Friday, August 22, 2008

श्राईन बोर्ड की जमीन वापस दो


सीहोर 21 अगस्त। आज विश्व हिन्दु परिषद व बजरंग दल ने अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार कलेक्टर कार्यालय के समक्ष गिरफ्तारी दी। बहुत बड़ी संख्या में आज बजरंगी एकत्र हो गये थे। दोपहर 1 बजे तक कलेक्ट्रेट के समक्ष यह पहुँचे। यहाँ विहिप प्रमुख अजीत शुक्ला, संतगण ने संबोधित किया। पुलिस ने गिरफ्तारी की। जिसमें नगरीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचलों से आये बजरंग दल विहिप के कार्यकर्ताओं ने श्राईन बोर्ड अमरनाथ धाम के पास की जमीन देने की मांग करते हुए अपनी गिरफ्तारी दी। विहिप कार्यकर्ताओं ने यहाँ जोरदार नारे भी लगाये। आभार व्यक्त करने वालों में अनिल पालीवाल, शिवरतन पुरोहित, दिग्विजय सिंह यादव, विहिप विभाग मंत्री अजीत शुक्ला, अध्यक्ष अतुल राठौर, हि.उ.स. अध्यक्ष सतीश राठौर, जिला संयोजक जगदीश कुशवाह, मनोज आर्य, हनी शुक्ला, राजेन्द्र सिंह ठाकुर, सुनील बगवैया, माधव बैरागी, जमना मीना, मनोहर यादव, दुर्गा प्रसाद परमार, मांगीलाल ज्ञान सिंह, हुकुम पटेल, राम बाबू, कन्हैया, शंकर ठाकुर सहित जिले भर के सहयोगियों का आभार व्यकत किया।

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हत्या के आरोपीगण को आजन्म कारावास एवं अर्थदण्ड

सीहोर 21 अगस्त (नि.सं.)। विद्वान सत्र न्यायाधीश, ए.एच.एस. पटेल ने थाना मंडी सीहोर के अपराध क्रमांक-1152007 के आधार पर बने सत्र परीक्षण क्रमांक 992007 में ग्राम जमोनिया, थाना मंडी निवासी आरोपी शिवप्रसाद मेवाडा पुत्र छतर सिंह एवं उसकी माता श्रीमति रामकली बाई पत्नी छतरसिंह को ग्राम जमोनियां में दिनांक 26-4-07 को धनराज पुत्र अमरसिंह की चाकू से मारपीट करने के परिणाम स्वरूप हुई हत्या का दोषी सिद्ध पाकर आजन्म कारावास का दंड एवं दोनों पर दो-दो हजार रुपये अर्थदण्ड का निर्णय सुनाया।
अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुये लोक अभियोजक ओमप्रकाश मिश्रा के अनुसार दिनांक 26-4-07 को सुबह करीबन 7 बजे मृतक धनराज का भाई जयराम अपने खेत पर निंदाई के लिये मजदूर लेने गया था तब श्रीकिशन खाती के घर के पास हल्ला सुनकर दोड़कर पहुंचने पर उसने देखा कि उसके भाई धनराज को आरोपी रामकलीबाई ने पकडा था और आरोपी मुकेश लाठी से तथा शिवमेवाड़ा चाकू से मारपीट कर रहे थे। अस्पताल सीहोर लाये जाने पर धनराज की मृत्यु हो गयी। जयराम की सूचना पर से देहाती नालिसी लेखकर मर्ग कायम किया गया व जांच के पश्चात अभियोजन के अपराध की कायमी की गयी। अभियोजन की ओर से 14 एवं बचाव पक्ष की ओर से 4 साक्षीगण के कथन कराये गये।
विद्वान सत्र न्यायाधीश एच.एस. पटेल ने अपने 22 पृष्ठीय निर्णय में साक्ष्य का समुचित मूल्यांकन करते हुये व दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनने पश्चात अभियुक्त रामकली बाई को धारा 30234 भादवि तथा शिवप्रसाद मेवाड़ा को धारा 302 भादवि का दोषी सिद्ध पाकर उन्हें आजन्म कारावास की सजा तथा प्रत्येक अभियुक्त पर 2000-2000- रुपये का अर्थदण्ड का फैसला सुनाया।
आरोपी मुकेश मेवाड़ा को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया अभियाजन की। ओर से पैरवी लोक अभियोजक ओ.पी. मिश्रा ने की।


