Wednesday, September 17, 2008

मोर ने ही कृष्ण को राधा जी का घर दिखाया था

सीहोर 16 सितम्बर (नि.सं.)। अग्रवाल पंचायती धर्मशाला बड़ा बाजार में सांतवे दिन की श्रीमद् भागवत कथा में भगवताचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जब रुकमणी विवाह के प्रसंग में व्याख्यान दिया तो जब मोर नाचता है पंख फैलाकर तो समझना की भगवान प्रसन्न हो रहे हैं यह बात भगवान ने गोपियों से स्वयं भागवत में अपने मुखारविंद से कही जंगल में मोर नाचे किसने देखा मोर ने ही प्रथम बार भगवान कृष्ण को राधा जी के घर तक ले गया था।
भगवान भी उस मोर का श्रेय मानते हैं और तभी से मोर पंख अपने सिर पर धारण करते हैं यह मोर पंख भगवान कृष्ण की प्रसन्नता का विषय है इनकी भागवत धर्म में महत्वता है जब-जब मनुष्य के जीवन में दुख आयेगा मनुष्य भगवान के एकदम नजदीक में पहुँच जाता है। जब मनुष्य को सुख मिलता है तब मनुष्य भगवान से दूर होता जाता है माता कुंती ने भगवान से विपत्ति मांगी जीवन में क्योंकि पाण्डों पर जब-जब विपत्ति आई उन्हे भगवान श्री कृष्ण का दर्शन हुआ गोपियाँ कोई स्त्री नहीं है यह मनुष्य के हृदय में प्रेम की भावना होती है उस प्रेम की पराकाष्ठा का अनुभव जिसको होता है वह भावना ईश्वरीय प्रेम है। जो कि चाहे स्त्री हो पुरुष हो किसी भी उम्र में भगवान जब कृपा करते हैं, तो उस भाव भावना का अनुभव मानव को हो जाता है और जब ये कृपा जिस किसी भी जीव पर होती है तो उसमें भगवान का अंश दिखने लगता है। कथा के अंतिम चरण में सुदामा जी चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण परम सखा गरीब ब्राह्मण सुदामा जी की पत्नि द्वारा द्वारिकापुरी भेजा गया। श्री कृष्ण जी के पास सुदामा में जी केवल चावल ले जाते हैं अपने प्रिय सखा के इस प्रेम को देखकर कृष्ण जी भावविभोर हो जाते हैं और सुदामा जी की दरिद्रा समाप्त कर देते हैं आज भव्य समारोह में गर्ग परिवार द्वारा श्रीमद भागवत जी को अपने सिर पर रखकर नगर के मुख्य मार्गों से श्री सत्यनारायण मंदिर बड़ा बाजार पहुँचे मीडिया प्रभारी ने बताया कि भागवत प्रेमियों ने श्री भागवत जी अपने निवास पर विधि विधान से पूजन किया आरती उतारी शोभा यात्रा में शुरु से आखिरी तक महिलाओं ने श्रीकृष्ण के भजनों पर नृत्य किया।

आष्टा में एक विद्युत प्रवाह से दूसरा सूखी डगाल से दबकर मृत

आष्टा 16 सितम्बर (नि.सं.)। आज आष्टा थाने में अस्पताल से आई सूचना पर दो मर्ग कायम किये गये। एक व्यक्ति जिसका नाम युनूस पुत्र शब्बीर खां उम्र 30 वर्ष निवासी सालिया थाना अवंतीपुर बड़ोदिया की पेड़ की डगाल टूटकर गिरने के बाद दबने से मृत्यु हो गई।

वहीं ग्राम खामखेड़ा वैजनाथ में अपने रिश्तेदार के यहाँ आये अमलाह निवासी चन्द्रशेखर पुत्र भागीरथ सोनी की उस वक्त करंट लगने से मृत्यु हो गई जब वह अपना मोबाइल का चार्जर प्लग में लगाने गया तभी उसे करंट लग गया। जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

Tuesday, September 16, 2008

12 दुकानों के ताले टूटे, 3 लाख की चोरी सुरक्षित व्यापारिक क्षेत्र गल्ला मण्डी में घटी घटना, एक रात में 36 से अधिक ताले तोड़ गये चोर...

