Tuesday, August 12, 2008
पूरे जिले से मात्र 175 दे सके गिरफ्तारी, इजत बचाने के लिये 250 संख्या बता रहे भाजपाई
गिनती भाजपा नेताओं की उपस्थिति बाल बिहार मैदान पर थी। सिर्फ पदाधिकारी थे और उनमें कुछ पदाधिकारी नहीं आये जिनकी चर्चाएं थी। फोन करके कुछ बुलाने का प्रयास कर रहे थे। एक माईक के माध्यम से अमरनाथ के मुद्दे पर भाषण भी दिये गये। लेकिन सुनने वाले कुल मिलाकर 50 लोग भी सामने नजर नहीं आ रहे थे। गिरफ्तारी का आयोजन सम्पन्न हुआ तो और जो थे वो भी चले गये। बाद में पुलिस वालों को कई लोगों के नाम लिखाये जाते रहे लेकिन सोच समझकर और ढूंढ-ढूंढकर जितनों के भी नाम लिखाये जा सके उनकी संख्या 175 से 180 के बीच सिमट कर रह गई।
अब जब प्रदर्शन तो काफी फीका साबित हो चुका था लेकिन इसका तोड़ भाजपाईयों ने विज्ञप्ति के माध्यम से निकाल लिया। आज उन्होने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि 250 भाजपा कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी है, अब भाजपा वाले यह भी बता दें यह 75 लोग कहाँ से पैदा हो गये ? क्योंकि पुलिस रिकार्ड में 175 से 180 ही लोग दर्ज हैं। खैर जो भी आखिर भाजपा का शासन है तो कम से कम 250 लोगों के नाम तो होने की चाहिये।
हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।
भोले की निकली शाही पालकी शिवालयों में भक्तों की उमड़ी भीड़
आज सोमवार को रात्री में आष्टा नगर के ऐतिहासिक चमत्कारिक श्री गणेश मंदिर बड़ा बाजार से भगवान शिव की शादी पालकी निकली जिसमें बैण्ड, ढोल, डीजे सेट, भजन मंडली और सैकड़ो भक्त शामिल थे। भोले की शाही पालकी नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई देर रात को पार्वती किनारे स्थित शंकर मंदिर घांट पहुँची यहाँ पर भोलेनाथ की आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। आज श्रावण मास के अंतिम सोमवार को निकली शाही पालकी में सवार भगवान भोलेनाथ की पूरी नगर में भक्तों ने पूजन-आरती कर दर्शन किये एवं पालकी में शामिल भक्तों को स्वागत एवं फलहारी प्रसाद वितरण किया गया। बड़ा बाजार, बुधवारा, गल चौराहा, अदालत रोड, गाँधी चौक, सब्जी मंडी आदि स्थानों पर विभिन्न समाजों एवं संगठनों, सामाजिक संस्थाओं की और से प्रसाद वितरण किया गया। आज रात्री में निकली शाही पालकी में बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल थे। वहीं पुलिस बल भी तैनात किया गया था नगर पालिका ने इस अवसर पर सफाई प्रकाश आदि की व्यवस्था की।
पालकी में शामिल भक्तों का आष्टा नगर में लगभग 15 से 20 स्थानों पर प्रसाद वितरण किया गया तथा पालकी में नगर के नन्हे कलाकारों की भजन मण्डली साथ थी वहीं नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार पालकी में साथ चल रहे थे तथा भजन गायक भाजपा जिलाध्यक्ष ललित नागौरी, संतोष झंवर, राजू जायसवाल एवं तुलसी मानस मण्डल के सभी सदस्यगण एक अलग वाहन में भजन गाते हुए पालकी में चल रहे थे। शाही पालकी में टीआई अतीक अहमद खान, तहसीलदार बिहारी सिंह खुद व्यवस्था में लगे नजर आये।
हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।
Monday, August 11, 2008
सैकड़ो परीक्षार्थी ढूंढते रहे परीक्षा केन्द्र, फोटोग्राफरों के यहाँ भीड़ लगी रही, सैकड़ो परीक्षा नहीं दे पाये, मण्डल ने बला टाली
आज मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा आयोजित परीक्षाओं को लेकर पूरे जिले में सुबह से ही अभ्यार्थियों की अफरा-तफरी का माहौल देखने में आया। ऊपर से मेघ बरस रहे थे इन्द्र देवता परीक्षा ले रहे थे। जोरदार बारिश सीहोर में हो रही थी और ऐसे में ही परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्रों पर पहुँचना था। बरसते पानी में परीक्षाओं के आयोजन का यह प्रयास मण्डल ने किया था निश्चित ही कुछ सोच-समझकर किया होगा।
दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से लेकर दूसरी तहसीलों तक से अपने-अपने संसाधनों अथवा किराये वाहनों के माध्यम से किसी भी तरह परीक्षा केन्द्र तक पहुँचने का प्रयास करते अभ्यार्थियों का हुजूम नगर में सुबह नजर आ रहा था। हर तरफ सरपट दौड़ते वाहन नजर आये। बाहर से आये परीक्षार्थियों व उनके परिजनाें द्वारा संबंधित परीक्षा केन्द्रों का पता पूछने का क्रम जारी था। इस तरह दिन की शुरुआत हुई।