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चोरों ने पान की दुकान का पीछा पकड़ा

आष्टा 21 अगस्त (नि.सं.)। अज्ञात चोरों ने आष्टा नगर की नये बस स्टेण्ड पर रखी पान की एक दुकान का जो गुमठी है का ऐसा पीछा पकड़ा की 8 दिन में उसकी दुकान में चोरों ने 2 बार हाथ साफ कर लगभग 2 से 3 हजार रुपये का पान का सामान नगदी रेजगी आदि ले गये। बस स्टेण्ड पर स्थित गुलशन पान भंडार जिसे अनवर बेग संचालित करते हैं। यहां 14 अगस्त की रात्रि चोरों ने ताला तोड़कर लगभग 2 हजार का सामान व नगदी ले गये। इसके बाद कल रात्रि में लगभग 2 बजे पुन: चोरों ने गुमठी दुकान की सांकल तोड़कर रखे नगदी रुपये निकाले। इसके पूर्व भी नये बस स्टेण्ड की अन्य पान दुकानों के ताले तोड़कर अज्ञात चोरों ने सामान पर हाथ साफ किया। स्मरण रहे नये बस स्टेण्ड पर 24 घंटे पुलिस तैनात रहती है फिर भी चोर अपना कमाल दिखा जाते हैं।

झण्डा ऊँचा रहे हमारा


सीहोर 21 अगस्त (नि.सं.)। ओलम्पिक इतिहास में पहली बार भारत के वीर सपूतों के शानदार प्रदर्शन से खुश होकर नगर के खेल प्रेमियों ने आज एक विजयी उत्साह का जुलूस निकाला। ढोल-ढमाकों के साथ भारत का तिरंगा लहराते हुए खेल प्रेमी इस जुलूस में शामिल हुए। कार्यक्रम का आव्हान बसंत दासवानी जिला ओलम्पिक संघ, सतीश राठौर हिन्दु उत्सव समिति, अतुल राठौर काका संरक्षक कुश्ती संघ, पप्पु धाड़ी कुश्ती संघ, राजाराम पहलवान बड़े भैया, महेन्द्र सिंह अरोरा मिंदी क्रिकेट संघ, अजय सिंह चंगी सचिव कुश्ती संघ, मनोज कन्नौजिया फुटबाल संघ, पापा मियां, जलील अहमद चौधरी, अजय बिसोरिया, ओमी पहलवान, राजू पहलवान, जमशेद पहलवान, प्यारे पहलवान, गब्बर पह., गंगा पहलवान, शंकर प्रजापति सम्राट, गणेश चौरसिया, रविन्द्र चौहान, डॉ. अनीस खान आदि शामिल थे। जुलूस में बड़ी संख्या में आवासीय विद्यालय के छात्र भी मौजूद थे।



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19 दावेदारों ने एकता दिखाई स्थानीय उम्मीदवार का प्रस्ताव पास किया

