Wednesday, July 30, 2008

वर्षा के लिये मेंढकी को सिर बैठाकर पानी मांगा, मंगल गान गाये

सीहोर 29 जुलाई (नि.सं.)। वर्षा के लिये सीहोर नगर के अम्बेडकर नगर व मुर्दी मोहल्ला की महिलाओं ने मेंढकी वाला टोटका किया। गत दिवस वह एकत्रित हुई और एक बड़ी मेढ़की को पकड़ा। इसे लेकर हर घर से पानी मांगा। मंगल गान गाये। यहीं अखण्ड सत्ता जी में इनकी शादी रचाई।

भारत वर्ष में वर्षा नहीं होने पर कैसी-कैसी परम्पराएं और टोटके विद्यमान है इसका एक उदाहरण गंज में देखने को मिला। यहाँ की महिलाओं ने एकत्र होकर एक मेढ़क को पकड़ा और उसे एक तपेली में रखा गया। मेढ़क उचक कर भाग ना जाये इसलिये उसे पन्नी में बांध दिया गया। इसके बाद शुरु हुआ हर घर से पानी मांगने का क्रम। मोहल्ले की महिलाएं भजन और पारम्परिक लोक गीत गाते हुए हर घर पहुँची और वहाँ से पानी मांगा गया। हर घर के द्वार से इन्हे उसी तपेली में पानी डाला गया जिसमें मेढ़क था। घरों का घर पानी इस मेढ़क के लिये एकत्र हुआ और यह टोटका चलता रहा। इसके बाद सारी महिलाएं एकत्र हुई और पारम्परिक रुप से उत्सव मनाया। ताकि इन्द्र देवता रीझ जाये। यहाँ मंगल गाने भी हुए ।

इधर अम्बेडकर उद्यान के पीछे बने मंदिर पर वर्षा होने के लिये सत्ता भी बैठाई गई थी जिसमें यही महिलाएं बढचढ़ कर हिस्सा ले रही थीं। यहीं पर इस मेढ़क मेढ़की का विवाह कराने का एक और टोटका वर्षा के लिये कराया गया।



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मूसलाधार वर्षा पानी भराया, 2 घंटे इन्दौर भोपाल मार्ग रहा जाम

आष्टा 29 जुलाई। कल रात से लेकर आज शाम तक आष्टा क्षेत्र में लगातार हुई मूसलाधार वर्षा से इन्दौर भोपाल मार्ग पर भोपाल नाके पास दरगाह के सामने बरसात के पानी निकलने का रास्ता नहीं होने से इस मार्ग पर पानी जमा हो गया। पानी इतना जमा हो गया था कि इस मार्ग से निकलने वाले वाहनों को रुकना पड़ा। पानी जमा होने के कारण लगभग 2 घंटे तक इन्दौर भोपाल मार्ग जाम रहा जिसके कारण दोनो और काफी वाहन खड़े रहे। दो घंटे बाद पानी कम हुआ तब वाहन निकल सके।

बिजली गिरने से कई पक्षी मरे, टीवी-पंखे जले

आष्टा 29 जुलाई (नि.सं.)। कल रात से आष्टा में मूसलाधार वर्षा के कारण आकाशीय बिजली कड़कने से आष्टा नगर की इन्द्रा कालोनी में कुछ मकानों पर आकाशीय बिजली गिरने से कोई जनहानि तो नहीं हुई लेकिन धन हानि की खबर आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कल रात्रि में आकाशीय बिजली गिरने से इन्द्रा कालोनी क्षेत्र में लगभग 20 से 25 पक्षियों की मृत्यु हुई वहीं महेश होलाराम के मकान के पंखे और टीवी जल गये। इसकी दुकान में भी कुछ सामान जला। इसे चाचा कैलाश के घर में भी टीवी पंखे जले। वहीं देवबगस के मकान में भी आकाशीय बिजली से नुकसान हुआ।
प्रदीप राठौर के मकान में भी आकाशीय बिजली के चलते इसके घर के 4 पंखे जल गये।

तड़ित चालक ने मंदिर को बचाया
कल रात की तरह आज दिन में भी नगर आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा हुई तथा बिजली कड़की। दोपहर में लगभग ढाई बजे ग्राम कुरावर में स्थित श्रीराम मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरी लेकिन मंदिर के शिखर ऐसी विपदाओं से मंदिर को बचाने के लिये लगाया गया तड़ित चालक ने आज मंदिर की रक्षा की। आकाशीय बिजली का प्रभाव तड़ित चालक ने निष्प्रभाव किया लेकिन शिखर की छत पर लगा ध्वज पूरी तरह जल गया तथा जिस बांस में वह ध्वज लगा था उसके टुकड़े-टुकड़े हो गये।


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जन्म को सार्थक कर मुत्यु को महोत्सव के रूप में मनावें- साध्वी मधुबाला जी