सीहोर 15 सितम्बर (नि.सं.)। गल्ला मण्डी आज सुबह उस समय स्तब्ध रह गई जब पता चला कि यहाँ 2-4 नहीं बल्कि 12 दुकानों के ताले टूटे हैं और अंदर गल्ले पर अज्ञात चोरों ने बड़ी ही कुशलता के साथ हाथ साफ कर दिया है। एक साथ 12 दुकानों की शटर के ताले टूटने की सनसनीखेज घटना ने मण्डी व्यापारियों के आक्रोश का पारा चढ़ा दिया। गल्ला व्यापारी संघ ने संयुक्त रुप से पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर व मण्डी कार्यालय में इसकी शिकायत की। वहीं पुलिस को एक संयुक्त शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस धारा 457, 380 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। इतनी बड़ी चोरी से पुलिस भी स्तब्ध रह गई। पुलिस अधीक्षक ने स्वयं निरीक्षण भी किया। देखते हैं क्या पुलिस कुछ कर पाती है या नहीं। चोरी की वारदात कुशल चोरों द्वारा किये जाने के संकेत हैं।
आज सुबह जैसे ही सूर्य की रोशनी मण्डी प्रांगण में आई वैसे ही यहाँ कुछ समय बाद एक बडी घटना का अंदेशा सामने आ गया। कुछ ही देर में दिखने लगा कि अनेक दुकानों की शटर के ताले टूटे हुए हैं। तत्काल व्यापारियों को सूचना दी गई। जब व्यापारी आये देखा तो पता चला कि करीब 12 दुकानों के एक ही रात में ताले टूट गये हैं। इन दुकानों के अंदर से चोरी भी हो गई। इतनी बड़ी चोरी देखक र एक बारगी लोगों ने दांतो तले अंगुली दबा ली। आखिर कितने चोरों ने यह कमाल दिखाया है यह सोचने पर सब मजबूर हो गये।
हर दुकान की शटर के पास ही ताले पड़े थे जो बड़े ही हुनरमंद तरीके से उचकाये गये थे। इन पर यादा निशानात नहीं थे। जबकि तालों की मजबूती बहुत अधिक थी। यहाँ लखमशी नाकसी शाह, राजकुमार एण्ड कम्पनी, अनिल ट्रेडर्स, संजय कुमार राजकुमार, सुरेन्द्र ट्रेडिंग कम्पनी, नवीन ट्रेडिंग कम्पनी की दुकानों के ताले तोडे ग़ये थे जिनकी कुल 12 दुकाने थी।
चोरों ने इस बात का ध्यान रखा था कि कौन-सी दुकानें नियमित रुप से खुल रही हैं। यहाँ कुछ प्रतिष्ठित फर्मों की दुकानें विगत 2 माह से नहीं खुल रही हैं तो वहाँ के ताले नहीं तोड़े गये जबकि उन्ही दुकानों के ताले तोड़े गये जो नियमित रुप से खुल रही हैं इससे स्पष्ट है कि अज्ञात चोर मण्डी के विषय में पहले से सबकुछ समझता था।
अज्ञात चोरों ने इन दुकानों की शटर के ताले तोड़कर सीधे अंदर का सामान बिना छेडे सिर्फ गल्ले पर हाथ साफ किया। गल्ले की गोदरेज की अलमारियाँ भी हुनरमंद चोरों ने संभवत: एक ही झटके में तोड़ ली और माल साफ कर लिया। जहाँ उन्हे यादा माल नहीं मिला वहाँ संभवत: उन्होने आक्रोश निकाला और इसके लिये वहाँ रखे कीमति टेलिफोन सेट, केल्क्यूलेक्टर कम्प्यूटर व अन्य सामान तोड़ फोड़ गये।
अब प्रश् उठता है कि क्या मण्डी में कोई सुरक्षा गार्ड नहीं है ? तो आज गल्ला मण्डी व्यापारी संघ का यादा आक्रोश तो इसी बात पर था कि यहाँ विगत लम्बे समय पर्याप्त सुरक्षा गार्ड नहीं है। यहाँ सुरक्षा गार्ड को एक साल से अधिक समय से वेतन नहीं दिया गया है। रात के समय एक-दो सुरक्षा कर्मी रहते हैं वो भी कल नहीं थे। इस प्रकार सुरक्षा की व्यवस्था नहीं थी।
12 दुकानों में करीब 40 से अधिक मजबूत उन्नत किस्म ताले अज्ञात चोरों ने तोड़ दिये। जिससे लगता है कि बहुत लम्बे समय तक चोर यहाँ उपस्थित रहे और चोरी का कार्य उन्होने पूरे सुकून के साथ किया। यहाँ चोरों की खाने-पीने के चिन्ह भी मिले हैं। कुछ शराब की बाटल आदि भी अलग से पड़ी मिली है।
अंधेरे में डूबी थी मण्डी
यहाँ लम्बे समय से मण्डी प्रांगण में जो स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था है वह खराब पड़ी है। सूर्यास्त के बाद यहाँ अंधेरा घुप्प हो जाता है जिसका भी पूरा फायदा चोरों ने उठाया और बजाय सेंधमारी करने के उन्होने सामने से सरेआम ताले उचकाये। यहाँ स्ट्रीट लाईट भी बंद पड़ी है जिससे चोरों के हौंसले बढ़ गये होंगे। आज व्यापारियों के आक्रोशित होने तथा ज्ञापन देने के बाद शाम के समय मण्डी कार्यालय द्वारा यहाँ स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था आंशिक रुप से दुरुस्त कराई गई।
मण्डी व्यापारियों ने आज पुलिस अधीक्षक, जिलाधीश कार्यालय में श्रीमति भावना बालिम्बे व कृषि उपज मण्डी समिति कार्यालय में उपरोक्त संदर्भ में एक ज्ञापन सौंपा तथा कार्यवाही की मांग की। साथ ही पुलिस थाने में भी चोरी की शिकायत की। मण्डी थाने ने सारी चोरियाँ का एक ही मामला बना लिया है जिसमें चोरी गये मशरुका की जानकारी व उसकी कीमत भी नहीं लिखी गई है। गल्ला मण्डी व्यापारियों के अनुसार करीब 3 लाख रुपये से अधिक की चोरी हुई है। विशेष रुप से 8 चौकीदार रात रजिस्टर में उपस्थित दर्ज पाये गये हैं लेकिन सुबह पुलिस को मात्र 6 चौकीदार ही यहाँ उपस्थित मिले।


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सुरसा, गंगा अवतार, संजीवनी वूटी, ताड़का वध, द्रोपदी चीर हरण की झांकियों ने समा बांधा