उधर परीक्षा केन्द्रों पर आज लगभग 50-60 प्रतिशत अभ्यार्थी चूंकि उनके पास असली रोल नम्बर नहीं आ पाये थे इसलिये अपनी व्यवस्था करते हुए वह इंटरनेट के माध्यम से अपने रोल नम्बर निकालकर ले गये थे। अब समस्या यह आई कि जिन अभ्यार्थियों के पास इंटरनेट के रोल नम्बर थे उन्हे अचानक एन वक्त पर परीक्षा केन्द्र वालों ने अमान्य कर दिय। सारे अभ्यार्थी स्तब्ध रह गये। तब उन्हे यह बताया कि रोल नम्बर पर यदि असली फोटो लगाया जायेगा तो उन्हे प्रवेश दिया जा सकता है।
एन परीक्षा चालू होने के कुछ मिनिट पहले इस नई समस्या से सारे अभ्यार्थी जूझने को मजबूर हो गये। मजबूरन वह ऊपर से बरसते पानी में सीहोर नगर में घूमते रहे कि कोई ऐसा फोटो ग्राफर मिल जाये जो उन्हे तत्काल फोटो खींच दे। ऐसे में कुछेक फोटो ग्राफरों ने अच्छी चांदी कमाई। दाम तो बढ़ाकर लिये ही बल्कि अनगिनत फोटो भी खींचे। फोटोग्राफरों के लिये आज व्यावसायिक परीक्षा मण्डल ने अच्छा व्यावसाय पैदा करने वाला सिध्द हुआ। लेकिन अभ्यार्थियों की जेब जबरन सुबह-सुबह खाली हो गई और उन्हे परेशान होना पड़ा।
हाँ उन बेचारे परीक्षार्थियों को तो आज काटो तो खून नहीं था। करे तो क्या करें और जायें तो कहाँ जाये। उनके प्रवेश पत्र नाम तो उन्ही का था लेकिन फोटो किसी दूसरे का। कल फुरसत ने भी इस संबंध में विस्तृत व सप्रमाणित समाचार प्रकाशित किया था जिसके अनुसार अनेकानेक रोल नम्बर तो ऐसे थे जिसमें युवक का नाम और युवती का फोटो तथा युवती का नाम और किसी युवक का फोटो चस्पा है। ऐसे रोल नम्बर लेकर जो अभ्यार्थी पहुँच रहे थे उन्हे परीक्षा हाल कैसे बैठाया जाये यह समस्या अंत तक हल नहीं की गई।
आज सीहोर में तो सुबह 9 बजे तक विद्युत ही नहीं थी, ऊपर से बरसाती मौसम के होने के कारण बादल घिरे हुए थे और सूर्य देवता के दर्शन दुर्लभ थे। ऐसे में लगभग सभी परीक्षा केन्द्रों पर अंधेरा छाया हुआ था। जहाँ अलग से विद्युत की व्यवस्था नहीं थीं वहाँ परीक्षा हाल में अंधेरा घुप्प था और मजबूर परीक्षार्थी ऐसी विषम स्थिति में भी परीक्षा देने को मजबूर थे।
व्यवसायिक परीक्षा मण्डल ने परीक्षा के लिये इतनी भारी-भरकम राशि वसूली है कि जितने अभ्यार्थी बैठे उससे कई लाख रुपये की कमाई बैठे ठाले कर ली गई। बेरोजगारों से रुपये कमाने का मध्य प्रदेश शासन का यह फंडा कभी किसी के समझ नहीं आयेगा।
यह तरीका ठीक वैसे ही जैसे कोई फर्जी कम्पनी किसी शहर में बेरोजगाराें को तरह-तरह के झांसे देती हैं और उनसे आवेदन आदि के नाम अच्छा रुपया बटोर लेती हैं। मध्य प्रदेश व्यवासयिक परीक्षा मण्डल की अव्यवस्थित परीक्षाओं का आयोजन कुछ ऐसी तर्ज पर नजर आया कि जैसे उन्हे सिर्फ रुपयों से मोहब्बत है और व्यवस्थाओं से ऐतराज।
कुल मिलाकर आज सैकडों अभ्यार्थी तो परीक्षा दे ही नहीं पाये...सैकड़ो पहुँच नहीं पाये...सैकड़ो को बैठने नहीं दिया गया...और जो बैठ गये वह अपर्याप्त संसाधनों के कारण ठीक से परीक्षा दे नहीं पाये। तो क्या बेरोजगारों के साथ यह कुठाराघात नहीं है।
लेकिन जब मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के लुंग-पुंग शासन की बात की जाये तो निश्चित ही यह आभास सहज होता है कि इसमें सुधार की गुंजाईश नगण्य है। क्योंकि जिस सरकार के मंत्री इस बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के आगे नतमस्तक हो, बेचारे किसी का स्थानान्तरण तो दूर खुद का काम नहीं करवा पाते हों ऐसी मंत्री और सरकार क्या खाक कार्यवाही कर सकता है। फिर भी क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के लिये युवा राजनैतिक संगठनों, भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य संगठनों को इस संबंध में उचित कदम उठाना चाहिये।
हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।
संविदा शिक्षक वर्ग-3 की परीक्षा में 204 रहे अनुपस्थित
आष्टा 10 अगस्त (नि.प्र.)। आष्टा में आज रविवार की छुट्टी के बाद भी विद्यालयों में हलचल थी कारण यह की आज म.प्र. व्यावसायिक परीक्षा मंडल भोपाल द्वारा संविदा शिक्षक वर्ग 3 की परीक्षा आयोजित की गई थी। आष्टा में इस परीक्षा के लिये 13 प्रायवेट एवं शासकिय विद्यालयों में केन्द्र बनाये गये थे।