आष्टा 21 (सुशील संचेती) आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए कांग्रेस ही संकट का कारण बन सकता है इसका प्रमुख कारण यह है कि कांग्रेस में जो दावेदारों से आवेदन मांगे वो आवेदन करने वाले जिनकी चुनाव लड़ने के लिए आत्मा जा गई है आष्टा विधानसभा से अब कांग्रेस में स्थानीय का मुद्दा जोर पकड़ता जा रहा है ।
जब स्थानीय दावेदारों ने देखा की आष्टा के लिए अनेको दावेदारों ने आवेदन देकर ऊपर जोड-तोड प्रयास सम्पर्क शुरु कर दिये है तथा वे दावेदार स्थानीय नेताओं से भी सतत सम्पर्क में है तो स्थानीय दावेदारों ने एक एकता सम्मेलन होटल सन्तुष्टी पर उन दावेदारों को चिन्ता में डाल दिया है जो बाहरी है और आष्टा से टिकिट पाकर चुनाव लड़ना चाहते है।
गत दिवस आष्टा से जिन स्थानीय उम्मीदवारों ने कांग्रेस में आवेदन देकर अपनी उम्मीदवारी जताई है उन्होंने एक बैठक आहुत की बैठक में लगभग 19 दावेदार उपस्थित थे तथा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया की केवल स्थानीय उम्मीदवार ही स्वीकार करेंगे चाहे किसी को भी टिकिट दे वही यह भी प्रस्ताव पास किया गया कि उक्त भावना से प्रदेश एवं जिला कांग्रेस को भी अवगत कराया जाये।
प्रेस को भेजी विज्ञप्ति में बैठक में उपस्थित दावेदारों के हस्ताक्षर है जो दावेदार बेठक में उपस्थित थे उनके नाम बाबूलाल मालवीय, गोपाल इंजिनियर, घनश्याम जांगडा, एच.आर. परमाल, बंशीलाल धनवाल, सेवालाल सोलंकी, श्रीमति रेशम बाई सोलंकी, जगदीश चौहान, श्रीमति रम्बा धनवाल, श्रीमति सुमित्रा परमाल, दिलीप मालवीय, दिनेश सिलोरिया, मखमल सिंह डूमाने, मेहरबान सिंह, रामप्रसाद बरोदिया, फूलसिंह मालवीय, दयाराम मालवीय एवं माखन सिंह मालवीय उक्त स्थानीय दावेदारों की एकता ने उन बाहरी उम्मीदवारों को चिन्ता में डाल दिया है जो आष्टा से टिकिट के दावेदार बने हुए है।

अंधे कत्ल का पर्दाफाश

सीहोर 21 अगस्त (नि.सं.) । थाना बिलकिसगंज क्षेत्रान्तर्गत ग्राम वीरपुर में पूर्व सांसद गुफरान ऐ आजम की स्ओन के्रशर पर दिनांक 10.08.08 को उनके यहां बटाई पर काम करने वाले आदिवासी तेरसिंह आ. उयसिंह की किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या कर दिये जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक डा. राजेन्द्र प्रसाद एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जे.एस. राजपूत द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण किया था तथा गहन विवेचना के निर्देश थाना प्रभारी बिलकिसगंज को दिये थे। थाना प्रभारी द्वारा अपनी टीम के साथ अत्यंत सूक्ष्मता से एवं घटना के सभी तथ्यों पर विवेचना कर घटना के आरोपी राजू आ. पतिराम गौंड 25 साल निवासी दमुआ जिला छिन्दवाड़ा से गिरफ्तार किया, गिरफ्तारी के बाद आरोपी द्वारा अपना जुर्म स्वीकार किया एवं बताया कि मृतक शराब पीकर उसे आये दिन गालअ बकता था।
घटना की रात को भी जब आरोपी अपने लिये शराब खरीदने जा रहा था तभी मृतक उसे मिला और गाली बकने लगा। इसी बात पर आरोपी द्वारा करीब 5 किलो बजनी पत्थर मृतक तेजसिंह के सिर पर मार दिया जिस कारण उसकी तत्काल मृत्यु हो गई। बाद में आरोपी द्वारा अपने खून से सने कपड़े घर के पीछे छिपा दिये थे जिन्हें जप्त कर लिया गया है।
सम्पूर्ण विवेचना पुलिस अधीक्षक सीहोर डा. राजेन्द्र प्रसाद के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी द्वारा की गई एवं सउनि. टी.पी. मेहरा तथा स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही। गिरफ्तार अभियुक्त राजू को माननीय न्यायालय द्वारा न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया हैं।


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इल्लियों का आतंक : तीन बार कीटनाशक छिड़कने के बाद भी इल्ली जिन्दा है......?