12 बड़ी सहित कुल 19 झांकियाँ निकली
सीहोर 15 सितम्बर (नि.सं.)। लम्बे समय बाद एक बार फिर झांकियाें की विशाल संख्या ने अनंत चतुर्दशी चल समारोह में एक नई जान फूंक दी। इस बार कस्बा क्षेत्र के अनेक समितियों की झांकियां निकली। छोटी-बड़ी मिलाकर 19 के करीब झांकियों ने देखने वालों को बांध लिया। जबकि अखाड़ों के उन्नत व श्रेष्ठ प्रदर्शन ने निश्चित ही सभी की दाद बटोरी। पहलवानों ने जान जोखिम में डाल नये-नये करतब प्रदर्शित किये।
एक बार फिर अनंत चतुर्दशी चल समारोह का उत्साह गई रात चरमोत्कर्ष हो गया जब अखाड़ों के उन्नत प्रदर्शन के साथ ही साथ करीब 12 बड़ी व 7 छोटी झांकियों ने मेले को बांध लिया। अनेक झांकियाँ निकलने से आसपास से आई ग्रामीण जनता में एक बारगी उत्साह का संचार हो गया। सुबह 7 बजे तक सीहोर टाकीज चौराहे पर जनता एकटक निगाह से झांकियाँ देखती रही। एक के पीछे एक झांकी आती ही जा रही थी। जबकि रातभर अखाड़ों के हेरत अंगेज प्रदर्शनों ने समा बांध कर रखा था।
इस वर्ष अखाड़े गत वर्ष की अपेक्षा कुछ कम रहे लेकिन फिर भी उत्साह उमंग पहलवानों में देखने लायक थी। सीहोर के पारम्परिक अखाड़ा संचालकों ने वाकई मेहनत की थी उस्ताद खलिफाओं के प्रयास उस वक्त सफल हो गये जब भारी भीड़ में पहलवानों ने एक से बढ़कर एक हेरत अंगेज करतब दिखाये।
चल समारोह में सबसे आगे चल रही झांकी न्यू आदर्श मण्डल कस्बा सीहोर की थी जिसमें समुद्र लांघते समय हनुमान जी के सामने अचानक प्रकट हुई राक्षसी सुरसा का चित्रण किया गया था। झांकी में बकायदा सुग्रीव, अंगद के संवाद होने तथा फिर हनुमान जी के साथ सुग्रीव जी का संवाद और हनुमान जी का समुद्र पार करने के लिये उड़ना दर्शाया गया था वह उड़ते हुए जाते हैं सुरसा सामने आ जाती है जिसके विशाल मुंह के अंदर हनुमान जी बकायदा प्रवेश करते हैं फिर सुरसा का विशालकाय बंद मुँह हिलते, उसकी गर्जना होती है और फिर सुरसा के सिर के ऊपर से हनुमान जी निकलते हैं इस विशेष तकनीक के सहारे बनी झांकी ने सभी को आकर्षित लिया, जबकि हनुमान जी बाहर निकलते हैं तो दर्शक तालियाँ बजाते हैं और इधर रविन्द्र जैन की आवाज में शानदार भक्ति संगीत शुरु हो जाता है।
इसके बाद की झांकी भी इसी मण्डल की थी जिसमें पंडा कराये रहो पूजा मैया-जी की झूम-झूम के, गाने पर चित्रण करते हुए चार भक्त महिलाएं नृत्य करते हुए तथा एक पंडित को माता जी आरती करते हुए दर्शाया गया था।
इसके पीछे दुर्गा चौक गणेश उत्सव समिति कस्बा सीहोर की झांकी थी जिसके बनाने वाले कलाकार उजैन के अशोक सोभाराव व कन्हैयालाल उस्ताद थे इस झांकी में भी संवादों के साथ चित्रण किया गया था। जिसमें लक्ष्मण जी के नागपाश से मुर्छित होने के बाद राम जी का दुख, फिर हनुमान को वैद्यराज द्वारा जड़ी-बूटी समझाईश के डायलाग होते हैं इसके बाद हनुमान जी का उड़कर जाना और हिमालय पर्वत पर चमकते हुए पर्वत को हाथ में उठाकर लेकर आना दर्शाया गया था इस झांकी ने भी खूब दाद बटोरी।
इसके पीछे गंगा अवतार की झांकी थी जिसमें माता गंगा अवतार होता है तो गंगा माता के हाथ से निकल रहा पानी दूर-दूर तक चारों तरफ एक फव्वारे के रुप में फेंका गया जो लगभग सभी दर्शकों पर गिरा। कई स्टेज पर बैठे लोग पानी से भीग गये। इसके गणेश जी व कार्तिकेय जी का पृथ्वी के चक्कर काटते हुए भी दर्शाया गया था।
आजाद मित्र मण्डल कस्बा की एक झांकी पांचवे नम्बर चल रही थी जिसमें माता वैष्णो देवी की पूजा अर्चना और भैरवनाथ का माता द्वारा सिर संहार का दृष्य दर्शाया गया था।
इसके पीछे एकता क्लब सीहोर कस्बा की झांकी थी जिसमें ताड़का वध दर्शाया गया था। इस झांकी में ऋषि विश्वामित्र द्वारा राम जी को मारीच की माता ताड़का की जानकारी देकर उसका वध करने को समझाने के संवाद सुनाये गये इसके बाद रामजी द्वारा एक चमकता हुए तीर छोड़ जाना और मुँह से रंगीन धुंआ छोड़ रही ताड़का का चिल्लाते हुए मर जाने का दृष्य था।
सातवे नंबर पर चल रही आदर्श बाल मण्डल पुराना बस स्टेण्ड की 3 बड़ी झांकियाँ थी। एक में अर्जुन पुत्र अभिमन्यू द्वारा हाथ में रथ का पहिया लेना और चारों तरफ से कौरवों द्वारा उस पर हमला करने का दृष्य दर्शाया गया था। इसके पीछे एक आकर्षक झांकी थी। एक झांकी में श्रीकृष्ण को माता यशोदा द्वारा माखन खिलाते हुए दृश्य दर्शाया गया था इस झांकी में गोपियों का नृत्य भी हो रहा था।
इसके पीछे एक और बड़ी झांकी 10 नम्बर पर चल रही थी जो मण्डी गणेश उत्सव समिति की थी जिसमें होली का दृश्याकंन किया था कृष्ण जी द्वारा गोपिकाओं से होली खेलना और करीब 10 फव्वारों द्वारा चारों तरफ पानी फेंकने का दृष्य था।
इसके पीछे शकर कारखाना चौराहा की झांकियों का ताम-झाम चल रहा था जिसमें एक मगर सड़क पर चलते, दो ठेले पर छोटी झांकियाँ, नवयुवक गणेश उत्सव समिति दीपक पान सदन की झांकियाँ, फिर एक झांकी जिसमें गणेश जी एक विशाल चूहे पर सवार थे जो सीधे सड़क पर चल रही थी। इसके पीछे जयमाता गणेश उत्सव समिति की बड़ी झांकी अमरनाथ बाबा और भस्मासुर का वध करने के लिये शिव जी द्वारा उसके मोहित करने का प्रयास।
इसके पीछे धृतराष्ट्र की कौरव सभा में बैठे समस्त राजदरबार की उपस्थिति में द्रोपदी का चीरहरण का दृष्य दर्शाया गया था जिसमें बकायदा संवाद भी चल रहे थे। यह भी एक बड़ी झांकी थी। एक और झांकी जमीन पर चलते हुए नाग देवता की थी। इसके पीछे सुदामा नगर की गणेश उत्सव समिति की झांकी भी चल रही थी। इस प्रकार अनेक झांकियाँ आज निकली।

