सके।
हुआ यह कि नगर में हर एक क्षेत्र के प्रभावी भाजपा पदाधिकारी को वाहन भरने का कार्य सौंपा गया था। इसमें अधिकांश लोग विधायक जी के समर्थक ही थे। और व्यवस्थाओं का आलम यह था कि एक-एक जाने वाले के लिये बकायदा उसके नाम की पर्ची और गले में टांगने के लिये परिचय पत्र तक थे। रही बात भोजन और नाश्ते की तो इसकी भी कोई कमी नहीं थी। सारे ताम-झाम मौजूद थे। लेकिन लोग तब हतप्रभ रह गये जब यहाँ देखा कि 50-60 लोगों की सामान्य क्षमता वाली बसों में मात्र 15 लोग भराकर रवाना हो गये। अब चूंकि बसें खाली थी इसलिये यादा हुड़दंग बाजी भी नहीं की गई और चुपचाप यहाँ से खाली बसें भोपाल की और रवाना हो गई....।
अब भाजपा के ही नहीं कांग्रेस के गलियारों में भी आज दिनभर जहाँ भोपाल में जम्बूरी मैदान भरा जाने की बातें सरगर्म थीं वहीं सीहोर से गये खाली वाहन भी चर्चाओं में बने हुए थे। एक नेताजी का नाम ले-लेकर नगर में लोगों ने खूब मजे लिये कि लो वो एक वाहन भी नहीं भरा सके।
दो दिन से गायब राधा बाई का शव घर के सामने वाले कुएं में तैरता मिला
सीहोर 25 सितम्बर (नि.सं.)। दो दिन पूर्व घर से कहीं चली गई राधा बाई का शव आज उसके घर के सामने वाले जीवित कुएं में ही तैरता मिला। इस पानी का उपयोग पूरा मोहल्ला करता है। राधा बाई का शव मिलते ही पूरे मोहल्ले में कोहराम मच गया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 23 सितम्बर की रात्रि को गंज लोधी मोहल्ला निवासी राधा बाई पत्नि स्व. सुरेश राठौर उम्र 45 वर्ष अपने घर से कहीं चली गई थी। यह दो लड़के व एक बालिका की माँ है। इसके बच्चे कहीं अलग रहने लगे हैं। अर्धरात्रि से गई राधा बाई की तलाश उसके परिजन कर रहे थे।
आज इसके घर के सामने ही स्थिति एक जीवित कुएं में इसकी शव अचानक कुएं में तैरता नजर आया। जिससे विश्वास किया गया कि शव पूर्व से ही इसमें था और पानी से फूलने के बाद यह बाहर आया है।
शव को देखने जहाँ मोहल्ले वालों की भीड़ लग गईवहीं सुबह से जिन लोगों ने इस कुएं का पानी घर में पीने के लिये भरा था सबने ढोल दिया। जीवित कुएं के साथ ऐसी घटना घट जाने से सब बड़े दुखी थी। पुलिस ने मृतिका का शव निकलवाया। मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 23 सितम्बर की रात्रि को गंज लोधी मोहल्ला निवासी राधा बाई पत्नि स्व. सुरेश राठौर उम्र 45 वर्ष अपने घर से कहीं चली गई थी। यह दो लड़के व एक बालिका की माँ है। इसके बच्चे कहीं अलग रहने लगे हैं। अर्धरात्रि से गई राधा बाई की तलाश उसके परिजन कर रहे थे।
आज इसके घर के सामने ही स्थिति एक जीवित कुएं में इसकी शव अचानक कुएं में तैरता नजर आया। जिससे विश्वास किया गया कि शव पूर्व से ही इसमें था और पानी से फूलने के बाद यह बाहर आया है।
शव को देखने जहाँ मोहल्ले वालों की भीड़ लग गईवहीं सुबह से जिन लोगों ने इस कुएं का पानी घर में पीने के लिये भरा था सबने ढोल दिया। जीवित कुएं के साथ ऐसी घटना घट जाने से सब बड़े दुखी थी। पुलिस ने मृतिका का शव निकलवाया। मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी गई है।
28 करोड़ की लागत से हो रहे हैं विद्युत सुधार कार्य
सीहोर 25 सितम्बर (नि.सं.)। म.प्र. मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सीहोर वृत्त की सीहोर, आष्टा एवं इछावर तहसील में विद्युत वितरण व्यवस्था के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण के लिए 28 करोड़ के विभिन्न निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी ने सीहोर वृत्त में विद्युत प्रणाली सुदृढीकरण के विभिन्न कार्य स्वीकृत किये हैं, जिसमें से 9 नए उपकेन्द्र कांकरखेड़ा, पावर हाउस कालोनी सीहोर, खामलिया, नीलबड़, निपानिया, कजलास, उलझावन, खाईखेड़ा एवं बड़ी मुंगावली में 7 करोड़ 61 लाख की लागत से बनाए जाएंगे।
