Wednesday, August 6, 2008
असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ मारपीट करने के अभियुक्त त्रिलोक को दो हजार अर्थदण्ड
अभियोजन की और से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक के.के.शर्मा ने बताया कि विशेष प्रकरण क्रमांक 612007 अपराध क्रमांक 132007 में फरियादी राजकपूर वर्मा जो की चन्द्रशेखर आजाद कालेज सीहोर में असिस्टेंट प्रोफेसर के रुप में घटना 23 जुलाई 07 को जब अध्यापन का कार्य कालेज में करा रहे थे तभी उनके साथ आरोपीगण ने मारपीट की व अंदर से दरवाजा बंद करके उन्हे परिरुध्द कर लिया। मामले की रिपोर्ट हरिजन थाना सीहोर को की जाने पर अपराध पंजीबध्द करके अनुसंधान के पश्चात न्यायालय में विचारण हेतु प्राप्त हुआ।
फरियादी डॉ. राजकपूर वर्मा ने न्यायालय में अपने कथन दिये, कालेज के प्राचार्य व अन्य डयूटी पर पदस्थ कर्मचारियों के कथन न्यायालय में हुए दोनो पक्षों की अंतिम बहस सुनी गई।
विद्वान न्यायाधीश एल.पी. शर्मा साहब विशेष न्यायाधीश सीहोर ने अभियुक्त त्रिलोक को धारा 323 एवं 342 भादवि का दोषी पाया, जबकि अन्य दो आरोपीगण को मामले में बरी किया। त्रिलोक आरोपी को धारा 323 में एक हजार तथा तेरह दिवस जेल एवं 342 भादवि में एक हजार इस प्रकार दो हजार रुपये का अर्थदंड का निर्णय सुनाया। राय की और से पैरवी के.के.शर्मा स्पेशल लोक अभियोजक ने करी।
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Tuesday, August 5, 2008
विशाल शिव पालकी यात्रा निकली, राजनेता आकर्षण का केन्द्र रहे
आज सुबह से ही नगर भर में उत्साह का माहौल था। कुछ स्थानों पर माईक लगाये गये थे। श्री सिध्देश्वर महादेव मंदिर समिति द्वारा स्थान-स्थान पर माइक लगाकर आज निकलने वाली शिव पालकी यात्रा का माहौल बना दिया गया था। दोपहर अपने निर्धारित समय पर सिध्देश्वर महादेव मंदिर रतलामी स्वीट्स से पालकी यात्रा प्रारंभ हुई। इसके पूर्व समाजसेवी किशोर कौशल व परिवार ने मंदिर में पूजन आरती की।
यहाँ पालकी यात्रा में नगर भर के प्रमुख राजनेतागण तैयारी के साथ आ चुके थे। हिन्दु उत्सव समिति के सदस्यगण भी अपनी पूर्ण उपस्थिति के साथ मौजूद थे। आगे-आगे घुड़सवार इनके पीछे 8 सजी हुई बैलगाड़ी जिन्हे आकर्षक सजाने के लिये केले के पत्तों का उपयोग किया गया था। पीछे एक आकर्षक भोलेनाथ का चित्र लगा हुआ था जिससे यह बैलगाडियाँ शोभा बढ़ा रही थी। इन पर कुछ पर तख्तियाँ भी लटकाई गई थी जिस पर लिखा था कि वन ही जीवन है। इसके पीछे एक आकर्षक रख भगवान भोलेनाथ के स्वरुप लिये एक युवक व पार्वती जी का स्वरुप लेकर कलाकार बैठे थे इनके साथ अन्य देवगण भी विराजित थे। भोलेनाथ के हाथ में कमण्डल था और वह बारम्बार दूध पीकर भांग पीने का स्वांग भी रच रहे थे जो आकर्षण बना हुआ था।
इसके पीछे क्षेत्र के प्रसिध्द सपेरे पन्नानाथ भी एक रथ पर सवार थे जिस पर इनके साथ 12 फुट लम्बा विशालकाय सांप मौजूद थे जिसके दर्शन लाभ लेकर जनता कृतार्थ हो रही थी। इसके पीछे बड़ी संख्या में युवक गण चल रहे थे। पीछे पालकी चल रही थी पालकी के साथ ही वर्फ से बने शिवलिंग जो अमरनाथ धाम के स्वरुप में बनाये गये थे यह पालकी यात्रा का विशेष आकर्षण था जिस पर एक सफेद कबूतर भी बैठा था जो उड़ नहीं रहा था इसके बांधकर बैठाया गया था। इसके पीछे नगर के वरिष्ठ नागरिक व राजनेतागण जो विशेष रुप से उपस्थित थे चल रहे थे। इनके गलों में फूल मालाएं भी डली हुई थी जिससे आभाष हो रहा था कि भगवान भोलेनाथ के साथ-साथ राजनेताओं व प्रमुख लोगों का भी स्वागत-वंदन किया जा रहा है, लोग भी उत्साह में भगवान के साथ ही इनको भी माला पहनाकर स्वागत कर रहे थे और सभी राजनेता यह अभिनंदन स्वागत स्वीकार कर रहे थे। इनके पीछे बड़ी संख्या में महिलाएं भी पालकी यात्रा में शामिल थीं।