वयोवृद्ध ठेकेदार शरीफुर्रहमान का 102 वर्ष की आयु में निधन

आष्टा 15 सितंबर (नि.प्र.)। नगर पालिका परिषद आष्टा के पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हिफुजर्रमान भैया मियॉ क े पिता श्री शरीफुर्रमान ठेकेदार का गत दिवस वृद्धावस्था में 102 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे कुछ वर्षो से बीमार थे। श्री शरीफुर्रहमान ठेकेदार की अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान किला से निकाली गयी तथा उर्स वाले मैदान पर पर उनके शव को दफनाया गया। इस अवसर पर हजारो लोग अतिम यात्रा में सम्मिलित हुए तथा उन्हें अंतिम बिदाई दी। अंतिम यात्रा में मुख्य रूप से जिला कांग्रेस कमेटी सीहोर एवं नगरपालिका परिषद आष्टा के अध्यक्ष कैलाश परमार, पूर्व विधायत अजित सिंह, ब्लाक कांग्रेस कमेटी आष्टा के बापूलाल मालवीय, वरिष्ठ पार्षद अजीत अंसारी, जिला कांग्रेस प्रतिनिधि प्रदीप प्रगति, वरिष्ठ अभिभाषक ए.के.कुरैशी,मो.शमीम जहीरी, समाजसेवी गोपाल सिंह इंजीनियर,नौशे खॉ, राजाराम बडे भाई, मोती सिंह ठाकुर लाखूखेडी,देवकरण सिंह सेठ,पूर्व पार्षद शैलेष राठौर, सुनिल सेठी, इदरीश मंसूरी,युवा समाजसेवी धनश्याम जॉगड़ा, बलबहादुर सिंह ठेकेदार, पार्षदगण राजेन्द्र जैन, हुसैन शाह, सलीम अंसारी, पत्रकार नवाब अली, पार्षद प्रतिनिधि हरीश मेवाड़ा, मनोज राठौर, प्रहलाद सिंह वर्मा, रमेश मुकाती, महेश मुकाती, सुरेन्द्र सिंह परमार एडवोके ट, जीतेन्द्र फुडरा, दिनेश मालवीय, के.एस.मालवीय, हेमंत गिरी, डॉ.डी.एस.सौलंकी, लक्ष्मीनारायण पांचाल, बडे हारून, अंसारी वसीमउद्दीन, मुबारिक उद्दीन, सौहेल मिर्जा एडवोकेट, मसूद खान,मुन्ना सनव्वर खां, शेषनारायण मुकाती,जाहिद खॉ,पप्पू भाई पदमसी, बब्बन हाफीज,आदि उपस्थित थे। श्री शरीफर्रहमान क्षैत्र के सांसद एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ.शंकरदयाल शर्मा के समय से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। पिछले कुछ समय से वृद्धावस्था के कारण वे बीमार थे। अपने पीछे वे भरापूरा परिवार छोडकर गये हैं। वे नगर कांग्रेस अध्यक्ष ऐजाजुर्रमान भैया एम.पी.के ताऊ जी थे।

सड़क हादसे में 10 घायल

सीहोर 15 सितम्बर (नि.सं.) जिले के आष्टा एवं जावर थाना क्षेत्र में हुये अलग-अलग सड़क हादसों में 10 घायल हो गये। पुलिस ने सभी मामले दर्ज कर लिये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सलकनखेड़ी निवासी विनोद परमार अपने छोटे भाई सतीश के साथ बीती रात बाइक क्रमांक एम.पी. 42-एमए-5356 से भंवरा जुलूस देखने आ रहे थे आष्टा में श्रीधर परमार मिला जिसे भी अपनी बाइक पर बैठाकर भंवरा जाने लगे तभी मुगली जोड़ के समीप विपरीत दिशा से आ रहे अज्ञज्ञत बाइक चालक ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर इनकी बाइक में टक्ककर मार दी। परिणामस्वरूप सतीश व श्रीधर घायल हो गये।
इसी प्रकार बीतीरात राजमार्ग स्थित बमूलिया खींची के समीप जीप क्रमांक एम.पी-37 बी-247 के चालक ने अनियंत्रित गति से वाहन चलाकर पलट दिया। परिणामस्वरूप उसमें सवार अर्जुन, पवन, बृजेश, मधुचन्द्र, अशोक, जयसिंह घायल हो गये।
उधर जावर थाना क्षेत्र में राजमार्ग पर बीती राज ट्रक क्रमांक एम.पी.-04 के-3035 के चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुये एक डम्फर में टक्कर मार दी जिससे डम्फर चालक जाकिर खां घायल हो गया।