इसके अलावा 132 के.बी. उपकेन्द्र आष्टा से 2 पावर ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग के कार्य क्रमश: हकीमाबाद एवं पावर हाउस कालोनी आष्टा 56 लाख रु. लागत के कार्य स्वीकृत हैं। 9 उपकेन्द्र तथा 2 शिफ्टिंग के कार्य 7 करोड़ 5 लाख रु. लागत के कार्य प्रगति पर हैं।
मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि बिजोरी, बिलकिगंज, बरखेड़ी, अहमदपुर, जावर, कोठरी, कुराबर, बागेर एवं किलेरामा में मौजूद 3311 के.वी. उपकेन्द्र में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापना कार्य प्रगति पर है। इस कार्य में 3 करोड़ 95 लाख खर्च होंगे।
कंपनी ने बताया कि 15 स्थानों यथा बरखेड़ी, बिजोरी, अमलाहा, आछारोही, बरखेड़ा हसन, दौराहा, सोनकच्छ, हिंगोनी, श्यामपुर, थूना, मैना, लसूड़िया विजय सिंह, चिन्नौटा, सेवदा, सिद्धिकगंज में मौजूदा 3311 के.वी. उपकेन्द्रों की क्षमता वृद्धि का कार्य 3 करोड़ की लागत के कार्यो में से 14 विभिन्न कार्य बरखेड़ी,बिजोरी, अमलाहा, बरखेड़ाहसन, सोनकच्छ, हिंगोनी, मैना, लसूड़िया, विजयसिंह चिन्नौटा, सेवदा, सिद्धिकगंज, दोराहा-2, थूना-2, आछारोही उपकेन्द्रों की क्षमता वृद्धि के 2 करोड़ 51 लाख की लागत के कार्य पूर्ण हो चुके हैं एवं उपकेन्द्र 50 लाख लागत के कार्य प्रगति पर है।
कंपनी ने बताया कि 14 विभिन्न स्वीकृत कार्यो में 83 किलोमीटर लंबी 3311 के.वी. लाइन, जिसकी लागत 4 करोड़ 8 लाख होगी, के कार्य प्रगति पर हैं।
इसी प्रकार 32 स्वीकृत विभिन्न कार्यो में 90 कि.मी. लंबी 11 के.वी. लाइन का कार्य जिसकी अनुमानित लागत 2 करोड़ 8 लाख होगी, में से 12 कि.मी. लंबी लाइन के 27 करोड़ की लागत का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं 79 कि.मी. लंबी लाइन का 1 करोड़ 81 लाख की लागत के कार्य प्रगति पर हैं।
कंपनी ने बताया कि 160 स्वीकृत विभिन्न कार्यो में वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि 80 लाख रु. की लागत से की जा रही है, जिसमें से 93 विभिन्न स्थानों पर वितरण ट्रांसफार्मर की वृद्धि काय कार्य 53 लाख की लागत से पूर्ण कर लिया गया है एवं 67 वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि 25 लाख की लागत के कार्य प्रगति पर है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि 17 विभिन्न स्वीकृत कार्यो में अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर की स्थापना का कार्य जिनकी अनुमानित लागत 26 लाख होगी, में से 10 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना 15 लाख की लागत के कार्य पूर्ण हो चुकी हैं एवं शेष 7 वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना के 11 लाख की लागत के कार्य प्रगति पर हैं।
किसान महापंचायत के दौरान शासन द्वारा लागू की गई नवीन पम्प कनेक्षन योजना के अन्तर्गत 121 स्वीकृत पम्पों के कार्य किया जाना है। सीहोर जिले में 3311 के.वी. के 56 उपकेन्द्रों में 3 करोड़ 80 लाख रु. की लागत से केपेसिटर बैंक स्थापना का कार्य प्रगति पर हैं।
मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी ने आशा व्यक्त की है कि इन सभी कार्यो के पूरा होने से सीहोर जिले की बिजली वितरण व्यवस्था में अपेक्षित सुधार आएगा और उपभोक्ताओं को सही वोल्टेज पर गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। गौरतलब है कि 33 के.वी. तथा उससे नीचे का विद्युत वितरण नेटवर्क मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के हाथों में है और कंपनी इस दिशा में कारगर कदम उठा रही है।
मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी ने सीहोर वृत्त में विद्युत प्रणाली सुदृढीकरण के विभिन्न कार्य स्वीकृत किये हैं, जिसमें से 9 नए उपकेन्द्र कांकरखेड़ा, पावर हाउस कालोनी सीहोर, खामलिया, नीलबड़, निपानिया, कजलास, उलझावन, खाईखेड़ा एवं बड़ी मुंगावली में 7 करोड़ 61 लाख की लागत से बनाए जाएंगे।