जावर 21 अगस्त (नि.प्र.) सोयाबीन फसल पर इल्ली का प्रकोप जारी रहने से क्षेत्र का कृषक वर्ग चिन्तित होने लगा है किसानों के अनुसार सोयाबीन फसल बुवाई के बाद से खेतों में दो से तीन बार दवाई का स्प्रे किया जा चुका है इसके बावजूद इल्ली का प्रकोप कम नहीं हो रहा है इल्ली मारने के लिए अभी भी किशान खेतों में कीटनाशक दवाई का छिड़काव कर रहे है। जीवापुर मउड़िया के कृषक मांगीलाल ने बताया कि इल्ली सोयाबीन की फसल को लगातार नुकसान पहुंचा रही है। हमने सोयाबीन बुवाई के बाद से अभी तक फसल में तीन बार कीटनाशक दवाई का उपयोग कर चुके है लेकिन इल्ली है कि मरने को तैयार नहीं है। खजूरिया के किसान राजेन्द्र सिंह का कहना है कि इस समय सोयाबीन फसल में इल्ली का भयंकर रूप से प्रकोप है इल्लियां लगातार फसल को नुकसान पहुंचा रही है लेकिन इसके बावजूद कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारी कभी गांव में जाकर किसानों को उचित सलाह देना ठीक नहीं समझते किसान अपने हिसाब से कीटनाशक दवाई खरीद कर छिड़काव कर देते है। कृषक कमलसिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह हुई एक दिन की तेज बारिश से कुछ इल्लियां मर गई थी लेकिन अब फिर सोयाबीन फसल पर बारीक गार्डल बीटल इल्ली दिखाई देने लगी है जो लगातार सोयाबीन फसल को नुकसान पहुंचा रही है। क्षेत्र के कई किसान अभी भी इल्ली मारने के लिए खेतों में कीटनाशक दवाई का स्प्रे करते दिखाई दे रहे है।

सम्प्रदायों के कुंओं से निकाल धर्म को विराट सागर का रूप देना चाहिये

आष्टा 21 अगस्त (नि.प्र.)भारत की पावन भूमि पर प्रेम के मंदिर, प्यारे के गिरजाघर, और मोहब्बत की मस्जिद हो। धर्म को तालाब डबरा बनाने की बजाए उसे सरिता के प्रवाह का रूप देना चाहिए। कूप मंडूक बनाने की बजाए उसे संप्रदायों के कुंओं से निकालकर धर्म को विराट सागर का रूप देना चाहिए।
उक्त उद्गार श्री दिगम्बर जैन मुनि जो की चातुर्मास हेतु अमलाह में विराजित है वहां धर्मसभा में प्रवचन के दौरान कहे। महाराज जी ने कहा कि धर्म केवल तर्कबाजी करने के लिए नहीं है बल्कि कषाय मुक्ति और जीवन शुद्धि के लिए इसका उपयोग किया जा सके ऐसा पुण्यमय पथधर्म है। मुनि श्री ने कहा कि इस भारत की मातृभूमि पर एक दो नहीं अपितु अनेक धर्म है और उन धर्मो की व्यवस्थाएं व मान्यताएं मानवीय हितों से जुड़ी हुई है। समय-समय पर भले ही धर्मो में रूप बदलते रहे लेकिन इसके बावजूद धर्म जीवन को सुख और शांति प्रदान करने में मददगार रहता है। मुनि श्री ने उदाहरण दिया की रंग-खुशबू और आकार में अंतर होने के बाद भी हम गुलाब चम्पा चमेली व प्रत्येक फूलों को फूल ही कहते है धर्म का अर्थ हरप्राणी से प्रेम हो उसका ऐसा आचरण हो जिससे अपना और दूसरों का भला हो। प्रत्येक धर्म में लिखा है कि गलती होने पर क्षमा मांगे और दूसरों की गलतियों को माफ करें। करुणा, सत्य, संयम, सेवा और सदाचार से जुड़े रहना चाहिये। उन्होंने उदाहरण दिया की गाय, सफेद काली, लाल, भूरी आदि रंग की होने के बाद भी वो दूध सफेद ही देती है। इसी प्रकार व्यक्ति को धर्म के प्रति भाव रखना चाहिये प्रत्येक धर्म में मानवता ही बताई है धर्म भले ही अलग हो लेकिन सभी धर्मो का एक ही सार है सभी धर्मो के नाम अलग है लेकिन इनमें पाने वाली मंजिल एक ही है।