डूबने से बालक की मौत
सीहोर 15 सितम्बर (नि.सं.) आष्टा थाना क्षेत्र के ग्राम चाचरसी निवासी एक बालक की पार्वती नदी में डूबने से मोत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी हैं।
ग्राम चाचरसी निवासी बलराम माली का 10 वर्षीय पुत्र योगेश रविवार की शाम घर पर नहीं मिला जिसकी तलाश में उसके परिजन दुल्हादेव ओटला के समीप चाचरसी स्थित पार्वती नदी पहुंचे जहां पर योगेश के कपड़े पड़े मिले नदी में तलाश करने पर योगेश मृत अवस्था में पड़ा मिला।


तीन किलो अवैध गांजा जप्त, दो गिरफ्तार
सीहोर 15 सितम्बर (नि.सं.) दोराहा थाना पुलिस ने गत रविवार को चैकिंग के दौरान दो व्यक्तियों को गिरफ्ता कर इनके पास से करीब तीन किलो गांजा बरामद किया हैं। जो करीब 15 हजार रुपये का बताया गया हैं। चौकी प्रभारी छत्रपाल सिंह सोलंकी अपने बल के साथ अनन्त चौदस त्यौहार होने के कारण कस्बा श्यामपुर में होटल आदि स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों की चैकिंग कर रहे थे तभी हरिजन मोहल्ला तिराहा के समीप दो व्यक्ति एक काला बेग लिये इदगाह तरफ जाते पाये जो पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे जिन्हें हमराह फोर्स की मदद से घेराबंदी कर पकड़ा गया हैं। जिनके पास से दो किलो नो सौ ग्राम गांजा बरामद करने में सफलता मिली। जिसका कूल्य 15 हजार रुपये बताया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति सुरेश पिता मांगीलाल लोहार, पन्नालाल आ. हुकमचन्द्र कुशवाह निवासी श्यामपुर हाल-सेमरी हरचन्द्र थाना सुहागपुर के हैं। जिनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर गहन पूछताछ की जा रही हैं।

शिवना ने काव्य गोष्ठी कर हिन्दी दिवस मनाया

सीहोर 15 दिसम्बर (नि.सं.)। जिले की अग्रणी साहित्यिक संस्था शिवना ने एक साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन कर हिन्दी दिवस मनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार दादा कृष्ण हरि पचौरी ने की जबकि मुख्य अतिथि के रुप में ब्लाक पत्रकार संघ के अध्यक्ष अनिल राय उपस्थित थे।
वरिष्ठ साहित्यकार नारायण कासट के निवास पर आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ अतिथियों ने माँ सरस्वती का पूजन अर्चन करके किया। युवा कवि जोरावर सिंह ने माँ सरस्वती की वंदना अर्चन वंदन माँ का सस्वर पाठ किया। गोष्ठी में उपस्थित व्यंग्यकार ब्रजेश शर्मा ने हिन्दी तो मेरे देश की भाषा है दोस्तों सरकार का तो लेकिन तमाशा है दोस्तों सहित कई रचनाएं पढ़ी। गीतकार रमेश हठीला ने संत अब अनंत हो गये कव्वे सब संत हो गये रचना का सस्वर पाठ किया। युवा कवि जोरावर सिंह ने मातृभाषा बोलने पर दंड भोगना पड़े ऐसा तो नहीं लिखा कहीं संविधान में गीत में वर्तमान चित्रण किया। व्यंग्यकार ओम प्रकाश तिवारी ने राम राय नहीं है फिर भी रामभरोसे चलता देश में व्यवस्था पर करारा व्यंग्य किया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे कवि पंकज सुबीर ने कौड़ियों में बिक रही संसद है मेरे मुल्क की गजल का पाठ किया। कृष्ण हरि पचौरी ने लोकगीत मेरी बारी रे उमरिया ब्रजराज ने छली सहित कई गीत पढ़े। वरिष्ठ साहित्यकार नारायण कासट ने हिंदी के सम्मान में तुलसी के जागरण मंत्र सी मीठी लोरी सूर की सहित कई मुक्तक पढ़े। अंत में आभार ब्रजेश शर्मा ने व्यक्त किया।

