Friday, September 26, 2008
28 करोड़ की लागत से हो रहे हैं विद्युत सुधार कार्य
मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी ने सीहोर वृत्त में विद्युत प्रणाली सुदृढीकरण के विभिन्न कार्य स्वीकृत किये हैं, जिसमें से 9 नए उपकेन्द्र कांकरखेड़ा, पावर हाउस कालोनी सीहोर, खामलिया, नीलबड़, निपानिया, कजलास, उलझावन, खाईखेड़ा एवं बड़ी मुंगावली में 7 करोड़ 61 लाख की लागत से बनाए जाएंगे।
इसके अलावा 132 के.बी. उपकेन्द्र आष्टा से 2 पावर ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग के कार्य क्रमश: हकीमाबाद एवं पावर हाउस कालोनी आष्टा 56 लाख रु. लागत के कार्य स्वीकृत हैं। 9 उपकेन्द्र तथा 2 शिफ्टिंग के कार्य 7 करोड़ 5 लाख रु. लागत के कार्य प्रगति पर हैं।
मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि बिजोरी, बिलकिगंज, बरखेड़ी, अहमदपुर, जावर, कोठरी, कुराबर, बागेर एवं किलेरामा में मौजूद 3311 के.वी. उपकेन्द्र में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापना कार्य प्रगति पर है। इस कार्य में 3 करोड़ 95 लाख खर्च होंगे।
कंपनी ने बताया कि 15 स्थानों यथा बरखेड़ी, बिजोरी, अमलाहा, आछारोही, बरखेड़ा हसन, दौराहा, सोनकच्छ, हिंगोनी, श्यामपुर, थूना, मैना, लसूड़िया विजय सिंह, चिन्नौटा, सेवदा, सिद्धिकगंज में मौजूदा 3311 के.वी. उपकेन्द्रों की क्षमता वृद्धि का कार्य 3 करोड़ की लागत के कार्यो में से 14 विभिन्न कार्य बरखेड़ी,बिजोरी, अमलाहा, बरखेड़ाहसन, सोनकच्छ, हिंगोनी, मैना, लसूड़िया, विजयसिंह चिन्नौटा, सेवदा, सिद्धिकगंज, दोराहा-2, थूना-2, आछारोही उपकेन्द्रों की क्षमता वृद्धि के 2 करोड़ 51 लाख की लागत के कार्य पूर्ण हो चुके हैं एवं उपकेन्द्र 50 लाख लागत के कार्य प्रगति पर है।
कंपनी ने बताया कि 14 विभिन्न स्वीकृत कार्यो में 83 किलोमीटर लंबी 3311 के.वी. लाइन, जिसकी लागत 4 करोड़ 8 लाख होगी, के कार्य प्रगति पर हैं।
इसी प्रकार 32 स्वीकृत विभिन्न कार्यो में 90 कि.मी. लंबी 11 के.वी. लाइन का कार्य जिसकी अनुमानित लागत 2 करोड़ 8 लाख होगी, में से 12 कि.मी. लंबी लाइन के 27 करोड़ की लागत का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं 79 कि.मी. लंबी लाइन का 1 करोड़ 81 लाख की लागत के कार्य प्रगति पर हैं।
कंपनी ने बताया कि 160 स्वीकृत विभिन्न कार्यो में वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि 80 लाख रु. की लागत से की जा रही है, जिसमें से 93 विभिन्न स्थानों पर वितरण ट्रांसफार्मर की वृद्धि काय कार्य 53 लाख की लागत से पूर्ण कर लिया गया है एवं 67 वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि 25 लाख की लागत के कार्य प्रगति पर है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि 17 विभिन्न स्वीकृत कार्यो में अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर की स्थापना का कार्य जिनकी अनुमानित लागत 26 लाख होगी, में से 10 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना 15 लाख की लागत के कार्य पूर्ण हो चुकी हैं एवं शेष 7 वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना के 11 लाख की लागत के कार्य प्रगति पर हैं।
किसान महापंचायत के दौरान शासन द्वारा लागू की गई नवीन पम्प कनेक्षन योजना के अन्तर्गत 121 स्वीकृत पम्पों के कार्य किया जाना है। सीहोर जिले में 3311 के.वी. के 56 उपकेन्द्रों में 3 करोड़ 80 लाख रु. की लागत से केपेसिटर बैंक स्थापना का कार्य प्रगति पर हैं।
मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी ने आशा व्यक्त की है कि इन सभी कार्यो के पूरा होने से सीहोर जिले की बिजली वितरण व्यवस्था में अपेक्षित सुधार आएगा और उपभोक्ताओं को सही वोल्टेज पर गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। गौरतलब है कि 33 के.वी. तथा उससे नीचे का विद्युत वितरण नेटवर्क मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के हाथों में है और कंपनी इस दिशा में कारगर कदम उठा रही है।
और अध्यक्ष से घबराये पालिका कर्मचारी की स्कूटर ही घूम गई...