आष्टा 29 जुलाई (नि.सं.)। धर्म की आराधना मनुष्य भव में होती है,ज्ञानियों ने कहा है कि जन्म लिया है तो मृत्यु तो निश्चित होगी। जन्म मृत्यु के बीच के जीवन को जीने की कला सीखकर जन्म को सार्थककर मृत्यु को महोत्सव के रूप में मनावें।
उक्त बातें मधुर व्याख्यानी श्री मधुबाला जी ने रविवार को अपने प्रवचन के दौरान श्री महावीर भवन स्थानक में कही। आपने आचार्य श्री सौभाग्यमल जी महाराज साहब के चीैबीसवें पुण्य स्मरण दिवस पर कहा कि उन्होंने अपना जीवन बाल्यकाल में दीक्षा लेकर सफल बना लिया था, आपका आर्शीर्वाद आज भी साधु संतों के अलावा श्रावक श्राविकाओं को भी मिल रहा है। आपने कहा कि पत्थर के समान मनुष्य जीवन है जिसे कोई तराशने वाला मिल जावें तो यह जीवन सफल हो जावेगा। जिस प्रकार राह पड़ा पत्थर किसी कलाकार के हाथ में आ जावें तो वह उसे तराशकर मूर्ति का रूप दे देता है,ठीक इसी प्रकार व्यक्ति किसी संत के सानिध्य में आकर अनिष्ठ अवगुणों को त्यागने और गुरू के सानिध्य में गुणों का स्वीकार कर लेंवे तो वही मनुष्य जीवन जीने की कला सीख लेता है। महापुरूषों ने जीवन इसी प्रकार लिया है और उनका जीवन एक खुली किताब के समान रहा है। अवसर का लाभ अप्रमादी उठायेगा आलसी नही है। मधुबाला जी ने प्रमाद को आराधना का सबसे बड़ा दुश्मन बताया है।
अज्ञान के अंधकार में भटकने प्राणी को ज्ञान के प्रकाश में गुरूवर लाते है- सुनीता जी।
अज्ञान के अंधकार में व्यक्ति भटक रहा है, उसे अगर गुरू मिल जावें तो ज्ञान के प्रकाश में आ जावेगा। जीवों का जन्म व मरण दिवस मनाया जाता है। उक्त बातें साध्वी श्री सुनीता जी महाराज साहब ने प्रवचन के दौरान कही। सौभाग्यमल जी महाराज हसाब के चौबीसवें पुण्य स्मरण दिवस पर उनके ऊपर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि किशनलाल जी महाराज साहब ने इन्हें चौदह वर्ष की आयु में दीक्षा देकर वो सभी गुण दिये जो एक अच्छे साधु में होना चाहिए। सौभाग्यमल जी महाराज ने अनेक धर्मग्रंथों का अध्ययन कर जिनवाणी के जादूगर बन गये थे।
सुनीता जी ने कहा कि नवकार महामंत्र के सार को समझ कर आराधना करके परमेष्ठी के लिए भी आराध्य बन सकते है। नवकार अत्यंत पुण्य से मिला है आपने कहा कि नवकार में तीसरा पद आचार्य भगवान का है जो कि संघ के नायक,संघ के अनुपाष्ठा कहलाते है। आचार्य की चार विशेषताएॅ आपने बताई जिसमें दुराचार का निवारण,सदाचार का स्वंय पालन करना व कराना, वह विशिष्ठ ज्ञानी होती है, वे सदा सजग रहते है और आचार्य महाराज संघ के रक्षक होते है। सुनीता महाराज ने निवी तप पर अपने विचार प्रकट करते हुए बताया कि एक निवी तप से करोड़ो वर्षो में नरक में रहने से जो कर्म नही कटते वह केवल एक निवी तप से कट जाते है।


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रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने में आती है परेशानी

मैना 29 जुलाई (नि.सं.)। मैना ग्राम के शासकिय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आने वाले शिक्षकों को उपस्थित रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के लिये परेशान होना पडता है क्योंकि यहाँ के प्रभारी प्राचार्य के.एल.सिसोदिया उक्त रजिस्टर को अलमारी में बंद करके रखते हैं।
गत दिवस प्रभारी ने भी अपना प्रभार महेन्द्र जैन को बना दिया। 26 जुलाई को विद्यालय पहुँचे शिक्षकों ने जब जैन से उपस्थित रजिस्टर हस्ताक्षर करने के लिये मांगा तो उन्होने कहा प्रभारी जी रजिस्टर को अलमारी में रख गये हैं। इसलिये 26 जुलाई को विद्यालय में आने वाले सभी शिक्षकों को हस्ताक्षर करने से वंचित रहना पड़ा।