इसके अलावा 132 के.बी. उपकेन्द्र आष्टा से 2 पावर ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग के कार्य क्रमश: हकीमाबाद एवं पावर हाउस कालोनी आष्टा 56 लाख रु. लागत के कार्य स्वीकृत हैं। 9 उपकेन्द्र तथा 2 शिफ्टिंग के कार्य 7 करोड़ 5 लाख रु. लागत के कार्य प्रगति पर हैं।
मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि बिजोरी, बिलकिगंज, बरखेड़ी, अहमदपुर, जावर, कोठरी, कुराबर, बागेर एवं किलेरामा में मौजूद 3311 के.वी. उपकेन्द्र में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापना कार्य प्रगति पर है। इस कार्य में 3 करोड़ 95 लाख खर्च होंगे।
कंपनी ने बताया कि 15 स्थानों यथा बरखेड़ी, बिजोरी, अमलाहा, आछारोही, बरखेड़ा हसन, दौराहा, सोनकच्छ, हिंगोनी, श्यामपुर, थूना, मैना, लसूड़िया विजय सिंह, चिन्नौटा, सेवदा, सिद्धिकगंज में मौजूदा 3311 के.वी. उपकेन्द्रों की क्षमता वृद्धि का कार्य 3 करोड़ की लागत के कार्यो में से 14 विभिन्न कार्य बरखेड़ी,बिजोरी, अमलाहा, बरखेड़ाहसन, सोनकच्छ, हिंगोनी, मैना, लसूड़िया, विजयसिंह चिन्नौटा, सेवदा, सिद्धिकगंज, दोराहा-2, थूना-2, आछारोही उपकेन्द्रों की क्षमता वृद्धि के 2 करोड़ 51 लाख की लागत के कार्य पूर्ण हो चुके हैं एवं उपकेन्द्र 50 लाख लागत के कार्य प्रगति पर है।
कंपनी ने बताया कि 14 विभिन्न स्वीकृत कार्यो में 83 किलोमीटर लंबी 3311 के.वी. लाइन, जिसकी लागत 4 करोड़ 8 लाख होगी, के कार्य प्रगति पर हैं।
इसी प्रकार 32 स्वीकृत विभिन्न कार्यो में 90 कि.मी. लंबी 11 के.वी. लाइन का कार्य जिसकी अनुमानित लागत 2 करोड़ 8 लाख होगी, में से 12 कि.मी. लंबी लाइन के 27 करोड़ की लागत का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं 79 कि.मी. लंबी लाइन का 1 करोड़ 81 लाख की लागत के कार्य प्रगति पर हैं।
कंपनी ने बताया कि 160 स्वीकृत विभिन्न कार्यो में वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि 80 लाख रु. की लागत से की जा रही है, जिसमें से 93 विभिन्न स्थानों पर वितरण ट्रांसफार्मर की वृद्धि काय कार्य 53 लाख की लागत से पूर्ण कर लिया गया है एवं 67 वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि 25 लाख की लागत के कार्य प्रगति पर है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि 17 विभिन्न स्वीकृत कार्यो में अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर की स्थापना का कार्य जिनकी अनुमानित लागत 26 लाख होगी, में से 10 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना 15 लाख की लागत के कार्य पूर्ण हो चुकी हैं एवं शेष 7 वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना के 11 लाख की लागत के कार्य प्रगति पर हैं।
किसान महापंचायत के दौरान शासन द्वारा लागू की गई नवीन पम्प कनेक्षन योजना के अन्तर्गत 121 स्वीकृत पम्पों के कार्य किया जाना है। सीहोर जिले में 3311 के.वी. के 56 उपकेन्द्रों में 3 करोड़ 80 लाख रु. की लागत से केपेसिटर बैंक स्थापना का कार्य प्रगति पर हैं।
मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी ने आशा व्यक्त की है कि इन सभी कार्यो के पूरा होने से सीहोर जिले की बिजली वितरण व्यवस्था में अपेक्षित सुधार आएगा और उपभोक्ताओं को सही वोल्टेज पर गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। गौरतलब है कि 33 के.वी. तथा उससे नीचे का विद्युत वितरण नेटवर्क मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के हाथों में है और कंपनी इस दिशा में कारगर कदम उठा रही है।
और अध्यक्ष से घबराये पालिका कर्मचारी की स्कूटर ही घूम गई...