आष्टा के इन 13 विद्यालयों में 3140 परीक्षार्थियों कमें से 2936 ने परीक्षा दी। 204 अनुपस्थित रहे। इस परीक्षा को सम्पन्न कराने के लिये नियुक्त सहायक समन्वयक राजाराम परमार पूरे समय आष्टा में उपस्थित रहे। व्यापम द्वारा बुदनी, रेहटी, नसरुल्लागंज के लोगों को परीक्षा केन्द्र आष्टा दिया गया जो इनके लिये काफी कष्टदायक रहा। दूरस्थ इलाके के लोगों को रात्री में ही आष्टा आना पड़ा जो काफी खर्चीला साबित हुआ।
आष्टा के सभी परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा को लेकर काफी अच्छी बैठक, पानी प्रकाश की व्यवस्था की गई थी। आज फुरसत ने कन्या शाला एवं उत्कृष्ठ विद्यालय में पहुँचकर भ्रमण कर परीक्षार्थियों को संतुष्ट पाया। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर 2-2 प्रेक्षक नियुक्त किये गये थे। आष्टा में आज आष्टा के सभी केन्द्रों पर प्रात: 9 बजे से 10.15 बजे तक परीक्षा सम्पन्न हुई।
इन्हे मिला रोजगार वो हुए परेशान
हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।
डोंडी पीटकर बुलवाया ठेकेदारों को सारे ठेकेदार सलाम ठोंकने पहुँचे
बकायदा डोंडी पिटवाकर एक-एक छोटे से छोटे और बड़े से बड़े ठेकेदारों को न्यौता भेजा गया, सभी को डोंडी पीटने वाले ने बकायदा सूचना दी कि साहब आ गये हैं वह आपको याद कर रहे हैं आपको आना है और मिलना है।
दिनभर चले इस कार्यक्रम के बाद शाम से साहब जहाँ ठहरे हुए थे वहाँ धीरे-धीरे ठेकेदारों का हुजूम लगना शुरु हो गया। सारे ठेकेदार साहब को वापस आने की बधाईयाँ दे रहे थे और उनकी तारीफों में कसीदे पढ़ रहे थे। साहब प्रफुल्लित थे कि उनका जलजला अभी भी माकू ल है। यहाँ एक श्रध्दांजली सभा भी हुई और उस ठेकेदार को श्रध्दांजली दी गई जो पूर्व में साहब के साथ अच्छा सहयोगी रहा था। सबने उसको याद किया ।
इसके बाद साहब सबको ढांढस बंधाया कि पिछले दिनों वो लोग जो परेशान होते रहे अब उन्हे परेशान होने की जरुरत नहीं है।
अब मैं आ गया हूँ, और मेरे कार्यकाल के जो भुगतान रुके हुए हैं सबसे पहले उन्हे ही पास कराऊंगा सबको मिली सांत्वना से ठेकेदारों के चेहरों पर एक नई रौनक आ गई। सबने साहब को एक बार फिर वापस लौट आने की बधाई दी। शाम सात-साढ़े बजे तक धीरे-धीरे करके ठेकेदार साहब को सलाम ठोंककर वापस लौटने लगे। नगर पालिका के ठेकेदारों में गजब का उत्साह आ गया है। वह प्रफुल्लित हैं। साहब ने कहा है कि श्रावण सोमवार से ही हम एक बार फिर काम की शुरुआत कर रहे हैं। कल सब पुन: मिलने आईयेगा।
हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।
जिस जीव को माता के गर्भ में संस्कार मिल जाते हैं उसके जीवन का निर्माण होता है-मधुबाला जी
उक्त उद्गार महावीर भवन स्थानक में विराजित पूय साध्वी म.सा. श्री मधुबाला जी ने रविवार को प्रवचन के दौरान व्यह्न किये। आज महाराज साहब ने माता पिता का हम पर या ऋण है और क्या हम उस ऋण से मुक्त हो सकते हैं पर विस्तार से बताते हुए कहा कि व्यवहार जगत में लेन-देन के लिये आपके पास वही खाते होते हैंह्व वहीं ठाणाम सूत्र के तीसरे ठाणे के अध्याय में ऋण तीन प्रकार के बताये हैं उसमें पहला ऋण माता पिता का बताया है।
हमने जो जन्म लिया उस पर माता-पिता का ऐसा ऋण है जिसे हम अपने शरीर की चमड़ी के जूते बनाकर माता-पिता को पहनायें तो भी उनके ऋण से हम मुक्त नहीं हो सकते हैं। हमारे शरीर में 6 अंग होते हैं इसमें से 3 अंग पिता के व 3 अंग माता के होते हैं। आज व्यक्ति माता-पिता के ऋण को भूलता चला जा रहा है। इस तन को घड़ने और इसे संस्कारित करने वाली पहली कोई गुरु पाठशाला है तो वो माता है। उन्होने नई उम्र की माताओं से पूछा की आप बच्चों को कौन सी लोरी सुनाती हैं जरा विचार करो ? माता मदालसा अपनी संतान को जो लोरी सुनाती थी की तुममे सिध्द, बुध्द, मुक्त होने के गुण हैं संसार को स्वप् के समान समझकर त्याग करना मोह से ऊपर से उठोगे तो सिध्द बुध्द मुक्त बन जाओगे।