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Monday, July 28, 2008

नागरिक सहकारी बैंक मतदान सम्पन्न, काका पैनल आगे

सीहोर 27 जुलाई (नि.सं.)। नागरिक सहकारी बैंक संचालक मण्डल के चुनाव के लिये आज मतदान हुए। सुबह से बरसात होने से शुरुआत कुछ ठण्डी रही लेकिन 11 बजे तक खासा उत्साह नजर आने लगा। सुबह से ही समस्त प्रत्याशी और उनके समर्थकों की भारी भीड़ गीता भवन के आसपास लगी हुई थी। सबके अपने-अपने टेंट भी लगे हुए थे तथा मतदाताओं को मतदाता क्रमांक निकालकर दिया जा रहा था। 4 बजे तक अंतिम समय तक मतदान जारी रहा। कुल 1742 मतदाताओं में से 1350 मतदाताओं का भारी मतदान हुआ जिससे स्पष्ट नजर आया कि मतदाताओं में भी मतदान को लेकर अच्छी रुची थी। रात 8.30 बजे तक मतगणना का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका था जिसमें प्रकाश व्यास काका प्रथम व मदन मोहन शर्मा मद्दीगुरु दूसरे नम्बर पर चल रहे थे।
27 जुलाई रविवार का दिन एक तरह से नागरिक सहकारी बैंक चुनाव को समर्पित रहा। सुबह 8 बजे से बस स्टेण्ड स्थित गीता भवन में मतदान क ी शुरुआत हो चुकी थी। गीता भवन के सामने पेट्रोल पंप से लेकर आगे सिंचाई विभाग कार्यालय के सामने तक अलग-अलग प्रत्याशियों के अपने-अपने टेंट लगे हुए थे। जिसमें प्रत्याशी व उनके समर्थक बहुत बडी संख्या में बैठकर मतदाताओं को अपनी और रिझाने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि सुबह बरसाती मौसम ने कुछ उठाव ठंडा कर दिया था। लेकिन धीरे-धीरे धूप खिलने लगी और मतदाता बाहर आने लगे। इधर प्रत्याशियों व उनकेसमर्थकों ने भी अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं को बाहर निकालने का क्रम बनाना शुरु कर दिया। काका पैनल सहित राजेन्द्र शर्मा कल्लू, श्री खत्री, राजेन्द्र वर्मा आदि के टेंट लगे हुए थे।
दोपहर 12 बजे तक मतदान की गति बहुत तेज हो चुकी थी। मोहल्ले से मतदाता बाहर निकलकर आ रहे थे। कुछ प्रत्याशियों ने न सिर्फ भोपाल से बल्कि इन्दौर तक से अपने परिचित मतदाताओं को सीहोर आज मतदान के लिये बुलवाया था। कुछ मतदाता खासे बुजुर्ग भी जिन्हे मतदान के लिये लाया गया।
यहाँ जैसे ही मतदाता आता था सभी प्रत्याशी ध्यान रखने की बात उससे कहते थे और एक वोट की मांग की जाती थी। हालांकि काका पैनल के अधिकांश लोग अंतिम समय तक पूरी पैनल के लिये ही वोट मांगते नजर आये।
इधर बाजार में सट्टे का बाजार सरगर्म हो रहा था। जैसे-जैसे मतदान होता जा रहा था वैसे-वैसे जीत हार तय करते लोग भी तरह-तरह की बातें और कयास लगाते नजर आ रहे थे। मतदाताओं के जाते भी बाहर से यह स्पष्ट कर लिया जा रहा था कि यह मतदाता किसको वोट देगा और उसके आधार पर कौन आगे चल रहा है और पीछे इसकी भविष्यवाणियाँ जारी थी। इन भविष्यवाणियों में मद्दी गुरु के सबसे आगे रहने की उम्मीद जताई जा रही थी वहीं प्रकाश व्यास काका की जीत भी सभी सुनिश्चित कह रहे थे।
3 बजकर 50 मिनिट ऐलान हुआ कि अब सिर्फ 10 मिनिट मतदान के लिये शेष बचे हैं जो कोई भी मतदाता बाहर हों वह शीघ्रता से अंदर आ जायें और मतदान करें, पर्ची नम्बर बनवा लें ताकि वह मतदान कर सकें। 4 बजे मतदान समाप्ति कर दी जायेगी। अंतिम समय तक मतदान यहाँ जारी रहा। 4 बजे तक बस स्टेण्ड मार्ग पर भीड़ ही भीड़ लगी हुई थी। बहुत बड़ी संख्या में लोग यहाँ जमा हो गये थे।
मतदान समाप्ति के बाद भीड़ तो छंट गई लेकिन प्रत्याशी व समर्थक यहाँ डटे रहे। आज पुलिस की व्यवस्था और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की उपस्थिति काफी प्रभावी थी। मतदान में जरा भी गड़बड़ी ना हो इसके लिये पुलिस बडी मात्रा में लगाई गई थी।
इधर 4 बजे के बाद मतदान की तैयारियाँ शुरु हुई और मतगणना के लिये पहली पेटी जिसमें कुल 338 मतदान थे उसे खोला गया। रात 8.30 बजे इसके परिणाम भी घोषित कर दिये गये जिसमें प्रकाश व्यास काका 209 मतों से प्रथम स्थान पर आये जबकि मदन मोहन शर्मा मद्दी गुरु 199, पंकज खत्री 186, चौथे पर राजेन्द्र शर्मा 185, पाँचवे पर कैलाश अग्रवाल 183, छटे स्थान पर कमल झंवर 156, प्रदीप गोतम 155 और आठवे स्थान पर डॉ. अनीस खान 111 मतों से काबिज हुए।
जबकि महिला प्रत्याशियों में उर्मिला बातव 187 मतों से प्रथम और अर्चना वर्मा 126 मतो से दूसरे स्थान पर रही। इस प्रकार काका पैनल के करीब 6 प्रत्याशियों की विजयश्री पहले चरण में नजर आ गई है। इस दृष्टि से पैनल को आगे कहा जा रहा है। हालांकि रात 10 बजे जब दूसरे चरण के परिणाम सामने आये तब भी पहले चरण के परिणामों से मेल खाते हुए ही प्रकाश व्यास काका प्रथम, मद्दी गुरु दूसरे नम्बर और अन्य चरण पर सब लगभग जैसे के तैसे जमे रहे।
काका पैनल की दो चरणों सीधे बढ़त ने स्पष्ट कर दिया कि काका पैनल ही आगामी दिनों में बैंक का अध्यक्षीय प्रभार संभालेगी। इस संबंध में रात 10.30 बजे फुरसत से बातचीत करते हुए प्रकाश व्यास काका ने कहा कि अभी दो चरण शेष हैं औ हम आशा करते हैं कि पूरी पैनल विजयी हो, हमने चुनाव पूरी पैनल के साथ लड़ा है। देर रात 12 बजे तक यहाँ भीड़ लगी हुई और सब परिणाम आने का इंतजार कर रहे हैं।


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पालको ने शाला में पहुँचकर बनाया शिक्षक के खिलाफ पंचनामा