बड़े बाबू के कमरे में ही उपस्थिति पंजी रहती है जहाँ आने वाले सारे नगर पालिका कर्मचारी-अधिकारी हस्ताक्षर करते हैं फिर कार्य करते हैं। अक्सर देखने में आता है कि पालिका कर्मचारी बहुत देरी से आते हैं। इसी तारतम्य में आज नगर पालिका अध्यक्ष 10 बजे से ही यहाँ आकर बैठ गये थे और देख रहे थे कि कौन-कौन आता है ताकि वह 10.45 बजे के बाद जो नहीं आये उसे नोटिस जारी करवा सकें।
लेकिन इधर जैसे ही पालिका में श्री राय आये वैसे ही पालिका कर्मचारियों में सुगबुगाहट के साथ हड़बड़ाहट शुरु हो गई। जो आ गये थे उन्होने अपने मित्र कर्मचारियों को मोबाइल लगाना शुरु कर दिया ताकि जो देरी से आने वाले हैं वह भी जल्दी से आ जाये और हस्ताक्षर कर दें, वरना जबरन नोटिस मिल जाता। इस कारण अनेक कर्मचारी बहुत तेजी से वाहन चलाते हुए नगर पालिका में आने लगे। करीब 10.20 बजे तक तो बहुत सारे कर्मचारी एक साथ आते नजर आ रहे थे। इन्ही में एक राजस्व कर्मचारी अपनी स्कूटर पर बहुत तेजी से आये और जैसे ही उन्होने नगर पालिका की तरफ मुड़ने वाली सड़क से तेजी से प्रवेश किया कि सामने उनके कुछ लोग खड़े नजर आये। जिसमें वाहन न घुस जाये इसलिये उन्होने बहुत तेज ब्रेक लगाया तो उनका वाहन इतनी तेजी से रुका और फिसला की फिसलते हुए वह घूम गया और विपरीत दिशा में मुँह हो गया। तब उन्हे यहीं लोगों ने धीरे-से संभाला और नगर पालिका की और भेजा....।
घर के बाहर खड़ी मोटर साईकिल चोरी
कर्जे से परेशान नवयुवक ने फांसी लगाई
सूत्रों के अनुसार कारखाना मार्ग पर धर्मकांटा के पीछे रहने वाले धीरेन्द्र गंगराड़े उम्र 32 वर्ष जो स्थानीय टाटा इंडीकाम कार्यालय में कार्यरत था। इसने विगत कुछ दिनो से अत्याधिक कर्जा ले लिया था। सीहोर में कर्जा जिस प्रकार बहुत अधिक ब्याज दर पर लोग दे देते हैं उसी में यह भी उलझ गया था।
एक का कर्जा चुकाने के लिये दूसरे से कर्जा लेने का इसने क्रम शुरु किया तो फिर इसका कर्जा बढ़ने लगा। लाख रुपये से यादा का कर्जा हो जाने तथा बार-बार परेशान किये जाने से तंग आकर अंतत: इसने आत्महत्या का मन बनाया और जब घर में पत्नि नहीं थी मायके गई हुई थी।
तब इसने अपने कमरे की म्याल पर देर रात खुद को फांसी लगा ली। इस दौरान माता-पिता दूसरे कमरे में सोये रहे। आज सुबह उठे तो इसका लटका हुआ शव मिला।
कोतवाली पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन लोगों का पता लगाने में जुट गई है जिनके दबाव और ब्याज की दादागिरी के चलते धीरेन्द्र ने आत्महत्या करने जैसा कदम उठाया है। पुलिस को सूदखोरों के खिलाफ एक बड़े अभियान चलाने की आवश्यकता है।
Thursday, September 25, 2008
पेट फाड़ कर हत्या की