आज व्यक्ति माता पिता के उपकारों को भूल गया और केवल गाड़ी, लाड़ी और वाड़ी में ही मस्त है। इस अवसर पर पूय म.सा. सुनीता जी ने गत दिवस मनाये गये फ्रेण्ड शिप-डे को लेकर मित्र कैसा हो के बारे में बताया। महाराज साहब ने बताया कि नीति शास्त्र में मित्र 6 प्रकार के बताये हैं जो इस प्रकार हैं खाली, ताली, प्याली, जाली, जानी और कल्याणी मित्र। इनमें से प्रथम चार प्रकार के मित्र व्यवहार जगत में खतरे की घंटी साबित होते हैं शेष 2 प्रकार के मित्रों में से जानी मित्र वो होता है जो अपने मित्र के लिये ठीक उसी प्रकार जान तक दे देने को तैयार हो जाता है जैसे एक रस्सी के फंदे में लौटा झूलता हुआ कुं ए में जाता है और पानी भरकर लाता है तथा उस लाये हुए पानी को खुद न पीकर दूसरों की प्यास बुझाता है वहीं कल्याणी मित्र कल्याणी मित्र वो होता है जो सुख दुख में और मोक्ष तक का साथी होता है।
फ्रेण्ड शिप डे पर विचार करें आपके जो मित्र हैं वो इन 6 में से किस प्रकार का मित्र है। उन्होने आगाह किया कि कभी भी झाड़ी, बोर की तरह मित्र मत बनाना जो ऊपर से नरम और अंदर से गुठली की तरह कठोर होता है। जीवन में मित्रता स्थायी नहीं होती है। माया मित्रता का नाश करती है।
मुन्ना सेठ की स्मृति में आज एकासने
आष्टा। वरिष्ठ श्रावक श्री बाबुलाल जी जैन (चिवड़ेवाले) के पुत्र स्वर्गीय श्री ओम प्रकाश जैन (मुन्ना सेठ) की तृतीय पुण्यतिथि पर परिवारजनों ने उनकी पुण्यतिथि को पूय म.सा. की सद्प्रेरणा से त्याग, तप, धर्म आराधना के साथ मनाने का निर्णय लिया है। कल 11 अगस्त को स्थानक में मुन्ना सेठ की स्मृति में 5-5 सामायिक के साथ सामुहिक एकासने महावीर भवन स्थानक में आयोजित किये गये हैं।
हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।
Sunday, August 10, 2008
हाँ यही है हाईटेक पत्रकारिता...(टिप्पणी)
अब यह अखबार का अधिकारी सिर्फ अधिकारी नहीं है बल्कि बड़ा दमदार रुपये वाला है। 5-10 लाख रुपये में इसे अखबार का ठेका मिला है तो वसूलेगा भी सही। ठेका चलाने और वसूली करने के लिये फिर इसे कुछ गुण्डों की सहायता ही क्यों न लेनी पड़े, अब यह इसका हक है...अब यही जमाना है....जिसकी लाठी उसकी भैंस...कहावत बहुत पुरानी है लेकिन अब नये युग में यह कहावत पत्रकारिता के क्षेत्र में...नई परिभाषा के साथ सिध्द बैठेगी।
अब अखबार किसी भी क्षेत्र का सबसे प्रभावी व्यावसाय होगा....और अखबार चलाने वाला बड़ा दमदार व्यापारी....उसकी दमदारी हर तरह की होगी....वो पुराने अंदाज का युग गया जब दो जोड़ी कुर्ते और जेब में सिर्फ एक पेन के दम पर पत्रकारिता करने वाले पत्रकारिता करते थे। अब जमाना बदल गया है...बदल रहा है....और अभी और भी बदलेगा....शायद जेम्सबाण्ड की उस फिल्म की तरह जिसमें एक बड़ी समाचार कम्पनी घटना होने के पहले ही खबर छाप देती है कि ऐसी घटना होने वाली है....और फिर घटना अपने ही गुण्डो-गुर्गो से करवाती है...आज सिर्फ हाथों में पेन नहीं बल्कि मोबाइल है, आज सिर्फ एक संवाददाता नहीं है बल्कि 10-10 कर्मचारियों का कार्यालय है और वो पत्रकार कम ठेकेदार उस अखबार के कार्यालय के यस-बॉस हैं....आज उनके पास ताम-झाम हैं...जमाना बदल रहा है आज उनके पास सारी व्यवस्थाएं हैं....सारी कलाएं हैं...। हाँ यही तो है हाईटेक पत्रकारिता...।
हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।
6 हजार से अधिक के रोल नं. नहीं बंटे, आज परीक्षा, भारी गड़बड़ी व्यावसायिक परीक्षा मण्डल ने की ढेर सारी गलतियां, रोल नम्बर गलत छापे
भारी लापरवाही के बावजूद कल परीक्षा रोकी नहीं जायेगी बल्कि ले ली जायेगी। हजारों बेरोजगारों के साथ कुठाराघात के इस सिलेसिले में न भाजपा न कांग्रेस ना अन्य कोई जनप्रतिनिधि विरोध के स्वर मुखर करता नजर नहीं आ रहा है।
जानकारी के अनुसार रविवार को जिस व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा परीक्षाओं का आयोजन किया गया है उसने 3 बहुत बड़ी गलतियाँ या संभवत: हरकतें (जो जानबूझकर की जाती हैं) की है। एक तो हजारों की संख्या में बैठ रहे अभ्यार्थियों को पहले सीहोर वालों को सीहोर और आष्टा वालाें को आष्टा का केन्द्र देते थे लेकिन इस बार सीहोर वालों को आष्टा से लेकर बुदनी, नसरुल्लागंज तक भेजा है जिनका पहुँचना इस बरसाती मौसम में दुष्कर रहेगा।
तो डाक पड़ी ही रह गई
दूसरी बड़ी हरकत यह की गई है कि रोल नम्बर आज शनिवार को सीहोर जिला मुख्य डाकघर में पहुँचे। जबकि कल रविवार को तो छुट्टी ही है। आज हजारों की संख्या में पहुँचे रोल नम्बर क्या एक दिन में डाकघर बंटवा सकता था ? और फिर मुख्य डाकघर से ही पूरे जिले में डाक जाती है इस दृष्टि से लगभग 80 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों की डाक आज तो बंटी ही नहीं वहीं अन्य तहसीलों में क्या हुआ समझा जा सकता है। शेष डाक शहरी क्षेत्र की अवश्य बंट गई।