मेहतवाड़ा 27 जुलाई (नि.प्र.)। समीपस्थ ग्राम खेड़ापुरा में प्राथमिक शाला में दो शिक्षक पदस्थ है विगत समय से दोनो शिक्षक न तो स्कूल खोलते हैं यदा-कदा स्कूल खोलते हैं तो समय से पूर्व ही बंद करके चले जाते हैं और पूछने पर बताते हैं कि शासकिय कार्य से जा रहे हैं। गुरुवार को ग्राम के समस्त पालक व ग्रामीणजन स्कूल पहुँचे पर स्कूल में ताला लगा मिला तभी पालकों ने संकुल प्रभारी अतार सिंह को तत्काल फोन कर स्कूल में बुलवाकर शाला भवन का ताला खुलवाया तभी ग्रामीणों ने संकुल प्रभारी के समक्ष शिक्षक के खिलाफ पंचनामा बनाकर बी आर सीसी आष्टा को भेजा पालकों ने पंचनामे में बताया की शिक्षक मंदरुप सिंह सोलंकी शासकिय नियमों का उल्लंघन कर अपनी मनमानी से स्कूल चलाते हैं उन्होने बताया की उक्त शिक्षक शासन से आने वाली धन राशि का झूठे बाऊचर लगाकर 5000 हजार रुपये निकाल लिये इसी प्रकार यह शिक्षक मध्यान भोजन में भारी गड़बड़ी करता है। शिक्षक की हठधर्मिता से मध्यान्ह भोजन स्कूल में बनने की बजाय किसी व्यक्ति विशेष के यहाँ बनवाता है। शिक्षक मंदरुप सिंह ने अपने छोटे भाई को शिक्षक पालक संघ का अध्यक्ष बना दिया परंतु उक्त पालक संघ अध्यक्ष देवास में किसी कंपनी में कार्यरत हैं और देवास में ही निवासकर अपने बच्चों को देवास के स्कूल में ही शिक्षा दिलवा रहे हैं।
ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि उकत शिक्षकों को तुरंत हटाकर नई पदस्थापना की जाये।
पंचनामा बनाने वाले ग्रामीण व पालक में पूर्व सरपंच रामप्रसाद बरोदिया, गोपीलाल, करण सिंह, प्रेम सिंह, संतोष कुमार, प्रभुलाल, जीवन सिंह, धीरज सिंह, रुगनाथ सिंह, ऊंकार सिंह, पूरन सिंह, फूल सिंह, मान सिंह, अशोक अनार कैलाश, लालजीराम, विक्रम सिंह, सोदान सिंह, राकेश आदि संकुल प्रभारी ने कहा कि हम विभागीय जांच करवाकर दोषी शिक्षक पर कार्यवाही की जावेगी।


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महिला बनी पुरुष और खेत में हल चलाए

आष्टा 27 जुलाई (सुशील संचेती)। रुठे इन्द्र देवता को मनाने के लिये पूरे क्षेत्र में कई तरह के टोने-टोटके, धार्मिक कार्यक्रम, गांव बाहर भोजन बनाना आदि कार्यक्रम ग्राम-ग्राम में हो रहे हैं वहीं आज आष्टा तहसील के ग्राम खाचरौद में पानी के लिये ग्राम की महिलाओं ने रुठे इन्द्र देवता को मनाने के लिये महिलाओं ने विशाल जुलूस निकाला और खाचरौद खामखेड़ा की सीमा कांकड़ पर पहुँचकर ग्राम की महिला जिनका नाम प्रेम बाई जाट है जो जुलूस में पुरुष के कपड़े धोती, कुर्ता साफा पहने आई थी ने काकड़ के एक खेत पर हल चलाएं और सभी ने रुठे इन्द्र देवता से खूब बरसने का आव्हान लिया।
इनके साथ पलटन के रुप में ग्राम की सरपंच श्रीमति लीलाबाई एवं पूरे ग्राम के प्रत्येक घर की महिलाएं जिनकी संख्या लगभग 300-400 थी हल चलाते वक्त उपस्थित थी। ग्राम की महिला श्रीमति चन्द्रकांता जैन जो इस जुलूस में शामिल थी ने फुरसत को बताया कि पानी नहीं गिरने से क्षेत्र में त्राही-त्राही मची है फसलें खराब हो रही हैं सब परेशान है। इसलिये महिलाओं का यह कार्यक्रम पानी के लिये किया गया।
इसमें ग्राम की महिला को पुरुष के कपड़े पहनाये जाते हैं और उसे पटेल (लाड़ा) बनाया जाता है तथा एक महिला को पलटन (लाड़ी) बनाकर पूरे ग्राम के घरों की महिलाएं ग्राम के शंकर मंदिर पर एकत्रित हुई यहाँ से महिलाओं का उक्त पूरा बाना जुलूस बाला बाऊ के भजन आदि गाते हुए पूरे गाम की सीमा के चक्कर लगाया तथा ग्राम के सभी देवी-देवताओं के यहाँ पर पानी के नारियल चढ़ाकर पानी मांगा यहाँ से उक्त जुलूस खाचरौद की सीमा जहाँ खत्म होकर जहाँ से दूसरे ग्राम खामखेड़ा की सीमा शुरु होती है जिसे कांकड़ कहते हैं वहाँ सभी महिलाएं पहुँची और यहाँ एक खेत पर पुरुष बनी महिला ने हल चलाएं और इन्द्र देवता से जमकर बरसने का आव्हान किया।
इस टोटके को देखने के लिये पूरे ग्राम के पुरुष युवा बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित थे। यह अनोखा टोटका पानी के लिये खाचरौद में सम्पन्न हुआ। वहीं आष्टा तहसील के अनेकों ग्रामों में रामायण, सुन्दर काण्ड पाठ, खड़ी सत्ता जी, हवन ग्यारी पूजन एवं ग्राम के बाहर खुले में दाल बाटी चूरमा बनाकर भोग लगाने आदि के कार्यक्रम चल रहे हैं। गत दिवस आष्टा श्री राम मंदिर में भी धार्मिक कार्यक्रम हुए वहीं हरदौललाला के बाग में निशान चढ़ाया गया है।


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सड़क हादसे में तीन मृत, चार घायल