जानकारी के अनुसार रात करीब 10 बजे सड़क किनारे कमल उर्फ चंदर मालवीय पुत्र गंगाराम मालवीय देवनगर कालोनी निवासी उम्र 45 वर्ष घर से कुछ दूरी पर पड़ा हुआ था। इसका बेटा संजू मालवीय रात कहीं से टीवी फिल्म देखकर आ रहा था जिसे रास्ते में पिता सड़क पर दिखे। पिता को घायल अवस्था में देखते ही वह हतप्रभ रह गया। यहाँ उसने किसी की मदद लेकर मोटर साईकिल पर ही कमल चंदर मालवीय को अस्पताल लाया यहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।
संजू ने फुरसत को बताया कि मेरे मामा का हाथ जिसने तोड़ दिया है उसने धमकी दी थी। 3-4 दिन पहले ही एक विवाद में इनके परिवार की लड़ाई हो गई थी जिसमें दूसरे पक्ष में धमकी दी थी। संजू यहाँ मौके पर पुलिस से कह रहा था कि हम कैसे किसी पर आरोप लगा दे।
इस हत्या के मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया है और रात 10 बजे से ही घटना की जांच शुरु कर दी है।
सर कटी लाश मामले में आजीवन कारावास
अपर लोड अभियोजक अनिल शर्मा के अनुसार दिनांक 25.11.07 को महेश यादव की सूचना पर से थाना कोतवाली मे एक अज्ञात व्यक्ति का सिर विहीन शव हत्या कर लाकर बोरे में बंद कर मिटटी का तेल डालकर आग लगा दिया को बरामद किया गया एवं थाने द्वारा अज्ञात आरोपीगण के विरूद्ध धारा 301,201, 120, बी.भा.व.वि.का अपराध पंजीबद्ध किया।
विवेचना मे उपरोक्त शव की पहचान शाहिद उर्फ छोटे खां पुत्र जाकिर हुसैन निवासी ग्राम खाबरी थाना बिलारी उ.प्र.के रूप मे की गई अनुसंधान मे आरोपीगण से पूछताछ करने पर आरोपीगण ने बताया कि मृतक 22.11.06 को उधारी का पैसा वसूलने सीहोर आया था तथा आरोपीगण ने प्लान बनाया कि मृतक के आने पर जान से खत्म कर देगे मृतक जब दिनांक 23.11.06 को आरोपीगण के साथ कमरे में गहरी नींद में सो रहा था तब ही आरोपीगण ने प्लान बनाया कि मृतक की गरदन को खंडासे से काट कर अलग कर दिया तथा मृतक की हत्या करने के बाद दूसरे दिन उसका सिर कपड़े, बेग, चप्पल को दरी, चादरों के बीच रख कर गठान बनाकर बस से इछावर लेकर गये ।
जहां से साईकल खरीद कर सायकल पर गठान लगाकर मिट्टी का तेल खरीदा एवं ग्राम बोरदी थाना इछावर जंगल में गठान को तेल डालकर आग लगा दी एवं जुर्म की रात 4 बजे बिना सिर के शव को सायकल से बोरे में भरकर नदी किनारे ले जाकर आग लगा कर नष्ट कर दिया तथा सायकल को नदी में फेंक दी।
विवेचना के दोरान आरोपीगण से हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किये गये। अभियोजन ने न्यायालय में अपने पक्ष समर्थन में संपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत की न्यायालय में संपूर्ण साक्ष्य का मूल्यांकन करने के उपरांत आरोपीगण को मृतक शाहिद हुसैन की हत्या से दोषी पाते हुये आजीवन कारावास की सजा एवं 1000 रुपये का अर्थदंड तथा साक्ष्य नष् करने में धारा 20 में 3 वर्ष का कारावास की सजा से दंडित किया अभियोजन की ओर से अनिल शर्मा अपर लोक अभियोजक ने की।
एक गांव में 500 और 100 के नकली नोटों को लेकर हलचल