सूत्रों का कहना है कि डाकघर में हजारों की संख्या में रोल नम्बर के लिफाफे रखे हैं जो सोमवार को बटेंगे तब तक देरी हो जायेगी। शहरी क्षेत्र के समझदार व सुविधाओं से लेस अभ्यार्थी तो आसानी से अपने रोल नम्बर इंटरनेट से प्राप्त कर सकते थे और कई लोगों ने अपने रोल नम्बर डाक से प्राप्त नहीं होने के कारण इंटरनेट के माध्यम से निकाल भी लिये लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यार्थियों को रोल नम्बर नेट से निकालना संभव नहीं रहा। इस दृष्टि से हजारों अभ्यार्थी बिना रोल नम्बर के परीक्षा कैसे देंगे यह यक्ष प्रश् है। क्या उन्हे प्रवेश दिया जायेगा ? कभी नहीं।
लापरवाही की हद: युवती का नाम और युवक को फोटो
तीसरी हरकत जिसे बहाने बाजी से मण्डल नकार सकता है वह यह है कि बहुत बड़ी संख्या में अभ्यार्थी का नाम कुछ और है और फोटो किसी और का लगाया गया है। रोल नम्बरों पर युवक का नाम और युवती का फोटो लगाये गये हैं। निश्चित ही ऐसे रोल नम्बर वालों को प्रवेश नहीं मिल सकेगा। ऐसे कम से कम फुरसत कार्यालय को 20 से यादा उदाहरण मिले हैं। निश्चित ही ऐसी गड़बड़ी हजारों में की गई होगी। उदाहरण स्वरुप रोल नं. 383007105 पर अली अब्दुल वारिश का नाम और मंजू नामक युवती का फोटो है, रोल नं.3436 पर निधि शर्मा का नाम है और लक्ष्मण नामक युवक का फोटो, 383012483 पर फिरोज बी का नाम और प्रमिला साहू का फोटो है, 383009232 पर श्रिता वर्मा का नाम और रुबीना का फोटो है, 9678 पर नेहा उपाध्याय का नाम और एक युवक का फोटो है। 3438 रोल नम्बर पर नेहा सिसोदिया का नाम और राजेश राय का फोटो है, ऐसे ही अनेकानेक उदाहरण हैं।
परीक्षा मण्डल क्या खाक परीक्षा ले रहा है या आफत टाल रहा है। लेकिन मध्य प्रदेश के गूंगे-बहरे शासन काल में, प्रशासनिक अधिकारियों के सामने दक्ष की स्थिति में खड़े रहने वाला मंत्री मण्डल क्या खाक कार्यवाही करेगा। कांग्रेस, भाजपा और अन्य राजनैतिक दलों व सामाजिक संगठनों को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाकर परीक्षा निरस्त कराने के प्रयास करने चाहिये तथा व्यवस्था के दुरुस्तीकरण के लिये आंदोलन किया जाना चाहिये। हजारों बेरोजगारों के जीवन के एक महत्वपूर्ण मौके से उन्हे वंचित रहना पड़ेगा आखिर क्यों? क्या सिर्फ मण्डल की लापरवाही के कारण ?
हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।
घर में घुसकर दो महिलाओं पर वार किया
आष्टा 9 अगस्त (नि.प्र.)। दो अज्ञात व्यक्तियों ने सोई हुई दौ महिला पर हमला कर घायल कर दिया जिससे महिला के दौनों पैरो में चोट आई है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सीता बाई पति मदन लाल जाति भुरगंला का गांव के प्रमुख मार्ग के किनारे पर मकान बितिरात मकान के आगे वाले कमरें के पास खटिया पर सीता बाई उम्र 40 वर्ष सोई हुई थी कि रात 2 बजे दौ अज्ञात व्यक्तियों कमरें में दाखिल हुए एवं दौनो ने सीताबाई के पैरो कि पखथली पर लकड़ी से मारना शुरू कर दिया ।
जिससें सीताबाई कि नींद खुल गई और वह शौर मचाने लगी तो दोनो आरोपिंयो ने उसके दोनों पैरो पर कुल्हाड़ी से वारकर घायल कर दिया ज्ञात रहे कि जिस कमरें में सीता बाई सो रही थी उस कमरें के दरवाजे में फाटक नही लगें है केवल परदा लगा है।
पुलिस ने सीता की रिर्पोट पर दोनो अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा 456,324, 323, 34,के तहत प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपियों कि तलाश शुरू कर दि है एवं सीता बाई को सिविल अस्पताल आष्टा में भर्ती किया गया है। घटना के वक्त उनके पति मदनलाल सारगंपुर रिश्तेदारी में गए थे।
मारुती ने टक्कर मारी, बालिका का पैर टूटा
खाचरौद 9 अगस्त (नि.सं.)। आज कन्नौद से आष्टा की और रही एक मारुती कार ने खाचरौद मुख्य मार्ग पर 7 वर्ष की एक बालिका पूजा जाट को टक्कर मार दी और वाहन को चालक भगा ले गया।
उक्त टक्कर से बालिका के पैर में फेक्चर आने की खबर है। उक्त बालिका खाचरौद में अपने नानाजी के यहाँ रहती है। जिसे एक अस्पताल में भर्ती किया गया।
अपहृत युवती मिली, प्रकरण दर्ज