पालकी यात्रा कोतवाली चौराहा से होती हुई जगदीश मंदिर चौराहा से नमक चौराहा, पान चौराहा, चरखा लाईन लाईन, बड़ा बाजार, खजांची लाईन होती हुई सीहोर टाकीज से मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुँची। लगभग हर चौराहे व मोड़ पर आज स्वागत मंच बने हुए थे। लोगों ने अपने-अपने बेनर टांग कर अपने संगठन व मंचों से पालकी यात्रा का जोरदार स्वागत किया। कई जगह फल व ठंडाई वितरित हुई कुछ स्थानों पर जोरदा पुष्पवर्षा हुई। एक स्थान पर सभी राजनेताओं को साफे बांधकर स्वागत अभिनंदन वंदन किया गया। जिससे पालकी यात्रा के लिये यह राजनेता और भी आकर्षण का केन्द्र बन गये। आज हिन्दु उत्सव समिति ने इस पर्व का उत्साह दुगना कर दिया। दो स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया साथ ही बड़ी संख्या में समिति के सदस्यगण आज के कार्यक्रम में शामिल थे।
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बजरंगियों नागरिकों ने जब थाना घेरा तो पुलिस के हाथ पांव फूले
प्राप्त जानकारी के अनुसार आष्टा तहसील के ग्राम बापचा बरामद ग्राम की एक गरीब असहाय बुजुर्ग महिला जिसका नाम पार्वती बाई पत्नि मोती कई महिनों से आष्टा में रहकर अपनी 4 वर्ष की पौती कु. मानु पिता दिलीप के साथ दिन में भीख मांगनकर अपना व पौती का पेट पाल रही थी इतने दिनों से बताते हैं वो मंडी की जमीन पर बनी मजार पर रात्री में रहकर रात गुजारती सुबह फिर भीख मांगने चली जाती थी लेकिन यहाँ हुए अतिक्रमण के बाद वो यहाँ से हट गई और मंडी गेट पर एक किराने की दुकान के बाहर ओटले पर रात्री में रहकर रात गुजारती थी कल रात्री में वो उक्त दुकान के ओटले पर अपनी पोती के साथ सौ रही थी तभी थाने के सामने बसी कालोनी मालवीय नगर में रहने वाला एक आदिवासी युवक संतोष पुत्र नारायण बारेला सो रही बालिका को उठाकर खंडेलवाल मैदान के पीछे सुनसान एरिये में ले गया यहाँ उसने दाऊ पी और उक्त मासूम बालिका को भी जबरन दारु पीने के लिये मजबूर किया बालिका ने दारु पीने से मना किया तब संतोष ने जबरन दारु पिलाना चाही तो बालिका चिल्लाई बालिका की आवाज सुनकर मंडी गेट पर रहने वाले ब्रजमोहन शर्मा अपने साथ धर्मेन्द्र मालवीय, सुनील दुधी, अशोक मालवीय, आशीष शर्मा को साथ लेकर जिधर से आवाज आ रही थी वहाँ पहुँचे और उक्त बालिका को वहाँ से उठाकर ले आये। लड़की ही दादी उसके बाद पोती को लेकर रात में थाने गई तथा युवक को पुलिस के हवाले किया ।
महिला पार्वती बाई ने थाने में पत्रकारों को बताया की रात्री में उसकी शिकायत नहीं लिखी भगा दिया। सुबह भी नहीं लिखी तब मंडी गेट के अनेकों नागरिक, बजरंगी थाने पहुँचे और घेराव कर दिया तब जाकर पुलिस ने महिला की शिकायत दर्ज कर बच्ची का मेडिकल कराया। वैसे रिपोर्ट नहीं लिखने भगाने की बात से टीआई अतीक खान ने इंकार किया।
वहीं उक्त मासूम बच्ची से फुरसत ने जब अस्पताल में चर्चा की तो उसने बताया कि उसे वो आदती जबरन शराब पिला रहा था मैने मना किया की नहीं पिऊंगी तब चिल्लाई तो उक्त युवक ने बच्ची से कहा चिल्ला मत तथा किसी को बताया तो जान से मार दूंगा। पुलिस ने बताया कि पार्वती बाई मोतीलाल की शिाकयत पर आरोपी संतोष नारायण बारेला के खिलाफ धारा 363, 366, 376, 511, 506 के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