यह खुलासा उक्त ग्राम के एक बीमार व्यक्ति द्वारा जब किसी से इलाज के लिये रुपये उधार लिये और वह रुपये जहाँ देने थे वहाँ दिये तब वहाँ पर यह बात पता चली कि दिये गये नोटों में से 500 के कुछ नोट नकली हैं। तब यह खबर आष्टा तहसील के इस ग्राम में जैसे ही पहुँची हवा की तरह खबर पूरे ग्राम में फैल गई। ऐसा नहीं है कि यह खबर ग्राम के ग्रामीणों में ही चर्चारत है। खबर है कि खाकी वर्दी वालों तक भी यह जानकारी पहुँची तो है लेकिन वे भी इस चर्चा को बस सुन ही रहे हैं।
उक्त नकली नोटों को लेकर ग्राम में कुछ विवाद की स्थिति भी बन गई थी लेकिन किसी मध्यस्थता के बाद मामला शांत हो गया। देखना है कि क्षेत्र में धीरे-धीरे इस तरह नकली नोटों की दस्तक देने की चर्चाएं आष्टा से लेकर अब ग्रामीण क्षेत्रों तक फैल गई है यह आगे क्या रंग लाती है....।
नवविवाहिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों को सात वर्ष की सजा व अर्थदण्ड
लोक अभियोजक ओ.पी. मिश्रा के अनुसार थाना दोराहा में दिनांक 27.10.07 को दर्ज मर्ग क्रमांक 412007 में मृतिका हेमलता द्वारा फांसी लगाकर आत्म हत्या किये जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच में आरोपीगण के द्वारा कू्ररतापूर्ण व्यवहार को आत्महत्या की परीनीति माना गया। जिसके आधार पर अपराध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना पश्चात अभियोग पत्र अधीनस्थ न्यायालय में पेश किया गया जो विचारण हेतु सत्र न्यायालय को प्राप्त हुआ। पति अवधनारायण पुत्र घीसीलाल एवं सास कलाबाई पत्नी घीसीलाल निवासी ग्राम खजूरियाकलां के विरूद्ध विचारण प्रारंभ हुआ। अभियोजन की ओर से प्रकरण में 11 साक्षीगण के कथन करवाये गये बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह के कथन करवाये गये। साक्ष्य में मृतिका हेमलता का विवाह पांच जुलाई 2006 को सामूहिक विवाह सम्मेलन लालघाटी भोपाल में होने का तथ्य तथा विवाह के पश्चात से लगातार आरोपीगण द्वारा किये गये कू्ररतापूर्ण व्यवहार से त्रस्त होकर हेमलता द्वारा आत्महत्या किया जाना प्रकट हुआ।
विद्वान सत्र न्यायाधीश महोदय ने दोनों पक्ष की बहस श्रवण कर अपने 15 पृष्ठीय निर्णय में आरोपीगण के कृत्य को सामाजिक अपराध निरूपित करते हुए उक्त दण्डादेश पारित किया। अर्थदण्ड की राशि जमा होने पर पांच हजार रुपये मृतिका के पिता को प्रतिकर स्वरूप दिलवाये जाने के आदेश भी प्रदान किये गये है।
दोनों आरोपीगण को दंडादेश भुगताये जाने हेतु जेल भेजा गया। अभियोजन की ओर से पैरवी ओ.पी. मिश्रा लोक अभियोजक द्वारा की गई।
टिकिट के दावेदार विधायक जी के समर्थक चिंता के घेरे में
आष्टा 24 सितम्बर (नि.प्र.)। पुन: म.प्र. में भाजपा की सरकार बने इसके लिये भाजपा संगठन ने 6 माह पहले से ही संगठन स्तर पर तैयारियाँ शुरु कर दी थी वहीं कई स्तरों पर सर्वे कराकर जनता की मन: स्थिति भी भाजपा ने टटोली थी। सर्वे भाजपा के लिये सर्वे की रिपोर्ट पाँच साल पहले जा परिणाम प्राप्त हुए थे वैसी नहीं है लेकिन उतनी भी खराब नहीं आई है जिसको लेकर विरोधी दल सोच रहे थे।