आष्टा 9 अगस्त (नि.प्र.)। 11 जुलाई को आष्टा तहसील के ग्राम भाड़ाखेड़ी से यहीं का एक व्यक्ति जिसका नाम नगजी आत्मज हीरालाल है एक युवती को रात्री में डरा धमकाकर भगा ले गया और उसे वो भोपाल ले गया यहाँ उसने उक्त युवती को एक कमरे में बंद रखा।
अब उक्त युवती जिसे उसका चाचा मुक्त कराकर ले आया ने थाने पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बताया कि नगजी उक्त युवती को भगाकर ले गया और भोपाल के पास एक कमरे में बंद करके रखा। जब वो दिन में कहीं जाता तो कमरे का ताला लगाकर जाता बाजार से खाना लाकर दे देता और चला जाता।
इधर जब उक्त युवती नहीं मिली तो परिजनों ने गुम इंसान कायम कराया। 18 जुलाई को लड़की के चाचा हरि सिंह को जब कहीं से खबर लगी तो वो उक्त स्थान पर पहुँचा कमरे का ताला तोड़कर लड़की को मुक्त कराकर भाड़ाखेड़ी ले आया लड़की ने आज थाने पहुँचकर पूरी घटना पुलिस को बताकर नगजी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आज लड़की मेडिकल कराया तथा आरोपी की खोज शुरु की फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने नगजी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
छावनी में एक और दिखाया कमाल, गैस की टंकी ले गये
सीहोर 9 अगस्त (नि.सं.)। छावनी में एक और घर के अंदर घुसकर चोरों ने अपना कमाल दिखा दिया है। घर के दूसरे माले में रखी भरी गैस की टंकी मात्र 15 मिनिट में इन्होने गायब कर दी है। पुलिस ने सिर्फ आवेदन लेकर मामला दबा दिया है।
जानकारी के अनुसार महावीर मार्ग मुकेरी लाईन छावनी स्थित वरिष्ठ साहित्यकार रमेश हठीला के निवास में दूसरी मंजिल पर रसोई घर में लगी गैस की टंकी की चोरी हुई है। कल दोपहर बाद श्री हठीला व उनकी पत्नि कहीं गये हुए थे। उनकी माताजी घर में ही थीं जो मात्र कुछ देर के लिये तीसरे मंजिल छत पर गई थीं।
इतनी ही देर में अज्ञात चोरों ने ऐसा कमाल दिखाया कि लोग हतप्रभ रह गये। चोरों ने घर में प्रवेश कर रसोई गैस में लगी टंकी निकाली और चुपचाप सीढ़ियों से उतारकर ले गये। जब श्री हठीला की माता जी तीसरी मंजिल मात्र 10-15 मिनिट में नीचे आईं तो पता चला की टंकी गायब है। इस मामले की शिकायत कोतवाली थाने में कर दी गई है लेकिन अभी तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। आवेदन ले लिया गया है।
पीली खदान क्षेत्र से जुंआ पकड़ा
आष्टा 9 अगस्त (नि.प्र.)। आष्टा पुलिस ने नदी के उस पार पीली खदान क्षेत्र में ईंट के भट्टों की आड़ में जुंआ खेल रहे इसी क्षेत्र के तीन लोगों को जुंआ खेलते पकड़ा इनके पास से पुलिस ने 502 रुपये तथा ताश के पत्ते जप्त किया है। जुंआरियों के नाम रईस खां आत्मज गनी खां उम्र 20 वर्ष जमील आत्मज जलील उम्र 18 वर्ष एवं बल्लु खां आत्मज छोटे खां उम्र 18 वर्ष है।
बाइक के टक्कर से बालक घायल
सीहोर 9 अगस्त (नि.सं.)। बुधनी थाना क्षेत्र में देवगांव के समीप बाइक की टक्कर लगने से एक बालक घायल हो गया जिसे उपचार हेतु होशगांबाद अस्पताल में दाखिल कराया गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम देवगांव में रहने वाला तीन वर्षीय अतुल गत गुरूवार की शाम रोड किनारे खड़ा था तभी बाइक क्रमांक एमपी-37-1413 के चालक ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर अतुल को टक्कर मार कर घायल कर दिया।
तीन जुंआरी गिरफ्तार
ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।
Saturday, August 9, 2008
श्रीकृष्णा भोजनालय के संचालक बाबू भाई ने हम सबसे की अलविदा
सीहोर 8 अगस्त (नि.सं.)। आंख बंद करके भी यदि कोई शुध्द शाकाहारी भोजनालय का पता पूछते हुए जाये तो बाबु भाई के श्रीकृष्ण भोजनालय ही पहुँचेगा, प्रसिध्दि के इस आलम और स्वाद की दुनिया बेताज बादशाह बाबु सिंह लोधी का आज अचानक असामायिक निधन हो गया। श्री लोधी के चाहने वाले स्तब्ध से रह गये। लम्बे समय से अपने अंत: में कई दर्द समेटे बाबु भाई ने आज दुनिया से विदा भले ले ली हो लेकिन वह लोगों के दिलों में हमेशा बसे रहेंगे। कल प्रात: निज निवास स्थान से उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी।
रसोई के जादूगर और स्वाद के बेताज बादशाह बाबु भाई ने सीहोर में श्रीकृष्ण भोजनालय के संचालक के रुप में अपनी पहचान बनाई लेकिन बहुत शीघ्रता के साथ आपने लोगों के दिलो में जगह बना ली। शुध्द और स्वादिष्ट भोजनालय के रुप में श्रीकृष्ण भोजनालय की पहचान पूरे शहर के हर-एक कोने में विद्यमान है तो इसके पीछे बाबू भाई की रुचि और लगन ही महत्वपूर्ण रही। स्व. बाबू भाई न सिर्फ होटल संचालन करते थे बल्कि रसोई बनाने में उन्हे महारथ हासिल था। उनके हाथ से बनी रसोई जो एक बार खा लेता था फिर दूसरे के हाथ की रसोई उसे पसंद ही नहीं आती थी।