सीहोर 25 सितम्बर (नि.सं.)। नगर पालिका में आज के दिन कर्मचारियों की शुरुआत कुछ विपदा वाली रही। हुआ यह कि सुबह 10 बजे अचानक नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय नगर पालिका पहुँच गये और यहाँ जाकर वह बड़े बाबू के कक्ष में बैठ गये।
बड़े बाबू के कमरे में ही उपस्थिति पंजी रहती है जहाँ आने वाले सारे नगर पालिका कर्मचारी-अधिकारी हस्ताक्षर करते हैं फिर कार्य करते हैं। अक्सर देखने में आता है कि पालिका कर्मचारी बहुत देरी से आते हैं। इसी तारतम्य में आज नगर पालिका अध्यक्ष 10 बजे से ही यहाँ आकर बैठ गये थे और देख रहे थे कि कौन-कौन आता है ताकि वह 10.45 बजे के बाद जो नहीं आये उसे नोटिस जारी करवा सकें।
लेकिन इधर जैसे ही पालिका में श्री राय आये वैसे ही पालिका कर्मचारियों में सुगबुगाहट के साथ हड़बड़ाहट शुरु हो गई। जो आ गये थे उन्होने अपने मित्र कर्मचारियों को मोबाइल लगाना शुरु कर दिया ताकि जो देरी से आने वाले हैं वह भी जल्दी से आ जाये और हस्ताक्षर कर दें, वरना जबरन नोटिस मिल जाता। इस कारण अनेक कर्मचारी बहुत तेजी से वाहन चलाते हुए नगर पालिका में आने लगे। करीब 10.20 बजे तक तो बहुत सारे कर्मचारी एक साथ आते नजर आ रहे थे। इन्ही में एक राजस्व कर्मचारी अपनी स्कूटर पर बहुत तेजी से आये और जैसे ही उन्होने नगर पालिका की तरफ मुड़ने वाली सड़क से तेजी से प्रवेश किया कि सामने उनके कुछ लोग खड़े नजर आये। जिसमें वाहन न घुस जाये इसलिये उन्होने बहुत तेज ब्रेक लगाया तो उनका वाहन इतनी तेजी से रुका और फिसला की फिसलते हुए वह घूम गया और विपरीत दिशा में मुँह हो गया। तब उन्हे यहीं लोगों ने धीरे-से संभाला और नगर पालिका की और भेजा....।
बड़े बाबू के कमरे में ही उपस्थिति पंजी रहती है जहाँ आने वाले सारे नगर पालिका कर्मचारी-अधिकारी हस्ताक्षर करते हैं फिर कार्य करते हैं। अक्सर देखने में आता है कि पालिका कर्मचारी बहुत देरी से आते हैं। इसी तारतम्य में आज नगर पालिका अध्यक्ष 10 बजे से ही यहाँ आकर बैठ गये थे और देख रहे थे कि कौन-कौन आता है ताकि वह 10.45 बजे के बाद जो नहीं आये उसे नोटिस जारी करवा सकें।
लेकिन इधर जैसे ही पालिका में श्री राय आये वैसे ही पालिका कर्मचारियों में सुगबुगाहट के साथ हड़बड़ाहट शुरु हो गई। जो आ गये थे उन्होने अपने मित्र कर्मचारियों को मोबाइल लगाना शुरु कर दिया ताकि जो देरी से आने वाले हैं वह भी जल्दी से आ जाये और हस्ताक्षर कर दें, वरना जबरन नोटिस मिल जाता। इस कारण अनेक कर्मचारी बहुत तेजी से वाहन चलाते हुए नगर पालिका में आने लगे। करीब 10.20 बजे तक तो बहुत सारे कर्मचारी एक साथ आते नजर आ रहे थे। इन्ही में एक राजस्व कर्मचारी अपनी स्कूटर पर बहुत तेजी से आये और जैसे ही उन्होने नगर पालिका की तरफ मुड़ने वाली सड़क से तेजी से प्रवेश किया कि सामने उनके कुछ लोग खड़े नजर आये। जिसमें वाहन न घुस जाये इसलिये उन्होने बहुत तेज ब्रेक लगाया तो उनका वाहन इतनी तेजी से रुका और फिसला की फिसलते हुए वह घूम गया और विपरीत दिशा में मुँह हो गया। तब उन्हे यहीं लोगों ने धीरे-से संभाला और नगर पालिका की और भेजा....।
घर के बाहर खड़ी मोटर साईकिल चोरी
आष्टा 25 सितं. (नि.सं. )। नगर के गंज क्षेत्र में रहने वाले राजकुमार साहू पुत्र मांगीलाल साहू के घर के बाहर रखी पल्सर मोटर साईकिल एमपी 37 बीए 6923 को अज्ञात चोर 24-25 सितम्बर की रात्रि में चुराकर ले गये। इसकी रिपोर्ट आष्टा थाने में हुई है।
कर्जे से परेशान नवयुवक ने फांसी लगाई
सीहोर 25 सितम्बर (नि.सं.)। शकर कारखाना चौराहे पर कल एक युवक ने अपने घर में फांसी के फंदे पर झूल कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। आज सुबह उसका शव म्याल पर लटका हुआ मिला। 32 वर्षीय इस युवक ने कर्जे और लेनदारों से परेशान होकर आत्महत्या की है।