सर्वे ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा को कहीं उमा से तो कहीं वर्तमान विधायकों के क्रियाकलापों, परिसीमन से झटका लग सकता है गत दिवस भोपाल से प्रकाशित एक दैनिक समाचार पत्र में लेखा-जोखा कालम में प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों के हुए सर्वे में 62 विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायकों की स्थिति खस्ता हाल की श्रेणी में आई है।
इन 62 विधायकों में आष्टा विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान भाजपा विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय का नाम भी शामिल है। वैसे आष्टा में वर्तमान विधायक श्री मालवीय को लेकर विरोध के स्वर भाजपा द्वारा विधानसभा क्षेत्र आष्टा में जो विकास शिविर का आयोजन किया गया था तभी से आभास शुरु हो गया था। उसके बाद भी संगठन के जितने कार्यक्रम बैठकें हुई उसमें भी कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेताओं के सामने आरोप-प्रत्यारोप लगाये थे। सर्वे में वर्तमान विधायक जी का नाम खस्ताहाल सूची में आने से आष्टा से भाजपा की और से टिकिट मांग रहे अन्य दावेदारों की दावेदारी में उक्त लेखा-जोखा की रिपोर्ट से काफी बल मिला है वैसे वर्तमान विधायक रधुनाथ सिंह मालवीय पूरी तरह आश्वस्त हैं कि पाँच साल में आष्टा विधानसभा क्षेत्र के लिये उन्होने जो कुछ किया उसे नकारा नहीं जा सकता है और पार्टी पुन: उन्हे उम्मीद्वार बनायेगा लेकिन जब से सर्वे की सूची विश्लेषण तथा इन्दौर से प्रकाशित एक दैनिक समाचार-पत्र में आष्टा विधानसभा के लिये भाजपा के उम्मीद्वारों की पैनल में आष्टा से वर्तमान विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय एवं पूर्व विधायक रंजीत सिंह गुणवान का नाम आया है तभी से आष्टा भाजपा में काफी हलचल मची हुई है।
पहले पुलिस वाले पिटे फिर ठेकेदार के लोगों को पीटा
जावर 24 सितम्बर (नि.प्र.) जावर पुलिस वाले किसी को पीटे तो खबर इतनी महत्वपूर्ण नहीं है लेकिन अगर पुलिस वालों को पीटा जाये तो खबर महत्वपूर्ण बन जाती है जावर क्षेत्र में कुछ दिनों पूर्व आमला जोड पर एक पुलिस का अधिकारी पिटा था अब खबर है की कल रात्री में जावर जोड के आस-पास एक ढाबे पर कुछ लोगों ने नशे में घुत पुलिस वालों को पीटा बाद में पुलिस वालों को अहसास हुआ कि हम तो खाकी वर्दी वाले है पीटने का काम तो हमारा है ओर हम ही पिट गये बस फिर क्या था पुलिस वालों को भी खाकी वर्दी की ताकत का एहसास हुआ और फिर पुलिस वालों ने उन्हें पीटा जिनसे वे पिट गये थे। पिटे पुलिस वाले जावर थाने में पदस्थ बताये गये है वही जिन लोगों ने पीटा वे फोरलेन सड़क पर कार्य करने वाले लोग बताये जाते है उक्त पिटाई कांड पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना है वैसे पीटने वाले दोनों पक्ष मौन है........