घेराव नहीं होता तो गेम हो गया था
आष्टा 4 अगस्त (नि.सं.)। आज अगर सुबह मासूम बच्ची को उठाकर ले जाने वाले मामले में सुबह बजरंगी और मंडी गेट के नागरिक व्यापारी थाने का घेराव नहीं करते तो मामला रोजनामचे में नहीं पहुँच पाता।
सूत्र बताते हैं कि कल रात से ही आरोपी का रिश्तेदार जो आष्टा मंडी में कर्मचारी है वो एक युवा नेता के साथ उक्त मामले का गेम जमाने में लग गये थे। घेराव के पहले ये दोनो थाने में ही थे लेकिन घेराव ने पूरा गेम बिगाड़ दिया और आखिर कर पुलिस को उक्त मामले में प्रकरण दर्ज करना ही पड़ा सुबह आरोपी के रिश्तेदार एवं उक्त नेता को थाने में काफी देर तक देखा गया था।
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इस बार श्रावणी स्नान पूर्णिमा को नहीं नागपंचमी को-पं.पृथ्वीबल्लभ दुबे
इस वर्ष श्रावणी पूर्णिमा दिनाँक 16 अगस्त शनिवार को दोपहर 2 बजे तक भद्रा दोष है, भद्रोपरांत चन्द्रग्रहण की सूतक 4 बजे से लग जायेगी, रात्रि में सूर्य संक्रांति भी है। अत: शास्त्र सम्मत श्रावण उपाकर्म भद्रा दोष, ग्रहण युक्त पूर्णिमा, संक्राति युक्त पूर्णिमा में नहीं किया जाता तब उससे पूर्व श्रावण शुक्ल पंचमी नागपंचमी में श्रावणी स्नान उपाकर्म करने के शास्त्रोक्त निर्देश हैं। हेमाद्रिकल्प, स्कंद पुराण, स्मृति महार्णव, निर्णय सिंधु, धर्म सिंधु आदि योतिष व धर्म के निर्णय ग्रंथों में इसके प्रमाण हैं। कुछ ग्रंथों के प्रमाण इस प्रकार हैं-
'श्रावण शुक्लया: पूर्णिमायां ग्रहणं संक्रांति वा भवेतदा।
यजुर्वेदिभि: श्रावण शुक्ल पंचम्यामुपाकर्म कर्तव्यं॥'
अर्थात श्रावण पूण्रिमा में यदि ग्रहण या संक्रांति हो तो श्रावणी उपाकर्म श्रावण शुक्ल पंचमी को करना चाहिये।
'भद्रायां ग्रहणं वापि पोर्णिमास्या यदा भवेत।
उपाकृतिस्तु पंचम्याम कार्या वाजसेनयिभ:'
संक्रांति व पूर्णिमा युति या ग्रहण पूर्णिमा युति में वाजसेनी आदि सभी शाखा के ब्राह्मणों को उपाकर्म (श्रावणी) पंचमी को कर लेनी चाहिये।
एक अन्य श्लोक के उल्लेख के अनुसार भद्रा में दो कार्य नहीं करना चाहिये एक श्रावणी अर्थात उपाकर्म, रक्षाबंधन, श्रवण पूजन आदि और दूसरा फाल्गुनि होलिका दहन। भद्रा में श्रावणी करने से राजा की मृत्यु होती है तथा फाल्गुनी करने से नगर ग्राम में आग लगती है तथा उपद्रव होते हैं। श्रावणी अर्थात उपाकर्म रक्षाबंधन, श्रवण पूजन भद्रा के उपरांत ही की जा सकती है। लेकिन ग्रहण युक्त पूर्णिमा भी श्रावणी उपाकर्म में निषिध्द है इसलिये यह श्रावण शुक्ल पंचमी बुधवार 6 अगस्त 08 को किया जायेगा लेकिन रक्षाबंधन के लिये इसका निषेध नहीं है। अत: भद्रा उपरांत दोपहर 2 बजे के बाद पूर्णिमा के दिन ही राखी बांधी जा सकेगी।
ब्राह्मणों के यह अतिमहत्वपूर्ण कर्म हैं अत: सभी ब्राह्मण जनेऊ लेकर 6 अगस्त को प्रात: 8 बजे इलाही माता घांट कस्बा पर अधिक से अधिक संख्या में आयें।
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बैटरी चोर गिरफ्तार
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना मण्डी प्रभारी निरीक्षक के.के. शर्मा को गत दिवस मुखबिर की सूचना प्राप्त हुई की बिजोरी गांव स्थित मंत्री पेट्रोल पंप के समीप पुलिया किनारे दो संदिग्ध युवक एक मोटर साईकिल सहित अपराध करने की नियत से बातचीत कर रहे हैं।