सीहोर 27 जुलाई (नि.सं.)। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसों में तीन लोगों की मृत्यु हुई तथा चार लोग घायल हुए पुलिस ने सभी मामले दर्ज कर लिये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना आष्टा अन्तर्गत इन्दौर भोपाल राजमार्ग स्थित संतुष्टि ढाबे के आगे ग्राम मरदाखेड़ी जोड़ के पास टेंकर क्रमांक एमपी 09 के 5856 के खराब होने पर चालक मांगीलाल पुत्र गंगाराम राठौर 42 साल निवासी कल्मोई थाना कानड़ शाजापुर एवं क्लीनर हेमंत पुत्र सुन्दरलाल विश्वकर्मा 22 साल निवासी ग्राम हरराई थाना तेजगढ़ (दमोह) दोनो टेंकर में आई खराबी को ठीक कर रहे थे कि इन्दौर तरफ से आ रहे ट्रक ट्राला एमएच 21 सीबी 5651 के चालक ने ट्राला को तेजगति व लापरवाही से चलाकर खड़े टेंकर में पीछे से टक्कर मार दी।
जिससे टेंकर ठीक कर रहे ड्रायवर मांगीलाल के पेट के उतर से टेंकर का पहिया चढ़ गया तथा क्लीनर हेमंत की बनियान ट्रक की सफ्ट में फंस गई तथा सफ्ट घूमने से गले में फंदा लग गया। परिणामस्वरुप दोनो की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने ट्राला चालक के विरुध्द भादवि धारा 304-ए के तहत प्रकरण कायम कर लिया है।
इधर मण्डी थाना क्षेत्र में आज शाम राजमार्ग स्थित नापलाखेड़ी मंत्री पेट्रोल पंप के समीप 407 वाहन क्रमांक एमपी 04 के 7164 जो भोपाल से इन्दौर की तरफ जा रहा था का पिछला पहिया पंचर होने से खड़ा था तभी पीछे से आ रहे आयसर एमपी 09 जीई 4435 के चालक ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर टकरा दिया परिणाम स्वरुप आयसर में सवार क्लीनर घायल हो गया जिसे उपचार हेतु देवास अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
इधर इछावर थाना क्षेत्र में आज ब्रिजिसनगर स्थित दरगाह से कुछ दूर देहरिया टप्पर के समीप बाइक एमपी 04 यू 2723 के चालक प्यारे मियां ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर इमली पठार से ब्रिजिसनगर आ रहे नान सिंह, इन्दर तथा बिलिया की बाइक क्रमांक एमपी 04 एनबी 1188 में सामने से टक्कर मार दी। परिणाम स्वरुप 2723 का बाइक चालक प्यारे मियां सहित चारों घायल हो गये जिन्हे उपचार हेतु इछावर अस्पताल लाया गया जहाँ पर इमली पठार निवासी 30 वर्षीय नान सिंह बारेला की मोत हो गई। अन्य तीनों घायलों को इछावर अस्पताल से उपचार हेतु जिला अस्पताल सीहोर भेज दिया गया।


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दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज

सीहोर 27 जुलाई (नि.सं.)। अपने घर में बहु को दहेज के लिये सताने वाले ससुरालियों के खिलाफ अहमदपुर पुलिस ने दहेज एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय ममता बाई गौर निवासी नजीराबाद भोपाल का विवाह चार वर्ष पूर्व ग्राम बड़ा गांव आभारोही निवासी राजेश गौर के साथ हुआ था। बताया जाता है कि शादी के कुछ समय बाद से ममता बाई का पति राजेश गौर और अधिक दहेज में पचास हजार रुपये की मांग कर ममता को शारीरिक एवं मानसिक रुप से प्रताड़ित करने लगा राजेश के इस कार्य में उसका पिता मोहनलाल व माँ रामबाई द्वारा भी सहयोग दिया जाता था। ससुराल पक्ष की इस प्रताड़ना से तंग आकर ममता बाई ने अहमदपुर थाने पहुँचकर अपनी व्यथा पुलिस को सुनाई जिस पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।

महावीर की बात जीवन में उतार लें तो महावीर बनते देर नहीं लगेगी-मधुबाला जी

आष्टा 27 जुलाई (नि.प्र.)। आज लोग महावीर को मानते तो हैं महावीर ने अपनी देशना (प्रवचन) में क्या कहा यह भी साधु-संतो के मुख से प्रवचनों के माध्यम से सुनते भी है लेकिन महावीर ने जो कहा उसे अपने जीवन में उतारने का प्रयास नहीं करते अगर महावीर ने जो कहा व्यक्ति उसे अपने जीवन में उतार ले तो उसे महावीर बनते देर नहीं लगेगी।
उक्त उद्गार आष्टा के महावीर भवन स्थानक में विराजित पूय म.सा. मधुबाला जी ने अपने प्रवचन के दौरान कही। म.सा. ने कहा कि अनुभव की बात ठोस होती है उन्होने कहा महावीर को मंदिरों और दिवारों से बाहर निकालो। आज व्यक्ति उन बातों को पकड़ रहा है जिन्हे महावीर ने छोड़ने को कहा और उन बातों को छोड़ रहा है जिन्हे पकड़ने को कहा है। उन्होने कहा कि आप हम दिन-रात खाते हैं खाते-खाते भी भूखे हैं। तपस्या का महत्व बताते हुए उन्होने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने साढ़ 12 वर्ष तक कठिन तपस्या की इन साढ़े वर्षों में उन्होने केवल 349 दिन ही आहार ग्रहण किया था। रोज खाते हैं क्या कभी मन ने कहा कि नहीं आज मैं नहीं खाऊ ंगा मैं तृप्त हूं। उन्होने आव्हान किया की चलो भगवान ना बन सको तो ना बनो कम से कम इंसान तो बनो जो व्यक्ति इंसान बन गया समझो वो भगवान बन गया। आज व्रूक्ति दिन रात जिस प्रकार ढोर चरते हैं ऐसे खाते ही रहता है उन्होने कहा कि अगर कर्मों की निर्जरा करना है तो तप करो और महावीर की वाणी को जीवन में उतारें।
सुनीता जी म.सा. ने अपने प्रवचन में कहा कि जैन धर्म के जो आगम हैं उसमें 28 प्रकार की लब्धियाँ बताई हैं जो साधक नवकार मंत्र की आराधना करेगा उसे भवों के रोगों से मुक्ति मिलेगी और उसका कल्याण होगा। प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे। म.सा. ने सभी ने आव्हान किया कि 27 जुलाई रविवार को होने वाली निवी तप की आराधना में अधिक से अधिक भाग ले।