धाकड़ साईकिल से गिरे
कुमड़ावदा जोड़ पर निवास करने वाले अजय सिंह धाकड़ रोज की तरह अपनी साईकिल से ग्राम में स्थित दूध डेरी खोलने जा रहे थे तब ही रामनारायण के मकान के पास उनकी साईकिल का चिमटा और बम्फर टूट जाने से वो साईकिल से गिर पड़े जिससे उनके बांये हाथ जो पहले से ही खराब है कि कोहनी एवं सिर पर चोंटे आई है। ग्रामवासियों की मदद से उन्हे उपचार हेतु आष्टा सिविल अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
मिनी बस की टक्कर से घायल ग्रामीण की मौत
जानकारी के अनुसार ग्राम खेड़ीपुरा इछावर निवासी 45 वर्षीय जगन्नाथ आ. टीकाराम खाती मंगलवार की शाम अपने खेत से घर वापस आ रहा था तभी ढाबला मार्ग पर खप्पन बड़ली व काका की पुलिया के मध्य झाबला तरफ से आ रही मिनी बस क्रमांक एम.पी.04 जी 7427 के चालक ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन को चलाते हुये जगन्नाथ खाती को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल जगन्नाथ को इलाज हेतु सीहोर चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां पर उसकी मौत हो गई।
इधर आष्टा थाना क्षेत्र में राजमार्ग स्थित कोठरी पुलिया के समीप कमलसिंह को आष्टा तरफ से आ रहे अज्ञात बाइक चालक ने उसकी सायकल में टक्कर मारकर घायल कर दिया। जिसे प्राथमिक उपचार हेतु आष्टा अस्पताल में दाखिल कराया गया। एक अन्य दुर्घटना में एम्बुलेंस क्रमांक जीजे 18 जे-3651 के चालक ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुये आष्टा तरफ आ रहे बाइक चालक बद्रीप्रसाद को टक्कर मारकर घायल कर दिया। घायल बद्रीप्रसाद को आष्टा अस्पताल इलाज हेतु भेजा गया है।
शासकिय कर्मचारी ने चलाई तलवारें, 3 घायल
सीहोर 24 सितम्बर (नि.सं.)। समीपस्थ ग्राम में एक शासकिय कर्मचारी ने बिना बात के धारदार हथियारों से ग्राम के बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। इनमें दो की टांग में फेक्टर हो गया है। पुलिस ने मामले को दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार रफीकगंज रामगंज में पिछले दिनों दो किशोरवय जितेन्द्र परमार और सुनील मालवीय के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था जिसमें जितेन्द्र के साथ मारपीट हो जाने पर इसकी माताजी ने ग्राम की ही एक आटा चक्की पर आकर अपशब्द बोलना शुरु कर दिये थे। जिस पर बाला प्रसाद ने इन्हे समझाया कि आप अपशब्द मत बोलें तो उन्होने बजरंग दल के खिलाफ ही बोलना शुरु कर दिया। इस विवाद में यहीं उपस्थित अनार सिंह परमार ने भी कुछ अपशब्द बोले जिसे यहाँ बाला प्रसाद और मुकेश परमार ने अपने स्तर पर समझाईश दे दी। बाला प्रसाद के साथ अनार सिंह द्वारा की गई मारपीट में इसे भर्ती होना पड़ा । मुकेश भी इसके साथ भर्ती हुआ।
दूसरे दिन जब यह अपने ग्राम पहुँचे तो वहाँ रास्ते में ही अनार सिंह परमार जो शासकिय कर्मचारी है, डाइट संस्था में यह चालक के पद पर है और पूर्व में इसकी वाहन की टक्करों से कई लोग घायल हो चुके हैं, ने ग्राम में भेरु सिंह परमार के कुएं के सामने अपने बेटे सुनील व अविनाश व भांजे सतीश व हरिओम के साथ बाला प्रसाद व मुकेश परमार पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इन्हे बचाने आये कीर्तिपाल परमार के सिर में तलवार मार दी गई। इस प्रकार बाला प्रसाद व मुकेश के पैर की हड्डी इन लोगों ने तोड़ दी। दोनो को फेक्चर हुआ है बाला प्रसाद के पैर में राड डली है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पत्नी के चरित्र पर संदेह कर मारपीट