श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव प्रारंभ, चल समारोह निकला

सीहोर 21 अगस्त (नि.सं.)। रामानुज मण्डल के तत्वाधान में आज से श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव की शुरुआत हो गई। कार्यक्रम में मुख्य यजमान विधायक रमेश सक्सेना हैं। आज श्रीमद भागवत महारानी की आकर्षक शोभायात्रा छावनी के मुख्य बाजार से निकली जिसमें रामानुज सम्प्रदाय से जुड़े भक्तजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यजमान रमेश सक्सेना श्रीमद् भागवत जी अपने सिर पर रखकर व चाची श्रीमति उषा सक्सेना मंगल कलश लेकर चल रही थीं। जुलूस का कुछ स्थानों पुष्पवर्षा से स्वागत भी हुआ। आज चल समारोह में देरी हो जाने से पहले दिन के प्रवचन देरी से शुरु हुए।
परम् पूय संत प्रवर 1008 श्री स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज वेदांताचार्य ने आज व्यासपीठ पर विराजित होकर अपनी ओजस्वी वाणी से कथामृत का रसास्वादन कराया। रामानुज सम्प्रदाय से जुड़ी महिलाएं आज बड़ी संख्या में यहाँ उपस्थित थीं। प्रतिदिन 27 अगस्त तक कथा दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। 24 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव व 25 को गोवर्धन पूजन इस दौरान होगा।

सिविल अस्पताल में उपस्थिति रजिस्टर के हाल बेहाल

आष्टा 21 अगस्त (नि.प्र.)आष्टा के सिविल अस्पताल के हाल-बेहाल है कहने को यहां की व्यवस्थाओं को देखने, समस्याओं के हल के लिए एवं विकास के लिए रोगी कल्याण समिति गठित है जिसकी अध्यक्ष एस.डी.एम. श्रीमति जी.व्ही. रश्मि है लेकिन एस.डी.एम. को भी यहां पर लगता है कोई नियंत्रण नहीं है फुरसत ने पाया कि आष्टा के सिविल अस्पताल में पदस्थ दो चिकित्सकों ने तो इसे अस्पताल ना मानकर धर्मशाला समझ रखा है वे कब आते है कब जाते है नहीं आने के बाद भी उपस्थिति रजिस्टर में जिस दिन आते है ।
पिछले शेष उन दिनों की भी उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज कर देते है रजिस्टर देखने पर स्पष्ट नजर आता है कि उसमें किस प्रकार उपस्थिति दर्ज करने के नाम पर काटा पीटी की जाती है एक संविदा डाक्टर जो कि इंदौर में रहते है रस्म अदायगी के लिए वे 2-4-6-8 दिन में कभी कभार आ जाते है वे जिस दिन नहीं आते है उपस्थिति रजिस्टर में उस दिन उनकी अनुपस्थिति लगाई जाती है लेकिन वे जिस दिन आते है उस अनुपस्थिति के स्थान पर काटा पीटी कर अनुपस्थित दिन की भी उपस्थिति दर्ज कर देते है इनका नाम है दंड चिकित्सक डाक्टर एस.के. माहोर ऐसे ही एक महिला चिकित्सक है श्रीमति अंजना सिंह उपस्थिति रजिस्टर में इनके नाम के आगे कई बार काटापीटी की गई है इससे स्पष्ट झलक रहा है कि इनने भी अनुपस्थित दिन की भी उपस्थिति दर्ज की है। इस माह में तो डा. एस.के. माहौर की सी.एल. चढ़ी है जबकि सूत्रों का कहना है कि संविदा डाक्टरों की सी.एल. का कोई प्रावधान नहीं है।
प्रतिक्रिया
इस सम्बंध में बी.एम.ओ. रामचन्द्र गुप्ता से जब उपस्थिति रजिस्टर के हाल-बेहाल अनुपस्थिति दिनों की काटापीटी कर उपस्थिति दर्ज करने पर जब पूछा तो उन्होंने बताया कि डॉ. अंजना सिंह के द्वारा बिना बताये हर कभी चले जाने की प्रक्रिया से एस.डी.एम. को अवगत कराया दिया है जब उनसे श्री माहौर के बारे में पूछा तो वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाये लेकिन उन्होंने रजिस्टर में काटा पीटी कर गलत कार्य किया गया हे स्वीकार किया है।