इस सूचना पर थाना प्रभारी अपने हमराही स्टाफ के साथ तत्काल मुखबिर के बताये स्थान पर पहुँचे जहाँ पर खड़े दोनो संदिग्ध युवक पुलिस वाहन को अपनी तरफ आता देख भागने की कोशिश करने लगे किन्तु पुलिस की घेराबंदी से वे भागने में सफल नहीं हो सके और अंतत: पुलिस ने उन्हे धर दबोचा पूछताछ करने पर पकड़े गये युवक ग्राम सिराड़ी निवासी लखन दांगी एवं कमलेश तिवारी अपना नाम बताये जिनके कब्जे से पुलिस ने गत दिवस ग्राम फूटी बावड़ी निवासी कमलेश राठौर एवं ग्राम निपानिया निवासी द्वारका प्रसाद खाती के ट्रेक्टर से चुराई हुई बैटरी कीमत चौदह हजार रुपये एवं ट्रेक्टर चालक की पट्टी की 500 रुपये व एक मोटर साईकिल क्रमांक एम.पी. 37-6615 टार्च, चाकू, प्लास पाना बगैरह जप्त की है।
बताया जाता है कि गिरफ्तार युवक पूर्व में भी थाना दोराहा क्षेत्र में एक मोटर साईकिल चोरी के मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं जिनका मामला न्यायालय में विचाराधीन है मण्डी पुलिस ने चोरी के अन्य मामलों में पूछताछ हेतु पुलिस रिमांड प्राप्त किया है।
मध्यान्ह भोजन की बाटी देखी तो ऐसा लगा.........
इसका नमूना पंचनामा बनाकर पालक शिक्षक गण के सभी सदस्य तहसीलदार आष्टा के पास लेकर आये। जहाँ बताया की आज स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक के 158 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी। जबकि मध्यान्ह भोजन केवल 13 ही बच्चे कर रहे थे तथा वहाँ पर प्रतिबंधित लाल गेहूँ की रोटी और बाटी बनाकर बच्चों को परोसी गई थी बाटी ऐसी थी की उसे जानवरों के सामने रख दो तो वह भी मुँह फेर लें।
इस संबंध में तहसीलदार बिहारी सिंह ने फुरसत को बताया कि ग्रामीण बाटी और रोटी का नमूना लेकर आये थे। जिसका स्तर देखने में ही घटिया लग रहा था अगर सामान्य व्यक्ति इसे खा ले तो बीमार हो सकता है। मैं इसे दिखवाता हूँ की निम् स्तर पर भोजन कैसे परोसा गया। इसके लिये बीईओ को जांच के लिये लिखा गया है।
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मध्यान्ह भोजन की बाटी देखी तो ऐसा लगा.........
इसका नमूना पंचनामा बनाकर पालक शिक्षक गण के सभी सदस्य तहसीलदार आष्टा के पास लेकर आये। जहाँ बताया की आज स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक के 158 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी। जबकि मध्यान्ह भोजन केवल 13 ही बच्चे कर रहे थे तथा वहाँ पर प्रतिबंधित लाल गेहूँ की रोटी और बाटी बनाकर बच्चों को परोसी गई थी बाटी ऐसी थी की उसे जानवरों के सामने रख दो तो वह भी मुँह फेर लें।
इस संबंध में तहसीलदार बिहारी सिंह ने फुरसत को बताया कि ग्रामीण बाटी और रोटी का नमूना लेकर आये थे। जिसका स्तर देखने में ही घटिया लग रहा था अगर सामान्य व्यक्ति इसे खा ले तो बीमार हो सकता है। मैं इसे दिखवाता हूँ की निम् स्तर पर भोजन कैसे परोसा गया। इसके लिये बीईओ को जांच के लिये लिखा गया है।
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सड़क हादसे में चार घायल
जानकारी के अनुसार आष्टा थाना क्षेत्र में आज सुबह राजर्मा स्थित अलीपुर के समीप पिकअप वाहन एमपी 42 जी 306 के चालक ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक एमपी 04 वाय 8031 में टक्कर मार दी । परिणामस्वरुप बाइक चालक डाबरी निवासी लक्ष्मीनारायण घायल हो गया जिसे आष्टा अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती कराया गया है।
उधर कोतवाली थाना क्षेत्र में सीहोर बायापास मार्ग पर सैकड़ाखेड़ी के समीप आज सुबह ट्रक क्रमांक एमपी 09 एचए 2409 के चालक ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर ट्रक एमपी 09-0476 में टक्कर मार दी जिसके चालक ललिता प्रसाद को चोंट आने से अस्पताल सीहोर में भर्ती कराया गया ।