यही कारण था कि एक बार सिर्फ एक रोटी और दाल खाने वाली उमाश्री भारती तक बाबु सिंह के स्वाद की ऐसी दिवानी हो गई थी कि उन्होने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान अपने भोजन शाला का जिम्मा इन्ही को सुपुर्द कर दिया था। विधायक श्री सक्सेना जब कभी छोटा-बड़ा आयोजन करते तो उन्हे सिर्फ बाबु सिंह की भोजन व्यवस्था ही पसंद आती। नगर का बहुत बड़ा वर्ग जब कभी स्वादिष्ट भोजन की तलाश करता तो बड़े-बड़े होटल श्रीकृष्ण भोजनालय के आगे उसे फीके नजर आते और वह स्वादिष्ट भोजन के लिये स्वयं ही श्रीकृष्ण भोजनालय के लिये चल पड़ता है। स्व. बाबु भाई के हाथ की काजूकरी की सब्जी हो या फिर जीरे के छोंक की दाल, बस जो खाता था सारी दुनिया भूल जाता था....।
स्व. बाबू भाई के चेहरे पर मुस्कुराहट और बातों में कुछ नया करने का जबा हमेशा प्रकट होता था। पिछले कुछ दिनों से आप आंशिक बीमारियों से पीडित थे लेकिन कल दोपहर बाद अचानक आपके पेट में कुछ दर्द बढ़ा, आपको एक निजी चिकित्सालय में भर्ती किया गया वहाँ से भोपाल भर्ती करना पड़ा जहाँ पेट लगातार फूलता रहा और आपको नहीं बचाया जा सका। पिछले दिनों उमाश्री भारती की नई भाजपा पार्टी भारतीय जनशक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष का पद भी आपने संभाला था लेकिन फिर भी राजनीति से दूर आप एक आम इंसान की तरह जीने में यादा खुशी महसूस करते नजर आये।
स्व. बाबू भाई किसी को बताते भले ना हो लेकिन उनकी एक विशेषता और थी। होटल पर नित 30-40 गरीबों को चुपचाप भोजन कराने की आदत भी इनमें थी। कई गरीब, भिखारी व अन्य लोग स्व. बाबू भाई के होटल पर चुपचाप जाते और उन्हे भोजन दिया जाता था। भिखारियों को बकायदा कायदे से ताजे भोजन का पैकेट बनाकर देने की इनकी खासियत थी और इस मंहगाई के युग में भी उनकी यह आदत पर कोई असर नहीं पड़ा था वह जिसको भी कराते भरपेट भोजन ही कराते। भिखारी व गरीब उन्हे दुआएं देते नहीं थकते थे। स्व. बाबू भाई धार्मिक भी बहुत थे। होटल के सामने खड़ी गौमाता को रोटी खिलाने में कभी चूकते नहीं थे, गौमाता खड़ी है तो रोटी देकर ही उसे विदा करते थे।
हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।
अगर चिकित्सक ध्यान दे देते तो शायद युवक बच जाता...
इसके न सिर में चोंट थी, न कहीं अन्य स्थान टूट-फूट गये थे। खून यादा बह रहा था और कांच गड़े हुए थे। लेकिन प्राथमिक उपचार के नाम पर भी इसका इलाज नहीं किया गया। न चेहरे के कांच निकाले गये, न डाक्टर ने इसे हाथ लगाया बल्कि इसे दर्द निवारक इंजेक्शन तक नहीं लगाया गया। इतना ही नहीं कोई बोतल आदि भी नहीं लगाई गई। मतलब जैसा आया था वैसा का वैसा ही इसे भोपाल भेज दिया गया। अस्पताल तक लाया जाना और यहाँ से ढिल्ली कार्यप्रणाली के चलते आधे घंटे भर बाद भोपाल रवाना होने की प्रक्रिया अवश्य इस घायल नवयुवक के लिये अभिशाप सिध्द हो गई। दर्द से तड़पता युवक बेहोंशी की स्थिति में आ रहा था, आसपास खड़े लोग स्तब्ध थे कि इसका कोई इलाज डाक्टर क्यों नहीं कर रहे। लेकिन चिकित्सक और कम्पाउण्डर ने कुछ विशेष रुचि नहीं ली। शायद कल मन नहीं रहा होगा ।
जो भी हो, नवयुवक का प्राथमिक उपचार नहीं हो सका, खून बहता रहा और वह भोपाल स्थानान्तरित कर दिया गया। आज सूचना आई कि उसकी मृत्यु हो गई है। नवयुवक की मृत्यु भोपाल में गहन चिकित्सा के बाद भी इसलिये होना बताई गई कि उसके शरीर से अत्याधिक मात्रा में खून बह गया था।
पुरानी रंजिश को लेकर प्राण घातक हमला
बताया जाता है कि जैसे ही यह बस खाचरोंद से आगे नाले के समीप पहुंची तभी वहा पहले से खड़े ज्ञानसिंह सेधौं,लखनसिंह,लोकेन्द, अर्जुन राणा, ने गाड़ी रोक कर महेन्द्र को उतार लिया और चारों ने मिलकर उसे लाठी से मारना शुरू कर दिया,तथा मरा समझकर छोड़कर चले गये। घटना पुरानी रंजिश को लेकर घटित होता बताया जाता हैं। घायल महेन्द्र आष्टा में स्टेण्ड पर ऐजेन्टी का कार्य करता है पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपिंयों की तलाश शुरू कर दी है।