सूत्रों के अनुसार कारखाना मार्ग पर धर्मकांटा के पीछे रहने वाले धीरेन्द्र गंगराड़े उम्र 32 वर्ष जो स्थानीय टाटा इंडीकाम कार्यालय में कार्यरत था। इसने विगत कुछ दिनो से अत्याधिक कर्जा ले लिया था। सीहोर में कर्जा जिस प्रकार बहुत अधिक ब्याज दर पर लोग दे देते हैं उसी में यह भी उलझ गया था।
एक का कर्जा चुकाने के लिये दूसरे से कर्जा लेने का इसने क्रम शुरु किया तो फिर इसका कर्जा बढ़ने लगा। लाख रुपये से यादा का कर्जा हो जाने तथा बार-बार परेशान किये जाने से तंग आकर अंतत: इसने आत्महत्या का मन बनाया और जब घर में पत्नि नहीं थी मायके गई हुई थी।
तब इसने अपने कमरे की म्याल पर देर रात खुद को फांसी लगा ली। इस दौरान माता-पिता दूसरे कमरे में सोये रहे। आज सुबह उठे तो इसका लटका हुआ शव मिला।
कोतवाली पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन लोगों का पता लगाने में जुट गई है जिनके दबाव और ब्याज की दादागिरी के चलते धीरेन्द्र ने आत्महत्या करने जैसा कदम उठाया है। पुलिस को सूदखोरों के खिलाफ एक बड़े अभियान चलाने की आवश्यकता है।
सूत्रों के अनुसार कारखाना मार्ग पर धर्मकांटा के पीछे रहने वाले धीरेन्द्र गंगराड़े उम्र 32 वर्ष जो स्थानीय टाटा इंडीकाम कार्यालय में कार्यरत था। इसने विगत कुछ दिनो से अत्याधिक कर्जा ले लिया था। सीहोर में कर्जा जिस प्रकार बहुत अधिक ब्याज दर पर लोग दे देते हैं उसी में यह भी उलझ गया था।
एक का कर्जा चुकाने के लिये दूसरे से कर्जा लेने का इसने क्रम शुरु किया तो फिर इसका कर्जा बढ़ने लगा। लाख रुपये से यादा का कर्जा हो जाने तथा बार-बार परेशान किये जाने से तंग आकर अंतत: इसने आत्महत्या का मन बनाया और जब घर में पत्नि नहीं थी मायके गई हुई थी।
तब इसने अपने कमरे की म्याल पर देर रात खुद को फांसी लगा ली। इस दौरान माता-पिता दूसरे कमरे में सोये रहे। आज सुबह उठे तो इसका लटका हुआ शव मिला।
कोतवाली पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन लोगों का पता लगाने में जुट गई है जिनके दबाव और ब्याज की दादागिरी के चलते धीरेन्द्र ने आत्महत्या करने जैसा कदम उठाया है। पुलिस को सूदखोरों के खिलाफ एक बड़े अभियान चलाने की आवश्यकता है।
Thursday, September 25, 2008
पेट फाड़ कर हत्या की
सीहोर 24 सितम्बर (नि.सं.)। रात करीब 10 बजे ब्रह्मपुरी कालोनी के पास सड़क किनारे दर्द से कराह रहे अपने पिता को देखकर उनका बालक ठिठका, पेट पूरा चीरा हुआ था। बालक किसी तरह इसे अस्पताल लाया लेकिन यहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसकी हत्या क्यों हुई ? कैसे हुई ? किसने की ? इसकी जांच पुलिस ने शुरु कर दी है।
जानकारी के अनुसार रात करीब 10 बजे सड़क किनारे कमल उर्फ चंदर मालवीय पुत्र गंगाराम मालवीय देवनगर कालोनी निवासी उम्र 45 वर्ष घर से कुछ दूरी पर पड़ा हुआ था। इसका बेटा संजू मालवीय रात कहीं से टीवी फिल्म देखकर आ रहा था जिसे रास्ते में पिता सड़क पर दिखे। पिता को घायल अवस्था में देखते ही वह हतप्रभ रह गया। यहाँ उसने किसी की मदद लेकर मोटर साईकिल पर ही कमल चंदर मालवीय को अस्पताल लाया यहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।
संजू ने फुरसत को बताया कि मेरे मामा का हाथ जिसने तोड़ दिया है उसने धमकी दी थी। 3-4 दिन पहले ही एक विवाद में इनके परिवार की लड़ाई हो गई थी जिसमें दूसरे पक्ष में धमकी दी थी। संजू यहाँ मौके पर पुलिस से कह रहा था कि हम कैसे किसी पर आरोप लगा दे।
इस हत्या के मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया है और रात 10 बजे से ही घटना की जांच शुरु कर दी है।
जानकारी के अनुसार रात करीब 10 बजे सड़क किनारे कमल उर्फ चंदर मालवीय पुत्र गंगाराम मालवीय देवनगर कालोनी निवासी उम्र 45 वर्ष घर से कुछ दूरी पर पड़ा हुआ था। इसका बेटा संजू मालवीय रात कहीं से टीवी फिल्म देखकर आ रहा था जिसे रास्ते में पिता सड़क पर दिखे। पिता को घायल अवस्था में देखते ही वह हतप्रभ रह गया। यहाँ उसने किसी की मदद लेकर मोटर साईकिल पर ही कमल चंदर मालवीय को अस्पताल लाया यहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।