सीहोर 24 सितम्बर (नि.सं.) दोराहा थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण ने अपनी पत्नि के चरित्र पर संदेह कर उसके साथ अमानवीय तरीके से मारपीट की घटना की रिपोर्ट पर दोराहा पुलिस ने अपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम तोरनिया निवासी अशरफ आ. मोर अली गत मंगलवार को अपनी 45 वर्षीय पत्नी शहीद बी को घर से साथ लेकर अपने खेत पर गया जहां पर दोनों शाम तक भुट्टे तोड़ते रहे तथा वही पर अशरफ ने अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करते हुये उसके साथ अमानवीय तरीके से मारपीट की व टपरिया में लाकर पटक दिया।
चंद कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ धरना किया
Wednesday, September 24, 2008
कांग्रेस के नामों की चर्चाएं सरगर्म, कौन देगा दिल्ली में किसको मात
यूँ तो प्रसिध्द आबकारी ठेकेदार राकेश राय को कांग्रेस ने कभी वजनदारी से नहीं लिया था। पूर्व में उन्हे कांग्रेस सेवादल का जिले का प्रभार अवश्य सौंपा गया था और इसीलिये जब कांग्रेस से उन्हे टिकिट नहीं मिला तो राकेश राय अपने दम पर कांग्रेस के विरुध्द निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए मैदान में कूद गये तो उन्हे नगर पालिका अध्यक्ष के पद पर जनता ने बड़ी आशा और विश्वास के साथ काबिज कर दिया।
सीहोर नगर पालिका चुनाव में एक निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़ रहे आबकारी ठेकेदार राकेश राय को और अधिक विशेष लाभ मिला उनके छोटे भाई अखिलेश राय की लोकप्रिय छवि का। जिस समय अखलेश राय ने राकेश राय के पक्ष में प्रचार की कमाल संभाली तो जनता सड़क पर निकलकर उनके साथ हो गई। अंतत: कई घोषणाओं के अंबार और उस पर जनता के विश्वास ने राकेश राय को उस समय विजयश्री वरण दिलाई। निर्दलीय राकेश राय को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी ने एक बार फिर अपने साथ कर लिया और आज राकेश राय वापस कांग्रेस में शामिल हो गये।
नगर पालिका अध्यक्ष बने पूर्ववर्ती दमदार कांग्रेस नेता जसपाल सिंह अरोरा ने भी नपाध्यक्ष बनने के बाद विधानसभा चुनाव की दावेदारी की थी। इसके बाद अब राकेश राय भी नगर पालिका अध्यक्ष बनने के साथ ही विधानसभा की दावेदारी करते नजर आ रहे हैं।
बरसात के इस मौसम में जहाँ पूरा नगर शुध्द पेयजल के लिये तरस रहा है, नगर में सड़क कम गड्डे यादा नजर आ रहे हैं, भ्रष्टाचार की चर्चाएं सरगर्म हैं तो फिर ऐसे में सीहोर नगरीय क्षेत्र में राकेश राय को विधानसभा का टिकिट मिले इस पक्ष में कितने लोग हैं और जनता उन्हे कितना चाहती है ? यदि इस आंकलन पर कांग्रेस ने टिकिट तय किया तो निश्चित ही राकेश राय के लिये परिस्थितियाँ कुछ गंभीर हो जायेंगी।
दूसरी और भी अचानक उभरे नेता के रुप में अक्षत कासट हैं, जो दिल्ली से लेकर सीहोर तक की राजनीति करने में माहिर नजर आ रहे हैं। दिल्ली के केन्द्रीय विभाग में वह केन्द्रिय पद पर क्या बैठे सीहोर में उनके समर्थकों ने एक विशाल स्वागत जुलूस निकाल दिया। तब से लेकर अब तक अधिकांश आंदोलन और सार्वजनिक घटनाक्रमों में अक्षत कासट का नाम सामने आ ही जाता है। यूँ अक्षत सीहोर में कांग्रेस के उन पुरोध्दा पूयनीय श्री भंवरलाल जी साहब कासट के पौते हैं जिनका नाम आज भी कांग्रेस के वरिष्ठजन अतिसम्मान के साथ लेते हैं। कासट परिवार का कांग्रेस में अच्छा-खासा दखल भी है। और जब सुरेश पचौरी लोक सभा का चुनाव सीहोर से लड़े थे तब देश की सबसे यादा प्रभावी नेत्री उमाश्री भारती तक को कुछ हिलाकर उन्होने रख दिया था तो उस समय देखने में आया था कि सीहोर के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष श्री नारायण कासट नदीम, सुरेश पचौरी के साथ उनके वाहन में अति विशेष सलाहकार के रुप में मौजूद रहते थे।