इसी प्रकार कोलीपुरा बढ़ियाखेड़ी के समीप आयशर वाहन एमपी 09 जीई 3536 के चालक ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर आटो एमपी 04 एफ 2059 में टक्कर मार दी। परिणाम स्वरुप आटो चालक मुकेश एवं दीपक घायल हो गये जिन्हे सीहोर अस्पताल में इलाज हेतु भर्ती कराया गया है।
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मोटर साईकिल चोर गिरफ्तार
उल्लेखनीय है तरुण कुमार चौधरी निवासी रेस्ट हाउस के पास मण्डी सीहोर गत रविवार की सुबह गणेश मंदिर दर्शन हेतु अपनी पल्सर मोटर साईकिल क्रमांक एमपी. 37 बीए 7177 से गया हुआ था जो मंदिर के समीप मोटर साईकिल को खड़ी कर दर्शन कर रहा था तभी किसी अज्ञात अपराधी ने डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर मोटर साईकिल चोरी कर ले भागा। घटना के्र संबंध में तरुण द्वारा थाना मण्डी में चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई। नवागत थाना प्रभारी के.के.शर्मा ने इस चोरी का पर्दाफाश करने की जिम्मेदारी प्रधान आरक्षक कृष्णलाल को सौंपी जिन्होने अल्प अवधि में ही मुखबिर की सूचना पर इस चोरी को पर्दाफाश करने में सफलता प्राप्त की एवं बाइक चोर को उसके जमोनिया खेत पर बने मकान से बाइक सहित गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस आरोपी को अन्य मामलों में पूछताछ हेतु दो दिन का पुलिस रिमाण्ड प्राप्त किया है।
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प्रेमचन्द्र जयंन्ती पर विचार एवं काव्य गोष्ठी सम्पन्न
काव्य गोष्टी का संचालन ब्रजेश शर्मा ने किया। कार्यक्रम में श्रोताओं में वृंदावन मोर्य, माधवसिंह कुशवाह, सुनील मालवीय, कृपालसिंह सिसौदिया, धर्मेन्द्र गोयल, दीपक मालवीय, ज्ञानसिंह मालवीय, गुलाब सिंह कि उपस्थिति गरिमा रही। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन आकाश कान्वेंट स्कूल के संचालक श्री वृदावन मोर्य ने किया।
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मुस्लिमों ने स्वेच्छा से निर्माण हटाया
इस फतवे के आने के बाद मुस्लिम समुदाय ने धार्मिक स्थल नही बनाने का निर्णय लिया तथा निर्माण कार्य को स्वच्छा से रोक दिया तथा जो अधूरा निर्माण किया गया था उसे अपने हाथो से हटा दिया ज्ञात रहे कि इस निर्माण को लेकर आष्टा में माहौल तनाव पूर्ण हो गया था जिला कलेक्टर से मुलाकात के दौरान मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि मंडल ने भी कलेक्टर महोदय को निर्माण को हटाने की सहमति दे दी थी।
इस प्रतिनिधि मंडल ने आष्टा मुस्लिम समाज के सभी गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस निर्माण को हटाने का स्वागत आष्टा के बुद्धिजीवी वर्ग ने एवं प्रशासन ने भी इस कार्य की सराहना की है तथा मुस्लिम समाज का आभार व्यक्त किया है। इस निर्णय में मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारीगणें की मुख्य भूमिका रही है जिसमें प्रमुख रूप से खालिद पठान अनीस भाई ठेकेदार,शेख आमीन, अशफाक खान, हनीफ खां तथा मंडी गेट के मुस्लिम किया जिसमें प्रमुख रूप से नईम भाई मैकेनिक,असलम भाई लेथमशीन, लईक भाई, सलीम भाई, शकील भाई डायनुमा वाले, मोहम्मद नईस एजेंट, पप्पू भाई डिस्क, तोफिक मैकेनिक, चांदभाई कबाडी, मुन्ने भाई, गुडडू भाई नल वाले, आदि का भी विशेष सहयोग रहा।
इस विवाद के समाप्त होने से कानूनी व्यवस्था बिगड़ने से बच गई तथा लोग इस मुद्दे को लेकर अपनी राजनैतिक रोटियॉ सेक रहे थे उनकी राजनीति दुकानदारी बंद हो गई तथा असामाजिक तत्वों द्वारा आष्टा की शांति बिगाड़ने की भी संभावना खत्म हो गई।