शुगर मील श्रमिकों के आंदोलन का आज सातवें वर्ष में प्रवेश

सीहोर 15 सितम्बर (नि.सं.)। जैसा कि सर्व विदित है कि वाघवाना प्रबंधन द्वारा पिछले 60 वर्षो से कार्यरत ऐतिहासिक शुगर उद्योग साल्वेंट प्लांट और 5000एकड़ के गन्ना फार्मो को अवैधानिक रूप से बंद कर दिया गया है। इस तालाबंदी का म.प्र. शासन (श्रम विभाग) और श्रम न्यायालय व औद्योगिक न्यायालयों ने भी अवैध घोषित करते हुये सभी श्रमिकों का ेपूर्ण वेतन के भुगतान करने के आदेश मार्च 2002 और मार्च 2003 में कर रखे है। आदेशों का पालन करने पर श्रम न्यायालय क्रमांक 02 से योगेश वाधवाना, किरण वाधवाना और यतिन वाधवाना के जमानती गिरफ्तारी वारंट अक्टूबर 2002 से निकाले गये है जिनका पालन आज दिनांक तक पुलिस द्वारा नहीं कराया जा सका है।
इस बीच जिला स्तर से लेकर राज्य और केन्द्र स्तर तक के अधिकारियों और राजनेताओं सभी से सैकड़ों बार पुकार लगा चुके हैं किन्तु नतीजा शून्य है। वाधवाना बन्धुओं का शिकंजा प्रशासन, म.प्र. शासन और दोनों प्रमुख पार्टियों के नेतागण पर इतना मजबूत है कि वह वाधवाना बंधुओं के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही भी नहीं कर सकते।
वर्ष 2003 में चुनाव से पहले वर्तमान क्षेत्रीय विधायक ने भी वादा किया था और दावा किया था कि भाजपा सरकार ही शुगर फैक्ट्री चालू करायेगी, किन्तु चुनाव जीतने और स्पष्ट बहुमत से सरकार बन जाने पर वह भी अपना वायदा पिछले पांच साल भूल चुके हैं।
11 सितम्बर को माननीय मुख्यमंत्री के सीहोर आगमन पर मजदूरों के साथ-साथ सीहोर की जनता एवं किसानों को बड़ी आशा थी कि इस विषय पर मुख्यमंत्री जी कुछ अवश्य घोषणा करेंगे, किन्तु उसी दिन से बराबर वाधवाना बंधु-कंपनी की चल अचल सम्पत्तियों को खुर्द-बुर्द एवं हेरा-फेरी कर रहे है। पिछले 6 वर्षो में 41 श्रमिकों की मौत हो चुकी है और सभी श्रमिकगण आर्थिक संकटों से जूझ रहे है।
आश्चर्य की बात है कि वाधवाना ने 150 करोड़ का गबन कर रखा है किन्तु जिला प्रशासन म.प्र. शासन एवं केन्द्रीय शासन व जवाबदार अधिकारी इन पर कोई कार्यवाही करने को तैयार नहीं है। सभी पार्टियां तथा सरकारें उद्योगपतियों के हाथों का खिलौना बनी हुई है।

Monday, September 15, 2008

अनन्त चतुर्दशी का उत्साह : चुनावी वर्ष में भी स्वागत मंच कम बने 50 पैसे पोहा-चाय के साथ फ्री बंटी नुक्ती

सीहोर 14 सितम्बर (नि.सं.)। अनंत चतुर्दशी चल समारोह का उत्साह यहाँ रात 11 बजे तक बहुत कुछ जम गया है। इस बार फिर चुनावों को लेकर उत्साह है। इस बार उत्साह में कमी के चलते स्वागत मंच कम बने। कोतवाली चौराहे पर देर रात दो अखाड़े आ चुके हैं। सबसे पहले शाखा बजरंग अखाड़े ने कुछ ऐसा रंग जमा दिया है कि रात अनंत चतुर्दशी का उत्साह छा चुका है। रात भर जनता यहाँ डॉ. मुखर्जी मार्ग मेन रोड पर डटी और जमी रहेगी। अर्धरात्रि में झांकियों का प्रवेश कोतवाली चौराहे से होगा। नगर पालिका का मंच अपने यथास्थान पर पूरे तामझाम के साथ बन चुका है। पुलिस की माकूल व्यवस्था दिख रही है।
इस वर्ष एक बार फिर वही चुनावी माहौल सामने आ गया है जब कई लोग मंच बनाते हैं। लेकिन प्रशासन की साजिश ने एक बार फिर हिन्दु त्यौहारों में कुठाराघात करने का प्रयास किया है। जानकारों का कहना है कि कुछ संगठनों को मंच बनाने के लिये स्वीकृति देने में आनाकानी की गई है। स्वागत मंच बनाने वालों को मंच नहीं बनाने देने की बात पहली बार सामने आई है।
इस मामले में एक संगठन ने तो विज्ञप्ति भी जारी की है। इस प्रकार स्वागत मंच बनाने की स्वीकृति नहीं देने के पीछे आखिर क्या कारण है यह समझ से परे है। इस बार स्वागत मंच कुछ कम बने हैं। रात 9 बजे तक कोतवाली चौराहा हिन्दु उत्सव समिति, बड़ा बाजार में बजरंग दल और सीहोर टाकीज चौराहा पर नगर पालिका परिषद सीहोर का मंच बन चुका है। इसके अलावा भी 4 मंच बने हुए हैं। कुछ नेताओं के मंच बनने की अपेक्षा इस बार की जा रही थी लेकिन ऐसे मंच कम ही नजर आये हैं। इसके पीछे क्या कारण यह समझ नहीं आया। संभवत: शासन की स्वीकृति देने में आनाकानी वाली बात भी हो सकती है।
देर रात 10.30 बजे यहाँ खजांची लाईन तिराहे छावनी पर जनता क्लब के गणेश मण्डप पर 50 पैसे में पोहा और 50 पैसे में ही चाय की व्यवस्था ने जनता को कुछ बांध सा लिया है। यहाँ पोहा और चाय की पर्याप्त व्यवस्था की गई जो 50 पैसे की नाम मात्र के शुल्क पर जनता को खिलाया और पिलाया जा रहा है।
अमर योति क्लब पं. गजाधर जोशी मार्ग चरखा लाईन छावनी सीहोर तिराहे पर क्लब का मंच बन चुका है, जिसकी मजबूती की जांच-परख कई-कई बार अनेक लोगों ने चढ़कर कर ली है ताकि मंच रातभर टिका रहे और इस पर कितने ही वजनदार लोग भले चढ़ जायें लेकिन यह डगमगाये नहीं। यहाँ सवा क्विंटल की नुक्ति का भोग देर रात 10 बजे के करीब गणेश जी महाराज को चढ़ाया गया इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों से आई जनता के लिये नुक्ति का प्रसाद रात तक बांटा जायेगा। उधर गाँधी मार्ग पर इस बार आलसी क्लब का उत्साह कुछ कम होने के कारण यहाँ जो पिछले कुछ वर्षों से पुड़ी-सब्जी मिल रही थी वह इस बार नहीं बांटी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की जनता रात 8-9 बजे बाद से ही मेन रोड पर घूमती-फिरती नजर आने लगी है।