बाइक की टक्कर से दो घायल

सीहोर 21 अगस्त (नि.सं.) इछावर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीती रात बाइक की टक्कर लगने से एक विवाहिता सहित दो लोग घायल हो गये। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया हैं।
प्राप्त जानकारी अनुसार इछावर थाना क्षेत्र के ग्राम खुरपीपुरा निवासी दोलतसिंह खाती बुधवार की रात अपनी बहन सावित्री बाई को लेकर अस्पताल इछावर पैदल जा रहा था तभी गंजीबड़ तरफ से आ रहे बाइक क्रमांक एम.पी. 04 एन-जे-5707 के चालक ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर सावित्री बाई को पीछे से टक्कमर मारकर घायल कर दिया। एवं स्वत: भी घायल हो गया। घायलों को इलाज के लिये भर्ती कराया गया है।

लुटेरे की निशानदेही पर इंदौर से जीप बरामद

आष्टा 21 अगस्त (नि.प्र.)सरियों से भरे ट्रक लूट कांड में पकड़े तीन आरोपी जिनके तीनों के नाम राजेन्द्र है पुलिस ने न्यायालय से रिमांड पर लिया था लेकिन पूछताछ में पुलिस को और कोई सफलता नहीं मिली पूछताछ में केवल राजेन्द्र की निशानदेही पर इंदौर के एक मैकेनिक इदरीश के यहां से एक टबेरा जीप क्रमांक एच.आर. 36-0913 जरुर बरामद की है।
रिमांड अवधि खत्म होने पर इन्हें पुन: विद्वान न्यायाधीश श्रीमति विधि सक्सेना के न्यायालय में पेश किया यहां से इन सभी को जेल भज दिया गया। वही इस लूट कांड में नौ में से 3 को ही अभी तक पुलिस पकड़ने में सफल हुई है शेष 6 अभी भी फरार है।

Thursday, August 21, 2008

मुख्यमंत्री की अर्थी निकली, अंतिम संस्कार हुआ, पुलिस देखती रही...