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Saturday, July 26, 2008

प्रथम चरण पूर्ण: अब गढ़ ढहाने की तैयारियाँ शुरु

सीहोर 25 जुलाई (नि.सं.)। नागरिक सहकारी बैंक के चुनाव में आज एक तरह से चुनाव प्रचार का प्रथम चरण पूर्ण हो गया है। अब शेष बचे दिनों में सारे प्रत्याशी अपने-अपने गढ़ को सुरक्षित करने की कवायद शुरु करेंगे। साथ ही कुछ दूसरों का गढ़ भी ढहाने के प्रयास में लगेंगे। आज भी बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार हुआ। किसी होगी विजय और कौन बनेगा अध्यक्ष की के हिसाब अभी तक लगाये जा रहे हैं। काका पैनल विश्वस्त है कि जीत उसकी ही होगी जबकि स्वतंत्र उम्मीद्वारों ने भी गणित और बिसात बिछाना शुरु कर दिये हैं।
सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के चुनाव में जिस प्रकार का उत्साह देखने को आ रहा है उससे निश्चित ही पूरे नगर में भारी चुनावी वातावरण बन चुका है। एक तरह से इतना प्रचार-प्रसार हो चुका है की पूरे नगर में एक उत्सवी माहौल बनकर तैयार हो गया है। पूरे नगर में जिस तरह से प्रत्याशियों की मण्डलियों ने नगर में प्रचार किया है उससे पूरे नगर में ही एक माहौल सा बन गया है और सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के चुनावों में क्या होगा ? कौन जीतेगा और कौन अध्यक्ष बनेगा को लेकर सभी में उत्साह है।
अभी तक लगभग सभी प्रत्याशियों ने जिसमें काका पैनल सहित समस्त स्वतंत्र प्रत्याशियों ने अपने-अपने स्तर पर पूरा प्रचार-प्रसार कर लिया है। हर जगह वह हो आये हैं। हर एक मतदाता के पास वह अपने स्तर पर चले गये हैं। दूर-दूर के मतदाताओं के पास तक वह हो आये हैं। जो कुछ मतदाता बचे थे उन्हे आज अंतिम दिन में ढूंढ-ढूंढक र प्रत्याशी उनसे अपने पक्ष में मतदान करने का निवेदन कर आये हैं। इस प्रकार देखा जाये तो पहले चरण का बड़ा प्रचार-प्रसार हो चुका है।
अब सारे ही प्रत्याशी अपने गणित के हिसाब-किताब लगाना शुरु कर चुके हैं। अब दिन-रात एक की जायेगी। रात-रात भर प्रत्याशियों के मित्र मण्डलियाँ बैठकर यह तय करेंगे कि किस प्रकार किस गढ़ में सेंध लगाई जाये और किस प्रकार किसका गढ़ तोड़ा जाये। छावनी में मतदाता की संख्या बड़ी होने से यहाँ अधिकांश प्रत्याशियों की निगाहें लगी हुई हैं। इसका लाभ उठाने के लिये सभी जी-तोड़ मेहनत भी की है और कुछ इसके लिये अच्छे पांसे भी फेंके हैं। उन्होने खुद के साथ दूसरे का भी प्रचार-प्रसार किया है ताकि दूसरा यदि वजनदार हो तो यह भी उसके साथ नैया पार हो जायें। इस प्रकार प्रयासों के बाद अब यह प्रयास होंगे की पूरी तरह मतदाता को कैसे अपने पक्ष में तोड़ लिया जाये।
तो फिर कांग्रेस पैनल
ही नजर आयेगी

तो अब स्पष्ट हो चुका है कि एक मात्र काका पैनल ही मैदान में है और दूसरी कोई पैनल न स्पष्ट रुप से मैदान में हैं ना ही पीछे से है। जैसा की कल हिन्दु उत्सव समिति ने अपने नाम की चर्चा चलने के बाद स्पष्ट शब्दों में खंडन कर दिया है तब कहा जा सकता है कि सिर्फ कहने को ब्राह्मण वाद ही यहाँ चुनाव में सामने आयेगा। लेकिन इससे बढ़कर कांग्रेसी पैनल के चुनाव में सक्रिय रहने की बात शुरु से ही स्पष्ट नजर आ रही है चूंकि काका पैनल में भी कांग्रेसी प्रत्याशी शामिल हैं इसलिये यह नहीं कहा जा सका कि दूसरे पैनल कांग्रेसी होगी। लेकिन जिन स्वतंत्रत उम्मीद्वारों को सामने देखा जा रहा है उनमें यदि सारे ही प्रत्याशियों पर नजर दौड़ाई जाये जिनमें राजेन्द्र वर्मा, अर्चना वर्मा, पार्षद अनिल मिश्रा सहित राजेन्द्र शर्मा कल्लू हों या फिर पंकज खत्री, मुकेश खत्री हों यह सभी किसी भी कांग्रेसी पैनल के नाम से एक हो सकते हैं। यह दीगर बात है कि इनमें अध्यक्ष को लेकर विवाद हो सकता है लेकिन कांग्रेसीकरण के नाम पर एका भी संभव है।
छावनी में पंकज, राजेन्द्र
छावनी में जिस प्रकार पंकज खत्री और राजेन्द्र कल्लू का प्रचार-प्रसार हुआ है उससे एक बारगी यह अवश्य प्रतीत होता है कि यह वजनदार नाम हैं लेकिन जहाँ राजेन्द्र शर्मा कल्लु के साथ अनुभवी व प्रभावी लोग बड़ी संख्या में वहीं पंकज खत्री के साथ की टीम एक अलग व्यापारी वर्ग की टीम है।
क्या टीम छावनी को छोड़ दूरस्थ क्षेत्रों में बसे मतदाताओं तक को अपने पक्ष में ला पायेगी ? क्या यह समस्त मतदाताओं पर अपनी छाप छोड़ पायेंगे यह बात बार-बार चौराहों की चर्चा में निकल आती है।
क्या तलवार की विजय सुनिश्चित है...?
नई उम्र प्रत्याशी के रुप में मुकेश खत्री इस बार नागरिक बैंक के चुनाव में सामान्य वर्ग से खड़े हुए हैं। मुकेश खत्री का चुनाव चिन्ह तलवार है। कहा जा रहा है कि तलवार का चुनाव चिन्ह जिस किसी को भी मिला है वह नागरिक बैंक चुनाव में अवश्य विजयी रहा है। ऐसे में इस बार तलवार मुकेश के हाथों में आई है तो क्या मुकेश की विजय सुनिश्चित मानी जाये। खैर मुकेश खत्री कस्बा क्षेत्र से बहुतायत में मत लायेंगे ऐसा उनका विश्वास है।
पूरी काका पैनल आयेगी....
काका पैनल के वजनदार नामों की झांकी निश्चित ही काफी प्रभावी रही है। काका पैनल होने के कारण हर एक मतदाता तक पैनल का प्रचार-प्रसार हो चुका है। और पूरी पैनल के लिये ही बड़ी संख्या में मतदान मांगा गया है। नाम वापसी के साथ ही एक प्रत्याशी के विजय के साथ अपना वजन बढ़ा चुकी काका पैनल को 8 में से मात्र 4 प्रत्याशी की आवश्यकता है जबकि पैनल का मानना है कि पूरी की पूरी की पैनल ही आ रही है। पैनल के पक्ष में यह तर्क दिया जा रहा है कि जो प्रचार पैनल ने मिलकर किया है, जिन मतदाताओं तक यह लोग पहुँचे हैं वहाँ तक आम प्रत्याशी नहीं पहुँच सके हैं। पैनल में से कुछ नाम तो पहले ही झटके उत्तीर्ण माने जा रहे हैं इस दृष्टि से भी पैनल का वजन काफी बढ़ा हुआ बताया जा रहा है लेकिन चुनावी बाजी कब पलट जाये कहा नहीं जा सकता ।