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Monday, August 4, 2008
पार्वती बंधान में है खूब पानी, पर वितरित नहीं हो रहा
सीहोर 3 अगस्त (नि.सं.)। ईश्वर द्वारा भरपूर पानी दे दिये जाने के बावजूद नगर पालिका के कंठ शायद अभी तक गीले नहीं हो पाये हैं। काहिरी बंधान के ऊपर से पानी बहकर निकल रहा है। सारी खाली डालें भरा गई हैं....पार्वती झमाझम बह रही है लेकिन पेजलय व्यवस्था के नल हैं कि अभी भी रोते-मरते-झिकते आ रहे हैं। जाने इन नलों में कौन-सा अभिशाप लगा है कि यह भरपूर पानी के होने के बावजूद कुछ उगल नहीं रहे हैं। हर महिने भारी भरकम बिल अवश्य यह निगल लेते हैं लेकिन भरपूर पानी के बाद भी इनमें से पानी नहीं निकल रहा है। नगर पालिका की पेयजल व्यवस्था अब किस बात का इंतजार कर रही है क्या पानी काहिरी बंधान के ऊपर से निकलने के बाद भी कम पड़ रहा है अब क्या परिषद के सिर के ऊपर से निकलेगा पानी तभी पेयजल व्यवस्था सुधरेगी ? नगर में 8-8 दिन छोड़कर काहिरी का दूषित जल वितरित किया जा रहा है आखिर क्या कारण है जो पेयजल व्यवस्था सुधरने का नाम ही नहीं ले रही है। अब कौन-सी आफत आ गई है ? अगर यहाँ भी कुछ मशीने खरीदने या निर्माण करने का प्रपोगंडा रचना है तो परिषद तत्काल क्यों नहीं कर लेती है ?
गत दिवस आष्टा में धमाकेदार वर्षा ने पार्वती नदी की पूर निकाल दी। पार्वती की धार इतनी तेज चली कि वो चलते-चलते सीहोर के काहिरी बंधान तक आ गई और इसके भी पार तक वह चलती चली गई। कहने का तात्पर्य यह है कि सीहोर काहिरी बंधान जहाँ से सीहोर नगर में पेयजल वितरण किया जाता है वहाँ बंधान के ऊपर से पानी बह रहा है अर्थात पर्याप्त पानी भरा हुआ है।
लेकिन नगर पालिका की पेयजल व्यवस्था के ऐसे नाटक कर रही है कि जैसे पानी का अकाल पड़ा हो और भीषम गर्मी का मौसम हो। 8-8 दिन में पेयजल वितरण किया जा रहा है वह भी कुछेक मिनिट नल चलते हैं और फिर बंद हो जाते हैं। आज की स्थिति यह है कि काहिरी में आगामी 2 महिने तक इतना पानी रहेगा कि यदि प्रतिदिन नल से जल दिया जाये तो फिर पानी की कमी नहीं रहेगी और काहिरी बंधान के ऊपर से ही पानी बहता रहेगा। मतलब ईश्वर ने हमें पानी तो खूब दे दिया है लेकिन नगर पालिका है कि पानी देने को तैयार ही नहीं है।
आखिर क्या कारण है - नगर पालिका के पास आखिर वह कौन-सा कारण है जो आज पर्याप्त पानी होने के बावजूद यहाँ जल वितरण नहीं किया जा रहा है। जब पानी है तो उसे वितरण करने में दिक्कत कौन-सी है ? यदि कहीं की मोटर जल गई है तो उसका बिल पास हो ही गया होगा नहीं हुआ तो जहाँ सैकड़ो बिल पास हो रहे हैं तो एक मोटर का भी कर दिया जाये लेकिन नगर में पेयजल वितरण तो सुनिश्चित हो। जब गर्मी में टेंकरों से जल वितरण के लिये खुद नगर पालिका अध्यक्ष और परिषद के एक-एक कारिंदा अपनी जान लगाने को तैयार रहता है तो आज फिर सुव्यवस्थित जल वितरण व्यवस्था के लिये यह हाय तौबा क्यों नहीं मचाते । जब गर्मी में एक-एक टैंकर से लेकर जगह-जगह होने वाले नलकूप खनन के लिये हर एक पार्षद सक्रिय नजर आता है ? टैंकरों की व्यवस्था समझने, जानने, हस्तक्षेप करने से लेकर सबकुछ करने को तैयार रहने वाले राजनेता अब काहे तो नगर की इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। अपने वार्ड में अपनी पसंद के ठेकेदार से नलकूप खनन कराने के ऐढ़ी-चोंटी को जोर लगा देने वाले पार्षदों को आखिर आज अपने वार्ड की जनता की पेयजल समस्या क्यों नजर नहीं आ रही है ? आज पार्षद आखिर अभी क्यों नहीं पेयजल वितरण व्यवस्था को नियमित कराने के लिये प्रयास कर रहे हैं।