सीहोर 20 अगस्त (नि.सं.)। रात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अर्थी सीहोर टाकीज चौराहा से प्रारंभ होकर कोतवाली चौराहा पर पहुँची जहाँ पुतले को डंडे से खूब मारा गया । अर्थी निकालने वाले युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने यहाँ हाय डम्फर-हाय डम्फर चिल्ला-चिल्लाकर रोना-पीटना मचा दिया। इसके साथ ही विधायक व मुख्यमंत्री के खिलाफ बहुत बुलंदगी के साथ नारे लगाये। इसके बाद अर्थी को अगि्दाह कर दिया गया। इतना ही नहीं युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता इसके बाद बकायदा नदी चौराहा पहुँचकर नहाकर ही वापस लौटे।
कांग्रेस नेता सेवादल प्रमुख और नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय को मध्य प्रदेश शासन द्वारा पदच्यूत किये जाने की घटना से यहाँ राय समर्थकों में खासा आक्रोश व्याप्त है। आज जहाँ राकेश राय ने इस संबंध में तीखे बयान पत्रकार वार्ता में दिये वहीं शाम युवक कांग्रेस और कांग्रेस पार्षदों की महत्वपूर्ण उपस्थिति में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक रैली निकाली। यहाँ बकायदा मुख्यमंत्री का पुतला बनाकर उनकी अर्थी सजाई गई। दो तख्ती मुख्यमंत्री के नाम की अर्थी के साथ लगाई गई। इसके बाद बकायदा अर्थी निकालते हुए कार्यकर्ता नारे बाजी करते हुए कोतवाली चौराहा पहुँचे। यहाँ आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने रोना-पीटना शुरु करते हुए हाय डम्फर-हाय डम्फर करना शुरु क र दिया। यहीं विधायक व मुख्यमंत्री जी के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। बोरिया बिस्तर बांध ले......, तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे यहाँ आक्रोशित कार्यकर्ताओं न लगाये।
यहाँ कोतवाली चौराहा पर पुलिस शांति से खड़ी रही और मुख्यमंत्री के पुतले पर लट्ठ बरसाये गये इसके बाद उनका अग्नि दाह कर दिया गया। अंतिम संस्कार की क्रिया करके कुछ कार्यकर्ता तो आक्रोश में नदी चौराहा जाकर कुछ पानी के छींटे भी अपने ऊपर डालकर नहाने की क्रिया पूरी कर आये।
जबकि सारे कार्यकर्ता पुन: सीहोर टाकीज चौराहे पर एकत्रित हुए और यहाँ बकायदा उन्होने एक शोक सभा आयोजित की तथा दो मिनिट तक मौन भी रखा गया।
आज कोतवाली चौराहा पार्षद मिंदी अरोरा ने यहाँ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के शासन में 13 मंत्रियों पर लोकायुक्त का शिकंजा कसा हुआ है यदि मुख्यमंत्री ईमानदारी का चोला ही पहने हुए हैं तो पहले अपने 13 मंत्रियों जिनके खिलाफ मामला दर्ज है उन्हे पहले हटायें। उसके बाद सीहोर विधायक रमेश सक्सेना जिन्होने किसानों को कागजों पर मारकर करोड़ो रुपये का बीमा घोटाला किया है, उन्हे हटायें। कांग्रेस के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जसपाल अरोरा हों या रुकमणी रोहिला उनके कार्यकाल में भी भेदभाव पूर्ण कार्य नहीं हुआ और वर्तमान में राकेश राय के कार्य भी भेदभाव रहित हो रहे हैं जिससे भाजपा सरकार बौखला रही है।


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उनके पैर क्या पढ़े...बरसात ही थम गई...(बैठे-ठाले)