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गणेश विसर्जन जुलूस धूमधाम से निकला

आष्टा 14 सितम्बर (नि.सं.)। परम्परा अनुसार हिन्दु उत्सव समिति आष्टा के नेतृत्व में आज दोपहर में परदेशी पुरा से नगर के विभिन्न गणेश मंडलों के भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस निकला। जो नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ पार्वती नदी पहुँचा। विधि विधान के साथ भगवान श्री गणेश पार्वती नदी में विसर्जन किया गया। जुलूस में हिन्दु उत्सव समिति के अध्यक्ष उमेश शर्मा, विरेन्द्र देशलहरा, घनश्याम खत्री, राजू जायसवाल, राधेश्याम सोनी सहित अनेकों पदाधिकारी व्यवस्थाओं में लगे रहे। जुलूस में विभिन्न मण्डलों के कार्यकर्ता रंग-गुलाल उड़ाते हुए चल रहे थे।
उक्त रंग-गुलाल को कार्यकर्ताओं ने जुलूस में उड़ाने के साथ-साथ मार्ग पर जो घर दिखे घरों पर भी आज गुलाल फेंकी गई जिससे नागरिकों ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए गंज में काफी खरी-खोटी सुनाई।
गंज में पड़ने वाले धार्मिक स्थल महावीर भवन को भी इन लोगों ने नहीं छोड़ा यहाँ भी गुलाल फेंकी गई वहीं आज जुलूस में पूर्णत: पुलिस व्यवस्था नदारत रही। बाद में पुलिस व्यवस्था दिखी। श्री गणेश विसर्जन जुलूस परदेशी पुरा से बुधवारा, गल चौराहा, चार बत्ती चौराहा, गाँधी चौक, बड़ा बाजार, सब्जी मण्डी होता हुआ पार्वती नदी पहुँचा।
रात्री में समाचार लिखे जाने तक चलित झांकियों का एवं गणेश झांकियों का चल समारोह शुरु होने की तैयारी में नजर आ रहा था।


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उत्साह के साथ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन

सीहोर 14 सितम्बर (नि.सं.)। अनंत चतुर्दशी पर्व पर प्रतिमा विसर्जन को लेकर आज उत्साह दोपहर बाद से ही शुरु हो गया था जो देर रात तक चलता रहा। आज विभिन्न उत्सव समितियों व परिवारों ने सीवन नदी घांट पर पहुँचकर आरती पूजन कर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। नगर पालिका द्वारा घांटों की सफाई दो दिन पूर्व ही कर दी थी। इस बार विद्युत व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में की गई थी। नदी के अंदर टयूब पर तैर रहे अनेक लड़कों ने आज प्रतिमाओं को बीच नदी में ले जाकर छोड़ने का कार्य भी किया।

कोई आटो, कोई सिर पर तो कोई लाया मोटर साईकिल -कार पर

गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ के जयघोषों के साथ आज दोपहर से ही गणेश उत्सव समितियों के कार्यकर्ताओं ने जुलूस की तैयारियाँ प्रारंभ कर दी थी।

समिति कार्यकर्ता उत्साह पूर्वक गणेश जी को वाहन, ठेले, बैलगाड़ी, ट्रेक्टर-ट्राली पर बैठाकर नदी ले जा रहे थे। कुछ लोग माथे पर भी लेकर चल रहे थे। कुछ लोग दो पहिया वाहन स्कूटर, मोटर साईकिल कुछ आटो तो कुछ साईकिल पर गणेश जी का विसर्जन करने आये। आज विसर्जन के दौरान अनेक मंडपों पर बकायदा हवन पूजन हुआ। कई मण्डपों के बड़े जुलूस निकले जिन्होने बकायदा डीजे के साथ जुलूस निकाला।

हमें दे दो गणेश जी

इस बार भी नदी घांट पर गंगा आश्रम मांझी मोहल्ले के अनेकानेक किशोर बालक टायर के कुछ बड़े टयूब लेकर आये हुए थे और शाम से नदी में तैर रहे थे। एक पटिया उस पर रखकर बैठे हुए तैर रहे थे। यहाँ घांट पर जो भी प्रतिमा विसर्जन करने के लिये आता था उससे यह प्रतिमा मांग लेते थे। लाओ दे दो हमें...कहकर यह प्रतिमा लेने की होड क़रते थे फिर कुछ रुपये में तय करके प्रतिमा लेते और बकायदा उसकी प्रतिमा को हाथ में पकड़कर वह बीच नदी में ले जाते और धीरे से धारा में प्रवाहित कर देते।

यूँ उछल रही थी मानो कोई

और सामान हो...