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तो क्या आष्टा कृषि उपज मंडी में भ्रष्टाचार का इसे श्रीगणेश माना जाये सवा करोड़ से बनने वाली कांक्रीट में घटिया निर्माण की शिकायत

आष्टा 25 जुलाई (नि.प्र.)। जिस कार्य का श्री गणेश ही पाप, भ्रष्टाचार की भावना के साथ हो तो कैसे उम्मीद की जाये की उक्त पूरा कार्य जब पूर्ण होगा तो अच्छा उत्तम होगा। ऐसा ही लग रहा है आष्टा कृषि उपज मंडी में लगभग सवा करोड़ की लागत से बनने वाले मंडी प्रांगण के कांक्रीटीकरण रोड के संबंध में लेकिन जागरुक आष्टा कृषि उपज मंडी के व्यापारियों ने आज उक्त घटिया निर्माण कार्य को मोके पर जाकर देखा पकड़ा और फिर बकायदा अनाज तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष नवनीत संचेती के नेतृत्व में मंडी के सभी व्यापारियों ने तहसील कार्यालय पहुँचकर तहसीलदार बिहारी सिंह को मंडी में हो रहे घटिया कांक्रीट रोड निर्माण जिसमें सीमेंट के स्थान पर एक तरह से मिट्टी मिलाकर बेस का कार्य किया जा रहा की शिकायत की जैसे ही शिकायत हुई।
ठेकेदार और उसके लोगों के हलचल शुरु हो गई और अचानक जहाँ रोड बन रहा था वहाँ सीमेंट की बोरियाँ आ कर रखा गई ऊपर से सीमेंट का मामल डलना शुरु हो गया लेकिन कहते हैं पाप को लाख छुपाओ वो नहीं छुपता है और उभर कर आता है व्यापारियों को तहसीलदार ने 4 बजे निर्माण स्थल पर पहुँचकर निरीक्षण करने को कहा 4 बजे बिहारी सिंह तहसीलदार, नायब तहसीलदार श्री वीरेन्द्र सिंह मंडी प्रांगण पहुँचे और ट्राली शेड के पास जहाँ से कांक्रीट रोड के निर्माण कार्य की शुरुआत हुई को जब तहसीलदार, स्थानीय प्रेस, व्यापारियों के दल ने देखा तो उक्त डाले गये गिट्टी बेस पर ऊपर अलग ही मिट्टी जैसी सीमेंट झलक रही थी उक्त बेस देखकर तहसीलदार को देर नहीं लगी की गड़बड़ तो है उन्होने तत्काल सभी की देख रेख में डाले गये माल के सेम्पल 3 थैलियों में भरवाकर अपने साथ जांच हेतु ले गये। निर्माण कार्य स्थल पर तहसीलदार ने ठेकेदार ने भी जानकारी ली की जो ठेका हुआ है उसमें क्या-क्या है ठेकेदार ने थोड़ी बहुत जानकारी उन्हे मौके पर दी। मंडी में निर्माण कार्यों की देखरेख के लिये इंजिनियर भी है जब मंडी के इंजिनियर एमबी पाठक से पूछा गया की क्या आपने उक्त चल रहे कार्य का निरीक्षण किया तो वे घुमाने लगे फिर कहा कि साहब जावर में भी कार्य चल रहा है। वहाँ भी देखना पड़ता है इसका साफ अर्थ था कि आष्टा में मंडी सचिव, इंजिनियर ने ठेकेदार को शायद खुली छूट दे दी हो की जो चाहो जैसा चाहो काम करो लेकिन व्यापारियों की जागरुकता ने आज भंडा फोड़ ही दिया। व्यापारी संघ ने तहसीलदार श्री सिंह को कुछ माह पूर्व लगभग 28 लाख की लागत से बने लक्ष्मी मंदिर के सामने एवं तौल कांटे के पीछे मैदान के बने कांक्रीट रोड को भी दिखाया जो जगह-जगह से उखड़ चुका है जो क्रासिंग पुलिया बनी वो टूट चुकी है जबकि खबर यह भी है कि इस बने रोड के नीचे जो जाल बिछाना था वो भी कहीं बिछाया कहीं नहीं बिछाया है कुल मिलाकर जो रोड बन चुका है और जो अब बन रहा है उसे देखकर लग रहा है कि वर्तमान मंडी सचिव छोटू खान के कार्यकाल में शायद भ्रष्टाचार का एक इतिहास लिखा जा रहा हो लेकिन उक्त लिखे जा रहे इतिहास का आज व्यापारियों ने प्रथम अध्याय ही बिगाड़ दिया मंडी के सभी व्यापारियों ने आज एक स्वर में आष्टा मंडी में जो निर्माण कार्य हुए एवं जो हो रहे हैं उसमें खुला आरोप भ्रष्टाचार का लगाया है।
मिक्सिंग प्लान मंडी के बाहर क्यों लगाया - आष्टा कृषि उपज मंडी में सवा करोड़ की लागत से मंडी के बड़े प्रांगण में कांक्रीट का कार्य शुरु हुआ पूरी मंडी खाली और खुली पड़ी है उसके बाद भी ठेकेदार ने गिट्टी सीमेंट रेत मिलाने का मिक्सिंग प्लांट मंडी के बाहर क्यों लगाया यह बात ना ही आज तहसीलदार को एवं ना ही पत्रकारों में समझ में आई निर्माण स्थल पर व्यापारियों ने इस पर खुला आरोप लगाया की मंडी में रोड बन रहा है और माल मिलाकर बाहर से लाया जा रहा इसके पीछे कारण यह मान रहे हैं कि व्यापारी गड़बड़ ना पकड़ सके। जबकि आज मंडी के सभी व्यापारी मंडी के इंजिनियर श्री पाठक को जब मिक्सिंग प्लांट पर पहुँचे तो पाया सीमेंट की जगह माल में सीमेंट रुपी मिट्टी जैसा कुछ डल्ले-डल्ले मिलाये जा रहे। निर्माण स्थल पर स्वयं इंजीनियर पाठक ने तहसीलदार के सामने स्वीकार किया कि हाँ हम वहाँ गये तो मिट्टी जैसा कुछ पाया गया है।
मिक्सिंग प्लांट बाहर लगाना एक बड़ी सोची समझी चाल नजर आई जब ठेकेदार ने फंसते देखा तो वहीं कहाँ की आप सब कहते हैं तो हम उक्त मिक्सिंग प्लांग मंडी में ही लगा देते हैं। ठेकेदार जी जो अब पकड़ाने के बाद कह रहे हो पहले ऐसा क्यों नहीं किया इसका भी तो जबाव दो। अब यह मांग उठ रही है कि अभी तक जितने भी निर्माण कार्य हुए उसकी जांच हो वहीं व्यापारियों ने आज उस ठेकेदार की खुलकर प्रशंसा की जिसने बैलगाड़ी शेड के पास प्रांगण का कांक्रीट कार्य किया था वर्षों होने के बाद भी उस रोड से आज तक एक गिट्टी नहीं उखड़ी है। इसका ठेकेदार के पास कोई जबाव नहीं था।
छोटू खान के मत का इंतजार- आज व्यापारियों की शिकायत पर तहसीलदार निर्माण कार्य देखने पहुँचे, शेम्पल साथ ले गये इस संबंध में जब फुरसत ने मंडी में छोटे खान सचिव से चर्चा कर मत जानना चाहा तो मंडी से बताया गया वे भोपाल गये हैं इस लिये उनका आज के पूरे घटनाक्रम पर मत फुरसत को नहीं मिल पाया है।