संजू ने फुरसत को बताया कि मेरे मामा का हाथ जिसने तोड़ दिया है उसने धमकी दी थी। 3-4 दिन पहले ही एक विवाद में इनके परिवार की लड़ाई हो गई थी जिसमें दूसरे पक्ष में धमकी दी थी। संजू यहाँ मौके पर पुलिस से कह रहा था कि हम कैसे किसी पर आरोप लगा दे।
इस हत्या के मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया है और रात 10 बजे से ही घटना की जांच शुरु कर दी है।
सर कटी लाश मामले में आजीवन कारावास
सीहोर 24 सितंबर (नि.सं.)। आज विशेष न्यायाधीश श्री लालजी शर्मा ने एक महत्वपूर्ण मामले में रिजवान पुत्र इकबाल एवं गफार हुसैन पुत्र शोकत हुसैन निवासी गंज खाबरी अब्बल थाना बिलारी जिला मुरादाबाद उ.प्र.को मृतक शाहिद हुसैन की हत्या का दोषी पाकर आजीवन कारावास एवं रूपये 1000-रूपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अपर लोड अभियोजक अनिल शर्मा के अनुसार दिनांक 25.11.07 को महेश यादव की सूचना पर से थाना कोतवाली मे एक अज्ञात व्यक्ति का सिर विहीन शव हत्या कर लाकर बोरे में बंद कर मिटटी का तेल डालकर आग लगा दिया को बरामद किया गया एवं थाने द्वारा अज्ञात आरोपीगण के विरूद्ध धारा 301,201, 120, बी.भा.व.वि.का अपराध पंजीबद्ध किया।
विवेचना मे उपरोक्त शव की पहचान शाहिद उर्फ छोटे खां पुत्र जाकिर हुसैन निवासी ग्राम खाबरी थाना बिलारी उ.प्र.के रूप मे की गई अनुसंधान मे आरोपीगण से पूछताछ करने पर आरोपीगण ने बताया कि मृतक 22.11.06 को उधारी का पैसा वसूलने सीहोर आया था तथा आरोपीगण ने प्लान बनाया कि मृतक के आने पर जान से खत्म कर देगे मृतक जब दिनांक 23.11.06 को आरोपीगण के साथ कमरे में गहरी नींद में सो रहा था तब ही आरोपीगण ने प्लान बनाया कि मृतक की गरदन को खंडासे से काट कर अलग कर दिया तथा मृतक की हत्या करने के बाद दूसरे दिन उसका सिर कपड़े, बेग, चप्पल को दरी, चादरों के बीच रख कर गठान बनाकर बस से इछावर लेकर गये ।
जहां से साईकल खरीद कर सायकल पर गठान लगाकर मिट्टी का तेल खरीदा एवं ग्राम बोरदी थाना इछावर जंगल में गठान को तेल डालकर आग लगा दी एवं जुर्म की रात 4 बजे बिना सिर के शव को सायकल से बोरे में भरकर नदी किनारे ले जाकर आग लगा कर नष्ट कर दिया तथा सायकल को नदी में फेंक दी।
विवेचना के दोरान आरोपीगण से हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किये गये। अभियोजन ने न्यायालय में अपने पक्ष समर्थन में संपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत की न्यायालय में संपूर्ण साक्ष्य का मूल्यांकन करने के उपरांत आरोपीगण को मृतक शाहिद हुसैन की हत्या से दोषी पाते हुये आजीवन कारावास की सजा एवं 1000 रुपये का अर्थदंड तथा साक्ष्य नष् करने में धारा 20 में 3 वर्ष का कारावास की सजा से दंडित किया अभियोजन की ओर से अनिल शर्मा अपर लोक अभियोजक ने की।
अपर लोड अभियोजक अनिल शर्मा के अनुसार दिनांक 25.11.07 को महेश यादव की सूचना पर से थाना कोतवाली मे एक अज्ञात व्यक्ति का सिर विहीन शव हत्या कर लाकर बोरे में बंद कर मिटटी का तेल डालकर आग लगा दिया को बरामद किया गया एवं थाने द्वारा अज्ञात आरोपीगण के विरूद्ध धारा 301,201, 120, बी.भा.व.वि.का अपराध पंजीबद्ध किया।
विवेचना मे उपरोक्त शव की पहचान शाहिद उर्फ छोटे खां पुत्र जाकिर हुसैन निवासी ग्राम खाबरी थाना बिलारी उ.प्र.के रूप मे की गई अनुसंधान मे आरोपीगण से पूछताछ करने पर आरोपीगण ने बताया कि मृतक 22.11.06 को उधारी का पैसा वसूलने सीहोर आया था तथा आरोपीगण ने प्लान बनाया कि मृतक के आने पर जान से खत्म कर देगे मृतक जब दिनांक 23.11.06 को आरोपीगण के साथ कमरे में गहरी नींद में सो रहा था तब ही आरोपीगण ने प्लान बनाया कि मृतक की गरदन को खंडासे से काट कर अलग कर दिया तथा मृतक की हत्या करने के बाद दूसरे दिन उसका सिर कपड़े, बेग, चप्पल को दरी, चादरों के बीच रख कर गठान बनाकर बस से इछावर लेकर गये ।