आज महिला घांट पर देखने में आया कि छोटी प्रतिमाएं घांट पर खड़े होकर भक्तजन उछाल-उछाल कर नदी में प्रवाहित कर रहे थे। इन्हे समझाने वाला कोई हिन्दु नेता या धार्मिक व्यक्ति यहाँ नहीं मिल सका। जितनी प्रतिमाएं जल प्रवाहित नहीं की गई उससे यादा प्रतिमाएं यहाँ उछालकर नदी के बीच में फेंकी गई। एक को दूसरे भी इस नकल को बिना बिचारे करते रहे।

इस वर्ष पुलिस ने अच्छी चाक चौबंद व्यवस्था कर दी थी। नदी घांट से लेकर हर प्रमुख चौराहों पर पुलिस तैनात थी जिससे व्यवस्था बनी हुई थी फिर भी प्रमुख मार्गों पर बीच में यातायात रुक रहा था ।

एक मण्डप वाले नाचे दे दे चुम्मा और बिल्लो रानी के गानों पर

आज छावनी के एक मण्डप के युवा बालक डीजे साउण्ड से निकल रहे जुम्मा चुम्मा दे दे चुम्मा तथा बिल्लो रानी वाले फिल्मी गानों पर खूब नाचे। पूरे विसर्जन जुलूस में इस अनुभवहीन डीजे वाले ने ऐसे ही फूहड़ फिल्मी गाने बजाये और बालक नाचते रहे। हालांकि इस जुलूस में कुछ समाज के वरिष्ठ लोग भी शामिल थे लेकिन उनका इन फूहड़ गानों की तरफ ध्यान नहीं था।

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नारियल के गोले से बनाई सुन्दर आकृतियॉ

सीहोर 14 सितंबर (नि.सं.)। पर्वाधिराज पयूर्षण पर्व के उपलक्ष्य में दिगम्बर जैन मंदिर छावनी में भक्ति महिला मंडल द्वारा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता मे 22 प्रविष्टियॉ प्राप्त हुई। प्रतियोगियों द्वारा बनाई गई सभी आकृतियॉ सराहनीय थी। सभी विभिन्न तरीकों से सुन्दर कलाकृतियॉ बनाई थी। प्रतियोगिता में प्रथम पुरूरूकार श्रीमति श्वेता-प्रवीण,द्वितीय पुरूस्कार श्रीश्वेता-पिन्टू जैन, एवं तृतीय पुरूस्कार श्रीमति ऋतु जैन ने प्राप्त किया। निर्णायक मंडला को कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.वी.सी. जैन, व्याख्यात डॉ.श्रीमति सुनिता जैन एवं विदुषी श्रीमति चंपा पंचरत्न थी 5 से 7 साल तक के बच्चों की एक मिनिट प्रतियोगिता में प्रखर जैन प्रथम एवं अमन जैन,पीयूष जैन एवं गरिमा जैन द्वितीय स्थान पर रहे। 8 से 12 वर्ष तक की एक मिनिट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर अक्षिता जैन एवं अंशुका तथा द्वितीय स्थान पर कुं.नेन्सी जैन एवं शालू जैन रही। मिलन महिला मंडल द्वारा आयोजित रांगोली प्रति. में कुं.सलोनी जैन प्रथम,कुमारी विनीता जैन द्वितीय तथा श्रीमति श्वेता जैन तृतीय स्थान पर रही। अंत में प्रति. को संम्पन्न कराने में सहयोग के लिये डा.नीलम जी जैन ने सभी का आभार माना।

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आज अंतिम यात्रा

सीहोर 14 सितं. (नि.सं.)। प्रतिष्ठित व्यवसायी श्री रामेश्वर प्रसाद जायसवाल का रविवार 14 सितम्बर को निधन हो गया है। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे। आपकी अंतिम यात्रा कल सोमवार को प्रात: 11 बजे निज निवास स्थान गंगा आश्रम से निकलेगी। आप प्रतिष्ठित व्यवसायी ओंकार प्रसाद जायसवाल के भाई, राजेन्द्र, संजय जायसवाल के पिता जी थे। 70 वर्षीय श्री रामेश्वर प्रसाद जायसवाल का इलाज के दौरान भोपाल के एक निजि अस्पताल में निधन हो गया।

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अनन्त चतुर्दशी जुलूस की छेड़ करने में लगा रहा प्रशासन

सीहोर 14 सितम्बर (नि.सं.)। अनंत चतुर्दशी का जुलूस हो या फिर सीहोर में मनने वाली दो दिवसीय होली का त्यौहार हर उत्सव की छेड़ करने और उसे किसी भी कम करने, खत्म करने की साजिश स्थानीय प्रशासन हर वक्त करता नजर आता है। कुछ ऐसी ही बात इस बार भी देखने को मिली है। जानकारों का कहना है कि इस गिनती की झांकियाँ निकल रही हैं, उत्साह वैसे ही कम है, मंहगाई की मार है, इस पर भी बिजली विभाग की धमकियाँ पर धमकियाँ मिल रही हैं।
इसके बाद पुलिस ने अपना रोल गुपचुप रुप से दिखा दिया है। हर झांकी वाले को जाकर कह आये हैं कि झांकी जल्दी लेकर आना पड़ेगी जल्दी जुलूस निकालना वरना बाद में नहीं आने दी जायेगी। ऐसी छेड़ करने की आदत अब पुलिस की बन ही चुकी है। इधर सारे अखाड़े वालों को जबरन परेशान किया जा चुका है कि जल्दी से जल्दी निकालना। हालांकि यह बात सही है कि हर बार अखाड़ों के कारण झांकी प्रभावित होती हैं और सूर्योदय हो जाने के बाद तक आती रहती हैं इसलिये झांकी जल्दी निकलना चाहिये लेकिन प्रशासन की छेड़ का अंदाज कुछ अलग ही होता है।
हर बार की तरह ही इस बार भी अनंत चतुर्दशी झांकी व अखाड़ा चल समारोह को लेकर प्रशासन की नाराजी के खिलाफ कोई हिन्दु संगठन सामने आने को तैयार नहीं है।


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