उपचार के दौरान मौत
सीहोर 8 अगस्त (नि.सं.)। अज्ञात करणों से जहरीला पदार्थ सेवन करने वाले एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षैत्र के बस स्टैन्ड निवासी लक्ष्मण आ.मोहन सिंह उम्र 22 वर्ष ने गत दिनों जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था, जिसे उपचार हेतु सुदिती अस्पताल भोपाल में दाखिल कराया गया था जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज
आष्टा 8 अगस्त (नि.सं.)। अपने घर में बहू को दहेज के लिए सताने वाले ससुरालियों के खिलाफ आष्टा पुलिस ने दहेज एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार इछावर थाना क्षैत्र के ग्राम मूडला में रहने वाले मोती सिंह की 25 वर्षीय पुत्री सुशीला का विवाह 10-12 वर्ष के पूर्व ग्राम बापचा निवासी मानसिंह के साथ हुआ था।
शादी के पांच छ: साल तक अच्छे से रखा, फिर इसके बाद सुशीला का पति मानसिंह और अधिक दहेज में एक लाख तक रूपये की मांग कर इसे प्रताड़ित करने लगा, मानसिंह के इस कार्य में सुशीला का जेठ सौभाल सिंह, भादर सिंह, देवर सुरेन्द्र एवं सास शांता बाई, द्वारा भी सहयोग किया जाता था। ससुराल पक्ष की इस प्रताड़ना से तंग आकर सुशीला ने थाना आष्टा पहुचकर अपनी व्यथा पुलिस को सुनाई जिस पर पुलिस ने पति सहित पांच लोगों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्यवाही प्रारंभ कर दिया।
संदिग्ध परिस्थितियों में कुंए से युवक का शव बरामद
जावर 8 अगस्त (नि.प्र.)। जावर थाना पुलिस ने ग्राम कल्याणपुरा स्थित एक कुएं से संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक का शव बरामद किया है। पुलिस ने हत्या की आशंका को मद्दे नजर रखते हुए भादवि की धारा 302,201 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम कल्याणपुरा के रहने वाले पर्वत सिंह अनुजाति का 21 वर्षीय पुत्र अरविंद गत दिनों गांव से लापता था, जिसके परिजनों द्वारा थाना जावर में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। बताया जाता है कि गत गुरूवार को उक्त युवक का शव बाबूलाल खाती के कुएं में पड़ा मिला जिसके हाथ पैर बंधे हुए थे। पुलिस ने शव को पोस्ट मार्टम हेतु भेज मर्ग कायम अपराध कायम कर लिया है।
5 ग्रामों के ट्रांसफार्मरों में तोड़फोड़, 1 लाख से अधिक का नुकसान
आष्टा 8 अगस्त (नि.सं.)। पिछले कुछ दिनों में विद्युत मण्डल आष्टा के विभिन्न ग्रामों में लगे ट्रांसफार्मरों को अज्ञात लोगों ने तोड फ़ोड़ कर उसमें लगा कीमत सामान आईल चुरा ले गये। आज जे.ई. कैलाश ठाकुर ने आष्टा थाने में 3 जुलाई 2008 से 22 जुलाई के बीच तहसील के ग्राम भंवरा, मूंडला, कुमड़ावदा, अहमदपुर और बमूलिया के ग्रामों में लगे ट्रांसफार्मरों में तोड़ फोड़ करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में मण्डल को लगभग 1 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होना बताया गया है।
हमारा ईपता - fursatma@gmail.com यदि आप कुछ कहना चाहे तो यहां अपना पत्र भेजें ।
रघुनाथ जी के ग्राम में केसरी जी की दस्तक चर्चा का विषय बनी
Friday, August 8, 2008
अब तो जनता का दुख दर्द सुने कांग्रेस
श्री सेठी ने कहा कि जिला कांग्रेस के नाम पर आप अध्यक्ष हैं। जिला कांग्रेस का गठन भी नहीं हो पाया है। संगठन का संचालन करने में दिक्कत आ रही है या समय का अभाव हो तो आप अपनी कार्य समिति का गठन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यदि ऐसा करते हैं तो मुझे उम्मीद है कि आपको कांग्रेसजन मददगार साबित होंगे। श्री सेठी ने विस्तार पूर्वक पत्र में लिखा है कि मुझे यह कहने में संकोच नहीं है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में कांग्रेस अपेक्षाकृत जनभावनाओं पर खरी नहीं उतर पा रही है। जिले भर में भ्रष्टाचार की जड़े और जमी है। समस्याएं विकराल हुई पर संगठन इस मौके का लाभ नहीं ले सका है। श्री सेठी ने लिखा है कि लम्बे समय से जिला स्तरीय सम्मेलन भी नहीं हुए कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने की पहल भी नहीं की गई है। इससे संगठन को क्षति हुई है। श्री सेठी ने कहा कि अभी भी हमारे पास मय है हम सब मिलकर इस वातावरण को कांग्रेस के पक्ष में कर सकते हैं। मुझे आशा है कि इस पत्र को आप गंभीरता से लेंगे।