जहां से साईकल खरीद कर सायकल पर गठान लगाकर मिट्टी का तेल खरीदा एवं ग्राम बोरदी थाना इछावर जंगल में गठान को तेल डालकर आग लगा दी एवं जुर्म की रात 4 बजे बिना सिर के शव को सायकल से बोरे में भरकर नदी किनारे ले जाकर आग लगा कर नष्ट कर दिया तथा सायकल को नदी में फेंक दी।
विवेचना के दोरान आरोपीगण से हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किये गये। अभियोजन ने न्यायालय में अपने पक्ष समर्थन में संपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत की न्यायालय में संपूर्ण साक्ष्य का मूल्यांकन करने के उपरांत आरोपीगण को मृतक शाहिद हुसैन की हत्या से दोषी पाते हुये आजीवन कारावास की सजा एवं 1000 रुपये का अर्थदंड तथा साक्ष्य नष् करने में धारा 20 में 3 वर्ष का कारावास की सजा से दंडित किया अभियोजन की ओर से अनिल शर्मा अपर लोक अभियोजक ने की।
एक गांव में 500 और 100 के नकली नोटों को लेकर हलचल
आष्टा 24 सितम्बर (नि.सं.)। अभी तक तो आष्टा में ही नकली नोटों ने दस्तक दे दी है कि चर्चाएं आम थी लेकिन अब नकली नोटों में योजनाबध्द तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों में भी दस्तक दे दी है। इसी तरह की एक खबर इन दिनों आष्टा तहसील के एक ग्राम में चर्चा का विषय बनी हुई है। यहाँ के व्यापारी तो अपने यहाँ आने वाले ग्राहकों से नकली नोटों के चलने में आने की खबर के बाद आये ग्राहकों द्वारा अगर कोई ग्राहक 500 का नोट देता है तो वह उन्हे लेने को तैयार नहीं होते हैं। आष्टा तहसील का यह ग्राम जिसे नवाबी शासन में बेगम का गहना कहा जाता था, इस ग्राम में पिछले 4-5 दिनों से नकली नोटों को लेकर ग्रामीणों में अच्छी खासी चर्चा छिड़ी हुई है।
यह खुलासा उक्त ग्राम के एक बीमार व्यक्ति द्वारा जब किसी से इलाज के लिये रुपये उधार लिये और वह रुपये जहाँ देने थे वहाँ दिये तब वहाँ पर यह बात पता चली कि दिये गये नोटों में से 500 के कुछ नोट नकली हैं। तब यह खबर आष्टा तहसील के इस ग्राम में जैसे ही पहुँची हवा की तरह खबर पूरे ग्राम में फैल गई। ऐसा नहीं है कि यह खबर ग्राम के ग्रामीणों में ही चर्चारत है। खबर है कि खाकी वर्दी वालों तक भी यह जानकारी पहुँची तो है लेकिन वे भी इस चर्चा को बस सुन ही रहे हैं।
उक्त नकली नोटों को लेकर ग्राम में कुछ विवाद की स्थिति भी बन गई थी लेकिन किसी मध्यस्थता के बाद मामला शांत हो गया। देखना है कि क्षेत्र में धीरे-धीरे इस तरह नकली नोटों की दस्तक देने की चर्चाएं आष्टा से लेकर अब ग्रामीण क्षेत्रों तक फैल गई है यह आगे क्या रंग लाती है....।
यह खुलासा उक्त ग्राम के एक बीमार व्यक्ति द्वारा जब किसी से इलाज के लिये रुपये उधार लिये और वह रुपये जहाँ देने थे वहाँ दिये तब वहाँ पर यह बात पता चली कि दिये गये नोटों में से 500 के कुछ नोट नकली हैं। तब यह खबर आष्टा तहसील के इस ग्राम में जैसे ही पहुँची हवा की तरह खबर पूरे ग्राम में फैल गई। ऐसा नहीं है कि यह खबर ग्राम के ग्रामीणों में ही चर्चारत है। खबर है कि खाकी वर्दी वालों तक भी यह जानकारी पहुँची तो है लेकिन वे भी इस चर्चा को बस सुन ही रहे हैं।
उक्त नकली नोटों को लेकर ग्राम में कुछ विवाद की स्थिति भी बन गई थी लेकिन किसी मध्यस्थता के बाद मामला शांत हो गया। देखना है कि क्षेत्र में धीरे-धीरे इस तरह नकली नोटों की दस्तक देने की चर्चाएं आष्टा से लेकर अब ग्रामीण क्षेत्रों तक फैल गई है यह आगे क्या रंग लाती है....।
नवविवाहिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों को सात वर्ष की सजा व अर्थदण्ड