दाल में कुछ काला है- आखिर क्या कारण है जो नगर में तरह-तरह के निर्माण कार्य कराने वाली नगर पालिका परिषद, चाहे जहाँ पुलिया निर्माण, चाहे जहाँ सड़क निर्माण, चाहे जहाँ कुंओं की सफाई के हजारों रुपये के बिल बनवाती रहती है लेकिन मात्र लाख-डेढ़ लाख रुपये की 1-2 मोटर अधिक खरीदकर पेयजल वितरण व्यवस्था को स्थायी रुप से व्यवस्थित नहीं किया जाता। क्यों पेयजल वितरण व्यवस्था के लिये आवश्यक संसाधन जुटाने में कोताही बरती जा रही है जबकि इसके लिये हर दूसरे महिने में भोपाल से पर्याप्त रुपये भी आते हैं ? उन रुपयों को दूसरे मदों में खर्च कर दिया जाता है और जानबूझकर पेयजल वितरण व्यवस्था नहीं सुधारी जाती ? राकेश राय परिषद ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में आज तक काहिरी बंधान में एक किल भी नई लगाने के प्रयास नहीं किये। जबकि सबसे प्रमुख समस्या पेयजल की है और इसके लिये ही नगर पालिका को भरसक प्रयास करने चाहिये लेकिन ऐसा नहीं किया जाता है। लगता है जरुर दाल में कुछ काला है।
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काका बने बैंक अध्यक्ष, जोरदार स्वागत रैली निकली
सीहोर 3 अगस्त (नि.सं.)। अंतत: आज सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर प्रकाश व्यास काका ने पद्भार संभाल लिया। दो संचालकों को उपाध्यक्ष पद पर आसीन किया गया है साथ ही कुछ बैंक प्रतिनिधि भी नियुक्त किये गये हैं। आज काका के पद्भार संभालने के बाद से ही उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा था। विधायक रमेश सक्सेना के निवास से लेकर कस्बा चौकी चौराहे तक हर एक जगह पुष्प वर्षा, हार फूल माला से लेकर मिठाई वितरण तो हुआ ही बल्कि करीब 7 स्थानों पर नवनियुक्त अध्यक्ष प्रकाश व्यास काका का तौला भी गया।
आज चिरप्रतिक्षित सीहोर नागरिक सहकारी बैंक चुनाव के परिणामों के बाद अंतत: आज अध्यक्षीय पद व उपाध्यक्ष पद पर प्रभार संभाला गया। करीब डेढ़ घंटे तक चली प्रक्रिया में आज बैंक में पहले अध्यक्ष पद के लिये नामांकन भरे गये जिसमें प्रकाश व्यास काका बहुमत के साथ अध्यक्ष बन गये। इसके बाद उपाध्यक्ष पद के लिये उर्मिला देवी बातव और ओम वर्मा दोनो को बनाया गया। इनके अलावा संचालक पद भी सभी चयनित संचालक रहेंगे। साथ ही कुछ बैंक प्रतिनिधियों का भी चयन किया गया है जिसमें वरिष्ठ समाजसेवी अनिल पालीवाल को अपेक्स बैंक का प्रतिनिधि बनाया गया है। जबकि जिला सहकारी केन्द्रिय बैंक के प्रतिनिधि के रुप में प्रकाश चन्द्र राठौर व डॉ. अनीस खान को नियुक्त किया गया है।
आज जैसे ही काका ने अध्यक्षीय पद्भार संभाला उनके समर्थकों ने बाहर उत्साह के साथ एक-दूसरे को बधाई दी। काका पैनल ने बाहर आकर सबसे पहले महांकालेश्वर महादेव मंदिर बावड़ी वाले मंदिर पर पहुँची जहाँ सभी सदस्यों ने बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्हे प्रणाम करने के बाद पैनल ने आश्चर्य जनक रुप से राष्ट्रपिता का आशीष भी लिया वह सारे गाँधी उद्यान पहुँचे जहाँ गाँधी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
इसके बाद पूर्व तय कार्यक्रम के अनुसार सभी पैनल के सदस्य अपने समर्थकों के साथ विधायक रमेश स्क्सेना के निवास पर पहुँचे। जहाँ पूर्व से ही जोरदार स्वागत की तैयारियाँ की गई थी यहाँ विधायक निवास स्वयं विधायक रमेश सक्सेना ने काका व काका पैनल के समस्त सदस्यों को जोरदार स्वागत किया। यहीं लड्डुओं से प्रकाश व्यास काका को तौला गया। यहाँ से वाहनों का काफिला ढोल-ढमाकों के चला। खुली जीप में जिसे स्वयं विधायक रमेश सक्सेना ने चलाया उसमें काका व पैनल के समस्त सदस्य सवार हुए। कोतवाली चौराहे पर भी लड्डुओं से काका को तौला गया। इसके बाद सराय तिराहे पर जोरदार स्वागत के साथ केले से तौला गया। बड़ा बाजार में ब्राह्मण समाज द्वारा भी फलों से तौला गया।