इधर दमदार कांग्रेस नेता जसपाल अरोरा अवश्य इस बार कानून की पेचीगदी में उलझ गये हैं लेकिन वह भी चाची श्रीमति अमिता अरोरा के लिये विधानसभा का टिकिट लेने की इच्छा रखते हैं। रही बात दिग्विजय सिंह के करीबी मित्र कांग्रेस नेता प्रमोद पटेल की, तो सूत्रों का यह कहना है कि इस बार काकी कोकिला बेन पटेल के लिये पटेल परिवार टिकिट की मांग रखेगा, और यह दोनो ही नेता महिला कोटे का उपयोग करते हुए लाभ उठाना चाहते हैं।
यहाँ इतना अवश्य कहा जा सकता है कि पूर्ववर्ती नगर पालिका अध्यक्ष रुकमणी रोहिला हों या वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय। इन दोनो ही के कार्यकाल के चलते घर बैठे-ठाले कांग्रेस नेता जसपाल सिंह अरोरा की पूछ परख स्वत: बढ़ गई है और सीहोर में अरोरा के नगर पालिका कार्यकाल की याद हर आम व्यक्ति करता नजर आता है।
एक और दिशा से विचारा जाये तो जसपाल अरोरा और राकेश राय दोनो ही एक-एक बार कांग्रेस से निष्कासित हो चुके हैं और निर्दलीय चुनाव भी कांग्रेस के खिलाफ लड़ चुके हैं।
कांग्रेस की राजनीति का ऊँट कब किस करवट बैठ जाये ? कि न बातों से कौन-सा कांग्रेस नेता प्रभावित हो जाये ? और किन कारणों से किस प्रत्याशी को टिकिट मिल जाये। कांग्रेस में भी इसका भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि पिछली बार ही जहाँ इछावर से बलवीर तोमर और अभय मेहता वजनदार नजर आते थे वहीं हेमराज परमार को पिछली बार टिकिट दिया गया था। सीहोर में भी अचानक बाहरी उम्मीद्वार थोपकर सबको स्तब्ध कर दिया गया था। तो कुल मिलाकर यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता कि कांग्रेस में टिकिट किसको मिलेगा ।
आज एक प्रादेशिक समाचार पत्र में आये समाचार के अनुसार दिल्ली में जिन दो नामों की चर्चाएं कांग्रेस से चल रही हैं उनमें एक नाम युवा नेता अक्षत कासट का है और दूसरा नाम नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय का है।
अब चर्चाएं चल रही हैं कि यदि राहुल भैया गाँधी का युवा फेक्टर काम करेगा तो निश्चित ही सीहोर से एक युवा अक्षत कासट को भी टिकिट मिल सकता है लेकिन क्या अक्षत को कांग्रेस इतनी-सी उम्र में टिकिट देगी ? दूसरी और यदि प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी की चली तो वह उनके समर्थक राकेश राय को ही टिकिट देंगे ऐसा भी विश्वास व्यक्त किया जा रहा है।
हालांकि जानकारों का कहना है कि हर बार की तरह राजधानी से लगे सीहोर में सबसे आखिरी में टिकिट घोषित होंगे और देश की राजधानी दिल्ली में भले ही पूरे मध्य प्रदेश के अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों के नाम घोषित हो जायें लेकिन विवादित और असमंजस वाली सीहोर सीट के नाम आखिरी में घोषित होंगे।
इन सारी चर्चाओं को भूलकर एक बार सुरेन्द्र सिंह ठाकुर का स्मरण भी कर लिया जाना चाहिये। कांग्रेस ने पिछली बार समीपस्थ बैरसिया निवासी सुरेन्द्र सिंह ठाकुर को सीहोर का टिकिट दिया था लेकिन आश्चर्य तो तब हुआ था कि एक बाहरी कांग्रेसी उम्मीद्वार ने स्थानीय भाजपा के लोकप्रिय उम्मीद्वार रमेश सक्सेना के लिये परेशानी खड़ी कर दी थी। और हवाओं का रुख मोड़ते हुए मतलब जहाँ पूरे प्रदेश में एक तरफा भाजपा की हवा थी वहाँ सीहोर में एक बाहरी कांग्रेस उम्मीद्वार सुरेन्द्र सिंह ठाकुर ने 10-20 हजार वोट नहीं बल्कि 42 हजार मत प्राप्त किये थे। इतने अधिक मत एक बाहरी उम्मीदवार को मिलना भी चर्चाओं में आ गया था। लेकिन इस बार सुरेन्द्र सिंह ठाकुर को क्या टिकिट दिया जायेगा ? क्या वह अब कांग्रेस में इसकी पात्रता रखते हैं।
कुल मिलाकर कांग्रेसी हल्कों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है ? सीहोर से किसको ? किसके कोटे से टिकिट मिलता है ? क्या चल रहे नामों में से ही किसी एक को टिकिट मिलेगा अथवा इस बार भी कोई नया नाम कांग्रेस पेश करेगी देखते हैं...।