सीहोर 24 सितम्बर (नि.सं.)। सत्र न्यायाधीश ए.एच.एस. पटेल द्वारा थाना दोराहा के अपराध क्रमांक 2532007, के आधार पर बने सत्र प्रकरण क्रमांक 102008 में बहू हेमलता को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने तथा आत्महत्या के लिए विवश करने के अपराध में धारा 306 भा.द.वि. के तहत पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास तथा दो हजार रुपये प्रत्येक पर अर्थदण्ड एवं धारा 498 ए भा.द.वि. के तहत दो-दो वर्ष का कारावास एवं एक-एक हजार रुपये का अर्थदण्ड किया गया है।
लोक अभियोजक ओ.पी. मिश्रा के अनुसार थाना दोराहा में दिनांक 27.10.07 को दर्ज मर्ग क्रमांक 412007 में मृतिका हेमलता द्वारा फांसी लगाकर आत्म हत्या किये जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच में आरोपीगण के द्वारा कू्ररतापूर्ण व्यवहार को आत्महत्या की परीनीति माना गया। जिसके आधार पर अपराध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना पश्चात अभियोग पत्र अधीनस्थ न्यायालय में पेश किया गया जो विचारण हेतु सत्र न्यायालय को प्राप्त हुआ। पति अवधनारायण पुत्र घीसीलाल एवं सास कलाबाई पत्नी घीसीलाल निवासी ग्राम खजूरियाकलां के विरूद्ध विचारण प्रारंभ हुआ। अभियोजन की ओर से प्रकरण में 11 साक्षीगण के कथन करवाये गये बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह के कथन करवाये गये। साक्ष्य में मृतिका हेमलता का विवाह पांच जुलाई 2006 को सामूहिक विवाह सम्मेलन लालघाटी भोपाल में होने का तथ्य तथा विवाह के पश्चात से लगातार आरोपीगण द्वारा किये गये कू्ररतापूर्ण व्यवहार से त्रस्त होकर हेमलता द्वारा आत्महत्या किया जाना प्रकट हुआ।
विद्वान सत्र न्यायाधीश महोदय ने दोनों पक्ष की बहस श्रवण कर अपने 15 पृष्ठीय निर्णय में आरोपीगण के कृत्य को सामाजिक अपराध निरूपित करते हुए उक्त दण्डादेश पारित किया। अर्थदण्ड की राशि जमा होने पर पांच हजार रुपये मृतिका के पिता को प्रतिकर स्वरूप दिलवाये जाने के आदेश भी प्रदान किये गये है।
दोनों आरोपीगण को दंडादेश भुगताये जाने हेतु जेल भेजा गया। अभियोजन की ओर से पैरवी ओ.पी. मिश्रा लोक अभियोजक द्वारा की गई।
लोक अभियोजक ओ.पी. मिश्रा के अनुसार थाना दोराहा में दिनांक 27.10.07 को दर्ज मर्ग क्रमांक 412007 में मृतिका हेमलता द्वारा फांसी लगाकर आत्म हत्या किये जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच में आरोपीगण के द्वारा कू्ररतापूर्ण व्यवहार को आत्महत्या की परीनीति माना गया। जिसके आधार पर अपराध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना पश्चात अभियोग पत्र अधीनस्थ न्यायालय में पेश किया गया जो विचारण हेतु सत्र न्यायालय को प्राप्त हुआ। पति अवधनारायण पुत्र घीसीलाल एवं सास कलाबाई पत्नी घीसीलाल निवासी ग्राम खजूरियाकलां के विरूद्ध विचारण प्रारंभ हुआ। अभियोजन की ओर से प्रकरण में 11 साक्षीगण के कथन करवाये गये बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह के कथन करवाये गये। साक्ष्य में मृतिका हेमलता का विवाह पांच जुलाई 2006 को सामूहिक विवाह सम्मेलन लालघाटी भोपाल में होने का तथ्य तथा विवाह के पश्चात से लगातार आरोपीगण द्वारा किये गये कू्ररतापूर्ण व्यवहार से त्रस्त होकर हेमलता द्वारा आत्महत्या किया जाना प्रकट हुआ।
विद्वान सत्र न्यायाधीश महोदय ने दोनों पक्ष की बहस श्रवण कर अपने 15 पृष्ठीय निर्णय में आरोपीगण के कृत्य को सामाजिक अपराध निरूपित करते हुए उक्त दण्डादेश पारित किया। अर्थदण्ड की राशि जमा होने पर पांच हजार रुपये मृतिका के पिता को प्रतिकर स्वरूप दिलवाये जाने के आदेश भी प्रदान किये गये है।
दोनों आरोपीगण को दंडादेश भुगताये जाने हेतु जेल भेजा गया। अभियोजन की ओर से पैरवी ओ.पी. मिश्रा लोक अभियोजक द्वारा की गई।
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