सीहोर टाकीज चौराहे पर सुभाष लॉज मित्र मण्डली ने भी फलों से तौला। भोपाली फाटक चौराहे पर मनोज कन्नौजिया व साथियों ने भी काका को तौला। इसके बाद कस्बा पहुँचे जुलूस का तो कस्बा में आत्मीय स्वागत हुआ। घरों -घर से पुष्पवर्षा के साथ ही दीपक आरती से लेकर मिठाई वितरण का सिलसिला चला। यहाँ जोरदार ऐतिहासिक स्वागत हुआ। यहाँ भी तीन स्थानों पर तौला गया। यहाँ कस्बा चौकी चौराहे पर जुलूस का समापन हुआ जिसमें विधायक रमेश सक्सेना ने सभी को संबोधित करते हुए आभार व्यक्त किया। आज पूरे जुलूस में मार्ग लगभग हर घर से पुष्प वर्षा हुई और स्वागत हुआ।
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Sunday, August 3, 2008
गांव की रक्षा व पशुओं में कोई बीमारी न फैले इसके लिये अमावस्या पर किया प्रयोग
उक्त आयोजन को देखते हुए गांव में एक दिन पूर्व ही मुनादी फिरवा दी गई थी। इस कारण लोगों ने एक दिन पहले ही अपने मवेशियों के लिये घांसकाट कर रख लिया था हर वर्ष हरियाली अमावस्या उक्त आयोजन किया जाता है। गांव के सभी पशुओं को एक जगह इकट्ठा कर लिया गया है और फिर बंधन किये वाले रास्ते से निकाले गये और गांव के कांकड़ तक ले जाया गया।
बंधन किये रास्ते से गांव के पशुओं को निकालने के बाद दो दिन के लिये बंद कर दिया गया। वापस शाम को शु घर आये तो दूसरे रास्ते से निकाले गये। उक्त दो दिन बाद पुन: खोल दिया जायेगा। ग्राम के प्रहलाद सिंह पाटीदार ने बताया कि ग्राम की सुरक्षा सुख-समृध्दि और मवेशियों की रक्षा के लिये हर वर्ष हरियाली अमावस्या पर इस तरह का आयोजन किया जाता है। यदि कोई इस बंधन के लिये बनाये गये नियम का उल्लंघन करता है तो उसे सजा के तौर पर पूजन सामग्री में जो खर्चा आता है वह राशि का हर्जाना भरना पड़ता है। गांव में इस विशेष पूजा की तैयारी एक सप्ताह पहले शुरु कर दी जाती है। पूजन सामग्री के खरीदने के लिये सभी घरों से दस रुपये प्रति घर के हिसाब से चंदा लिया गया। गुरुवार की रात से ही किसी भी घर में भोजन नहीं बना और न ही चूल्हा जला।
शुक्रवार सुबह चार बजे ग्राम के पटेल राजेन्द्र सिंह ने खेड़ापति हनुमान मंदिर पर पहुँचकर पूजा की। इसके बाद दो घड़ो में अलग-अलग दूध व नीर भरकर गांव की सीमा के आसपास बांट दी गई। खेड़ापति हनुमान मंदिर पर भजन कीर्तन का आयोजन भी किया गया था। गांव की सीमा के भीतर सभी देव स्थानों पर पूजा अर्चना के बाद नारियल चोला अगरबत्ती और ध्वजा चढ़ाई गई। इस विशेष बंधन के संबंध में ग्राम के सरपंच बालाराम ने बताया कि यह हमारे गांव में यहाँ परम्परा कई सालों से चली आ रही है जिसका निर्वाह सभी लोग करते हैं यदि कोई व्यक्ति बनाये गये नियमों तो तोड़ता है तो उसे उसका हर्जाना देना पड़ता है।
सुख समृध्दि को लेकर किया जाता है उक्त आयोजन
ग्राम के सजन सिंह और राघो दास बैरागी ने बताया कि हर वर्ष हरियाली अमावस्या पर यह आयोजन इसलिये करते हैं कि गांव के मवेशियों में कोई किसी प्रकार की बीमारी ने फैले दूसरा गांव में कोई प्राकृति आपदा न आये और सभी ग्रामीण खुशहाल रहें। इसके लिये इस आयोजन के माध्यम से ईश्वर से प्रार्थना की जाती है।
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