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सारंगपुर केजीप वालों पर पुलिस आखिर क्यों हुई मेहरबान

आष्टा 25 जुलाई (नि.प्र.)। इन दिनो आष्टा क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने ट्रांसफार्मरों की चोरी का एक अभियान छेड़ रखा हे विद्युत मंडल इन चोरों से परेशान है वहीं वे जब रिपोर्ट थाने भेजते हैं तो बड़ी मुश्किल से लिखी जाती है। लगातार कुछ दिनों से क्षेत्र में हो रहे इन ट्रांसफार्मरों की चोरी के बाद अब ग्रामीण जागरुक हो गये हैं तथा वे अपने-अपने ग्राम क्षेत्र खेतों पर लगी इन डीपी की देखरेख कर रहे हैं दो दिन पूर्व ग्राम मूंडला में एक डीपी के नीचे 1से 2 बजे के बीच एक जीप आकर रुकी तो जाग रहे ग्रामीणों ने उक्त जीप को देखा तो उन्हे लगा यह डीपी चोर ही हो सकते हैं ग्रामीण एकत्रित होकर जब वहाँ आते नजर आये तो जीप में आये 10-12 लोग सवार होकर भाग गये।
ग्रामीणों की शंकर को बल मिला उन्होने तत्काल आष्टा पुलिस को सूचना दी पुलिस ने रात में उक्त जीप को पकड़ लिया और थाने ले गये दोपहर तक उक्त जीप थाने में थी लेकिन उसके बाद अचानक उक्त जीप और उसमें आये लोग चले गये। आखिर उक्त जीप कहाँ की थी ? जीप में इतने लोग रात्री में क्या कर रहे थे ? ग्रामीणों को आते देख क्यों भागे ? पुलिस ने जब पकड़ा तो क्यों छोड़ा यह सब कई प्रश्‍नों को जन्म दे रहा है।
पुलिस का मत- इस संबंध में टीआई अतीक खान का कहना है कि उक्त जीप में सवार लोग सारंगपुर के थे उनके पास मछली पकड़ने का सामान था सारंगपुर से उनकी जानकारी ली उनका वहाँ कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं पाया गया इसलिये उन्हे दोपहर में छोड़ा गया। टीआई के मत के अनुसार जब उनके पास मछली पकड़ने का सामान था याने की वे मछली पकड़ने आये थे मछलियाँ भी पकड़ी होगी क्योंकि पकड़ने इतनी रात में जो जाते नहीं जब मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा है तो उन पर इसी मामले का प्रकरण तो दर्ज किया ही जा सकता था ? लेकिन ऐसा भी नहीं किया याने की मेहरबानी पूरी की गई।