सीहोर। एक नई कहावत है जहाँ-जहाँ पैर पढ़े संतन के...तहाँ-तहाँ बंटाधार...। यह कहावत आजकल बन बैठे आधुनिक संतों के लिये है, असल में आज संत मिलना मुश्किल है, लेकिन संत बनकर घूम रहे लोगों की कोई कमी भी नहीं है...किसी एक कला में पारंगत होते ही कुछ लोग स्वयं को संत सिध्द करने में उद्यत हो जाते हैं....यदि कोई व्यक्ति पंडित है... यदि कोई योतिषाचार्य है....कोई अंकशास्त्री है....कोई किसी देवता का सिध्द भक्त है....यदि कोई भागवत कथाकार है जिसके पास भक्तों की भीड़ लगी रहती हो...या कोई रामायण जी पर प्रवचन अच्छे देता है...अथवा कोई योगासन में पारंगत है....कोई प्रवचन अच्छे दे लेता है....तो क्या इन विधाओं के लोग संत जैसी विशिष्ट पदवी के मान लिये जायेंगे ? आज कल देखने में आ रहा है कि ऐसी विधाओं में पारंगत कई लोग स्वयं को संत सिध्द करने में जुट जाते है... और इस आढ़ में फिर वही रुपयों की भूख मिटाने का प्रयास करते नजर आते हैं....। इनके साथ ऐसे राजनेता और रुपये वाले शहद में मक्खी की तरह चिपक जाते हैं कि फिर वह स्वयं को इनका बड़ा भक्त सिध्द करने का प्रयास करते हैं....यह क्रम पूरे देश में ही नहीं बल्कि विश्व में देखने को मिल रहा है। इन राजनेताओं की अपनी गणित रहती है और रुपये वाले लोग रु पये के बाद 'यश' की कामना से ऐसे कथित संत या अन्य प्रकार के उस्तादों के आगे-पीछे नाचते नजर आते हैं।
इछावर से लेकर सीहोर तक के सैकड़ो बांस कटवाकर और सागौन की लकड़ियों को एकत्र करके गत वर्षों में जिस क थित संत ने अपना चौमासा धूमधाम से मना डाला था, आज वही संत फ्री घूम रहे हैं ? फ्री का मतलब फालतू हैं.... बरसात हो रही है तो होने दो इस बार यह चातुर्मास नहीं कर रहे ? गोया चातुर्मास नहीं हुआ उपवास हो गया कि एक बार कर लिया दूसरी बार नहीं करेंगे ?
आषाढ़ शुक्ल पक्ष एकादशी से कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी के बीच चार माह के समय को हिन्दु धर्मशास्त्र में चातुर्मास का समय बताया गया है। शास्त्रों में इस दौरान एक स्थान पर बैठकर चिंतन -मनन करने की बात कही गई है, तो विज्ञान भी इन चार महिनों में शारीरिक और मानसिक विकास की बात स्वीकार करते हुए सावधानियाँ बरतने की बात कहता है। एक कथा के अनुसार शंखचूर का वध करने के दौरान भगवान श्री हरि को थकान की अनुभूति हुई। थकान को दूर करने के लिये वे क्षीर सागर में अनंत शय्या पर जिस दिन गये, वो आषाढ़ शुक्ल पक्ष एकादशी था, उनके शयन पर जाने के दिन को देवशयनी एकादशी कहा गया वहाँ वे चार मास तक निंद्रा में रहे। उनका जागरण दिवस कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी है। न सिर्फ चातुर्मास से धार्मिकता जुड़ी है बल्कि वैज्ञानिकता भी जुड़ी है। रामायण के किष्किंधा कांड में श्रीराम ने सुग्रीव का राजतिलक करने के बाद कहा था कि चातुर्मास प्रारंभ होने वाला है । इस दौरान संत, राजा, व्यापारी और भिखारी अपनी यात्राओं को विराम देते हैं। चातुर्मास के लिये स्वयं भगवान श्रीराम भी एक स्थान पर रुक गये थे। माता सीता को खोजने के अतिमहत्वपूर्ण कार्य को भी मर्यादापुरुषोत्तम ने चातुर्मास में रोक दिया था।
ऐसे में आज के कथित संत चातुर्मास में वाहनों में घूमते नजर आते हैं। मुझे आश्चर्य होता है कि कल जो संत चातुर्मास कर रहे थे और बजाय शांति से चिंतन, मनन, अध्ययन करने के वह लाखों रुपये खर्च कर यज्ञ आहूतियाँ छुड़वा रहे थे, चढ़ावा स्वीकार कर रहे थे वही संत आज चातुर्मास अवधि में घूमते फिर रहे हैं, अपने भक्तों के पास पहुँचकर स्वागत-सत्कार करवा रहे हैं......।
राम जी भला करें...नदी चौराहे पर इछावर में हो रहे एक यज्ञ की समाप्ति के बाद बांसो का एक दरवाजा खड़ा हुआ था, जिसके संबंध में फुरसत में एक खबर छपी थी, उसके बाद इस बांसों के दरवाजे को जनता ने जाकर तोड़ दिया था और उसी रात महिने भर से रुकी हुई बरसात जिससे जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा था....घूमड़-घूमड़ कर बादल आये और खूब बरसात हुई। पिछले दिनों इछावर में एक बार फिर एक कथित संत के पैर पड़े और इधर जिले भर में बरसात रुक गई है। इछावर में संकल्प हुआ है कि आगामी कुछ वर्ष में फिर कोई महायज्ञ और कोई चातुर्मास आदि होगा....। जो भी हो लेकिन बरसात अभी रुकी हुई है....सहज कहने में आ रहा है कि उनके पैर क्या पड़े...बरसात ही थम गई।


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